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दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में हवा शुद्ध रखने के लिए एयर प्यूरीफायर लगाने का फैसला

नई दिल्ली दिल्ली में हर सर्दी में प्रदूषण की वजह से स्कूलों को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में शिफ्ट करना पड़ता है जिससे बच्चों की पढ़ाई और एक्टिविटीज प्रभावित होती हैं. लेकिन अब अच्छी खबर ये है कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में हजारों एयर प्यूरीफायर लगाने जा रही है. पहले फेज में 10,000 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे और अगले चरण में सभी सरकारी स्कूलों के हर क्लासरूम में ये इंस्टॉल होंगे. इससे क्लासरूम की हवा साफ रहेगी और बच्चों को प्रदूषण से बचाव होगा. जिससे ऑनलाइन क्लासेस की मजबूरी खत्म हो जाएगी और स्कूलों में नॉर्मल तरीके से पढ़ाई हो सकेगी. दिल्ली में प्रदूषण का मौजूदा हाल कितना गंभीर? आज यानी 19 दिसंबर 2025 को दिल्ली का AQI ‘वेरी पूअर’ से ‘सीवियर’ कैटेगरी में है.कई जगहों पर 387 से लेकर 480 तक रिकॉर्ड किया गया. स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है.सांस लेने में तकलीफ हो रही है.आंखों में जलन और गले में खराश आम शिकायत है.GRAP स्टेज-4 लागू है जिसके तहत कंस्ट्रक्शन रोक दिया गया है.कुछ गाड़ियों पर बैन है और ऑफिसेस में 50% स्टाफ वर्क फ्रॉम होम कर रहा है. स्कूलों के लिए क्‍या है आदेश? नर्सरी से क्लास 5 तक पूरी तरह ऑनलाइन क्लासेस कर दी गई हैं. क्लास 6 से 11 तक हाइब्रिड मोड है, जबकि क्लास 10 और 12 के बच्चे स्कूल आ सकते हैं. आउटडोर एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स पूरी तरह बैन हैं. ये सब बच्चों की सेहत बचाने के लिए किया गया है. दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: स्कूलों में एयर प्यूरीफायर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने ऐलान किया है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10,000 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे.पहले चरण में ये शुरू होगा और बाद में सभी सरकारी स्कूलों के हर क्लासरूम तक पहुंचेगा. इससे इनडोर एयर क्वालिटी बेहतर होगी और प्रदूषण के हानिकारक पार्टिकल्स फिल्टर हो जाएंगे.बच्चों को साफ हवा में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा और सर्दियों में बार-बार ऑनलाइन शिफ्ट होने की समस्या कम हो जाएगी.

मप्र में ठंड का कहर, कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम; ट्रेनों और उड़ानों का परिचालन प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है।  घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही। राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ। इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मुख्य बिंदु:     सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।     सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।     सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C। कोहरा और ट्रैवल पर असर     ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।     दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट। सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:     गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें। स्वास्थ्य और कृषि पर असर स्वास्थ्य:     तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।     फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।     विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं। कृषि:     मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।     बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।     पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें। क्यों बढ़ रही ठंड? जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है। ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड। उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी। इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी। सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग। अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं। ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं। फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चल रही है छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास के बताए मार्ग पर चलकर सभी समाज के हित में कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र सतनाम भवन सेक्टर-6 भिलाई में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय सतनाम भवन में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा बाबा गुरु घासीदास जयंती आयोजन हेतु प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-6 स्थित सतनाम भवन में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सतनाम भवन में बाबा गुरु घासीदास जी की गुरु-गद्दी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, कौशल विकास तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा तथा विधायक रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 18वीं सदी में जब समाज में छुआछूत, भेदभाव और असमानता चरम पर थी, उस समय बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का महान संदेश देकर मानवता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के इन्हीं आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए सभी समाज वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जैसी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों और आम नागरिकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के उद्देश्य से अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जिसमें अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। समाज के विकास के लिए प्राधिकरण के माध्यम से 75 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही समाज के बेटा-बेटियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों तक पहुँच सकें। उन्होंने समाज में फैल रही नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस उद्योग नीति के अंतर्गत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने समाज से शिक्षा को बढ़ावा देने, समानता, सद्भाव और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने गुरु घासीदास सेवा समिति की मांगों का उल्लेख करते हुए सतनाम भवन सेक्टर-06 भिलाई में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा प्रति वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम के आयोजन हेतु 10 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा की। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को पूर्ण भाव से जीवन में उतार लिया जाए, तो समाज की सभी बुराइयों का स्वतः अंत हो जाएगा। उन्होंने सतनाम मार्ग पर चलने वालों से खान-पान और आचरण को शुद्ध रखने का आह्वान किया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग और संदेशों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे, गुरु घासीदास सेवा समिति के अध्यक्ष भरत लाल कुर्रे, उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भास्कर एवं समिति के अन्य पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के तीन जिले औषधीय एवं सुगंधित पौधों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित, मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड प्राप्त

रायपुर : औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड रायपुर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिले धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवाचार आधारित कृषि विकास पर मिली इस अवार्ड के लिए तीनों जिले के साथ प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान देने वालों को बधाई दी है l  भारतीय कृषि का “ऑस्कर” अवार्ड         कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वाधान में 7 से 9 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का “ऑस्कर” भी कहा जाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवार्ड के लिए तीनों जिलों को दी बधाई             वन मंत्री केदार कश्यप ने तीनों जिलों को बधाई देते हुए कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी अंचलों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह उपलब्धि राज्य के किसानों और महिला समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने नवाचार आधारित कृषि विकास से मिली इस उपलब्धि पर बधाई दी है            छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला स्व- सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं। भविष्य में भी औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण को और विस्तार दिया जाएगा। औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा स्टॉल के माध्यम से राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी और परामर्श प्रदान किया। बोर्ड का स्टॉल कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।  “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए मिला सम्मान         बोर्ड के सहयोग से धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में लेमनग्रास, खस सहित अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। इससे स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों एवं किसानों की आजीविका को मजबूती मिली है। इन सफल प्रयासों के लिए तीनों जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया           समापन सत्र में 9 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। मुंगेली जिले की ओर से वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार तथा धमतरी एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की ओर से जिला कलेक्टरों के प्रतिनिधियों ने यह सम्मान ग्रहण किया।          कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार सारस्वत सदस्य, नीति आयोग, और डॉ. एमएल जाट  महानिदेशक, ICAR ने किया। उनके साथ सम्मानित अतिथि डॉ. राजबीर सिंह डीडीजी कृषि विस्तार, ICAR, और डॉ. एसके मल्होत्रा कुलपति, MHU, करनाल उपस्थित रहे । उद्घाटन सत्र में कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें जेएसीएस राव सीईओ, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड डॉ. ओमवीर सिंह सलाहकार, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और NDDB; कमल सोमानी, एमडी, सोमानी सीड्स, डॉ. सीके टिंबाडिया कुलपति, GNFOAU डॉ. ए.के. यादव सलाहकार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय; बीजू अल्बिन कृषि विज्ञानी, दुबई के शासक का निजी कार्यालय; पूर्व एमसी डोमिनिक संस्थापक और प्रधान संपादक, कृषि जागरण; श्रीमती शाइनी डोमिनिक प्रबंध निदेशक, कृषि जागरण और श्रीमती ममता जैन, संपादक और सीईओ कृषि जागरण और एग्रीकल्चर वर्ल्ड शामिल थे।                 यह आयोजन देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का बड़ा मंच बना, जिसने नवाचार आधारित कृषि विकास को नई दिशा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली दंगे के आरोपी की जमानत याचिका रद्द की

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने बरेली दंगे के आरोपी रेहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. याचिकाकर्ता पर 'आई लव मोहम्मद' जुलूस के दौरान विवादित नारे लगाने का आरोप है. कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद आरोपी ने राहत के लिए याचिका दायर की थी.  कोर्ट ने अपने 9 पेज के फैसले में नारे को भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा माना है. यह मामला लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाने और कानून के शासन को चुनौती देने से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले के पैराग्राफ 12 में कहा, "'गुस्ताख ए नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा' का नारा देश की अखंडता को चुनौती है." कोर्ट के मुताबिक यह नारा न केवल धारा 152 बीएनएस के तहत दंडनीय है, बल्कि यह लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाता है. जस्टिस देशवाल ने मौलाना तौकीर रजा के सहयोगी रेहान पर लगे इस आरोप को इस्लाम के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ बताया है.  वकीलों की दलीलें और अंतिम फैसला… सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता अखिलेश कुमार द्विवेदी ने जमानत मंजूर करने की अपील की थी. वहीं, जमानत का विरोध करते हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल अनूप त्रिवेदी और अपर शासकीय अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव ने कड़े तर्क रखे.  कोर्ट ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता पर गंभीर आरोप हैं. इसके बाद, कोर्ट ने तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी रेहान की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.

प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा—नीमच जिले में दो वर्षों में ऐतिहासिक विकास

नीमच जिले ने दो वर्षों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए : प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया स्वास्थ्य, उद्योग, सौर ऊर्जा, शिक्षा और अधोसंरचना में ऐतिहासिक उपलब्धियां भोपाल  महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विगत दो वर्षों में नीमच जिले ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, कृषि, पर्यटन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सुश्री भूरिया पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा “विकास एवं सेवा के दो वर्ष” पर आधारित उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नीमच जिला निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में जिले को विकास के नए शिखर पर पहुँचाया जाएगा।प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि नीमच जिला अब सौर ऊर्जा के हब के रूप में देश और प्रदेश में पहचान बना रहा है। सिंगोली तहसील के ग्राम बड़ी कवई में स्थापित 300 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही जिले को 350 करोड़ रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज भवन की सौगात मिली है, जहाँ एमबीबीएस की 100 सीटों पर अध्ययन प्रारंभ हो चुका है और वर्तमान में 200 विद्यार्थी मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि उद्योग क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। नीमच में 150 नए एमएसएमई उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 118 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और 1096 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं एमपीआईडीसी के माध्यम से 11 वृहद औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है, जिनमें 5269 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 4935 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि नीमच जिले की यह प्रगति शासन, प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में जिले को और अधिक सशक्त बनाएगी। सड़क एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से कार्य जारी हैं। भाटखेड़ा–नीमच–डूंगलावदा तक 133 करोड़ रुपये की लागत से डिवाइडर युक्त फोरलेन सीसी सड़क का निर्माण प्रगति पर है। बघाना, हिंगोरिया ओवरब्रिज सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य तेज़ी से चल रहा है। जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने बताया कि जावद क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हुआ है, जहाँ 1400 विद्यार्थी एआई की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जावद का सीएम राइज स्कूल आईएसओ प्रमाण पत्र से सम्मानित हुआ है। मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध मारू ने बताया कि मनासा में 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा गांधी सागर से मनासा, जावद और नीमच के लिए उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि नीमच में नवीन मेडिकल कॉलेज, मंडी चंगेरा और पायलट सेंटर प्रारंभ हो चुके हैं तथा कई नई सड़कों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने वाले हैं। 

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 25 कंपनियों के 45 शीर्ष प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भेंट उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव 2017 के पहले के दुःस्वप्न को भूल नए भारत के नए यूपी को का करें अनुभव: मुख्यमंत्री हर निवेशक की पाई-पाई सुरक्षित, विकास और ग्रोथ की गारंटी वाला नया उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री बोले उद्यमी, यूपी के साथ मिलकर काम करने की है इच्छा, अब सब खच है अनुकूल नए उत्तर प्रदेश को समझने और निवेश की संभावनाएं जानने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने के लिए निवेशकों को मुख्यमंत्री का आमंत्रण कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार से उत्तर प्रदेश बना सुरक्षित निवेश गंतव्य इन्वेस्टर समिट से बदली प्रदेश की छवि, 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे निवेश प्रस्ताव एमएसएमई, ओडीओपी और डिफेंस कॉरिडोर से औद्योगिक विकास को नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेएक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में देश और विदेश की 25 प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े 45 प्रोफेशनल्स ने भेंट की। डब्ल्यूएमजी ग्रुप के तत्वावधान में आए इस प्रतिनिधिमंडल में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, फाइनेंस, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, बेवरेज, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सीईओ, सीएफओ, डायरेक्टर्स और शीर्ष प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक वातावरण और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तृत संवाद करना था। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में स्थिर, सुरक्षित एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण से प्रभावित होकर बैठक में उपस्थित उद्यमियों और निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त किया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए कुल लगभग 6,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ प्रदेश की आर्थिक गति को और मजबूती मिलने की संभावना है। निवेशकों ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की प्रो-एक्टिव अप्रोच उनके दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे उपयुक्त आधार प्रदान करती है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों का उत्तर प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि बीते कई दशकों तक राजनीतिक अस्थिरता और गलत धारणाओं के कारण प्रदेश की छवि पूरे देश में नकारात्मक बनी रही। उन्होंने कहा कि अब उन पुरानी धारणाओं को पीछे छोड़कर नए उत्तर प्रदेश को जानने और समझने की आवश्यकता है। अतीत पीड़ादायक और अव्यवस्थित रहा, किंतु वर्तमान सुरक्षित, स्थिर और अवसरों से भरा है तथा भविष्य उज्ज्वल है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य रखते हुए बताया कि स्वतंत्रता के समय देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 14 से 15 प्रतिशत था, जो समय के साथ घटकर 7.5 से 8 प्रतिशत के आसपास रह गया और प्रदेश को बीमारू राज्य के रूप में देखा जाने लगा। बीते साढ़े आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किए गए व्यापक सुधारों और नीतिगत बदलावों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश आत्मविश्वास के साथ अपने आर्थिक पुनरुत्थान की बात कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूंजी तभी सुरक्षित रह सकती है जब समाज और राज्य सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की स्थिति यह थी कि हर तीसरे दिन दंगे होते थे, महीनों तक कर्फ्यू लगता था और लगभग 50 ऐसे जिले थे जहां सूर्यास्त के बाद बेटियों का सुरक्षित घर लौटना मुश्किल था। रंगदारी और गुंडा टैक्स जैसी अव्यवस्थाएं अघोषित प्रणाली का हिस्सा बन चुकी थीं। सरकार बनने के पहले दिन ही यह संकल्प लिया गया कि इस अराजकता को समाप्त करना है। परिणामस्वरूप आज लगभग नौ वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ, एक दिन का भी कर्फ्यू नहीं लगा और प्रदेश माफिया मुक्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में आए व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश के पास है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल परियोजनाएं और शहरी परिवहन में रोपवे जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं प्रदेश में विकसित की जा रही हैं। यह परिवर्तन योजनाबद्ध और दूरदर्शी निवेश का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने निवेश यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2018 में जब पहली इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई थी, तब अधिकारियों को भी केवल 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद थी। सरकार ने देशभर में रोड शो किए, उद्योग जगत से सीधा संवाद किया और स्वयं मुख्यमंत्री ने प्रमुख औद्योगिक केंद्रों का दौरा कर उत्तर प्रदेश की नई पहचान प्रस्तुत की। इसका परिणाम यह रहा कि 2018 की समिट में 4.67 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जो उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की सशक्त कहानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग अनुकूल वातावरण, भूमि और बिजली की उपलब्धता तथा कुशल मानव संसाधन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं। 96 लाख से अधिक इकाइयों के साथ यह देश का सबसे बड़ा एमएसएमई बेस है। ओडीओपी योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण इसका सशक्त उदाहरण है। बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को विकसित किया जा रहा है, जहां निवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि नए उत्तर प्रदेश में प्रत्येक निवेशक की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित है और यहां विकास की स्पष्ट गारंटी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करना है, जिसके लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर जिले, हर नगरीय निकाय, … Read more

वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग बना रहा है दीर्घकालिक योजना : मंत्री विजयवर्गीय

नगरीय विकास एवं आवास विभाग वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बना रहा है योजना मंत्री विजयवर्गीय ने पत्रकारों को दी जानकारी भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2047 में मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी। इस बात को ध्यान रखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना कार्यों की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में देश में विशिष्ठ स्थान बनाया है। हमारे विभाग की कोशिश होगी कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों का एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा हो। इस वजह से शहरी क्षेत्रों में बगीचों के विकास के साथ-साथ नगरवन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री विजयवर्गीय भोपाल में राज्य सरकार के विकास और सेवा के दो वर्ष पूरा होने पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। नर्मदा में नहीं मिलेगा प्रदूषित पानी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश के जो शहर नर्मदा नदी के किनारे में आते है, वहां शहरों का दूषित पानी नदीं में न मिलें। इस पर विभाग लगातार काम कर रहा है। मेट्रोपॉलिटन सिटी की चर्चा करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम और धार जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया गया है। प्रदेश की 2 मेट्रोपॉलिटन सिटी इस तरह विकसित की जाएंगी। जहां शहरी आबादी को सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। मेट्रोपॉलिटन सिटी में निवेश और रोजगार पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्रीन सिटी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग की कोशिश है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की अधिक से अधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण ऑनलाइन हों। इसको ध्यान में रखते हुए हमने ई-नगरपालिका विकसित की है। प्रदेश के शहरों को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगरीय सेवाओं में सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएं। इसको सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो। इसके लिये शहरी क्षेत्रों की सम्पत्तियों का जीआई मेपिंग किया जा रहा है। उल्लेखनीय बिन्दु     प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में एक लाख 60 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को बेस्ट परफॉर्मिंग अवार्ड की श्रेणी में दूसरा स्थान।     अमृत 2.0 में 300 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण।     जल गंगा संवर्द्धन अभियान में 3 हजार 323 जल संरचनाओं का, 74 जल संग्रहण संरचनाओं का लोकार्पण।     स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में 8 शहरों का राष्ट्रीय पुरस्कार। साथ ही इंदौर ने देश के नम्बर वन शहर का सम्मान लगातार 8 साल बनायें रखा।     कार्बन क्रेडिट से राशि अर्जित करने वाले इंदौर देश का प्रथम शहर     दीनदयाल रसोई योजना में संचालित 56 केन्द्रों को बढ़कर इन्हें 191 केन्द्र किया गया।     पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत 9 लाख से अधिक रहणी पटरी वालों को 14 लाख से अधिक ऋण प्रकरण मबजूत। मध्यप्रदेश को नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास की श्रेणी में पहला स्थान,     आजीविकास मिशन में 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया गया। 1 लाख 70 हजार युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया।     प्रदेश में 65 हजार स्व सहायता समूह का गठन। 6 लाख से अधिक परिवारों को स्व-सहायता समूह में जोड़ा गया।     इंदौर में मेट्रो परिचालन शुरू भोपाल में दिसम्बर 2025 में ही शुरू होगा मेट्रो।     हाउसिंग बोर्ड द्वारा एमपी ऑनलाईन के माध्यम से 532 करोड़ की सम्पत्तियों का विक्रय।     गीता भवन स्थापना योजना 5 महीनों के लिये स्वीकृत।     प्रदेश में इंटीग्रटेड टाउनशिप पॉलिसी-2025 मंजूर। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को भी मंजूरी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के त्रिवार्षिक अधिवेशन में वर्चुअल रूप से शामिल

उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के त्रिवार्षिक अधिवेशन में वर्चुअल शामिल स्मारिका का किया वर्चुअल विमोचन भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सतना में आयोजित सेवा निवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, मध्यप्रदेश के त्रिवार्षिक अधिवेशन में भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए निरंतर योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने संघ की मांगों को शासन स्तर पर गंभीरता से रखने और समाधान का भरसक प्रयास करने का आश्वासन दिया। साथ ही नए वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सभी सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संघ की स्मारिका “इंजीनियर्स जर्नल” का वर्चुअल विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सतना नगर निगम के महापौर योगेश ताम्रकार, राष्ट्रीय साहित्य परिषद के कोषाध्यक्ष इंजी. के.के. गर्ग सहित कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ कर रहे प्रांतीय अध्यक्ष इंजी. उमेश दुबे, संघ के संरक्षक इंजी. पवन तिवारी, कोषाध्यक्ष आर.एम. सिन्हा, उप प्रांताध्यक्ष इंजी. आर.बी. नामदेव, इंजी. प्रदीप बक्शी सहित प्रदेश भर से आए संघ के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अभियंता उपस्थित रहे।  

समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया

नीमच में कुपोषण मुक्ति की दिशा में प्रभावी पहल, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को वितरित किए न्यूट्री बास्केट समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया नीमच में कुपोषण मुक्ति की ओर मजबूत कदम, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को न्यूट्री बास्केट वितरित किए भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा है कि नीमच जिले के समग्र विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिल-जुलकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कुपोषण के निवारण के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है और इसी दिशा में प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभावी नवाचार किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शासन की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और समाज में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़े। प्रभारी मंत्री सुभूरिया गुरुवार को टाउनहॉल, नीमच में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जीएसटी बचत सम्मेलन एवं न्यूट्री बास्केट वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा 50 बच्चों एवं उनकी माताओं को पोषण युक्त न्यूट्री बास्केट वितरित की गई। इस अवसर पर जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपड़ा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शारदाबाई धनगर, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री सुभूरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि कुपोषण का अमीरी या गरीबी से कोई सीधा संबंध नहीं है। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार मिले, इसके लिए माताओं और बहनों को जागरूक होना होगा। उन्होंने नीमच जिले में सेम और मेम श्रेणी के बच्चों को न्यूट्री बास्केट उपलब्ध कराने के नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम में समाज के सभी वर्गों से सहभागी बनने का आह्वान किया तथा महिलाओं की बचत और आत्मनिर्भरता की भावना की प्रशंसा की। कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में दी गई राहत से आम परिवारों को आर्थिक लाभ मिला है और आयकर एवं जीएसटी में छूट से लोगों की बचत बढ़ी है। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में प्रदेश की दिशा और दशा बदली है तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिला है। विधायक अनिरुद्ध मारू ने बाल विवाह को सामाजिक अपराध बताते हुए इसके उन्मूलन में सभी से सहयोग की अपील की और महिलाओं से हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जीएसटी का सर्वाधिक लाभ प्रदान करने वाले नितेश जैन, सचिन जोशी एवं ललित पंवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हंसा माली, श्रीमती रेखा टेलर एवं श्रीमती पूजा माली को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 6 पोषण मित्रों को भी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। पंख अभियान के तहत चड़ोली निवासी अर्जुन रामसिंह को किराना व्यवसाय के लिए 1.80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र तथा जमुनिया कलां निवासी किशन पिता राजू भील को स्वरोजगार हेतु 14.42 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। जीएसटी के सहायक आयुक्त राजीव परिहार ने स्वागत उद्बोधन दिया, कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश पाटीदार ने किया तथा अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुअंकिता पंड्या ने आभार व्यक्त किया।