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CM मान बोले- पेशी का लाइव टेलीकास्ट में लाउंगा गोलक का हिसाब-किताब

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।पंजाब के CM भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से अपील की कि 15 जनवरी को जब वह अकाल तख्त पर पेश हों तो सभी चैनलों पर उसका लाइव टेलीकास्ट किया जाए। मान ने सोशल मीडिया X पर लिखा- पूरी दुनिया से मुझे संदेश आ रहे हैं कि 15 जन मैं भी दुनिया भर की संगत की भावना को समझते हुए जत्थेदार को विनती करता हूं कि मेरे स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण किया जाए। ताकि संगत पल-पल और पैसे के हिसाब–किताब से जुड़ी रहे। मिलते हैं जी 15 जनवरी को, सबूतों समेत। मान के इस बयान पर SGPC मेंबर गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कोई चीज महसूस की हाेगी। जनता के बीच एतराज आया, इसलिए मुख्यमंत्री को बुलाया। इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका कारण दुनिया को पता है, जो दस्तावेज अकाल तख्त जाएंगे, वह ऐतिहासिक होंगे। अकाल तख्त पर जा रहे हो तो शर्तें न लगाई जाएं। पंजाब CM मान की सोशल मीडिया पोस्ट… CM मान को अकाल तख्त पर तलब क्यों किया जा रहा… यह विवाद पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी के शबद गायन के बाद शुरू हुआ। जिसमें जस्सी के शबद गायन पर अकाल तख्त जत्थेदार ने एतराज जताया था। उनका कहना था कि जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए वह शबद गायन नहीं कर सकते। इस पर सीएम मान ने कहा कि अगर ऐसा है तो फिर पतित सिखों के माथा टेकने और गोलक में पैसे डालने पर भी रोक लगा दो। अकाल तख्त जत्थेदार ने वीडियो, टिप्पणियों पर जताई थी नाराजगी सीएम भगवंत मान के बयानों के बाद अकाल तख्त जत्थेदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गुरुओं के दशवंध के सिद्धांत से जुड़ी गुरु की गोलक के बारे में टिप्पणी आपत्तिजनक है। जत्थेदार ने बरगाड़ी और मौड़ के बेअदबी व बम धमाके के केसों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा जत्थेदार ने एक वीडियो को लेकर भी आपत्ति जताई कि सीएम मान गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में पेश होने को कहा है। CM मान ने कहा था- नंगे पैर पेश होने जाऊंगा जत्थेदार के तलब करने के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि वह विनम्र सिख की तरह अकाल तख्त पर पेश होने जाएंगे। इस दौरान सीएम ने उसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम में न जा पाने के बारे में भी जानकारी दी थी। CM मान ने कहा था- श्री अकाल तख्त साहिब से आया हुक्म सिर-मत्थे, दास मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक विनम्र सिख की तरह नंगे पैर चलकर हाजिर होगा। 15 जनवरी को राष्ट्रपति गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए आ रही हैं, उस दिन के लिए माफी मांगता हूं।

राजनांदगांव बना समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी करने वाला पहला जिला

राजनांदगांव. 7 जनवरी की स्थिति में पूरे राज्य से केवल राजनांदगांव जिले द्वारा समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी करते हुए प्रदेश में पहला जिला बनने का गौरव प्राप्त किया है. प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत समर्थन मूल्य पर खरीफ में सोयाबीन, अरहर, उड़द तथा मूंग फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करते हुए जिले में इस प्रकार के 15 उपार्जन केंद्र चिन्हित किए गए हैं. साथ ही समस्त उपज कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समितियों को उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है. राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन तिलहन फसलों की खरीदी जा रही है. जिसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही जारी किया जा चुका है. जिसके अनुसार सोयाबीन 5328 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग 8768 रु, उड़द 7800 रु, अरहर 8000 रु प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. साथ ही उपार्जन सीमा भी निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग तीन क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है. प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत समर्थन मूल्य पर खरीफ में सोयाबीन, अरहर, उड़द तथा मूंग फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर राज्य भर में अलग-अलग सेवा सहकारी समितियां को उपार्जन केंद्र का दर्जा दिया गया है। जिले में इस प्रकार के 15 उपार्जन केंद्र का चिन्हांकन किया गया है, साथ ही स्वर्ण उपज कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान को उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन, तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही जारी किया जा चुका है। जिसके अनुसार सोयाबीन रूपए 5328 रूपए प्रति, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही उपार्जन की मात्रा भी तय की गई है। जिसके अनुसार सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग तीन क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। अब तक पूरे राज्य में केवल राजनंदगांव जिले द्वारा प्राइस सपोर्ट स्कीम की शुरूआत करते हुए किसान हेमंत कुमार नायक एवं विनोद वर्मा से स्वर्ण उपज बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान उपार्जन केंद्र में 5 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई। जिसकी कुल 26640 रूपए होती है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में जिले के किसानों द्वारा अरहर, मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की फसल का उपार्जन समितियों में किया गया। उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि नाफेड द्वारा समृद्धि पोर्टल जो कि एकीकृत किसान पोर्टल से लिंक के माध्यम से ऑनलाइन खरीदी कर दलहन, तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का सीधा लाभ उनके बैंक अकाउंट में प्राप्त होगा। आने वाले वर्षों में यह दलहन, तिलहन क्षेत्र विस्तार हेतु महत्वपूर्ण योजना बनाकर उभरेगा।

इंदौर महापौर के खिलाफ संघ का एक्शन, दूषित पानी की त्रासदी पर कलेक्टर के साथ हुई बैठक

इंदौर  दूषित पानी से 18 मौतों के साथ अब तक उल्टी-दस्त के 3200 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे-बुजुर्ग और महिलाएं हैं। यह त्रासदी नगर निगम के अफसर और जनप्रतिनिधियों की रोज की लापरवाह कार्यशैली से हुई। भागीरथपुरा में जर्जर सप्लाई लाइन को नई में बदलने के लिए एमआइसी में प्रस्ताव पास होने से लेकर वर्क ऑर्डर देने में ही काफी देरी हुई। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार देर रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों से भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल को लेकर बात की गई। अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर की लेटलतीफी नगरीय विकास एसीएस संजय दुबे की बैठक में अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ही इस फाइल पर 67 दिन बाद हस्ताक्षर किए थे। दूसरे मामले में टेंडर की फाइल बनाने में 7 माह लगा दिए। वर्क ऑर्डर भी दिए तो लेटलतीफी ऐसी कि 10 माह में पूरा होने वाला काम 35 माह में पूरा नहीं हुआ। इधर, आरएसएस ने बुधवार शाम महापौर भार्गव व कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया। संघ कर्यालय में डेढ़ घंटे मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने बैठक ली। बताते हैं, संघ पदाधिकारियों ने उचित व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दिया। दोनों की क्लास भी लगाई। सूत्रों ने यह भी बताया कि संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है। महापौर भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय 'सुदर्शन' सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। उन्हें छोड़ने के बाद शासकीय वाहन वापस रवाना हो गया था। बैठक खत्म होने के बाद वे अपने निजी वाहन से लौटे। बैठक से बाहर आने के बाद महापौर भार्गव ने  कहा- मैं संघ कार्यालय आता रहता हूं। आज भी सहज ही आया था। इंदौर की छवि को ठीक करना प्राथमिकता सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह बात भी हुई है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और प्रशासनिक तालमेल की कमी की बात भी नहीं उठे। सभी अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को सुनें और उनके साथ तालमेल बैठाते हुए काम करें। चर्चा का फोकस इस बात पर रहा कि अब इंदौर की छवि को स्वच्छ करना है। पहली प्राथमिकता है कि भागीरथपुरा में हालात ठीक हो जाएं। यहां हर जरूरतमंद तक पहुंचा जाए। बीमारों के इलाज में किसी तरह की कोताही न हो। तारीखें बता रहीं जिम्मेदारों की करतूत भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या आने पर 25 नवंबर 2022 को नगर निगम की एमआइसी बैठक में 106 क्रमांक संकल्प पारित हुआ। इसमें भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन बिछाने और नए कनेक्शन के लिए मालवा इंजीनियरिंग का चयन किया गया। प्रस्ताव पास होने के बाद ये फाइल अचानक गायब हो गई। बताते हैं, यह परिषद कार्यालय में ही रखी रही। करीब 67 दिन बाद 30 जनवरी 2023 को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पर हस्ताक्षर किए। इसी तारीख में तत्कालीन आयुक्त ने दस्तखत किए। इसके चौथे दिन तत्कालीन अपर आयुक्त ने 3 फरवरी को हस्ताक्षर किए। तब जलकार्य समिति ने काम ठेकेदार को सौंपा। टेंडर की शर्तों के अनुसार, काम 10 माह में पूरा होना था। लेकिन अब तक इस वार्ड में काम पूरा नहीं हो सका। नई लाइन.. दूसरे प्रकरण में भी निगम की लापरवाही शहर के भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने के लिए 12 नवंबर 2024 को टेंडर के लिए फाइल बनाई। 7 माह बाद 30 जुलाई 2025 को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। टेंडर प्रक्रिया पूरे होने के महीनों बाद भी वर्क आर्डर जारी नहीं हुआ   अव्वल दर्जे की लापरवाही – 22 जुलाई 2022 को आयुक्त ने नई पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव बनाया – 25 नवंबर 2022 को एमआइसी में प्रस्ताव पास – 30 जनवरी 2023 को महापौर ने किए हस्ताक्षर – 30 जनवरी को ही आयुक्त कार्यालय ने मुहर लगाई – 03 फरवरी 2023 अपर आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव पर लगी मुहर कलेक्टर ने साधी चुप्पी, महापौर भार्गव बोले बैठक सामान्य थी संघ ने दूषित पानी से हुई घटना पर चिंता जताई है। इसी वजह से महापौर, कलेक्टर संघ दफ्तर पहुंचे। बताते हैं, दोनों की संघ पदाधिकारियों ने क्लास भी लगाई। बीते दिनों प्रशासनिक मतभेद का मामला भी सुर्खियों में रहा था, इस पर भी चर्चा हुई। संघ की आंतरिक रिपोर्ट भी बन रही है। आगे इसका महापौर और प्रशासनिक अफसरों पर असर देखने को मिल सकता है।

पंजाब के दावेदार न मिलने से RBI के पास जमा हैं 3100 करोड़ रूपए

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।

एमपी हाईकोर्ट ने दी टिप्पणी, न्याय के लिए शक्ति का इस्तेमाल होना चाहिए

जबलपुर आपसी समझौता का आवेदन निरस्त ट्रायल कोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कानून के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। जिससे कोर्ट प्रोसेस का गलत इस्तेमाल नहीं किया जा सके और न्याय का मकसद पूरा हो सके। अपराधों की प्रकृति और गंभीरता से समाज पर पड़ने वाले गंभीर असर को देखते हुए अपील को खारिज किया जाता है। इंदौर निवासी ने लगाई थी याचिका इंदौर निवासी रोशन खातरकर की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि भोपाल के मिसरोद थाने में शिकायतकर्ता शाहरुख खान ने उसके और सह अभियुक्त के खिलाफ पिस्टल की नोंक पर कार और मोबाइल लूटने की शिकायत दर्ज करवाई थी। दोनों पक्षों में पहले ही विवाद सुलझ गया है और उन्होंने धारा 320(2) के तहत ट्रायल कोर्ट ने आपसी समझौते के लिए आवेदन दिया था। ट्रायल कोर्ट ने अपराध कंपाउंडेबल नहीं होने के आधार पर आवेदन को खारिज कर दिया था। अंदरूनी शक्तियां हैं बड़ी एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि हाई कोर्ट की अंदरूनी शक्तियां बहुत बड़ी हैं। उनका मकसद न्याय का सही प्रशासन कायम रखना है। न्याय में होने वाली गलतियों को ठीक करना है। कोई अपराध कंपाउंडेबल नहीं है, इस आधार पर हाईकोर्ट अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने से इनकार नहीं कर सकता है। शक्ति का इस्तेमाल उन मामलों में किया जा सकता है, जहां आरोपी के खिलाफ सजा दर्ज होने की कोई संभावना नहीं है और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया बेकार साबित होने वाली है। शक्तियों का इस्तेमाल बहुत कम और सिर्फ उन मामलों में किया जाना चाहिए, जिसमें अभियोजन जारी रखना कानून प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। प्रकरण में दोनों पक्षों में आपस में लगे हुए प्लॉट के कारण सिविल विवाद की शुरुआत हुई थी। अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए याचिका को निरस्त किया जाता है।  

बिहार के 4 कोर्ट को उड़ाने की धमकी के बाद परिसर करवाए गए खाली

पटना. बिहार के 4 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट शामिल है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए दी गई है, जिसमें लिखा है- 'कोर्ट परिसर में 3 RDX रखा है। 2.30 बजे कोर्ट को बम से उड़ा देंगे।' धमकी के बाद प्रदेश के सभी कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस कोर्ट परिसर में छानबीन कर रही है। फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। पटना सिविल कोर्ट में जो भी लोग आ रहे हैं, उन्हें लौटाया जा रहा है। कैदी, गवाह सभी को लौटा दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी के बाद किशनगंज सिविल कोर्ट में जांच बढ़ा दी गई है। पटना सिविल कोर्ट के वकील दिनकर दुबे ने कहा, 'पटना सिविल कोर्ट को फिर से उड़ाने की धमकी दी गई। ये धमकी सुबह 11 बजे ई-मेल के जरिए मिली है। ये तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन एक बार भी एक्शन नहीं लिया गया है। यही नेता मंत्री के साथ होता तो एक्शन होता। धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।' किशनगंज: तमिलनाडु से आया मेल किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से आई, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। SP सागर कुमार ने बताया, 'धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। धमकी मिलने के बाद, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।' 3 महीने पहले भी मिली थी धमकी धमकी मिलने की यह 5वीं घटना है। इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 में पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। इमेल में लिखा था, कोर्ट परिसर में RDX रखा गया है। इस सूचना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। 28 अगस्त 2025 को भी मिली थी धमकी इससे पहले 28 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ई-मेल में लिखा गया, '4RDX ILEDs न्यायधीश के रूम और कोर्ट कैंपस में लगाए हैं। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से किया गया है।' 'बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है।'

हरियाणा में एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग गोशालाओं को दो रुपये यूनिट मिलेगी बिजली

चंडीगढ़. हरियाणा में गौशाला आयोग में पंजीकृत गोशालाओं को दो रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती है। इसमें और राहत देते हुए बिजली वितरण निगमों ने एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग स्थानों पर संचालित गोशालाओं को रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है। इस दिशा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन पाने के लिए गोशालाओं का हरियाणा गौशाला आयोग में पंजीकरण अनिवार्य है। तभी गोशालाओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ मिलेगा। निगमों ने नए टैरिफ में स्पष्ट किया है कि दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स से अलग होगी। हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि एक पंजीकृत गोशाला में गोवंश की संख्या ज्यादा होने के कारण दूसरी जगह भी गोशाला बनाकर उन्हें रखा जाता है। ऐसे में बिजली की दरों का लाभ लेने के लिए सरकार से काफी समय से मांग की जा रही थी जिसे अब पूरा किया गया है। प्रदेशभर में 694 पंजीकृत गोशालाएं और चार लाख से अधिक गोवंश हैं।

पीवीटीजी क्षेत्रों में उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें: कलेक्टर वसंत

अंबिकापुर. कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन एवं रेशम विभाग द्वारा संचालित शासन की योजनाओं की विभागवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर वसंत ने खरीफ एवं रबी फसलों की वर्तमान स्थिति, बीज Also Read – गले में दर्द और हल्के बुखार की चपेट में 400 लोग, दिन में राहत फिर रात में लौट वायरल फीवर उपलब्धता, किसान पंजीयन, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान योजना, ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्राथमिकता वाले कार्यों में शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण प्रगति सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा कि पात्र किसानों तक शासन की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से पहुंचे। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में ऑयल पाम खेती को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा देने और बागवानी फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) क्षेत्रों में उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने, मधुमक्खी पालन और बांस मिशन जैसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के निर्देश दिए, ताकि जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके। पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर वसंत ने चलित पशु चिकित्सा वाहनों की कार्यशीलता, पशु चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपलबAlso Read – दुर्ग में विधवा बहू के साथ अत्याचार, टोनही कहा और चरित्र पर ससुराल वालों ने लगाया लांछन मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने पंचायतवार मत्स्य पालन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में अब तक मत्स्य पालन पट्टा जारी नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के साथ पट्टा जारी कर मछली पालन गतिविधियां शुरू की जाएं। प्रत्येक जनपद पंचायत स्तर पर न्यूनतम पांच लक्ष्यों का निर्धारण कर अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए। रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने और भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक के अंत में कलेक्टर वसंत ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नियमित फील्ड विजिट कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा योजनाओं की सही एंट्री सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

MP में बर्फीली ठंड का कहर: शहडोल का कल्याणपुर में पारा गिरकर 2.7 डिग्री, कोहरे से ट्रेनें लेट, इंदौर में स्कूल समय में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शहडोल जिले का कल्याणपुर इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहां पारा गिरकर 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। साथ ही घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं रेल और सड़क यातायात पर भी गंभीर असर पड़ा है। शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा इलाका प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 2.7 डिग्री तक लुढ़क गया। उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में तो हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आईं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। उत्तर एमपी में कोहरे का कहर प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही।भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। उत्तरी हिस्से में घना कोहरा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आज सुबह भी घना कोहरा छा रहा है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास समेत कई जिलों में भी मध्यम कोहरा है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरे का असर देखा गया। वहीं, उमरिया और शहडोल में शीतलहर की स्थिति बनी रही। भोपाल में दिन में सर्द हवाएं चली। दिन में भी राहत नहीं, कोल्ड डे जैसे हालात सिर्फ रात ही नहीं, दिन के तापमान ने भी लोगों को सर्दी का अहसास कराया। खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में भी दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।राजधानी भोपाल में भी दिन के समय ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। आगे और बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके असर से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी, जिससे मध्यप्रदेश में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।कुल मिलाकर, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही सुबह-शाम यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।  रेल और सड़क यातायात पर भी असर प्रदेश में सुबह होते ही अधिकांश जिले कोहरे की मोटी चादर में लिपट जा रहे हैं। विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दिल्ली से मध्य प्रदेश आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक लेट पहुंच रही हैं। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात (मंगलवार-बुधवार की रात) प्रदेश में बर्फ जमा देने वाली ठंड दर्ज की गई। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री रहा। इसके अलावा उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी पारा तेजी से गिरा। सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर और पूर्वी एमपी में शीतलहर का असर उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर और देवास में मध्यम कोहरे का असर दर्ज किया गया। ग्वालियर में सर्दी का असर ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड और कोहरे का असर बरकरार है। ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।   दिन में भी नहीं मिल रही राहत ठंड का असर केवल रात तक सीमित नहीं है। कई जिलों में दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो और नौगांव में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, … Read more

ईरानी गैंग के 14 आरोपियों को फर्जी जमानत पर रिहा किया गया, मृतकों के नाम पर जमानतदार बने लोग

भोपाल  भोपाल में पुलिस ने कड़ी मशक्कत और लंबी प्लानिंग के बाद 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात भोपाल के अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे पर दबिश दी थी. यहां से पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था, क्योंकि जैसे ही पुलिस की टीम ईरानी डेरे में पहुंची थी तो यहां पुलिस के साथ पथराव और मारपीट की घटना सामने आई थी. पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि इस ईरानी डेरे में देश के अलग-अलग हिस्सों के बदमाश छिपे थे. जिसके बाद पुलिस ने यहां कार्रवाई थी. यहां से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि यह 14 सदस्य जमानत पर रिहा हो चुके हैं.  जमानत लेने में दिखा फर्जीवाड़ा  बताया जा रहा है कि 5 जनवरी को आरोपियों की तरफ से कोर्ट में जमानत की याचिका लगाई गई थी. लेकिन जमानत लेने में कोर्ट में ईरानियों का फर्जीवाड़ा दिखा है, क्योंकि फर्जी जमानतदारों को कोर्ट में खड़ा किया गया था, इनमें से 2 जमानतदार तो ऐसे थे, जिनकी मौत हो चुकी है. जमानत के लिए जमील रहमान नाम के व्यक्ति को कोर्ट में खड़ा किया गया था, उसकी संपत्ति रखवाई थी, लेकिन जमील रहमान की दो साल पहले ही हो मौत हो चुकी है, इसी तरह से दूसरे फर्जी जमानतदार को भी खड़ा किया गया था. जहां 5 जनवरी को 10 और 6 जनवरी को 4 आरोपियों को जमानत मिली थी, इस तरह से कुल 14 आरोपियों को पूरे मामले में जमानत मिल चुकी है.  ऐसे में इस मामले ने अब पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली को भी कटखरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर फर्जी जमानतदारों के आधार पर जमानत कैसे ली गई. इस मामले में सख्ती क्यों नहीं बरती गई. पुलिस फिलहाल जमानत निरस्त करवाने के लिए तैयारी करने की बात कह रही है.  महीनों की प्लानिंग के बाद रात 4 बजे दी थी दबिश 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात करीब चार बजे पुलिस ने अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर दबिश दी थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां देश के विभिन्न हिस्सों में वांछित बदमाश छिपे हुए हैं। महीनों की निगरानी और रणनीति के बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव और मारपीट की गई। हालात बेकाबू होने के बावजूद पुलिस ने मौके से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को हिरासत में लिया। कई शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी में शामिल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई आरोपी पहले भी दूसरे शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी की वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। लगातार दो दिन फर्जी जमानतदार पेश 5 जनवरी को 10 आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। जमानत के लिए जमील रहमान खान नामक व्यक्ति को जमानतदार बताया गया और उसके नाम के भूमि संबंधी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। बाद में जांच में सामने आया कि जमील रहमान खान की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बावजूद किसी अन्य व्यक्ति को उसी नाम से कोर्ट में पेश कर जमानत हासिल कर ली गई। इसके अगले दिन 6 जनवरी को चार और आरोपियों को भी दूसरे फर्जी जमानतदार के जरिए राहत मिल गई। इस तरह कुल 14 आरोपी जेल से बाहर आ गए। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि फर्जी जमानतदारों के इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदारों पर कब शिकंजा कसा जाता है। भोपाल में सक्रिए ईरानी गैंग  भोपाल के अमन कॉलोनी के ईरानी डेरे के सदस्य कई राज्यों में सक्रिए माने जाते हैं, जो मारपीट, तोड़फोड़, संगठित अपराध, लूट, ठगी, चोरी समेत कई घटनाओं में संलिप्त पाए जा चुके हैं. वहीं यहां के कई सदस्यों पर कुख्यात अपराधों के मामले दर्ज हैं. इसमें राजू ईरानी का नाम सबसे ऊपर है, जो ईरानी गैंग का भोपाल में मुखिया माना जाता है. ऐसे में आरोपियों को मिली जमानत के बाद इस मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं.   जमानत के साथ कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें कोर्ट ने जमानत देते समय कड़ी शर्तें लगाई हैं। आदेश के अनुसार, सभी आरोपियों को हर पेशी पर अनिवार्य रूप से न्यायालय में उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही उन्हें साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया, तो उनकी जमानत निरस्त की जा सकती है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अमन कॉलोनी क्षेत्र के ईरानी डेरे से कई अपराधों में शामिल बदमाशों के खिलाफ छापामार कारर्वाई करते हुए गिरफ्तारी की गई थी। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। फिलहाल, पुलिस और अभियोजन पक्ष की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। ईरानी डेरा बना कुख्यात अंतर्राज्यीय गिरोहों का अड्डा भोपाल पुलिस की जांच में बड़ी खुलासा हुआ है कि ईरानी डेरे में एक नहीं बल्कि 6 से अधिक ईरानी गैंग सक्रिय पाई गई हैं। इन गैंग चोरी, ठगी, नकली सोना खपाना, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने जैसे अपराधों में शामिल हैं। हर गैंग का अलग लीडर है। सभी गैंग का मुख्य सरगना राजू ईरानी बताया जा रहा है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच में काला ईरानी का नाम प्रॉपर्टी कारोबार में सामने आया है। निशातपुरा के जनता नगर कॉलोनी में प्लॉट हेरफेर कर बेचने के आरोप लगे हैं। करोड़ों की संपत्ति और काला ईरानी के करीबी रहीम की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू और पैनड्राइव जब्त किए गए है। आशंका है कि इन डिवाइस से चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ा जाता था।  घरों से महीनों गायब रहते हैं गिरोह के सदस्य ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते … Read more