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डिंडौरी-उमरिया-शहडोल में बारिश से हाहाकार, बाणसागर के 6 गेट खुलेंगे

डिंडौरी/उमरिया/शहडोल  डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है। बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।   तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा। शिक्षकों का अवकाश नहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जनजीवन प्रभावित इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है। फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है। सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है। डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं। बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं। जल भराव लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है। इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला। उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे … Read more

गंडक-राप्ती समेत कई नदियां उफान पर, यूपी के जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

लखनऊ नेपाल के पहाड़ी इलाकों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बड़ी गंडक, राप्ती, रोहिन, चंदन और व्यास नदियां उफान पर हैं। बारिश के चलते गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और महराजगंज जिले के कई जलभराव वाले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उफनाते नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सीएम योगी ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जरूरत के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो। महाराजगंज के धानी क्षेत्र में रिगौली बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 76.85 मीटर पर पहुंच गया है। सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 78.48 मीटर और ठूठीबारी क्षेत्र में चंदन नदी का जलस्तर 99.65 मीटर दर्ज किया गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार महराजगंज और नेपाल सीमा के सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। उधर, नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार की दोपहर वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 79 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया, जो शाम तक बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा को लेकर कुशीनगर में रेता क्षेत्र के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। छितौनी तटबंध के भैसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे तटबंध पर पुनर्स्थापित किए गए स्परों पर नदी का दबाव सीधे पड़ रहा है। वहीं, छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर दो और भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन पर कटान का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड टीम के साथ तटबंध और संवेदनशील बिंदुओं का निरीक्षण कर रहे हैं। करीब दो हफ्ते तक शांत रहने वाली बड़ी गंडक नदी नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश के बाद एक बार फिर उफान पर आ गई है। लगातार बारिश से उफनाईं नदियां, जलस्तर में बढ़ोतरी शुक्रवार की शाम पांच बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जारी रिपोर्ट के अनुसार गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 29 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने महाराजगंज में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए नदी-नालों से दूरी बनाने की अपील की है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में 53 मिमी और बी-गैप क्षेत्र में 79 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई। 24 घंटे के भीतर नदियों के जलस्तर और डिस्चार्ज में भारी उछाल आया है। वाल्मीकिनगर बैराज का डिस्चार्ज गुरुवार को जहां 56 हजार क्यूसेक था वह शुक्रवार सुबह आठ बजे 79 हजार 700 क्यूसेक, सायं चार बजे बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक व सायं पांच बजे 1.29 लाख क्यूसेक पहुंच गया। गंडक नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश गोरखपुर मंडल में पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं बारिश से सूख रहे खेतों को संजीवनी मिली है, तो कहीं तेज हवा के कारण पककर तैयार धान और खड़ी गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। निचले और चंवर क्षेत्र के खेतों में पानी भरने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। नदी पार क्षेत्र में केले की खेती पर भी मौसम की मार पड़ी है। लगातार बारिश के कारण किसानों के सामने गिरी फसल को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई है। तेज हवा-बारिश से धान और गन्ने की फसलें गिरीं कुशीनगर के सोहसा मठिया प्रतिनिधि के अुनुसार क्षेत्र में बारिश के साथ चली तेज हवा से कई खेतों में गन्ने और धान की फसल गिर गई। वहीं, पानी पहुंचने में दिक्कत वाले खेतों में महंगे डीजल से सिंचाई कर रहे किसानों को बारिश से राहत मिली है। क्षेत्र के सोहसा, कुरमौटा, मंझरिया, नरकटिया, महुई बुजुर्ग, परवरपार, पिपरी, मदरहा आदि गांवों में बारिश से धान की फसल को पानी मिला है। किसान महंथ यादव, जितेंद्र राव, ब्रजेश सिंह, सोमनाथ तिवारी, प्रमोद शर्मा, बबलू मल्ल, शशिकांत ओझा, दिग्विजय शर्मा आदि ने बताया कि बारिश से गन्ने और धान की फसल को पानी मिला है, जिससे फायदा हुआ है, लेकिन तेज हवा के कारण कई खेतों में फसल गिर गई है। इससे फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। बरवा रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में बारिश से धूस भूमि के खेतों में लगी धान की फसल को राहत मिली है, जबकि चंवर और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई है। बरवा रतनपुर, कोहरगड्डी, नौगांवा आदि गांवों में खेतों में पानी लगा है। मेहंदीगंज प्रनिनिधि के अनुसार रामकोला क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से गन्ने की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। दो दिन में 10 एमएम हुई बारिश, ठंडक की दस्तक पश्चिमी बंगाल में उठे चक्रवात लानीलों के चलते जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम में यकायक ठंडक महसूस होने लगी। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आगामी तीन तक रिमझिम बारिश होने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर और शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते तापमान में गिरावट महसूस हुई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि लानीनो के प्रभाव से अगले तीन दिन तक कभी कभार तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश होगी। दो दिन में जिले में 10 एमएम बारिश हुई है। वहीं शुक्रवार को कुशीनगर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। रिमझिम बारिश से किसानों को फायदा हुआ है। तेज हवा चलने पर … Read more

हरियाणा DSP भर्ती में अगला चरण शुरू, 1 अक्टूबर को होगी शारीरिक जांच

 चंडीगढ़ हरियाणा में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के आठ पदों के लिए 183 अभ्यर्थी दौड़ में हैं। मुख्य परीक्षा पास कर चुके इन युवाओं को शारीरिक जांच परीक्षण (पीएमटी) के लिए एक अक्टूबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) मुख्यालय बुलाया गया है। सुबह नौ बजे से पीएमटी शुरू होगा। हरियाणा सिविल सर्विस (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं के 102 पदों के लिए साक्षात्कार तीन से आठ अक्टूबर तक चलेंगे। साक्षात्कार से पहले डीएसपी पद के सभी उम्मीदवारों को पीएमटी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। पात्रता और आयु के आधार पर शार्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि इसके बाद पीएमटी के लिए कोई अन्य तिथि नहीं दी जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी ने आनलाइन आवेदन में डीएसपी पद का विकल्प चुना है, लेकिन उसका रोल नंबर जारी सूची में नहीं है, तो वह भी निर्धारित तिथि और समय पर संबंधित दस्तावेजों के साथ पीएमटी स्थल पर उपस्थित हो सकता है। सभी अभ्यर्थियों को पीएमटी के लिए प्रोविजनल तौर पर बुलाया गया है। उनकी पात्रता का परीक्षण विज्ञापन में निर्धारित शारीरिक मापदंड और आयु संबंधी प्रविधानों के अनुसार किया जाएगा। हरियाणा पुलिस सेवा नियम-2002 के तहत डीएसपी पद के लिए शारीरिक मानक भी आयोग ने स्पष्ट किए हैं। पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम ऊंचाई 5 फुट 7 इंच यानी 170.18 सेंटीमीटर निर्धारित है। पुरुष अभ्यर्थियों की छाती 33 इंच यानी 83.82 सेंटीमीटर तथा फुलाव के बाद 34½ इंच यानी 87.63 सेंटीमीटर होनी चाहिए। नियमों के अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 1½ इंच (3.81 सेंटीमीटर) छाती का फुलाव अनिवार्य है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 5 फुट 2 इंच यानी 157.50 सेंटीमीटर निर्धारित है। महिलाओं के लिए छाती का माप लागू नहीं है। पीएमटी में अनुपस्थित हुए तो चयन से बाहर आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो अभ्यर्थी पीएमटी में अनुपस्थित रहते हैं अथवा विज्ञापन के अनुसार अपात्र पाए जाते हैं, उन्हें इस भर्ती में डीएसपी पद पर नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा। पीएमटी में शामिल होना अपने आप में चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने का अधिकार नहीं देता। यदि किसी चरण में अभ्यर्थी अपात्र पाया जाता है तो उसे चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। आयोग की ओर से इसके लिए किसी अभ्यर्थी को अलग से सूचना नहीं भेजी जाएगी। मूल प्रमाणपत्र और फोटो पहचान पत्र लाना होगा पीएमटी के दिन अभ्यर्थियों को सभी मूल दस्तावेज/प्रमाणपत्र, आनलाइन आवेदन फार्म की प्रति, मुख्य परीक्षा के एडमिट कार्ड की प्रति और मूल फोटो पहचान पत्र साथ लाना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।  

मोहन यादव को धमकी से मचा हड़कंप, भोपाल से उज्जैन तक सुरक्षा कड़ी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बुधवार को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन वाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज भेजा। मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम लिखकर उन्हें जान से खत्म करने की बात कही गई थी। बाद में आरोपित ने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के वाट्सएप नंबर पर यह धमकी भरा मैसेज आया। इसमें लिखा था कि वह मुख्यमंत्री को जान से मार देगा और वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे। मैसेज में मुख्यमंत्री के बारे में अन्य आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत क्राइम ब्रांच पहुंचने के बाद गुरुवार को पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को क्राइम ब्रांच भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार को मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की, जिससे व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन मुंबई में सामने आई। इसके बाद पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को भोपाल ला रही है। यहां उससे धमकी देने के पीछे की वजह, संदेश में किए गए दावों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने धमकी भरे संदेश के स्क्रीनशॉट के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपित मुंबई से गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने वाट्सएप मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस उसे भोपाल ला रही है। यहां उससे पूछताछ कर धमकी भेजने की वजह, मैसेज में किए गए दावों और उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस ने धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशाट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में सुरक्षित रखे हैं। मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश – राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो

बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए आवश्यक निर्देश मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश – राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो जरूरतमंदों तक तत्काल पहुंचाएं सहायता, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें : मुख्यमंत्री आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। मुख्यमंत्री साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोका जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करें।

योगी सरकार का बड़ा कदम, लॉन्च हुआ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ पोर्टल

योगी सरकार ने लॉन्च किया ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ का आधिकारिक पोर्टल 75 जिलों के पारंपरिक स्वाद को मिलेगा वैश्विक मंच, पाक विरासत को पर्यटन, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने की पहल ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने और स्थानीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ (ODOC) के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल www.odoc-up.in का शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल प्रदेश के सभी 75 जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं, स्थानीय व्यंजनों, खाद्य उत्पादों और इससे जुड़े उद्यमियों को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। योगी सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की सोच के अनुरूप तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की खान-पान की विविधता को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यटन, उद्यमिता, रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार से जोड़ना है। इससे प्रदेश के स्थानीय खाद्य उद्यमियों, फूड वेंडर्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। ओडीओपी की सफलता के बाद पाक विरासत को नई पहचान योगी सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश की पारंपरिक पाक विरासत को भी व्यवस्थित पहचान और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट खान-पान परंपरा है। ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, रुहेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पाक विविधता प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। ओडीओसी इन स्थानीय स्वादों को डिजिटल माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का काम करेगा। 75 जिलों के स्वाद की बनेगी डिजिटल पहचान ओडीओसी पोर्टल पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं और व्यंजनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, खाद्य प्रेमी, खरीदार और कारोबारी भी इस मंच के माध्यम से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद से परिचित हो सकेंगे। पोर्टल पर डिस्ट्रिक्ट कुज़ीन, स्टेकहोल्डर डायरेक्टरी, स्कीम्स एंड पॉलिसीज, इवेंट्स, गैलरी, वीडियो, सक्सेस स्टोरीज, प्रोडक्ट वीडियो और प्रोडक्ट डीएसआर जैसे विभिन्न सेक्शन उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से ओडीओसी से जुड़े उद्यमियों और अन्य हितधारकों को एकीकृत डिजिटल मंच प्रदान किया गया है। स्थानीय स्वाद से वैश्विक बाजार तक योगी सरकार का जोर प्रदेश की पारंपरिक क्षमताओं को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने पर है। इसी क्रम में ओडीओसी के तहत पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों के ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। पाक विरासत को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर खाद्य उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है। वहीं पर्यटकों के लिए भी स्थानीय व्यंजन प्रदेश के पर्यटन अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। संस्कृति, पर्यटन और कारोबार का संगम उत्तर प्रदेश की पाक परंपरा यहां के इतिहास, संस्कृति, कृषि, स्थानीय संसाधनों और सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी है। ओडीओसी इसी विरासत को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है। पोर्टल पर उपलब्ध सफलता की कहानियां, उत्पाद संबंधी वीडियो और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी स्थानीय खाद्य उद्यमियों को प्रेरित करने के साथ संभावित खरीदारों और निवेशकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से एक मंच पर आएगी जानकारी www.odoc-up.in को उत्तर प्रदेश की पाक विरासत के लिए एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। पोर्टल पर ओडीओसी से संबंधित जानकारी, गतिविधियां, कार्यक्रम, सफलता की कहानियां और अन्य संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक ज्ञान और खाद्य उद्यमिता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ओडीओपी के बाद ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश के उत्पादों के साथ-साथ उसके स्वाद की भी ब्रांडिंग करने की कोशिश की जा रही है।

क्षति का तुरंत आकलन करें, पीड़ित परिवारों को मिले हरसंभव सहायता: CM

क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश सीएम की आमजन से अपील, आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता मौसम की हर चेतावनी पर होगी त्वरित कार्रवाई, रेड-ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बढ़ाई सतर्कता लखनऊ,  उत्तर प्रदेश प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो। राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक वहीं इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

आजमगढ़ पुलिस ने संवेदनशील मिशन में बचाई दो बच्चियों की जान, मदद के लिए सामने आया पूरा विभाग

आजमगढ़: योगी सरकार की पुलिस की संवेदनशील पहल, अनाथ हुए बच्चों को जिले के सभी पुलिसकर्मी अपने वेतन से देंगे सहायता एसएसपी डॉ. अनिल कुमार एक महीने का और सभी पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन सहायता के रूप में देंगे   आजमगढ़ पुलिस ने संवेदनशील मिशन में बचाई दो बच्चियों की जान, मदद के लिए सामने आया पूरा विभाग डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस के साथ दिखाई संवेदनशीलता लखनऊ/आजमगढ़ योगी सरकार में उत्तर प्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता के साथ उसका मानवीय चेहरा भी सामने आया। आजमगढ़ के बड़े रेस्क्यू मिशन में पुलिस ने करीब 7-8 घंटे चले संवेदनशील ऑपरेशन के बाद दो मासूम बच्चियों की जान बचाई। अब पुलिस परिवार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भी आगे आया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने अपने एक महीने और पुलिसकर्मी ने एक दिन का वेतन बच्चियों के भविष्य के लिए देने का एलान किया है। यह राशि दोनों बच्चियों के नाम एफडी के रूप में जमा कराई जाएगी। वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस की सूझबूझ भरी कार्रवाई और मानवीय पहलू की सराहना की है। शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य में भी सहयोग यूपी पुलिस के मुताबिक, घटना में अरविंद, उनकी पत्नी और 9 वर्षीय पुत्र की मृत्यु के बाद परिवार में वृद्ध माता और दो बच्चियां रह गई हैं। दोनों बच्चियां फिलहाल अपने परिजनों के साथ स्वस्थ और सकुशल हैं। पुलिस उनके शिक्षा और पालन-पोषण में हरसंभव सहयोग कर रही है। घटना से हुए मानसिक आघात को देखते हुए 11 वर्षीय बच्ची के लिए चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से परामर्श और आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था भी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पुलिस के मुताबिक घटना में जान गंवाने वाले धर्मेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के परिजनों को पात्रतानुसार सरकारी सहायता दिलाने के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी से बात की। पुलिस आवश्यक जानकारी और बैंक खातों का विवरण लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सहायता दिलाने में सहयोग करेगी। दोनों परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्रतानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्रतानुसार सहायता दिलाने व वृद्ध माता को वृद्धावस्था पेंशन और अन्य पात्र सदस्यों को संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया गया है। हत्याओं के बाद करीब 8 घंटे तक बच्चों के कैद कर बैठा था अरविंद यूपी पुलिस के मुताबिक 22/23 सितंबर 2026 की रात आजमगढ़ के थाना आहरौला क्षेत्रांतर्गत ग्राम शम्भूपुर में तीन व्यक्तियों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों एवं लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ एक कमरे में बंद हो गया था। बच्चों की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। करीब 7–8 घंटे तक लगातार बातचीत के बाद आरोपी को आत्मसमर्पण करने व बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए कहा गया। इस दौरान आपात स्थिति के लिए एटीएस भी मौके पर मौजूद थी। इसी बीच देर रात कमरे के अंदर गोली चलने की आवाज आई, जिसे सुनते ही बच्चों की जान पर बचाने के लिए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह एवं आरक्षी प्रदीप दरवाजा तोड़कर कमरे में गए। पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दोनों बच्चियों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला। हालांकि 9 वर्षीय शौर्य को उसके पिता द्वारा चलाई गई गोली गई थी। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम एवं बैलिस्टिक रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई कि बच्चे को उसके पिता की रिवॉल्वर से चलाई गई गोली लगी थी। डीजीपी ने की आजमगढ़ पुलिस की सराहना डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस द्वारा दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित बचाने और घटना के बाद प्रभावित परिवारों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस और कुशल फील्ड क्राफ्ट का परिचय देने के साथ प्रभावित परिवारों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई है। पुलिस का दायित्व केवल अपराध पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय में जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर बढ़ने में सहयोग देना भी है।

फिरोजाबाद में युवाओं की गूंज, नीति संवाद में 800 से ज्यादा युवा जुटे

फिरोजाबाद में गूंजी युवाओं की आवाज़, 'युवा नीति संवाद' में 800 से अधिक युवाओं ने की सशक्त भागीदारी – होप संस्था के आयोजन में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर हुआ गहरा मंथन – युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान – मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और राज्य युवा आयोग के जरिए युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर – संवाद में युवाओं ने बेबाकी से रखी राय, कहा- लोकतंत्र में हमारी आवाज़ भी है अहम फिरोजाबाद  'होप संस्था' (हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट) के द्वारा शिकोहाबाद स्थित आराध्या गार्डन में "युवा नीति संवाद- उत्तर प्रदेश (डिकोडिंग द ग्रासरूट्स)" का भव्य आयोजन किया गया। 'चर्चा, विचार-विमर्श और विकास' की थीम पर आधारित इस महासंवाद में 800 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। "ज़मीनी स्तर की बातचीत से एक मज़बूत उत्तर प्रदेश की ओर" की मूल भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नीति, विकास और लोकतांत्रिक चर्चा के केंद्र में लाना था। संवाद के दौरान शिक्षा, रोज़गार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे अहम विषयों पर युवाओं ने अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं पर खुलकर मंथन किया। युवा केवल लाभार्थी नहीं, लोकतंत्र के सक्रिय भागीदार कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवक्ता होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह, हंसराज कॉलेज दिल्ली में प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा, आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह, शिकोहाबाद के पालीवाल कॉलेज में प्रवक्ता डॉ. एमपी सिंह, अधिवक्ता राहुल यादव और पर्यावरणविद् दीपक गौरी ने शिरकत की।वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। विविध सामाजिक- आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं को विभिन्न सरकारी नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही इन योजनाओं के प्रभाव और जमीनी स्तर पर इन्हें लागू करने में आ रही चुनौतियों की पहचान की गई। आयोजकों ने आश्वस्त किया कि इस संवाद से प्राप्त सुझावों को नीति-निर्माण से जुड़े संबंधित मंचों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा ने कहा कि समाज में कोई भी नई क्रांति और रचनात्मकता युवाओं की ही देन है। राजनैतिक जागरूकता के बिना अन्य सभी जागरूकताएं अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका है। सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ उठाकर गांव- देहात के युवा भी यूपीएससी जैसी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में राज्य युवा आयोग की स्थापना की घोषणा की है, जो युवाओं की दिशा बदलने में एक बड़ा कदम साबित होगा। सकारात्मक बदलाव और नीतियों पर संवाद जरूरी होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का सीधा प्रयास उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह की विचारधाराएं हैं- एक सकारात्मक जो अवसर खोजकर निर्माण कर रही है, और दूसरी नकारात्मक जो युवाओं को भटकाकर सड़क पर लाना चाहती है। बदलाव प्रकृति का नियम है। बिना नीतिगत बहस के किसी भी समाधान का निकलना संभव नहीं है। कृषि चौपाल के बाद अब अगले तीन महीनों तक पूरे प्रदेश में युवाओं की बात सरकार तक पहुंचाने का यह अभियान जारी रहेगा। वर्तमान में जिएं और पहले इच्छाशक्ति जगाएं आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज का युवा असमंजस की स्थिति में है। सफलता उसे मिलती है जो भूत या भविष्य को छोड़कर वर्तमान में जीकर मेहनत करता है। उन्होंने युवाओं को 'डिजायर एंड देन डिजर्व' का मंत्र देते हुए कहा कि पहले अपने अंदर लक्ष्य का बीज बोएं, फिर उसके अनुरूप कर्म करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ी सफलता अभाव से ही निकलती है; देश में सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस ग्रामीण और अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से ही आते हैं। युवाओं की बेबाक राय: संवाद से मिला नया मार्ग इस सार्थक पहल पर कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। स्थानीय युवा विशाल यादव ने कहा कि इस संवाद ने ज़मीनी हकीकत और राष्ट्रीय नीतियों के बीच सीधा सेतु बनाने का काम किया है, जिससे हमारी सोच को सही दिशा मिली है। विनय यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम से हमने समझा कि नीतियां कैसे काम करती हैं। आज हमें अपनी शिक्षा और रोजगार से जुड़ी ज़मीनी समस्याओं को खुलकर रखने का एक बेहतरीन मंच मिला। यश यादव ने कहा कि मुझे यहां स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की गहराई से जानकारी मिली। ऐसे संवाद से आगे बढ़ने का सही रास्ता मिलता है। वहीं मयंक यादव ने कहा कि हमेशा हम सिर्फ सुनते थे, लेकिन आज हमें अपनी चुनौतियां बताने का अवसर मिला। यह साबित करता है कि हमारी आवाज़ भी नीति-निर्माण का हिस्सा होनी चाहिए। शीलेंद्र यादव ने कहा कि 'युवा सोच, मज़बूत लोकतंत्र' का नारा आज सच होता दिखा। लोकतंत्र में हमारी भागीदारी सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, नीतियों पर चर्चा करना भी उतना ही जरूरी है। कार्यक्रम में मंच संचालन आशुतोष यादव, हिमांशु द्विवेदी ने किया। उत्सव कुमार राय, नयन, आर्यन आदि का सफल आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

इंटरनेशनल ट्रेड शो की सुरक्षा चाक-चौबंद, 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात

सुरक्षा पर योगी सरकार का पूरा फोकस, अभेद्य दुर्ग बना इंटरनेशनल ट्रेड शो पीएसी की सात कंपनियां और 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी के आगमन पर सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम रूट, हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल के साथ आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर भी सख्त पहरा आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन और ट्रैफिक व्यवस्था तक रही सक्रिय ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर और उसके आसपास सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बना रहा। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की सात कंपनियां तैनात रहीं। रूट से लेकर हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल तक पुलिस की नजर रही। आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन, एंटी-डेमो और ट्रैफिक व्यवस्था तक सुरक्षा का पूरा तंत्र सक्रिय रहा। यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित हो रहा है, जिसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाहर से भीतर तक सुरक्षा की कई परतें ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा व्यवस्था की पहली परत आउटर कॉर्डन रही। इसके तहत कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों के साथ रिंग रोड, अंडरपास, वेंडिंग जोन और मेट्रो स्टेशन जैसे स्थानों पर पुलिस की ड्यूटी रही। हाईराइज इमारतों पर रूफटॉप निगरानी के साथ मॉल, ओवरब्रिज पर भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले प्रमुख रास्तों और ऊंची जगहों पर पुलिस की नजर रही। प्रवेश द्वार से हॉल तक कड़ा पहरा सुरक्षा की दूसरी परत इनर कॉर्डन रही। इसके तहत इंटरनेशनल ट्रेड शो के आंतरिक प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल को सुरक्षा घेरे में रखा गया। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष पुलिस ड्यूटी रही। कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी गई। हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल अलग सुरक्षा घेरे में आइसोलेशन कॉर्डन के तहत हेलीपैड और मुख्य कार्यक्रम स्थल को अलग सुरक्षा घेरे में रखा गया। यहां आवागमन और प्रवेश व्यवस्था की निगरानी के साथ सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। इस तरह वीआईपी मूवमेंट वाले प्रमुख हिस्सों को सुरक्षा की अलग परत में रखा गया। बॉर्डर चेकिंग से एंटी-ड्रोन तक रही निगरानी जिला स्तरीय आंतरिक सुरक्षा प्लान के तहत बॉर्डर चेकिंग, रूट ड्यूटी, रूफटॉप निगरानी और एंटी-ड्रोन ड्यूटी भी रही। किसी संभावित प्रदर्शन या व्यवधान से निपटने के लिए एंटी-डेमो टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई। वहीं वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी सुरक्षा प्लान के साथ सक्रिय रही। परी चौक से सेक्टर-14 तक एंटी-डेमो टीमें एंटी-डेमो व्यवस्था के तहत परी चौक, सूरजपुर, महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-14 समेत चिन्हित स्थानों पर टीमों की ड्यूटी रही। इन टीमों को किसी संभावित प्रदर्शन या अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल पुलिस प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की भी व्यवस्था सुरक्षा प्लान में सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की व्यवस्था भी शामिल रही। आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित व्यवस्थाएं रहीं। ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले हर संभावित रास्ते और ऊंची जगहों पर सुरक्षा कड़ी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था का फोकस केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और वीआईपी मूवमेंट वाले मार्गों तक इसका विस्तार रहा। यूपीआईटीएस जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन भी अहम रहा। योगी सरकार की ओर से आयोजन से पहले सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किया गया।