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यूपी पंचायत चुनाव 2026 की मतदाता सूची में बड़े बदलाव, 1.41 करोड़ नाम हटाए और 15 लाख युवा जुड़े

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वर्ष 2025 के बाद कराए गए मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण में राज्य में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मतदाता सूची में 40.19 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या 12.29 करोड़ थी। 18 वर्ष के 15 लाख युवा शामिल राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि नए मतदाताओं में लगभग 15 लाख ऐसे युवा शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूर्ण की है। उन्होंने बताया कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या अब 1.05 करोड़ तक पहुंच गई है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए निर्वाचन आयुक्त ने जानकारी दी कि पुनरीक्षण के दौरान कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें वे नाम शामिल हैं जो दोहराव वाले पाए गए, स्थानांतरित हो चुके थे या फिर मृत्यु के कारण अमान्य हो गए थे। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण से पूर्व वर्ष 2021 की मतदाता सूची में शामिल सभी 12.29 करोड़ मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया गया था। इसके बाद ईबीएलओ ऐप और गणना प्रपत्रों के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया। एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार राज प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार ही दिया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसका एसवीएन स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया जाएगा और भविष्य में किसी अन्य मतदाता को आवंटित नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित होगी। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को राज प्रताप सिंह ने बताया कि दावे और आपत्तियों के लिए मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को किया जाएगा, जबकि सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी को होगा।  

पंजाब में दृश्यता सिर्फ 30 मीटर, घने कोहरे के बीच सड़क हादसे; आज घर से निकलते समय सतर्क रहें

पटियाला  पंजाब में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। इससे ठंड का कहर बढ़ा है और साथ ही दृश्यता भी प्रभावित रही। पटियाला में गुरुवार को दृश्यता मात्र 30 मीटर और अमृतसर व लुधियाना में 50-50 मीटर दर्ज की गई। पंजाब में दिन के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 26.8 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।   घने कोहरे की वजह से शुक्रवार सुबह जालंधर-चंडीगढ़ रोड पर बलाचौर में घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से एम्बुलेंस की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में एम्बुलेंस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस ड्राइवर मरीज को लेकर जा रहा था, इस दौरान यह हादसा हो गया। जिसके बाद घटनास्थल पर दूसरी एम्बुलेंस को बुलाकर मरीज को उसमें शिफ्ट किया गया और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई, जहां राहगीरों की मदद से एम्बुलेंस को सड़क से किनारे करवाया गया। पुलिस ने बताया कि घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिसके कारण यह हादसा हुआ है। अमृतसर के अजनाला में धुंध की वजह से सिविल अस्पताल के पास एक स्कूल वैन और ऑल्टो कार में टक्कर हो गई। कार वाला बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहा था। इससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कार में बैठे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद स्कूल वैन चालक धुंध का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों हादसाग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। कार मालिक ने आरोप लगाया कि स्कूल वैन का ड्राइवर शराब के नशे में था। उन्होंने स्कूलों में तत्काल छुट्टियां घोषित करने की मांग की। हालांकि सरकार 21 से 31 दिसंबर तक छुटिट्यों की घोषणा कर चुकी है। मोगा में फिरोजपुर मेन रोड पर सरकारी गैस्ट हाउस के सामने कॉलेज बस ने पैदल जाते व्यक्ति को कुचल दिया। बस मोगा से फिरोजपुर साइड जा रही थी जबकि व्यक्ति साइड पर चल रहा था। धुंध की वजह से बस ड्राइवर को वह नजर नहीं आया। बस के कुचलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। धुंध की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 5 फ्लाइटें डिले हो गई हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइटें शामिल हैं। वहीं जालंधर में देर रात घने कोहरे की वजह से कार अधूरे पुल के लिए खोदे गड्‌ढे में गिर गई। जिससे कार पूरी तरह से टूट गई। ड्राइवर को भी चोटें लगी हैं। पुलिस के मुताबिक यहां पुल के निर्माण के लिए गड्ढे खोदे गए हैं लेकिन रेडियम टेप नहीं लगाई गई है। कार हिमाचल नंबर है और जालंधर कैंट जा रही थी। चंडीगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मानवाधिकार आयोग ने सुओ मोटो लिया है। आयोग ने बढ़ते AQI पर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। मौसम विभाग ने कल के लिए भी घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। परसों (20 दिसंबर) से 3 दिन बारिश की संभावना है। कल नवांशहर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां मिनिमम टेंपरेचर 6.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। घने कोहरे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने आज और कल बेहद घने कोहरे की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक शनिवार से हल्की बरसात हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में पारा गिरेगा और ठंड का कहर बढ़ेगा। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। सबसे कम 6.9 डिग्री का न्यूनतम पारा एसबीएस नगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 9.1 डिग्री, लुधियाना का 9.8 डिग्री, पटियाला का 10.4 डिग्री, पठानकोट का 10.0 डिग्री, बठिंडा का 8.6 डिग्री व फरीदकोट का 7.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री, लुधियाना का 16.8 डिग्री (सामान्य से 4.2 डिग्री नीचे ), पटियाला का 19.2 डिग्री (सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे), पठानकोट का 20.8 डिग्री, बठिंडा का 24.0 डिग्री, गुरदासपुर का 21.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 20.2 डिग्री दर्ज किया गया। दुबई की उड़ान पांच घंटे लेट, शिमला व कोलकाता की उड़ान रद्द कोहरे के कारण अमृतसर के श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई उड़ान 5 घंटे की देरी से उतरी जिसमें यह उड़ान सुबह 1:00 बजे की बजाय 5:55 पर आई। इसी तरह से स्पाइसजेट की सुबह 7:50 वाली दुबई उड़ान 11.34 पर आई। वहीं 9.45 बजे आने वाली शिमला उड़ान, इंडिगो की दोपहर 12.25 बजे वाली कोलकाता उड़ान रद्द रही। इसकी वजह से जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं। 

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों हेतु 12.69 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रू. मंजूर, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए साय के प्रति गहरा आभार जताया है।     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। दो वर्षों में 1000 करोड़ से अधिक की सड़क सौगात, ग्रामीण तस्वीर बदली     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।     इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

अरावली की ढलान पर खनन को हरी झंडी! SC के फैसले से पर्यावरण पर मंडराया बड़ा खतरा

अरावली देश में पिछले कुछ वर्षों से खनन के जरिए पहाड़ों को काटने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले ने पर्यावरण से जुड़े बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने खनन से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया, जिसके तहत 100 मीटर तक ऊंचाई वाले पहाड़ों पर खनन की अनुमति दी गई है। यह फैसला खासतौर पर राजस्थान और अरावली पर्वतमाला के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह फैसला पूरी तरह लागू हुआ, तो राजस्थान में रेगिस्तान का क्षेत्र बढ़ सकता है। अरावली पर्वतमाला पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला अरावली पर्वतमाला को राजस्थान की लाइफ लाइन कहा जाता है, लेकिन अब यह लाइफ लाइन खतरे में नजर आ रही है। पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अरावली पर्वत का क्षेत्र तेजी से सिकुड़ रहा है। कोर्ट के अनुसार, अरावली का लगभग 90% हिस्सा अब 100 मीटर से कम ऊंचाई का रह गया है, 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्र को अब पर्वत नहीं, सिर्फ भूभाग माना जाएगा,  इसका सीधा मतलब यह है कि इन इलाकों में खनन के रास्ते खुल सकते हैं। क्या राजस्थान में बढ़ेगा रेगिस्तान? पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया कि अरावली पर्वतमाला अब पहले जैसी ऊंची नहीं रही। अरावली मरुस्थल के विस्तार को रोकने में प्राकृतिक दीवार का काम करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अरावली में खनन बढ़ा, तो: मरुस्थल का विस्तार तेजी से होगा, मानसून की हवाएं कमजोर पड़ेंगी, प्रदेश में बारिश कम होगी। अरावली की ऊंचाई घटने से मानसून सिस्टम भी प्रभावित हो रहा है, जिससे राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राजस्थान की पहचान है अरावली पर्वतमाला अरावली पर्वतमाला को दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वतमालाओं में से एक माना जाता है। अरावली की कुल लंबाई: 692 किलोमीटर राजस्थान में हिस्सा: करीब 550 किलोमीटर सबसे ऊंची चोटी: गुरु शिखर (माउंट आबू) – ऊंचाई 1727 मीटर अरावली तीन राज्यों—दिल्ली, राजस्थान और गुजरात—से होकर गुजरती है। राजस्थान की अधिकांश नदियों का उद्गम भी अरावली पर्वतमाला से ही होता है, इसलिए इसे प्रदेश की लाइफ लाइन कहा जाता है। अरावली कमजोर होने से क्या होंगे नुकसान अगर अरावली पर्वतमाला का क्षरण इसी तरह जारी रहा, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं: राजस्थान में मरुस्थल का तेजी से विस्तार गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा बंगाल की खाड़ी से आने वाला मानसून कमजोर पड़ेगा भूकंप के झटकों का असर बढ़ सकता है अरावली से निकलने वाली नदियां सूख सकती हैं खेती और फसलों पर बुरा असर पड़ेगा प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक संतुलन बिगड़ जाएगा बारिश का सिस्टम हो रहा है प्रभावित पर्यावरण विशेषज्ञ और राजस्थान विश्वविद्यालय की भूगोल विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर के अनुसार, अरावली की ऊंचाई कम होने से राजस्थान का वर्षा तंत्र बिगड़ रहा है। पहले मानसून की हवाएं अरावली से टकराकर पूर्वी राजस्थान में बारिश करती थीं, लेकिन अब अरावली कमजोर होने के कारण हवाएं पश्चिमी राजस्थान की ओर निकल जा रही हैं। इससे पूरे प्रदेश का वर्षा संतुलन गड़बड़ा रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। कैसे शुरू हुआ अरावली का क्षरण अरावली पर्वतमाला के क्षरण की शुरुआत 1990 के दशक में हुई। इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं: तेजी से शहरीकरण दिल्ली और राजस्थान में बड़े निर्माण कार्य पत्थर और खनिजों के लिए अंधाधुंध खनन पेड़ों की कटाई स्थिति बिगड़ने पर 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में अवैध खनन पर रोक लगाई थी, लेकिन अब नए फैसले के बाद एक बार फिर पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ गई है।  

AAP वर्करों पर फायरिंग का मामला, लुधियाना में 18 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज

लुधियाना लुधियाना के बचितर नगर इलाके में ब्लाक समिति चुनाव में हुई जीत का जश्न मना रहे आप वर्करों पर कांग्रेसियों द्वारा चलाई गई गोलियों के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में महिला कांग्रेसी पंच सहित पूर्व सरपंच को भी पुलिस ने नामजद किया है। पुलिस ने इस गोलीकांड में अज्ञात सहित 18 के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।  पुलिस ने यह मामले बचित नगर के रहने वाले प्रवीण कुमार की शिकायत पर पूर्व सरपंच जसबीर सिंह, अजय वीर सिंह, उदयवीर सिंह, निंदा सरपंच, तजिंदर सिंह उर्फ लाडी, पूजा पंच और हरपाल सिंह बब्बू के साथ साथ अज्ञात पर दर्ज किए हैं।  सूत्रों की माने तो पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी खुलासा नहीं किया है कि किन तीन लोगों को काबू किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापामारी करने में जुटी है। उधर, गोली लगने से घायल हुए लोगों को देर रात सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कुछ अब भी अस्पताल में दाखिल है।  प्रवीण कुमार द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक जीत के बाद पार्टी वर्कर धन्यवाद रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने अपने एरिया में रैली नहीं आने दी। इसे लेकर बहसबाजी शुरू हो गई। जिसके बाद आरोपियों ने मारपीट की और सीधी गोलियां चलाई। इस गोलीकांड में पांच लोग घायल हो गए। जिन्हें तुरत इलाज के लिए अस्पताल दाखिल कराया गया। जबकि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें आप वर्कर कांग्रेसियों को धमका भी रहे है और ललकारें मार कर चेतावनी दे रहे है। दोनों वर्करों के हाथ में तेजधार हथियार पकड़े हुए है। जिसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से मारपीट हुई और पत्थरबाजी शुरु हो गई। इस दौरान महिला अपने साथियों को रोक रही है और पूर्व सरपंच जसबीर सिंह ने सीधी गोलियां चलानी शुरु कर दी। जो पांच लोगों की टांगों पर जा लगी। जिससे सभी घायल हो गए।  गोलीकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल बचितर नगर इलाके में हुए गोलीकांड के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है। देर रात को भी एरिया में पुलिस का सख्त पहरा रहा और पुलिस की टीमें गश्त करती रही। शुक्रवार सुबह भी पुलिस ने इलाके में गश्त की और टीमें अलग अलग एंगलों से जांच करने में जुटी रही। पुलिस ने इलाके के कुछ लोगों से भी पूछताछ की है और उनके बयान नोट किए है। बाकी पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कांग्रेस नेता को AAP नेता चैलेंज देते वीडियो में दिखे AAP ने झड़प के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, इस झड़प और फायरिंग का वीडियो सामने आया है। जिसमें एक घर के बाहर गुट के साथ कांग्रेस नेता को AAP के वर्कर चैलेंज देते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद उनमें बहस हुई और पहले पथराव और बाद में फायरिंग हुई। इस घटना से गुस्साए AAP के वर्करों ने लुधियाना-मलेरकोटला रोड पर मराडो पुलिस चौकी के पास बीती रात जाम लगा दिया था। AAP से ब्लॉक समिति चुनाव जीते सुखमीत सिंह खन्ना ने कहा था कि मैंने जसदेव नगर से चुनाव जीता। कांग्रेस के गुंडों को यह बात हजम नहीं हुई। इस सीट के लिए राजा वड़िंग उसका परिवार, कुलदीप वैद, उसका परिवार और बैंस ब्रदर्स, सभी ने जोर लगाया, फिर भी वह हार गए। अब सीधी गोलियां चला रहे। हिंसक झड़प के वीडियो में क्या दिख रहा… 1.57 मिनट के वीडियो में दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वर्कर एक दूसरे को ललकार रहे हैं। आम आदमी पार्टी के वर्करों में सबसे आगे हाथ में तलवार लिए निहंग सिंह के बाणे में एक व्यक्ति है। लगातार दोनों गुट एक-दूसरे को धमकियां देते हुए नजर आ रहे है। दोनों गुटों के लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर और डंडे नजर आ रहे है। दोनों गुट एक दूसरे को गालियां देने लगे। जब AAP के समर्थक करीब पहुंचे तो सबसे पहले ईंटें कांग्रेस की वर्करों की तरफ से चलाई गई। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के वर्करों ने भी ईंटें बरसाई। आप वर्करों ने कांग्रसियों को ईंटें मार कर खदेड़ा। तभी अचानक से गोलियां चलने की आवाज आने लगी। क्रीम रंग की जैकेट पहने व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के वर्करों पर सीधे गोलियां चलाई। फायरिंग कर रहे व्यक्ति की वीडियोग्राफी आप वर्करों ने की। गोलीबारी में अचानक एक गोली बुजुर्ग गुरमुख सिंह के लगी जो जमीन पर गिर गया। जो गोली चला रहा, उसे कांग्रेस नेता जसबीर सिंह बताया जा रहा है। गोली बुजुर्ग को लगने के बाद एक महिला उसे खींचते हुए कहीं ले जाती नजर आई। इस वीडियो में 3 से 4 बार फायरिंग की आवाज सुनी गई।

फर्जी प्रमोशन मामले में IAS संतोष वर्मा से जुड़ी टाइपिस्ट पर कार्रवाई, गिरफ्तारी हुई

 इंदौर मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर संतोष वर्मा के फर्जी प्रमोशन घोटाले ने अब न्यायपालिका की दीवारों के भीतर छिपे खेल को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गुरुवार को पुलिस ने अदालत के ही एक कर्मचारी कोर्ट टाइपिस्ट नीतू सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था, वहीं अचानक फर्जीवाड़े की कड़ी साबित हुई और सीधे हथकड़ी पहनाकर अदालत में पेश कर दिया गया। कोर्ट ने नीतू सिंह चौहान को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि फर्जी आदेशों की फैक्ट्री का पूरा सच उगलवाया जा सके। पुलिस का दावा है कि नीतू पर तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत की अदालत के नाम से फर्जी आदेश तैयार करने का गंभीर आरोप है। यानी न्याय की मुहर लगने से पहले ही आदेश टाइपिंग टेबल पर गढ़ दिए गए। इस गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट परिसर में हंगामा भी मचा, वकीलों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस अपने इरादों पर अडिग रही। साफ संदेश था कि अब इस फर्जीवाड़े पर पर्दा नहीं पड़ेगा। एसीपी कोतवाली विनोद दीक्षित के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन आदेशों के आधार पर आईएएस संतोष वर्मा ने प्रमोशन हासिल किया, उनकी मूल प्रति आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है। अदालत के रिकॉर्ड में ऐसे किसी आदेश का नामोनिशान तक नहीं है। अब पुलिस ने कोर्ट टाइपिस्ट के घर की तलाशी के लिए अनुमति मांगी है, ताकि कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, ड्राफ्ट और दस्तावेजों से फर्जी आदेशों की पूरी कहानी निकाली जा सके। पूरा मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि संतोष वर्मा ने दो अलग-अलग अदालतों के नाम से दो फर्जी आदेश पेश किए। एक आदेश में दावा किया गया कि प्रकरण समझौते से खत्म हो चुका है, जबकि दूसरे आदेश में खुद को पूरी तरह दोषमुक्त और बरी साबित करने की कोशिश की गई। लेकिन जब इन आदेशों की जांच हुई तो अदालत के रजिस्टर में ऐसा कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। यानी कागजों पर प्रमोशन, हकीकत में कानून के साथ खुला खेल। इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े में पहले ही तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत को जमानत मिल चुकी है, वहीं संतोष वर्मा भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। लेकिन अब कोर्ट टाइपिस्ट की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि जांच की आंच तेज होने वाली है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे रिमांड में पूछताछ आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस घोटाले में शामिल अन्य किरदारों के नाम भी सामने आ सकते हैं। न्यायालय के भीतर रचे गए इस अपराध ने सिस्टम की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस इस फर्जी प्रमोशन कांड की जड़ों तक पहुंच पाती है या फिर कोई और बड़ा नाम इस खेल को दबाने की कोशिश करेगा। फिलहाल, कोर्ट की टाइपिंग मशीन से निकले फर्जी आदेश पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। 

HIV संक्रमित बच्चों के मामले में सतना में कार्रवाई, ब्लड बैंक स्टाफ सहित 3 सस्पेंड

सतना  मध्य प्रदेश के सतना स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय अस्पताल में 6 बच्चों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए ब्लड बैंक प्रभारी और दो लैब टेक्नीशियन को सस्पेंड कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सतना में एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले की जांच के लिए मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. योगेश भरसट की अध्यक्षता में गठित 7 सदस्यीय जांच कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारी ने बताया कि राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 16 दिसंबर को यह कमेटी गठित की थी। अधिकारी ने बताया कि इस रिपोर्ट के आधार पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ, देवेंद्र पटेल और दो लैब टेक्नीशियन – राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडे को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और मामले में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी के मुताबिक, स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर शुक्ला को कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर को खुलासा हुआ था कि सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 6 बच्चे एचआईवी संक्रमित रक्त (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) चढ़ाए जाने से इस लाइलाज बीमारी के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक के माता-पिता भी इसकी चपेट में आ गए हैं। यह सारे मामले इस साल जनवरी से मई के बीच सामने आए हैं और सभी पीड़ितों का एचआईवी प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद इसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया था, जिसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी।

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव में खेल विकास को बढ़ावा, अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के लिए 6.04 करोड़ स्वीकृत

राजनांदगांव विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने राज्य शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, एस्ट्रोटर्फ़ रिप्लेसमेंट एवं आधारभूत संरचना उन्नयन से क्षेत्र राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर होगा और सशक्त.. राजनांदगांव, 12 दिसंबर 2025 – राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र तथा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए आज अत्यंत हर्ष का विषय है कि राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, राजनांदगांव में एस्ट्रोटर्फ रिप्लेसमेंट, भवन एवं सड़क निर्माण से संबंधित कार्यों हेतु लगभग 6 करोड़ 4 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से राजनंदगांव क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगी। शासन द्वारा प्रदत्त इस प्रशासनिक स्वीकृति के अंतर्गत लगभग 5 करोड़ 95 लाख रुपए (गैर-SOR दर) से कार्यों की प्रारंभिक स्वीकृति देते हुए आवश्यक नियमों एवं वित्तीय प्रावधानों के अनुपालन के साथ कार्य संपादन का मार्ग प्रशस्त किया गया है। यह निर्णय न केवल खेल अधोसंरचना को आधुनिक रूप देगा, बल्कि युवाओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण तथा खेल अवसर उपलब्ध कराने में भी मील का पत्थर सिद्ध होगा। इसके साथ ही खेलो इंडिया प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत पिछले माह भी राजनांदगांव में कुल लागत राशि 9.50 करोड़ से 08 लेन सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक निर्माण कार्य को स्वीकृति मिल चुकी है। जिसका केंद्रांश 6.36 करोड़ + राज्यांश 3 करोड़ रहेगा। इस निर्णय के बाद वि.स अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा, राजनांदगांव के जनप्रतिनिधि के रूप में, इस महत्वपूर्ण स्वीकृति हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। यह स्वीकृति हमारे युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करने, उनके कौशल को निखारने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा हेतु मजबूत मंच प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने आगे कहा कि राजनांदगांव सदैव प्रतिभाओं की भूमि रही है, यह नई स्वीकृति हमारे खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने वाली है। उन्होंने राजनांदगांव की जनता को विश्वास दिलाता हुए कहा कि मैं क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे प्रत्येक आवश्यक कार्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहूँगा।

IAS सर्विस मीट का भोपाल में उद्घाटन, मुख्यमंत्री के साथ अफसर होंगे मस्ती और धमाल में शामिल

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया। इस आयोजन में प्रदेशभर से आईएएस अधिकारी पहुंचे हैं। आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट सभी अधिकारियों की सहभागिता के साथ आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारियों की वार्षिक सर्विस मीट शुक्रवार से भोपाल में शुरू हो गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रशासन अकादमी में करेंगे। इसके बाद अरेरा क्लब में दिनभर और देर रात तक विभिन्न सांस्कृतिक, खेल और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मीट में सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और उनके परिवारजन शामिल हो रहे हैं। आईएएस सर्विस मीट का उद्देश्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इतर अधिकारियों को आपसी संवाद, समन्वय और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारी अपनी कला, सांस्कृतिक प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन आपसी संबंधों को मजबूत करने और तनावमुक्त माहौल प्रदान करने का माध्यम बनता है। इस वर्ष की सर्विस मीट के लिए अधिकारियों को चार हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और यलो—में विभाजित किया गया है। प्रत्येक हाउस के लिए कैप्टन और वाइस कैप्टन तय किए गए हैं। तीन दिनों तक इन हाउसों के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल गतिविधियों और टीम इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा होगी। इससे कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ उत्साह भी देखने को मिलेगा। मीट के अंतिम दिन चार प्रमुख कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाएंगे। इनमें मोस्ट क्रिएटिव, बेस्ट प्रेजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन शामिल हैं। इसके अलावा 18 वर्ष तक की आयु के आईएएस अधिकारियों के बच्चों के लिए भी बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के पुरस्कार प्रत्येक हाउस में प्रदान किए जाएंगे। आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि फील्ड में पदस्थ अधिकारियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पास-पड़ोस के संभागों में कार्यरत अफसरों को एक ही समूह में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रात्रि और अन्य प्रतिस्पर्धात्मक आयोजनों से अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और टीम भावना मजबूत होगी। आखिरी दिन दिए जाएंगे अवार्ड तीन दिन तक चलने वाली सर्विस मीट के लिए चार हाउस बनाए गए हैं। ये हाउस रेड हाउस, ग्रीन हाउस, ब्लू हाउस और यलो हाउस के रूप में रहेंगे जिसके कैप्टन और वाइस कैप्टन तय कर दिए गए हैं। मीट के आखिरी दिन चार कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे। यह अवार्ड मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोआर्डिनेशन को लेकर दिए जाएंगे। इसके साथ ही 18 साल तक की कम उम्र के आईएएस अफसरों के बच्चों को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के अवार्ड हर हाउस में दिए जाएंगे। आयोजन समिति के चेयरपर्सन और प्रमुख सचिव पी. नरहरि के अनुसार, वर्ष 2010 में शुरू हुई यह सर्विस मीट हर साल अधिक यादगार बनती जा रही है। इससे अधिकारियों और उनके परिवारों के बीच पारिवारिक माहौल बनता है, सहयोग की भावना बढ़ती है और नई मित्रताएं विकसित होती हैं। संगीत, क्विज़, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए यह आयोजन सभी वर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी डीजे नाइट, खेल गतिविधियों और पारिवारिक आयोजनों में अधिकारियों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। यह सर्विस मीट प्रशासनिक तंत्र के भीतर मानवीय जुड़ाव और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ेगा आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में फील्ड में पदस्थ अफसरों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उनके आपसी समन्वय को सुगम बनाने के लिए, आस-पास के संभागों में पदस्थ फील्ड अफसरों को एक समूह में रखा गया है। इस सर्विस मीट के लिए बनाए गए ग्रुप्स के बीच सांस्कृतिक रात्रि सहित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिस्पर्धा होने से उत्साह और भी बढ़ जाएगा। आयोजन समिति के चेयरपर्सन प्रमुख सचिव पी नरहरि ने कहा है कि वर्ष 2010 में स्थापना के बाद से सर्विस मीट लगातार यादगार बन रही है। इससे एक परिवार के रूप में हमारे बंधन मजबूत हुए हैं, सहयोग को बढ़ावा मिला है, नई मित्रताएं बनी हैं और हमें संजोने लायक पल मिले हैं। भावपूर्ण संगीत, क्विज़ से लेकर जोशपूर्ण खेलों तक, हर एडिशन में सभी के लिए कुछ न कुछ रहा है।

रौशन सिंह छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति के नए सदस्य बने, युवाओं में उत्साह

रौशन सिंह बने छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति सदस्य, युवाओं में उत्साह भाजयुमो में संगठनात्मक सक्रियता का मिला राजनीतिक सम्मान बिलासपुर  भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिलासपुर के युवा नेता रौशन सिंह को भाजयुमो छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया है। संगठन में लगातार सक्रियता, निष्ठा और अनुशासित कार्यशैली के चलते मिली इस जिम्मेदारी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और युवाओं में उत्साह का माहौल बन गया है। भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होना किसी भी युवा कार्यकर्ता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रौशन सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब संगठन युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले चेहरों को पहचान देने की नीति पर काम कर रहा है।  रौशन सिंह लंबे समय से भाजपा और भाजयुमो के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। चुनावी समय हो या संगठनात्मक अभियान, वे हर मोर्चे पर पूरी निष्ठा के साथ डटे नजर आते हैं। विधायक अमर अग्रवाल के करीबी समर्थकों में गिने जाने वाले रौशन सिंह को संगठनात्मक रणनीति और युवाओं के बीच पकड़ रखने वाला कार्यकर्ता माना जाता है। उन्होंने न केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सेवा से जुड़े आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की है। इससे उनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में बनी है, जो राजनीति को समाजसेवा से जोड़कर देखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी नियुक्ति से यह संदेश स्पष्ट है कि भाजपा युवाओं को केवल मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी सौंप रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रौशन सिंह की यह नई भूमिका बिलासपुर सहित पूरे संभाग में संगठन को नई ऊर्जा देने का काम करेगी। युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रौशन सिंह की सबसे बड़ी ताकत युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता है। शिक्षा, रोजगार, खेल और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता उन्हें आम युवाओं से जोड़ती है। भाजयुमो के कई अभियानों में उन्होंने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन ने जताया भरोसा भाजपा नेताओं का कहना है कि रौशन सिंह अनुशासन, विचारधारा और समर्पण का संतुलित उदाहरण हैं। उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि संगठन मेहनती और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी मौजूदगी से नीतियों को जमीनी हकीकत से जोड़ने में मदद मिलेगी और संगठनात्मक विस्तार को गति मिलेगी।  शीर्ष नेताओं का जताया आभार रौशन सिंह ने अपने नियुक्ति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव,भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा,बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल का आभार जताया साथ ही भाजयुमो नेता रौशन सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के विश्वास पर खरा उतरते हुए युवाओं के बीच भाजपा सरकार एवं पार्टी की रीति नीति को ज्यादा से ज्यादा अवगत कराऊंगा.