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कल मकर संक्रांति, आज से ही गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था; खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे हजारों भक्त

गोरखपुर मकर संक्रांति 2026 को लेकर लोगों में भ्रम था कि इसे 14 जनवरी को मनाया जाए या फिर 15 जनवरी को। ज्योतिषाचार्यों ने भ्रम की इस स्थिति को खत्म करते हुए बता दिया है कि सूर्य 14 जनवरी यानी आज रात 9 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार संक्रांति का पर्व उदया तिथि के आधार पर यानी अगले दिन 15 जनवरी को मान्य होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में होने वाला सार्वजनिक अवकाश भी 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी कर दिया है। लेकिन इस बीच 14 जनवरी को तड़के चार बजे गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पर सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो गई। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करनी शुरू कर दी। एक दिन पहले मंगलवार से ही बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए थे।   सुबह चार बजे से आठ बजे तक खिचड़ी चढ़ाने वालों की भारी भीड़ रही। इस दौरान मुख्य रूप से वे श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, जो पहले से गोरखनाथ मंदिर परिसर में मौजूद थे। सुबह आठ बजे के बाद कुछ समय के लिए भीड़ में कमी आई, लेकिन दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या एक बार फिर तेजी से बढ़ गई। दरअसल, इस समय ट्रेन और अन्य साधनों से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार अनाउंसमेंट करता रहा। श्रद्धालु सिंह द्वार पर खिचड़ी स्वरूप चावल अर्पित कर दर्शन के लिए आगे बढ़ते दिखे। भीड़ अधिक होने के कारण एक बार में 70 से 80 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। फिलहाल पुरुष श्रद्धालुओं की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। गोरक्षपीठाधीश्वर कल तड़के चढ़ाएंगे खिचड़ी इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है। ऐसे में गुरुवार को विशेष उत्साह देखने को मिलेगा, जब तड़के सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर समिति श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि खिचड़ी इधर-उधर न फेंकें। खिचड़ी अर्पित करने के बाद श्रद्धालु उत्तरी द्वार से बाहर निकलकर हनुमान मंदिर के पास से होते हुए पूरे परिसर का भ्रमण कर रहे हैं।  

प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप और प्रगति प्लेटफार्म से देश में अटकी निवेश परियोजनाओं को पुन: किया गया सक्रिय

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से दशकों से लम्बित परियोजनाओं को करना हुआ संभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस से भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों मीडिया प्रतिनिधियों से साझा की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम "प्रगति" और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक विशिष्ट छवि बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही दलों में मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का महत्व है। "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। 

मिशन क्लीन यूपी: 282 वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों से साकार होगी कचरे से कंचन की अवधारणा

103 यूनिटें बनकर तैयार, 132 इकाइयां निर्माणाधीन, शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा स्थापित 304 विकास खंडों में शुरू हुआ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, 515 विकास खंड नगरीय एमआरएफ से आच्छादित प्लास्टिक मुक्त यूपी की ओर बड़ा कदम, जमीन पर उतर रहा योगी सरकार का मेगा प्लान लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। मिशन क्लीन यूपी के तहत प्रदेश में कुल 282 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस मेगा प्लान के जरिए यूपी को प्लास्टिक कचरे से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है।प्रदेश में अब तक 103 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 132 यूनिटों का काम तेजी से निर्माणाधीन है। शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा। इन यूनिटों के जरिए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण, छंटाई और वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता को भी नई मजबूती मिलेगी और कचरे से कंचन की अवधारणा साकार होगी। प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार के इस अभियान के तहत 304 विकास खंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में 515 विकास खंड नगरीय मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से आच्छादित किए जा चुके हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। सभी विकास खंडों में होगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी विकास खंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय निकायों तक एकीकृत मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ स्वच्छता अभियान को गति देगी, बल्कि प्रदेश को प्लास्टिक से मुक्ति भी देगी। स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में मिलेगी नई पहचान पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों के माध्यम से जहां एक ओर पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी सरकार का यह मेगा प्लान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने जा रहा है।

सीएम योगी ने संक्रांति पर्व पर लॉन्च किया खास कैलेंडर, परंपरा और संस्कृति की दिखेगी झलक

गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ मकर संक्रांति के मौके पर गोरखपुर में हैं। यहां बुधवार की सुबह उन्होंने गोरखपुर नगर निगम के ‘वार्षिक स्वच्छता कैलेंडर 2026’ का विमोचन किया। इस दौरान गोरखपुर के महापौर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र और कई पार्षद मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 की नगर निगम की उपलब्धियों के लिए महापौर और नगर आयुक्त समेत सभी पार्षदों और महानगरवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही महानगर को गारबेज फ्री सिटी में 7 स्टॉर का लक्ष्य हासिल करने का लक्ष्य भी दिया। नगर निगम का वार्षिक स्वच्छता कैलेंडर 2026 सिर्फ तिथियों का संग्रह न होकर नगर निगम की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का दस्तावेज है, जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग और सफाई मित्र सुरक्षित शहर में देश के शीर्ष तीन शहरों में स्थान बनाने जैसी गौरवशाली उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें अर्बन फ्लड मैनेजमेंट, अर्बन फैसिलिटेशन सेंटर, और राप्ती नदी के संरक्षण के लिए फाइटोरेमेडिएशन जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ 'वेस्ट टू वंडर' और लिगेसी वेस्ट निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का विवरण दिया है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि इस कैलेंडर का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और जन-भागीदारी के माध्यम से गोरखपुर को एक 'आदर्श एवं आधुनिक नगर' के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करना है। महापौर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह कैलेंडर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के थीम स्वच्छता की एक पहल – बढ़ाये हाथ करे सफाई साथ को जोड़ते हुए आम जनमानस में भी जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा। कल बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे सीएम योगी गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी आदित्यनाथ मकर संक्रांति पर गुरुवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी अर्पित करेंगे। साथ ही वे समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना करेंगे। नाथपंथ की यह विशिष्ट व ऐतिहासिक परंपरा सदियों से आस्था का केंद्र रही है।  

गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का ज्वार

बुधवार भोर से ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार श्रद्धालुओं को न हो कोई दिक्कत, व्यवस्थाओं की खुद मॉनिटरिंग करते रहे मुख्यमंत्री मकर संक्रांति के पुण्य काल में आज आस्था की खिचड़ी चढ़ाएंगे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर,  मकर संक्रांति का मुख्य पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा लेकिन इससे एक दिन पहले बुधवार को ही गोरखनाथ मंदिर में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। लाखों श्रद्धालुओं ने मुख्य पर्व से एक दिन पहले ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में मकर संक्रांति के पुण्य काल में महायोगी गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी भोग अर्पित करेंगे। बाबा गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डेरा डालना शुरू कर दिया था। बुधवार भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच समूचा मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ के जयकारों से गूंज उठा। सुख समृद्धि की मंगलकामना को लेकर उत्तर प्रदेश, पड़ोसी राज्य बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी निवेदित की। उसके बाद मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में अलग-अलग गेट और बैडिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंगलवार रात से गोरखनाथ मंदिर में प्रवास कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत खुद सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे थे। मंगलवार रात को मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुधवार सुबह भी उन्होंने परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएम योगी ने की गोसेवा, बच्चों को दुलारा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया और उनकी समुचित देखभाल के लिए गोशाला के कार्यकर्ताओं को जरूरी निर्देश दिए। इसी क्रम में मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए सीएम योगी ने श्रद्धालुओं के साथ आए उनके बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

‘कर संग्रहण अभियान’- ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का आधार

मात्र 26 दिनों में बुरहानपुर 3.75 करोड़ से अधिक का जमा हुआ टैक्स भोपाल सफलता की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘विकसित भारत का संकल्प वर्ष 2047’’ तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी संकल्प की सिद्धी के लिये प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पंचायतों के समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और प्रगति के लिये प्रयास सुनिश्चित किये जा रहे है। बुरहानपुर जिले के गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ से ग्राम पंचायतों को सशक्त किया जा रहा है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ते कदम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ के माध्यम से बुरहानपुर जिले में मात्र 26 दिनों में 3.75 करोड़ रुपये से अधिक का ‘‘कर’’ संग्रहण किया जा चुका है। यह पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा गांवों में विकास कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों को सुदृढ़ करना है। अभियान में संपत्ति कर, जल कर, प्रकाश कर एवं सफाई कर सहित अन्य करों की प्रभावी वसूली की जा रही है। संगठित प्रयासों से मिली सफलता जिले में ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ 18 दिसम्बर, 2025 से प्रारंभ होकर 17 जनवरी, 2026 तक संचालित है। अभियान का महत्व ग्रामीणों में समय पर टैक्स भरने के प्रति जन-जागरूकता लाना है। 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान की सफलता के लिये बुरहानपुर जिले की सभी 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित की गईं। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं ग्राम प्रभारियों ने निरंतर निगरानी और समन्वयता के साथ कार्य किया। ग्राम स्तर पर लगातार बैठकों, चौपालों एवं जागरूकता गतिविधियों से ग्रामीणों को ‘‘कर’’ भुगतान के महत्व से अवगत कराया गया। कर दाताओं को किया सम्मानित, नाम भी किये अंकित अभियान की सफलता में दीवार लेखन कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवारों पर अंकित प्रेरक स्लोगनों के माध्यम से आमजनों में जागरूकता का विस्तार किया गया, साथ ही टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। ग्रामीणों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कर दाताओं के नाम पंचायत कार्यालयों एवं मुख्य दीवारों पर अंकित किए गए, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। पंचायतों में होगा विकास अभियान में जनपद पंचायत बुरहानपुर की 77 ग्राम पंचायतों में लगभग 245.95 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत खकनार की 90 ग्राम पंचायतों में करीबन 130.83 लाख रुपये का टैक्स ग्रामीणों द्वारा जमा किया गया। ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ अंतर्गत ग्रामीणजनों ने सहभागिता करते हुए आगे आकर बकाया ‘‘करो’’ का भुगतान कर जागरूक नागरिक होने की भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता अभियान की सफलता में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण रही। नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को ने स्वयं टैक्स जमा कर ग्रामीणों को प्रेरित किया। इससे ग्रामीणों को सकारात्मक संदेश मिला एवं ‘‘कर’’ भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी। जनपद पंचायत बुरहानपुर की ग्राम पंचायत जैनाबाद, लोनी, झिरी एवं मोहम्मदपुरा तथा जनपद पंचायत खकनार की ग्राम पंचायत लोखंडिया, दाहिन्दा, देड़त लाई एवं अम्बाडा रैयत में सभी के सहयोग से अधिकतम ‘‘कर’’ राशि जमा हुई। बुरहानपुर की जैनाबाद ग्राम पंचायत में 17 लाख 87 हजार रूपये से अधिक तथा खकनार की लोखंडिया ग्राम पंचायत में 8 लाख 75 हजार रूपये टैक्स जमा हुआ, जो जिले में सबसे अधिक टैक्स जमा करवाने वाली ग्राम पंचायतों में अग्रणी है। विकास कार्यों को मिलेगी नई गति संग्रहित कर राशि का उपयोग गांवों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। यह अभियान ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल और विकासात्मक पहल है।  

ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, डिजिटल गवर्नेंस और बड़े पैमाने पर सुधारों ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर

पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश भर में हुए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम सामने आया “मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों को किया लागू सरकार की नीतियों का उद्योग और निवेशकों के साथ ही आम नागरिकों को भी मिला सीधा लाभ विभागों के चक्कर घटे, मंजूरियां तेज हुईं और शासन व्यवस्था बनी अधिक पारदर्शी लखनऊ, उत्तर प्रदेश अब "बॉटलनेक" से "ब्रेकथ्रू" राज्य में परिवर्तित हो चुका है। और, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेश के लिए ऐसा कहना केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि पिछले साढ़े आठ से अधिक वर्षों में हुए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, पुरानी प्रक्रियाओं और जटिल अनुमतियों की संस्कृति को बदलते हुए निवेश और विकास के लिए एक नया मॉडल खड़ा करने में सफलता हासिल की। “मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों को इस तरह जोड़ा गया कि उद्योग, निवेशक और आम नागरिके, तीनों को सीधा लाभ हुआ। विभागों के चक्कर लगाने की परंपरा ध्वस्त हुई, त्वरित मंजूरी की व्यवस्था स्थापित की गई और शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने 2017-18 में 12वें स्थान से आगे बढ़ते हुए 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2022 और 2024 में राज्य को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला, जबकि लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी राज्य लगातार ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा। वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर रहा, यानी सुधार केवल कागज़ों पर नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर मान्य और मापनीय रहे। यही नहीं, सरलीकरण और भूमि प्रशासन में उत्तर प्रदेश को ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया, जिसने निवेश के रास्ते की पारंपरिक बाधाओं को हटाने में बड़ी भूमिका निभाई। डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम बना गेमचेंजर ‘निवेश मित्र’ पोर्टल ने प्रदेश में औद्योगिक मंजूरियों की पूरी तस्वीर बदल दी। 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गईं, 20 लाख से अधिक स्वीकृतियां डिजिटल रूप से जारी हुईं और 97% से अधिक आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण हुआ। उपयोगकर्ताओं में 96% संतोष दर्ज होना इस व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रमाण है। अब निवेश मित्र 3.0 विकसित किया जा रहा है, जो AI आधारित डैशबोर्ड, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाओं और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था के साथ अगले स्तर का स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल प्रस्तुत करेगा। नियामक अनुपालन का सरलीकरण उद्योग जगत की सबसे बड़ी शिकायत, जटिल अनुपालन प्रणाली को योगी सरकार ने व्यवस्थित तरीके से संशोधित किया। 65 विभागों में 4,675 अनुपालन कम किए गए। 4,098 अनुपालनों का डिजिटलीकरण एवं सरलीकरण किया गया। 577 अनुपालन अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) किए गए। 948 पुराने अधिनियम/नियम/विनियम निरस्त किए गए। इसके साथ ही, ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त हुई, 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण आवश्यकता हटाई गई और श्रम, अग्निशमन, परिवहन, विधिक माप विज्ञान में अपराधों की कम्पाउंडिंग व्यवस्था लागू कर व्यवसाय-हितैषी वातावरण बनाया गया। यूपी की निवेश नीतियों को केंद्र ने भी दी मान्यता डी-रेगुलेशन के क्षेत्र में किए गए इन सुधारों को केंद्र सरकार ने भी औपचारिक रूप से मान्यता दी है। केंद्र द्वारा संचालित “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग केवल कागजी मूल्यांकन नहीं, बल्कि जमीन पर लागू किए गए सुधारों के आधार पर दी गई है। अनावश्यक अनुपालन समाप्त करने, लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल बनाने और दंडात्मक प्रावधानों को घटाकर सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से उद्योगों के कामकाज में गति आई है। इस मान्यता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया और उत्तर प्रदेश को एक स्थिर, पारदर्शी और एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित किया है, जहां निवेशकों को नियमों की अनिश्चितता नहीं झेलनी पड़ती। उद्योग स्थापना से बदली जमीनी तस्वीर एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स हब, इन सबने उत्तर प्रदेश को उभरते औद्योगिक पावरहाउस के रूप में स्थापित किया है। नए निवेश ने रोजगार, निर्यात और एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है और वैश्विक निवेशकों का विश्वास राज्य के प्रति बढ़ा है। आगे की दिशा उत्तर प्रदेश में सुधारों का दौर अब “नीति निर्माण” से आगे बढ़कर तेज क्रियान्वयन और परिणाम देने के चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले समय में परियोजनाओं की निगरानी और भी सख्त होगी, निवेशकों को द्रुतगामी सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। योगी सरकार ने बाधाओं को अवसर में बदलते हुए यह साबित किया कि उत्तर प्रदेश अब सचमुच ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’ राज्य बन चुका है और अगला लक्ष्य इसे वैश्विक निवेश एवं विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर पंजीकरण एवं नवीनीकरण की मिल रही सुविधा

लखनऊ, योगी सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने तथा उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं श्रमिकों के पंजीयन/नवीनीकरण के उद्देश्य से बुधवार को लेबर अड्डा मोहनलालगंज, लेबर अड्डा बुद्धेश्वर तथा लेबर अड्डा बाराबिरवा, आशियाना, लखनऊ में जागरूकता अभियान एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रमिकों ने योजनाओं के प्रति रुचि दिखाई और पंजीयन प्रक्रिया का लाभ उठाया। मौके पर पात्र श्रमिकों का कराया गया पंजीकरण शिविर के माध्यम से निर्माण श्रमिकों को कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना तथा अटल आवासीय विद्यालय योजना सहित बोर्ड द्वारा संचालित प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान मौके पर ही पात्र पाए गए श्रमिकों का पंजीकरण भी कराया गया। अटल आवासीय में अधिकाधिक आवेदन पर जोर जागरूकता शिविर में विशेष रूप से अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु कक्षा-06 एवं कक्षा-09 में प्रवेश के लिए अधिकाधिक आवेदन कराने पर जोर दिया गया। बोर्ड के अंतर्गत न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके श्रमिकों को अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवेदन करने हेतु प्रेरित किया गया। लाभार्थियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य शिविर के आयोजन में विज्ञान फाउंडेशन एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी शक्तिराय, संतोष कुमार एवं सुनील कुमार की सक्रिय उपस्थिति रही। अधिकारियों ने श्रमिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु समय से पंजीयन एवं नवीनीकरण कराने की आवश्यकता पर बल दिया। अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र, कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत होना एवं पंजीयन का नियमानुसार नवीनीकरण अनिवार्य है। श्रमिक अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण सी.एस.सी. ई-डिस्ट्रिक्ट सेंटर, सी.एस.सी. ई-गवर्नेंस सेंटर अथवा बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in के माध्यम से करा सकते हैं।

करहीडीह ईकाई साहु समाज के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तहसील अध्यक्ष पोषण साहू शामिल हुए

रायपुर जिला साहू समाज के जिला अध्यक्ष नंदलाल साहू, तहसील अध्यक्ष पोषण साहू के मार्गदर्शन एवं करहीडीह साहू समाज इकाई के द्वारा सर्वसम्मति से राजेश साहू को करहीडीह साहू समाज इकाई का अध्यक्ष चुना गया इसके पश्चात शपथ ग्रहण समारोह आज संपन्न हुआ ज्ञात हो कि करहीडीह साहू समाज में वर्तमान कार्यकाल के पहले तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में हेतु दास साहू थे जिनके कार्यकाल में समाज में कई सकारात्मक कार्य हुआ वही सामाजिक हितों के लिए कई बड़े निर्माण कार्य भी किया गया जिसमें हेतु दास साहू क्षेत्रीय विधायक एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग कर करहीडीह इकाई साहू समाज के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बेहतर कार्य किया था जिनको समाज के नागरिकों ने कार्यक्रम के पश्चात स्मरण किया हेतु दास के पहले पूर्व में सुकृति दास साहू समाज के अध्यक्ष के रूप में करहीडीह इकाई साहू समाज के अध्यक्ष थे उस समय भी सुकृति दास साहू ने अहम जिम्मेदारी पुरी की थी ज्ञात हो कि सुकृत साहू को समाज में कार्य करने का लंबा अनुभव है और उसी सकारात्मक अनुभवों को सामाजिक लोगों को में परोसते हुए कई सामाजिक नागरिकों को मुख्य धारा में लाने का कार्य किया गया वही समाज में एकता वा भाईचारा स्थापित करना सुकृत दास साहू का मुख्य उद्देश्य रहा है और यही खास वजह है कि कार्यकाल को आज भी समाज के लोग याद करते हैं तहसील साहू समाज के अध्यक्ष पोषण साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि साहू समाज में नए नियम वाली आ चुका है उनमें जितने भी नियम वाली है उनके पूरे ईमानदारी और निष्ठा से पालन करते हुए समाज के हितों में कार्य करने तहसील भर के अलग-अलग इकाइयों में जाकर सामाजिक पदाधिकारी को सकारात्मक पहल करने लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है कार्यक्रम का संचालन ललित दास साहू ने किया और कार्यक्रम को बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही कार्यक्रम में चुने गए करहीडीह इकाई के साहू समाज के अध्यक्ष राजेश साहू ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारे वरिष्ठ भूतपूर्व समाज के अध्यक्ष सुकृति दास साहू, तत्कालीन अध्यक्ष हेतु दास साहू एवं समाज के वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन में मैं समाज हित में काम करने का सदैव सकारात्मक प्रयास करूंगा कार्यक्रम में चुने गए पदाधिकारी का नाम इस तरह से है राजेश साहू अध्यक्ष ,भुनेश्वर साहू कार्यकारी अध्यक्ष, रोहित साहू परिक्षेत्र संगठन सचिव, आत्माराम साहू सलाहकार, मंगल साहू परिक्षेत्र उपाध्यक्ष, नेहरु साहू कोषाध्यक्ष, भुवन दास साहू अभिषेक साहू, उपाध्यक्ष, सुनील साहू सचिव,  भगवती साहू संगठन सचिव, दीपक साहू उप कोषाध्यक्ष, लखेश्वर साहू जीतेश्वर साहू प्रचार सचिव,  चंद्रिका साहू महिला उपाध्यक्ष, कुसुम साहू महिला संगठन सचिव, गजानंदन साहू, महेंद्र  साहू राधिका प्रसाद साहू ,  नारायण साहू न्याय प्रकोष्ठ, अनिल साहू युवा प्रकोष्ठ, जागू साहू, मोहन साहू, दीनदयाल साहू सलाहकार, उगेश्वरी साहू संयोजिका, रोहिणी साहू उपसंयोजिका, क्रांति साहू, कामिन साहू, लता साहू, शांति साहू, धनेश्वरी साहू, पीकेश्वरी  साहू, टेमीन साहू, कार्यकारी सदस्य, जगत साहू, युवराज साहू, सोमनाथ साहू, डीमेंद साहू, उपेंद्र साहू, शांतिलाल साहू, भुनेश्वर साहू, जितेंद्र साहू, कार्यकारणी सदस्य भुवन साहू,देवलाल साहू चोवा साहू पार प्रमुख,। एवं समस्त इकाई साहू समाज करहीडीह वार्ड नंबर 15 जिला दुर्ग

भारत सरकार के वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन पोर्टल पर पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे

मध्‍यप्रदेश ने रचा कीर्तिमान मंत्री श्री परमार ने विभाग को दी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदेश के 617 से अधिक उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने कराया पंजीयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आसानी से मिल रहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शोध पत्रिकाएं और पुस्‍तकें भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और सतत् नवीन आयाम स्पर्श कर रहा है। मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित क़ी है। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में पूरे देश में सिरमौर बनकर उभरा है। वैश्विक स्तर की शोध पत्रिकाओं (जर्नल्स) और डिजिटल लाइब्रेरी तक विद्यार्थियों की पहुंच बनाने में मध्‍यप्रदेश ने कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' पोर्टल पर पंजीयन कराने में प्रदेश देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के कुल 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीयन कराया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक राज्‍य है, यहां के 480 संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। प्रदेश में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश स्‍तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया। दूसरे चरण में प्रत्येक उच्चतर शिक्षण संस्थानों में संस्थावार नोडल अधिकारी नामांकित किए गए। इसके बाद तृतीय चरण में संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा संस्था के प्राध्‍यापकों एवं संस्था में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नामांकित करके उनके आईडी एवं पासवर्ड जनरेट कर यूजर्स को उपलब्ध कराया जाता है, फिर यूजर को आईडी पासवर्ड के माध्यम से 'ओएनओएस' पोर्टल पर जाकर लॉगि‍न करना होगा। इसके बाद यूजर पोर्टल पर उपलब्ध शोध पत्रों/पुस्तकों को निः शुल्क पढ़ सकता है। देश में 98 लाख 44 हजार 813 यूजर, इसमें मध्‍यप्रदेश से 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रि‍काएं जर्नल्स और पुस्‍तकें एक ही जगह पर आसानी से उपलब्‍ध हो सके, इसके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा “वन नेशन वन सब्‍सक्रिप्‍शन” वन नेशन, वन सबसक्रिप्शन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्‍यम से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 30 प्रमुख प्रकाशनों के शोध पत्रों एवं पुस्तकों को 'वन नेशन-वन सब्‍सक्रिप्‍शन' पोर्टल पर आसानी से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। पोर्टल पर डिजिटल शि‍क्षा का उपयोग करने के मामले में मध्‍यप्रदेश देश में सबसे आगे है। अब तक प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। आज देश में 98 लाख 44 हजार 813 वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। इससे राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संवर्धन और वैश्विक ज्ञान तक समान पहुंच को बढ़ावा मिल रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजना चलाई जा रही है। योजना के माध्‍यम से पोर्टल पर भारत सरकार द्वारा वि‌द्यार्थियों को शोध के लिए देश विदेश के 30 से अधि‍क प्रमुख प्रकाशकों की शोध पत्रिकाएं व पाठयपुस्‍तकें नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। पोर्टल पर पंजीयन कराने के मामले में मध्‍यप्रदेश, देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थान अब तक पंजीयन करा चुके हैं। 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थी-शोधार्थी पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में भी मध्‍यप्रदेश, पूरे देश में प्रथम स्‍थान पर है।