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झारखंड वोटर लिस्ट SIR: 30 सितंबर तक करें दावा-आपत्ति, जानें कौन सा फॉर्म भरें

रांची झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज कराने, नाम विलोपित कराने, प्रविष्टियों में सुधार अथवा स्थानांतरण के लिए अब सिर्फ सात दिन शेष है. दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने पात्र भारतीय नागरिकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और निर्धारित समय के भीतर संबंधित प्रपत्र जमा करने की अपील की है. ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरें रविकुमार ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र 30 सितंबर तक इसीआइनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ के सहयोग से जमा करें, उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ऐसे युवाओं को समय रहते मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिये आवेदन करना चाहिए, जो पात्र होने के बावजूद ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है. फॉर्म-7 पर जांच और सुनवाई के बाद ही होगा फैसला मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच एवं सुनवाई के बाद ही निर्णय लिया जायेगा. केवल फॉर्म 7 जमा कर देने मात्र से किसी मतदाता का नाम स्वतः विलीपित नहीं होगा. वहीं, मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधारअथवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है. राजनीतिक दलों और बीएलए से सहयोग की अपील रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ तथा निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों को समय-सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए जागरूक करें. नागरिक अपने नाम और अन्य विवरण की जांच कर लें तथा आवश्यकता होने पर संबंधित प्रपत्र 30 सितंबर से पहले जमा कर दें. इसके बाद दावा-आपत्ति के लिए अतिरिक्त समय नहीं बढ़ाया जा सकेगा.

पंजाब की 69 ट्रेनें प्रभावित, 27 सितंबर तक असर

जालंधर. अगर आप अगले दो-तीन दिनों में ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या किसी सफर पर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद, डायवर्ट या लेट हो सकती है। रेलवे प्रशासन द्वारा साहनेवाल-अमृतसर रेल सेक्शन में लूप लाइन के निर्माण कार्य को लेकर तीन दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस वजह से 25 सितंबर से 27 सितंबर तक कुल 69 रेल गाड़ियों का आवागमन प्रभावित रहेगा। रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। वैकल्पिक साधनों का उपयोग रेलवे डिवीजन फिरोजपुर की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार ट्रेन नंबर 74686 भगतांवाला–पट्टी तथा ट्रेन नंबर 74685 खेमकरण–पट्टी–भगतांवाला की सेवा 27 सितम्बर तक रद्द रहेगी। इस मौके पर रेलवे स्टेशन मास्टर पट्टी अरुण कुमार ने बताया कि रेलवे द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि उक्त अवधि के दौरान अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस जानकारी को ध्यान में रखें कि ट्रेन सेवाएं बंद होने के कारण इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि पट्टी-खेमकरन रेल यात्रियों के लिए अहम सूचना है कि रेल सेवा 7 दिनों तक बंद रहेगी और पट्टी रूट पर दो ट्रेनें 21 से 27 सितंबर तक कैंसिल कर दी गई हैं। रेलवे विभाग ने यात्रियों को सूचित किया है कि वे ऊपर बताई गई तारीखों में इन ट्रेनों में यात्रा करने की योजना न बनाएं और अपनी यात्रा के लिए दूसरे उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करें। 

दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री शुक्रवार को मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती  मुख्यमंत्री ने 'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर किया पुष्पार्चन उपाध्याय जी का चिंतन आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री लखनऊ  'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती शुक्रवार को मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की।  मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।

गोरखपुर में 65 करोड़ से तैयार ज्ञान-विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला, उद्घाटन की तैयारी तेज

गोरखपुर  महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार का काम पूरा होने के बाद अब उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नक्षत्रशाला के उद्घाटन की तैयारी है। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री नक्षत्रशाला का पहला शो भी देखेंगे। इससे पहले गुरुवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने दोनों परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और निर्माण में लगी तीनों फर्मों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में सभी कार्य पूरे होने चाहिए, गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 18.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मंत्री ने प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक-सचिव रमेश चंद्र के साथ पार्क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने एन्सिएंट इंडियन साइंस गैलरी, इनोवेशन लैब, फन साइंस और स्पेस साइंस गैलरी के निर्माण की प्रगति देखी। इसके अलावा आउटडोर साइंस माडल, एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, पाथवे, ओपन एयर थिएटर, बस पार्किंग और डायनोटोरियम के माडल स्थापना कार्य का भी जायजा लिया। मंत्री ने एस्ट्रोनामी एंड इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी तथा एल्युमिनियम डोम की स्थापना की प्रगति भी देखी। कहा कि पार्क में इंटरैक्टिव साइंस माडल और आधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया है। 46.88 करोड़ से नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर 46.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के बाद मंत्री ने जीडीए और निर्माण में लगी मेसर्स चंद्र इवेंट्स एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज तथा मेसर्स इंफोविजन टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। शेष कार्यों की समीक्षा करते हुए समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि आधुनिकीकृत नक्षत्रशाला में खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान को नई तकनीक के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

8 करोड़ बकाया पर बिजली विभाग की कार्रवाई, कुम्हारी नपा के कनेक्शन काटे

भिलाई नगर. कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र में विद्युत विभाग ने 8 करोड़ बकाया बिल के चलते कार्रवाई करते हुए लगभग 20 प्रमुख स्थानों का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली कटने की वजह से शहर में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और खेल गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान कुम्हारी नगर पालिका पर विद्युत विभाग का बकाया बिल लगभग 5 करोड़ रुपये था। समय पर भुगतान न होने और बकाया राशि जमा न किए जाने के कारण यह राशि बढ़कर अब लगभग 8 करोड़ रुपये हो चुकी है। विद्युत विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान न किए जाने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए 23 सितंबर को बिजली काटने की कार्रवाई की है। बिजली कनेक्शन काटे जाने का सीधा असर स्थानीय युवाओं पर पड़ा है। अटल परिसर तथा बैडमिंटन कोर्ट का बिजली कनेक्शन काट दिए जाने के कारण यहां रोजाना बैडमिंटन खेलने और अभ्यास करने आने वाले दर्जनों युवा साथी खेल सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। वहीं कुम्हारी के सबसे प्रमुख स्थानों में से एक, स्टेशन चौक स्थित ओवरब्रिज के नीचे पूरी तरह से अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे रात के समय आवाजाही करने वाले लोगों को दुर्घटना और सुरक्षा का भय सताता रहता है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइटें भी पिछले कई महीनों से बंद पड़ी हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा असर: बिजली विभाग की इस कार्रवाई की गाज शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी गिरी है। कुम्हारी के सभी सार्वजनिक शौचालयों, पंप हाउसों और अन्य लगभग 20 महत्वपूर्ण स्थानों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। पंप हाउस बंद होने से कई वार्डों में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने कहा है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन   मुख्यमंत्री बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है   यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी   टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड: मुख्यमंत्री योगी   यूपी के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया को भरोसा: मुख्यमंत्री योगी   79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन: मुख्यमंत्री योगी   90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना    ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।   अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया।    गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।   उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।   79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।   छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।   एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल … Read more

उज्जैन विकास के लिए CM यादव का मकान भी आएगा जद में

उज्जैन   सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। विस्तारीकरण मार्ग में आड़े आ रहे मकानों को तोड़ा जा रहा है। इस जद में सीएम मोहन यादव का भी मकान आ गया है। उनके पैतृक मकान का कुछ हिस्सा टूटेगा। इसके साथ ही उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी इस जद में है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा तक चौड़ीकरण दरअसल, उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण होना है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है इसे 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इसमें सीएम मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है। मध्यप्रदेश में सिंहस्थ महाकुम्भ 2028 की तैयारी के सिलसिले में उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। अब इस काम की जद में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनकी बड़ी बहन व निगम सभापति कलावती यादव का पैतृक मकान का भी आ गया है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने उनके मकानों की नप्ती कर लाल निशान लगा दिए हैं। उधर सीएम के परिजन भी शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं। बता दें कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ महाकुम्भ को देखते हुए उज्जैन की प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसमे इंदौर रोड सहित कई स्थानों पर पुल के निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं शहर के भीतर करीब 62 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शहर के सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्सन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा हैं। इसी के तहत शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर करीब 29 किमी लंबे घाट भी विकसित किए जा रहे है। 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना बाकी इसके साथ ही उज्जैन में कई मंदिरों व मस्जिदों सहित कई धर्म स्थलों के कुछ हिस्सों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, इसमे कंठाल, तेलीवाड़ा, सर्राफा, पाटनी बाजार जैसे कुछ इलाकों में सड़कों का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। अब खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है। सीएम के घर पर लगाए लाल निशान नगर निगम की टीम ने प्रभावित मकानों की नपती कर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं। दादा ने बनवाया था मकान बताया जा रहा है कि सीएम मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। अब यहां नहीं रहता है कोई हालांकि इस घर में अभी कोई नहीं रह रहा है। परिवार के सदस्य दूसरी जगह रहते हैं। लेकिन उनका आना-जाना लगा रहता है। नगर निगम की कार्रवाई को लेकर परिवार को कोई एतराज नहीं है। निगम ने लाल निशान लगा दिए हैं, जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोग सहयोग भी कर रहे है। सिंहस्थ के लिए पूरे शहर में बदल रहा यातायात ढांचा सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में केवल इस 730 मीटर मार्ग पर ही काम नहीं हो रहा है। शहर के कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और यातायात ढांचे में सुधार की योजनाएं चल रही हैं। अगस्त में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया था और अधिकारियों को निर्माण कार्य समय सीमा तथा गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित हिस्से हटाने में दिए जा रहे सहयोग का भी उल्लेख किया था। कंठाल, सती गेट, गोपाल मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी चौड़ीकरण तथा यातायात सुधार से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पुराने शहर और नए शहर के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और सिंहस्थ के दौरान यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना है। सिंहस्थ के दौरान क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग? उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक नगरों में शामिल है और महाकाल मंदिर के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सिंहस्थ के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में शहर के पुराने हिस्से की संकरी सड़कें, बाजार क्षेत्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले इलाके यातायात प्रबंधन के लिहाज से चुनौती बन जाते हैं। सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है। चौड़े मार्ग से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, पैदल यात्रियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण को केवल सिंहस्थ के कुछ महीनों की जरूरत के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसलिए शहर में किए जा रहे … Read more

यूपी में कला-संस्कृति का महाआयोजन, अयोध्या से वाराणसी तक जुटेंगे कलाकार

लखनऊ प्रदेश में कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए पर्यटन व संस्कृति विभाग की ओर से अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन बड़े कला आयोजन होंगे। अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में देश की लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों और वाराणसी में गंगा-काशी की विरासत को कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। इन आयोजनों में देशभर के वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकार और कला विद्यार्थी भी हिस्सा लेंगे। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी और गुप्तार घाट पर राम, रामायण और अयोध्या राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी। इसमें 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यशाला में राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक परंपरा को कला के माध्यम से समझने और प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा। लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से लोकधारा लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधक हिस्सा लेंगे। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी शिविर में शामिल होंगे। शिविर में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी कला शैलियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। वाराणसी में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में गंगा तट पर चार दिवसीय काशी फ्लो अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी। इसका आयोजन गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।

संस्कृति विभाग ने राज्य सम्मान 2026 के लिए आमंत्रित की प्रविष्टियां

संस्कृति विभाग ने राज्य सम्मान 2026 के लिए आमंत्रित की प्रविष्टियां साहित्य, लोककला, संगीत, नृत्य, सिनेमा और रंगकर्म सहित 13 क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान, 5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेज सकेंगे आवेदन रायपुर  संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न कला, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रदान किए जाने वाले राज्य सम्मान 2026 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। विभाग द्वारा स्थापित 12 राज्य स्तरीय सम्मान एवं 1 राष्ट्रीय सम्मान के लिए निर्धारित प्रारूप में 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित प्रतिभाओं को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘राज्योत्सव 2026’ के राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। राज्य सम्मान के लिए इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन में आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि एवं आयु के साथ प्रस्तावक का विवरण तथा आवेदक की उपलब्धियों का संक्षिप्त ब्यौरा देना होगा। आवेदक द्वारा पूर्व में प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करनी होगी। इसमें अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों का विवरण शामिल किया जाना है। शासकीय सेवा में कार्यरत आवेदकों को सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति पत्र संलग्न करने का प्रावधान भी रखा गया है। सम्मान की नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप विभागीय वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध है। 13 प्रमुख क्षेत्रों में मिलेगा सम्मान संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 के लिए विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया जाएगा। पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में, दाऊ मंदराजी सम्मान लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में तथा चक्रधर सम्मान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार लोक नृत्य के क्षेत्र में तथा लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में दिया जाएगा। हबीब तनवीर सम्मान समकालीन रंगकर्म के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषाओं के नाटक शामिल हैं। इसी क्रम में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार पंथी नृत्य के क्षेत्र में, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में और खुमान साव सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। सिनेमा के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को सम्मान किशोर साहू सम्मान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय एवं पटकथा निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। वहीं किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान देश के बाहर रहकर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अप्रवासी भारतीयों को प्रदान किया जाएगा। डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाएगा। दीर्घ साधना और उपलब्धियों के आधार पर होगा चयन संबंधित क्षेत्रों में उपलब्धि, योगदान एवं दीर्घ साधना को ध्यान में रखते हुए पात्र प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभाओं को ‘राज्योत्सव 2026’ के राज्य अलंकरण समारोह में राज्य सम्मान से विभूषित किया जाएगा। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, रंगमंच एवं सिनेमा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। 5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेजें आवेदन संस्कृति विभाग ने संबंधित क्षेत्र के पात्र कलाकारों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कर्मियों एवं अन्य प्रतिभाओं से निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां 5 अक्टूबर 2026 तक पंजीकृत डाक से भेजने का आग्रह किया है। आवेदन इस पते पर भेजे जा सकते हैं: संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा द्वितीय तल, व्यावसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों एवं उपलब्धियों के विवरण के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजना होगा। सम्मान से संबंधित विस्तृत जानकारी, नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप संस्कृति विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध है।

जल जीवन मिशन की समीक्षा, लापरवाही करने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई

रांची पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने गुरुवार को देवघर में संताल परगना प्रमंडल के छह जिलों, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, जामताड़ा और पाकुड़ में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। पेयजल योजनाओं तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए सचिव ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को टोल फ्री नंबर हमेशा एक्टिव रखने का निर्देश दिया। खनन और बालू उठाव पर पूर्ण रूप से रोक सचिव ने कहा कि पेयजल योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई होगी। विभागीय सचिव अबू इमरान ने जल जीवन मिशन के तहत दो अक्टूबर को जल अर्पण दिवस के रूप में मनाने और सभी पूर्ण हो चुकी योजनाओं के लिए हर घर जल सर्टिफिकेशन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। जल स्रोतों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने इंटेकवेल के आसपास किसी भी प्रकार के खनन और बालू उठाव पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। समीक्षा बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई। सचिव ने शौचालय निर्माण एवं उनकी स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश भी दिया।