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मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान आधारित पुलिसिंग की नई दिशा

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा को प्रथम ‘हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं संवेदनशील पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए दूरदर्शी प्रयासों के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा को हार्टफुलनेस संस्था द्वारा ‘प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह घोषणा हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में आयोजित भव्य समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में की गई। डीजीपी श्री मकवाणा का मानना है कि एक सशक्त एवं प्रभावी पुलिस बल की नींव सशक्त और संतुलित मन पर आधारित होती है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने न केवल दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की, बल्कि ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे व्यापक सामाजिक अभियानों को भी प्रभावी रूप से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इन प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसिंग में सकारात्मक परिवर्तन पुलिसकर्मियों के बढ़ते कार्यभार, तनावपूर्ण परिस्थितियों एवं मानसिक दबाव को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को अपनाया गया। इस पहल को सुदृढ़ करने के लिए फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्था के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया। बेहतर निर्णय क्षमता और बदलती छवि डीजीपी श्री मकवाणा ने ध्यान और रिलैक्सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शांत जल में गहराई तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है, उसी प्रकार स्थिर और संतुलित मस्तिष्क ही सही और समयबद्ध निर्णय लेने में सक्षम होता है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 800 हार्टफुलनेस प्रशिक्षक सक्रिय हैं तथा पुलिस विभाग अपने इन-हाउस प्रशिक्षक भी तैयार कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है तथा समाज में पुलिस के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। यह तकनीक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनने की दिशा में पहल मानसिक शांति, अनुशासन और संवेदनशीलता आधारित यह प्रयोग संभवतः देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें इतने बड़े स्तर पर किसी पुलिस बल द्वारा ध्यान को संस्थागत रूप से अपनाया गया है। यह पहल भविष्य में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है। आईजी प्रशासन श्री रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिस बल के तनाव को कम कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को सशक्त करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में नवआरक्षकों को नियमित रूप से मेडिटेशन कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कार्य के प्रति उनकी अभिवृत्ति में सुधार एवं सामान्य तनाव स्तर में कमी देखी जा रही है।  

एक कार ने रोक दी शुगर मिल की रफ्तार, गेट जाम होने से किसानों में मचा हड़कंप

नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित करेली शुगर मिल में रविवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एक अज्ञात कार खड़ी होने के कारण पूरा आवागमन ठप हो गया। इस छोटी सी लापरवाही ने एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिससे मिल परिसर के अंदर सैकड़ों किसान और उनकी खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कैद होकर रह गईं। एक कार ने रोका सैकड़ों ट्रैक्टरों का रास्ता मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी कार मिल के ठीक मुख्य गेट के सामने खड़ी करके चला गया। सुबह जब तुलाई के बाद खाली ट्रैक्टरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला। बताया जा रहा है कि कार का स्टीयरिंग लॉक होने के कारण उसे धक्का मारकर हटाना भी संभव नहीं हो सका। इसके कारण मिल के भीतर से बाहर आने वाली ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई और परिसर में 'डेडलॉक' की स्थिति बन गई।   किसानों का फूटा गुस्सा, तनावपूर्ण हुए हालात पिछले कई दिनों से तुलाई में हो रही देरी से जूझ रहे किसानों का धैर्य इस घटना के बाद जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। किसानों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को भी मिल के बाहर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। मिल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट पर वाहन खड़ा कर चला गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फैक्ट्री बंद होने की कगार पर मिल प्रबंधन मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के जर्नल मैनीजर अवस्थी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य द्वार जल्द खाली नहीं कराया गया और ट्रॉलियों की निकासी शुरू नहीं हुई, तो गन्ने की आवक रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री का संचालन बंद करना पड़ सकता है, जिससे मिल और किसान दोनों का बड़ा नुकसान होगा। प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग इस दौरान मिल परिसर में हंगामा भी वहां खड़े लोगों ने किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है ताकि क्रेन की मदद से उक्त कार को हटाया जा सके और यातायात बहाल हो सके। किसानों ने मांग की है कि मिल प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

योगी सरकार के बुंदेलखंड पर फोकस से आकार लेने लगी विकास की परियोजनाएं

गरौठा सोलर पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा, ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का चल रहा काम झांसी योगी सरकार की बुंदेलखंड को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कवायदों का असर जमीनी रूप से दिखाई देने लगा है। साल 2025 में कई बड़ी परियोजनाओं ने गति पकड़ी और उन पर काम की गति ने तेजी पकड़ी। इन कवायदों से बुंदेलखंड में बदलाव की बयार साफ तौर पर महसूस की जा रही है। डिफेंस कॉरिडोर, गरौठा सोलर पार्क, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना न्यू झांसी फेज 1, जालौन-झांसी लिंक एक्सप्रेस वे, झांसी के रिसाला चुंगी से ओरछा तक की सड़क को फोर लेन के काम समेत कई महत्वपूर्ण कार्यों की ओर सरकार ने कदम आगे बढ़ाए। डिफेंस कॉरिडोर ने पकड़ी तेजी झांसी के गरौठा क्षेत्र में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए ग्राम पंचायत झबरा के निकट गुरसराय-एरच रोड पर 132/33 केवी का बिजली सब स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। इससे एक ओर जहां डिफेंस कॉरिडोर के लिए बिजली की सप्लाई हो सकेगी तो दूसरी ओर जुझारपुरा की पेयजल परियोजना और आसपास के कई उपकेंद्रों तक भी यहां से बिजली पहुंचाई जा सकेगी। इस नवनिर्मित 132/33 केवी बिजली सब स्टेशन से डिफेंस कॉरिडोर के काम में भी तेजी आएगी। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में बीडीएल की यूनिट की स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है। इस वर्ष डब्लूबी इलेक्ट्रॉनिक ने भी डिफेंस कॉरिडोर में यूनिट की स्थापना का काम शुरू कर दिया है। यहां 14 इकाइयों को जमीनें आवंटित की गई हैं। डिफेंस कॉरिडोर के लिए 6 गांव एरच, गेंदा कबूला, कठरी, लभेरा, इसकिल और झबरा की 1034 हेक्टेयर जमीन पर डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। गरौठा में सोलर पार्क के काम ने पकड़ी रफ्तार बुन्देलखण्ड क्षेत्र को सोलर पावर के हब के रूप में विकसित करने के योगी सरकार के प्रयास ने 2025 में तेज गति पकड़ी। झांसी जिले के गरौठा तहसील क्षेत्र में बन रहे 600 मेगावाट के सोलर पॉवर पार्क के लिए सोलर पावर डेवलपर का चयन कर लिया गया है। पार्क के लिए जमीन से जुड़े लीज एग्रीमेंट का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 2700 एकड़ क्षेत्रफल में पार्क का निर्माण होना है और 2650 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। लगभग 2000 से अधिक किसानों से जमीन ली गयी है। जमीन का कुछ हिस्सा सरकारी है। यह सोलर पार्क परियोजना क्षेत्र के 8 गांव सुजानपुरा, जलालपुरा, जसवंतपुरा, नदौरा, बरारु, पुरा, खदौरा और मोती कटरा में फैली है। टुस्को लिमिटेड को गरौठा सोलर पार्क की स्थापना का काम दिया गया है। पार्क के निर्माण में जुटी कम्पनी के अफसरों के अनुसार सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम पूरे किए जा रहे हैं। सोलर पार्क के साथ ही 220/400 केवी ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का काम तेज गति से चल रहा है। उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड को यहां ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का काम दिया गया है।  यहां इंटरनल पावर एवाक्यूएशन सिस्टम के अंतर्गत दो पुलिंग सब स्टेशन की स्थापना का काम पॉवर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कई अन्य परियोजनाओं पर भी चल रहा काम झांसी के रक्सा क्षेत्र में बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेज गति से चल रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की कनेक्टिविटी बढ़ाने के मकसद से योगी सरकार ने जालौन से झांसी के लिए 115 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस वे को मंजूरी दी है। झांसी विकास प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना न्यू झांसी फेज 1 की हुई शुरुआत की और भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की। झांसी से ओरछा के बीच की सड़क को टू लेन से फोर लेन करने के लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इसी साल अक्टूबर महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के पॉलीटेक्निक कॉलेज के निकट बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण किया। कई अन्य योजनाओं और परियोजनाओं ने भी साल 2025 में तेज गति से रफ्तार पकड़ी और जमीन पर आकार लेते दिखाई दिए।

रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह में हुए शामिल भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है और आने वाली पीढ़ी को ऐसा रीवा सौंपना है जहाँ अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की उपलब्धता हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा में सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और जन सहयोग की भावना से समर्पित यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष और भी आकर्षक होता जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक राजन वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी लोगों के प्रति सद्भाव व विश्वसनीयता का ही परिणाम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आप सभी के सहयोग से मुझे जो ताकत मिली है उसका मैं पूरा सदुपयोग करते हुए सबकी आशाओं और अपेक्षाओं में खरा उतरने की कोशिश करता हूं, जिससे रीवा को एक पहचान मिल सके और रीवा देश का उत्कृष्ट जिला बने। उन्होंने कहा कि आगामी 25 दिसम्बर को अटल पार्क में गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अटल जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के सभी लोग साक्षी बनें और अटल जी के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करें। श्री शुक्ल ने कहा कि 22 दिसम्बर से रीवा-इंदौर की नियमित वायु सेवा आरंभ हो रही है जिससे रीवा के विकास को नए पंख लगेंगे और रीवा के लोग देश व विदेश की यात्रा रीवा से ही टिकट कराकर कर सकेंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सागर जिले में सभी जर्जर स्कूल एवं अन्य भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है

अब तक 300 से अधिक जर्जर भवन गिराए गए भोपाल  सागर ज़िले में जर्जर स्कूल एवं अन्य भवनों को गिराकर नए भवन बनाने की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने विगत दिवस स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल भवन सहित अन्य भवन क्षतिग्रस्त जर्जर नहीं हो इसके लिए तत्काल कार्रवाई कर दो दिवस में क्षतिग्रस्त भवनों को गिराया जाए। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश के बाद जिले के सभी जर्जर स्कूल भवन एवं अन्य भवन को गिराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की गई। एक दिन में लगभग 50 से अधिक स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराया गया। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उस भवन में स्कूल संचालित नहीं होना चाहिए। जिले के शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में हो, उसे तत्काल गिरा दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी घटना होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन, मकान मालिक दोषी होंगे। सभी स्कूल के प्राचार्य, भवन गिराने के बाद इसका प्रमाण पत्र संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसे सूचीबद्ध कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर के निर्देश पर सागर, रहली, खुरई, राहतगढ, माल्थोन, देवरी में स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी नगर निगम के द्वारा अनेक जर्जर भवनों को जो कि चिन्हित किए गए थे, उनको गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सभी नगरीय निकायों में भी यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है।  

रीवा में खौफनाक वारदात: मां और दादा के संबंधों ने छीना विवेक, पोते ने अंजाम दी हत्या

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मुख्य वजह ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे। अपने दादा और मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर नाती (पोता) इस कदर आगबबूला हुआ कि उसने अपने ही दादा की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अवैध संबंधों के चलते हुआ विवाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि उसके चचेरे दादा और उसकी मां के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। आरोपी के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसकी पत्नी के अपने चाचा ससुर के साथ संबंध थे। पीड़ित पति ने अपने चाचा को पहले भी घर आने-जाने से मना किया था, लेकिन वह पति की शराब की लत का फायदा उठाकर घर आता था और पत्नी के साथ अनैतिक कृत्य करता था।   आपत्तिजनक स्थिति में देख खोया आपा घटना वाले दिन यानी शनिवार को ससुर और बहू ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद जब आरोपी बेटा घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां और दादा को कमरे के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में पाया। यह देखकर वह अपना आपा खो बैठा और आवेश में आकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान गंभीर चोटें आने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में इस मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने भी अपनी गलती स्वीकार की और उसे पछतावा था, लेकिन कानूनन हत्या का दोषी उसका पुत्र पाया गया। न्यायालय में पेशी और जेल रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र के बदरांव इलाके की है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

स्व. अटलजी के विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों एवं दूरदर्शी नेतृत्व से मिलती है प्रेरणा : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित भोपाल उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया। उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। … Read more

मान सरकार का बड़ा फैसला: 1,568 एएनएम व स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती से स्वास्थ्य ढांचा होगा सशक्त

चंडीगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा।  उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है। वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्बाइन फायरिंग में चौंकाने वाला प्रदर्शन: 40 दारोगाओं में से केवल 14 ही साध सके सटीक निशाना

कानपुर  कानपुर पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित हथियार अभ्यास के दौरान कई दारोगा की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए। अभ्यास के दौरान 40 दारोगा में से आधे से अधिक दारोगा कार्बाइन के पुर्जे सही तरीके से असेंबल नहीं कर पाए, जबकि कुछ को इसमें काफी समय लग गया। वहीं फायरिंग रेंज में भी अधिकांश दारोगा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे पुलिस लाइन में नियमित रूप से इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों को पिस्टल और कार्बाइन से निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली, रेलबाजार, फीलखाना, कैंट, गुजैनी, ग्वालटोली, नवाबगंज, काकादेव, बर्रा समेत अन्य थानों से कुल 40 दारोगा को अभ्यास के लिए बुलाया गया था। इनमें कई चौकी इंचार्ज भी शामिल थे। अभ्यास के दौरान 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे।   14 दारोगा ही सटीक निशाना लगा सके सबसे पहले फायरिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास कराया गया। इसमें केवल 14 दारोगा ही लक्ष्य के निर्धारित गोले के भीतर सटीक निशाना लगा सके, जबकि शेष दारोगाओं की गोलियां गोले के आसपास ही लगती रहीं। इसके बाद पिस्टल और कार्बाइन के पुर्जों को खोलने और दोबारा असेंबल करने का अभ्यास कराया गया। इस दौरान कई दारोगाओं की पिस्टल गंदी पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने हथियारों की नियमित साफ-सफाई और अभ्यास नहीं करते हैं।   कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही, क्योंकि 40 में से आधे से भी कम दारोगा इसे सही ढंग से पूरा कर सके। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण पहले से दिया जाता है, लेकिन नियमित अभ्यास न होने के कारण वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने सभी को भविष्य में नियमित अभ्यास करने की सख्त चेतावनी दी और पुलिस लाइन में दोबारा अभ्यास भी कराया गया। 

‘प्रोजेक्ट संकल्प’: शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर

रायपुर, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का  भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के  लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।     आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै। छोटा बीज बड़े वृक्ष का बनता है आधार     प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि जिस प्रकार छोटा बीज बड़े वृक्ष का आधार बनता है उसी प्रकार एक छोटी  सकारात्मक पहल समाज में क्रांति ला सकती है। यदि विद्यार्थी को प्रारंभ से ही उच्च आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी तो वह आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र में अपना सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट संकल्प’’ इसी कड़ी में ‘‘ एक महत्वपूर्ण प्रयास है।     प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।     प्रशिक्षण सत्र के दौरान नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं। छोटी सकारात्मक पहल बच्चों के जीवन में ला सकती है बड़ा परिवर्तन       प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 से 18 अक्टूबर 2025 को रायपुर में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के साथ एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। छात्रावास-आश्रमों से जुड़ी सामान्य एवं व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं उनके सकारात्मक सरल एवं प्रभावी निदान नंद जी द्वारा बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए गए। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर बोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “एक छोटी-सी सकारात्मक पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।’’        उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। बच्चों में पैदा हुआ नया उत्साह एवं आत्मविश्वास        प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से अब छात्रावासों में रह रहे बच्चों में नया उत्साह एवं आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब वे आगे बढ़ते हुए न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं, बल्कि जीवन के रंग और खुशियाँ भी सीख रहे हैं। शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक बच्चों को सीखने-सिखाने की संस्कृति से जोड़ते हुए उन्हें समाज का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।        आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।