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यूरोपियन टूरिस्ट्स के लिए जैसलमेर बना पसंदीदा डेस्टिनेशन, होटल और कारोबारियों में उम्मीद

 जैसलमेर रेगिस्तान की भीषण गर्मी के बीच जैसलमेर एक बार फिर विदेशी पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है. इस ऑफ-सीजन रहने में भी शहर यूरोपियन पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है. 15 जुलाई से पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है. यूरोप में समर वेकेशन के चलते फ्रांस, इटली, स्पेन और जर्मनी समेत कई देशों से बड़ी संख्या में लॉन्ग-स्टे टूरिस्ट जैसलमेर पहुंचेंगे. इसे देखते हुए होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल एजेंसियां और टूर ऑपरेटर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. भीड़भाड़ के बचने के लिए इन महीनों में आते हैं पर्यटक पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार, यूरोपीय पर्यटक भीड़भाड़ वाले पीक सीजन के बजाय जुलाई-अगस्त में जैसलमेर आना पसंद करते हैं. वे यहां की संस्कृति, लोकजीवन, विरासत और रेगिस्तानी परिवेश को करीब से समझने के लिए लंबे समय तक ठहरते हैं. इससे होटल उद्योग के साथ टैक्सी संचालकों, गाइड, हस्तशिल्प कारोबारियों और लोक कलाकारों को भी अच्छा रोजगार मिलता है. टूरिज्म सेक्टर से जुड़े जितेंद्र कुमार होटल कारोबारी जितेंद्र कुमार बिस्सा ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन सीजन की शुरुआत जुलाई से मानी जाती है. 15 जुलाई के बाद यूरोप से पर्यटकों का आगमन बढ़ जाता है और जुलाई से सितंबर तक का समय पर्यटन के लिए काफी महत्वपूर्ण रहता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात सामान्य होने से इस बार पर्यटन कारोबार के बेहतर रहने की उम्मीद है. 'स्लो टूरिज्म' पसंद करते हैं यूरोपीय पर्यटक वहीं, फ्रेंच भाषी पर्यटन व्यवसायी कौशल के मुताबिक, शुरुआती दौर में अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण बुकिंग को लेकर चिंता थी. अब यूरोप से लगातार बुकिंग मिल रही है. यूरोपीय पर्यटक 'स्लो टूरिज्म' को प्राथमिकता देते हैं और जैसलमेर की विरासत व संस्कृति को आराम से अनुभव करना चाहते हैं. टूरिज्म सेक्टर से जुड़े नरेंद्र छंगानी बताते हैं कि इस सीजन में होटलों के किराए अपेक्षाकृत कम रहते हैं. इससे पर्यटक लंबे समय तक रुकते हैं. सितंबर के बाद होटल दरें बढ़ने से पहले उन्हें बेहतर सुविधाएं और विशेष डिस्काउंट का लाभ मिलता है. यूरोप में गर्मियों की छुट्टियां होने के चलते पर्यटक जैसलमेर पहुंचेंगे. ऑफ-सीजन में टूरिज्म से जगी उम्मीद पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी उम्मीद है. उनका मानना है कि अगर हर साल की तरह इस बार भी यूरोपियन पर्यटकों का सिलसिला शुरू होता है तो ऑफ-सीजन में भी जैसलमेर का पर्यटन उद्योग गुलजार रहेगा. भीषण गर्मी के बावजूद स्वर्णनगरी की गलियां एक बार फिर विदेशी मेहमानों की चहल-पहल से आबाद नजर आएंगी.

न्यू बिलिंग सिस्टम लागू होने से डिजिटल बिजली सेवाओं पर अस्थायी रोक, उपभोक्ताओं को राहत भी मिली

 पटना बिहार के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा विभाग की ओर से एक बेहद जरूरी सूचना जारी की गई है। अगर आप भी अपने घर या दुकान का बिजली बिल ऑनलाइन जमा करते हैं या स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को आज रात से अगले 24 घंटे तक किसी भी प्रकार की ऑनलाइन डिजिटल सेवाएं नहीं मिल सकेंगी। बिजली कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक न्यू बिलिंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसी तकनीकी अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली से जुड़ी तमाम डिजिटल सुविधाओं को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है। शनिवार की रात 8 बजे से 28 जून की रात 8 बजे तक बंद रहेगा पूरा पोर्टल इस तकनीकी बदलाव के कारण राज्य के उत्तर और दक्षिण दोनों बिजली डिस्कॉम के उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। इस वजह से शनिवार की रात 8 बजे से लेकर अगले दिन यानी 28 जून की रात 8 बजे तक बिजली उपभोक्ताओं से संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह और अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएंगी। इस 24 घंटे की अवधि के दौरान उपभोक्ता न तो आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना नया बिल देख पाएंगे और न ही पुराने बकाए बिल का भुगतान डिजिटल माध्यम से कर सकेंगे। इसके साथ ही नए कनेक्शन के आवेदन या लोड बढ़ाने जैसे ऑनलाइन काम भी इस दौरान पूरी तरह से रुके रहेंगे। रीचार्ज खत्म होने पर भी नहीं कटेगी बत्ती हालांकि, इस तकनीकी शटडाउन के बीच ऊर्जा विभाग ने राज्य के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एक बहुतबड़ी राहत दी है, जिससे आम जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मेंटेनेंस अवधि के दौरान यदि किसी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता का बैलेंस खत्म हो जाता है और रिचार्ज नहीं हो पाता है, तो भी उस स्थिति में उनके घर या प्रतिष्ठान की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। यानी बैलेंस शून्य या माइनस में जाने के बावजूद उपभोक्ताओं की बत्ती गुल नहीं होगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि रविवार रात 8 बजे के बाद नई बिलिंग प्रणाली शुरू होते ही सभी सेवाएं पहले से अधिक तेज और बेहतर तरीके से काम करने लगेंगी।

खान सर मामले में नई केस डायरी दाखिल, अदालत ने बहस के लिए दी तारीख

पटना बिहार के हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक, खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर और उनके सहकर्मियों से जुड़ी एक बड़ी खबर पटना सिविल कोर्ट से सामने आई है। शनिवार को अदालत में इस मामले को लेकर बेहद सरगर्मी तेज रही। कोर्ट के पिछले आदेश का पालन करते हुए कदमकुआं थाना पुलिस और जांच अधिकारी ने आखिरकार मामले की पूरी तरह से 'अपडेटेड केस डायरी' अदालत के समक्ष सबमिट कर दी है। पुलिस द्वारा नई डायरी पेश किए जाने के बाद अदालत ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका पर अंतिम बहस और अगली सुनवाई के लिए 30 जून मंगलवार की तारीख दी है। अदालत ने केस डायरी का लिया संज्ञान शनिवार को हुई इस विशेष अदालती कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कानूनी दांव-पेंच देखने को मिले। रौशन आनंद के वकील सत्यम झा ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा पहले जमा की गई डायरी अधूरी थी, जो सिर्फ 19 तारीख तक की ही थी। आज पुलिस ने जब नई अपडेटेड डायरी कोर्ट में पेश की, तो उसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया। इसके तुरंत बाद रौशन आनंद के पक्ष के वकीलों ने इस नई और विस्तृत डायरी का गहराई से अध्ययन करने के लिए अदालत से कुछ समय की मांग की। अदालत ने इस व्यावहारिक मांग को स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों को डायरी के नए पन्नों को पढ़ने और समझने के लिए तीन दिन का पर्याप्त समय दे दिया है। खान सर को 30 जून तक मिली बड़ी राहत इस सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर लगी रोक की अंतरिम सुरक्षा को आगामी 30 जून तक के लिए बरकरार रखा है। खान सर के वरिष्ठ वकील अरविंद कुमार महुआ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट में खान सर के साथ-साथ उनके स्टाफ और कलीग्स की एंटिसिपेटरी और रेगुलर बेल दोनों याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। चूंकि शनिवार की सुबह ही पुलिस ने अपडेटेड डायरी सौंपी है, इसलिए अब मंगलवार को इस मामले पर कोर्ट में आमने-सामने बहस होगी।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सब्सिडी से बढ़ा उत्साह, नए एक्सपोर्टर्स को मौका

 नोएडा ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में हिस्सा लेने के इच्छुक यूपी के नए निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर है। एक अप्रैल 2022 के बाद कारोबार शुरू करने वाले निर्यातकों को प्रदेश सरकार विशेष सब्सिडी के तहत बेहद रियायती दर पर स्टॉल उपलब्ध कराएगी। इसके तहत उन्हें नौ वर्गमीटर का स्टाल एक लाख रुपए से भी अधिक कीमत के बजाय सिर्फ 17 हजार रुपये में मिलेगा। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद नए निर्यातकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस व्यवस्था से मुरादाबाद के करीब ढाई सौ नए निर्यातकों को लाभ मिल सकेगा। मुरादाबाद से कई देशों को मेटल के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का एक्सपोर्ट कर रहे निर्यातक मो.नाजिम का कहना है कि नए निर्यातकों को सब्सिडाइज्ड दर पर मात्र 17 हजार रुपये के स्टाल हाल संख्या 14 में उपलब्ध होना उत्साहजनक है। एक निर्यातक अधिकतम दो स्टाल प्राप्त कर सकेगा। इस प्रावधान ने कारोबार को लेकर नए निर्यातकों का हौसला फलक पर पहुंचा दिया है। हाल संख्या 15 में नियमित श्रेणी के निर्यातकों को स्टाल लगाने का मौका मिलेगा, उन्हें सीधे तौर पर सब्सिडी देय नहीं होगी। उन्हें साढ़े सात हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से स्टाल मिल सकेगा। इसे लेकर उद्योग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो हर साल सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए निर्यातकों को काफी कम कीमत पर स्टाल की उपलब्धता से अपने कारोबार को काफी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। नए निर्यातकों को आगे बढ़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सुनहरा मौका दिया गया है। स्टालों की उपलब्धता होने पर ही एक निर्यातक को दो स्टाल मिल सकेंगे। तीसरे शो ने हजार करोड़ से अधिक का कारोबार दिया पिछले वर्ष प्रदेश सरकार के तत्वावधान में ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ था, जिसमें मुरादाबाद के प्रतिभागियों को हाथोंहाथ छह सौ करोड़ से अधिक का कारोबार मिला था। कई निर्यातकों को विदेशी खरीदारों की तरफ से बिजनेस ऑर्डर मिले जिसके चलते मेले की वजह से कारोबार एक हजार करोड़ के पार पहुंच गया। संयुक्त निदेशक उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कारोबार की संभावनाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं उन्हें देखते हुए इस बार निर्यातकों में प्रतिभाग के लिए काफी ज्यादा मारामारी देखने को मिल सकती है। भाग लेने के इच्छुक निर्यातकों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

दोबारा घर बसाने का सपना पड़ा महंगा, सागर में शादी के 3 दिन बाद दुल्हन नकदी-जेवर लेकर गायब

सागर/ जैसीनगर  जैसीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम महुआखेड़ा पेगवार में शादी के तीसरे ही दिन दुल्हन घर से 30 हजार रुपये नकद व जेवर लेकर भाग गई। पीड़ित की शिकायत पर जैसीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार महुआखेड़ा पेगवार निवासी 36 वर्षीय नोनीराम पटेल ने बताया कि पत्नी के निधन के बाद वह दोबारा विवाह करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से हुई, जिसने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से विवाह कराने का भरोसा दिलाया। महिला को विधवा बताकर की ठगी पुलिस के अनुसार पीड़ित को बताया गया कि रुक्मणी के पति की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। रिश्ता तय कराने के एवज में रामनारायण दुबे को एक लाख 20 हजार रुपये दिए गए। नोनीराम के अनुसार ने बताया कि 19 जून को सागर में दोनों की कोर्ट मैरिज और अगले दिन मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। विवाह के दौरान रुक्मणी के साथ ओडिशा निवासी अरविंद विभार भी मौजूद था, जिसे उसने अपना जीजा बताया था। सुबह नींद खुली तो महिला फरार हो चुकी थी नोनीराम ने बताया कि 21 जून की रात रुक्मणी घर की अलमारी से 30 हजार रुपये नकद, करीब आधा किलो चांदी की करधोनी, लगभग 250 ग्राम चांदी की पायल और एक मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। सुबह परिवार की नींद खुली तो वह घर में नहीं मिली। तलाश के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि देर रात एक कार गांव में आई थी और उसमें सवार युवक घर का पता पूछ रहा था। फोटो दिखाने पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान शादी में आए अरविंद विभार के रूप में की। बिचौलिए से की जा रही पूछताछ पीड़ित ने जैसीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को वह दोबारा थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने बताया कि मामले में रिश्ता तय कराने वाले कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से पूछताछ की जा रही है। वहीं फरार महिला और उसके सहयोगी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।  

अब ऑफलाइन नहीं होगी रजिस्ट्री: बिहार सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था से मिलेगी बड़ी राहत

पटना  बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्‍द ही पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। राज्य सरकार ने 15 जुलाई से सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डीड उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई के बाद रजिस्ट्री के लिए किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सबकुछ हो जाएगा ऑनलाइन आवेदकों को सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों का सत्यापन भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री पूरी होने के बाद आवेदकों को डीड की हार्ड कॉपी के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उन्‍हें राहत मिलेगी। विभाग की ओर से पंजीकृत डीड का पीडीएफ लिंक सीधे आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे कभी भी डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। सभी निबंधन कार्यालयों में ट्रायल हुआ पूरा विभाग ने राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस सिस्टम का ट्रायल पूरा कर लिया है। ट्रायल सफल रहने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। बताया जाता है कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और रिकॉर्ड के रखरखाव में भी आसानी होगी। पेपरलेस सिस्टम लागू होने के बाद लोगों को दस्तावेजों की फोटो कॉपी बार-बार जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उन्‍हें काफी सहुलियत होगी। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण भविष्य में दस्तावेजों की खोज, सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक आसान हो जाएगा। साथ ही कागजी कार्रवाई कम होने से पारदर्शिता बढ़ने और अनावश्यक विलंब में कमी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार इसे ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।    

सस्पेंडेड DIG एचएस भुल्लर की बढ़ीं मुश्किलें, भ्रष्टाचार मामले में बेल पर फैसला 7 जुलाई तक टला

 चंडीगढ़  भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी नियमित जमानत याचिका पर  सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिना कोई निर्देश जारी किए मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित कर दी। भुल्लर ने एक बार फिर जमानत की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को खारिज कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भुल्लर को यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर उनके खिलाफ मामले का ट्रायल शुरू नहीं होता है तो वे दोबारा जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसी आधार को बनाते हुए भुल्लर ने अब फिर से हाई कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की है। भुल्लर का दावा, जांच हो चुकी है पूरी याचिका में भुल्लर ने कहा है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस की ओर से चालान भी अदालत में पेश किया जा चुका है। उनका तर्क है कि इस मामले के अधिकांश गवाह सरकारी अधिकारी हैं और वह स्वयं भी निलंबित चल रहे हैं, ऐसे में उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है। निर्धारित अवधि में ट्रायल नहीं हुआ शुरू भुल्लर की ओर से यह भी दलील दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छूट के बावजूद निर्धारित अवधि में ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें नियमित जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, मामले में अभी हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई को 7 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज की होगी अहम भूमिका, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आह्वान

रायपुर : नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक में सामाजिक एकता, वन संरक्षण और देवस्थलों के संरक्षण पर दिया जोर रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने यह बात आज नारायणपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि अब जंगलों की कटाई होगी या बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के नवनिर्माण का जिम्मा अब बस्तर के युवाओं के मजबूत कंधों पर टिका है और सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक           उन्होंने कहा कि समाज के भीतर आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले लोगों और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद की स्थिति बन रही है। यह समाज के हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।         उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक स्थलों एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शासन और प्रशासन के सहयोग से देवभूमियों का सफलतापूर्वक चिन्हांकन कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर नारायणपुर में भी सभी समाज प्रमुख मिलकर एक समिति का गठन करें, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन शीघ्र पूरा हो सके और भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।         बैठक के दौरान समाज प्रमुखों द्वारा गढ़िया बाबा के देवस्थल के संरक्षण का विषय उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।         उप मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को समाज का साझा दायित्व बताते हुए कहा कि जंगलों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण एवं दोहन किया जाए तो वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों को खेती की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से इस विषय पर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।        उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। शर्मा ने कहा कि जैविक कृषि अपनाने से लोगों का खुद का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार बस्तर में सहकारी रूप से दुग्ध उत्पादन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अबूझमाड़ की पहाड़ी क्षेत्रों में स्थाई कृषि को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अबूझमाड़ के 10-10 युवाओं का दल बनाकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर ऊंचाइयों पर खेती के आधुनिक कृषि तकनीक सिखाने को कहा। उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामों में पर्यटन को विकसित करने के लिए होम स्टे विकसित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थायी आय का नया माध्यम प्राप्त हो सके।        बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त बस्तर का समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य तैयार किया जा सकेगा।        इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, ओरछा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मंगलूराम नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटे डोंगर की सरपंच श्रीमती संध्या पवार, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।    

जेवर से CM योगी का बड़ा संदेश, 75 हजार एकड़ लैंड बैंक और आसान मंजूरी के साथ निवेशकों को बुलाया उत्तर प्रदेश

 नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देश और दुनिया के निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए  आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश 75,000 एकड़ का लैंड बैंक, सेक्टर-स्पेसिफिक पॉलिसी, इंसेंटिव और सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम जैसी सुविधाएं प्रदान कर रहा है. गौतम बुद्ध नगर के जेवर में एम्बर और एसेंट-के सर्किट्स के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़ा परिवर्तन हुआ है, जिससे यह निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन गया है।  उन्होंने कहा, 'पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जेवर क्षेत्र, जो कभी पहचान के संकट से जूझ रहा था, आज पूरी तरह बदल चुका है. कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और उत्तर प्रदेश आज 75,000 एकड़ के लैंड बैंक के साथ देश और दुनिया के निवेशकों का स्वागत कर रहा है.' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने 36 विभिन्न क्षेत्रों के लिए नीतियां बनाई हैं, जिससे निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार क्षेत्र चुन सकते हैं और सरकार उन्हें हर संभव सहयोग दे रही है।  हमारे पास हर सेक्टर के लिए नीति: CM योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हमारे पास हर सेक्टर के लिए नीति है. निवेशक यहां आकर निवेश कर सकते हैं. सरकार समय पर इंसेंटिव देती है और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की सुविधा उपलब्ध है. कोई भी निवेशक बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अपने प्रोजेक्ट स्थापित कर सकता है और विकास की गति को तेज करने में योगदान दे सकता है.' सीएम योगी ने कहा कि एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एसेंट-के सर्किट्स (प्राइवेट इंडिया-कोरिया जॉइंट वेंचर) द्वारा किए जा रहे 6,045 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में और अधिक एंकर यूनिट्स की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।  उन्होंने भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया. साथ ही केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को भी उनके मंत्रालय से समय पर मंजूरी दिलाने के लिए धन्यवाद दिया. इस कार्यक्रम में दोनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।  उत्तर प्रदेश देश का MSME हब बना: CM योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हमारा उद्देश्य है कि जिन उत्पादों का आज हम आयात करते हैं, उनका निर्माण भारत में हो और उन्हें दुनिया भर में निर्यात किया जाए. भारत को इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का वैश्विक हब बनना है.' उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले ही 96 लाख से अधिक पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के साथ देश का एमएसएमई हब बन चुका है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य अब भारत का मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन गया है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55-60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हो रहा है।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन 2047 तक भारत को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है और उस दिशा में यात्रा उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से गौतम बुद्ध नगर में, शुरू हो चुकी है. उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों की भागीदारी और उनके नागरिक कर्तव्यों का पालन बेहद आवश्यक होगा।   

नक्सल मुक्त बीजापुर अब विकास की राह पर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोलीं- बदल रही है बस्तर की तस्वीर

रायपुर : नक्सल मुक्त बीजापुर अब विकसित बीजापुर की ओर बढ़ रहा-मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े कैबिनेट मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस-वार्ता में कहा— सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर, सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रायपुर दो दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचीं  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शनिवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त बीजापुर अब विकसित बीजापुर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से अब जिले में विकास का नया दौर शुरू हो चुका है और शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीजापुर वासियों को दी बधाई मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिलेवासियों को सशस्त्र माओवाद से मुक्ति के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे बस्तर अंचल और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियान को बड़ी सफलता मिली है। अब बीजापुर सहित बस्तर संभाग शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। अब विकास की रफ्तार होगी और तेज प्रेस-वार्ता में मंत्री ने कहा कि वर्षों तक माओवादी गतिविधियों के कारण जिले के कई अंदरूनी क्षेत्रों तक विकास कार्य पूरी गति से नहीं पहुंच पाए थे। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और शासन-प्रशासन पूरी क्षमता एवं प्रतिबद्धता के साथ उन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, संचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगी शासन की योजनाएं मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी है। महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की व्यक्ति-मूलक योजनाओं से जिले के अंतिम व्यक्ति को जोड़कर समावेशी विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा, जिससे हर परिवार विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन सके। शांति और विकास साथ-साथ चलेंगे मंत्री ने कहा कि शांति और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। अब जब बीजापुर में शांति का वातावरण स्थापित हुआ है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को और गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का दायरा लगातार बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से बीजापुर आने वाले समय में विकास, सुशासन और जनकल्याण का एक नया उदाहरण बनेगा। सरकार जिले के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता और गंभीरता के साथ कार्य कर रही है।