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धीरेंद्र शास्त्री बोले—भक्ति और राष्ट्रवाद अंधविश्वास नहीं, देश छोड़ दें जो ऐसा मानते हैं

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में धर्म परिवर्तन कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक है और इसके खिलाफ सनातन धर्म एवं हिंदू परंपरा के सभी अनुयायी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के तीन मुख्य कारण अशिक्षा, अंधविश्वास और आर्थिक तंगी हैं। इन तीनों कारणों को दूर करने की जिम्मेदारी समाज के समृद्ध और जागरूक वर्ग की है, ताकि हिंदू समाज को मजबूत किया जा सके छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं। देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं था। अब पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, वे नेता नहीं हैं, इसलिए आमतौर पर राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करना, हनुमान भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास नहीं है। दरअसल, भिलाई के जयंती स्टेडियम में कथावाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक होगी। गुरुवार को कथा से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया है। राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करता, लेकिन… धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे कोई नेता नहीं हैं और सामान्यतः राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करते. लेकिन इस विषय पर अपनी बात रखना जरूरी समझा. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को मजबूत करना, हनुमान जी की भक्ति फैलाना और राष्ट्रवाद की जागृति लाना किसी भी तरह अंधविश्वास नहीं है. लव जिहाद और जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जनसांख्यिकीय बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समुदाय की आबादी प्रतिशत में बढ़ी है, जबकि हिंदुओं की हिस्सेदारी कम हुई है. उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो खतरा साफ नजर आएगा. लव जिहाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब बहन-बेटियां प्रभावित होंगी, तब लोगों को वास्तविक खतरे का अहसास होगा. कई क्षेत्रों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं, इसलिए अब सनातन एकता पर जोर देना जरूरी है. जशपुर-सरगुजा में चर्च के सामने लगेगा मंच धर्मांतरण के मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागृत हो रहा है. वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं और भविष्य में सरगुजा-जशपुर क्षेत्र में कथा आयोजित करेंगे, जहां बड़े चर्च के सामने ही मंच स्थापित किया जाएगा. उन्होंने धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण बताए. पहला अशिक्षा, जिसके लिए शिक्षा जागरण जरूरी है. दूसरा आर्थिक कमजोरी, जिसके समाधान के लिए समर्थ हिंदू समाज को गरीबों की मदद करनी चाहिए और गांवों को गोद लेना चाहिए. तीसरा अंधविश्वास, जिसके निवारण के लिए वे दिव्य दरबार आयोजित करते रहेंगे, ताकि हनुमान जी में लोगों का विश्वास और मजबूत हो.  अंधविश्वास में फंस जाते हैं लोग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अशिक्षा के कारण लोग जागरूक नहीं हो पाते और अंधविश्वास में फंस जाते हैं, जबकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग लालच में आकर धर्म परिवर्तन की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूजा-पाठ के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पूजा-पाठ के नाम पर कराए जा रहे धर्म परिवर्तन का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि समाज को संगठित होकर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना होगा। बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध, भारत में भी हो सकती है ऐसी स्थिति बांग्लादेश के हालात पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, दो दिन पहले वहां एक हिंदू को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया, क्योंकि वह हिंदू था। आज बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध बन गया है। भारत के सनातनी हिंदुओं से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह दिन दूर नहीं, जब भारत में भी हिंदू होना अपराध बन सकता है। यही सही समय है हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र की बात करने का। हम 9 राज्यों में हो गए अल्पसंख्यक, वे 6 से बढ़कर हो गए 28% पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक वर्ग 6% से बढ़कर 28% हो गया, जबकि हिंदू 90% से घटकर 80% रह गए। अगर अब भी खतरा महसूस नहीं हो रहा, तो शायद बांग्लादेश का नक्शा देखकर ही समझ आएगा। उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि, जब बहन-बेटियां इसमें फंसेंगी, तब खतरा महसूस होगा। देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। अब हर हिंदू को सनातन एकता पर जोर देना होगा। धर्मांतरण पर बोले- गरीब हिंदुओं को लेना होगा गोद धर्मांतरण के मुद्दे पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागने लगा है। वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं। आने वाले समय में सरगुजा-जशपुर में कथा करेंगे, जहां एशिया की सबसे बड़ी चर्च के सामने ही मंच लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के 3 मुख्य कारण हैं। अशिक्षा: इसके लिए शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। आर्थिक तंगी: समृद्ध हिंदुओं को गरीब हिंदुओं और गांवों को गोद लेकर उनकी मदद करनी चाहिए। अंधविश्वास: इसके लिए वे दरबार लगाते रहेंगे, जब तक भगवान हनुमान पर लोगों का भरोसा मजबूत नहीं हो जाता। दरबार में होगी घर वापसी, स्वेच्छा से आने निमंत्रण घर वापसी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्वेच्छा से फॉर्म भरकर 27 दिसंबर को संदेश दिया गया है। उस दिन दिव्य दरबार लगेगा और जो स्वभाव से सनातन को समझता है, वह वापस लौट सकता है। इसके लिए वे आयोजक से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, आने वाले दिनों में वे छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, मुस्लिम समाज की तरफ से किए गए स्वागत पर उन्होंने कहा कि, यह अच्छी बात है। इसके लिए वे धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाले सभी लोग सनातनी हैं और सब हिंदू हैं। संविधान … Read more

मान सरकार का संवेदनशील फैसला: शहीद अध्यापक परिवार को वित्तीय सहायता और शिक्षा का पूरा खर्च

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ हर सुख-दुख में एक मज़बूत चट्टान की तरह खड़ी है। मोगा जिले में चुनाव ड्यूटी के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट करते हुए, राज्य सरकार ने न केवल 20 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता राशि तुरंत जारी कर दी है, बल्कि पीड़ित परिवार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की भी बड़ी घोषणा की है। यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब सरकारी अध्यापक जसकरण सिंह अपनी पत्नी कमलजीत कौर को चुनाव ड्यूटी पर छोड़ने जा रहे थे।  मोगा के बाघापुराना क्षेत्र में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। इस दुखद हादसे में दोनों अध्यापकों की असामयिक मृत्यु ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत कदम उठाए और पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवा स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।  परिवार के साथ दुख साझा करते हुए स्पीकर संधवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार इन बच्चों को कभी बेसहारा नहीं छोड़ेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन बच्चों की शिक्षा का सारा खर्चा वहन करेगी ताकि उनके माता-पिता का सपना अधूरा न रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पंजाब सरकार द्वारा दी गई यह त्वरित सहायता और बच्चों की शिक्षा का संकल्प केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह अपने कर्मयोगियों के प्रति सरकार के अटूट सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है और उनके बलिदान को प्रदेश कभी नहीं भुला सकता। विपक्षी दलों की केवल हवाई बयानबाजी के विपरीत, मान सरकार ने धरातल पर ठोस काम करके दिखाया है कि आम आदमी की सरकार वास्तव में जनता और कर्मचारियों के हितों के प्रति जवाबदेह है। संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से दिखाए गए इस मानवीय और संवेदनशील रुख ने राज्य के लाखों कर्मचारियों के भीतर यह विश्वास और गहरा किया है कि उनकी सेवा और सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गर्दन में चाकू फंसा, 46 किमी दूर अस्पताल तक पहुंचा नाबालिग; महिदपुर में विवाद में हिंसा

महिदपुर  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में बाइक टकराने के मामूली विवाद में समझाइश देने से नाराज 3 लोगों ने एक नाबालिग को घेरकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। इस विवाद में चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, जिसके बाद उसे गर्दन में फंसे चाकू के साथ ही इलाज के लिए उज्जैन लाना पड़ा। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करता दिख रहा है। वहीं एक अन्य वीडियो में उज्जैन के अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने के दौरान भी उसकी गर्दन में फंसा चाकू साफ नजर आ रहा है। यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी आज सामने आया। वीडियो में 3 लोग नाबालिग पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियो पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना उज्जैन से करीब 45 किमी दूर महिदपुर तहसील के दर्जी बाखल क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब दो दोस्त एक किराना दुकान से सामान लेकर लौट रहे थे, इसी दौरान गाड़ी टकराने की बात को लेकर हुए विवाद में एक नाबालिग को चाकू मार दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान अरशान खान और पीड़ित नाबालिग अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से बाइक सवार तीन युवक आ रहे थे और उनकी बाइक नाबालिग लड़के से टकरा गई। जिसके बाद नाबालिग ने उन बाइक सवार 3 लोगों से ध्यान से बाइक चलाने की बात कही, जिससे विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गए। हमले के दौरान चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, और वहीं फंसा रह गया। जिसके बाद चाकू लगी हालत में उसे इलाज के लिए पहले महिदपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उज्जैन रेफर किया गया। गुरुवार को घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें विवाद के बाद आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करते हुए और फिर फरार होते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही उज्जैन का भी एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नाबालिग इलाज के दौरान गर्दन में फंसे चाकू के साथ अस्पताल में खड़ा दिखाई दे रहा है और दर्द से कराहता नजर आ रहा है। पुलिस ने अरशान खान की रिपोर्ट पर तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

रेल किराए में बढ़ोतरी: बिलासपुर‑दिल्ली स्लीपर और AC कोच महंगे, नया फेयर आज से लागू

बिलासपुर  भारतीय रेलवे की तरफ से ट्रेनों के टिकट में बढ़ाया गया किराया शुक्रवार से लागू हो रहा है. 26 दिसंबर से ट्रेनों का किराया बढ़ रहा है. बिलासपुर से दिल्ली की यात्रा भी अब महंगी होने वाली है. क्योंकि भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए फेयर स्ट्रक्चर में जो बदलाव किया है उसका संशोधित किराया अब लागू हो जाएगा. जिसमें लंबी दूरी की ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. बिलासपुर से दिल्ली की यात्रा भी आज से महंगी हो गई है. एसी, स्लीपर के टिकट पर किराया बढ़ गया है. जिसका बढ़ा किराया आज से देना होगा.  13 से 26 रुपए बढ़ा किराया  बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी और एसी श्रेणियों हर किलोमीटर पर 1 से 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए अब यात्रियों को 13 से 26 रुपए टिकट पर अतिरिक्त चुकाना होगा. क्योंकि बिलासपुर-दिल्ली की दूरी ज्यादा है और यहां ट्रेनों की संख्या भी सीमित होती है. स्लीपर और प्रथम श्रेणी साधारण कोच में लगने वाले टिकट का किराया बढ़ा दिया गया है. हालांकि भारतीय रेलवे की तरफ से यह भी क्लीयर किया गया है कि सुपरफास्ट अधिभार, आरक्षण शुल्क, और अन्य सहायक शुल्कों में फिलहाल किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.  नए साल से पहले लागू हुई इस Railway Ticket Fare Hike का असर जबलपुर से चलने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। रेलवे ने जबलपुर से देश के बड़े स्टेशनों तक यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में 5 रुपये से लेकर 40 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। गौरतलब है कि जबलपुर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां से दिल्ली, मुंबई सहित कई बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनें संचालित होती हैं। रेलवे के अनुसार, जबलपुर से दिल्ली के सफर में एसी फर्स्ट क्लास के किराए में प्रति किलोमीटर दो पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके चलते दिल्ली जाने पर यात्रियों को 18 रुपये और मुंबई जाने पर करीब 20 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। हालांकि, रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों को कुछ हद तक राहत दी गई है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों को 215 किलोमीटर तक की दूरी के लिए कोई अतिरिक्त भार नहीं उठाना पड़ेगा। 216 से 750 किलोमीटर तक के सफर पर 5 रुपये, 751 से 1250 किलोमीटर पर 10 रुपये, 1251 से 1750 किलोमीटर पर 15 रुपये और 1751 से 2250 किलोमीटर की दूरी के लिए 20 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अलग-अलग श्रेणी में बढ़ा ट्रेन का किराया रेलवे अफसरों ने बताया कि संशोधित किराया संरचना के तहत 215 किलोमीटर तक की द्वितीय श्रेणी साधारण यात्रा पर कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे कम दूरी और दैनिक यात्रियों को राहत मिली है। 216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर तक की दूरी के लिए किराया 5 रुपए बढ़ाया गया है, जबकि 751 से 1250 किमी पर 10 रुपए, 1251 से 1750 किमी पर 15 रुपए और 1751 से 2250 किमी पर 20 रुपए की बढ़ोतरी चरणबद्ध रूप से लागू होगी। बिलासपुर से दिल्ली के लिए तकरीबन 9-10 ट्रेनें बिलासपुर से दिल्ली तक करीब 9-10 ट्रेनें सीधा जाती हैं, जिनमें दैनिक और साप्ताहिक सेवाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख ट्रेनें हैं राजधानी/राजधानी, संपर्क क्रांति, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस हैं। इनमें रोजाना 5 से 7 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में अब ट्रेन टिकट बढ़ने पर यात्रियों की जेब में सीधा असर होगा। बिलासपुर से दिल्ली के लिए हर दिन 9 से 10 ट्रेनें  दरअसल, बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए हर दिन छत्तीसगढ़ में 9 से 10 ट्रेनें चलती हैं, जिसमें स्पेशल ट्रेनें भी शामिल रहती हैं. बिलासपुर से राजधानी, संपर्क क्रांति, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस, बिलासपुर दिल्ली साप्ताहिक जैसी ट्रेनें लगभग हर दिन चलती हैं. जहां बिलासपुर से दिल्ली के बीच हर दिन 5 से 7 हजार यात्री सफर करते हैं. ऐसे में बिलासपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों के टिकट में भी बढ़ोत्तरी हो गई हैं, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेबों पर पढ़ेगा. क्योंकि ट्रेनों का बढ़ा हुआ किराया आज से लागू हो गया है.  भारतीय रेलवे ने बताया कि नया किराया दर 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा, उसके पहले बुक किए हुए टिकटों पर बढ़ा किराया नहीं लगेगा. केवल 26 तारीख से जो टिकट बुक होंगे उसी पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा, इसके अलावा और कोई भी अतिरिक्त शुल्क रेलवे की तरफ से नहीं लिया जा रहा है. इसलिए अगर कोई एक्स्ट्रा पैसा मांगते हैं तो उस पर तुरंत शिकायत करनी चाहिए. छत्तीसगढ़ से चलने वाली लंबी दूरी की सभी ट्रेनों के टिकट में इजाफा हो गया है.  

मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, पचमढ़ी में पारा 4.2°C, 25 शहरों में 10°C से नीचे; कई जिलों में घना कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश (MP Weather Update) के हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को अलाव और लाइट के सहारे चलना पड़ा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी देरी का असर देखने को मिला। सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी हेडलाइट जलाने को मजबूर रहे। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली। 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर 2 से 3 दिन के भीतर मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसका मतलब है कि नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के साथ होगी। भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। भोपाल में 7, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री मिनिमम टेंपरेचर मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। पचमढ़ी के अलावा रीवा में 5.5 डिग्री, शिवपुरी और खजुराहो में 6 डिग्री, नौगांव और दतिया में 6.2 डिग्री तथा उमरिया में 6.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में पारा 7 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह अलाव का सहारा ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है। कई इलाकों में सुबह लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिर सकता है। पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे, कई शहरों में छाया घना कोहरा बुधवार-गुरुवार की रात प्रदेश में लगातार दूसरे दिन तापमान 4 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं खजुराहो, नौगांव, मंडला, रीवा, सतना, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और दमोह जैसे शहरों में घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे की मार,ट्रेनों की रफ्तार थमी कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी लेट हैं। शुक्रवार को भी हालात सामान्य होने के आसार कम हैं। 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7 डिग्री, इंदौर में 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.4 डिग्री और जबलपुर में 10 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ (5 डिग्री), रीवा (5.4), शाजापुर (5.5), शिवपुरी (6) और नौगांव (6.4) जैसे इलाके सबसे ज्यादा ठंडे रहे।रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री, ग्वालियर में 24.1, जबलपुर में 25.4 और इंदौर में 26 डिग्री रहा।बालाघाट का मलाजखंड दिन में भी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार ठंड के पीछे जेट स्ट्रीम की बड़ी भूमिका है। यह हवा जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के साथ मिलकर यह ठंड को और तीखा बना रही है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, सर्द हवाओं का असर और तेज हो सकता है। इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर के महीने में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया था। इंदौर में भी 25 साल बाद इतनी सर्द रात दर्ज की गई। 

पंजाब में बढ़ती ठंड से जनजीवन प्रभावित, कोहरे–शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट; 6 फ्लाइट्स कैंसिल

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आदमपुर में शीतलहर का असर देखा गया, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सुबह के समय चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50 से 199 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। इन जिलों में घना कोहरा मौसम विभाग के अनुसार आज पठानकोट, नवांशहर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और बठिंडा में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने के आसार हैं। तापमान में तेज गिरावट अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में तापमान 0.2 से 5.2 डिग्री तक नीचे गया है। चंडीगढ़: 17.4°C अमृतसर: 19.7°C लुधियाना: 21.2°C पटियाला: 14.6°C पठानकोट: 20.6°C बठिंडा: 23.5°C रूपनगर: 20.1°C मानसा: 24.1°C आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा।27 दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जबकि 30–31 दिसंबर को नया सिस्टम सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

शीतलहर से राजस्थान कांपा, सीकर में बर्फबारी जैसे हालात; 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में सर्दी ने एक बार फिर तीखा तेवर दिखाया है। प्रदेश में शीतलहर का असर तेज हो गया है और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 3 से 4 दिनों तक कड़ाके की ठंड बने रहने की चेतावनी जारी करते हुए उत्तर-पूर्वी राजस्थान के 11 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया है। शुक्रवार सुबह जयपुर सहित आसपास के जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम गलन बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में तापमान गिरने से पाला जमने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। सीकर, जयपुर, नागौर और अलवर समेत कई जिलों में बीते दो दिनों में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। सीकर और अलवर के कुछ इलाकों में खेतों पर बर्फ की पतली परत जमने की खबर है। वहीं फतेहपुर में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अलवर में करीब 18 दिन बाद न्यूनतम तापमान फिर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 19 दिसंबर को प्रदेश का सबसे कम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया था। जैसलमेर में सुबह और शाम घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू, झुंझुनूं, साथ ही नागौर, अलवर, करौली, धौलपुर और भरतपुर में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में दिन में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। गुरुवार को कई शहरों में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।जयपुर में न्यूनतम तापमान 8.8°C, नागौर 1.9°C, सीकर 3°C, कोटा 8.2°C, बारां 5.8°C, फतेहपुर 1.6°C और करौली में 4.6°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने, गर्म कपड़े पहनने और किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है।

हेलमेट नहीं तो जेब पर भारी मार! MP में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अर्थदंड बढ़कर 500 रुपये

भोपाल प्रदेश में हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। हेलमेट नहीं लगाने पर अब 300 की जगह 500 रुपये अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव है। वाहन चालक हो या पीछे बैठने वाला दोनों के लिए 500-500 रुपये अर्थंदड का प्रविधान किया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे शीघ्र ही स्वीकृति के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं अधिकारियों के अनुसार जनवरी, 2026 से नए प्रविधान लागू हो सकते हैं। एमपी में भी लगभग तीन वर्ष पहले अर्थदंड बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, पर कुछ मंत्रियों ने यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इस कारण इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें दोपहिया वाहन सवार जितने लोगों की मौत होती हैं, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक बिना हेलमेट वाले होते हैं।   6541 लोग बिना हेलमेट के थे इस कारण अर्थदंड बढ़ाने की तैयारी है। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले से चालान 500 रुपये है। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली गई, जिनमें 6541 लोग बिना हेलमेट के थे। ये वाहन चालक या पीछे बैठने वाले थे। पड़ोसी राज्यों की तुलना में एमपी में हेलमेट नहीं पहनने पर अर्थदंड बहुत कम है। यूपी और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड उत्तर प्रदेश और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने भी इस वर्ष दो बार प्रदेश का दौरा किया, जिसमें नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 15-20 दिन के भीतर हेलमेट नहीं लगाने पर अर्थदंड बढ़ाने की अधिसूचना जारी हो सकती है।  

उदयपुर गैंगरेप मामला: चलती कार में वारदात, आईटी कंपनी के CEO समेत 3 की गिरफ्तारी

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में एक निजी आईटी कंपनी की मैनेजर के साथ कथित कॉर्पोरेट गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि जांच की ज़िम्मेदारी एडिशनल एसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई है. एसपी गोयल के अनुसार, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई. मेडिकल जांच में चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया गैंगरेप की पुष्टि होती दिखाई दे रही है. पुलिस को जांच में एक अहम सुराग भी हाथ लगा है. आरोपियों की कार में लगे डैशकैम के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, जिसमें घटना के दौरान की आवाजें कैद होने की बात सामने आई है.  तीन आरोपी अरेस्ट पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आईटी कंपनी का सीईओ जितेश, उसकी सहकर्मी महिला एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा और उसका पति गौरव शामिल हैं. तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. आरोपी सीईओ जितेश सिसौदिया आईआईटीयन है. पुलिस के मुताबिक, 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी उदयपुर के शोभागपुरा इलाके के एक होटल में आयोजित की गई थी. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची थी, जो देर रात 1:30 बजे तक चली. पार्टी के बाद जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी तो कुछ लोग उन्हें घर छोड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने उन्हें आफ्टर पार्टी के लिए साथ चलने का प्रस्ताव दिया. गैंगरेप के बाद पीड़िता को घर छोड़ा गया इसके बाद रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बैठाया गया, जिसमें पहले से सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव का पति मौजूद था. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक कराया गया, जिससे वह बेहोशी की हालत में चली गई. होश में आने पर पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ छेड़छाड़ और सामूहिक बलात्कार किया गया. सुबह करीब 5 बजे पीड़िता को घर छोड़ा गया. होश आने पर उसे अपने कान की बाली, मोज़े और अंडरगारमेंट्स गायब मिले और निजी अंगों पर चोट के निशान थे. बाद में जब कार के डैशकैम की जांच की गई तो घटना से जुड़े अहम सबूत रिकॉर्डिंग में पाए गए.

झांसी मंडल में पहली बार एफपीओ के उत्पाद को मिला एगमार्क

योगी सरकार की कोशिशों से झांसी के एफपीओ को मिली सफलता, खाद्यान्न और मसालों को मिला एगमार्क झांसी मंडल में पहली बार एफपीओ के उत्पाद को मिला एगमार्क सरकार की योजनाओं से बुंदेलखंड में एग्रो बिजनेस का बढ़ रहा दायरा झांसी  प्रदेश सरकार बुंदेलखंड में एग्रो प्रोडक्शन और एग्रो बिजनेस को बढ़ावा देने की ओर निरंतर प्रयासरत है। योगी सरकार की मदद से झांसी के एक एफपीओ को दो श्रेणी के उत्पादों के लिए एगमार्क हासिल करने में सफलता मिली है। एगमार्क भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय द्वारा प्रदान किया जाता है। एगमार्क खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है। झांसी के चिरगांव देहात स्थित श्री खाटू श्याम जी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को खाद्यान्न और मसालों के उत्पादों के लिए एगमार्क प्रदान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग ने एफपीओ के आवेदन की प्रक्रिया में मदद की और विभाग के माध्यम से एगमार्क का आवेदन भारत सरकार के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय को भेजा गया। निदेशालय से झांसी के एफपीओ को दो श्रेणियों के उत्पादों – खाद्यान्न और मसालों को एगमार्क प्रदान किया गया है। झांसी मंडल में पहली बार किसी एफपीओ के उत्पाद को एगमार्क प्रदान किया गया है। श्री खाटू श्याम जी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की डायरेक्टर पूजा राजपूत ने बताया कि एफपीओ से अभी तक लगभग 300 किसान जुड़े हैं। वर्तमान समय में हल्दी, धनिया, मिर्ची और पोहा तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। मकसद है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो और किसानों की आमदनी में इजाफा हो। झांसी के ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक प्रखर कुमार ने बताया कि एगमार्क से उत्पाद की गुणवत्ता प्रमाणित होती है। इस एगमार्क के उपयोग की निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है।