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धार्मिक शहरों में शराब-मीट बिक्री पर रोक, भगवंत मान ने उठाया बड़ा कदम, श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए शटल बस

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरअमृतसर (वॉल सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद अब इन शहरों की सीमा के भीतर मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन फैसलों की याद दिलाता है, जहां उन्होंने मथुरा और अयोध्या जैसे तीर्थ स्थलों पर इसी तरह के कड़े प्रतिबंध लागू किए थे. धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए फैसला पंजाब सरकार के इस फैसले का उद्देश्य इन धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को बनाए रखना है. अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब), आनंदपुर साहिब (खालसा पंथ की जन्मस्थली) और तलवंडी साबो (तख्त श्री दमदमा साहिब) करोड़ों सिखों की आस्था के केंद्र हैं. लंबे समय से सिख संगठन इन इलाकों में शराब और मीट की दुकानों को हटाने की मांग कर रहे थे. अब आधिकारिक आदेश के बाद इन क्षेत्रों में किसी भी तरह के नशीले पदार्थों या मांस का व्यापार कानूनी रूप से वर्जित होगा. क्या-क्या हुआ पूरी तरह बंद?  -मांस-मछली और नॉनवेज रेस्तरां।  -शराब के ठेके, बार, वाइन शॉप।  -सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू उत्पाद।  -हुक्का बार और सभी प्रकार के नशीले पदार्थ।  और क्या-क्या बदलेगा?  -पवित्र गलियारों में निर्माण और ऊंची इमारतों पर नियंत्रण होगा।  -अवैध कारोबार और अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से पाबंदी लग सकेगी।  -धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।  -सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस चौकियां और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार होगा।  -केंद्र से विशेष फंडिंग और परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।  अंतर-धार्मिक समिति गठित होगी पवित्र शहरों में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक अंतर-धार्मिक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति पवित्र क्षेत्रों में दिशा-निर्देशों और मर्यादाओं की निगरानी करेगी।    तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहीं पांच प्यारों को अमृत छकाकर पहला खालसा रूप दिया गया। -यहां स्थित किला आनंदगढ़ साहिब को सिखों की रक्षा, पराक्रम और आत्म-सम्मान का प्रतीक माना जाता है। -यहां गुरु साहिब ने जपजी साहिब, चंडी दी वार, अकाल उस्तत जैसे महान ग्रंथों की रचना की।  -1705 के चमकौर युद्ध और आगे के संघर्षों की शुरुआत इसी पवित्र धरती से हुई। यह स्थान धार्मिक स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक है। -पांच तख्तों में एक श्री केसगढ़ साहिब लाखों सिखों की आस्था का केंद्र है।  3. तलवंडी साबो: गुरु की काशी -श्री तलवंडी साबो ज्ञान, अध्यात्म और ग्रंथ संपादन की पवित्र भूमि है। सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक श्री दमदमा साहिब यहीं स्थित है।  -1705–06 के दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां लगभग दस माह ठहरकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अंतिम और अधिकृत संस्करण तैयार कराया। इसी कारण इसे गुरु की काशी भी कहा जाता है।  -तलवंडी साबो लंबे समय तक सिख शिक्षा और विद्वता का केंद्र रहा। यहां गुरबाणी, इतिहास, भाषाओं और शास्त्रों की शिक्षा दी जाती थी। -यहां बिताए समय में श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को संगठित किया और कठिन दौर में नई शक्ति प्रदान की। यह स्थान ईश्वर-भक्ति, सत्य और त्याग के संदेशों का केंद्र है।  -हर वर्ष यहां बैसाखी मेला और जोड़ मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने … Read more

सड़क का सच सामने आया: मंत्री प्रतिमा बागरी ने नई सड़क की क्वालिटी पर जताई नाराजगी

 सतना  मोहन सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में हैं. अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकली महिला मंत्री एक सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर आगबबूला हो गईं. उन्होंने कार से उतरकर नई सड़क को पैर से कुरेदा तो डामर और गिट्टी अलग हो गई. इसके बाद मंत्री ने मौके पर ही ठेकेदार का अनुबंध रद्द करने सहित निर्माण एजेंसी पर एक्शन के निर्देश दिए. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने हाल ही में सतना जिले की  कोठी तहसील में पौड़ी से मनकहरी के बीच करीब 3 किमी लंबी सड़क का सुधार कार्य किया था. लेकिन सड़क पर बिछाई गई डामर की परत न तो तय मोटाई की थी और न ही क्वालिटी सही थी. इसी बीच, रविवार को क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का एक कार्यक्रम के सिलसिले में उसी सड़क से निकलना हुआ, यहां उन्होंने कार से उतरकर सड़क की क्वालिटी देखी और एक पैसे से दबाव डाला तो एक हिस्सा अलग हो गया. पैरे से कुरेदते हुए तंज कसते हुए वह बोलीं- ''ये रोड बनी है, ये रोड बनी है… पूरी रोड निकाल दो इस तरह से… धक्का मारने पर पूरी रोड निकाल दो…''  इस दौरान मंत्री प्रतिमा बागरी ने PWD के कार्यपालन यंत्री बीआर सिंह से जवाब मांगा, तो उन्होंने मामले को हल्के फुल्के अंदाज में टालने की कोशिश की. इई ने कहा, ''कुछ हिस्सों को अस्वीकृत किया गया है…'' हालांकि, देखने में पूरी सड़क ही मानकों के विपरीत लग रही थी. महिला मंत्री ने मौके पर ही इसे गंभीर लापरवाही बताया और कार्यपालन यंत्री को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. MP कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ''मध्यप्रदेश की मंत्री अपनी ही भाजपा सरकार पर खराब सड़क पर सवाल खड़े करती हुईं.

साइबर अलर्ट: देशभर के 68 करोड़ यूजर के ई-मेल-पासवर्ड लीक, MP स्टेट साइबर ने जारी की गाइडलाइन; कहा- तुरंत रीसेट करें पासवर्ड

भोपाल  अगर आप ई-मेल, सोशल मीडिया, इंटरनेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको तुरंत सतर्क कर देने वाली है. MP State Cyber Police ने एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि देशभर के करीब 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक हो चुके हैं. यह डेटा लीक साइबर अपराधियों के लिए सोने की खान बन गया है. साइबर पुलिस के मुताबिक, अगर किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो गया, तो अपराधी उसी ई-मेल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं या पहले से मौजूद अकाउंट्स पर कब्जा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, हैक किया गया ई-मेल आपकी इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स तक पहुंचने का रास्ता भी खोल सकता है. एडवाइजरी में कहा है कि ई-मेल अकाउंट हैक हो जाए तो अपराधी इससे सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और अन्य एप्स तक भी पहुंच बना सकते हैं। इससे बचने के लिए आप पासवर्ड को तुरंत रीसेट करें। स्टेट साइबर पुलिस के मुताबिक चेतावनी डेटा लीक और साइबर ठगी के खतरे को देखते हुए पहले से सतर्क करने की पहल है। समय रहते पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना और अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग पासवर्ड रखना सबसे प्रभावी बचाव है। एक ई-मेल हैक और पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में MP स्टेट साइबर का कहना है कि ज्यादातर लोग एक ही पासवर्ड को कई जगह इस्तेमाल करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती बन रही है. जैसे ही ई-मेल का पासवर्ड लीक होता है, साइबर ठग उसी पासवर्ड से दूसरे प्लेटफॉर्म पर लॉगइन की कोशिश करते हैं. कई मामलों में लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ चुके हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल किया गया है. ठगी से बचना है तो अभी करें ये काम साइबर पुलिस ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही अब भारी पड़ सकती है. ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाने होंगे अपने ई-मेल और सभी जरूरी अकाउंट्स का पासवर्ड तुरंत बदलें. हर अकाउंट के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखें. पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें. Two Factor Authentication (2FA) जरूर ऑन करें. स्टेट साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि देशभर में 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। प्रत्येक वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन न करें। यहां से ले सकते हैं मदद अगर आपका ईमेल अकाउंट्स हैक हो गए हैं तो तुरंत पासवर्ड बदल लें। एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स के न रखें। संदिग्ध ई-मेल/लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में आप ps.cybercell-bpl@mppolice.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 7587646775 पर संपर्क कर सकते हैं। कैसे जान सकते हैं ईमेल सुरक्षित है या नहीं आप Have I Been Pwned वेबसाइट पर दिए गए बार कोड या लिंक के माध्यम से जान सकते हैं कि आपका ई-मेल आईडी किसी डेटा लीक का हिस्सा है या नहीं। यह साइट डेटा लीक के आधार पर जानकारी देती है। इन गलतियों से रहें दूर MP स्टेट साइबर की एडवाइजरी में खास तौर पर चेताया गया है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल, SMS या लिंक पर क्लिक न करें अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करने से बचें, फ्री गिफ्ट, लॉटरी, KYC अपडेट जैसे मैसेज अक्सर ठगी का जाल होते हैं. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या जरूरी लॉगइन न करें पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा लीक के इस दौर में पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर समय रहते पासवर्ड बदल लिए जाएं और सावधानी बरती जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. MP स्टेट साइबर ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें. याद रखें, एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है.

दीनी जलसे से लौटते समय हादसा: बिजनौर में कार–डंपर टक्कर, 4 की गई जान

 बिजनौर बिजनौर के हरिद्वार मार्ग पर स्थित जालपुर गांव के पास एक डंपर और क्रेटा कार की जोरदार भिड़ंत में चार लोगों की जान चली गई. मृतक लोग राहतपुर गांव में आयोजित एक दीनी जलसे से वापस लौट रहे थे, तभी उनकी कार आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा घुसी.  जानकारी के मुताबिक, मरने वालों में प्रवचन देने वाले मौलाना कारी इकबाल और उन्हें छोड़ने जा रहे अशफाक, एतेशाम और सलाउद्दीन शामिल हैं. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से शवों को कार से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जलसे से लौटते वक्त हुआ हादसा यह दर्दनाक वाकया उस समय हुआ जब राहतपुर गांव में दीनी जलसा समाप्त हुआ था. जलसे में प्रवचन देने आए मौलाना इकबाल कारी को सराय आलम गांव छोड़ने के लिए तीन युवक क्रेटा कार में सवार होकर निकले थे. जैसे ही उनकी गाड़ी जालपुर गांव के नजदीक पहुंची, वह आगे चल रहे डंपर से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी लोग गाड़ी के अंदर ही फंस गए. गांव में पसरा मातम हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ. हालांकि, जब तक लोगों को बाहर निकाला गया, चारों की सांसें थम चुकी थीं. पूर्व प्रधान मोहम्मद मुस्तफा और अन्य ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. मौलाना और उनके साथियों की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. सीएम योगी बिजनौर में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और घायलों के समुचित उपचार के लिए कहा है.   

उपमुख्यमंत्री ने आरक्षक भर्ती के संबंध में अभ्यर्थियों की समस्याओं का किया समाधान

रायपुर : आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने आरक्षक भर्ती के संबंध में अभ्यर्थियों की समस्याओं का किया समाधान पहली बार भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सीधे उपमुख्यमंत्री ने किया संवाद रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने सिविल लाइन रायपुर स्थित निज निवास में अपनी पूर्व घोषणा अनुरूप छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से रूबरू होकर उनसे सीधा संवाद किया। अपने वादे के अनुसार वे ठीक 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसपीआर कल्लूरी, आईजी बद्री नारायण मीना के साथ उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से सम्पादित की गई है। शासन अपनी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों की सभी मांगों और समस्याओं पर सभी के बीच जमीन में बैठकर हर समस्या पर बिंदुवार बात की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्राप्तांक की जानकारी को लेकर मांग होते ही तुरंत पूरा करते हुए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए थे। सभी के परिणाम पोर्टल में भी उपलब्ध कराए गए हैं, पूर्ण रूप से खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए युवाओं का चयन प्रावीण्यता सूची के अनुसार ही किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि तथ्यों के आधार पर जहां गड़बड़ी मिली वहां तत्काल कार्रवाई की गयी है। कुछ लोगों द्वारा एक केंद्र में शारीरिक परीक्षा के संबंध में शंका व्यक्त किये जाने पर उन्होंने स्वयं विभाग से सभी दस्तावेज मंगाकर एक एक कर प्रकरणों की जांच की। जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में कोई समस्या प्राप्त नहीं हुई, जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री द्वारा सभी को सार्वजनिक रूप से दी गयी। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि शासन द्वारा युवाओं की भलाई के लिए जल्द से जल्द प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने का कार्य किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या को बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मार्गदर्शन लिया जाएगा। उन्होंने पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों का मोबाइल नम्बर अलग हो जाने से आयी समस्या पर भी विचार करने का आश्वासन दिया।  उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के द्वारा भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर हर सम्भव निराकरण करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं का चयन किए जाने की मांग पर बताया कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में न्यायालय के निर्णय अनुसार क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था पर जल्द ही बस्तर फाइटर की भर्ती द्वारा स्थानीय युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने केंद्र में भर्ती की पूरी विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी से उनकी समस्याओं को सुना और किसी भी समस्या पर तुरन्त निराकरण किया गया। जहां कोई शंका दिखी पूरे दस्तावेजों को देख कर निदान किया गया। यह ऐतिहासिक पल है जब एक भर्ती प्रक्रिया के संबंध में समस्या का निवारण कई स्तरों पर किया जा रहा है, जहां पहले स्तर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा 12 से 14 दिसम्बर तक अपने कार्यालयों में शिकायतों का निदान किया गया, उसके बाद भी भर्ती से संबंधित किसी समस्या को सीधे अपनी बात रखने के लिए खुला मंच उपलब्ध कराते हुए विभाग के एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी ने पुलिस मुख्यालय रायपुर में 19 एवं 20 दिसंबर को मुलाकात कर निराकरण किया गया।  उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भी आज अपने निवास में सभी की समस्याओं को संवेदनदशीलता पूर्वक सुना। यह पहली बार था कि युवाओं के हित के लिए किसी मंत्री ने अपने निवास पर भर्ती प्रक्रिया की समस्याओं का समाधान किया है। इसके साथ ही ऐसे अभ्यर्थी जो आने में असक्षम थे, ऐसे लोगों से उपमुख्यमंत्री ने जिले में संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी संपर्क की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने युवाओं को आश्वश्त किया कि भर्ती प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी न हो विभाग द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री

रायपुर : छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ी सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रजत जयंती पर ‘छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सफर’ कार्यक्रम में हुए शामिल : वरिष्ठ कलाकार एवं निर्माता हुए सम्मानित रायपुर  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।     मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निगम के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय राजेश अवस्थी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष सुमोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।     मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1957 से प्रदेश में फिल्मों के निर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ। उन्होंने भूलन कांदा उपन्यास पर आधारित फिल्म “भूलन द मेज” को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा की जड़ें लोक संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी हैं, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में छालीवुड का भविष्य स्वर्णिम है और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।     मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक वर्ष प्रदेश के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।      मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं और वरिष्ठ कलाकारों मोहन सुंदरानी, सतीश जैन, संतोष जैन, मनोज वर्मा, अनुज शर्मा और प्रेम चंद्राकर को सम्मानित भी किया।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन ने मुख्यमंत्री साय का अभिनंदन करते हुए निगम के पुनर्गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म “मोर छइंहा भुइंया” के निर्माता सतीश जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।     इस अवसर पर कौशल विकास  मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में कलाकार, निर्माता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर में विकास की बड़ी पहल: बरसात में उफनते नदी-नालों से मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात

रायपुर : बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता  :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया  रायपुर 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।  गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा। जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश

जनता दर्शन : ठंड में आने वाले फरियादियों के लिए रैनबसेरे में रुकने की कराएं व्यवस्था   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री बोले- सभी जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान प्रतिदिन जनपदों में सुनें जनता की शिकायत  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की। सीएम ने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में भी ‘जनता दर्शन’ में फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन लखनऊ में होने वाले ‘जनता दर्शन’ में भी बड़ी संख्या में फरियादी आते हैं। ‘जनता दर्शन’ में शामिल होने के लिए एक दिन पहले रात में ही वे राजधानी पहुंच जाते हैं। यहां आने वाले फरियादी रैन बसेरों में रूकें, सरकार ने रैन बसेरों में समुचित व्यवस्था की है। सीएम ने लखनऊ प्रशासन को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहें और यह सुनिश्चित करें कि रैन बसेरों में रहने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।  प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय ठंड काफी पड़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि पहले जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान के पास पहुंचें और अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। प्रशासन स्तर पर हर समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है। सीएम ने सभी जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान को निर्देश दिया कि प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण कराएं, जिससे उन्हें ठंड के मौसम में लखनऊ न आना पड़े।  आप एस्टिमेट बनवाइए, सरकार इलाज में मदद करेगी ‘जनता दर्शन’ में कुछ फरियादी इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आप अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर दीजिए। सरकार पहले दिन से ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का संकल्प है कि इलाज के अभाव में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।  जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम सख्त  ‘जनता दर्शन’ में कुछ मामले जमीन कब्जे के भी आए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूख अपनाते हुए इसकी जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीद के मामलों को लेकर पहुंचे किसानों की शिकायत सुनकर सीएम ने तत्काल संबंधित प्रशासन को समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान ही सरकार की प्राथमिकता है।  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  "जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। सीएम ने बच्चों से संवाद किया, उन्हें दुलारा-पुचकारा और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया, फिर सीएम ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी और अभिभावकों से कहा कि ठंड अधिक पड़ रही है। बच्चों को ठंड में बचाकर रखें। मुख्यमंत्री का यह प्रेम देख अभिभावक भी अभिभूत हो गए।

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धि: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण

पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण भोपाल पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे। अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे। यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए। यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।