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पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई में शुरू, दिव्य दरबार और पर्ची वितरण को लेकर बड़ा अपडेट

रायपुर कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री की श्री हनुमंत कथा 25 से 29 दिसंबर तक भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित की जाएगी. इस कथा में लगभग 100 समाजों के स्वागत द्वार लगाए जाएंगे, जिन पर समाज के प्रमुखों की तस्वीरें और सामाजिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा. पांच दिवसीय कथा का आयोजन सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में होगा. कथा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, पेयजल, शौचालय और वाहन पार्किंग की व्यवस्था शामिल है. इसके अलावा, सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और मेडिकल कैंप भी स्थापित किए जाएंगे. कथा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए वालंटियर कार्ड भी बनाए जाएंगे, जिसके लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी और एक फोटो जमा करना होगा. आगामी दिनों में ध्वज पूजन कार्यक्रम भी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कथा के दौरान 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन करेंगे.

जवानों ने नाकाम की बड़ी नक्सली साजिश, छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से IED बनाने का सामान और बंदूक जब्त

गरियाबंद छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का अंत दहलीज के करीब है. छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर जवानों ने विशेष अभियान चलाकर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया है. गरियाबंद जिले के दडईपानी के पहाड़ी क्षेत्र में सीआरपीएफ, ई-30, एसटीएफ, 207 कोबरा और 16 बटा. सीएएफ की संयुक्त टीम को अभियान के दौरान करते नक्सली डंप मिला. जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने यहां कई सामन छुपा रखे थे. जिसमें आईईडी बनाने के सामाग्री, भरमार बन्दूक समेत कई विस्फोटक सामान बरामद किया गया. दरअसल, थाना मैनपुर अंतर्गत पहाडियों में स्थित ग्राम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों की आसूचना पर जवानों की संयुक्त पार्टीयों ने उक्त क्षेत्र में 19 दिसंबर को विशेष अभियान चलाया. अभियान के दौरान शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन डीजीएन (DGN) डिवीजन के माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी को विस्फोटक पदार्थो से आईईडी निर्मित कर नुकसान पहुंचाने और पुलिस ग्रुप को मोर्टार से हमला करने के उद्देश्य से थाना ओडिसा सीमा पर स्थित ग्राम दडईपानी के पहाडियों में संदिग्ध डंप की सूचना मिली.  पहाडी के तराई को सर्च के दौरान सफलता मिली. डीजीएन डिवीजन में सक्रिय नक्सलियों ने चट्टानों के अंदर प्लास्टिक ड्रम और स्टील डिब्बो में 1 भरमार बंदूक नग कंपनी निर्मित मोर्टार, 22 नग मोर्टार सेल, 150 नग डेटोनेटर, 18 नग तीर बम्ब और अन्य सामग्रियों छिपा रखा था, जिसे जवानों ने अभियान के दौरान बरामद किया है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के साजिश नाकाम हो गई.

खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025: देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे ऐतिहासिक आयोजन

पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को किया गया शामिल यूथ गेम्स के प्रतिभागियों को राज्य टीम में मिलेगी प्राथमिकता भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” के आयोजन को लेकर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह देश में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से प्रतियोगिताओं का संचालन करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी, जिसमें ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 10 से 15 जनवरी, जिला स्तरीय 16 से 20 जनवरी, संभाग स्तरीय 21 से 25 जनवरी एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा समन्वय अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। खेलों के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उद्घाटन एवं समापन समारोह में खेल प्रेमियों को आमंत्रित किया जायेगा तथा राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को भी अतिथि के रूप में आमंत्रण दिया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 में कुल 27 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। प्रयास यह रहेगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहाँ उन्हीं स्थानों पर संबंधित प्रतियोगिताएँ करायी जाएँ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बना खेलों के लिये सकारात्मक माहौल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के लिये देश में सकारात्मक माहौल बना है, इसी का परिणाम है कि विश्व पटल पर खेलों के माध्मय से देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। खेल विभाग विशेषकर युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करन के लिये विभिन्न कार्यक्रम कर रहा है। पारंपरिक खेलों को पहली बार किया गया शामिल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” में पहली बार पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। इस बार पिट्टू और रस्साकशी को भी यूथ गेम्स में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट की युवाओं में लोकप्रियता को देखते हुए इसबार महिला और पुरूष क्रिकेट भी यूथ गेम्स का हिस्सा होंगे। सभी खेल संघों के साथ किया गया समन्वय मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पहले यूथ गेम्स और खेल संघों के आयोजन अलग-अलग होते थे। दोनों की ही चयन प्रक्रिया अलग हुआ करती थी, लेकिन पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर यूथ गेम्स का आयोजन कर रहे हैं। इससे आयोजन का विस्तार होने के साथ ही खिलाड़ियों को भी यूथ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों के साथ समन्वय कर यूथ गेम्स का फोर्मेट तैयार किया गया है। जिससे राज्य स्तर की टीम में खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। ब्लॉक स्तर से होगी चयन प्रक्रिया मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस आयोजन में ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की भागीदारी होगी तथा राज्य स्तर पर भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन एवं शहडोल प्रदेश के 08 संभागों की टीमें सहभागिता करेंगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 14 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, जूडो, खो-खो, मल्लखम्ब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, योगासन, टेनिस एवं शतरंज शामिल हैं। वहीं चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 7 खेलों-बास्केटबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, क्रिकेट, पारंपरिक खेल पिट्टू एवं रस्साकस्सी की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसके अतिरिक्त 6 खेलों-ताईक्वांडो, फेंसिंग, रोईंग, क्याकिंग-कैनोईंग, शूटिंग एवं आर्चरी की प्रतिस्पर्धाएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी। इन जिलों में होंगे विभिन्न खेलों के आयोजन भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, कबड्डी, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल एवं जूडो, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में व्हॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 राज्य के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा और एमपी को खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

गायों से लदा कंटेनर पलटा, 50 से अधिक मवेशियों की मौत, ग्रामीणों ने जताया रोष

जगदलपुर कोटपाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत घुमर गांव के पास मवेशियों से भरा एक कंटेनर हादसे का शिकार हो गया. दुर्घटना में कंटेनर में मौजूद 50 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई. कंटेनर के जरिए देर रात कोटपाड़ क्षेत्र से घुमर मार्ग होते हुए मवेशियों को अवैध तरीके से आंध्रप्रदेश ले जाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मवेशी के होने से कंटेनर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कंटेनर सड़क किनारे पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि कंटेनर में मौजूद अधिकांश गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. दुर्घटना की खबर मिलते ही घुमर गांव सहित आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक 50 से अधिक गायों की जान जा चुकी थी. ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना मवेशियों की तस्करी की जा रही है. ग्रामीणों द्वारा बार-बार विरोध किए जाने के बावजूद अवैध गो-चालान का सिलसिला थम नहीं रहा है. आए दिन हो रही छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं में कई बेकसूर मवेशियों की जान जा रही है. एक साथ 50 से अधिक गायों की मौत से घुमर गांव में गहरा शोक और आक्रोश है.

योगी सरकार की मंशा के अनुरूप जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धति को पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा कदम

स्वास्थ्य सेवाओं में आएगी पारदर्शिता, सीनियर सिटीजन को मिलेगी काफी राहत  लखनऊ योगी सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियां विश्व पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष विभाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। दरअसल, आयुष विभाग आईआईटी कानपुर के सहयोग से एक अत्याधुनिक आयुष एप विकसित करेगा। इससे मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा मिलेगी। साथ ही एप पर आयुष विभाग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। योगी सरकार के इस कदम से न केवल आयुष चिकित्सा पद्धतियां आम जनता तक आसानी से पहुंचेंगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता भी आएगी। एप से सीनियर सिटीजन, महिलाओं और दूर-दराज के लोगों को मिलेगी काफी राहत आयुष प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष एप बनाने के लिए आईआईटी कानपुर से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि एप लांच होने के बाद मरीजों को अस्पताल और आयुष केंद्रों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज अपने मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ही डॉक्टर से मिलने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी। इस सुविधा से विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। एप के जरिए मरीजों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलेगी। एप पर विभिन्न बीमारियों के लिए उपलब्ध उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पताल और डिस्पेंसरी की सूची, डॉक्टरों का विवरण और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी एप पर मिलेगी। भविष्य में टेली परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी एप को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकेगा। एप को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाया जाएगा, ताकि मरीजों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसमें भविष्य में और भी नई सुविधाएं जोड़ने की योजना है। वहीं, आने वाले समय में एप के माध्यम से टेली-परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे मरीजों को घर बैठे ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

उज्जैन में ट्रांसमिशन लाइनों के लिए बड़ा खतरा बना चीनी मांझा

एमपी ट्रांसको चलाएगा “जागरूकता अभियान" भोपाल उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्रों में चीनी मांझा एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझा 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ने के साथ ही पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक हो सकता है। मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा उज्जैन में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इसके खतरे और बचाव के उपायों के संबंध मे बताया जायेगा। क्यों है चीनी मांझा ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए खतरनाक एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता श्री धन सिंह भलावी ने बताया कि चीनी मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है कि यह धात्विक लेप युक्त होता है जो विद्युत का अच्छा चालक होता है। जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियाँ बन जाती हैं। इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। साथ ही चीनी मांझा ट्रांसमिशन प्रणाली के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। उज्जैन में यह क्षेत्र हैं संवेदनशील पिछले कुछ वर्षों में उज्जैन मे चीनी मांझे के कारण कई बार ट्रांसमिशन लाइनें ट्रिप हुई हैं। उज्जैन शहर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की कम से कम दो बार ट्रिपिंग के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाएँ भी सामने आई हैं। विशेष रूप से पंवासा क्षेत्र से गुजरने वाली 132 केवी उज्जैन-रतड़िया और 132 केवी उज्जैन-भैरूगढ़ ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे और आसपास अवैध निर्माण पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में लाइन के ठीक नीचे मकान बने होने से जोखिम और अधिक बढ़ गया है। प्रतापनगर, महावीरनगर, पंवासा, पांड्याखेड़ी, सेठीनगर और वागेश्वर धाम जैसे इलाके चीनी मांझे के कारण ट्रांसमिशन दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने गए हैं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान श्री भलावी ने जानकारी दी कि एमपी ट्रांसको द्वारा उज्जैन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके माध्यम से नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चीनी मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे और व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन सकती है।  

आरक्षक भर्ती विवाद: गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया वन-टू-वन संवाद, बोले– गलती हुई तो नहीं बख्शेंगे

रायपुर पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की शिकायतों को दूर करने गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज उनसे अपने बंगले में वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं. इसके पहले अभ्यर्थियों के बंगले के अंदर आने से इंकार करने पर गृह मंत्री बाहर निकलकर उनसे चर्चा कर अंदर आमंत्रित किया. बता दें कि पुलिस विभाग में 5,967 पदों के लिए सितम्बर को भर्ती परीक्षा हुई थीं. अभ्यर्थी और विपक्ष दल परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगा रह हैं. शिकायतों को देखते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज अभ्यर्थियों को अपने बंगले में चर्चा के लिए बुलाया था. इसके पहले 19 एवं 20 दिसम्बर को एडीजी ने शिकायतों को लेकर चर्चा की थी. आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों पर मीडिया से चर्चा में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज अभ्यर्थियों को बुलाया है. प्रावधानों के विपरीत कुछ हुआ है, गलती हुई है तो जरूर कार्रवाई होगी. गलती नहीं है तो कोई बात ही नहीं, अगर है तो सुधारेंगे और आगे और वैकेंसी निकालेंगे. वहीं केरल में छत्तीसगढ़ के युवक को बांग्लादेशी समझकर पीट-पीट कर मारे जाने के मामले को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज में आक्रोश है. जो हुआ वो दुःखद बात हुई है, छत्तीसगढ़ सरकार हर स्तर पर परिवार को मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है.

मंत्री केदार कश्यप की माता का निधन, परिवार में शोक की लहर

 रायपुर  छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप की माता मानकी देवी कश्यप का रविवार को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ्य थी. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार को मंत्री केदार के गृहग्राम भानपुरी फरसागुड़ा में उनकी मां का अंतिम संस्कार किया जाएगा. मंत्री केदार कश्यप ने सोशल मीडिया फेसबुक पर उनके मां की निधन की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि “अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरी पूज्य माताजी मनकी देवी कश्यप हमारे बीच नहीं रहीं. दोपहर 03.30 बजे तक गृहग्राम भानपुरी फरसागुड़ा निवास में उनके अंतिम दर्शन कर सकते हैं.” रविवार को 4 बजे बस्तर जिले के गृहग्राम भानपुरी फरसागुड़ा में मंत्री केदार कश्यप की मां मानकी देवी का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. सीएम साय ने जताया शोक     कैबिनेट के साथी श्री केदार कश्यप जी की पूज्य माताजी श्रीमती मनकी देवी कश्यप जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्री केदार कश्यप के माता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने श्रद्धांजली अर्पित करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- चाहे जिस खेल में रहें, हमेशा अपना उत्कृष्ट दीजिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा। निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।  

मुख्यमंत्री ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज रविवार को इंदौर में आगमन हुआ। वे इंदौर में मप्र पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात एयरपोर्ट के रास्ते में अचानक गाड़ी रुकवाई और कालानी नगर स्थित मौसा पराठा हॉउस में इंदौरी पोहा जलेबी और चाय का लुफ्त लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट के वर्कर्स के साथ सहज अंदाज में फ़ोटो भी खिंचवाए और उनका अभिवादन भी स्वीकारा। साथ ही रेस्टोरेंट के संचालक से चर्चा भी की। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला और श्री सुमित मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें।