samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ

एलडीबी से अब महज छह फीसदी की दर पर मिलेगा ऋण  अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक की दिशा में बढ़ रहा प्रदेशः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लघु व सीमांत किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक का रेट ऑफ इंटरेस्ट लगभग साढ़े 11 फीसदी है। किसानों को इसका काफी ब्याज देना होता है। सरकार इसे कम करने की दिशा में बढ़ रही है। लघु व सीमांत किसान को यह लोन अब महज 6 फीसदी पर मिले। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत छह प्रतिशत पर लोन एलडीबी के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। शेष योगदान राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा।  पीएम मोदी की प्रेरणा से सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बढ़ाए गए अनेक कदम  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता का नया मंत्रालय गठित किया। पहले यह कृषि मंत्रालय के अधीन छोटा आयाम हुआ करता था। पहले सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह जी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। पीएम मोदी की प्रेरणा से हम लोगों ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी भी है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं। इनमें 8.44 लाख से अधिक समितियां, 30 करोड़ से अधिक सदस्य पूरे अभियान में सामूहिक शक्ति के रूप में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।  11 वर्ष में तकनीक का उपयोग कर दी जा रही भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष में हमने बदलते भारत में देखा है कि तकनीक का उपयोग कर जीवन को सरल बनाते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जा रही है। डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र में भी सुशासन व जवाबदेही सुनिश्चित होने की कार्रवाई बढ़ी है। एम पैक्स के माध्यम से बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के सदस्यता का विस्तार, वित्तीय समावेशन को जोड़ते हुए इसे बढ़ाने, कृषि व ग्रामीण विकास को बढ़ाने व सहकारिता आंदोलन को मजबूती प्रदान किया गया है।  सीएम योगी ने यूपी में हुए कार्यों को गिनाया  सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 पर यूपी में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्य हुए। 26 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारंभ किया गया। रन फॉर कॉरपोरेशन में हजारों लोगों ने सहभागिता की। 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा एजीएम का आयोजन किया गया, इसमें स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाभांश वितरित किया गया। छह जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 12 सितंबर से 30 नवंबर तक एम पैक्स सदस्यता का महाभियान प्रारंभ हुआ। इसमें 24 लाख नए सदस्यों के माध्यम से 43 करोड़ का शेयर कैपिटल भी प्राप्त हुआ। प्रदेश में पहली बार सितंबर 2023 में एमपैक्स सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। 30 लाख नए सदस्य बने और 70 करोड़ का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक बैंक अकाउंट और 550 करोड़ का डिपॉजिट है।  अब बीमार नहीं, किसानों की समृद्धि मे योगदान दे रहे को-ऑपरेटिव बैंक  सीएम योगी ने 2017 से पहले डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक की दुर्दशा का जिक्र करते हुए बताया कि 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे, लेकिन अब यूपी के को-ऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर और बीमार नहीं हैं, बल्कि स्वयं स्वस्थ हैं और को-ऑपरेटिव से जुड़े सदस्यों के साथ ही किसान की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं। शासन की अनेक योजनाओं को बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने एम पैक्स को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सीमा दी है। इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, लेकिन उससे पहले मैनपॉवर की कमी पूरा करेंगे। सीएम ने बताया कि 6760 एमपैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे निरंतर उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना भी फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, केमिकल का वितरण होता है, उसका आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े एम पैक्स, साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो, लेकिन इसके लिए मैनपॉवर को पूरा करना पड़ेगा। प्रत्येक में यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो किसान जुड़ेगा और सदस्य संख्या बढ़ेगी। एम पैक्स द्वारा 6400 करोड़ का व्यवसाय किया गया और 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया। 161 एम पैक्स ने जनऔषधि केंद्र के रूप में जेनरिक दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से उन्होंने अब तक 1 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया है।  अब तक 70 करोड़ रुपये से 980 एम पैक्स के सुदृढ़ीकरण का कार्य हुआ है सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में भंडारण, ऊर्जा व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी को-ऑपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से कोठवा पांडेय एम पैक्स ने 1500 मीट्रिक टन क्षमता का सबसे बड़ा गोदाम बनाया है।  

किसानों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, अब कम ब्याज दर पर मिलेगा कृषि ऋण

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। रविवार को लखनऊ में युवा सहकार सम्मेलन और यूपी को ऑपरेटिव एक्सपो 2025 के उद्घाटन के मौके पर सीएम योगी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर सरकार किसानों के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के जरिए मिलने वाले लोन के ब्याज की दर को कम किया जाएगा। हम चाहते हैं कि यह लोन सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाए। राज्य सरकार इसमें सहयोग करेगी।   कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पी प्रभु बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सीएम योगी की इस घोषणा को अन्नदाता किसानों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया जा रहा है। इससे प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक LDB से लोन का रेट अभी करीब साढ़े 11 प्रतिशत है। किसान को बहुत ब्याज देना पड़ता है। हम लोग इसको कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार इसमें योगदान देगी। लघु और सीमांत किसानों को 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' के अंतर्गत हम 6% की ब्याज दर पर LDB के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में एक नए जिला कोआपरेटिव बैंक के गठन की कार्रवाई आगे बढ चुकी है। 2024-25 में 162 करोड़ 2 लाख रुपए का लाभ भी हमारे कोआपरेटिव बैंक ने कमाया है। अब हम इसमें तेजी के साथ काम कर रहे हैं। विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया पालती थीं। पिछली सरकारों के माफिया राज के कारण कोआपरेटिव क्षेत्र बर्बाद हो गया था। किसानों की हजारों करोड़ पूंजी फंस गई थी। हम लोगों धीरे-धीरे करके किसानों का पैसा वापस कराया। आज वो पैसा भी वापस है। बैंक भी आगे बढ़ रहा है। अब हम वन डिस्ट्रिक्ट वन कोआपरेटिव बैंक की दिशा में बैंक आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश के अंदर जितना भी फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड का वितरण होता है। इसमें से कम से कम आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े हुए एम-पैक्स के माध्यम से वितरित हो। सहकारिता की उपलब्धियों पर पुस्तक का विमोचन सीएम योगी ने इस मौके पर सहकारिता विभाग की उपलब्धियों एवं नवाचार पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके साथ ही सहकारिता के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ​विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।  

बिहार से पकड़ा गया आतंकवादी, हेरोइन-ग्रेनेड बरामद; जांच में सामने आया पाकिस्तान लिंक

पूर्वी चंपारण बिहार में एक आतंकवादी को पकड़ा गया है। पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल बॉर्डर से सेना का भगोड़ा व नार्को आतंकी मॉड्यूल में शामिल राजबीर सिंह उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया गया। हरैया रक्सौल पुलिस व पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की संयुक्त छापेमारी में उसे 18 दिसंबर को कस्टम चौक के पास से गिरफ्तार किया गया। भगोड़े सेना के जवान के पास से 500 ग्राम हेरोइन व एक हैंड ग्रेनेड बरमद हुआ है। साथ ही पाकिस्तान स्थित हैंडलर से उसका कनेक्शन सामने आया है। पंजाब पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पंजाब ले गई है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल के रास्ते देश से फरार होने के फिराक में था। राजबीर ने वर्ष 2011 में सेना ज्वाइन की थी। अमृतसर ग्रामीण के घरिनडा थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज जासूसी के मामले में नाम आने के बाद वह फरवरी 2025 से सेना से फरार हो गया था।

स्मार्ट खेती की दिशा में बड़ी कामयाबी, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रोफेसर का डिवाइस पेटेंटेड

रांची झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) की सिविल इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा वारवाडे और उनकी शोध टीम द्वारा विकसित मिट्टी की नमी मापने वाले उपकरण को पेटेंट मिल गया है। विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई। यह उपकरण इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक पर आधारित है और एक स्मार्ट सिंचाई प्रणाली का हिस्सा है। इसे खास तौर पर बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन के लिए तैयार किया गया है, जिसमें ड्रिप इरिगेशन के जरिए सब्जी और फलों की अलग-अलग फसलों की सिंचाई की जा सकती है। संस्थान के अनुसार, यह सिस्टम रियल-टाइम मिट्टी की नमी और पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर खुद-ब-खुद सिंचाई को नियंत्रित करता है। इससे किसानों की मैनुअल लेबर पर निर्भरता कम होती है और पानी का सही व वैज्ञानिक तरीके से उपयोग संभव हो पाता है। कृषि क्षेत्र के लिए यह पेटेंट बड़ी उपलब्धि: डॉ. प्रतिभा वारवाडे डॉ. प्रतिभा वारवाडे ने कहा कि यह पेटेंट कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह डिवाइस किसानों को मिट्टी में मौजूद नमी की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध कराती है, जिससे सिंचाई प्रबंधन ज्यादा प्रभावी, सटीक और वैज्ञानिक बनता है। बयान में बताया गया कि मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने इस डिवाइस को किसानों के लाभ के लिए इस्तेमाल करने को लेकर डॉ. वारवाडे से संपर्क किया है। इसके साथ ही यह तकनीक झारखंड जैसे राज्यों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। कम लागत वाला उपकरण खास बात यह है कि यह उपकरण कम लागत वाला है और बाजार में उपलब्ध अन्य उपकरणों की तुलना में काफी सस्ता है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी इस तकनीक को अपनाना आसान हो जाएगा। डॉ. वारवाडे ने कहा कि यह उपलब्धि स्मार्ट एग्रीकल्चर की दिशा में नए रास्ते खोलती है। यह तकनीक पानी की बचत, उत्पादन बढ़ाने और सतत विकास (Sustainable Development) में अहम भूमिका निभा सकती है। यह सफलता छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की शोध टीम के साथ संयुक्त परियोजना के तहत हासिल की गई है। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर क्षिति भूषण दास ने डॉ. वारवाडे को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि शोध और नवाचार को पेटेंट में बदलकर समाज के कल्याण में योगदान देना सराहनीय कार्य है और यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।  

एमपी में अमित शाह का हाई-प्रोफाइल विजिट: दो दिन अलर्ट मोड पर रहेगा प्रशासन, चप्पे-चप्पे पर पहरा

ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंच सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, शाह यहां रात्रि विश्राम भी करेंगे और उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। जिस वीआईपी होटल में गृह मंत्री ठहरेंगे, उसे पुलिस ने पहले ही घेरे में ले लिया है। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने होटल का दौरा कर सुरक्षा का पूरा खाका तैयार किया। राजनीतिक हलचल बढ़ी, कांग्रेस की नजर भी बैठक पर अमित शाह के ग्वालियर में रात्रि विश्राम करने की खबर से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री मुख्यमंत्री के साथ ग्वालियर-चंबल अंचल के प्रमुख भाजपा नेताओं और दिग्गजों के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। चंबल क्षेत्र में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। अहम मानी जा रही बैठक यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि चंबल अंचल भाजपा के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। अगले दिन यानी 25 दिसंबर को अमित शाह ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। मेला मैदान में तीन विशाल डोम लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। नो मैन्स जोन घोषित सुरक्षा के लिहाज से पूरे आयोजन स्थल को नो मैन्स जोन घोषित किया जाएगा। डोम के अंदर-बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। कार्यक्रम स्थल तक आने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए जाएंगे, ताकि किसी तरह की असुरक्षा की गुंजाइश न रहे।   अमित शाह की यह यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं लग रही। रात्रि विश्राम और संभावित बैठकों ने इसे राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। भाजपा के स्थानीय नेता इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी खेमे में भी इस पर नजर टिकी हुई है। कुल मिलाकर, ग्वालियर इस क्रिसमस पर राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र बनने जा रहा है।

सरकारी नौकरी करने वालों के लिए राहत की उम्मीद? एमपी में 5-डे वर्किंग पर नए संकेत

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोरोना काल के दौरान से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर लागू है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। पूर्व में कई बार 5-डे वर्किंग के आदेश को आगे बढ़ाकर जारी रखा गया है लेकिन क्या नए साल यानी जनवरी 2026 से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर बंद हो जाएगा ये अटकलें बीते कुछ दिनों से तेजी से चल रही थीं। लेकिन अब सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है वो सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। 5-डे वर्किंग को लेकर नए संकेत प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग को लेकर सूत्रों से खबर मिल रही है कि सरकार 5-डे वर्किंग की व्यवस्था सरकारी दफ्तरों में जारी रख सकती है। ये खबर प्रदेश के सात लाख से ज्यादा सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। छुट्टियों पर पुनर्विचार के लिए सामान्य प्रशासन, वित्त, गृह और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सहित कर्मचारियों को प्रति वर्ष मिलने वाले अन्य अवकाश पर पुनर्विचार करना है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें 5-डे वर्किंग के कल्चर को खत्म कर 6-डे वर्किंग कल्चर की व्यवस्था लागू करना शामिल नहीं है।   जयंतियों पर मिलने वाले अवकाश कम किए जाएं- कर्मचारी संघ 5-डे वर्किंग की व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार द्वारा अन्य महापुरुषों की जयंती के नाम पर जो अवकाश घोषित किए जा रहे हैं। उनको भले ही कम कर दिया जाए लेकिन प्रत्येक शनिवार का अवकाश लागू रहने दिया जाए। प्रदेश के कर्मचारी इस व्यवस्था में रच गए हैं और इससे सरकार को 400 करोड़ की बचत भी हो रही है। उमाशंकर तिवारी ने आगे कहा कि जब सरकार आनंद विभाग बनाकर कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने की कोशिश कर रही है तो फिर यह शनिवार का अवकाश निरस्त नहीं होना चाहिए।

पैसों के सौदे से रिश्ते तक: युवती से जबरन विवाह, फिर दूल्हे के साथ सनसनीखेज घटना

देवरिया  यूपी के देवरिया से न्यूड वीडियो, जबरन शादी और फिर दूल्हे के साथ दुल्हन द्वारा बड़ा कांड कर दिए जाने का मामला सामने आया है। यहां की एक लड़की द्वारा आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक लड़के को एक्स पर मैसेज भेजा गया। संपर्क होने पर लड़की ने अपना मुंह छिपाकर एक हजार रुपए में 10 मिनट तक अपने प्राइवेट पार्ट्स (न्यूज वीडियो) दिखाने की पेशकश की। लड़का इस झांसे में आ गया। उसने लड़की का न्यूड वीडियो देखा। इस दौरान लड़की ने स्क्रीनशॉट लेकर लड़के को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लाखों रुपए वसूल लिए। लड़के का कहना है कि ब्लैकमेलिंग के तहत ही उसने शादी की शर्त रख दी। 2021 में गोरखपुर और लखनऊ में उसने मुलाकात की। 2023 में वह हैदराबाद पहुंच गई और आत्महत्या की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। मार्च 2025 में दोनों ने मंदिर में शादी की। कोर्ट में शादी को रजिस्टर भी कराया। आरोप है कि शादी के दो महीने बाद लड़की चार लाख रुपए नकद और जेवर लेकर फरार हो गई। लड़के का कहना है कि शादी के बाद भी वह किसी अन्य युवक से फोन पर बात करती रहती थी। उसने 40 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए। बाद में पता चला कि वह युवक उसका दूसरा पति था। यह जानकर युवक हैरान रह गया कि उसके साथ लड़की ने तीसरी शादी की है। लड़के के अनुसार लड़की देवरिया की ही रहने वाली है और वह फरार होकर यहीं आई है। आंध्र का ये युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता है। उसने देवरिया में एडिशनल एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। बाद में महिला थाना पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लड़के का कहना है कि उसके साथ धोखा करने वाली लड़की का यही धंधा है। वह सोशल मीडिया पर लोगों को फंसाती, उनसे शादी करती और फिर ब्लैकमेलिंग कर रुपए ऐंठती है। उसने देवरिया पुलिस से लड़की को ढूंढकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया। मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे। अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला। गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया। मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है। इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा। इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल     एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।     स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली। शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी। नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।

ठंड–कोहरे से बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, पंजाब में स्कूल टाइमिंग बदलने की तैयारी

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा कड़ाके की इस ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूल के समय में अब तक कोई राहत भरा बदलाव नहीं किया गया है।  वर्तमान स्कूल सुबह 9 बजे ही लग रहे हैं जो घने कोहरे का सबसे खतरनाक समय होता है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बजे किया जाना चाहिए।  अभिभावकों का तर्क है कि जब तक सूरज की थोड़ी तपिश नहीं आती, तब तक छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। यदि प्रशासन जल्द ही समय सारिणी में बदलाव का फैसला नहीं लेता, तो कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि  पूरा पंजाब इन दिनों बर्फीली हवाओं और 'व्हाइट आऊट' (घने कोहरे) की गिरफ्त में है। शहर की सड़कें जो कभी सुबह 7 बजे शोर से गुलजार रहती थीं, अब कोहरे की सफेद चादर में लिपटी खामोश नजर आती हैं। हिमालय की पहाड़ियों से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे जिले को एक 'कोल्ड चैम्बर' में तबदील कर दिया है। सुबह के वक्त आलम यह होता है कि सूरज की किरणें घने कोहरे की मोटी दीवार को भेदने में नाकाम साबित हो रही हैं जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। शहर की व्यस्त सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के खुले मैदानों तक, हर तरफ केवल सफेद धुंध का राज है। इस भीषण शीत लहर का सबसे मार्मिक और चुनौतीपूर्ण प्रभाव शिक्षा क्षेत्र पर पड़ा है। जहां एक ओर मासूम बच्चे भारी बस्तों के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में स्कूल की दहलीज पर पहुंचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अध्यापक जान जोखिम में डालकर कोहरे को चीरते हुए मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। यह केवल एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के धैर्य की परीक्षा बन गया है।  

झारखंड में बिजली महंगी होने वाली, JBVNL का प्रस्ताव सार्वजनिक

रांची झारखंड में नए साल में बिजली महंगी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव रखा है जिससे प्रति यूनिट 3.50 रुपए तक का इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से लागू होती हैं नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रमंडलों में जनसुनवाई कर आपत्तियां और सुझाव लेगा। उसके बाद स्टेक होल्डर्स की बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद नई दर पर आदेश देगा। आमतौर पर नई दरें एक अप्रैल से लागू होती हैं। चालू वर्ष में नई दरें एक मई से लागू की गईं। जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर 8,726 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। इससे पहले 1 मई 2025 से ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, जबकि किसानों को राहत दी गई थी।