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जालंधर में टेलीकॉम कंपनियों को आठ करोड़ की वसूली का नोटिस देगा निगम

जालंधर. शहर में ब्राडबैंड व अन्य सेवाएं दे रहीं टेलीकॉम कंपनियों ने नगर निगम को पिछले 10 साल से फीस नहीं चुकाई है। निगम ने पिछले वर्षों में कंपनियों को 100 से ज्यादा मंजूरी दी हैं। इन सभी मंजूरियों के लिए कंपनियों ने निगम को फीस देनी होती है। निगम की अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों से आठ करोड़ वसूल करने हैं। मेयर वनीत धीर ने इस पूरे मामले में बीएंडआर ब्रांच से रिपोर्ट लेने के बाद डिफाल्टर कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। टेलीकाम कंपनियों ने पिछले दस साल से खंभे लगाने और अपने मैनहोल तैयार करने की मंजूरी ली थी। सड़कों को इसके लिए इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के लिए निगम फीस लेता है। मेयर ने टेलीकाम कंपनियों की परमिशन की पुरानी फाइलें निकलवा कर लिस्ट बनाने के निर्देश दिए थे। कंपनियों को हुआ काफी नुकसान मेयर ने बीएंआर डिपार्टमेंट के एसई रजनीश डोगरा को बुलाकर निर्देश दिया कि इन कंपनियों से फीस वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जो कंपनियां फीस नहीं देती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। इन कंपनियों का तार बिछाने का काम भी रोक दिया जाए। इन कंपनियों के कारण निगम को काफी नुकसान हुआ है। कंपनियों ने कई जगह सड़क तोड़ी है, लेकिन इनको रिपेयर करने का काम निगम को करना पड़ा। कई जगह अंडरग्राउंड तारें डालते समय निगम के सीवरेज व पानी के अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। दैनिक जागरण ने प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों के कारण शहर में जगह-जगह लटक रही तारें, बेतरतीब लगे खंभे और सड़क की खोदाई से लोगों की परेशानी और शहर की इमेज बिगड़ने का मुद्दा उठाया था। तब डीसी ने इन कंपनियों को चेतावनी दी थी।

झुमका को मिली नई सौगात: 27 लाख से बने ओपन थिएटर का उद्घाटन, CM साय बोले—पर्यटन हमारी प्राथमिकता

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

वन्यजीव सुरक्षा का बड़ा कदम: रातापानी में 4 ओवरपास, मिडघाट ट्रैक पर जानवरों की मौत पर लगाई रोक

नर्मदापुरम वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है।  जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है। ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें। ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश के साथ गिरेंगे ओले

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

महिला नसबंदी का कैंप चर्चा में: धार में 180 महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया

धार मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। धार जिले के आदिवासी क्षेत्र बाग में नसबंदी कैंप में महिलाओं के साथ हुई लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 180 आदिवासी महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों के साथ बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नसबंदी कैंप में पहुंची थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन यहां का नजारा बेहद शर्मनाक और चिंताजनक नजर आया। कैंप में न पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही बैठने की उचित इंतजाम। कैंप में जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें भी ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। इस दौरान ऑपरेशन कराने वाली महिलाएं गर्मी और दर्द से बेचैन और परेशान नजर आईं, जबकि उनके परिजन कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते दिखाई दिए। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि नसबंदी केंद्र के बाहर कुछ महिलाएं और पुरुष छोटे-छोटे बच्चों को कपड़े की झोली लगाकर झूला झूल रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक नसबंदी नहीं हो पाई। लिहाजा भूखे-प्यासे परेशान होकर बाहर बैठे रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं में सुधार किए जाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल कैंप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा जानकारी देने के बाद वह मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही, जबकि उनके ही क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 से अधिक महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी। अब इस मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच जा जारी है। जानकारी के अनुसार, पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही प्राइवेट डॉक्टर है, जिसके जिम्मे करीब 180 ऑपरेशन सौंप दिए गए थे। प्राइवेट डॉक्टर डॉ. राकेश डावर द्वारा तेजी से ऑपरेशन किए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के मैनेजर बसंत अजनार ने दावा किया कि वे मात्र 2 मिनट में एक नसबंदी कर देते हैं। सभी ऑपरेशन इतनी तेजी से किए गए कि अब सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में सिर्फ एक परमानेंट डॉक्टर बता दें कि, बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही परमानेंट डॉक्टर डॉ. हरिसिंह के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां दो डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट बॉन्ड पर हैं और दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए। एक ही डॉक्टर के भरोसे इतना बड़ा स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से अब इस पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी की बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी गई है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर-कीपर बसंत अजनार ने बताया कि कैंप 180 से अधिक मरीज पहुंचे हैं और बेड्स की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। उनका कहना था कि डॉक्टर विशेषज्ञ हैं और समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन व्यवस्थाओं की यह कमी खुद स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पोर्न स्टार बनाने की सनक में पति ने किया अश्लील वीडियो वायरल, रीवा पुलिस ने किया गिरफ्तार

रीवा   मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पत्नी का निजी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पति शिवम साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर अपलोड करने का गंभीर आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। आर्थिक तंगी के कारण जब पीड़िता ने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि दहेज न मिलने की खुन्नस में शिवम ने पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व रिश्तेदारों को भेज दिया।  पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब पीड़िता ने आर्थिक तंगी के चलते मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। उसने दहेज न मिलने की खुन्नस में पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया व रिश्तेदारों को भेज दिया। पोर्न स्टार बनने की सनक में की करतूत पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को 'स्टार' बनाना चाहता था। जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है ताकि लोग उसे पहचानें। पीड़िता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे। बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था। हथियार लेकर ससुराल पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक (MP 17 ZH 8856) से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पोर्न स्टार बनने की सनक पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को स्टार बनाना चाहता था. जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है, ताकि लोग उसे पहचानें. पीडि़ता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे. बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था. पुलिस ने दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था. 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा. वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा. परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया. सीएसपी बोले- परिवार को डरने की जरूरत नहीं सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, “आरोपी गिरफ्तार है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। परिवार को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

बिहार के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होगी अब सिजेरियन डिलेवरी

समस्तीपुर. बिहार में अब 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसमें समस्तीपुर के चार सीएचसी शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक कुमार गौरव ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। अभी तक ऑपरेशन केवल सदर अस्पताल एवं चिह्नित रेफरल अस्पताल में ही होता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर महिलाओं को प्राइवेट में मोटी रकम देकर सिजेरियन कराना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिजेरियन प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष, जीवनरक्षक उपकरण, ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था की जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट व शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। विदित हो कि बिहार में कम से कम 216 एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) को क्रियाशील किया जाना है। अभी तक 120 एफआरयू ही क्रियाशील है। जिला योजना समन्वयक डॉ. आदित्य नाथ झा ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन प्रसव सेवा शुरू की जा रही है। इससे न केवल संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इन स्वास्थ्य संस्थानों का किया गया चयन समस्तीपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उजियारपुर, मोहिउद्दीनगर, रेफरल अस्पताल ताजपुर एवं अनुमंडलीय अस्पताल पूसा का चयन किया गया है। इसके अलावा दरभंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केउटी रनवे, पश्चिम चंपारण के रेफरल अस्पताल गुनहा, पूर्वी चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल अरेराज का सलेक्शन हुआ है। वैशाली जिले के सीएचसी भगवानपुर व गरौल, गया के सीएचसी बेलागंज व बाराचट्टी, बांका के सीएचसी बेलहर, सारण के परसा, सिवान के मैरवा, बक्सर के अनुमंडलीय अस्पताल डुमराव, गोपालगंज के बैकुंठपुर, जहानाबाद के हुलासगंज, कटिहार के अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी, खगड़िया के गोगरी, सुपौल के रेफरल अस्पताल राघोपुर का चयन किया गया है। सूबे के 271 एचडब्लूसी में डीएमयू की होगी स्थापना राज्य के 271 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भाव्या प्रणाली के तहत डेटा मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना होगी। इससे प्रत्येक केंद्र में पर एक-एक डेटा आपरेटर की तैनाती होगी। इसके संचालन से ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, स्कैन एंड शेयर, दवा वितरण, आईपीडी इत्यादि कार्य शुरू होंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के विशेष कार्य पदाधिकारी प्रिय रंजन राजू ने मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को डीएमयू की स्थापना कर संचालित करने के लिए अधिकृत किया है। समस्तीपुर जिले में 23 एचडब्लूसी का चयन किया गया है। इसमें सिंघिया के एपीएचसी अकौना, माहे व महरा, सरायरंजन के अख्तियारपुर, रोसड़ा के बैद्यनाथपुर, मोहिउद्दीनगर के कुरसाहा व बाकरपुर, दलसिंहसराय के बंघारा, पूसा के बथुआ, बिथान के पुसहो व बिथान बाजार जगमोहरा, वारिसनगर के डरसुर, पूसा के गंगापुर, मोहनपुर के जलालपुर, शिवाजीनगर के जानकी बाजार व कामेश्वरनगर, विद्यापतिनगर के कांचा, मोरवा के रघुनाथपुर, ताजपुर के मानपुरा व शादीपुर, पटोरी के शिउरा, विभूतिपुर के टेकना, हसनपुर के मंगलगढ़ शामिल है।

बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

बड़वानी नरेश रायक सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के दावे करती है, मगर हकीकत यह है कि जिले में 40 आदिवासी बच्चों का भविष्य पशुबाड़े में दम तोड़ रहा है। जिस जगह गाय-बकरियां बांधी जाती हैं, वहीं बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। गोबर की बदबू, गंदगी से भरी जमीन और संक्रमण का खतरा—यही है इस ‘तबेला स्कूल’ की असली तस्वीर। क्या यही है “शिक्षा का अधिकार”? बच्चे जमीन पर ठूंसे हुए बैठते हैं। बरसात में कीचड़, गर्मी में असहनीय दुर्गंध। सवाल सीधा है—  क्या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की कीमत इतनी सस्ती है? क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी अपने बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ने भेजेंगे? जिम्मेदार कौन? जर्जर/अपर्याप्त भवन की आड़ में पशुबाड़े में स्कूल चलाना किसकी अनुमति से? शिक्षा विभाग और प्रशासन की निगरानी कहां है? क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज की? ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ “अस्थायी व्यवस्था” का बहाना दिया गया। मगर यह अस्थायी इंतजाम कब तक चलेगा? महीनों से बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में यदि बच्चों को सम्मानजनक कक्षा कक्ष भी नसीब न हो, तो विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। अब देखना है—  क्या प्रशासन तुरंत वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा? या फिर ‘तबेला स्कूल’ ही जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्थायी प्रतीक बन जाएगा? बच्चों की पढ़ाई पशुबाड़े में और भाषण स्मार्ट क्लास के—यह दोहरी तस्वीर आखिर कब बदलेगी?

हरियाणा में 29 विभागों के कर्मचारियों का ऑनलाइन होगा ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा के 29 विभागों और बोर्ड-निगमों में कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। कुल 271 काडर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पसंद के स्थान पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सभी कर्मचारियों को 20 फरवरी तक अपनी प्रोफाइल का सत्यापन और अपडेट सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऑनलाइन स्थानांतरण को लेकर संबंधित विभागों ने इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के डाटा का प्रारंभिक अपडेट शुरू कर दिया है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यूजर आईडी से लाग-इन कर अपने प्रोफाइल में दर्ज विवरण को ध्यानपूर्वक जांच लें। यदि किसी कर्मचारी की जानकारी में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत पोर्टल पर दर्शाए गए संबंधित प्राधिकारी/चेकर से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे, ताकि सही जानकारी दर्ज की जा सके। डाटा का सही और समय पर अपडेट होना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर सेवा अवधि, मेरिट अंक और पात्रता निर्धारित की जाएंगी। कर्मचारी इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर Employee Login के बाद “Preliminary Updation of Data” विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को न्यायालय के आदेश, मृत्यु प्रमाण पत्र, अधिकृत मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, यूडीआईडी प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज संबंधित चेकर को प्रस्तुत करने होंगे। कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय कार्यालय में प्रवेश के लिए अब ऑनलाइन विजिटिंग पास लेना होगा। किसी भी आधिकारिक कार्य अथवा केस या सुनवाई के लिए आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल (https://lmshry.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन विजिटिंग पास बनवाना पड़ेगा। आवेदक के पास अपना इंप्लाई आईडी कार्ड होना चाहिए। गेट पास के प्रिंटआउट को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से सत्यापित करवाना होगा। पास जारी होने के उपरांत संबंधित कार्यालय से उसका सत्यापन करवाना आवश्यक रहेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।