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ठंड के सीजन में टमाटर महंगा, कारण और भविष्य के दाम की जानकारी

शहडोल   मध्य प्रदेश में भीषण ठंड के बीच हरी-भरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं ये सीजन टमाटर के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान टमाटर की ज्यादा आवक व डिमांड की वजह से अक्सर इसके दाम में कमी देखी जाती है लेकिन इसके ठीक उलट टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के किचन का जायका भी बिगड़ रहा. जानें आखिर किसा वजह से टमाटर सीजन होने के बावजूद इतना महंगा चल रहा है. ठंड के सीजन में टमाटर के गर्म तेवर  पूरे मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 5 डिग्री के करीब या उससे नीचे चल रहा है. ऐसे में इसका असर अब सब्जियों और फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. टमाटर की फसल का सीजन है फिर भी टमाटर के दाम इन दिनों बेतहाशा बढ़ रहे हैं. टमाटर खरीदने पहुंची खरीददार कहती हैं, '' दिसंबर में अक्सर ही टमाटर सस्ते दाम में मिल जाते थे लेकिन मौजूदा साल में 50 रु से लेकर 70रु किलो तक बिक रहे हैं,'' 60-70रु किलो तक बिक रहा टमाटर  इन दिनों टमाटर के दाम अच्छे खासे बढ़ रहे हैं और हर दिन दाम में उछाल भी देखने को मिल रहा है. सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' वर्तमान में खुले रेट में टमाटर कहीं 50 रु किलो तो कहीं 60-70रु किलो तक क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं.'' क्यों बढ़ रहे टमाटर के दाम? सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' इस बार लंबे समय तक बारिश हुई, जिसकी वजह से शुरुआती फसल बर्बाद हुई, और फिर इसके बाद किसानों ने जो नई फसल लगाई तो बेतहाशा ठंड पड़ गई. तापमान 3 डिग्री तक जा रहा है, जिसकी वजह से टमाटर ठीक से पक नहीं पा रहा है, और यही वजह है कि लोकल टमाटर मार्केट में आ नहीं रहा है. इसी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं.'' सब्जी व्यापारी  बताते हैं कि अगर ठंड इसी तरह पड़ती रही तो अभी टमाटर के दाम सस्ते नहीं होने वाले हैं. पहले बारिश का कहर अब ठंड बनी सिरदर्द टमाटर की खेती करने वाले किसान सत्य कुमार बताते हैं, ''इस बार बारिश देर तक हुई, ऐसे में जो टमाटर की फसल लगा रखी थी वह बारिश की वजह से वो खराब हो गई. नई फसल लगाई, तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. खेतों पर टमाटर तो लगा हुआ है, लेकिन वो पक नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से मार्केट में लोकल टमाटर की शॉर्टेज है.

मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा, कब और कहां होंगी स्टॉपेज

इंदौर  राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स को देखते हुए रेलवे ने 5 जोड़ी उर्स स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया है। ये सभी ट्रेनें अलग-अलग राज्यों से आएंगी और कई प्रदेशों से होकर गुजरते हुए अजमेर तक जाएंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लोगों को भी इन ट्रेनों का फायदा मिलेगा। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान के कई शहरों से गुजरते हुए अजमेर तक जाने वाली विशेष ट्रेनों की ही जानकारी दे रहे हैं। इनमें से एक ट्रेन गुजरात से भी होकर गुजरेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इन ट्रेनों के बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए विस्तार से जानकारी दी। 1) ट्रेन नंबर 07274/07275 मचिलीपट्‌णम-अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07274, मचिलीपट्णम-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 21 दिसंबर (रविवार), सुबह 10.00 बजे आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्णम से शुरू होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन (सोमवार रात 20:37 बजे), इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद एवं अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07275, अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार), सुबह 08.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 09.30 बजे मचिलीपट्णम पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में गुडिवाडा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जम्मीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, करीमनगर, लिंगमपेट जगित्याल, मोर्ताड़, आरमुर, निजामाबाद जंक्शन, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, परभणी जंक्शन, मानवत रोड, सेलु, परतुर, जालना, छत्रपति शम्भाजीनगर (औरंगाबाद), लासूर, रोटेगांव, नागरसोल, मनमाड जंक्शन, भुसावल जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास, जनरल सेकेंड क्लास और 2 गार्ड कोच समेत कुल 24 कोच होंगे। 2) ट्रेन नंबर 07733/07734 काचीगुडा-मदार-काचीगुडा स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाडी संख्या 07733, काचीगुडा-मदार स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) को हैदराबाद के काचीगुडा से रात 23.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार। कब पहुंचेगी- 25 दिसंबर (गुरूवार) को दोपहर 13.00 बजे मदार पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07734, मदार-काचीगुडा स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार) को मदार से शाम 18.10 बजे रवाना होगी कब पहुंचेगी- 30 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10.00 बजे काचीगुडा पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में काचीगुडा, मल्काजगिरि, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जं., बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। 3) ट्रेन नंबर 07731/07732 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07731, हैदराबाद-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे हैदराबाद से चलेगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 25 दिसंबर (गुरुवार) आधी रात को 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07732, अजमेर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन ऑपरेशनल कारणों से इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। स्टॉपेज- यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, मेडचल, कमारेड्डी, निजामाबाद जंक्शन, बसर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बासमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 1 फर्स्ट मय सेकेंड एसी, 3 थर्ड एसी, 14 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें रहेंगे। 4) ट्रेन नंबर 07735/07736 तिरूपति-अजमेर-तिरूपति ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07735, तिरूपति-अजमेर स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) को तिरूपति से दोपहर 12.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 24 दिसंबर (बुधवार) को मध्य रात्रि में 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07736, अजमेर तिरूपति स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को अजमेर से रात 20.00 बजे चलेगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 31 दिसंबर (बुधवार) को दोपहर 13.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी स्टॉपेज- तिरूपति, रेणिगुट्टा, गुडुर, नेल्लोर, औंगोल, चिराला, तेनाली, विजयवाडा, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, पेद्दपल्ली, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। < गाड़ी संख्या 09027, बान्द्रा टर्मिनस-अजमेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) और 25 दिसंबर (गुरुवार) को दोपहर 12.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी गुजरात-MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर। कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 07.20 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 09028, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) और 26 दिसंबर (शुक्रवार) को सुबह 10.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 04.20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी स्टॉपेज- बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।  

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामला: 4 प्रमोशन मिलने थे, कर्मचारी को 40 साल में सिर्फ एक मिला

जबलपुर   चालीस साल की सेवा के बाद भी एक भी प्रमोशन नहीं दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में दायर इस याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस एम एस भट्टी की एकलपीठ ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर व जबलपुर दुग्ध संघ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में पूछा गया है कि आखिर किन वजहों से कर्मचारी को 40 साल की सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं दिया गया. क्या है पूरा मामला? जबलपुर के चेरीताल क्षेत्र निवासी त्रिलोकी नाथ पांडे की ओर से मध्य प्रदेश हईकोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि वे दुग्ध संघ पनागर, जबलपुर में अप्रैल 1981 में कॉपरेटिव एक्सटेंशन असिस्टेंट पर नियुक्त हुए थे. इसके बाद वह प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पदस्थ रहते हुए सेवा प्रदान करते रहे. उन्हें सेवाकाल के दौरान कई प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए थे और ना ही सेवाकाल के दौरान उनपर किसी भी प्रकार की कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी. इस सबके बावजूद उन्हें एक भी बार प्रमोशन नहीं दिया गया. 4 बार मिलने थे प्रमोशन, एक भी नहीं मिला याचिकाकर्ता त्रिलोकी नाथ पांडे ने याचिका में कहा कि नियमानुसार उन्हें दस साल, बीस साल, तीस साल व चालीस साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए था. इस संबंध में उन्होंने सेवाकाल के दौरान संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए थे. संबंधित अधिकारियों के द्वारा उनकी किसी भा मांग पर विचार नहीं किया गया. चालीस साल तक सेवा देने के बाद वह बिना प्रमोशन ही जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हो गए. कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब याचिका में राहत चाही गई है कि उन्हें क्रमोन्नति के एवज में 20 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर की राशि प्रदान की जाए और उनकी याचिका का निराकरण किया जाए. इस मामले की सुनवाई करते हुए हईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जबलपुर दुग्घ संघ को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद 27 जनवरी को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी ने पैरवी की .

मान सरकार का बड़ा कदम: स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए हजारों एएनएम और नर्सों की भर्ती मंजूर

चंडीगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है। वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा

विधानसभा में कोडिन पर सीएम योगी का जवाब कोडिन से यूपी में एक भी मौत नहीं हुईः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा मुख्यमंत्री ने सदन में समाजवादियों को दिखाया आईना  बोले- यूपी के जो सबसे बड़े होलसेलर हैं, उन्हें 2016 में समाजवादी पार्टी ने जारी किया था लाइसेंस  देश में दो नमूने हैं, जब कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने सपाइयों से कहा- आप चिल्लाते रहेंगे और ‘बबुआ’ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे  अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआः सीएम योगी  सीएम ने सपाइयों से कहाः समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में कोडिन कफ सिरप मामले में सरकार का पक्ष रखा और समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। बोले कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। माननीय सदस्यों को अध्ययन करके आना चाहिए और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नेता विरोधी दल ने सदन की कार्रवाई होते ही इस मुद्दे को उठाया, इसलिए मुझे खड़ा होना पड़ा। सीएम ने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को आईना दिखाया। सीएम ने सदन में साफ किया कि कोडिन कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है।  नेता प्रतिपक्ष से झूठ बोलवा देते हैं समाजवादी   सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी ली। बोले कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है।  2016 में समाजवादी पार्टी ने यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को जारी किया था लाइसेंस  सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे।  यूपी में नहीं होता कोडिन कफ सिरप का प्रोडक्शन  सीएम ने फिर स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय पर एफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है।  समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं  मुख्यमंत्री ने सीएम ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं।  समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ा है और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।

भक्तों की सुविधा के लिए खाटू श्याम मंदिर रहेगा पूरे दिन खुला, VIP लाइन नहीं

जयपुर   विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में दिनों दिन भक्तों की संख्या जा रही है. नए साल के स्वागत के लिए अभी से ही श्याम भक्तों में उत्साह देखा जा रहा को है. इस बार बाबा के दरबार में पिछली बार से भी अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. इस बार 31 दिसंबर को एकादशी व नववर्ष साथ होने से भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है. पिछले चार-पांच वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में नए साल पर भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नए साल का जश्न मनाने के लिए जहां कुछ लोग होटल, बार और डिस्को का रुख करते हैं, वहीं श्याम प्रेमी बाबा श्याम के दर्शन को अपनी प्राथमिकता मानते हैं. अधिकांश श्याम भक्त नए साल की पहली सुबह बाबा श्याम के दर्शन कर अपने साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्याम भक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है., श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, बिजली और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है. साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्याम प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. कस्बे में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को बड़ी संख्या में श्याम भक्त दर्शन के लिए आएंगे. पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान मंदिर कमेटी की ओर से एकादशी व नववर्ष की तैयारियां की जा रही है. भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें, इसके लिए मंदिर कमेटी तत्पर है. पानी, मेडिकल कैंप, रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड सभी की माकूल व्यवस्था रहेगी. वहीं, थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि नववर्ष व एकादशी पर सांवलपुरा रोड, दांता रोड, सीतारामपुरा तथा 52 बीघा में पार्किंग की जाएगी. वहीं पुलिस जाब्ता दो फेज में मंगवाया जाएगा. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. VIP दर्शन रहेंगे बंद, 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा  नववर्ष पर भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा. इसके अलावा VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा इस दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले ही छूट पाएंगे. इसके अलावा मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जाएगा. दर्जनों कारीगर मंदिर की सजावट का कार्य करेंगे. नए साल पर भीड़ को देखते हुए 24 घंटे अंदर खुला रहेगा. एकादशी होने के कारण नव वर्ष पर मासिक मेले का भी आयोजन होगा.

सीएम योगी का अलर्ट: यूपी की विधानसभा सीट पर वोटिंग में बढ़ा मत विभाजन, SIR आंकड़ों से हुई पुष्टि

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लोकभवन में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में भी एसआईआर का मुद्दा ही छाया रहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 25-25 उन विधानसभा सीटों का ब्योरा सबके सामने सिलसिलेवार रखा, जहां या तो सर्वाधिक वोट कटे हैं या फिर बहुत कम वोट कटे हैं। दोनों ही स्थितियों को चिंताजनक बताया गया। सर्वाधिक वोट कटने के मामले में गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट प्रदेश में पहले नंबर पर है। इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर प्रयागराज की उत्तरी सीट है। वर्ष 2025 की वोटर लिस्ट के लिहाज से देखें तो साहिबाबाद में अभी तक केवल 58 फीसदी ही वोट बन पाए हैं। यानि 42 फीसदी नाम नहीं हैं। जबकि प्रयागराज उत्तर में तुलनात्मक रूप से 40 फीसदी से अधिक नाम अभी सूची में नहीं हैं। इस सूची में लखनऊ की उत्तरी, पूर्वी सहित चार सीटें शामिल हैं। इसी तरह कानपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मथुरा आदि महानगरों की सीटें भी वोट कटने के मामले में टॉप-25 की लिस्ट में शामिल हैं। यह वे सीटें हैं जहां 30-32 से लेकर 42 फीसदी तक वोट 2025 की वोटर लिस्ट की तुलना में अभी शामिल नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा कार्यकर्ता एसआईआर का काम कर रहे हैं मगर अभी इसमें और तत्परता दिखानी होगी। अभी एसआईआर पर जितना काम कर लोगे तो समझो दो तिहाई चुनाव निपट जाएगा। उन्होंने ऐसी 25 सीटों की लिस्ट भी पढ़कर सुनाई जहां 13-14 फीसदी तक वोट ही कटे हैं। इनमें अमरोहा, शिकारपुर, देवबंद, जलेसर, सिरसागंज, मथुरा-वृंदावन, सीतापुर, एटा की मारहरा, कानपुर की सिकंदरा, आंवला, जसराना, फूलपुर आदि विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक अनुशासन के साथ सोमवार को सदन में मौजूद रहें। वंदेमातरम पर सदन में चर्चा होगी। बैठक में भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर, निषाद पार्टी प्रमुख डा. संजय निषाद, अपना दल (एस) की ओर से आशीष पटेल, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना मौजूद रहे। 32 फीसदी से अधिक वोट कटने वाली सीटें गाजियाबाद की साहिबाबाद-42 प्रतिशत, प्रयागराज उत्तर-40.9 प्रतिशत, लखनऊ उत्तर-39, लखनऊ ईस्ट-35, कैंट-37 प्रतिशत, सरोजनी नगर-32 प्रतिशत, कानपुर कैंट-34 फीसदी, कल्याणपुर-34 प्रतिशत, कानपुर दक्षिण-34 प्रतिशत, आर्य नगर-33 प्रतिशत, आगरा छावनी-35 प्रतिशत, आगरा दक्षिण-33 प्रतिशत, आगरा उत्तर में 33 प्रतिशत, बरेली-34, बरेली कैंट-35, मेरठ-34 प्रतिशत, गाजियाबाद-34, मथुरा-वृंदावन-34 प्रतिशत। ढाई से तीन करोड़ वोटर अभी कम, यह आपका वोट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने या हारने वालों को चेताया। कहा कि यदि तीन प्रतिशत भी वोट कट गया तो ऐसे लोगों के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे सभी लोग सतर्क हो जाएं। दावतें, कहीं आना-जाना, अनुष्ठान सब काम छोड़ कर एसआईआर में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि ढाई से तीन करोड़ वोटर कम है। यह वोट किसका है। यह वोट आपका है। नये वोटर बनाने पर फोकस कीजिए। सभी घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से बाहर कराइए। उन्होंने कहा कि भाजपा के हर नेता, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के लिए इस समय एसआईआर से महत्वपूर्ण और कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी संदिग्ध वोटर हैं, किसी एक ही पते पर यदि बड़ी संख्या में वोटर हैं तो ऐसे सभी लोगों की पड़ताल कर उन्हें सूची से बाहर कराइए। इसके लिए व्यापक पैमाने पर आपत्तियां दाखिल करने को फार्म-7 का प्रयोग कीजिए। उन्होंने दोहराया कि कोई भी सही नाम वोटर बनने से वंचित न हो और कोई फर्जी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा व लोकसभा के चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे जबकि प्रधानी व निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के आधार पर होंगे। कम एसआईआर वाली सीटों पर विधायकों का कटेगा टिकट प्रदेश की जिन विधानसभा सीटों पर एसआईआर कम है, वहां के विधायकों की टिकट पर संकट है। उन्हें दो टूक शब्दों में समझा दिया गया कि जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना वो स्पष्ट बता दें लेकिन एसआईआर में पार्टी के साथ धोखा ना करें। अगले पांच दिन सब काम छोड़कर केवल वोट बढ़ाने में जुटें। ऐसी तमाम बातें रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एसआईआर पर आयोजित पार्टी की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीतने-हारने वालों को चेताया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री चुघ ने कहा कि एसआईआर पर अभी की गई मेहनत अगले 20 साल काम आने वाली है। आने वाले आठ विधानसभा व लोकसभा चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे।

पूर्व मंत्री जोशी के साथ दूसरा विवाह, पल्लवी और कांग्रेस नेत्री ने साझा की पूरी जानकारी

भोपाल   पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी की चर्चा सियासी गलियारे में जोरों पर है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से शादी रचाई है। शादी के बाद तमाम अटकलों पर मीडिया के सामने आकर पल्लीव राज सक्सेना ने अपनी बात रखी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी और पल्लवी राज की शादी 4 दिसंबर को भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई थी। तस्वीरें 20 दिसंबर को वायरल हुई थी। पहले भी की हैं दो शादियां दरअसल, दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं। पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद दो अन्य महिलाओं ने दावा किया था कि हमारी शादी दीपक जोशी से हुई है। अब उन्होंने पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है। भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई है। परिवारों की मौजूदगी में हुई शादी दीपक जोशी से शादी के बाद पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा कि इस शादी में हमारे परिवार के सभी लोग मौजूद थे। साथ ही दीपक जोशी के बहन, बहनोई और भांजे-भांजियां मौजूद थीं। कई शादियों की बात को नकारा वहीं, दीपक जोशी की पहली पत्नी की मौत 2021 में हुई थी। अब उन पर आरोप लगते हैं कि 2016 में भी उन्होंने एक महिला से शादी की। एक अन्य महिला आरोप लगाती है कि हमने उनसे जनवरी 2025 में शादी की थी। इन आरोपों पर पल्लवी राज सक्सेना कहती हैं कि मैं जनवरी 2025 से ही दीपक जोशी की लाइफ में हूं। 11 महीने से हर पल मैं उनके साथ रहती हूं। मेरे घर में उनसे जून-जुलाई में सगाई हुई थी। इन संबंधों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अन्य शादियों के सवाल पर पल्लवी कहती हैं कि दीपक जी ने मुझे इतना बताया था कि एक महिला है, जो मुझे काफी दिन से परेशान कर रही है। इससे ज्यादा मुझे उन्होंने नहीं बताया। कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में आए दीपक जोशी देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बने। 2018 में कांग्रेस के मनोज चौधरी से हार गए। 2020 में चौधरी भाजपा में आ गए। 2023 में जोशी कांग्रेस में शामिल हुए और खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें भाजपा के आशीष शर्मा से हार गए। कुछ समय पहले वे वापस भाजपा में आए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दीपक जोशी मुखर रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें करते रहे। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी विजिया जोशी का इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया था। बेटा जयवर्धन सिंह भाजपा में है। सोमवार को करूंगा प्रेस कॉन्फ्रेंस मामले को लेकर एक वीडियो में दीपक जोशी का कहना है कि मनुष्य जीवन में यश-अपयश दोनों चलते हैं। मैं जिस परिवार से आता हूं, उसकी ऊंचाइयां बहुत अधिक हैं। एक मीडिया संस्थान (नईदुनिया नहीं) ने इसे लेकर कुछ प्रकाशित किया है। दो महिलाओं का जिक्र किया है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनको लेकर यहां टिप्पणी नहीं कर सकता। भारतीय न्याय प्रणाली पर विश्वास है। संचार साधनों पर कुछ भी डालने से पहले पुष्टि करनी चाहिए। सोमवार को भोपाल में इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। पल्लवी राज सक्सेना की भी दूसरी शादी पल्लवी राज सक्सेना की भी यह दूसरी शादी है। पहले पति से 17 साल पहले तलाक हो गया है। पल्लवी सक्सेना का एक 18 साल का बेटा है। वह गुजरात में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक जोशी से पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। फिर एक अंकल के जरिए हमारे घर रिश्ता आया। 63 के दीपक और 45 की पल्लवी वहीं, दीपक जोशी 63 साल के हैं और पल्लवी राज सक्सेना 45 साल की हैं। हमदोनों के लाइफ में कोई नहीं है। बढ़ती उम्र है तो साथ रहना जरूरी है। हम एक-दूसरे के साथ सुख-दुख और बीमारी में खड़े रहें। दूसरा विवाह करना कोई अपराध या चोरी नहीं है। गौरतलब है कि शादी को सार्वजनिक करने के प्लान पर पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से कहा कि शादी के तुरंत बाद मेरे पिता जी को पैरालिसिस अटैक आया। साथ ही मां की तबीयत भी बिगड़ गई। इसकी वजह से हमलोग कुछ प्लान नहीं कर पाएं।

मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरा, 21 शहरों में पारा 10°C से नीचे, भोपाल-इंदौर में न्यूनतम तापमान समान

भोपाल सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा। प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा। ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।

धार्मिक शहरों में शराब-मीट बिक्री पर रोक, भगवंत मान ने उठाया बड़ा कदम, श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए शटल बस

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरअमृतसर (वॉल सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद अब इन शहरों की सीमा के भीतर मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन फैसलों की याद दिलाता है, जहां उन्होंने मथुरा और अयोध्या जैसे तीर्थ स्थलों पर इसी तरह के कड़े प्रतिबंध लागू किए थे. धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए फैसला पंजाब सरकार के इस फैसले का उद्देश्य इन धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को बनाए रखना है. अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब), आनंदपुर साहिब (खालसा पंथ की जन्मस्थली) और तलवंडी साबो (तख्त श्री दमदमा साहिब) करोड़ों सिखों की आस्था के केंद्र हैं. लंबे समय से सिख संगठन इन इलाकों में शराब और मीट की दुकानों को हटाने की मांग कर रहे थे. अब आधिकारिक आदेश के बाद इन क्षेत्रों में किसी भी तरह के नशीले पदार्थों या मांस का व्यापार कानूनी रूप से वर्जित होगा. क्या-क्या हुआ पूरी तरह बंद?  -मांस-मछली और नॉनवेज रेस्तरां।  -शराब के ठेके, बार, वाइन शॉप।  -सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू उत्पाद।  -हुक्का बार और सभी प्रकार के नशीले पदार्थ।  और क्या-क्या बदलेगा?  -पवित्र गलियारों में निर्माण और ऊंची इमारतों पर नियंत्रण होगा।  -अवैध कारोबार और अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से पाबंदी लग सकेगी।  -धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।  -सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस चौकियां और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार होगा।  -केंद्र से विशेष फंडिंग और परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।  अंतर-धार्मिक समिति गठित होगी पवित्र शहरों में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक अंतर-धार्मिक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति पवित्र क्षेत्रों में दिशा-निर्देशों और मर्यादाओं की निगरानी करेगी।    तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहीं पांच प्यारों को अमृत छकाकर पहला खालसा रूप दिया गया। -यहां स्थित किला आनंदगढ़ साहिब को सिखों की रक्षा, पराक्रम और आत्म-सम्मान का प्रतीक माना जाता है। -यहां गुरु साहिब ने जपजी साहिब, चंडी दी वार, अकाल उस्तत जैसे महान ग्रंथों की रचना की।  -1705 के चमकौर युद्ध और आगे के संघर्षों की शुरुआत इसी पवित्र धरती से हुई। यह स्थान धार्मिक स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक है। -पांच तख्तों में एक श्री केसगढ़ साहिब लाखों सिखों की आस्था का केंद्र है।  3. तलवंडी साबो: गुरु की काशी -श्री तलवंडी साबो ज्ञान, अध्यात्म और ग्रंथ संपादन की पवित्र भूमि है। सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक श्री दमदमा साहिब यहीं स्थित है।  -1705–06 के दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां लगभग दस माह ठहरकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अंतिम और अधिकृत संस्करण तैयार कराया। इसी कारण इसे गुरु की काशी भी कहा जाता है।  -तलवंडी साबो लंबे समय तक सिख शिक्षा और विद्वता का केंद्र रहा। यहां गुरबाणी, इतिहास, भाषाओं और शास्त्रों की शिक्षा दी जाती थी। -यहां बिताए समय में श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को संगठित किया और कठिन दौर में नई शक्ति प्रदान की। यह स्थान ईश्वर-भक्ति, सत्य और त्याग के संदेशों का केंद्र है।  -हर वर्ष यहां बैसाखी मेला और जोड़ मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने … Read more