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बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी

नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी अन्नदाता को 'आरोग्यदाता' बनाएगी योगी सरकार लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है। इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है। बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस 'कम लागत, ज्यादा लाभ' वाले कृषि मॉडल पर है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।

महाकाल मंदिर आरती बुकिंग गाइड: कितना देना होगा, कब है संध्या और शयन आरती

उज्जैन  उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इसी वजह से यह हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और श्रद्धालु इनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. यहां पर रोज होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जो जीवन और मृत्यु को दर्शाती है. अब उज्जैन के महाकाल मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है. इसको लेकर खास जानकारी सामने आई है. उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है. ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो. कौन-सी वेबसाइट से होगी सकेगी बुकिंग अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा. ऐसी रहेगी व्यवस्था अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी। दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है। ऐसा रहेगा प्रवेश का समय संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा, जबकि शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा। दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें। इसलिए बदली गई व्यवस्था मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें। यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे वे आसानी से आरतियों की बुकिंग कर सकेंगे और भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। क्या है बुकिंग करने का समय 1)संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी. 2)शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से शुरू होगी. महाकालेश्वर मंदिर में आरती की ऑनलाइन बुकिंग श्रद्धालुओं को आरती के लिए देना होगा इतना पैसा दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है. बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी. दोनों आरतियों के लिए भक्तगणों को प्रवेश द्वार क्रमांक एक से मिलेगा. दोनों आरतियों के लिए क्या है प्रवेश का अंतिम समय 1)संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा. 2)शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा. दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें. मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है. शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए महाकालेश्वर मंदिर समिति पहले से ही श्रद्धालुओं से भस्मारती के ऑनलाइन प्रवेश के लिए 200 रुपए और शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए शुल्क ले रही है। इसके अलावा विभिन्न पूजन विधियों के लिए अलग से राशि ली जाती है। मंदिर में रोज लगभग 1200 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन भस्मारती प्रवेश दिया जाता है। मंदिर में सामान्य कतार के अलावा वीआईपी लाइन से दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से 250 रुपए देकर रसीद लेकर दर्शन किए जा सकते हैं। गर्भगृह प्रवेश अब भी बंद पहले श्रद्धालु 1500 रुपए शुल्क देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकते थे, लेकिन 4 जुलाई 2023 को सावन की भीड़ के कारण इसे 11 सितंबर 2023 तक अस्थायी रूप से बंद किया गया था। उस समय आश्वासन दिया गया था कि सावन के बाद गर्भगृह फिर खोल दिया जाएगा, लेकिन ढाई साल बाद भी आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश शुरू नहीं हुआ है।

स्वच्छता सर्वे में करनाल अव्वल और हिसार-रोहतक ने भी दिखाई मजबूती

हिसार. प्रदेश में स्वच्छता की स्थिति को परखने के लिए कराए गए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे ने शहरी निकायों की तस्वीर को आईने की तरह सामने रख दिया है। दो दिवसीय सर्वे में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के आठ अहम पैमानों पर 23 शहरी स्थानीय निकायों का मूल्यांकन किया गया। करनाल ने 7.5 अंक हासिल कर स्वच्छता की दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं हिसार और रोहतक 7-7 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर रहे। सर्वे में सात निकायों की स्थिति गुड श्रेणी में रही, जबकि कई शहर औसत और नीड अटेंशन की श्रेणी में पाए गए। यह रिपोर्ट आने वाले समय में स्वच्छता की बेहतर योजना और मजबूत क्रियान्वयन की दिशा तय करने का आधार बनेगी। स्वच्छता की कसौटी पर हिसार–रोहतक की साझा चमक एसडब्ल्यूएम रैपिड फीडबैक सर्वे में शहरी निकायों की तस्वीर साफ हुई है। स्वच्छता के मैदान में इस बार करनाल ने सबसे आगे निकलते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे में 10 में से 7.5 अंक पाकर करनाल ने बाजी मारी, जबकि हिसार और रोहतक 7–7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर रहे। प्रदेश सरकार की ओर से 11–12 फरवरी 2026 को हुए इस दो दिवसीय सर्वे में कुल 23 शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) शामिल की। सर्वे का उद्देश्य: आगामी स्वच्छता की योजना की नींव इस रैपिड फीडबैक सर्वे का उद्देश्य केवल अंक बांटना नहीं, बल्कि स्वच्छता की वास्तविक स्थिति को समझकर आगे की ठोस योजना बनाना है। विशेषकर बाजारों, सार्वजनिक शौचालयों, बस स्टैंडों और शहर की समग्र सफाई व्यवस्था को परखते हुए आठ प्रमुख मानकों पर आकलन किया गया। आठ कसौटियां, जिन पर परखी गई स्वच्छता दृश्यमान सफाई कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कचरा प्रोसेसिंग व निपटान शौचालयों तक पहुंच और उपयोग जल निकासी प्रबंधन सफाई कर्मियों के वेलफेयर कार्य आईईसी (सूचना–शिक्षा–संचार) व जन-जागरूकता यूएलबी नेतृत्व व निगरानी शीर्ष, मध्य और निचले पायदान की तस्वीर प्रथम: करनाल — 7.5 अंक द्वितीय: हिसार, रोहतक — 7–7 अंक तृतीय: अंबाला सिटी, कैथल, पंचकूला, भिवानी — 6.5–6.5 अंक ये रहे नीचले पायदान पर सबसे नीचे नूंह मेवात 0.5 अंक नीचे से दूसरे स्थान पर चरखी दादरी 2.5 अंक नीचे तृतीय स्थान पर हांसी 3.5 अंक 10 में से किस कैटेगरी में किस निकाय को मिले कितने अंक गुड : करनाल 7.5, रोहतक-7, हिसार-7, अंबाला सिटी-6.5, कैथल-6.5, पंचकुला 6.5 और भिवानी 6.5 मध्यम: एवरेज : जींद-6, पानीपत-6, यमुनानगर-6, सोनीपत-6, रेवाड़ी-6, थानेसर-6, फतेहाबाद-5.5, सिरसा-5.5, झज्जर-5 नीचे पायदान: नीड अटेंशन : नारनौल-4.5, फरीदाबाद-4.5, गुरुग्राम-4.5, पलवल-4, हांसी-3.5, चरखीदादरी-2.5 और नूंह मेवात-0.5 प्रदेश की 23 यूएलबी में हुए सर्वे में आठ मानकों पर हिसार का दूसरा स्थान उत्साहवर्धक है। स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का यह परिणाम है। शहर की स्वच्छता और बेहतर हो इसके लिए नगर निगम प्रशासन कार्य कर रहा है। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार     निगमायुक्त नीरज के दिशा-निर्देशों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर निरंतर मानिटरिंग तक, हर स्तर पर काम हुआ है। दो दिवसीय सर्वे में दूसरा स्थान अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वच्छता में किए कार्य की मुहर है। मेरी आमजन से अपील है कि वे स्वच्छता में बढ़चढ़ कर अपनी भूमिका निभाएं। सभी के प्रयास से हरियाणा प्रदेश साफ, स्वच्छ और सुंदर होगा। – प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार

राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का बढता हाल, 24 घंटे में दर्ज हुए 29 केस, करोड़ों का नुकसान

भोपाल  पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद सायबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। राजधानी के 11 थानों में चौबीस घंटों के भीतर ठगी के कुल 29 अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें सायबर जालसाजों ने लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। ज्यादातर ठगी शेयर मार्केट में निवेश, नौकरी और मुनाफा कमाने का लालच, बिजली बिल कनेक्शन काटने के नाम पर की गई है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर की गई शिकायतों के बाद अब थानों में प्रकरण दर्ज होना शुरू हो गया है।  दरअसल सायबर ठगी की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 जारी किया गया था। इस नंबर पर प्रदेशभर से सैकड़ों शिकायतें की गई थीं, जो काफी समय से संबित थीं। पिछले दिनों यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्रालय तक पहुंची तो मंत्रालय ने संबंधित थानों में केस रजिस्टर्ड कराकर जांच कराने के निर्देश दिए। राज्य सायबर सेल के पास इस प्रकार की शिकायतें भेजी गई थी, जिसमें अकेले भोपाल में ही सवा सौ से ज्यादा शिकायतें सामने आई। इन्हीं शिकायतों को थानों में भेजा गया, जहां असल कायमी जांच शुरू की गई है। बीते चौबीस घंटे के दौरान बागसेवनिया और अशोका गार्डन थाने में 5-5 और मिसरोद तथा अवधपुरी में 4-4 शिकायतें पहुंची। इसके अलावा ऐशबाग, हबीबगंज, निशातपुरा और गांधी नगर में एक-एक शिकायत दर्ज हुई। इसी प्रकार कमला नगर, पिपलानी में दो-दो और कोलार में तीन अपराध दर्ज किए गए हैं। टॉस्क देकर लगाई 50.98 लाख की चपत बागसेवनिया थानांतर्गत साकेत नगर में रहने वाले राजेश जैन को अज्ञात व्यक्ति ने वांट्सएफ ग्रुप पर जोड़ा, जहां लोग पैसों का निवेश कर होने वाले मुनाफे का स्क्रीन शॉट डालते थे। कई दिनों तक नज़र अंदाज़ करने के बाद उन्हें लगा कि यह फायदे का सौदा है, इसलिए वह भी निवेश करने लगे। पहले तो उन्हें मुनाफा दिखाई दिया, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो 35 लाख रुपए का टैक्स मांगा जाने लगा। इस प्रकार राजेश ने जालसाजों के बताए एकाउंट में 50 लाख 98 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कर दी, लेकिन यह रुपये वापस नहीं मिले। ऐप डाउनलोड कराकर निकाले 2.12 लाख बागसेवनिया थानांतर्गत नारायण नगर में रहने वाले प्रेमचंद जैन के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि आपका कंज्यूमर नंबर चेंज हो रहा है। इसके लिए जालसाज ने उन्हें एमपीईबी इलेक्ट्रीसिटी हेड आफिस भोपाल का एप डाउनलोड करके उसमें 12 रुपए का भुगतान करने का बोला। प्रेमचंद ने जैसे ही ऐप डाउनलोज किया, वैसे ही उनके एकाउंट से 1 लाख 13 हजार रुपये कट गए। उन्होंने फोन करने वाले से इसकी शिकायत की तो बताया कि साफ्टवेयर अपडेट हो रहा, कुछ देर बाद पैसे वापस लौट आएंगे। उसके बाद उनके दूसरे एकाउंट से भी पैसे कट गए। इस पर जालसाजों ने कुल 2 लाख 12 हजार रुपये चपत लगा दी। दूसरे व्यक्ति को लगाई 3.66 लाख की चपत मूलत: औबेदुल्लागंज निवासी नंद किशोर यादव यहां रजत विहार कालोनी के पास मोहिनी मुस्कान गार्डन में रहते हैं। दिसंबर महीने में एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो काल किया और बताया कि वह गोविंदपुरा बिजली कार्यालय से बोल रहा है। उसने मकान नंबर बताते के साथ ही कहा कि उनका कंज्यूमर नंबर अपडेट होने का आज आखिरी दिन है। उसने यह भी बताया कि शाम तक आईडी अपडेट नहीं हुई तो बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नंद किसोर ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं, इसलिए उसने 12 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करने का बोला। नंद किशोर ने जैसे ही उसे रुपये ट्रांसफर किए, वैसे ही अलग-अलग समय में कुल 3.66 लाख रुपए कट गए। क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये बागसेवनिया पुलिस ने अगली रिपोर्ट राकेश कुशवाहा की शिकायत पर दर्ज की है। पिपलिया पेंदे खां में रहने वाले राकेश कुशवाहा के पास एक व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बनकर फोन किया और कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। उसके जालसाज ने एक ऐप डाउनलोड करवाया और क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 3 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार भाजपा कार्यालय के पास एनसीसी कंपनी में काम करने वाले राजा गोपाल रेड्डी के क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर जालसाज ने दो बार में 1 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार के शहर के दस अन्य थानों में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में जालसाजों ने लाखों रुपये की चपत लोगों को लगाई है। 

बम धमकी से हड़कंप: पंजाब सचिवालय में ईमेल आते ही सुरक्षाबलों ने लिया अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. एहतियातन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी गई है. धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी. इस में ईमेल सचिवालय परिसर में विस्फोट करने की बात लिखी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए. एहतियातन पूरे सचिवालय परिसर को खाली कराया गया और कर्मचारियों तथा आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया. जानकारी के मुताबिक संबंधित विभाग को एक ईमेल प्राप्त हुआ इसमें सचिवालय में बम धमाके की चेतावनी दी गई थी. ईमेल में समय का भी बताया गया था, इससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई. पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर इलाके की घेराबंदी कर दी और सभी एंट्री और एग्जिट गेटों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन जारी     धमकी के बाद पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं. सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय के हर हिस्से की गहन जांच शुरू कर दी. पार्किंग एरिया, दफ्तरों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों को विशेष उपकरणों की मदद से खंगाला जा रहा है. संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है. फिलहाल किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है.     पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर पंजाब सचिवालय और 3 बजकर 11 मिनट पर चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में ब्लास्ट होने की बात लिखी गई थी. इसी कारण कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही सामान्य कामकाज बहाल किया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें. क्या है अब तक की जांच की स्थिति? जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा ले रही हैं. शुरुआती जांच में ईमेल के स्रोत और सर्वर की जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने तुरंत क्या कदम उठाए? सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया. सचिवालय परिसर को खाली कराया गया, बैरिकेडिंग की गई और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. साथ ही चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में भी अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई. क्या कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिली? अब तक की जांच में किसी भी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की बारीकी से जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने तक हाई अलर्ट जारी रहेगा.

CM भगवंत मान चार दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान को मोहाली के एक निजी अस्पताल से गुरुवार सुबह छुट्टी दे दी गई। वे रविवार से अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से छुट्टी के बाद मुख्यमंत्री किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे किला रायपुर पहुंचेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रवक्ता ने बताया, “मुख्यमंत्री अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अत्यधिक थकावट की शिकायत थी। अस्पताल में भर्ती होने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। मनीष सिसोदिया से की थी मुलाकात बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वे लगभग 20 मिनट तक उनके साथ रहे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने कहा था, “मुख्यमंत्री अब बेहतर हैं। संभावना है कि उन्हें कल छुट्टी मिल जाएगी।” जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री की बीमारी के बारे में सवाल किया तो सिसोदिया ने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “इस बारे में आधिकारिक रूप से केवल डाक्टर ही बता सकते हैं। आज मेरी किसी डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। संभव है कि उन्हें कल डिस्चार्ज कर दिया जाए।” कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल मुख्यमंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल है। किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में उनकी उपस्थिति को लेकर भी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे उसमें शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों तक तापमान में नहीं होगा बदलाव

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार प्रदेश में अगले 7 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, जबकि अधिकतम तापमान भी अगले 5 दिनों तक लगभग स्थिर बना रहेगा। मौसम सारांश के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहा। इस अवधि में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के किसी भी जिले में वर्षा दर्ज नहीं की गई है। वर्षा के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई है। वर्तमान में प्रदेश के ऊपर किसी भी तरह की प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके चलते मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। वहीं अगले दो दिनों के बाद भी मौसम के रुख में किसी तरह के बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिल रहे हैं और तापमान लगभग इसी स्तर पर बना रहेगा। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

फरवरी में तीसरी बार बदला मौसम: कई जिलों में बारिश से फसलें हुईं नुकसान में, मंत्री करेंगे सर्वे

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम फरवरी के महीने में एक बार फिर करवट ले चुका है। इस साल तीसरी बार राज्य के कई जिलों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे आम लोग और किसान दोनों ही चिंतित हैं। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं। अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। अचानक क्यों बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ भी सक्रिय हैं, जो मौसम में अचानक बदलाव के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।     18 फरवरी को राज्य के लगभग 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में दिनभर धूप खिलने के बाद अचानक मौसम बिगड़ा।     मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश पर सक्रिय है और इसके प्रभाव से आने वाले दो दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। फरवरी महीने में यह तीसरी बार है, जब अचानक प्रदेश का मौसम बदला और बारिश की फुहारें पड़ने लगीं। अचानक हुई बारिश ने तापमान में कमी ला दी है। रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें लेट गई हैं। बारिश के साथ ही सबसे ज्यादा नुकसान ओले गिरने से हुआ है। इन जिलों में हुई बारिश लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश का तापमान गिरा है। एमपी के खजुराहो में सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके अलावा राजगढ़ में 10 डिग्री सेल्सियस और पंचमढ़ी में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को भोपाल, बड़वानी, आगर-मालवा, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन, धार, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, मुरैना, शाजापुर और छतरपुर में बारिश दर्ज की गई है। कैसा रहेगा अगले 2 दिन का मौसम मौसम विभाग ने 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीनों संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। बारिश के साथ ही यहां बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके बाद 21 फरवरी को मध्य प्रदेश का मौसम साफ रहेगा। इस दौरान किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की फसलों का काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसलें गिर गई हैं। गेहूं की फसलें गिर जाने के कारण दाने कमजोर हुए हैं। दाने कमजोर होने की वजह से पैदावार में कमी देखने को मिल सकती है। बारिश और ओले का असर     बेमौसम बारिश और ओले ने आम जनता और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।     राजधानी भोपाल में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक तेज और हल्की बारिश हुई।     इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और रतलाम में दिनभर मौसम गर्म रहने के बाद रात को अचानक बारिश और ओले गिरे।     ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। किसानों की चिंता:     गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं।     तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं।     कुछ क्षेत्रों में फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।     किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रभावित जिले और अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया। इन जिलों में अलर्ट जारी ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना इन जिलों में हुई बारिश भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर, मंदसौर कहां कितना रहा तापमान बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C दर्ज होने के कारण कड़ाके की ठंड का अनुभव हुआ। इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, श्योपुर, मुरैना, मंदसौर, नीमच, गुना सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं ओले गिरे। दो साइक्लोनिक सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी प्रदेश से गुजर रही है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी प्रदेश में फिलहाल रात और सुबह हल्की सर्दी बनी रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच रहा है। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश का अलर्ट है और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

राज्यसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज, पवन सिंह का नाम आगे… क्या मुश्किल में उपेंद्र कुशवाहा?

पटना  राज्यसभा चुनाव की तारीख सामने आ गई है. अगले महीने 16 मार्च को चुनाव होंगे. 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होने हैं. इस चुनाव से सदन में बीजेपी का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही, साथ ही यह कई दिग्गजों का भविष्य भी तय करेगा. कई बड़े नेता नंबर के फेर में फंसकर सियासी रूप से पैदल हो सकते हैं. वहीं, कई नेताओं की लॉटरी भी लग सकती है. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी होने के साथ ही सियासी गलियारों में कई चर्चित चेहरों के भविष्य को लेकर चर्चा अब होने लगी है. माना जा रहा है कि सबसे दिलचस्प बिहार का चुनाव रहने वाला है. क्योंकि यहां राज्यसभा की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 2 आरजेडी की सीटें हैं. मौजूदा नंबर के हिसाब से तेजस्वी यादव किसी को भेज नहीं पाएंगे.  पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा! ऐसे में बीजेपी के खाते में 2 सीटें जा सकती हैं. राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा है उसके मुताबिक नितिन नबीन विधायक बने रहेंगे. ऐसे में एक नाम जो रेस में है वो भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का है. विधानसभा चुनाव के वक्त पवन सिंह ने खूब प्रचार किया था. इस दौरान माना गया था कि राज्यसभा की ही डील हुई थी. लटक सकता है उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य आंकड़ों के हिसाब से जेडीयू अपने दोनों सदस्यों को फिर से रिपीट कर सकती है. क्योंकि हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा में बड़ा कद है और रामनाथ ठाकुर मंत्री हैं. रही बात पांचवीं सीट की तो नंबर के हिसाब से चिराग पासवान का दावा बनेगा. लिहाजा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य लटक सकता है.  26 फरवरी से शुरू होगी राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया बता दें कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 को शुरू होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च रखी गई है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: क्लाइमेट चेंज से निपटने में मध्यप्रदेश बन रहा देश का लीडर

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more