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यूपीआईटीएस में दिखी यीडा की 25 वर्षों की विकास यात्रा, औद्योगिक निवेश से वैश्विक सिटी तक रोडमैप प्रदर्शित

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 25 वर्षों की विकास यात्रा को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदर्शित किया जा रहा है। एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित ट्रेड शो में हॉल नंबर-3 में लगाए गए यीडा के स्टाल पर प्राधिकरण के वर्तमान विकास के साथ भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झलक भी देखने को मिल रही है। यीडा के स्टाल पर वर्ष 2041 के प्रथम चरण के मास्टर प्लान का मॉडल आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मॉडल के माध्यम से प्राधिकरण के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों और कनेक्टिविटी नेटवर्क को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मॉडल भी यहां रखा गया है, जो क्षेत्र में विकसित हो रहे आधुनिक परिवहन और लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को दर्शाता है। स्टाल पर पोस्टरों के माध्यम से पिछले एक वर्ष में हुए प्रमुख औद्योगिक आवंटनों और प्राधिकरण क्षेत्र में आए निवेश की जानकारी दी जा रही है। वहीं इंटरनेशनल फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, लॉजिस्टिक पार्क और हेरिटेज सिटी जैसी परियोजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। भविष्य की योजनाओं में जापान सिटी सेक्टर-5ए, कोरियन सिटी सेक्टर-4ए, सिंगापुर सिटी सेक्टर-7, ताइवान सिटी सेक्टर-6, प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेडियम सेक्टर-23डी, आईएसबीटी सेक्टर-23सी तथा सेक्टर-13 और 14 में प्रस्तावित मेडिकल हब की योजनाएं भी स्टाल पर प्रदर्शित की गई हैं। एक ही मंच पर यीडा की पूरी तस्वीर ट्रेड शो के पहले दिन औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने यीडा के स्टाल का उद्घाटन किया और विकास मॉडल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों से संवाद कर प्राधिकरण की परियोजनाओं और निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार का स्टाल पर स्वागत करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग एवं यीडा के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी यीडा स्टाल का भ्रमण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार भी उपस्थित रहे। यीडा का स्टाल ट्रेड शो में आने वाले उद्योगपतियों, निवेशकों, मीडिया प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक तस्वीर के साथ यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि योगी सरकार के नेतृत्व में निवेश, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और वैश्विक औद्योगिक साझेदारी को एकीकृत करते हुए यीडा क्षेत्र को भविष्य के आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

‘स्किल मंच’ पर युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स में दिखाई प्रतिभा, योगी सरकार की कौशल विकास की मुहिम को मिला वैश्विक मंच

ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के दूसरे दिन देखने को मिली। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के पवेलियन में ‘आओ करके सीखें’ थीम के तहत कौशल का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया गया, जहां दर्शक केवल हुनर को देखते ही नहीं, बल्कि खुद हाथ आजमाकर उसे सीखने का अनुभव भी ले रहे हैं। यूपीएसडीएम पवेलियन में 16 अलग-अलग कौशलों के लाइव प्रदर्शन और सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, पवेलियन का प्रत्येक स्टॉल दर्शकों को कुछ नया सीखने और उसे स्वयं आजमाने का अवसर दे रहा है। मिट्टी से कलाकृति तक, खुद करके सीख रहे दर्शक पवेलियन में आयोजित लाइव प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर दर्शक मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। वहीं चिकनकारी स्टॉल पर लोग सुई-धागे के जरिए बारीक कारीगरी को समझने और खुद करने का प्रयास कर रहे हैं। खास बात यह है कि यहां कौशल को केवल प्रदर्शन के रूप में पेश नहीं किया जा रहा, बल्कि ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ की अवधारणा के साथ लोगों को सीधे इससे जोड़ा जा रहा है। विभिन्न ‘डू इट योरसेल्फ’ गतिविधियों के माध्यम से बच्चों से लेकर युवाओं और अन्य आगंतुकों तक को अलग-अलग कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है ‘स्किल मंच’ पर युवाओं की प्रतिभा ने बांधा समां यूपीआईटीएस-2026 के दूसरे दिन ‘स्किल मंच’ भी युवाओं की प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहां युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स समेत विभिन्न रचनात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर आयोजित गतिविधियों में युवाओं ने रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। मंच पर प्रस्तुत प्रतिभाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया और युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सामने रखा। पहली बार शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कौशल, करियर और रचनात्मक अवसरों से जोड़ना है। कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता यूपी योगी सरकार उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है। यूपीएसडीएम के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कौशल विकास को प्रदर्शित करने से प्रदेश के युवाओं के हुनर को व्यापक पहचान मिलने के साथ यह संदेश भी जा रहा है कि कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की मजबूत नींव है। पारंपरिक हुनर और आधुनिक कौशल का संगम यूपीएसडीएम पवेलियन में एक ओर चिकनकारी, पॉटरी और टेराकोटा जैसे पारंपरिक कौशल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक कौशल से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की संभावनाओं से परिचित करा रही हैं। इस पहल के जरिए उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और नए बाजार से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दे रहा है। यूपीएसडीएम पवेलियन की ‘आओ करके सीखें’ थीम ने कौशल विकास को देखने के बजाय उसे अनुभव करने का अवसर दिया है। यही वजह है कि दूसरे दिन पवेलियन में लगातार दर्शकों की आवाजाही बनी रही।

सीबीजी, वेस्ट टू एनर्जी और बायोफ्यूल से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, शहरों की सुधरेगी क्वालिटी आफ लाइफ

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में ये बातें कहीं। उन्होंने नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हम शहरों को स्वच्छ रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब हमारा प्रयास है कि इस जनआंदोलन को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और स्थायी बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। शर्मा ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो यही अपशिष्ट एक बड़े अवसर में परिवर्तित हो सकता है।

योगी सरकार की सख्ती का असर, 2.30 करोड़ की अवैध हेरोइन-स्मैक के साथ चार तस्कर गिरफ्तार

लखनऊ/हाथरस  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की आगरा ऑपरेशनल यूनिट ने हाथरस में कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। टीम ने उनके कब्जे से एक किलोग्राम से अधिक हेरोइन और स्मैक बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपये है। एएनटीएफ आगरा की टीम ने हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र में बिजलीघर नगला जलेल पुल के पास कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हेरोइन और स्मैक के अलावा एक बलेनो कार, चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई। बरामदगी के संबंध में थाना सिकंदराराऊ, हाथरस में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई की गई है। चार सक्रिय तस्कर गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मथुरा के वृंदावन निवासी सुदामा और मोनू कुशवाहा, मथुरा में रह रहे लखीमपुर खीरी निवासी अमित कुमार शुक्ला और मथुरा निवासी प्रीतम सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने मादक पदार्थों की खरीद और फुटकर बिक्री से जुड़े होने की बात स्वीकार की। वृंदावन और आस-पास होती थी सप्लाई पूछताछ के अनुसार आरोपी कासगंज निवासी एक व्यक्ति से हेरोइन और स्मैक खरीदकर लाते थे। इसके बाद मादक पदार्थों की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर वृंदावन और आस-पास के क्षेत्रों में महंगे दामों पर बेचते थे। बिक्री से होने वाले मुनाफे को आपस में बांटते थे।

छत्तीसगढ़ में बाढ़ का खतरा, शबरी पुल के 6 फीट ऊपर बह रही महानदी; शिवरीनारायण से संपर्क टूटा

जांजगीर-चाम्पा. प्रदेश में बीते तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश से तमाम नदियां उफान पर है. नगर के शवरी पुल पर 6 फ़ीट ऊपर पानी बह रहा है, जिसकी वजह से जांजगीर का शिवरीनारायण का सम्पर्क टूट गया है. महानदी के तट तोड़कर बहने से नगर के बिलासपुर रोड और केरा रोड में पानी भर गया है. आलम यह है निचली बस्तियों में पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है. वार्ड एक में पानी भरने की वजह से वार्ड के लोगों को संस्कृतिक भवन में रखा गया है. मेला ग्राउंड में भी पानी गया है. पानी के भराव की वजह से लोग नाव में सवार होकर आना-जाना कर रहे है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात किया है. इसके साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए खाने-पीने और रहने के लिए अलग-अलग स्थानों में इंतजाम किया है. देर शाम तक शबरी सेतु के ऊपर ढाई फीट तक पानी बह रहा था जिससे गिधौरी बलौदाबाजार से शिवरीनारायण का सड़क संपर्क पूरी तरह से कटा रहा। सुबह 9 बजे बेरिकेट्स लगाकर पुल पर आना-जाना पूरी तरह से बंद करवा दिया गया था। एहतियात के लिए मोटरबोट और गोताखोरों को पुल के पास ही तैनात किया गया है। लगातार जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के छोटे-बड़े नालों के ऊपर से भी पानी बहने लगा था जिससे चारों दिशाओं से शिवरीनारायण का सड़क संपर्क टूट गया। बिलासपुर से शिवरीनारायण पहुंच मार्ग में मेन रोड़ में देवरी मोड़ के पास नाला से ऊपर पानी बहने से आना-जाना बंद हो गया। केरा से शिवरीनारायण मार्ग में नगारीडीह के पास कंजीनाला, केरा रोड मेंं कनस्दा से पहले पुराने पुल, दुरपा से पहले ललारी पुल भी उफान पर होने से संपर्क कट गया। तुस्मा पुल में पानी बहने से खैरताल से शिवरीनारायण मार्ग का भी संपर्क टूट गया था। हालांकि नगर के किसी बस्ती में पानी नहीं घुसा था। देर रात महानदी का जलस्तर बढ़ते क्रम में था जिससे शिवरीनारायण से लेकर चन्द्रपुर तक नदी तटों में बाढ़ की संभावना बनी हुई है। महानदी नदी के किनारे लगे ग्राम तनौद के नवापारा मोहल्ला पानी से डूब गया जिससे करीब चार दर्जन मवेशी और दो जेसीबी मशीन डूब गई।

मोदी-योगी सरकार ने बदली काशी की तस्वीर, 13 वर्षों में 52.71 करोड़ पर्यटकों ने किया भ्रमण

वाराणसी गंगा के अर्धचन्द्राकार घाट, मंदिरों की घंटियां, संकरी गलियों की अपनी-अलग पहचान और सदियों पुरानी परंपराएं काशी को दुनिया के दूसरे शहरों से अलग बनाती हैं। यही वजह है कि देश-दुनिया के लोगों के लिए काशी हमेशा से आस्था और आकर्षण का केंद्र रही है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने समय के साथ यहां सुविधाओं का विस्तार किया। प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने काशी को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य बनाया है। यही वजह है कि यहां पर्यटकों की संख्या साल-दर साल बढ़ती जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक  52 करोड़, 71 लाख 41 हजार 814 भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया। इनमें 52 करोड़ 40 लाख 46 हजार 803  भारतीय और 30 लाख 95 हजार 11 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में जितने पर्यटक काशी आए, वर्ष 2016 के जुलाई माह तक ही उससे 4 करोड़ 10 लाख 70 हजार 422  अधिक लोग आ चुके हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से काशी की अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार   पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या काशी की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जिसका सीधा असर काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालन, फूल-माला, पूजा सामग्री , टैक्सी-ऑटो, टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय बाजारों और हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है। इससे पर्यटन से जुड़े छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, नाविकों, गाइडों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर बने हैं।  इस तरह पर्यटन अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हो रहा है।    सुव्यवस्थित विकास के साथ बढ़ा काशी का आकर्षण वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के गठन के बाद काशी में विकास और पर्यटन को नई गति मिली। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं, स्वच्छता, घाटों के विकास और प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से काशी का पर्यटन अनुभव लगातार समृद्ध हुआ है। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन अवसंरचना तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया, वहीं नए पर्यटन अनुभवों का भी विस्तार हुआ । काशी विश्वनाथ धाम के विकास से मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ीं, घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई, सारनाथ के विकास और गंगा में रिवर क्रूज जैसी गतिविधियों ने पर्यटन के दायरे को और व्यापक किया। आज काशी में धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं का संगम दिखाई देता है। सदियों पुरानी परंपराएं नए कलेवर में पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर काशी की यह बदलती तस्वीर बताती है कि विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।   वर्जन  "हमारा प्रयास है कि काशी की सदियों पुरानी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक पर्यटन से जोड़ा जाए, ताकि दुनिया भर के पर्यटक यहां आकर केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि काशी की संस्कृति, विरासत और जीवन शैली का भी अनुभव लेकर लौटें।"  जयवीर सिंह पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ,उत्तर प्रदेश  वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक वाराणसी में पर्यटकों की संख्या -वर्ष-भारतीय पर्यटक-विदेशी पर्यटक-कुल पर्यटक -2014 –52,02,236 –2,87,761–54,89,997 -2015 –54,13,927–3,02,370– 57,16,297 -2016 –56,00,146 –3,12,519– 59,12,665 -2017– 59,47,355–34,860–62,82,215 -2018 –60,95,890 –3,49,270 –64,45,160 -2019 – 64,47,775– 3,50,000– 67,97,775 -2020 – 8,76,303–1,06,189 –9,82,492 -2021–30,75,913 –2,566 – 30,78,479 -2022 –7,11,47,310– 83,741–7,12,31,051 -2023–8,52,71,729 – 2,01,904 – 8,54,73,633 -2024–10,97,87,811– 3,09,932 –11,00,97,743 -2025 –17,27,52,530 – 3,21,358 –17,30,73,888 – 2026 जुलाई तक  – 4,64,27,878–1,32,541– 4,65,60,419

सिंहस्थ 2028 की तैयारी शुरू, CM मोहन यादव ने पैतृक मकान में गेती चलाकर किया मेगा प्लान का शुभारंभ

उज्जैन. सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर स्वयं गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए भवन हटाने की शुरुआत की। इसके साथ ही खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक मार्ग के चौड़ीकरण की कार्यवाही प्रारंभ हो गई। 730 मीटर लंबे मार्ग का होगा चौड़ीकरण करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सिंहस्थ में सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण कदम यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली से अखिलेश की PDA रथयात्रा, सपा-कांग्रेस रिश्तों पर बढ़ी हलचल

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर 2026 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से अपनी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रथयात्रा की शुरुआत की है। अखिलेश यादव ने रायबरेली का चुनाव राहुल गांधी को सीधे चुनौती देने के लिए किया है। अखिलेश ने इस यात्रा की शुरुआत अमेठी से इसलिए नहीं की क्योंकि उससे वह राहुल गांधी को सीधा संदेश नहीं दे पाते। वर्तमान में राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा के सांसद हैं। कांग्रेस पार्टी की स्थिति अमेठी और रायबरेली में भी अच्छी नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट की 10 विधानसभा सीटों में से सात पर ज़मानत जब्त हो गई थी। राहुल गांधी 2024 में सिर्फ सपा के समर्थन के कारण ही रायबरेली से चुनाव लड़ने की हिम्मत कर सके थे।   2022 के विधानसभा चुनाव आंकड़ों के अनुसार, अमेठी लोकसभा सीट के तहत आने वाली 5 विधानसभा सीटों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। तिलोई में भाजपा/अपना दल को 99,472 वोट (48.54%), सपा को 71,643 वोट (35%), कांग्रेस को 21,978 वोट (10.7%) और बसपा को 6,120 वोट (2.99%) मिले। सलोन में भाजपा/अपना दल को 87,715 वोट (43.79%), सपा को 85,604 वोट (42.7%), कांग्रेस को 11,439 वोट (5.71%) और बसपा को 9,335 वोट (4.66%) मिले। जगदीशपुर में भाजपा/अपना दल को 89,315 वोट (43.94%), सपा को 27,971 वोट (13.8%), कांग्रेस को 66,491 वोट (32.7%) और बसपा को 10,198 वोट (5.02%) प्राप्त हुए। गौरीगंज में भाजपा/अपना दल को 72,077 वोट (35.53%), सपा को 79,040 वोट (39%), कांग्रेस को 28,964 वोट (14.3%) और बसपा को 9,872 वोट (4.87%) मिले। अमेठी विधानसभा में भाजपा/अपना दल को 70,121 वोट (36.93%), सपा को 88,217 वोट (46.5%), कांग्रेस को 14,080 वोट (7.42%) और बसपा को 10,202 वोट (5.37%) हासिल हुए। इस प्रकार अमेठी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा/अपना दल को 4,18,700 वोट (41.82%), सपा को 3,52,475 वोट (35.2%), कांग्रेस को 1,42,956 वोट (14.3%) और बसपा को 45,727 वोट (4.57%) मिले। रायबरेली लोकसभा सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीटों पर प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। बछरावां में भाजपा/अपना दल को 62,935 वोट (30.04%), सपा को 65,747 वोट (31.4%), कांग्रेस को 56,835 वोट (27.1%) और बसपा को 13,730 वोट (6.55%) मिले। हरचंदपुर में भाजपा/अपना दल को 78,009 वोट (38.69%), सपा को 92,498 वोट (45.9%), कांग्रेस को 16,230 वोट (8.05%) और बसपा को 7,335 वोट (3.64%) मिले। रायबरेली विधानसभा सीट पर भाजपा/अपना दल को 1,02,429 वोट (44.51%), सपा को 95,254 वोट (41.4%), कांग्रेस को 14,954 वोट (6.5%) और बसपा को 9,331 वोट (4.06%) प्राप्त हुए। सरेनी में भाजपा/अपना दल को 62,359 वोट (28.78%), सपा को 66,166 वोट (30.5%), कांग्रेस को 42,702 वोट (19.7%) और बसपा को 38,155 वोट (17.6%) हासिल हुए। ऊंचाहार में भाजपा/अपना दल को 75,893 वोट (35.79%), सपा को 82,514 वोट (38.9%), कांग्रेस को 9,985 वोट (4.71%) और बसपा को 34,692 वोट (16.4%) मिले। रायबरेली लोकसभा सीट का कुल योग देखें तो भाजपा/अपना दल को 3,81,625 वोट (35.67%), सपा को 4,02,179 वोट (37.6%), कांग्रेस को 1,40,706 वोट (13.2%) और बसपा को 1,03,243 वोट (9.65%) मिले। अखिलेश यादव के इस कदम के जवाब में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बयान दिया है कि यदि अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं, तो कांग्रेस भी समाजवादी पार्टी के गढ़ जैसे कन्नौज, इटावा और सैफई का रुख कर सकती है। अजय राय के इस बयान के जवाब में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जसवंतनगर और इटावा में कांग्रेस को एक भी वोट नहीं मिलेगा। अजय राय और शिवपाल यादव की जुबानी जंग से पूर्व कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन के बीच भी बयानबाजी हो रही है। कन्नौज और इटावा जिलों की छह में से चार विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने 2022 में चुनाव लड़ा था, जहां उसका प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा। छिबरामऊ से कांग्रेस प्रत्याशी विजय कुमार को 1,194 वोट (0.42%) मिले और वह 7वें स्थान पर रहे। कन्नौज से विनीता देवी को 1,786 वोट (0.66%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। इटावा से मोहम्मद राशिद को 1,476 वोट (0.6%) मिले तथा वह 5वें स्थान पर रहे। भरथना से स्नेह लता दोहरे को 1,854 वोट (0.75%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। अखिलेश यादव का यह कदम कांग्रेस पार्टी के साथ सीटों के तालमेल से पूर्व ही अपनी ताकत का अहसास करवाने का प्रयास है। कांग्रेस और सपा गठबंधन के बीच भविष्य के सीट-बंटवारे की चर्चाओं के बीच राहुल गांधी के गढ़ से इस यात्रा को शुरू करने को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा राज्य में खुद को मजबूत स्थिति में दिखाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति उत्तर प्रदेश में काफी कमजोर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल दो सीट जीत सकी थी। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी चार सीटों पर दूसरे पायदान पर रही। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 399 सीटों पर चुनाव लड़कर 387 सीटों पर ज़मानत जब्त करवाई थी। कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ी थी और छह सीटें जीतने में सफल हुई थी, जिसमें अमेठी और रायबरेली की लोकसभा सीटें भी शामिल हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गई थी। 2019 में चुनाव हारने के डर से राहुल गांधी ने पहले ही केरल के वायनाड से नामांकन दाखिल कर दिया था। सपा को डर है कि अगर कांग्रेस पार्टी मजबूत हो गई तो उसका मुस्लिम जनाधार खिसक जाएगा और पार्टी कमजोर हो जाएगी, इसलिए सपा कांग्रेस को उसकी औकात में रखना चाहती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी का प्रयास है कि वह सपा को कमजोर करे जिससे कि कांग्रेस पार्टी मजबूत हो सके। दोनों पार्टियों में मुस्लिम वोट बैंक के लिए आपस में प्रतिद्वंदिता है, जिसके तहत सहयोग के साथ ही अंदर ही अंदर आपसी प्रतिस्पर्धा भी देखी जाती है। कांग्रेस पार्टी का एक प्रयास यह भी है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तरह ही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को कमजोर किया जाए। ममता बनर्जी को कमजोर करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने उनके साथ कोई … Read more

झारखंड की आदिवासी चिकित्सा पद्धति से बढ़ेगा पर्यटन, होड़ोपैथी को आयुष से जोड़ने की तैयारी

रांची  झारखंड के आदिवासी समाज के पास हजारों साल से संरक्षित अपनी चिकित्सा पद्धति है। राज्य में पर्यटन के विकास की योजनाओं के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को जोड़ने पर राज्य सरकार लंबे समय से काम कर रही है। राज्य के वनों में वेलनेस प्रोडक्ट के लिए उपयोगी वनस्पति की पूरी श्रृंखला उपस्थित है। संताल परगना में मलूटी, देवघर और गिरिडीह के धार्मिक पर्यटन के साथ होड़ोपैथी (आदिवासी चिकित्सा) को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था का नया आधार तैयार हो सकता है। संताली और मुंडारी भाषा के शब्द होड़ोपैथी को विश्वभर में एथनो मेडिसन के तौर पर मान्यता दी जाती है। पेडों की छाल, जड़ और दूसरे वनस्पतियों के उपयोग से हड्डियों की मजबूती, नस और चर्मरोग का आसान उपचार किया जाता है। छोटानागपुर के कई हिस्सों में जलप्रपात देखने के लिए देशभर से लोग आते हैं। यहीं के जंगलों में औषधीय पौधे भी मिलते हैं। ऐसे में केरल के आयुर्वेदिक उपचार की तरह ही झारखंड के आदिवासी पारंपरिक चिकित्सा का समन्वय राज्य के पर्यटन को नई पहचान दे सकता है। रांची से सटे पुरुलिया के जंगलों में रहने वाले कई परिवार ऐसे प्रयोग से जुड़े हैं। आयुष में शामिल हो सकता है होड़ोपैथी पर्यटन के साथ स्वास्थ्यप्रद सेवाओं को जोड़ने के लिए झारखंड सरकार होड़ोपैथी को आयुष के तहत संबद्ध कराने का प्रयास कर रही है। संताली भाषा में ओलचिकी लिपि में होड़ोपैथी के दस्तावेज मौजूद हैं। राज्य सरकार इनके संरक्षण के साथ इन्हें उपयोगी बनाने में लगी है। आदिवासी युवाओं को इसकी जानकारी देकर पर्यटन स्थलों के पास सेंटर खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।     झारखंड के आदिवासियों के पास पारंपरिक तौर पर अपनी चिकित्सा पद्धति है। प्रत्येक आदिवासी घर में वनों से मिलने वाली वनस्पति को औषधि बनाने की तकनीक मौजूद है। इसे पर्यटन से जोड़कर देशभर में प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। यह ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। -डॉ. वेंकटेश कात्यायन पांडेय, आयुर्वेदाचार्य  

‘नशे की चपेट में आए बच्चों को मिले इलाज और शिक्षा’, CJI सूर्यकांत ने जताई चिंता

 पटना सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत पटना एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि बच्चों में नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य या अपराध का विषय नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। नशे की चपेट में आए बच्चों को इलाज, देखभाल, शिक्षा और सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिलना चाहिए। आपको बता दें कि बिहार में कई वर्षों से शराबबंदी कानून लागू है। मुख्य न्यायाधीश शनिवार को ‘ड्रग्स से परे बचपन : संरक्षण, देखभाल और पुनर्समावेशन’ विषय पर अपनी बात रख रहे थे। पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह के तहत लोकभवन में व्याख्यानमाला आयोजित किया गया था। समाज-सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी मुख्य न्यायाधीश ने बिहार को ज्ञान, शिक्षा और विरासत की भूमि बताते हुए कहा कि बच्चों को नशे से बचाना समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों में मादक पदार्थों का सेवन होने से शिक्षा प्रभावित होती है, पारिवारिक रिश्तों में तनाव आता है और शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की चपेट में आए बच्चे शोषण, हिंसा, तस्करी और अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। आत्मसम्मान की भी रक्षा करनी चाहिए सीजेआई ने कहा कि बाल संरक्षण व्यवस्था को बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य के साथ उसकी गरिमा और आत्मसम्मान की भी रक्षा करनी चाहिए। असली सफलता तब है जब बच्चा फिर से स्कूल, परिवार और सामान्य सामाजिक जीवन से जुड़ सके। उपचार खत्म होने के बाद भी सहायता जारी रहनी चाहिए, ताकि बच्चा दोबारा उसी जोखिम भरे माहौल में न लौटे।