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ग्रामीण महिलाओं को मिले रोजगार के अवसर तो नाविक के चेहरे खिले

गंगा नदी के तटीय गांवों में सज रही है उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मंडी माघ मेले में साधु संतों और कल्पवासियों के अस्थाई शिविरों में रहती है उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मांग मेला प्रशासन द्वारा मेला में हीटर और छोटे एलपीजी सिलेंडर पर लगी पाबंदी से बढ़ी उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मांग   प्रयागराज प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर  03 जनवरी 2026 से आयोजित होने जा रहे  माघ मेला 2026 की शुरूआत के लिए अब दो हफ्ते का समय है । आस्था और अध्यात्म के यह महा समागम लाखों लोगों की जीविका का जरिया भी बन रहा है। महाकुंभ नगर के अंतर्गत आने वाले गांवों में की ग्रामीण महिलाओं की जीविका के महाकुंभ ने नए अवसर दे दिए हैं।   15 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए जीविका का जरिया संगम किनारे 3 जनवरी 2026 से आयोजित होने जा रहा माघ मेला होटल, ट्रैवल और टेंटेज , फूड जैसे औद्योगिक सेक्टर के साथ छोटे मोटे काम करने वाले लोगों के लिए भी जीविका के अवसर प्रदान कर रहा है। गंगा किनारे आकार ले रही तंबुओं के इस नगर के अंतर्गत आने वाले 27 गांवों में पशुपालन से जुड़े कार्य में लगे परिवारों की 15 हजार से अधिक आबादी के लिए इस आयोजन ने जीविका का जरिया दे दिया है। नदी किनारे बसे कई गाँवों में इन दिनों ईंधन के परम्परागत रूप उपलों का नया बाजार विकसित होने लगा है। इन गाँवों में नदी किनारे बड़ी तादाद में उपलों की मंडी बन गई है । गाँवों में इन दिनों गोबर से बने उपलों को बनाने में स्थानीय महिलाएं पूरे दिन लगी रहती हैं । मेला क्षेत्र के गंगा किनारे बसे बदरा सोनौटी गांव की विमला यादव का कहना है कि घर में चार भैंस और गाय हैं जिनसे साल भर हम उपले बनाते हैं और इन्हें इकट्ठा करते रहते हैं। माघ के महीने में कल्पवास करने आने वाले कल्पवासियों के यहां इनको भेजते हैं। मलावा खुर्द गांव की आरती सुबह से ही अपने घर की आम तौर पर खाली रहने वाली महिलाओं के साथ मिट्टी के चूल्हे तैयार करने में जुट जाती हैं। आरती बताती हैं कि माघ मेले में कल्पवास करने आने वाले श्रद्धालुओं का खाना इन्ही चूल्हों पर तैयार होता है । इसके लिए अभी तक उनके पास सात हजार मिट्टी के चूल्हे तैयार करने के ऑर्डर मिल चुके हैं। साधु संतो के शिविरों में भी इनके उपले और चूल्हों की मांग अच्छी मांग है ।  नाविकों की संख्या में इजाफा, महाकुंभ की आमदनी का असर  प्रयागराज सर्वाधिक कमाई करने वाले नाविक समाज में इस बार माघ मेले को लेकर सबसे अधिक उम्मीदें हैं। लगभग कर निषाद परिवार इस समय नई नाव संगम में उतारने की तैयारी में लगा है जिसके पीछे महाकुम्भ 2025 का उसका सुखद अनुभव है। दारागंज के दशाश्वमेध घाट की निषाद बस्ती में रहने वाले बबलू निषाद बताते हैं कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों तक को माघ मेले के एक महीने के लिए बुला लिया है। माघ मेले में सरकार की तरफ से जिस तरह 12 से 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है उसमें अगर 5 करोड़ भी नावों से त्रिवेणी आए तो एक बार नाविक समाज की तकदीर बन जाएगी।  शिविरों में बिजली के हीटर और छोटे एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल में लगी रोक बनी सहायक महाकुंभ के आयोजन के बाद कल्पवास करने की शुरुआत करने वालों की संख्या में हर बार इजाफा होता है। एडीएम मेला दयानंद प्रसाद के मुताबिक इस बार माघ मेले में 6 हजार से अधिक संस्थाएं बसाई जा रही हैं । इसमें 4 लाख से अधिक कल्पवासियों को भी जगह मिलेगी । मेला क्षेत्र में बड़ी संस्थाएं वैसे तो कुकिंग के गैस के बड़े सिलेंडर का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इन्हें प्रतिदिन लाखों लोगों को भोजन कराना होता है। लेकिन धर्माचार्यों, साधु संतों और कल्पवासी अभी भी अपनी पुरानी व्यवस्था के अंदर ही खाना बनाते हैं। कुछ स्थानों पर आग लगने की घटनाओं में हीटर और छोटे गैस सिलेंडर का इस्तेमाल बड़ी वजह पाई जाने के मेला प्रशासन ने शिविरों में हीटर और छोटे गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी । इस नई व्यवस्था की वजह से भी अब गांव की इन महिलाओं के हाथ से बने उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मांग बढ़ गई है। तीर्थ पुरोहित प्रदीप तिवारी बताते हैं कि तीर्थ पुरोहितों के यहां ही सबसे अधिक कल्पवासी रुकते हैं। उनकी पहली प्राथमिकता पवित्रता और परम्परा होती है इसके लिए वह मिट्टी के चूल्हों पर उपलों से बना भोजन ही बनाना पसंद करते हैं।

स्वच्छता का सिंहासन बरकरार रखने की कवायद, इंदौर को 9वीं बार नंबर-1 बनाने महापौर ने की मैदानी समीक्षा

इंदौर स्वच्छता में लगातार आठ वर्षों से देशभर में सिरमौर बने इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी बनाए रखने और इसे और सशक्त करने के उद्देश्य से रविवार सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जोन तीन अंतर्गत रामबाग लोखंडे पुल के पास क्षेत्रीय सफाई मित्रों के साथ आत्मीय संवाद किया। चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा महापौर ने सफाई मित्रों के साथ चाय एवं पोहा पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा की और उनसे सुधार के सुझाव भी मांगे। इस दौरान सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद सुरेश टाकलकर, गजानंद गावडे, जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई सहित बड़ी संख्या में सफाई मित्र उपस्थित रहे। सफाई मित्रों का आभार महापौर ने सफाई मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके समर्पण, मेहनत और अनुशासन के कारण ही इंदौर लगातार देश में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सफाई मित्रों से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।

लेखपाल भर्ती पर बड़ा फैसला: सीएम योगी ने दिखाई सख्ती, आरक्षण संबंधी खामियों पर लगेगी रोक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी और कड़े निर्देशों के बाद लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में सामने आई आरक्षण संबंधी विसंगति अब दूर होने जा रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने 12 दिसंबर को लेखपाल के 7994 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, लेकिन इसमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का समुचित पालन न होने को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। यूपीएसएसएससी को पत्र भेज दी गई जानकारी मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद ने यूपीएसएसएससी को पत्र भेजकर श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की जानकारी दी है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि संशोधित पदों का विवरण एक सप्ताह के भीतर आयोग को भेज दिया जाएगा। आरक्षण में विसंगति का मुद्दा उठाया गया था यूपीएसएसएससी द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार लेखपाल के स्थायी पदों में अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के 4185, अनुसूचित जाति के 1446, अनुसूचित जनजाति के 150, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1441 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 792 पद निर्धारित किए गए थे। इन्हीं आंकड़ों को लेकर आरक्षण में विसंगति का मुद्दा उठाया गया था।   मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी इस संबंध में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने यूपीएसएसएससी को भेजे पत्र में बताया कि मंडलायुक्तों द्वारा मंडल स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत लेखपालों के आधार पर रोस्टरवार (लंबवत एवं क्षैतिज आरक्षण सहित) श्रेणीवार रिक्तियों की गणना कर अधियाचन उपलब्ध कराया गया था। इसी आधार पर चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया। श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की संभावना हालांकि, अब जिला स्तर पर कार्यरत और रिक्त लेखपाल पदों की श्रेणीवार गणना से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके चलते आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में दर्शाई गई श्रेणीवार रिक्तियों में संशोधन की संभावना है। राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि संशोधित जानकारी एक सप्ताह के भीतर आयोग को भेज दी जाएगी। 

आमजन से जुड़ा बजट: 22 दिसंबर को सामाजिक न्याय संचालनालय में ‘बजट पर संवाद’ कार्यक्रम

भोपाल  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये बजट तैयारी के संबंध में 'बजट पर संवाद' 22 दिसम्बर को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण संचालनालय भोपाल में सुबह 10:30 बजे से होगा। बजट पर संवाद में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर आगामी बजट को अधिकाधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बनाए जाने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त करेंगे। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए और आम जनता से जुड़ी हुई विभिन्न सुविधाओं को प्रदान करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देशन में वित्त विभाग बजट की तैयारी कर रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, ग्रामीण- विकास, जनजाति, आर्थिक एवं वाणिज्यिक, जेंडर बजट, पर्यावरण के विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने के लिये बजट पर संवाद किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ग़रीब,किसान, युवा, नारी शक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब 'बजट पर संवाद' आयोजित किया जा रहा है। 'बजट पर संवाद' कार्यक्रम में बैंकिंग, अर्थशास्त्र, वित्त आयोग, उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्यान, चिकित्सा, चार्टर्ड एकाउंटेंसी, फिल्म, में सफलता पूर्वक कार्य कर रहे हितधारकों को भी सुझाव देने के लिये आमंत्रित किया जा रहा है। आम जनता से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (https://mp.mygov.in/group-issue/mpbudget/), दूरभाष (0755-2700800), ई-मेल (budget.mp@mp.gov.in) व पत्राचार के माध्यम से उनके सुझाव प्राप्त किए गए हैं। इससे विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के आगामी बजट में अपने सुझावों के माध्यम से सहभागिता निभाकर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में आम जनता भी अपना योगदान दे सकेगी।  

दिल्ली-NCR के भविष्य की सुरक्षा: अखिलेश यादव ने अरावली संरक्षण पर दी लंबी पोस्ट

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्लीवासियों को अरावली पहाड़ियों को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए। एक्स पर लिखे गए एक लंबे संदेश में उन्होंने कहा कि बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी! उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए। मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा। अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें क़ुदरती ढाल है। अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है। अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है। अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है। जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है। गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है। अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है। इसके अलावा अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। अरावली को बचाना, दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे। आज एनसीआर के बुज़ुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ख़राब और ख़तरनाक असर पड़ रहा है। यहाँ के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं। – यही हाल रहा तो उत्तर भारत के सबसे बड़े बाज़ार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी। – ⁠विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे। – ⁠न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा। – ⁠न ही कोई राजनीतिक, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा। – ⁠न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी। – ⁠यहाँ का होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ़्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियाँ ठप्प हो जाने के कगार पर पहुँच जाएंगी। – ⁠जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज़ नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा। – ⁠यहाँ तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे। – ⁠इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। – ⁠हर चैनल, हर अख़बार को ये अभियान चलाना चाहिए। अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है। अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और ज़मीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे। इसीलिए आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की गंदी राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं! उनका ये संदेश सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

शहडोल से दर्दनाक खबर: MBBS फाइनल ईयर की छात्रा ने लगाई फांसी, तनाव में होने की आशंका

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने रविवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का क्या कहना पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 25 वर्षीय छात्रा शिखा बैगा, पिता सोहनलाल बैगा, की मौत फांसी लगाने से हुई है। रविवार सुबह जब उसकी बहन कमरे में पहुंची तो शिखा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के कमरे से मोबाइल और टैबलेट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपने ही नंबर पर एक संदेश टाइप किया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए अगले जन्म में भी उन्हें माता-पिता बनाने की बात लिखी है। संदेश में पढ़ाई को लेकर मानसिक उलझन और तनाव का उल्लेख भी किया गया है। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी बताया गया कि शिखा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार दोपहर पिता के साथ घर आई थी। इससे पहले करीब दो माह पूर्व कॉलेज में भी उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय रूममेट्स की सूचना पर कॉलेज प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर उसकी काउंसलिंग कराई थी और स्वजनों को भी अवगत कराया था। शिखा के पिता सोहनलाल बैगा रेलवे में लोको पायलट के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें शिखा दूसरे नंबर की थी। मेडिकल कॉलेज वालों ने क्या कहा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह अत्यंत दुखद है। छात्रा ने हॉस्टल में पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसकी काउंसलिंग और उपचार कराया जा रहा था, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। जांच जारी कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। छात्रा के मोबाइल में टाइप किए गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

वीडियो वायरल: रीवा में अवैध वसूली का आरोप, ट्रक ड्राइवर ने RTO कर्मचारी को चलती गाड़ी में खिड़की से लटकाया

रीवा हनुमना बॉर्डर पर आरटीओ विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा इस कदर फूटा कि उसने वसूली करने वाले व्यक्ति को ट्रक से लटकाकर कई किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ट्रक की खिड़की पर लटककर जान की भीख मांगता और पैर पड़ता नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर उसे रीवा तक ले जाने की बात कह रहा है। ट्रक ड्राइवर ने आरटीओ कर्मी को खिड़की पर लटकाकर दौड़ाया ट्रक ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि आरटीओ कर्मी नाके पर अवैध वसूली के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद आरटीओ विभाग और मऊगंज जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परंतु ट्रक में बैठे ड्राइवर और खलासी स्पष्ट रूप से यह बोल रहे हैं कि तुम्हें मऊगंज से रीवा तक ले जाएंगे। इंटरनेट मीडिया में वीडियो सामने आया है मामले की जांच के लिए आरटीओ रीवा को लिखा गया है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संजय जैन कलेक्टर मऊगंज।

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, संस्कारित बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश को आर्थिक महाशक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि उनमें कितनी प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे ऐसे समय के विद्यार्थी हैं जब देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन्हीं बच्चों को ही 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब विश्वगुरू बनकर देश का नेतृत्व करने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ उनके आत्मविश्वास को प्रदर्शित कर रहीं थीं। बच्चों को गढ़ने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बच्चों में दया, करूणा व परोपकार के भाव जागृत करें जिससे यही बच्चे समाज में अपना उत्कृष्ट स्थान बना सकें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह धैर्य रखकर अपने मंजिल की तरफ बढ़ें। कार्यक्रम में नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

जहर के ‘तड़के’ ने उजाड़ा परिवार, पन्ना में अंधविश्वास के चलते 5 लोगों की हालत गंभीर

पन्ना बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। झाड़फूंक काम नहीं आई खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।   डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है। रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए।