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घरेलू विवाद बना कानून व्यवस्था की चुनौती, झारखंड में ससुर के घर पर बुलडोजर एक्शन

गिरिडीह भारत में दामाद की ससुराल में खूब आवभगत होती है। इस आवभगत की बहुत सारी कहानियां हमारे सामने हैं, लेकिन कभी-कभी ससुराल में दामाद कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो कानूनन अपराध होता है। ऐसा ही एक मामला आया है झारखंड के गिरिडीह में। यहां एक शख्स की पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी। इस बात से नाराज होकर महिला का पति बुलडोजर लेकर ससुराल पहुंच गया और घर पर ही बुलडोजर चला दिया। शख्स ने घर पर बुलडोजर चलाकर बाउंड्री को गिरा दिया।   यह मामला गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र का है। यहां के सिरसिया गांव में एक शख्स की पत्नी बार-बार मायके चली जा रही थी। पत्नी के बार-बार मायके जाने से पति इतना नाराज हुआ कि एक दिन वो बुलडोजर लेकर ससुराल पहुंच गया। ससुराल पहुंचकर शख्स ने ससुर के घर पर ही तोड़फोड़ शुरू कर दी और घर के बाहर बनी बाउंड्री की दीवार को तोड़कर गिरा दिया। इस घटना की खबर मिलने के बाद जब मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई तो, शख्स जेसबी लेकर फरार हो गया। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो मौके पर पुलिस पहुंची और मामला दर्ज कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार, गादी-चुंगलो का रहने वाला पिंटू मंडल की शादी सिरसिया में हुई थी। शादी के बाद से ही पिंटू मंडल अपनी पत्नी उर्मिला को नशा करने के बाद मारता था और अभद्र व्यवहार करता था। इस वजह से उर्मिला अपने दो बच्चों को लेकर मायके रहने चली गई। इस घटना के बाद पिंटू पर मामला दर्ज कर लिया गया है।  

कोण्डागांव की योगिता मंडावी को जूडो में प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर योगिता मंडावी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर  छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने जूडो खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी योगिता को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा योगिता मंडावी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति आदि में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि योगिता मंडावी ने कम उम्र में ही जूडो खेल में अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार पदक अर्जित कर अपनी निरंतर प्रगति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है तथा कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है। योगिता की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बालिका गृह एवं बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाएँ नहीं, बल्कि सपनों के प्रति लगन और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार है।

लेटर ने बढ़ाई सियासी तपिश: AAP ने LG को बताया ‘गजनी’, BJP ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली   दिल्ली में हवा चलने की वजह से एक्यूआई में भले ही कुछ सुधार हो गया है, लेकिन इस बीच राजनीति 'गंभीर श्रेणी' में पहुंच गई है। दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी 'आप' के बीच टकराव और आरोप-प्रत्यारोप चरम पर पहुंच गया है। एलजी विनय सक्सेना की ओर से अरविंद केजरीवाल को लिखे गए लेटर के बाद 'आप' भड़की हुई है। अब फिल्मी पलटवार करते हुए केजरीवाल की पार्टी ने एलजी को 'गजनी' बताते हुए उनका पोस्टर जारी किया है। वहीं, भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि भूले तो दिल्ली को केजरीवाल हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। दरअसल पिछले दिनों एलजी वीके सक्सेना ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम 15 पन्नों का लेटर लिखते हुए उन पर कई आरोप लगाए। एलजी ने कहा कि जब केजरीवाल सीएम थे तो उनके सामने प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर करने पर आप प्रमुख ने इसे नजरअंदाज करने को कहा था। एलजी के मुताबिक केजरीवाल ने कहा था, 'सर यह हर साल होता है। मीडिया इसे 15-20 दिन उठाती है। एक्टिविस्ट और कोर्ट मुद्दा बनाते हैं और फिर हर कोई भूल जाता है। आपको भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।' एलजी की ओर से किए गए इन दावों को पहले तो 'आप' ने खारिज किया और फिर फिल्मी पोस्टर के जरिए पलटवार किया है। 'आप' ने आमिर खान की फिल्म 'गजनी' के पोस्टर में फेरबदल करते हुए एलजी पर निशाना साधा। आप दिल्ली के एक्स हैंडल पर इस पोस्टर को साझा करते हुए LG का मतलब बताया गया- लो क्वालिटी गजनी। पोस्टर पर लिखा गया है, 'दिल्ली में भारी प्रदूषण से गई एलजी की याददास्त, केजरीवाल को लिखा पत्र।' फिल्म के पोस्टर को एडिट करके एलजी का चेहरा लगा दिया गया है। शरीर पर- केजरीवाल इज रिस्पॉन्सिबल, बीजेपी, पलूशन, दिल्ली इन 2025 जैसे शब्द लिखे हैं। 'आप' का कहना है कि सक्सेना भूल गए हैं कि अब दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और प्रदूषण से निपटने की जिम्मेदारी उसकी है। वीरेंद्र सचदेवा ने 'आप' पर पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भूले हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए पूर्व की आप सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा, 'जिम्मेदारी हमारी है लेकिन किन चीजों की? उन पापों की जो आपने 12 साल में किए। आज प्रदूषण की जो हालत है उसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। एलजी ने जो कहा वह मेरे लिए भी हैरान करने वाला है। उस समय के मुख्यमंत्री, जब एलजी प्रदूषण पर बात करते हैं, तो कहते हैं कि 15-20 दिन का मुद्दा है, मीडिया उठाएगी, कुछ लोग कोर्ट जाएंगे और फिर बात खत्म हो जाएगी। इस पर बात करने की जरूरत नहीं है। आज की हालत के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।जहां तक पोस्टर की बात है, गजनी को भूलने की बीमारी थी। दिल्ली में करारी हार के बाद कोई भूला है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। आप के विदूषकों ने तस्वीर गलत लगाई है, अरविंद केजरीवाल की लगानी चाहिए थी जो दिल्ली को भूलकर भाग गए।'  

नौकरी के लालच में खून का रिश्ता शर्मसार: पिता की हत्या में शामिल निकला अपना ही बेटा, जानिए पूरी कहानी

भोजपुर भोजपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में झारखंड पुलिस में चालक हवलदार के पद पर तैनात पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही बेटे ने की थी। संपत्ति और नौकरी के लालच में बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। भोजपुर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के पुत्र ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि पशुपतिनाथ तिवारी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। बेटे को यह उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि करीब दो साल पहले भी आरोपी पुत्र ने पिता को दुर्घटना में मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय उसकी योजना नाकाम हो गई थी। पिछले दिसंबर महीने में जब पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी पर अपने गांव आए थे, उसी दौरान घर में सोए अवस्था में गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक द्वारा कुछ जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने को लेकर भी पुत्र उनसे नाराज था। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

ड्रग्स तस्करी पर करारा प्रहार: नागौर में 21 लाख की स्मैक जब्त, दो आरोपी पकड़े गए

नागौर नागौर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में मेड़ता थाना पुलिस ने 21 लाख रुपए कीमत के 101.12 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में प्रयुक्त एक वेन्यू कार भी पुलिस ने जब्त की। नागौर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन नीलकंठ के तहत मोहम्मद आबिद (32) पुत्र मोहम्मद सुलेमान निवासी तारकिशन जी की दरगाह और जयसिंह उर्फ राजेंद्र सिंह (31) पुत्र कल्याण सिंह निवासी जैन मंदिर रेलवे स्टेशन को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी मोहम्मद आबिद नागौर कोतवाली थाना का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है और पहले कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मेड़ता रोड थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। मेड़ता रोड थाना अधिकारी सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि पुलिस रात्रि गस्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रेण कस्बे क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक वेन्यू कार (RJ 21 CD 0253) को रोका। तलाशी लेने पर दोनों आरोपियों के पास 101.12 ग्राम स्मैक मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 21 लाख रुपए बताई जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि ऑपरेशन नीलकंठ का उद्देश्य जिले को मादक पदार्थों के जहर से मुक्त करना है। इस कार्रवाई से नशे के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पुलिस अब आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई चेन का पता लगाएगी, ताकि बड़े तस्करों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह कार्रवाई जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की सतत मुहिम और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने के प्रयासों का उदाहरण है।  

संभागायुक्त सिंह का आह्वान: महिलाएं और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा में आंगनबाड़ी निभाए महत्वपूर्ण भूमिका

समाज में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं – संभागायुक्त सिंह   संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा  की टीएल बैठक संपन्न   भोपाल          संभागायुक्त संजीव सिंह ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा में  आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी नियत समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कर संबंधित विभाग को जानकारी दे। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास एवं आरईएस के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का संयुक्त दल निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में टीएल बैठक में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ, महिला एवं बाल विकास डीपीओ, आरईएफ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स के साथ सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की व्हीसी के माध्यम से समीक्षा की।                संभागायुक्त  सिंह को इंजीनियर ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग श्री आर के शर्मा ने जानकारी दी कि भोपाल संभाग के सभी जिलों में कुल 666 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए जिसमें से 365 पूर्ण कर लिए गए हैं एवं शेष आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्य निर्माणाधीन प्रक्रिया में हैं। संभागायुक्त श्री सिंह ने सभी जिलों के कार्यपालक इंजीनियर (आरईएस) से व्हीसी के माध्यम से एक-एक आंगनबाड़ी केन्द्र की प्रगति की जानकारी ली एवं एक माह में निर्माण पूर्ण करने के लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने लंबित कार्यों पर अप्रसंन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।        संभागायुक्त  सिंह ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तेजी से किया जाए। जो शिकायतें 100 दिवस से अधिक समय से लंबित हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रो-एक्टिव एवं रुचि लेकर हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।                  संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर्स- कमिश्नर्स कांफ्रेंस के बिंदुओं पर अधिकारियों से प्राथमिकता से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसान एवं कल्याण विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं मत्स्य पालन विभाग को विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति, पशु हानि संबंधी प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि देने का कार्य समय से करें।       समीक्षा बैठक के दौरान व्हीसी के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ शामिल हुए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त संचालक श्रीमती नकी जहां कुरैशी, संभागीय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

रेलिंग लगाने को लेकर बवाल, भीड़ ने राजस्थान पुलिस पर किया पथराव, आधा दर्जन पुलिसकर्मी जख्मी

जयपुर  जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के सांप्रदायिक तनाव और पुलिस पर हमले की खबर सामने आई है। बस स्टैंड के पास स्थित एक मस्जिद की रेलिंग लगाने के विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि उपद्रवियों ने पुलिस जाब्ते पर जमकर पथराव किया। इस हिंसक झड़प में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।   विवाद की जड़ मस्जिद के बाहर सड़क किनारे लगे पत्थरों को हटाने से जुड़ी है। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में समुदाय के लोगों ने खुद पत्थर हटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे, पत्थर हटाने के बाद वहां लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री बनाने का काम शुरू कर दिया गया। जब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने इस निर्माण को रोकने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला कर दिया। अचानक हुए पथराव में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। घायल 6 जवानों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार और डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा थानों की पुलिस तैनात है। उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।

किसानों के लिए राहत: ई-टोकन से खाद वितरण शुरू, अब लंबी कतारों में समय नहीं खोएंगे

जबलपुर  किसानों को रसायनिक खाद वितरण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने लगातार अनेक उपाय किए पर सफलता नहीं मिली। वितरण केंद्रों में खाद पाने किसानों की कतार लंबी होती गई। स्थाई समाधान की दिशा में कार्य करते हुए शासन ने एक अक्टूबर 2025 से खाद वितरण की नई व्यवस्था ‘ई-टोकन’ का प्रयोग किया। इसके बेहतर परिणाम सामने आए। किसानों से प्राप्त फीडबैक के बाद यह व्यवस्था अब एक जनवरी 2026 से प्रदेशभर में लागू की जा रही है। जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी। योजना का फायदा यह रहा कि खाद लेने के लिए किसानों को न तो कतार में खड़ा होना पड़ा, न ही दस्तावेज लेकर भटकने की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ई-टोकन पोर्टल पर वांछित जानकारी दर्ज की, जिसके साथ ही तय मात्रा में खाद बुक हो गई। उसके बाद किसानों ने अपनी सुविधा के मुताबिक वितरण केंद्र से खाद प्राप्त कर ली। विभाग ने खाद को घर तक पहुंचाने की वैकल्पिक सुविधा भी दी है। जबलपुर में तीन माह के भीतर 40 हजार से अधिक किसानों ने ई-टोकन के माध्यम से लगभग 20 हजार 770 टन खाद ली। रबी सीजन में लगभग 59 हजार से ज्यादा किसानों ने खाद लेने के लिए ई-टोकन प्रणाली में पंजीयन कराया है। कतार से राहत, समय की भी बचत ई-टोकन व्यवस्था से किसान तय तारीख और समय पर केंद्र पहुंचकर आसानी से खाद ले सकेंगे। इससे न समय की बचत होगी, बल्कि वितरण केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण लगेगा। ई-टोकन के साथ-साथ किसानों के घर तक खाद पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की गई है, लेकिन यह व्यवस्था किसानों को खास पसंद नहीं आई। जबलपुर जिले में अब तक केवल तीन किसान ही घर-घर खाद वितरण योजना से जुड़े हैं। अधिकांश किसानों का मानना है कि केंद्र से सीधे खाद लेना अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद है। आंकड़ों पर नजर     01 अक्टूबर से जबलपुर सहित तीन जिलों में ई-टोकन की सुविधा शुरू हुई।     18 दिसंबर तक जबलपुर में 40 हजार किसानों ने 20 हजार 770 टन खाद ली-     59 हजार 732 किसानों ने रबी सीजन में ई-टोकन के जरिए खाद लेने पंजीयन कराया।     03 माह के भीतर चार हजार से अधिक किसानों को ई-टोकन से खाद दी गई। ऐसे ले सकते हैं ई पोर्टल से खाद     ई-टोकन पोर्टल पर किसान पंजीयन कराना जरूरी है।     इसके लिए ई-टोकन डट एमपीकृषि डाट ओआरजी ओपन करें।     ट्रस्ट/पट्टा/अन्य कृषक का पंजीयन पर क्लिक करें।     आधार नंबर दर्ज करें और आधार सत्यापन पर क्लिक करें।     ओटीपी प्रविष्ट करें एवं आधार सत्यापित पर क्लिक करें।     आधार सत्यापन के बाद स्वतः प्रदर्शित जानकारी दें।     किसान का नाम, मोबाइल और आधार नंबर व पते की जानकारी दें।     भूमि विवरण जोड़ने की प्रक्रिया में जाकर और कुल रकबा, सिंचित रकबा और खसरा नंबर दें।     स्थान विवरण चयन कर जिला, विकासखंड, ग्राम की जानकारी दें।     इसके बाद भूमि जोड़ें पर क्लिक करें।     अंत में चेक बाक्स में क्लिक कर अनुमोदन को प्रेषित करें। यह डाटा राजस्व विभाग के पास चला जाएगा। डा. एसके निगम, उप संचालक, कृषि ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन की व्यवस्था जबलपुर समेत प्रदेश के तीन जिलों में लागू की गई थी। इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। किसानों से फीडबैक लेने के बाद अब इसे प्रदेशभर में एक जनवरी 2026 से लागू किया जा रहा है।

IT मैनेजर पीड़िता ने साझा की दर्दनाक कहानी, उदयपुर गैंगरेप कांड में वस्तुएं हुईं लूट

उदयपुर  उदयपुर में चलती कार में प्राइवेट IT कंपनी की मैनेजर से गैंगरेप किया गया। बर्थ-डे पार्टी के बाद घर छोड़ने के बहाने वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित युवती ने अपनी ही कंपनी के सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति पर ये गंभीर आरोप लगाए हैं। जब सुबह हल्का-हल्का होश आया, तो सबसे पहली उसकी नजर कपड़ों पर गई. देखा तो एक कान की ईयररिंग नहीं थी, मोजे और अंडरगारमेंट तक गायब थे. प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे. यह कहना है उदयपुर की एक आईटी कंपनी की मैनेजर का. उनकी शिकायत पर कंपनी के सीईओ, एक महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति को चलती कार में गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. यह है पूरा मामला 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी शोभागपुरा स्थित एक होटल में आयोजित की गई थी. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची. कार्यक्रम देर रात तक चला और करीब 1:30 बजे पार्टी समाप्त हुई. इस दौरान पीड़िता की तबीयत खराब होने लगी और वह घर लौटना चाहती थी. कुछ लोग उसे घर छोड़ने की तैयारी में थे, तभी कंपनी की एक महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा. इसके बाद पीड़िता को कार में बैठाया गया. कार में पहले से महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति और कंपनी का सीईओ मौजूद थे. पीड़िता को बताया गया कि उसे घर तक छोड़ दिया जाएगा. रास्ते में कार एक दुकान पर रुकी, जहां से स्मोकिंग से संबंधित सामग्री ली गई. इसके बाद कार के भीतर ही पीड़िता को स्मोक कराया गया. कुछ ही समय में उसकी हालत बिगड़ती चली गई और वह सामान्य स्थिति में नहीं रही. पीड़िता के अनुसार, इसके बाद की घटनाएं उसे स्पष्ट रूप से याद नहीं रहीं. होश आया तो पता चला गैंगरेप हुआ जब उसे हल्का होश आया, तो उसने महसूस किया कि उसके साथ छेड़छाड़ की जा रही है. उसने विरोध किया और रुकने की बात कही, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई. आरोप है कि इस दौरान कार में मौजूद तीनों लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया. यह सिलसिला रात करीब 1:45 बजे से सुबह 5 बजे के बीच बताया गया है. सुबह के समय पीड़िता को उसके घर के पास छोड़ा गया. वह किसी तरह घर पहुंची. कुछ देर बाद जब उसे पूरी तरह होश आया, तो शरीर पर चोटों और दर्द का एहसास हुआ. तभी उसे अपनी ईयररिंग, मोजे और अंडरगारमेंट के गायब होने का पता चला. होश आया तो प्राइवेट पार्ट पर घाव थे कुछ देर बाद उसे थोड़ा होश आया तो सीईओ उनसे छेड़छाड़ कर रहा था। फिर सीईओ, एग्जीक्यूटिव हेड के पति ने उससे रेप किया। बार-बार कहने के बाद तीनों ने सुबह करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा। पीड़ित युवती सुबह पूरी तरह होश में आई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी ईयर रिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स नहीं मिले। प्राइवेट पार्ट पर घाव थे। पीड़ित ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो चेक किए। इसमें सीईओ, महिला और उसके पति की सारी हरकत रिकॉर्ड हो गई थी। पीड़ित युवती ने 23 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई है। वह उदयपुर की ही रहने वाली है। मामले की जांच महिला अपराध की एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई है। डैशकैम में सब रिकॉर्ड इसके बाद पीड़िता ने घटनाक्रम को समझने की कोशिश की. उसे याद आया कि जिस कार में वह रात भर रही, उसमें डैशकैम लगा हुआ था. उसने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड खंगाले. रिकॉर्डिंग में बातचीत और आवाजें मिलीं, जो उसके संदेह की पुष्टि करती थीं. यही रिकॉर्डिंग आगे चलकर जांच का अहम आधार बनी. पुलिस ने तेज की जांच  पीड़िता ने उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के अनुसार, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई. जांच की जिम्मेदारी एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई. मेडिकल जांच में शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे प्रथम दृष्टया गैंगरेप की आशंका सामने आई. तीनों आराेपी गिरफ्तार  पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आईटी कंपनी के सीईओ जयेश, सह-आरोपी गौरव और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया. तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़िता को नशे की हालत में लाने के लिए किसी विशेष पदार्थ का इस्तेमाल तो नहीं किया गया. एसपी योगेश गोयल ने बताया कि कार के डैशकैम में रिकॉर्ड ऑडियो जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है. कौन है आरोपी  गिरफ्तार आरोपियों में जयेश प्रकाश सिसोदिया, निवासी स्काई मरीना अपार्टमेंट, सुखाडिया सर्किल; गौरव सिरोही, हाल निवासी हितवाना अपार्टमेंट, सुखेर; और कंपनी की महिला एग्जीक्यूटिव हेड शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और लोगों से भी पूछताछ की जाएगी.