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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं प्रशासनिक विषयों की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं प्रशासनिक विषयों की समीक्षा की। बैठक में डॉक्टरों की पदोन्नति, मेडिकल ऑफिसर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर अप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करें, जिससे चिकित्सा संस्थानों में प्रशासनिक एवं उपचारात्मक व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने मेडिकल ऑफिसर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा की नवीन स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र सेवा प्रदाय प्रारंभ किया जाये। “टीबी मुक्त भारत” अभियान की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश को टीबी मुक्त बनाने हेतु जनभागीदारी, समय पर जांच एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को टीबी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग एवं पोषण सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग, जागरूकता एवं समय पर उपचार के माध्यम से इस बीमारी के नियंत्रण हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

साइबर ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

भोपाल प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में नर्मदापुरम जिले की थाना बनखेड़ी पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी की वारदात में शामिल दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को झारखंड राज्य के देवघर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा फरियादी के बैंक खाते से 03 लाख 09 हजार 917 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। प्राप्त जानकारी अनुसार फरियादी छोटेलाल कुशवाह पिता हरिसिंह कुशवाह, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम डूमर थाना बनखेड़ी जिला नर्मदापुरम ने 17 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से कुल 03 लाख 09 हजार 917 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत पर थाना बनखेड़ी में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम  साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम 02 मई को झारखंड रवाना हुई। पुलिस टीम ने अत्यंत सूझबूझ एवं गोपनीय तरीके से आरोपियों के निवास क्षेत्र में लगातार चार दिनों तक भेष बदलकर निगरानी की। इसके पश्चात 07 मई को देर रात्रि दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में उमेश दास पिता शंकर दास उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बिल्ली, मधुपुर जिला देवघर (झारखंड) तथा उत्तम कुमार दास पिता मनोज कुमार दास उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गुनियासोल, मधुपुर जिला देवघर (झारखंड) शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड जप्त किए गए हैं। ऐसे देते थे साइबर ठगी को अंजाम प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नागरिकों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करता था, आरोपी उसके मोबाइल की जानकारी प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद आरोपी पीड़ित के मोबाइल नंबर की eSIM तैयार कर लेते थे, जिससे बैंक खाते से जुड़े OTP एवं बैंकिंग अलर्ट सीधे आरोपियों तक पहुंचने लगते थे। इसी तकनीक का उपयोग कर फरियादी के बैंक खाते से अलग-अलग खातों में 03 लाख 09 हजार 917 रुपये ट्रांसफर किए गए। क्या होती है APK फाइल? APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में उपयोग होने वाली एप्लीकेशन फाइल होती है। जिस प्रकार कम्प्यूटर में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के लिए “.EXE” फाइल का उपयोग किया जाता है, उसी प्रकार एंड्रॉयड मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए “.APK” फाइल का उपयोग किया जाता है। सामान्यतः APK फाइल वैध मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए उपयोग होती है, लेकिन साइबर अपराधी इन्हीं APK फाइलों का दुरुपयोग कर फर्जी एवं हानिकारक एप्लीकेशन तैयार कर लोगों के मोबाइल में इंस्टॉल कराते हैं। साइबर अपराधियों द्वारा व्हाट्सएप, सोशल मीडिया लिंक, टेलीग्राम चैनल एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों से APK फाइल भेजी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करता है तथा मांगी गई परमिशन को अनुमति देता है, वैसे ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी अपराधियों की पहुंच में आ जाती है। इसके माध्यम से आरोपी मोबाइल के SMS, OTP, बैंकिंग मैसेज, कॉन्टैक्ट, गैलरी एवं अन्य निजी जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं और बाद में बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एवं साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। नागरिकों के लिए सावधानी एवं सुरक्षा संबंधी सुझाव मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड एवं इंस्टॉल न करें। केवल अधिकृत एप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें। किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें और न ही बैंकिंग संबंधी ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा करें। यदि मोबाइल अचानक बंद हो जाए, नेटवर्क गायब हो जाए अथवा बिना जानकारी के eSIM एक्टिवेट होने का संदेश प्राप्त हो तो तुरंत अपने मोबाइल सेवा प्रदाता एवं बैंक से संपर्क करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा वेबसाइट National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।  

सिंह ने लघु उ‌द्योग निगम के अध्यक्ष का किया पदभार ग्रहण

भोपाल   सत्येंद्र भूषण सिंह ने मध्यप्रदेश लघु उ‌द्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष पद का मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं उ‌द्यम मंत्री  चेतन्य काश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी और विधायक भोपाल दक्षिण पश्चिम  भगवान दास सबनानी सहित पार्टी पदाधिकारी, संगठन के कार्यकर्ता तथा आयुक्त एमएसएमई  दिलीप कुमार उपस्थित थे। अध्यक्ष  सिंह ने नियुक्ति पर प्रदेश शासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लघु उ‌द्योग निगम केवल एक उपक्रम नहीं, बल्कि लाखों कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के सपनों का मंच है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देश के युवा उ‌द्यमियों के लिए जो रोड मैप तैयार किया गया है उस पर संकल्पित होकर निगम को प्रगतिशील बनायेंगे। उन्होंने कहा कि "वोकल फॉर लोकल" को "ग्लोबल फॉर लोकल बनाना और कारीगर से कारोबारी तक जिले में छिपी हुई हुनर को मुख्य बाजार से जोड़ना, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, लघु उ‌द्यमियों के लिए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और लाभप्रद बनाना उनका लक्ष्य है। अध्यक्ष  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास होंगे। 

फ्रांस और भारत के बीच दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी हो रही है लगातार मजबूत : फ्रांस राजदूत मथाउ

भोपाल  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश आज शांति, स्थिरता और औद्योगिक संभावनाओं का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप निवेशक-अनुकूल नीतियां विकसित की हैं, जिससे उद्योगों के लिए भरोसेमंद और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के हृदय स्थल पर स्थित होने के कारण भारत के प्रमुख बाजारों तक सहज और संतुलित पहुंच प्रदान करता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई नेटवर्क अत्यंत सुगम एवं किफायती बनता है। मंत्री  काश्यप ने यह बात कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में इंडो-फ्रेंच कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कही। मंत्री  काश्यप ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। सिंचाई क्षमता में हुए विस्तार से कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को विशेष गति मिली है। मंत्री  काश्यप ने कहा कि कारोबार सुगमता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने देश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है तथा निवेशकों के लिए पारदर्शी और उद्योग समर्थक वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस सहित यूरोपीय देशों के साथ मध्यप्रदेश की औद्योगिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और ऐसे आयोजन वैश्विक निवेश, तकनीकी सहयोग और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश और फ्रांस के बीच यह सहयोग आने वाले समय में और अधिक सशक्त होगा तथा यह साझेदारी औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति के नए अवसर तैयार करेगी। फ्रासं और भारत के बीच दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी हो रही है मजबूत : फ्रांस के राजदूत  मथाउ भारत में फ्रांस के राजदूत  थिएरी मथाउ ने कहा कि इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों और निवेश समर्थक वातावरण के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए नई संभावनाएं निर्मित की हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस और भारत के बीच दीर्घकालिक एवं भरोसेमंद साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है तथा दोनों देश आर्थिक सहयोग, नवाचार और तकनीकी विकास के क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में 700 से अधिक फ्रांसीसी कंपनियां कार्यरत हैं, जो रोजगार सृजन, नवाचार और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, कृषि, अधोसंरचना, रिटेल, जैव विविधता, शिक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में फ्रांस की कंपनियां मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के साथ फ्रांस के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में शिक्षा, पर्यटन, अकादमिक आदान-प्रदान और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग और अधिक विस्तारित होगा। त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और तेज क्रियान्वयन की कार्य संस्कृति : मुख्य सचिव  जैन मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश आधारित औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों पर रणनीतिक रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने बाबई औद्योगिक क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद परियोजना पर कार्य प्रारंभ हुआ और अल्प समय में ही पूरे औद्योगिक क्षेत्र का आवंटन कर 11 इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग सहित कई क्षेत्रों में तेजी से निवेश और विस्तार हो रहा है तथा उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 18 नई क्षेत्रीय नीतियां लागू की गई हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि निवेश प्रक्रियाओं को पूरी तरह सरल और पारदर्शी बनाया गया है तथा फ्रांस की प्रमुख कंपनियों और वैश्विक संस्थाओं की मध्यप्रदेश में लगातार रुचि बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मंडला में महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा परियोजना विकसित की जा रही है तथा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मजबूत अधोसंरचना और निवेश अनुकूल वातावरण : प्रमुख सचिव  सिंह औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के कारण देश के लगभग 50 प्रतिशत उपभोक्ता बाजार तक सहज पहुंच प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, 31 गीगावाट विद्युत क्षमता, प्रचुर जल उपलब्धता, 8 एयरपोर्ट, 5 आर्थिक कॉरिडोर, विस्तृत सड़क नेटवर्क और एक लाख एकड़ से अधिक औद्योगिक भूमि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस के साथ फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, एयरोस्पेस और मेडिकल डिवाइसेस जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश से फ्रांस को लगभग 290 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, फूड इंडस्ट्री अवशेष, एल्युमिनियम उत्पाद और टेक्सटाइल प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो प्रणाली, जीआईएस आधारित भूमि आवंटन, अनुपालन सरलीकरण तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं ने निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना को अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया है। इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की महानिदेशक सु पायल एस. कंवर ने कहा कि मध्यप्रदेश फ्रांसीसी निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ विकास केंद्र है और यह कॉन्क्लेव व्यापार, नवाचार और सतत विकास के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच व्यापारिक संबंधों को और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न राज्यों में निवेश कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं तथा मध्यप्रदेश संस्करण राज्य स्तरीय सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगा। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में आयोजित इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव-2026 में भारत और फ्रांस के बीच औद्योगिक, आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक मंथन हुआ। इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम तथा भारत स्थित फ्रांस दूतावास के सहयोग से आयोजित कॉन्क्लेव में फ्रांस की प्रमुख कंपनियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं तथा शासकीय अधिकारियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय, स्वास्थ्य, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, रक्षा, संचार, सतत विकास, हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण तथा सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। कॉन्क्लेव के पूर्व फ्रेंच डेलिगेशन ने मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण कर प्रदेश की जनजातीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत को देखा। अगले दिन प्रतिनिधिमंडल ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय का भ्रमण … Read more

विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने “VVIP/VIP Security & Protection Course” का आज विशेष शाखा प्रशिक्षण संस्थान, श्यामला हिल्स भोपाल में शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मई से 15 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित मानक प्रक्रियाओं, समन्वय तंत्र, आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही तथा आधुनिक सुरक्षा उपायों के संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। उद्घाटन सत्र में महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस मुख्यालय, इंटेलिजेंस विंग, मुख्यमंत्री सुरक्षा शाखा, बी.डी.डी.एस. टीम, डॉग स्क्वॉड तथा अन्य विशेषज्ञ इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सहभागिता करते हुए विषय विशेषज्ञ के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, समन्वित, प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस)  ए. साई मनोहर, पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलिजेंस) डॉ. आशीष, उप पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा)  तरुण नायक, उप पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलिजेंस)  डी. कल्याण चक्रवर्ती, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) मती आभा तिर्की सहित विशेष शाखा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

वन्यजीव संरक्षण में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग, CM डॉ. यादव के नेतृत्व में नई पहचान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वन और वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई है। राज्य सरकार ने वन्य जीवों के संरक्षण को केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं माना। सरकार ने इसे विकास, पर्यटन, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक सहभागिता से जोड़कर व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरगामी सोच से मध्यप्रदेश आज ‘टाइगर स्टेट’ के साथ ही देश के सबसे व्यापक और वैज्ञानिक वन्य जीव संरक्षण मॉडल के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन है कि प्रदेश के वन और नदियां केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। मध्यप्रदेश के वन देश की कई प्रमुख नदियों का मायका हैं। इस तरह ये वन कई राज्यों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी सोच के साथ राज्य सरकार जलवायु अनुकूल, विज्ञान आधारित और समुदाय केंद्रित वन प्रबंधन मॉडल को आगे बढ़ा रही है। कूनो बना वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन का ग्लोबल प्रयोगशाला श्योपुर का कूनो नेशनल पार्क आज विश्व स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुए ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोत्सवाना से लाई गई मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाया। वर्तमान में कूनो में चीतों की संख्या 57 तक पहुंच चुकी है। एक शताब्दी पूर्व लुप्त हो चुके चीतों की देश में सफल पुनर्स्थापना ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि वैज्ञानिक प्रबंधन और राजनीतिक प्रतिबद्धता के बल पर विलुप्त प्रजातियों का पुनर्वास संभव है। मध्यप्रदेश में चीतों साथ ही लुप्त हो चुकी ‘जंगली भैंसा’ प्रजाति को भी कान्हा की घास-भूमि में आबाद किया जा रहा है। राज्य सरकार अब कूनो को ‘ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही गांधी सागर अभयारण्य को चीतों का दूसरा और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, नौंरादेही को तीसरा बड़ा चीता लैंडस्केप बनाया जा रहा है। नौंरादेही में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा के निर्माण से परियोजना के अगले चरण का शुभारंभ हो चुका है। विलुप्त प्रजातियों की पुनर्स्थापना का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में चीतों के साथ ही कई दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान दिया गया है। कान्हा टाइगर रिजर्व में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाए गए जंगली भैंसों का पुनर्वास इस दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। यह प्रयास केवल एक प्रजाति को पुनर्स्थापित करने तक सीमित नहीं, बल्कि विलुप्त हो रही जैव-विविधता और पारिस्थितकी तंत्र को पुनर्जीवित करने का अभियान है। चंबल, कूनो और नर्मदा क्षेत्र में घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी पहले से ही दुनिया में घड़ियालों की सबसे बड़ी शरणस्थली मानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कूनो नदी में घड़ियाल और कछुओं को छोड़ना तथा ओंकारेश्वर क्षेत्र में नर्मदा नदी में मगरमच्छों का संवर्धन शुरू करना प्रदेश की जलीय जैव विविधता संरक्षण नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिन पर वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, नौंरादेही में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर प्रकृति और जैव विविधता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। उनका मानना है कि वन्य और जलीय जीव पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध संरक्षण में प्रदेश कर रहा देश का नेतृत्व मध्यप्रदेश गिद्ध संरक्षण में देश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। कभी विलुप्ति के कगार पर पहुंचे गिद्धों की संख्या राज्य में अब 14 हजार से अधिक हो चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और वन विहार नेशनल पार्क के सहयोग से भोपाल के केरवा क्षेत्र में घायल गिद्धों के लिए रेस्क्यू सेंटर संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वन विहार में उपचार के बाद 23 फरवरी 2026 को मुक्त किया गया एक गिद्ध पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान तक की लंबी यात्रा पूरी कर चुका है, जिसे संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक माना जा रहा है। नए टाइगर रिजर्व और अभयारण्य से बढ़ा संरक्षण क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में राज्य सरकार ने वन क्षेत्रों के विस्तार और जैव- विविधता संपन्न क्षेत्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। दिसंबर-2024 में रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व के दर्जे के साथ वन एवं वन्य जीव संरक्षण को नया आयाम मिला। यह निर्णय वर्ष 2008 में अनुमति मिलने के बावजूद अब तक लंबित रहा था, इसलिए इसे ऐतिहासिक माना गया। इस टाइगर रिजर्व का नाम विश्व प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पं. विष्णुदेव धर वाकणकर के नाम पर रखा गया। शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व को मार्च-2025 में प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यहां मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए 13 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार भी बनाई गई है। सागर जिले के 258.64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अप्रैल 2025 में ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर वन्यजीव अभयारण्य’ घोषित किया गया। साथ ही ओंकारेश्वर और जहानगढ़ को नए वन्य जीव अभयारण्य के रूप में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। ताप्ती क्षेत्र को अगस्त 2025 में मध्यप्रदेश का पहला कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किया गया, यहाँ टाइगर, तेंदुआ, बायसन और जंगली कुत्तों जैसी दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। हाथी संरक्षण के लिये उठाये गये महत्वपूर्ण कदम राज्य सरकार ने हाथियों के संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक योजना को मंजूरी दी है। राज्य स्तरीय ‘हाथी टास्क फोर्स’ का गठन, ‘हाथी मित्र’ योजना, रेडियो टैगिंग और सोलर फेंसिंग जैसे कदम इस दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मानव-हाथी संघर्ष में जनहानि होने पर मुआवजा राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। साथ ही कर्नाटक, केरल और असम जैसे राज्यों की श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों को अपनाकर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। टाइगर कॉरिडोर और वाइल्ड लाइफ फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर वन्य जीव संरक्षण में अब केवल रिजर्व बनाना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि उनके बीच सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। मध्यप्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच को जोड़ने वाली 5,500 करोड़ … Read more

1.25 करोड़ बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की मिलेगी 36वीं किश्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 13 मई को नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किश्त जारी करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बन चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की परिवार के निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है, पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। करोड़ों महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मध्यप्रदेश में महिला कल्याण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकरात्मक परिवर्तन आए है। नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं को घरेलू खर्चों के प्रबंधन ने अधिक आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक प्रभावी ढंग से खर्च कर पा रही है। योजना से प्राप्त राशि ने अनेक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों, लघु उद्योगों और स्व-रोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिये प्रेरित किया है। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्त्रोत विकसित हुए है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ महिलाओं के परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है और उनकी राय को अधिक महत्व मिलने लगा है। बैंक खातों में सीधे राशि अंतरण की व्यवस्था ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ा है। इससे बहनों में वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।  

कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा

रायपुर   दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

Resolve applications received under the Good Governance Festival with seriousness and sensitivity: Principal Secretary Bora

रायपुर प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव  सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला रहा है, इसलिए इसकी पहचान को बनाए रखते हुए अधिकारी बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागीय समन्वय से दुर्ग जिले के मॉडल जिले के रूप में विकसत करने पर बल दिया।  प्रमुख सचिव  बोरा ने समीक्षा बैठक में कहा कि आमजनों को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिले, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के अंतर्गत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। शुद्ध पेयजल, नाला सफाई और पीएम आवास पर जोर प्रभारी    सचिव  बोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आमजनों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात पूर्व बड़े नालों सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा सैप्टिक टैंक सफाई में एसओपी का पालन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पीएम आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर लोगों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। मनरेगा मजदूरी भुगतान शुरू, श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश बैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले में 14 जनवरी 2026 से लंबित लगभग 30 करोड़ 83 लाख रुपये की मजदूरी राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है और श्रमिकों के खातों में भुगतान शुरू हो गया है। प्रभारी सचिव ने सभी जनपद पंचायत सीईओ और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि वे श्रमिकों से सीधे संपर्क कर मजदूरी भुगतान संबंधी जानकारी साझा करें तथा भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। लखपति दीदी, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस बैठक में बताया गया कि एनआरएलएम के तहत जिले में 78 हजार 411 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 37 हजार महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर को शून्य करने तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने तथा 16 जून तक सभी छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने को कहा। किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज कृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की कार्ययोजना तैयार करने तथा पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंनेे कहा कि किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज का वितरण किया जाए। रासायनिक खाद के कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में एक लाख 46 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही चीचा और बेलौदी क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में घमासान: भाजपा का आरोप- नियमों के खिलाफ हो रही प्रक्रिया

बरनाला  पंजाब में होने जा रहे नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग मिलकर लोकतांत्रिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। भाजपा का यह प्रतिनिधिमंडल पंजाब भाजपा की राज्य कोर कमेटी के सदस्यों और राज्य उपाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में परमपाल कौर, रंजीत सिंह गिल, एन.के. वर्मा और मोहित गर्ग भी शामिल थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं 30 अप्रैल 2026 को एक शेड्यूल जारी किया था, जिसके अनुसार आपत्तियों के निपटारे के लिए 11 मई 2026 और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के लिए 12 मई 2026 की तारीख तय की गई थी। क्यों लगे कानून के उल्लंघन के आरोप? लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई जिलों में इस अवधि के समाप्त होने से पहले ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। भाजपा नेताओं ने कहा कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सरकार ने आश्वासन दिया था कि वार्डबंदी और मतदाता सूची के संबंध में सभी आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। लेकिन बिना किसी सुनवाई के अधिसूचना जारी करना अदालत की अवमानना है। भाजपा ने दावा किया है कि कई वार्डों में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या वहां की कुल जनसंख्या से भी अधिक दिखाई गई है, जो कि एक 'जनसांख्यिकीयअसंभव' बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों के आरक्षण में रोटेशन के नियमों को ताक पर रख दिया गया है। जहां एससी जनसंख्या अधिक है, उन वार्डों की अनदेखी कर कम जनसंख्या वाले वार्डों को आरक्षित कर दिया गया है। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दिखाई जा रही जल्दबाजी विपक्षी दलों को तैयारी का मौका न देने की एक साजिश है ताकि चुनावों की निष्पक्षता को खत्म किया जा सके। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने क्या कहा? भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि चुनाव आयोग ने तुरंत इन अवैध अधिसूचनाओं को वापस नहीं लिया और आपत्तियों का निपटारा नहीं किया, तो पार्टी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और पूरी चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करेगी। उन्होंने मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया को तुरंत स्थगित किया जाए। आपत्तियों के निपटारे के लिए ''स्पीकिंग ऑर्डर'' जारी किए जाएं। मतदाता सूची के संशोधन के बाद उम्मीदवारों के चयन के लिए नया और उचित समय दिया जाए।