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सोमनाथ मंदिर हमले पर देशव्यापी शिव उपासना अभियान की शुरुआत, महाकाल मंदिर से बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने की पहल

उज्जैन  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज सुबह महाकाल मंदिर में दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों से भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया गया है। खंडेलवाल ने कहा कि इसी क्रम में उन्होंने आज महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों, जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और जयकारा लगाया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे शिव मंदिरों में जाकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें और देश की शांति, समृद्धि एवं सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना करें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें। इसी भावना के साथ महाकाल मंदिर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।

बिहार में एक साथ 23 आईएएस अफसरों के तबादले, नई जिम्मेदारी का आदेश जारी

पटना  बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने 23 आईएएस अफसरों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। इनमें से एक को एडिशनल चार्ज सौंपा गया है। पूर्णिया, बाढ़, महुआ (वैशाली), पालीगंज, नौगछिया और बगहा (पश्चिम चंपारण) के अनुमण्डल पदाधिकारी बदले गए हैं। इसके अलावा उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और नगर आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव हुआ है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 9 जनवरी 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है। आईएएस अधिकारी समीर सौरव उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना को स्थानांतरित करके प्रबंध निदेशक कम्फेड पटना के पद पर भेजा गया है। दीपक कुमार मिश्रा नगर आयुक्त नालंदा को संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्हें अपर निदेशक, मिशन निदेशक का कार्यकाल, बिहार विकास मिशन पटना का एडिशनल चार्ज भी सौंपा गया है। इन आईएएस अफसरों का हुआ तबादला      अभिषेक पलासिया, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद खगड़िया को नगर आयुक्त, गया नगर निगम, गयाजी के पद पर पदस्थ किया गया है।     कुमार निशांत विवेक, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज को नगर आयुक्त बिहार शरीफ नगर निगम नालंदा के पद की जिम्मेदारी दी गई है।     श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद नालंदा को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना पद का प्रभार सौंपा गया है।     शुभम कुमार, नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम को विकास उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद नालंदा के पद पर पदस्थ किया गया है।     शिवाक्षी दीक्षित नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम को अगले आदेश तक नगर आयुक्त बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण पद पर भेजा गया है।     पार्थ गुप्ता अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिया को नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम मुंगेर के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।     सूर्य प्रताप सिंह उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद के कैमूर, भभुआ को उपविकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद समस्तीपुर के पद पर भेजा गया है।     लक्ष्मण तिवारी, नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद सारण, छपरा के पद की जिम्मेदारी मिली है।     आशीष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ पटना को नगर आयुक्त मोतिहारी नगर निगम मोतिहारी पद पर भेजा गया है।     किसलय कुशवाहा अनुमंडल पदाधिकारी, महुआ, वैशाली को नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम पद की जिम्मेदारी दी गई है।     गौरव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बगहा पश्चिमी चंपारण को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज के पद पर पदस्थ किया गया है।     श्वेता भारती को उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, खगड़िया पद पर भेजा गया है।     दिव्या शक्ति को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, सहरसा पद की जिम्मेदारी दी गई है। 11 बीएएस अफसरों को भी मिली नई जिम्मेदारी  राज्य सरकार ने शुक्रवार को कई बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी और सचिव समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव किया गया है। पदस्थापना के प्रतीक्षा कर रहे चंदन कुमार को पालीगंज पटना का अनुमण्डल पदाधिकारी बनाया गया है।  ज्योत्सना कृष्ण को विशेष कार्य पदाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग पद पर नियुक्त किया गया है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया सचिव संजय कुमार निराला को बनाया गया है। आशीष नारायण अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर नालंदा को विशेष कार्य पदाधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी दी गई है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जमुई पद पर कार्यरत अनिल कुमार को अनुमंडल पदाधिकारी गया सदर पद पर भेजा गया है। उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद पर कार्यरत राजीव रंजन कुमार सिंह को अपर समहर्त्ता- सह- अपर जिला दंडाधिकारी नालंदा पद की जिम्मेदारी दी गई है।

हरियाणा में पहली से आठवीं तक की 11 से 18 मार्च तक होंगी परीक्षाएं

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025 -26 के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं एवं सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी गई है। जारी आदेशों के अनुसार वार्षिक परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा प्रातः 8:30 बजे से 11 बजे तक आयोजित की जाएगी। भाषा विषयों की परीक्षा अवधि दो घंटे और अन्य विषयों की परीक्षा अवधि ढाई घंटे निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एनईपी-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा में परिणाम संतोषजनक नहीं रहेगा और जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, उनके लिए अप्रैल 2026 में सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। कक्षा पहली से पांचवीं तक की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं लिखित व मौखिक मूल्यांकन के आधार पर होंगी, जबकि कक्षा छठी से आठवीं तक विषयवार लिखित परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कक्षा पहली से पांचवीं तक का मूल्यांकन एफएलएन फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। प्रश्नपत्रों का सिलेबस और डिजाइन एससीईआरटी हरियाणा की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जारी डेटशीट को विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ समय पर साझा करें, परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष निर्धारण, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, मूल्यांकन कार्य और अनुशासन बनाए रखना सुनिश्चित करें। विभाग ने यह भी कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा माहौल मिल सकें।

नए भारत की झलक: प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से सामने आई नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से झलकी नए भारत की तस्वीर लखीमपुर खीरी रसोई में गैस सिलेंडर खत्म हो जाना कभी पूरे दिन की परेशानी बन जाया करता था, लेकिन आज वही स्थिति कुछ ही मिनटों में सुलझ जाती है। ऐसा ही एक भावनात्मक अनुभव एक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की साधारण गृहिणी अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में साझा किया है, जो बदलते भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग 42 वर्षीय अरुणा श्री, जिनका विवाह वर्ष 2004 में हुआ, एक सामान्य परिवार से आती हैं। अपने पत्र में उन्होंने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए लिखा कि उस दौर में एलपीजी गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतजार, सिफारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता, लेकिन अब उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी के अनुसार, यह भले ही छोटी घटना लगे, लेकिन इसमें आज और 2004 के भारत के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। अपने पत्र में उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को लिखा यह पत्र बताता है कि जब नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भरोसे और सुकून का रूप ले लेती हैं—और यही विकसित भारत की असली पहचान है।

अंबिकापुर जिला स्वास्थ्य विभाग में वॉक-इन-इंटरव्यू से होगा विशेषज्ञ डॉक्टर्स का चयन

अंबिकापुर. जिला स्वास्थ्य समिति, जिला सरगुजा (छ.ग.) अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालय, मातृ एवं शिशु अस्पताल, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा FRU (फंक्शनल रोटेटिंग यूनिट) के सुचारू संचालन हेतु जिला खनिज न्यास मद (DMF) के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों के कुल 08 पदों पर संविदा नियुक्ति की जा रही है। इन पदों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 04 पद, शिशुरोग विशेषज्ञ के 02 पद तथा निश्चेतना विशेषज्ञ के 02 पद शामिल हैं। उक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रत्येक सोमवार को प्रातः 11:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा (छ.ग.) में उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सोमवार को शासकीय अथवा स्थानीय अवकाश होने की स्थिति में आवेदन मंगलवार को लिए जाएंगे। चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर संविदा नियुक्ति वांछित शैक्षणिक योग्यता एवं कार्य अनुभव के आधार पर की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को निगोशियेबल सैलरी प्रदान की जाएगी। इस संबंध में आवेदन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), जिला सरगुजा के पोर्टलhttps://surguja.gov.inके माध्यम से विज्ञापित किए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्यंत आवश्यक एवं सेवा से सीधे जुड़े पदों की प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं हेतु मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके तथा विशेषकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हो। सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

केसी त्यागी की JDU से छुट्टी, पार्टी ने कहा- ‘अब उनका हमारे साथ कोई संबंध नहीं’

पटना  जेडीयू के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में अध्याय अब समाप्त हो चुका है. हाल के दिनों में के.सी. त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों के अनुसार, त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उन्हें दूरी बनाने का फैसला किया. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब के.सी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है.  के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. उन्होंने बाकायदा पीएम मोदी को लेटर लिखकर इसकी मांग की थी. अपने पत्र में त्यागी ने लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके पूरी तरह हकदार हैं. लेकिन जेडीयू ने उनकी इस मांग से किनारा कर लिया. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'के.सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है. दरअसल, वह जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है. इसलिए उनके बयानों को और उनकी विज्ञप्ति को उनकी निजी क्षमता में दिए गए बयान के तौर पर लेना चाहिए.' सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के.सी. त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. इसकी वजह पार्टी से उनके लंबे और पुराने संबंध बताए जा रहे हैं. जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, के.सी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते. मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में दिया था बयान भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों और राजनीतिक रुख में उनका कोई दखल नहीं होगा. जेडीयू नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल संतुलित रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यह अलगाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से हुआ है. जेडीयू के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. बता दें कि हाल ही में के.सी. त्यागी ने मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुजरा. उन्होंने कहा था, 'खेल में राजनीति नहीं लाना चाहिए. जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएम में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.' बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल में लेने का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ. इसके बाद बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया. हालांकि, के.सी. त्यागी ने ये माना था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों से भारत में गुस्सा है. लेकिन उनका आईपीएल को लेकर दिया गया बयान जेडीयू को रास नहीं आया. पार्टी सूत्रों का मानना है कि उन्हें आईपीएल पर बयान देने की क्या जरूरत है और वो भी ऐसा बयान जो जनमत की भावना के खिलाफ हो और एनडीए गठबंधन में अलग-अलग राय दिखाए?  जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो तो सरकार के सहयोगी दल के नाते बोलने से पहले त्यागी को पार्टी में बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. के.सी. त्यागी पहले भी बड़े सरकारी पदों पर लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्ति, समान नागरिक संहिता और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर एनडीए की नीतियों से अलग बयान दे चुके हैं, जिसने जेडीयू के लिए असहज स्थिति में डाल दिया. इन बयानों के कारण ही के.सी. त्यागी से जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी जगह राजीव रंजन को जेडीयू ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था. 

कॉस्मो ट्रेड फेयर एक्सपो में मुख्यमंत्री साय बोले- ‘विकसित छत्तीसगढ़ में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, श्रीराम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

हरियाणा में अब अस्पताल संचालकों को देना होगा आपरेशन का रिकार्ड

चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ अस्पतालों में केंद्र की आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के तहत मरीओं के इलाज में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद एक एडवाइजरी जारी की गई है। सीईओ आयुष्मान भारत (हरियाणा) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आइसीयू में भर्ती मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जरूरी होंगे और उन्हें चालू रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। जरूरी जांच में कैमरों की फुटेज उपलब्ध करानी पड़ेगी। इस एडवाइजरी को लेकर कई अस्पताल संचालकों की ओर से मरीजों की निजता पर सवाल उठे तो आइएमए हरियाणा की ओर से स्पष्ट किया गया कि एडवाइजरी में आइसीयू के गेट पर तथा गैलरी पर कैमरे चालू हालत में रखने के सलाह दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ जगहों पर आइसीयु तथा अन्य कंबर दुनिट के अंदर कैमरे लगाने की एडवाइजरी में उल्लेख नहीं हैं। आइएमए (हरियाणा) की ओर से प्रेस रिलीज में भी कहा गया है कि कुछ अस्पतालों की ओर से फर्जीवाड़ा किए जाने पर यह सलाह जारी की गई है। सीसीटीवी कैमरे के लिंक का इस्तेमाल कैवत सत्यापन के लिए होगा।

CJI सूर्यकांत यादें ताजा कर बोले- ‘हांसी से गुजरने पर याद आता है बचपन’

चंडीगढ़/हांसी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हांसी से जुड़ी यादें ताजा करते हुए कहा कि मैं जब भी कभी हांसी से गुजरता हूं बचपन याद आता है। बचपन की यादें इस शहर से जुड़ी हैं। पिता के साथ पहली बार सिनेमाघर में यहीं फिल्म देखी थी। न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने बचपन से सीजेआई बनने तक का सफरनामा सामने रखा। न्यायाधीश के रूप में 22 वर्ष पूरे होने की बात सबसे पहले हांसीवासियों के सामने कही। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने पिता के साथ हांसी के सिनेमाघर में फिल्म देखी थी। 20 अप्रैल 1984 को उनकी लॉ की अंतिम परीक्षा थी और 21 अप्रैल 1984 से उन्होंने हिसार कोर्ट में वकालत शुरू कर दी। 29 जुलाई को उन्हें वकालत का लाइसेंस मिला। इसके बाद उन्हें हिसार के नामी वकीलों के साथ चंडीगढ़ के उच्च न्यायालय में भी वकालत करने का अवसर मिला। तब जज ने कहा था- इसे उच्च न्यायालय में भेज दो सीजेआई ने बताया कि उनके पिता कुछ समय के लिए हांसी में तैनात रहे। यहां स्कूल में उनका दाखिला करवाया गया। हांसी के सिनेमाघर में ही पहली बार फिल्म देखी थी। तब उनके पिता साइकिल पर बिठा कर उन्हें लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि लॉ की पढ़ाई के बाद परिजनों ने उन्हें कोर्ट में जाने के लिए कहा था। 21 अप्रैल 1984 से हिसार कोर्ट में वकालत शुरू की थी। उसके बाद 29 जुलाई 1984 में उन्हें लाइसेंस मिला। उन्होंने कहा कि एक बार कोर्ट में नामी वकील के सामने केस की बहस की थी। तब जज ने फैसला सुनाते हुए उनके बारे में कहा था कि इस युवक का भविष्य खराब न करके इसे उच्च न्यायालय में भेज दो। इसके बाद नामी वकील अपने साथ उन्हें चंडीगढ़ के साथ गए। अटैची में दो कपड़े डालकर वह चंडीगढ़ चले गए। हिसार में दो वकीलों का पूरा आशीर्वाद मिला था। पत्नी को विशेष अतिथि बताया समारोह में जज मंच पर बैठे जजों व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का नाम ले रहे थे तो उन्होंने अपनी पत्नी सविता को विशेष अतिथि कहकर सबको गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि कहीं नाम लेने से चूक न जाएं और मुश्किल हो जाए इसलिए नाम लिया है। पिता की फोटो देख भावुक हुए स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पहुंचने पर सीजेआई को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मंच पर बार एसोसिएशन के प्रधान पवन रापड़िया ने उन्हें भगवान श्रीराम का मूर्ति भेंट की। डीसी डॉ. राहुल नरवाल ने सीजेआई को उनका चित्र भेंट किया। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने सीजेआई को उनके पिता मदन गोपाल शास्त्री की हाथ से बनी हुई फोटो भेंट की जिसे देख सीजेआई भावुक हुए व फोटो को माथे से लगाया। एसडीएम ने पहली बार सीजेआई के पिता को ही अपनी कविता सुनाई थी। यह एसडीएम के लिए भी यादगार थी। एडवोकेट पारिशा राजपाल ने उच्च न्यायालय की जज अल्का सरीन का स्वागत किया। हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि : सीजेआई हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि है। सीजेआई ने कहा कि मैं हांसी से भावना से जुड़ा हुआ हुं। शपथ ग्रहण के समय भी हांसी के वकील व परिवार के सदस्य वहां उपस्थित थे। जिला बनने से पुरानी मांग हुई पूरी सीजेआई ने कहा कि हांसी को जिला बनाने से पुरानी मांग पूरी हुई है। इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि जब हांसी कोर्ट परिसर का नया भवन बना था। वह तब यहां आए थे। तब भी यहां हांसी को जिला बनाने की मांग उठी थी। उन्होंने कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना के सामने कहा कि पहले लोग कहते थे कि हांसी जिला नहीं बनता है तो यहां पर सेशन कोर्ट बना दें। हांसी जिस रफ्तार से बोझ बढ़ा, वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना मंच पर वकीलों को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा कि पहले कोर्ट परिसर की ऐसी व्यवस्था होती थी कि जहां ज्यूडिशियल अधिकारी, महिला वकीलों के लिए शौचालय तक नहीं थे। वकीलों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। धीरे धीरे देश ने प्रगति कर न्यायिक व्यवस्था का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बदला। हरियाणा ने देश में न्यायिक व्यवस्था में अच्छा नाम कमाया है। सभी सेशन व उपमंडल स्तरीय कोर्ट में अच्छे कोर्ट परिसर हैं। जिस रफ्तार से न्यायिक व्यवस्था पर बोझ बढ़ा है उस रफ्तार के हिसाब से अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बन पाया है।