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एम्स दिल्ली की तर्ज पर भोपाल में ट्रामा सेंटर, रोबोटिक सर्जरी से मिलेगा इलाज

भोपाल  एम्स भोपाल में करीब एक हजार करोड़ रुपये के विस्तार की योजना को लेकर सोमवार को दिल्ली में भारत सरकार की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की बैठक हुई। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को विस्तार का पूरा प्लान सौंपा। इस महायोजना के तहत एम्स परिसर में ही हेलीपैड बनाया जाएगा, जिससे एयर एम्बुलेंस का संचालन सुलभ हो सकेगा। कैंसर अस्पताल और ट्रामा सेंटर का निर्माण सांसद शर्मा ने बताया कि एम्स में 200 बेड का अत्याधुनिक अपेक्स आन्कोलॉजी सेंटर (कैंसर अस्पताल) बनाया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, एम्स भोपाल में हर साल 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज आते हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत मरीज भोपाल के बाहर के जिलों जैसे आगर मालवा, रायसेन और विदिशा से होते हैं। इसके साथ ही एम्स दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा 'लेवल-1 अपेक्स ट्रामा सेंटर' भी भोपाल में तैयार होगा। 150 बेड वाले इस सेंटर के पहले चरण के लिए 295 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। रोबोटिक सर्जरी और हाई-टेक सुविधाएं एम्स भोपाल का यूरोलॉजी विभाग अब दुनिया की सबसे उन्नत 'द विंची रोबोट 4.0' प्रणाली से लैस होगा। लगभग 30 करोड़ की लागत वाले इस सिस्टम के लगने के बाद एम्स भोपाल सेंट्रल इंडिया का पहला सरकारी संस्थान बनेगा, जहां रोबोटिक तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर और किडनी ट्यूमर जैसे जटिल ऑपरेशन न्यूनतम चीर-फाड़ के साथ हो सकेंगे। इसके अलावा वर्चुअल ऑटोप्सी और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सुविधाओं के विस्तार पर भी प्रेजेंटेशन दिया गया। मरीजों की बढ़ती संख्या और बजट की उम्मीद बता दें कि एम्स में मरीजों का भार तेजी से बढ़ रहा है। साल 2022 में जहां 36 हजार मरीज आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 85 हजार से अधिक हो गई है। बैठक में एम्स निदेशक डॉ. माधवानंद कर और डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन सहित मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद रहे। इन प्रोजेक्ट्स के लिए बजट जल्द ही स्वीकृत हो जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश सहित पूरे मध्य भारत के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।  

स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का सम्मान बढ़ाया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भारत की युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना अधिकांश समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब एवं डे-भवन जैसी पावन स्थलों की स्मृतियाँ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक से तथा 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ के युवाओं का  प्रतिनिधित्व भारत की युवा शक्ति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व का प्रदर्शन करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में बिखरेगी और राज्य गौरवान्वित होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुँचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों एवं यंग लीडर्स से मुलाकात करेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 11 जनवरी को इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला  से मिलेंगे और उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  देश के युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की पहचान है और युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध संदेश – “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं से इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जहाँ युवा समूह होता है, वहाँ ऊर्जा का स्वाभाविक संचार होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करें। हमारी सरकार ने बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा महोत्सव का सफल आयोजन कराया है। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। श्री साव ने भी सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मुख्य मंच से चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान किए। साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस मौके पर युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने सुकमा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों से की आत्मीय मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत राजधानी भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर  कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कार्य संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को सुरक्षा और गति दोनों प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब अधिकांश गांवों में शासकीय राशन दुकानों की स्थापना की जा चुकी है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा  कि निकट भविष्य में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को राजधानी भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे यहां के विकास कार्यों को देखकर प्रेरित हों और अपने क्षेत्रों में भी चहुंमुखी विकास को बढ़ावा दें। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के सुदूरवर्ती विभिन्न ग्राम पंचायतों के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि राजधानी रायपुर के दो दिवसीय भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों को मंत्रालय, जंगल सफारी, आदिवासी संग्रहालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शॉपिंग मॉल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया।

बिरसिंगपुर की यूनिट नंबर 4 ने वित्तीय वर्ष में किया लगातार दूसरी बार 100 दिन उत्पादन

चचाई की यूनिट बिना ट्रि‍पिंग और ज़ीरो तेल खपत के पूर्ण रूप से चली एक कैलेंडर वर्ष भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी(MPPGCL) के दो ताप विद्युत गृहों ने नए वर्ष की शुरुआत में ही नए रिकार्ड बनाए हैं। संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस वित्तीय वर्ष में जहां दूसरी बार लगातार 100 दिन तक विद्युत उदत्पादन किया, वहीं अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट ने बिना ट्रिपिंग और ज़ीरो तेल की खपत के एक कैलेंडर वर्ष पूर्ण कर लिए। यह यूनिट 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक निर्बाध रूप से संचालित रही। वर्तमान में इस यूनिट ने लगातार संचालन के 462 दिन पूर्ण कर लिए। संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 4 MPPGCL की 11 वीं यूनिट है जिसने 100 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया है। यूनिट नंबर 4 ने वित्तीय वर्ष में लगातार दूसरी बार किया 100 दिन सतत् विद्युत उत्पादन संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगातार दूसरी बार 100 दिन सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया। इस यूनिट ने इस दौरान 88.83 फीसदी प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ), 81.98 फीसदी प्लांट यूटिलाइजेशन फेक्टर (पीएलएफ) व 9.25 प्रतिशत ऑक्जलरी खपत को हासिल कर ऑपरेशनल विश्वसनीयता व दक्षता का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इंडेक्स संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की यूनिट नंबर 4 में ऑपरेटिंग, मेंटेनेंस व सपोर्ट टीमों के समर्प‍ित प्रयास, तकनीकी क्षमता व प्रभावी समन्वय को दर्शाते हैं।  

योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला— ‘वीबी-जी राम जी’ का विरोध करेंगे तो पोल खुलेगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विकसित भारत–जी राम जी कानून, 2025 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक सुधार का स्वागत होना चाहिए था, उसी का विरोध कर विपक्ष अपने पुराने भ्रष्टाचार मॉडल का खुला समर्थन कर रहा है। यह विरोध विकास का नहीं, बल्कि पोल खुलने के डर का परिणाम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रेस वार्ता की आवश्यकता इसलिए पड़ी, क्योंकि जिन लोगों ने वर्षों तक देश के संसाधनों पर डकैती डाली, गरीबों को भूखा रहने और नौजवानों को पलायन के लिए मजबूर किया, वे आज सुधारों और विकसित भारत की संकल्पना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ऐसे लोग कानून का समर्थन करेंगे तो उनकी असलियत सामने आ जाएगी, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस अधिनियम पर लगातार प्रश्न खड़े कर रहे हैं, जबकि यह ग्रामीण भारत, किसानों और श्रमिकों के हित में उठाया गया बड़ा कदम है। एनडीए सरकार का आभार जताने के बजाय विपक्ष भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करने वाली अपनी पुरानी परंपराओं का ही समर्थन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब राज्य विकसित होंगे और राज्य तभी विकसित होंगे, जब गांव विकसित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना इस अधिनियम का मूल उद्देश्य है। इसी लक्ष्य के साथ यह कानून लाया गया है और वह इसका पूर्ण समर्थन करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की विफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में अधूरी और अस्थायी परिसंपत्तियां, फर्जी हाजिरी, भुगतान में कटौती जैसी भ्रष्टाचार की शिकायतें हर जनपद और हर ग्राम पंचायत से सामने आती थीं। शिकायत निवारण की कमजोर व्यवस्था, कमजोर सोशल ऑडिट, प्रशासनिक अक्षमताएं और मजदूरी में लगातार देरी आम बात थी। उन्होंने कहा कि खोदने और भरने वाली योजनाओं पर विराम लगने से स्वाभाविक है कि जिनके हित प्रभावित हुए हैं, वे चिल्ला रहे हैं। यही वे लोग हैं जो गड्ढा खोदते थे और फिर उसे पाटते थे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल में सोनभद्र में मनरेगा का बड़ा घोटाला हुआ, जिसकी सीबीआई जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत हर छह महीने में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली तथा कैग मानकों के अनुरूप ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि विकसित भारत–जी राम जी कानून ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलेगा। पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिक-किसान के अधिकार सुनिश्चित होंगे। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे विकास के नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के पक्षधर हैं।

जिला स्तर पर समितियों का गठन कर, करें सक्रिय : राज्य मंत्री पटेल

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना एवं स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 का प्रभावी रूप से संचालन सुनिश्चित करें मध्यप्रदेश राज्य पशु कल्याण सलाहकार मंडल के सदस्यों के साथ की बैठक भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित कक्ष में मध्यप्रदेश राज्य पशुकल्याण सलाहकार मंडल के सदस्यों के साथ बैठक की। राज्य मंत्री श्री पटेल ने मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तांर से समीक्षा की। साथ ही समस्त जिलों में जिला स्त्र पर समितियों का गठन कर सक्रि‍य रूप से कार्य करने के निर्देश दि‍ए। राज्यमंत्री श्री पटेल ने विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना एवं स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल सहित मध्यएप्रदेश राज्य पशु कल्याण सलाहकार मंडल के सदस्य उपस्थि‍त रहे। प्रदेश का कुल दुग्ध उत्पादन 22.60 मिलियन मीट्रिक टन प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने जानकारी दी कि 20वीं पशु संगणना के अनुसार प्रदेश में कुल 187.52 लाख गौवंशीय पशु हैं, जो देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में देश के कुल गौवंश का 9.73 प्रतिशत हिस्सा है। इसी प्रकार प्रदेश में 103.07 लाख भैंसवंशीय पशु हैं, जो देश में चौथे स्थान पर है तथा देश के कुल भैंसवंश का 9.38 प्रतिशत मध्यप्रदेश में है। प्रदेश का कुल दुग्ध उत्पादन 22.60 मिलियन मीट्रिक टन है, जिसमें प्रदेश का देश में तीसरा स्थान है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दुग्ध उपलब्धता 707 ग्राम है, जो कि राष्ट्रीय औसत 485 ग्राम से अधिक है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश के गौ-भैंसवंशीय पशुओं में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण किया गया है। प्रदेश में 3 लाख 83 हजार पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए गए हैं दूसरे चरण में अब तक 6 लाख से अधिक पशुपालकों से की गई भेंट प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि प्रदेश में किसानों को पशु स्वास्थ्य, पशु पोषण एवं नस्ल सुधार की जानकारी देने के लिए दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का पहला चरण 3 से 9 अक्टूबर 2025 के बीच संचालित किया गया था, जबकि दूसरा चरण 17 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ है। अब तक 6 लाख 20 हजार पशुपालकों के घर जाकर उन्हें पशु पोषण, नस्ल सुधार एवं पशु स्वास्थ्य के विषय में जागरूक किया जा चुका है। प्रदेश में तीन चरणों में क्षीरधारा ग्राम योजना का किया जाएगा क्रियान्वयन प्रदेश के कई ग्रामों में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रयासों से नस्ल सुधार कार्यक्रम प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रहे हैं, जिससे पशुपालक उन्नत पशुपालन कर अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे ग्रामों को आदर्श उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने तथा अन्य ग्रामों को प्रेरित करने के उद्देश्य से क्षीरधारा ग्राम योजना लागू की जाएगी। इस योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, उन्नत पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा पशु स्वास्थ्य एवं पोषण सुनिश्चित करते हुए ग्राम स्तर पर समग्र दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जाएगा। योजना को तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जिलों के समस्त ग्रामों को पशुपालन के स्तर, उन्नत पशुपालकों की उपलब्धता, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं टैगिंग की स्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।  

बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की दूसरे दिन की यात्रा भी सुखद

भोपाल भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के द्वारा सीएसआई – एमपीरी में आयोजित दो दिवसीय "आईपी यात्रा" के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में रिसर्चरस, स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यात्रा आयोजक एमएसएमई विकास कार्यालय इंदौर के सहायक निदेशक श्री निलेश त्रिवेदी ने अपने आरम्भिक सम्बोधन में जानकारी दी कि आईपी यात्रा के प्लेटफार्म से हम अनुसंधानकर्ता विभागों की नवीनतम तकनीकों को एमएसएमई इकाईयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रकाश में लाने में सफल हुए हैं। आईपी यात्रा समाप्त नहीं होगी अपितु इसके बाद भी एमएसमएमई विकास कार्यालय इंदौर छोटे उद्योगों और अनुसंधान करने वाली संस्थाओं के मध्य तकनीकी हस्तातरण और उनके आईपी अधिकारों के संरक्षण की प्रक्रिया में सदैव सहयोग, समन्वय और सेतु की भूमिका के लिए तत्पर रूप से सक्रिय रहेगी। आईपी यात्रा के तकनीकी सत्र में सीएसआईआर- एमपीरी के श्री संदीप सिंघई ने सीएसआईआर में उपलब्ध नवीन तकनीकों एवं इनके हस्तातरण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने सीएसआईआर में उपलब्ध तकनीकों की अत्यंत उपयोगी जानकारी साझा की। विषय विशेषज्ञ श्री राकेश सोनी ने बौद्धिक सम्पदा के पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, ट्रेड सीक्रेट, डिजाइन प्रमाणन प्राप्त करने के बाद उनके व्यवसायिकरण की प्रक्रिया की चरणबद्ध रुपरेखा की विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं इसके अंतर्गत संबंधित नियमों की जानकारी भी प्रदान की. उन्होंने विभिन्न प्रकरणों के उदाहरण देकर केस स्टडी भी प्रस्तुत की। एमएसएमई के श्री निलेश त्रिवेदी ने अपने प्रस्तुतिकरण में ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट, के विवादित ओद्योगिक और सेलिब्रेटी से संबंधित विवादित न्यायिक प्रकरणों की विस्तार से जानकारी बहुत ही रोचक रूप से प्रस्तुत की। आईपी यात्रा कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने कार्यक्रम पश्चात प्रतिक्रिया में बहुत ही उत्कृष्ट श्रेणीकरण और सकारात्मक प्रतिक्रिया प्रस्तुत की एवं ऐसे उपयोगी कार्यक्रमों को सभी विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित करने का अनुरोध किया। आईपी यात्रा के प्रतिभागियों को आईपी विषय पर पाठ्य सामग्री भी वितरित की गई। आईपी यात्रा में आईपी फेसिलिटेशन सेंटर में उपलब्ध की सुविधाओं की जानकारी आआईटी इंदौर के श्री आदित्य व्यास ने प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में आईपी अधिकारों और तकनीकी हस्तातरण से लाभ प्राप्त करने वाले सफल उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुत की और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया।  

JNU कैंपस में नारेबाजी को लेकर गिरिराज सिंह सख्त, कहा– ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए’

नई दिल्ली/पटना केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कैंपस में लगे विवादित नारे के बाद कहा है कि भारत को बांटने और पाकिस्तान की सोच रखने वाले गलतफहमी में न रहें। चरमपंथियों और नक्सलियों के साथ-साथ 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी खत्म कर दिया जाएगा। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "जेएनयू कैंपस 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का सेंटर बन गया है, जिसमें राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां और दूसरे विपक्षी दल शामिल हैं। देश इसे ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा।" उन्होंने कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया, मैं उसका स्वागत करता हूं। इसी बीच, गिरिराज सिंह ने कहा, "जो लोग भारत को बांटने की बात करते हैं और पाकिस्तान जैसी सोच रखते हैं, उनकी इस देश में कोई जगह नहीं है। गलतफहमी में न रहें। यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार है। जिस तरह चरमपंथियों और नक्सलियों को खत्म किया जा रहा है, उसी तरह 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी खत्म कर दिया जाएगा।" वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जेएनयू में लगाए जा रहे नारे एक अर्बन-नक्सली विचारधारा है जिसे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सपोर्ट करते हैं। यह वही विचारधारा है जिसे बौद्धिक आतंकवाद में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से देशद्रोही उमर खालिद, जो कहता है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर पर गैर-कानूनी कब्जा किया है, या देशद्रोही शरजील इमाम जो कहता है कि वह चिकन नेक को भारत से अलग करना चाहता है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, "उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कांग्रेस के नेता आए हैं। जिस तरह जेएनयू कैंपस में नारे लगे हैं, इन नारों का समर्थन मौन स्वीकृति के जरिए कांग्रेस पार्टी कर रही है। चुनाव के मैदान में जनता के सामने इनका देशविरोधी चेहरा होता है। यही कारण है कि जनता उन्हें बार-बार विपक्ष में बैठाती है।"

नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप किया जाए क्रियान्वित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनहित में नगरों में निजी निवेश को प्रोत्साहन, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग और अन्य गतिविधियों को करें प्राथमिकता से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के संचालक मंडल की हुई बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया जाए। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को सुधारने, नगरीय क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ाने, नागरिक सेवा में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों के अधिकाधिक उपयोग, अर्बन मोबिलिटी तथा ई-वाहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। 'नमामि गंगा अभियान' के समान ही 'नमामि नर्मदे परियोजना' पर कार्य आरंभ कर नर्मदा नदी तट की नगरीय बसाहटों के ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार और उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्थाओं के प्रति विशेष रूप से सजगता और सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा संचालक मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कंपनी के प्रबंधकीय, वित्तीय और लेखा परीक्षा तथा अंकेक्षण संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में शहरी विकास के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में 4 स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। इसमें परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी मोड, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी गतिशीलता और नमामि नर्मदे तथा हरित एवं नदी संरक्षण के लिए प्रभागों का गठन प्रस्तावित है। परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, जन हित कार्यों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय अनुशासन, नीति आयोग तथा अन्य संबद्ध विभागों से समन्वय तथा मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता से लिया जाएगा। इसमें सोलर प्रोजेक्ट्स, हरित बांड, अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचार भी प्रस्तावित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी-जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफार्म के उन्नयन, टोल संग्रह ई-पोर्टल एवं ऑनलाइन राजस्व संग्रहण जैसी स्मार्ट सिटी प्रणालियां संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आस-पास के क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्मदा और तापी नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए नदियों के समग्र और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 'नमामि गंगे' के समान 'नमामि नर्मदे परियोजना' का क्रियान्वयन सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से करें। इसमें नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, उद्योग विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में बताया गया कि शहरी गतिशीलता प्रभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ईवी पॉलिसी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान तथा ई-वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। बैठक में अपर मुख्‍य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय दुबे, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, श्री पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री संकेत भोंडवे तथा कंपनी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट

पारदर्शिता और समय की बचत के लिए सभी मंत्री नई व्यवस्था का लें लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में हुआ महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन ई-प्रशासन में नवाचार से प्रसन्न हुए मंत्रि-परिषद सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।