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रसायन-मुक्त आमों की प्रदर्शनी, रांची में किसानों को मिला सीधा बाजार

रांची राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्‍वावधान में 19 से 21 जून तक आम महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है. राजधानी के शहीद चौक स्थित झारखंड राज्य सहकारी बैंक परिसर में लगे इस प्रदर्शनी में राज्य के आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है. नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय वर्ष, 2021 से हर साल रांची में आम महोत्सव का आयोजन कर रहा है. शुक्रवार को इस महोत्सव का शुभारंभ नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अध्यक्ष बिभा सिंह, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्त्ता जमुना टुडू, दिव्यायन कृषि विकास केंद्र, रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद ने संयुक्त रूप से किया. किसानों को मिल रहा सीधा बाजार यह उत्सव नाबार्ड वाडी परियोजनाओं के तहत समर्थित आदिवासी किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो आम सहित अन्य फलों, अनाज और सब्जियां उगा रहे हैं. यह शहरवासियों को अच्छी गुणवत्ता और रसायन-मुक्त यानी कार्बाइड मुक्त आम उपलब्ध करा रहा है. आम महोत्सव आदिवासी किसानों को बिचौलियों और कमीशन एजेंटों से मुक्त होकर सीधे बाजार भी प्रदान करेगा. एक्सपोर्ट क्वालिटी रसायन मुक्त आम, अनाज और सब्जियां आम महोत्सव में राज्य के विभिन्न नाबार्ड समर्थित बाड़ी परियोजनाओं द्वारा उगाये गये दूधिया मालदा, हिमसागर, लंगड़ा, तोतापरी, हिमसागर, आम्रपाली, मल्लिका आदि सहित आमों की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है. यह एक्सपोर्ट क्वालिटी आम सीधे किसानों के खेतों से आप तक पहुंच रही है. उपज को पकाने के लिए किसी भी रसायन का उपयोग नहीं किया गया है. महोत्सव में लगाये गये स्टॉल्स पर काजू, मखाना, शहद, मोटे आर्गेनिक अनाज, सब्जियों और अन्य वनोत्पादों को लोग खास खुशबू और स्वाद के लिए खूब पसंद कर रहे हैं.

भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, जयपुर से लेकर बीकानेर तक बदले गए RAS अफसर

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कार्मिक विभाग (DoP) ने देर रात 19 जून को एक आदेश जारी करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 178 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया है. सरकार के इस बड़े फैसले से प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है. इस नई तबादला सूची के जरिए राज्य सरकार ने कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM) और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भारी बदलाव किया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इसके तहत राज्य के सूचना सचिव के पद पर मुकेश शर्मा की नियुक्ति की गई है. वहीं करौली के SDM को प्रेमराज को एक साल बाद फिर से वही तैनाती दे दी गई है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तबादला सूची में शामिल सभी 178 आरएएस अधिकारी तुरंत प्रभाव से अपने वर्तमान पद का कार्यभार छोड़कर नए तैनाती स्थल पर अपनी जॉइनिंग सुनिश्चित करेंगे.

लखनऊ समेत यूपी में आसमान से बरस रही आग, अगले 5 दिन तक राहत नहीं

 लखनऊ  पिछले एक सप्ताह से पूरब से पश्चिम तक भीषण गर्मी का दौर जारी है। शुक्रवार और शनिवार को 24 जिलों में लू चलने से लोगों को परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ सहित 35 जिलों में अगले पांच दिन आसमान से आग बरसेगी। गर्म हवा से हीट वेव का अलर्ट है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि रविवार को राजधानी, प्रयागराज, वाराणसी समेत 35 जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल, अभी अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। 25 जून के बाद आएगा मानसून मौसम विभाग का कहना है कि इस बार उत्तर प्रदेश में मानसून आने में एक सप्ताह से अधिक समय की देरी लग सकती है। दरअसल, केरल में मानसून ने चार दिन की देरी यानि पांच जून को दस्तक दी। जिसके बाद इसकी गति धीमी हो गई है, क्‍योंकि अरब सागर से नमी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है। उत्तर पश्चिम भारत में गर्म और शुष्‍क हवा का प्रभाव बना है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ शुष्‍क हवा के असर को कम करेगा। इससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में नमी में सुधार होगा, जिससे बदलाव की पूरी संभावना है। अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार पूर्वी यूपी में 25 जून के बाद से प्री मानसून प्रवेश करेगा। लखनऊ और आसपास जिलों समेत प्रदेशभर में इसके पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा यानी सूबे के लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उधर, बांदा समेत आसपास के जिलों में भीषण गर्मी और लू का सिलसिला जारी है। दोपहर 12 से शाम चैट बजे तक घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है।  

दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग में सुधार अभियान, लंबे समय से तैनात डॉक्टरों का होगा तबादला

नई दिल्ली सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में 40 से अधिक मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ डॉक्टर वत्सला अग्रवाल और डॉक्टर विजय कुमार रंगा को सस्पेंड किया गया था। अब दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बढ़ा कदम उठाते हुए तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों की सिफारिश एलजी से की है। 39 डॉक्टरों का किया जा सकता है तबादला प्रस्ताव के मुताबिक 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह कार्यरत 39 डॉक्टरों का तबादला किया जा सकता है। इनमें कई डॉक्टर ऐसे भी है, जो 2014 से लगातार एक ही स्थान पर तैनात है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तिहाड़ और मंडोली जेलों में कार्यरत स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल ड्यूटी मेडिकल अधिकारियों (जीडीएमओ) को मिलाकर 39 डॉक्टरों के ट्रांसफर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनके स्थान पर करीब 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती भी प्रस्तावित है। इस तरह कुल 74 ट्रांसफर किए जाने की योजना है। ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी सरकार का कहना है कि किसी भी विभाग में लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय-समय पर पोस्टिंग की समीक्षा और ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी सोच के तहत जेल अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिश की गई है। तैनात कर्मचारियों की समीक्षा की जा रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कारण विभिन्न संस्थानों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिशें भी इसी प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा है।  

PM किसान की 23वीं किस्त का इंतजार खत्म, आज किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा

रायपुर. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में आज 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से दोपहर 3.45 बजे देशभर के पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री बनेंगे चिंतन शिविर 3.0 का हिस्सा रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में चिंतन शिविर 3.0 का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के सभी मंत्री हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन, नीति निर्माण, जनसेवा, तकनीक और विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मंत्रियों को प्रशिक्षण देंगे।

मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत पर बवाल, पन्ना में छात्रों का प्रदर्शन और हंगामा

जबलपुर/प्रयागराज. यूनाइटेड इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ने वाली छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन भीतर नहीं घुसने दिया गया। मेडिकल कालेज की ओर से कहा गया है कि छात्रा को थायराइड की समस्या थी और मिर्गी के दौरे पड़ते थे। सृष्टि मिश्रा मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थी। छात्रा हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी वह एमबीबीएस फाइनल इयर की छात्रा थी। संस्थान के हास्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। छात्रा शुक्रवार रात हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी। छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार इसी दौरान उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो गई। एयरपोर्ट थाना के प्रभारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार किया जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर में दान हेरफेर की जांच में बड़ा खुलासा, पुराने कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. SIT के सूत्रों के मुताबिक गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे. टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, रकम के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई एसआईटी जांच के दौरान होगी या जांच पूरी होने के बाद. जांच टीम ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लगभग 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किए गए हैं. पुराने कर्मचारियों का डाटा जुटाने में जुटी टीम एसआईटी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी मांगी है. सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कर्मी का नाम सामने आया है जो पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं. जांच टीम पुराने कर्मचारियों की तैनाती अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी जुटा रही है. जांच का फोकस अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निगरानी, जवाबदेही और प्रशासनिक लापरवाही की भूमिका पर भी है. आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और तेज होने के साथ कई नए नामों के सामने आने की संभावना है. फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है.   अखिलेश बोले भाजपाई राजनीति यहीं से शुरू और यहीं पर अंत चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी. यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा. अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहां आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों की आस्थाएं खंडित हुई हैं. इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है. सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते. अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है. इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं.अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है. स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जांच के नाम पर फंसा न दिया जाए. श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है. जांच कहां तक पहुंची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है. मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जांच हो.

‘बिहार रोजगार सेतु’ पोर्टल से 68 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार, समीक्षा बैठक में तेज़ी के निर्देश

 पटना बिहार में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सम्राट सरकार काफी तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीते महज सात महीनों के भीतर ही पूरे सूबे में कुल 63,115 नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म 'बिहार रोजगार सेतु पोर्टल' के माध्यम से अब तक 68 हजार 822 युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के विभिन्न अवसर सफलतापूर्वक उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग रोजगार और युवाओं से जुड़ी इन कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को पटना में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता राज्य के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही तमाम योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की बहुत ही विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक हासिल किए गए लक्ष्यों और भविष्य की रूपरेखा का पूरा ब्यौरा विकास आयुक्त के सामने पेश किया, जिसके बाद आगे की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। वैश्विक रोजगार और नई तकनीकों पर आधारित ट्रेनिंग पर जोर इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से युवाओं के कौशल विकास, नए रोजगार सृजन की रणनीतियों, और वर्तमान समय में उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को ट्रेनिंगदेने पर विशेष चर्चा की गई। इसके साथ ही, बिहार के युवाओं को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर यानी विदेशों में मिलने वाले रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग जैसी नई तकनीकों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति को भी परखा गया। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे एक निश्चित समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें, ताकि 'सात निश्चय-3' के सभी लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके और बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार व स्वरोजगार के सबसे ज्यादा मौके मिल सकें।

लू और गर्म रात का कहर जारी, बिहार में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटना बिहार वासियों को फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी 20 जून से 22 जून तक राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में लू (हीट वेव) और गर्म रात (वॉर्म नाइट) जैसी स्थिति बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और मध्य बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म एवं शुष्क हवाओं के प्रभाव से दिन के समय तेज गर्मी महसूस होगी। रात में भी न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि 20 जून को भी उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने के आसार हैं। वहीं 21 जून को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में कुछ स्थानों पर उष्ण लहर चलने की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि 22 जून को भी दक्षिण-पश्चिम बिहार में हीट वेव का असर जारी रह सकता है। दूसरी ओर अररिया, किशनगंज सहित सीमांचल क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। पिछले 24 घंटें में कहां-कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मौसम में मिले-जुले हालात देखने को मिले। मधुबनी जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं सारण, बक्सर और कैमूर जिलों में उष्ण लहर (हीट वेव) का प्रभाव बना रहा। राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर (भभुआ) में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान 29.9 से 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 से 29.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मोतिहारी में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सबसे तेज हवा चली। वर्षा की बात करें तो राजनगर में सर्वाधिक 83 मिमी बारिश हुई, जबकि लौकही में 53.2 मिमी, बरबीघा में 53 मिमी, गिरियक में 50.4 मिमी और बेनीपट्टी में 46.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इससे कई क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में गर्मी का असर बरकरार रहा। भीषण गर्मी का स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और अन्य गर्मी जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, लंबे समय से बीमार लोगों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय तक धूप में रहने या अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अधिक सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि लोगों को अत्यधिक गर्मी में कठिन और श्रमसाध्य कार्य करने से बचें। साथ ही चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड शीतल पेय और अधिक प्रोटीनयुक्त या बासी भोजन के सेवन से भी परहेज करने को कहा गया है। लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर को कॉल करें मौसम विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं तथा प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।  

पटना कोचिंग विवाद: फायरिंग केस में खान सर की गिरफ्तारी टली, 25 जून को अगली सुनवाई

पटना मशहूर कोचिंग शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से एक बार फिर राहत मिल गई है। पटना के जिला एवं सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है। पुलिस ने शनिवार को केस डायरी अदालत को सौंप दी। जज ने सुनवाई अगली तारीख तक के लिए टाल दी है। तब तक खान सर को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। रौशन आनंद की खान बिंदु एकेडमी से बीते 2 जून को हुए विवाद के दौरान दो गार्ड द्वारा फायरिंग के मामले में खान सर पर एफआईआर हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 25 जून तय की है। दरअसल, पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर 2 जून की रात हुई फायरिंग के मामले में कदमकुआं थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें फैजल खान को आरोपी बनाया गया था। फायरिंग खान सर के दो गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह ने की थी, जो अभी जेल में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की अर्जी लगाई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने पुलिस से केस डायरी के साथ ही फैजल खान के आपराधिक इतिहास की जानकारी मांगी थी। 20 जून तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। पुलिस ने केस डायरी को अपडेट कर शनिवार को उसे कोर्ट में जमा किया। अब इस पर 25 जून को सुनवाई होगी। खान सर केस डायरी में क्या दर्ज है? सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि 2 जून की रात 10.10 बजे मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जबकि खान सर के गार्ड ने 10.30 बजे रात में फायरिंग की थी। लिहाजा पुलिस ने डायरी में सेल्फ डिफेंस की जगह दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने की बात अंकित की है। खान सर और रौशन आनंद के बीच विवाद बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का क्रेडिट लेने को लेकर पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु एकेडमी की बीच 2 जून को विवाद हुआ था। इस मामले में दो एफआईआर कदमकुआं थाने में दर्ज हुईं। पहली में ज्ञान बिंदू के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया। उन पर खान सर के कोचिंग सेंटर पर तोड़फोड़, पथराव एवं गार्ड को पीटने का आरोप है। पुलिस ने रौशन सर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। इस केस में एक और आरोपी रौशन सर के भाई प्रिंस यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था। वहां विराटनगर के एक होटल में पिछले सप्ताह उसकी संदिग्ध मौत हो गई। रौशन आनंद की ओर से खान पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, हालांकि नेपाल पुलिस इसकी जांच में जुटी है। अभी तक किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। कदमकुआं थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में खान सर और उनके दोनों गार्ड आरोपी बनाए गए थे। 2 जून की रात को बवाल का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दोनों गार्ड हवा में गोल चलाते नजर आए। उन्होंने पुलिस को बताया था कि खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी।