samacharsecretary.com

MP में 5 दिन आंधी-बारिश का मौसम, ग्वालियर-चंबल में ओले और भोपाल-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. भट्टी की तरह तप रहें कई जिले पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा. दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश? प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. 31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी. 1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 36.6°C इंदौर में 35.8°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 38.2°C उज्जैन में 36.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  22.2°C इंदौर में 22.4°C जबलपुर में 20.4°C ग्वालियर में 21.6°C उज्जैन में 22.0°C

दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, ISI के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

नई दिल्ली   दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए उसके हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हाल ही में सामने आए ‘मेट्रो पोस्टर केस’ में पकड़े गए आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर संचालित हो रहा था। लोन का सीधा संपर्क लश्कर के शीर्ष आतंकियों हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी से बताया गया है, जबकि मॉड्यूल को ISI से फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट मिल रहा था। भर्ती और ब्रेनवॉश का नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ है कि लोन बांग्लादेश से ऑपरेट करते हुए आतंकियों की भर्ती और ब्रेनवॉश करता था। खासतौर पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड तैयार कर उन्हें भारत में अलग-अलग जगहों पर छिपाया जाता था। संचार के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था और दिल्ली समेत कई शहरों में रेकी भी कराई गई थी। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार शब्बीर अहमद लोन को वर्ष 2007 में भी दिल्ली पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार (AK-47 और ग्रेनेड) के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट के तहत सजा काटने के बाद वह 2018 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा। जमानत पर बाहर आने के बाद वह बांग्लादेश चला गया और वहां से दोबारा आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने लगा। संवेदनशील ठिकाने थे निशाने पर एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। लाल किले जैसे संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की योजना थी। फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। समय रहते टला बड़ा हमला अधिकारियों के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन एक प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकी ऑपरेटिव है, जिसने पाकिस्तान स्थित मुजफ्फराबाद के LeT कैंप में ट्रेनिंग ली थी। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंक खंगालने में जुटी हैं।

पंजाब कांग्रेस नेता के बेटे का सुसाइड, वीडियो में चंडीगढ़ के बिल्डर पर ₹4 करोड़ के फ्रॉड का आरोप

बठिंडा पंजाब के बठिंडा जिले में कांग्रेस से जुड़े दिवंगत नेता सुखराज सिंह नत्त के इकलौते बेटे और पेशे से एडवोकेट दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारने की घटना में अब सुसाइड वीडियो सामने आया है। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। अपने सुसाइड नोट व वीडियो में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना कैनाल कालोनी व वर्धमान पुलिस चौंकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और वीडियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला 5.5 करोड़ों रुपये के लेन-देन और कथित धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक एडवाेकेट दविंदर नत्त ने अपने वीडियो और सुसाइड नोट में खुलासा किया कि माेहाली-जीरकपुर के बिल्डर बिंदरपाल मित्तल, उसके बेटे प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल ने उनसे भारी रकम ली थी, जो वापस नहीं की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें खुद करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये लेने थे। इसके अलावा उन्होंने अपने दोस्तों और जान-पहचान वालों से भी 6-7 करोड़ रुपये उक्त फर्म में निवेश करवाए थे। वीडियो में उन्होंने कहा कि “मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी, यहां तक कि पिता की जमीन बेचकर आए पैसे, बीमा की रकम और घर की बचत तक उन्हें दे दी, लेकिन अब वे पैसे लौटाने से मुकर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस आर्थिक दबाव के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में थे। उनपर एसबीआई बैंक का करीब 80 लाख रुपये का कर्ज भी था, जिसने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। नेताओं और मंत्रियों से भी नहीं मिला इंसाफ वीडियो में दविंदर नत्त ने कहा कि उन्होंने न्याय पाने के लिए कई नेताओं और मंत्रियों के दरवाजे भी खटखटाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैंने हर संभव कोशिश की, राजनीतिक दबाव भी डलवाया, लेकिन मुझे कहीं से इंसाफ नहीं मिला। अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। परिवार के लिए छोड़ा भावुक संदेश वीडियो में दविंदर नत्त बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने दिवंगत पिता सुखराज सिंह नत्त से माफी मांगते हुए कहा कि वह उनका सपना पूरा नहीं कर सके। उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनों का जिक्र करते हुए समाज और वकील समुदाय से उनके परिवार को संभालने और न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरी मां अकेली है, उसका ख्याल रखना। अगर हमारा परिवार कभी आपके काम आया हो, तो अब मेरा साथ देना और मेरे परिवार को इंसाफ दिलाना। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए, लेकिन जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। पोस्टमार्टम न कराने की अपील वीडियो में उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा कि उनके शव का पोस्टमार्टम न कराया जाए, लेकिन पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों और वकील समुदाय में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दे कि कि मृतक के पिता सुखराज सिंह नत्त कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे हैं और मौड़ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव लड़ चुके थे। कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें वेवको का चेयरमैन भी बनाया गया था। दविंदर नत्त परिवार के इकलौते बेटे थे और उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनें हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच इस पूरे मामले को लेकर एसपी सिटी नरिंदर सिंह का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि डबवाली रोड पर स्थित गण्पति इनक्लेव के निवासी व दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा। सुसाइड नोट में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट और वीडियो की जांच की जा रही है और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। फिलहाल मृतक की मां के बयानों के आधार पर थाना कैनाल कालोनी में सुसराइड नोट में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए है, उनके खिलाफ मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई की जा रही है।

पंजाब दहला: अमृतसर के थाने पर ग्रेनेड अटैक, हमलावर मौके से फरार

अमृतसर. पंजाब के सरहदी जिले अमृतसर देहात क्षेत्र में स्थित भिंडी सैदा थाने के बाहर सोमवार धमाके की सूचना है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी में इसे ग्रेनेड हमले की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल इस बात से इनकार कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक थाने के पास पहुंचे और वहां किसी विस्फोटक वस्तु को फेंक कर फरार हो गए। वस्तु गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अभी इसे ग्रेनेड अटैक नहीं मान रही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस घटना को ग्रेनेड हमला नहीं माना जा रहा है और इसे एक मामूली धमाका बताया जा रहा है। हालांकि विस्फोट की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। डीएसपी गुरिंदर पाल सिंह नगर ने बताया कि सारे मामले की जांच करवाई जा रही हैl पुलिस अभी इस विस्फोटक हमला नहीं मान रहीl डीएसपी ने बताया कि फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही इस बारे में कुछ स्पष्ट हो पाएगा लोगों ने दूर तक सुनी धमाके की आवाज स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका काफी तेज था और दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। घटना के बाद क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के पीछे शरारती तत्वों या किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा।

हाईवे पर सफर होगा महंगा और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

राजस्थान राजस्थान में 1 अप्रैल से एक साथ कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव आम आदमी की जेब, दिनचर्या और जीवनशैली तीनों पर असर डालेंगे। सबसे बड़ा असर हाईवे पर सफर करने वालों पर पड़ेगा, जहां टोल दरों में बढ़ोतरी तय है। वहीं, सरकारी अस्पतालों से लेकर स्कूलों और पर्यटन स्थलों तक हर जगह नया शेड्यूल लागू होगा। इन बदलावों की पूरी तस्वीर समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर क्या-क्या बदलने जा रहा है और इसका सीधा असर किन लोगों पर पड़ेगा। हाईवे पर सफर अब पड़ेगा महंगा 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेश के कई प्रमुख टोल प्लाजा पर दरों में बढ़ोतरी कर दी है। जयपुर से दिल्ली, किशनगढ़, सीकर और दौसा जाने वाले मार्गों पर स्थित टोल प्लाजा इस बढ़ोतरी के दायरे में आए हैं। इनमें दौलतपुरा, मनोहरपुर, शाहजहांपुर, ठीकरिया, बड़गांव, सीतारामपुरा, हिंगोनिया और टाटियावास जैसे टोल शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि निजी कार चालकों के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारी और कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगी, जहां 5 से 20 रुपए तक का इजाफा किया गया है। लेकिन सालाना पास लेने वालों को झटका जरूर लगा है कार के वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। अस्पतालों में बदलेगा ओपीडी टाइम गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में भी समय बदलाव लागू किया जाएगा। मरीजों को अब पहले के मुकाबले जल्दी अस्पताल पहुंचना होगा, क्योंकि ओपीडी का समय बदलकर सुबह की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। इस बदलाव का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना और मरीजों को तेज गर्मी से राहत देना बताया जा रहा है। स्कूलों में नई शुरुआत 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। नए सत्र के साथ ही किताबें, टाइम-टेबल और कई स्कूलों में नई नीतियां भी लागू होंगी। अभिभावकों और छात्रों के लिए यह समय नई तैयारी और नए लक्ष्य तय करने का होगा। रणथंभौर में सफारी का नया समय पर्यटकों के लिए भी 1 अप्रैल से बदलाव लागू होगा। सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में सफारी का समय बदल दिया गया है। अब मॉर्निंग सफारी सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगी। इसी तरह जयपुर के आमेर में हाथी सवारी का समय भी घटा दिया गया है। अब पर्यटक सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक ही इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अदालतों में भी बदलेगा टाइम टेबल राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अदालतों में भी जल्द नया समय लागू होगा। 13 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू होगी, जिसके तहत अदालतों में कार्यवाही सुबह 8 बजे से शुरू होगी। हाईकोर्ट में सुनवाई दोपहर 1 बजे तक चलेगी, जबकि ट्रायल कोर्ट में यह समय 12:30 बजे तक रहेगा। बीच में छोटे-छोटे ब्रेक भी निर्धारित किए गए हैं। यह नई व्यवस्था 28 जून तक प्रभावी रहेगी। एक नजर में बड़ा असर 1 अप्रैल से लागू हो रहे ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करेंगे। जहां सफर महंगा होगा, वहीं दिन की शुरुआत भी पहले करनी पड़ेगी।

प्रॉपर्टी रेट अपडेट: चरखी दादरी में नई कलेक्टर गाइडलाइन अपलोड, आपत्ति दर्ज करने का मौका

चरखी दादरी. चरखी दादरी. हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार, चरखी दादरी जिले में वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के नए कलेक्टर रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार के निर्देशानुसार शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित प्रस्तावित दरों की तहसील अनुसार सूची आधिकारिक वेबसाइट charkhidadri.gov.in पर अपलोड कर दी है ताकि कोई भी नागरिक इन दरों की समीक्षा कर अपने सुझाव या आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से जमाबंदी.एनआईसी.आईएन पर प्रस्तुत कर सकें। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार इस बार अधिकांश क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में अधिक बदलाव नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ गांवों में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट में बढ़ोतरी की गई है। इसी प्रकार से दादरी शहर में अधिक बदलाव न करते हुए केवल कुछ स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं। शहर में इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से अपलोड की गई शहर के प्रस्तावित कलेक्टर रेट की सूची के अनुसार भिवानी रोड माइनर से भिवानी चौक तक आवासीय श्रेणी में प्रति गज जमीन के दाम 21,780 से बढ़ाकर 25,047 रुपये करते हुए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसी प्रकार नगर परिषद कार्यालय से भगवान परशुराम चौक होते हुए काठ मंडी तक व्यावसायिक श्रेणी की जमीन के कलेक्टर रेट में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है जिसके बाद इस क्षेत्र में दाम 1,14,950 से बढ़कर 1,43,687 रुपये प्रति गज हो जाएंगे। वहीं मुथरी घाटी से गोधडिया कॉलोनी में आवासीय श्रेणी के दाम में 25 प्रतिशत, पुराना शहर में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत, रविदास नगर में आवासीय श्रेणी में 25 प्रतिशत, सैनीपुरा में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसके अलावा शहर में सभी जगह कलेक्टर रेट में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया है। 31 मार्च तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया : उपायुक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कलेक्टर रेट को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत जिले के लोगों को इन प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर अपनी राय देने का अवसर दिया गया है। आमजन 31 मार्च को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे समय पर अपने सुझाव दें, जिससे नए कलेक्टर रेट अधिक पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत तय किए जा सकें। 

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, अबोहर में तापमान 31.8 डिग्री, ओले गिरने की आशंका

चंडीगढ़  हाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी एरिया में हुई बारिश के चलते पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदल गया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और 31 मार्च को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। सबसे कम अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अबोहर में दर्ज किया गया। 11 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। अन्य जिलों में आंधी और तूफान की संभावना रहेगी, लेकिन ओले नहीं गिरेंगे। मौसम में बदलाव की वजह एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास ऊंचाई पर सक्रिय है, जिसका असर ट्रफ के रूप में दिख रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। वहीं 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे फिर मौसम बदलने के आसार हैं। 3 अप्रैल तक बारिश के आसार मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 30 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश के आसार रहेंगे, जबकि इसके बाद फिर से कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। तापमान अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा और उसके बाद 3 से 5 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। 31 मार्च का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य कई जिलों में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश के आसार हैं। 1 अप्रैल का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश की संभावना है।

कबीरधाम में आग का कहर: SLRM केंद्र में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

कवर्धा. कवर्धा के कैलाश नगर वार्ड क्रमांक 3 स्थित एसएलआरएम (अपशिष्ट प्रबंधन) केंद्र में बीती रात भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सरोवर तालाब के पास स्थित इस केंद्र में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और सुबह तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। जानकारी के अनुसार, आग अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे केंद्र को अपनी चपेट में ले लिया। केंद्र में रखे कचरे और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ता चला गया। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत का माहौल बन गया। कई लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते वे ज्यादा सफल नहीं हो सके। इस बीच, फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध भी जताया। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने का कारण क्या था। साथ ही, फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में हुई देरी की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। यह घटना न केवल सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।

उद्योगों के लिए राहत भरी खबर: पंजाब सरकार की नई O&M नीति से कामकाज होगा सरल

चंडीगढ़. पंजाब के उद्योगों और उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने सेवाओं को तेज, प्रक्रियाओं को सरल और प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत फास्ट सर्विस, विकेंद्रीकरण और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति के जरिए उद्योगों से जुड़ी लंबित समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है। यह जानकारी उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उद्योग विभाग की निदेशक सुरभि मलिक ने दी। संजीव अरोड़ा ने बताया कि पॉलिसी इंटरप्रिटेशन से जुड़े मुद्दों के कारण सेवाएं धीमी हो रही थीं और उद्योगपतियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन सभी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए फास्ट सर्विस को लागू किया गया है, जिससे प्रक्रियाओं को तेज किया जा सके। अब 15 की जगह 10 दिन का लगेगा समय उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जहां पहले सेवाओं के लिए 15 दिन का समय निर्धारित था, उसे घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा फ्रीहोल्ड प्लांट्स को अतिरिक्त लाभ देते हुए कम समय में सेवाएं देने का प्रावधान किया गया है। लक्ष्य यह रखा गया है कि सभी प्रक्रियाएं चार हफ्तों के भीतर पूरी हो जाएं। अरोड़ा ने बताया कि डेलीगेशन ऑफ पावर्स के तहत विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे एक ही अधिकारी को अधिक जिम्मेदारी दी जा सके और उसे अलग-अलग स्तरों पर अप्रूवल लेने की जरूरत न पड़े। इससे काम में तेजी आएगी और देरी कम होगी। ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी अधिकारियों और इंजीनियरों को अपने स्तर पर अपग्रेडेशन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार देना है। पहले फंड कलेक्शन को लेकर दिक्कत आती थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई है। बिजली बिलों के साथ वसूले जाएंगे चार्जेज उन्होंने कहा कि अब बिजली बिलों के साथ ही चार्जेज वसूले जाएंगे, जिससे शत-प्रतिशत कलेक्शन सुनिश्चित होगा। इसके बाद यह राशि संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो यह तय करेगी कि खर्च कहां और कितना करना है। सरकार के सदस्य इसमें मार्गदर्शन और रिपोर्टिंग के लिए होंगे, जबकि निर्णय लेने का अधिकार स्थानीय स्तर पर रहेगा। सुरभि मलिक ने बताया कि यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसे डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई वाली संबंधित अथॉरिटी के पास उठाया जा सकता है। अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसपीवी को अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति दी गई है, जैसे पार्किंग, छोटी जगहों को कमर्शियल किराये पर देना या विज्ञापन के जरिए आय बढ़ाना, बशर्ते यह सभी कार्य कॉरपोरेशन के नियमों के तहत हों। उन्होंने कहा कि पहले उद्योगों से लिया गया टैक्स लोकल गवर्नमेंट को जाता था, लेकिन वहां उद्योगिक क्षेत्रों में अपेक्षित काम नहीं हो पाता था। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि उद्योगों से आने वाला पैसा उसी क्षेत्र में खर्च हो, जिससे बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योगपतियों को सीधा लाभ मिलेगा।

कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: संजय श्रीवास्तव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।