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पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए CM नीतीश, लिया आशीर्वाद

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish) शनिवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व (Guru Gobind Singh Jayanti 2025) पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।   राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आये जत्थेदारों, श्री हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।   इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यगण, सिख संगत, सेवादार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। 

आलू की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से हाहाकार, हरियाणा के किसान संकट में; BKU ने CM सैनी को लिखा पत्र

चंडीगढ़  भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य की मंडियों में आलू के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सफेद आलू उत्पादक किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भावान्तर भरपाई योजना अब तक लागू नहीं की गई, जो किसानों के साथ अन्याय है।  भाकियू (चढ़ूनी) के अनुसार प्रदेश की अधिकांश मंडियों, विशेषकर पंचकुला, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र की पिपली, शाहाबाद, बैबन आदि मंडियों में सफेद आलू के भाव लगातार गिर रहे हैं और यह भाव किसानों की उत्पादन लागत से काफी नीचे चले गए हैं। यूनियन ने बताया कि दूसरी ओर लाल आलू का भाव अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है, जिससे मंडियों का औसत/मॉडल के कारण भाव ऊपर दिखाया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान सफेद आलू उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि इसी औसत के आधार पर उन्हें भावान्तर भरपाई योजना से बाहर किया जा रहा है।   भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने कहा कि जब सफेद आलू का वास्तविक दाम बेहद कम है, तो उसे लाल आलू के साथ जोड़कर औसत निकालना सरासर अन्याय है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि आलू की फसल मंडियों में आने के बावजूद पोर्टल पर किसानों द्वारा रजिस्टर्ड फसल का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण ई-खरीद पोर्टल पर कोटा जारी नहीं हो पा रहा और मंडियों में ऑनलाइन गेट पास नहीं कट रहे। इससे किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर फसल बेचनी पड़ रही है।  किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो सफेद आलू उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी, साथ ही यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की मांगों पर जल्दी निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन को आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

मद्य निषेध विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, बिहार में 6 अधिकारियों की नई तैनाती

पटना बिहार में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया। करीब आधा दर्जन अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इस संबंध में विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर जानकारी दी गई है। कई अधिकारियों को वर्त्तमान पदस्थापन से स्थानांतरित कर नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया है। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। किन अधिकारियों का हुआ तबादला? जारी अधिसूचना के अनुसार, अमृता कुमारी को आयुक्त उत्पाद के सचिव के साथ सहायक आयुक्त मद्यनिषेध का दायित्व सौंपा गया है। वहीं आदित्य कुमार को दानापुर का मद्यनिषेध अधीक्षक तो दीपक कुमार मिश्र को किशनगंज का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मनोज कुमार राय को औरंगाबाद का मद्यनिषेध अधीक्षक, मनोज कुमार को सहरसा का मद्यनिषेध सहायक आयुक्त, अशोक कुमार को सुपौल का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है।  

शहीदी दिहाड़े के मौके पर पंजाब में हो ‘ड्राई डे’ घोषित, जत्थेदार गड़गज का बयान!

श्री फतेहगढ़ साहिब/अमृतसर  श्री फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के आखिरी दिन सजाए गए नगर कीर्तन के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज विशेष तौर पर शामिल हुए। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया और शहीदों को नमन किया। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि श्री फतेहगढ़ साहिब शहीदों की पवित्र धरती है, जहां छोटे साहिबजादों ने धर्म और इंसाफ के लिए अपनी शहादत दी। इसके अलावा जत्थेदार गड़गज ने कहा कि जब मैं आ रहा था तो एक 20 साल का युवक मिला उसके हाथ में एक तख्ती थी जिसमें लिखा था कि अगर 2 अक्टूबर और 15 अगस्त को शराब के ठेके बंद हो सकते हैं तो साहिबजादों के शहीदी दिवस पर शहीदी सभा के दौरान पंजाब में शराब के ठेके बंद क्यों नहीं हो सकते। इस दौरान जत्थेदार गड़गज ने कहा कि पंथ चाहता है कि साहिबजादों के शहीदी समागमों पर पूरे पंजाब में शराब के ठेके बंद होने चाहिए ताकि शहीदों की याद पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई जा सके। 

सांस लेना हुआ मुश्किल: Amritsar में हवा बनी जहरीली, AQI बेहद खराब स्तर पर

पंजाब  अमृतसर में वायु प्रदूषण ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, न्यू अमृतसर कॉलोनी में AQI (US) का स्तर 963 तक पहुंच गया है, जिसे “बेहद खतरनाक” श्रेणी में रखा गया है। यह स्तर 27 दिसंबर 2025 को सुबह 10:07 बजे दर्ज किया गया, जिसके बाद अमृतसर दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। हालांकि यह आंकड़े एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग वेबसाइट के माध्यम से सामने आए हैं। वहीं दूसरी ओर, अमृतसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सूत्रों के अनुसार आज सुबह अमृतसर में AQI का स्तर 571 दर्ज किया गया है। यह स्तर देश की सबसे प्रदूषित मानी जाने वाली राजधानी दिल्ली से भी अधिक है। अब सवाल यह उठता है कि वेबसाइट के आंकड़ों और सरकारी आंकड़ों में इतना अंतर क्यों दिखाई दे रहा है। दरअसल, वेबसाइट पर जो डेटा दिखाया गया है वह US AQI स्टैंडर्ड पर आधारित है, जबकि भारत में वायु गुणवत्ता मापने का पैमाना अमेरिका से अलग है। इसी वजह से दोनों आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है। इस अंतर को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग मानकों के कारण AQI का स्तर अलग दिख सकता है, लेकिन दोनों ही हालात अमृतसर की हवा को बेहद खतरनाक स्थिति में दर्शाते हैं। 

ताजमहल पर कुमार विश्वास का तीखा बयान: युवाओं के लिए अयोध्या हो प्राथमिकता

लखनऊ  मशहूर कवि कुमार विश्वास पिछले दिनों अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने ताजमहल, महात्मा गांधी, दिल्ली प्रदूषण समेत तमाम मामलों का जिक्र किया। कुमार विश्वास ने आगरा में स्थित दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को कब्रिस्तान बताते हुए कहा कि अब युवा उसकी बजाए अयोध्या जा रहे हैं, जोकि एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा, ''यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो आगरा में कब्रिस्तान है, उसे देखने के बजाए युवा ज्यादा संख्या में आगरा की बजाए अयोध्या, वृंदावन में जा रहे हैं। परिवर्तन हो रहा है। बदलने में देर लगेगी और तर्क का उत्तर दिया जा सकता है, कुतर्क का नहीं दिया जा सकता।'' हालांकि, विश्वास ने ताजमहल शब्द का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा ताजमहल ही था। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें लगता है कि सेक्युलर देश है, इसमें इतना राम क्यों, रामनवमी क्यों, धर्मनिरपेक्ष देश है, इसीलिए तो सब चल रहा है। अटल जयंती की पूर्व संध्या पर यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक समेत तमाम नेता मौजूद थे। अयोध्या के राम मंदिर मामले पर बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि यह देश अदभुत है। यहां राम हुए हैं, या नहीं हुए, इस बात पर सुप्रीम कोर्ट में केस 30 साल तक चला। न्याय के देवता को न्याय के मंदिर में ही पुष्टि करवानी पड़ी कि वे वहीं पैदा हुए जहां उनका मंदिर था। अद्भुत देश है। जब आखिरी चरण में मुकदमा था तब उसी दिनों रामनवमी की छुट्टी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बंद हो गया। हमने मिलॉर्ड से फोन करके पूछा कि जब नहीं हुए थे तो छुट्टी क्यों हुई और अगर छुट्टी हुई है तो हुए ही होंगे।'' दिल्ली पलूशन, महात्मा गांधी पर क्या बोले विश्वास कुमार विश्वास ने कार्यक्रम में दिल्ली में जारी पलूशन पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीनों सरकारें भाजपा की हैं, जिसके बाद भी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई जा रही। उन्होंने कहा, ''रक्षा मंत्री दिल्ली रहते हैं, हम भी दिल्ली रहते हैं। अब तो तीन तल की सरकार आ गई। नगर पालिका, राज्य और केंद्र में भी आप ही हो। डॉक्टर कह रहे कि एक आदमी बाहर बैठ जाए तो 100 सिगरेट पी लेता है। कितनी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई है।'' वहीं, महात्मा गांधी, सरदार पटेल पर कहा कि (तुम) कांग्रेस तो अपने नानाजी, पापा जी और मम्मी जी में लगे रहे। पटेल बाहर बैठे थे तो वे ले गए। मैं तो कहता हूं कि महात्मा गांधी को भी ले लो। वे आयुर्वेद भी कह रहे, खादी पहन रहे, स्वदेशी कह रहे और गीता भी पढ़ रहे। सारे वे काम कह रहे जो आप कहते हो। वहां कोई पूछ भी नहीं रहा गांधी जी को। उनके पास अपने ही तीन फर्जी गांधी बहुत हैं।''  

घर खरीदने का सुनहरा मौका: दिल्ली की प्रमुख लोकेशन पर DDA फ्लैट्स, जानिए रेट और लेआउट

नई दिल्ली अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट के तहत DDA आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 'जनता आवास योजना' लेकर आया है। इसके अंतर्गत वह EWS श्रेणी के रेडी टू मूव इन फ्रीहोल्ड 144 फ्लैट्स बेचने जा रहा है। इनमें से 82 EWS फ्लैट्स दिल्ली की प्राइम लोकेशन द्वारका मोड़ पर उपलब्ध हैं और मेट्रो स्टेशन से केवल 100 मीटर की दूरी पर हैं। इन फ्लैट्स का साइज 29.246 SQM से 30.688 स्क्वेयर मीटर तक है, वहीं 62 अन्य फ्लैट्स गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड पर स्थित हैं और इनका साइज 45.575 SQM से 48.249 स्क्वेयर मीटर के बीच है।   डीडीए की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार द्वारका मोड़ पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 12.63 लाख रुपए (टाइप ए) और 13.24 लाख रुपए (टाइप बी) है। वहीं गांव चंदनहौला, SSN मार्ग, छतरपुर मेन रोड पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 23.05 लाख रुपए से 24.37 लाख रुपए तक है। इन दोनों योजनाओं के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा। इन फ्लैट्स की बुकिंग 7 फरवरी 2026 तक की जा सकेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण का कहना है कि इन फ्लैट्स की बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और फ्लैट्स पाने वाले भाग्यशाली लोगों का ड्रॉ 13 फरवरी 2026 को निकाला जाएगा। फ्लैट्स खरीदने के इच्छुक लोगों के देखने के लिए सैम्पल फ्लैट्स भी उपलब्ध हैं। ये फ्लैट्स अस्पताल, स्कूल और बाजारों के निकट हैं। और यहां पर कवर्ड व अनकवर्ड दोनों ही तरह की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इन फ्लैट्स के बारे में 1800-110332 पर कॉल करके या फिर डीडीए की वेबसाइट http://dda.gov.in पर विजिट करके भी ज्यादा जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के लिए जरूरी आर्थिक शर्त इन EWS फ्लैट के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक और संयुक्त/सह-आवेदक की पारिवारिक आय, अगर दोनों परिवारों को अलग-अलग माना जाए, तो 10 लाख रुपए सालाना से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। इस क्लॉज़ के लिए फैमिली इनकम में एप्लीकेंट और उसके पति/उसकी पत्नी(अगर शादीशुदा हैं) की इनकम शामिल है। जॉइंट एप्लीकेंट/को-एप्लीकेंट परिवार का ही होना चाहिए। फैमिली का मतलब है कोई व्यक्ति या उसकी पत्नी या उसका पति या उसके/उस पर निर्भर कोई भी रिश्तेदार, जिसमें अविवाहित बच्चे भी शामिल हैं। एप्लीकेंट (और/या को-एप्लीकेंट) को इस बारे में काबिल अथॉरिटी (संबंधित SDM/तहसीलदार/जारी करने वाली अथॉरिटी के ऑफिस से) से जारी किया गया सालाना फैमिली इनकम सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इस बारे में जारी एक प्रेस नोट में डीडीए ने बताया, 'अपने घर का सपना अब होगा सच! डीडीए जनता आवास योजना 2025 के तहत द्वारका मोड़ और गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड में मात्र 12.63 लाख रुपए से शुरू शानदार EWS रेडी-टू-मूव-इन फ्रीहोल्ड फ्लैट्स उपलब्ध। इस योजना के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा।'  

ड्यूटी निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ पंजाब का जवान, CM मान ने शहादत को किया सलाम

फाजिल्का/चंडीगढ़ पंजाब के एक और सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। फाजिल्का के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को सलाम किया है और इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद जवान राजिंदर सिंह के परिवार के साथ अपनी दिली हमदर्दी जताई और देश के प्रति बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुश्किल घड़ी में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। मान ने कहा कि परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।   CM मान ने ट्वीट किया, "फाजिल्का जिले के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह की मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहादत की दुखद खबर मिली। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। बहादुर जवान की हिम्मत और देश के प्रति समर्पण को दिल से सलाम। सरकार इस मुश्किल समय में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।"

बिहार में जमीन बंटवारे की प्रक्रिया हुई सरल, एक ही आवेदन से परिवार की पूरी जमीन का दाखिल-खारिज

पटना अब एक ही आवेदन से पूरे परिवार की जमीन का दाखिल-खारिज हो जाएगा। पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के लए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसकी सुविधा राज्य के लोगों को रविवार यानी 27 दिसंबर मिलने लगेगी। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पहले पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था। इससे लोगों को अनावश्यक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे।   विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कम समय में नई व्यवस्था विकसित की है। इसे अब बिहार भूमि पेार्टल की दाखिल-खारिज सेवा के तहत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत होगी। अगर आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर कॉल कर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह नई सुविधा बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू की जा रही है। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे और अपनी जमीन से जुड़ी जमाबंदी की स्थिति को आसानी से देख सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी।सरकार ने विशेष रूप से उन लोगों से अपील की है, जिन्होंने अब तक मौखिक बंटवारा करके अपनी जमीन पर कब्जा बना रखा है। ऐसे मामलों में अक्सर भविष्य में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। मौखिक बंटवारा कानूनी दस्तावेज़ों में दर्ज नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आती है। नई व्यवस्था के तहत मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर कागजी रूप दिया जा सकता है, जिससे विवादों की संभावना कम होगी। साथ ही नई ऑनलाइन व्यवस्था से दलालों की भूमिका पर भी रोक लगेगी। पहले जानकारी के अभाव में कई लोग बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते थे, जिससे उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़ते थे।  

प्राकृतिक आंनद के लिए नेचर वॉक ट्रेल और बांस की गोल हट का किया जा रहा है निर्माण

कुकरैल वन क्षेत्र में हो रहा ईको टूरिज्म सुविधाओं का विकास, मिलेगा प्रकृति का आनंद  प्राकृतिक आंनद के लिए नेचर वॉक ट्रेल और बांस की गोल हट का किया जा रहा है निर्माण बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्डेन पार्क, प्ले स्टेशन और ओपन जिम का हो रहा निर्माण  पर्यटकों की सुविधा के लिए वन क्षेत्र में कैफेटेरिया और पार्किंग का जल्द शुरू होगा संचालन    लखनऊ लखनऊ के इंदिरानगर में स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जा रहा है। कुकरैल वन क्षेत्र में एक ओर वन और पर्यटन विभाग कुकरैल नाइट सफारी का विकास कर रहा है, साथ ही नाइट सफारी के आस-पास के क्षेत्र में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड भी पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। इस क्रम में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क, प्ले स्टेशन के साथ बांस की गोल हट, नेचर वॉक ट्रेल, ओपिन जिम और कैफेटेरिया का विकास कर रहा है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और शौचालय का भी निर्माण कर रहा है।  यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड करा रहा है पर्यटन सुविधाओं का विकास  सीएम योगी के विजन के अनुसार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टूरिज्म की गतिविधियों के विकास के लिए कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड, कुकरैल वन क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुआ अभ्यारण्य की सैर करने आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के एडिशनल डारेक्टर पुष्प कुमार ने बताया कि बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रहा है। जो कि कुकरैल वन क्षेत्र के अभ्यारण्यों और नाइट सफारी में आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस क्रम में बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क और प्ले स्टेशन का निर्माण कर रहा है। जहां बच्चों के लिए एडवेंचरस गेमस्, झूले और ओपेन जिम भी लगाया जाएगा।  बांस की गोल हट और नेचर वॉक ट्रेल का जल्द पूरा होगा निर्माण  बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर ने बताया कि प्राकृतिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को प्रकृति की आनंद दिलाने के लिए बांस से गोल हट बनाई जा रही हैं। साथ ही नेचर वॉक ट्रेल को भी विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक कुकरैल नदी के आस-पास के क्षेत्र में पेड़, पौधों, पक्षियों के समीप से प्राकृतिक गतिविधियों का आनंद ले सकेगें। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए वन क्षेत्र में कैफेटेरिया, शौचालय और पार्किंग का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं, जो जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नये साल के शुरूआती महीनों में कुकरैल वन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ये गतिविधियां जहां एक ओर ईको टूरिज्म का विकास करेंगी साथ ही राजस्व और स्थानीय लोगों के रोजगार में भी बढ़ोतरी करेगी।