samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री ने दी खुशखबरी- यूपी के 6.18 लाख नए परिवारों को मिलेगा पीएम आवास (ग्रामीण) योजना का लाभ

तामेश्वरनाथ धाम बनेगा भव्य कॉरिडोर: मुख्यमंत्री योगी  सीएम योगी ने किया संत कबीर नगर व गोरखपुर की 475 करोड़ रुपये से अधिक की 139 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास मुख्यमंत्री ने दी खुशखबरी- यूपी के 6.18 लाख नए परिवारों को मिलेगा पीएम आवास (ग्रामीण) योजना का लाभ बखिरा झील बनेगी इको-टूरिज्म केंद्र: सीएम योगी संत कबीर नगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा तामेश्वरनाथ धाम, बाबा बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण केवल आस्था का सम्मान नहीं, बल्कि उन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता है जिन्होंने इन धरोहरों की स्थापना की थी। सरकार बाबा तामेश्वरनाथ धाम को नई पहचान देने के लिए भव्य कॉरिडोर निर्माण की योजना पर कार्य कर रही है। कॉरिडोर बनने से क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होगा और इसे काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम तथा मां विंध्यवासिनी धाम की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।  मुख्यमंत्री गुरुवार को कुआनो नदी तट स्थित बैजूनाथ धाम में संत कबीर नगर व गोरखपुर की 475 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। इन परियोजनाओं में धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 225 करोड़ रुपये तथा खजनी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 251 करोड़ रुपये के विकास कार्य शामिल हैं।  6.18 लाख नए ग्रामीण परिवारों को आवास स्वीकृत मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में आने से पहले उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के 6 लाख 18 हजार नए पात्र परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत किए गए। डबल इंजन सरकार का यह निर्णय गरीबों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने बदली तस्वीर सीएम ने कहा कि कभी सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाने वाले धनघटा और खजनी आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से राजधानी लखनऊ से सीधे जुड़ रहे हैं। पहले जहां इन क्षेत्रों को उपेक्षित माना जाता था, अब ये विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं। बेलघाट, खजनी और धनघटा के लोगों को अब लखनऊ पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ता, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए दो घंटे में राजधानी तक पहुंचना संभव है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय एवं ग्रामीण सड़कों का विस्तार, नए पुलों और संपर्क मार्गों का निर्माण क्षेत्र की तस्वीर बदल रहा है। धुरियापार क्षेत्र में ग्रेटर गीडा की स्थापना से नए उद्योग लग रहे हैं और धनघटा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मगहर में संत कबीर एकेडमी, ऑडिटोरियम और महापरिनिर्वाण स्थली के विकास के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। बखिरा झील बनेगी इको-टूरिज्म केंद्र मुख्यमंत्री ने मेहन्दावल विधानसभा क्षेत्र की बखिरा झील का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब रामसर साइट और इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े कार्य कर रही है। जहां उच्च शिक्षण संस्थान नहीं थे, वहां डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक व आईटीआई खोले जा रहे हैं। ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, अटल आवासीय विद्यालय और मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गरीबों, किसानों और युवाओं को अधिकार दिलाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना है। डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा, नागरिक अधिकारों को निलंबित किया और विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया था। कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो दल लोकतंत्र व संविधान की बात करते हैं, वही संविधान के सबसे बड़े अपमान के लिए जिम्मेदार रहे हैं। उत्तर प्रदेश बना देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश पहचान का मोहताज नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं को उनका अधिकार देने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने किया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से विकास व सुशासन की इस यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर क्षेत्र व प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। 2024 के चुनाव में विपक्ष ने किया गुमराह विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी जनता की आंख में धूल झोंकने का काम करती हैं। जब देश लोकतंत्र की हत्या के 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा था, तब ये दोनों दल देश की जनता के साथ झूठे वायदे कर रहे थे। इन लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता जनार्दन को गुमराह किया था। ये लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे थे। राहुल गांधी व अखिलेश यादव किस मुंह से जनता के बीच जाकर लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, किस मुंह से संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं?  संविधान का जितना बड़ा अपमान कांग्रेस व सपा ने किया, किसी ने भी नहीं किया। डबल इंजन सरकार ने बाबा साहेब का सपना साकार करने, संविधान, विरासत व समाज के हर तबके को सम्मान देने का काम किया है। इन लाभार्थियों को सीएम योगी ने दिए स्वीकृति पत्र  राधिका (मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना) शबनम कुमारी (मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना) रीता उपाध्याय (स्वंय सहायता समूह, 5,71,50,000 रुपये का चेक) अभिज्ञान राय (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास, 5 लाख का चेक)  राम शरण विश्वकर्मा (श्रम सम्मान योजना से लाभान्वित)  यशुवर्धन पांडेय (अनुदान पत्र)  इस अवसर पर मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक गणेश चंद्र चौहान, विधायक श्रीराम चौहान, विधायक अंकुर राज तिवारी, विधायक अनिल त्रिपाठी, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, सुभाष यदुवंशी, … Read more

रिटायरमेंट से पहले खुद जान सकेंगे लीव इनकैशमेंट की राशि, 4.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव इनकैशमेंट राशि को लेकर आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या ड्यूटी के दौरान मौत की स्थिति में मिलने वाली छुट्टी लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान खुद लगा सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। सरकार के फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग विभागों में भ्रम और विवाद की स्थिति बनती रही है। नए निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया लागू होगी। अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड रखने के निर्देश वित्त विभाग के आदेश में सभी विभागों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए। भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी न हो और गणना में गलतियां न हों। अधिकतम 300 दिन के अवकाश का मिलेगा भुगतान राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण लाभ दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश मौजूद है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा। पहले लाभ लिया है तो घटेंगे उतने दिन वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो जितने दिनों का लाभ पहले लिया गया है, उसे 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा। कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिल सकेगा। कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?     नए आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है।     कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।     विभागों में गणना को लेकर होने वाली गलतियों में कमी आएगी।     भुगतान संबंधी विवाद कम होंगे।     सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।     रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शिता बढ़ेगी। ईएल इनकैशमेंट पर पारदर्शी लाना राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और एकरूप बनाना है। अलग-अलग विभागों में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण कई बार कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वित्त विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी। क्या होता है लीव इनकैशमेंट सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपने पूरे अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण उनके खाते में बड़ी संख्या में छुट्टी बचे रह जाते हैं। जब कर्मचारी रिटायर होता है या सेवा के दौरान उसकी मौत हो जाती है, तब उसके खाते में बचे हुए ईएल के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। यह राशि कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। कई मामलों में यह लाखों रुपए तक पहुंच सकती है।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव, 1 जुलाई से बढ़ सकता है मासिक खर्च; लेट फीस को लेकर राहत

रायपुर छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने बिजली बिल भुगतान और टैरिफ से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब बिजली बिल देर से जमा करने पर पूरे महीने का जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि जितने दिन की देरी होगी, उसी हिसाब से लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाएगा। अब तक उपभोक्ताओं को बिजली बिल की निर्धारित तिथि निकलने के बाद डेढ़ प्रतिशत प्रतिमाह की दर से सरचार्ज देना पड़ता था। ऐसे में एक-दो दिन की देरी होने पर भी पूरे महीने का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। लेकिन 1 जुलाई से लागू होने वाले नए नियम के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। प्रतिदिन के हिसाब से लगेगा जुर्माना नई व्यवस्था के अनुसार बिजली बिल देर से जमा करने पर 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लेट पेमेंट सरचार्ज लगाया जाएगा। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जो ड्यू डेट के कुछ दिन बाद बिल जमा करते हैं। बिजली दरों में भी बढ़ोतरी एक तरफ जहां लेट पेमेंट नियम में राहत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। नए टैरिफ के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। इसके चलते मासिक बिजली बिल में लगभग 30 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी असर नए टैरिफ के तहत कमर्शियल श्रेणी में भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। साथ ही स्थानीय निकायों और सरकारी कार्यालयों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है। गैर-सब्सिडी कृषि पंपों को ऊर्जा प्रभार में 40 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। राहत भी, बढ़ा खर्च भी नई व्यवस्था से देर से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण नियमित बिलों का खर्च बढ़ सकता है। विभाग का दावा है कि यह बदलाव बिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और उपभोक्ता हितैषी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

CISF में तबादलों की हलचल, नागेंद्र नाथ NCR भेजे गए; भिलाई में नए DIG को लेकर अटकलें

बोकारो  Steel Authority Of India Limited (SAIL) की महत्वपूर्ण इकाई में Bhilai Steel Plant में हुए करोड़ाे रुपये की स्क्रैप चोरी की घटना के बाद CISF HQ Bhilai के CISF DIG नगेन्द्र नाथ त्रिपाठी का तबादला NCR Delhi HQ में कर दिया गया है। एनएन त्रिपाठी 2009 बैंच के पश्चिम बंगाल कैडर के आइपीएस अधिकारी है तथा वर्तमान समय में सीआइएसएफ में प्रतिनियुक्ति के आधार पर डीआइजी के पद पर अपनी सेवा दे रहे हैं। त्रिपाठी की जगह फिलहाल किसी अधिकारी की पोस्टिंग भिलाई स्टील में नही की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है की हाल ही में झारखंड कैडर से सीआइएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर गए बोकारो के पूर्व एसपी चंदन झा को इस इकाई की कमान बतौर डीआइजी पद पर मिल सकती है। वहीं, भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत उप कमांडेंट निधि सिंह को भी यहां से स्थानांतरित करते हुए केओपीए कोलकाता इकाई भेजा गया है। जबकि सेल के इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र यूनिट के डीआइजी एलके हाकिप का तबादला कोलकाता एयरपोर्ट में कर दिया गया है। उनकी जगह नागपुर एयरपोर्ट में सीनियर कमांडेंट के पद पर कार्यरत दिलीप कुमार को डीआइजी बनाते हुए इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र के सुरक्षा की नई जिम्मेवारी सौंपी गई है।   पद अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापना नई पदस्थापना डीआईजी अपूर्ण पाण्डेय अहमदाबाद एयरपोर्ट दिल्ली मुख्यालय डीआईजी विनोद कुमार चौरसिया नॉर्थ ईस्ट जोन, गुवाहाटी मुख्यालय अहमदाबाद एयरपोर्ट डीआईजी अजय कुमार खंडेलवाल साउथ जोन, चेन्नई मुख्यालय नॉर्थ ईस्ट जोन, गुवाहाटी मुख्यालय डीआईजी अजय कुमार कोलकाता एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट सीनियर कमांडेंट विपिन कुमार तोमर सलाल इकाई एसएसजी, नोएडा सीनियर कमांडेंट वैभव कुमार दूबे ताज महल, आगरा रिजर्व बटालियन, भिलाई सीनियर कमांडेंट बिरेन्द्र कुमार तिवारी रिजर्व बटालियन, जयपुर रिजर्व बटालियन, किश्तवाड़ सीनियर कमांडेंट दीपक कुमार रिजर्व बटालियन, भिलाई सलाल इकाई उप कमांडेंट रोहन गोवा एयरपोर्ट रायपुर एयरपोर्ट उप कमांडेंट हकीम आसिफ कोयम्बटूर एयरपोर्ट नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली उप कमांडेंट दुर्गेश चंद्र शुक्ला टिहरी बड़ोदरा एयरपोर्ट उप कमांडेंट एस. गौतम NISA, हैदराबाद कोयम्बटूर एयरपोर्ट सीआईएसएफ में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की सूची वर्तमान पद अधिकारी का नाम पदोन्नति के बाद पद वर्तमान पदस्थापना नई पदस्थापना डीआईजी शिव कुमार आईजी हैदराबाद एयरपोर्ट नॉर्थ ईस्ट सेक्टर, कोलकाता मुख्यालय सीनियर कमांडेंट सी. अमोल डीआईजी आरटीसी, बरवा — सीनियर कमांडेंट राजेश डीआईजी मुंडली मुख्यालय — कमांडेंट गौरव तोमर सीनियर कमांडेंट — — कमांडेंट लक्ष्मीनारायण चौधरी सीनियर कमांडेंट — — कमांडेंट एस. वेंटलॉग सीनियर कमांडेंट — — उप कमांडेंट मनिंदर सिंह कमांडेंट रायपुर एयरपोर्ट नागपुर एयरपोर्ट उप कमांडेंट ऋषि कौशिक कमांडेंट नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली ताज महल, आगरा उप कमांडेंट कृष्ण प्रकाश कमांडेंट बड़ोदरा एयरपोर्ट भोगापुरम एयरपोर्ट, आंध्र प्रदेश

अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषिकुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षकजे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीसीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

क्यों अहम है जनगणना? विकास, संसाधन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर दिखेगा व्यापक प्रभाव

लखीमपुर  खीरी में जनगणना-2027 के प्रथम चरण से मिले शुरुआती संकेत बताते हैं कि जिले की आबादी 46.59 लाख के करीब पहुंच गई है। पिछले 15 वर्षों में जनसंख्या और परिवारों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का सीधा असर विकास योजनाओं पर पड़ेगा। अकेले खीरी जिले में 6.37 लाख की आबादी बढ़ी है। बढ़ती आबादी के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ेगी। जनगणना के आंकड़े सरकार को यह तय करने में मदद करेंगे कि किन क्षेत्रों में नए विद्यालय, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं स्थापित की जाएं। परिवारों की बढ़ती संख्या से आवास, रोजगार और शहरीकरण की चुनौतियां भी सामने आएंगी। वहीं, पक्के मकानों की बढ़ती संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार का संकेत दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की विकास नीतियों, संसाधनों के वितरण और सरकारी योजनाओं की प्राथमिकताओं का आधार है। इससे जिले के समग्र विकास की नई रूपरेखा तैयार होगी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ     लखीमपुर खीरी की बढ़ती आबादी और परिवारों की संख्या में हो रही वृद्धि जिले की विकास आवश्यकताओं को नए सिरे से परिभाषित करेगी। जनगणना के आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि जिले के किन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की सबसे अधिक जरूरत है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को समझने में भी ये आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके आधार पर जिले में नए विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और आवासीय योजनाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी। साथ ही सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आने से उनके लिए लक्षित योजनाएं तैयार करना आसान होगा।     डॉ. सुभाष चन्द्रा, प्रोफेसर, वाईडीसी     लखीमपुर खीरी में जनसंख्या और परिवारों में हुई वृद्धि प्रशासन के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आएगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े यह तय करने में मदद करेंगे कि जिले में सरकारी संसाधनों का वितरण किस प्रकार किया जाए ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सके। बढ़ती आबादी के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विस्तार भी जरूरी होगा। जनगणना के आंकड़े जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करेंगे, जिससे विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।     डॉ. एससी मिश्रा, प्रोफेसर (सेवानिवृत्त)     लखीमपुर खीरी की अनुमानित आबादी 46 लाख से अधिक पहुंचना जिले के विकास की नई दिशा तय करेगा। जनगणना केवल लोगों की संख्या बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जिले की भविष्य की जरूरतों का रोडमैप भी तैयार करती है। बढ़ती आबादी के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, आवास और रोजगार के क्षेत्र में मांग बढ़ेगी। जनगणना के आधार पर शासन और प्रशासन यह तय कर सकेंगे कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधनों और निवेश की आवश्यकता है। आने वाले वर्षों में जिले के संतुलित और समावेशी विकास के लिए ये आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण आधार साबित होंगे।     राम मोहन गुप्ता, समाजसेवी  

यात्री सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को लेकर परिवहन सचिव ने की चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।           परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।            परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।             विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।        अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।      उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पोल वॉल्ट स्पर्धा में 4.10 मीटर की छलांग के साथ एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल  मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित एथलेटिक्स अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नितिका आकरे ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में आयोजित महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में नितिका ने 4.10 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक अर्जित किया। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई नितिका आकरे ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशियाई खेल 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया। महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में कुल तीन खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें नितिका भी शामिल रहीं। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं की बढ़ती क्षमता और खेल अकादमियों में उपलब्ध उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है। नितिका की यह सफलता प्रदेश की महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायी है। खेल मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने नितिका आकरे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिका आगामी एशियाई खेलों में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए मिसाल बनी नितिका नितिका आकरे की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों, विशेषकर महिला एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च, अब बिल और पेमेंट की हर अपडेट मिलेगी ऑनलाइन

एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल बिल से लेकर भुगतान तक की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी संभव : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान में प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और आगे बढाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कंपनी के वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। तोमर ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल संचालित है। इस व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं तथा उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान एवं अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। साथ ही वे किसी भी समय लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं। बढेगी पारदर्शिता ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स एवं अधिकारियों के समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा देयक निपटान प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बन सकेगी। सुविधा का किया जा रहा है विस्तार एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कंपनी ने इस सुविधा का विस्तार करते हुए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल प्रारंभ की है। इसके माध्यम से वेंडर्स अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर से कहीं से भी लॉग-इन कर संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे। पोर्टल की विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक अवस्था की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।  

मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी तैयारी, लाखों कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता होगा साफ

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी सेवकों के लिए अच्छी खबर आई है। प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारियों की 10 साल से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया 10-15 दिन में शुरू हो सकती है। राज्य सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। पदोन्नति की प्रक्रिया में बाधा बन रहे कानूनी मसले को सुलझाने के लिए अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी परामर्श लिया गया है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर जबलपुर के अलावा दिल्ली के वरिष्ठ वकीलों और विधि विशेषज्ञों की राय ली है। संबंधित अधिकारियों ने सलाह के आधार पर ही मसौदा तैयार किया है। सीएम मोहन यादव CM Mohan Yadav ने 2016 से बंद पदोन्नति चालू करने का 2025 में ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा होगा। कर्मचारियों, अधिकारियों के प्रमोशन से कई पद भी खाली होंगे जिनपर युवाओं को भर्ती के मौके मिलेंगे। सरकार ने अलग से अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, भारसाधक सचिवों व विभागाध्यक्षों को मौखिक रूप से पदोन्नति शुरू करने को कहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों, अधिकारियों के पदोन्नत होने से करीब दो लाख पद खाली होने की उम्मीद है। इससे युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों से कहा कि वर्षों पुराने बने गैर जरूरी कानूनों को खत्म करने पर काम करें। वे गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नरों संग वीसी करेंगे, उसके लिए सभी विभाग प्रमुखों को तैयार रहने के लिए कहा है। प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद बता दें कि प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद है। इससे कर्मचारी, अधिकारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर्ड हो रहे हैं। अभी तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हो चुके हैं। सीएम मोहन यादव ने पिछले साल प्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों के हित में पदोन्नतियां देने की घोषणा की थी। तब से इस संबंध में अनेक बैठकें हो चुकी हैं। 17 जून को कैबिनेट ने मप्र लोकसेवा पदोन्नति नियम- 2025 को मंजूरी दी। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी, कोर्ट केस प्राथमिकता से निराकृत करने, केंद्र-राज्य के काम को गंभीरता से करने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा करने के लिए कहा। बताते हैं, बैठक में पदोन्नति संबंधी बात भी कही। 10 साल में ऐसे हालात 2016 मई से प्रदेश में पदोन्नति बंद है। 10 साल से बिना पदोन्नति ही रिटायर्ड हो रहे कर्मचारी 2026 मई तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हुए सीएम यादव ने पदोन्नति देने की घोषणा की 2025 में बंद पदोन्नति चालू करने का किया ऐलान 10 दिन में शुरु करने की कवायद 4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा पदोन्न्ति से दो लाख पद खाली होंगे युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा