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यूपी रोडवेज: यात्रियों को अब मिलेगा 7.5 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा

लखनऊ  यूपी परिवहन निगम द्वारा यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों के बजाय प्राइवेट वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे वे अनावश्यक रूप से अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। टिकट लेते ही बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है परिवहन निगम के अनुसार, रोडवेज बस का टिकट लेते ही यात्री को साढ़े सात लाख रुपये तक का बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में इस बीमा योजना का लाभ यात्रियों या उनके परिजनों को दिया जाता है। वर्तमान में रायबरेली स्थित डिपो में कुल 174 बसें उपलब्ध हैं, जो दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, अयोध्या, सुलतानपुर, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख रूटों पर प्रतिदिन संचालित की जा रही हैं। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 25 से 28 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद भी हजारों यात्रियों की प्राथमिक पसंद आज भी प्राइवेट वाहन, ई-रिक्शा और अन्य साधन बने हुए हैं, जबकि इन वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा की कोई ठोस जिम्मेदारी तय नहीं होती। शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है रोडवेज बसों में यात्रा करने पर न केवल सुरक्षित सफर मिलता है, बल्कि टिकट के साथ ही बीमा सुविधा भी स्वतः लागू हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना परिवहन निगम की पूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन, दुर्घटना के समय तत्काल राहत तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है। क्या कहना है चालकों का? डिपो पर मौजूद चालक-परिचालकों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण यात्री प्राइवेट वाहनों का चयन कर लेते हैं, जबकि इनमें न तो सुरक्षा की गारंटी होती है और न ही किसी प्रकार का बीमा कवर। कई प्राइवेट वाहन ओवरलोडिंग और अवैध संचालन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देते हैं। घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार तक की सहायता क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि दुर्घटना में घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, दुर्घटना के बाद 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर यात्री को साढ़े सात लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में मृतक के परिजनों को भी साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले यह राशि पांच लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये कर दिया गया है।  

पेड़ों की कटाई और ऑक्सीजन की जिम्मेदारी: जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी खजाने में मुआवजे का मुद्दा उठाया

जबलपुर   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एनजीटी कमेटी की अनुमति बिना प्रदेश में एक भी पेड़ नहीं काटने के आदेश को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने दिनों पेड़ों की कटाई को लेकर सख्त है और कई मामलों में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रह है. इसी बीच स्ट्रैटटेक मिनरल रिसोर्सेज की एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें धिरौली कोल ब्लॉक के लिए 6 लाख पेड़ों की कटाई किए जाने का प्रस्ताव है. इस कोल ब्लॉक के लिए अबतक 20 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं. 6 लाख पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव स्ट्रैटटेक मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड के धिरौली कोल ब्लॉक मामले में कंपनी की ओर से ये याचिका दायर की गई कि पेड़ कटाई के संबंध में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो. याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया कि इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 20 हजार पेड़ काटे गए हैं, वहीं 6 लाख पेड़ काटने का प्रस्ताव है. कंपनी की ओर से एक आवेदन पेश कर दलील दी गई कि ये कोल ब्लॉक वन क्षेत्र में आता है और ऐसे में कंपनी के उस प्रोजेक्ट में हस्तक्षेप नहीं किया जाए. चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा कि जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी और ट्री ऑफिसर की अनुमति के आधार पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है, तो इस व्यवस्था को बदला नहीं जा सकता। यदि किसी पक्षकार को इससे आपत्ति या परेशानी है, तो वह एनजीटी के समक्ष अपनी बात रखे। कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सिंगरौली में 6 लाख पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठा बुधवार की सुनवाई में सिंगरौली के घिरौली कोल ब्लॉक में करीब 6 लाख पेड़ों की कटाई का मामला भी उठाया गया। यह याचिका बैढन जनपद पंचायत की अध्यक्ष सविता सिंह द्वारा दायर की गई है। कंपनी की ओर से कहा गया कि प्रस्तावित कटाई के बदले हर पेड़ का मुआवजा दिया जाएगा। इस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मुआवजे की राशि सरकार के खजाने में जाएगी, लेकिन उन पेड़ों के कटने से लोगों को मिलने वाली ऑक्सीजन का जिम्मेदार कौन होगा—यह बड़ा सवाल है। सरकार के ट्रांसलोकेशन दावे पर सवाल सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि काटे गए पेड़ों को भोपाल के चंदनपुरा क्षेत्र में 9.71 हेक्टेयर भूमि पर ट्रांसलोकेट किया गया है। इस पर बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो किया गया है, वह ट्रांसलोकेशन नहीं है। भोजपुर रोड और अन्य मामलों पर लिया गया था संज्ञान दरअसल, रायसेन जिले के भोजपुर मार्ग पर स्थित 448 पेड़ों की कटाई के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुना था। इसके अलावा भोपाल में विधायकों के आवास निर्माण के लिए 244 पेड़ और रेलवे परियोजना के लिए करीब 8000 पेड़ों की कटाई का मामला भी सामने आया था। चीफ जस्टिस की बेंच ने पहले 20 नवंबर को भोपाल में और फिर 26 नवंबर को पूरे मध्यप्रदेश में पेड़ों की कटाई पर सशर्त रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल एनजीटी की एक्सपर्ट कमेटी और ट्री ऑफिसर की अनुमति से ही पेड़ों की कटाई की जा सकती है। पेड़ कटाई के कई मामलों में हाईकोर्ट सख्त इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पेड़ कटाई के कई मामलों सुनवाई कर रहा है. राजधानी भोपाल के पास भोजपुर-बैरसिया सड़क निर्माण के लिए बिना अनुमति के ही सैकड़ों पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की है. वहीं, पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अखबार में प्रकाशित उस खबर पर भी संज्ञान लिया था, जिसमें सागर कलेक्ट्रेट में एक हजार पेड़ काटने का खुलासा किया गया था. कलेक्टर कार्यालय में दो अतिरिक्त कक्ष बनाने के लिए सिर्फ दस घंटे में ये पेड़ काट दिए गए थे. इसके अलावा भोपाल में एमएलए क्वार्टर्स निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट में कितने पेड़ काटे गए हैं और कितने और काटे जाने इस संबंध में विधानसभा सचिव को स्टेटस रिपोर्ट पेश कराने के निर्देश दिए गए. याचिका की सुनवाई के दौरान बताया गया कि प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में 112 पेड़ काटे गए हैं और 132 पेड़ और काटा जाना है. सरकार ने इन्हें शिफ्ट करने और वृक्षारोपण की कार्ययोजना का प्लान भी प्रस्तुत किया. वहीं, धिरौली कोल ब्लॉक मामले पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को निर्धारित की गई है.

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के लिए राहत, यूपी सरकार की योजना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे 19,225 परिवारों को राशन कार्ड तथा रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके तहत परिवार के मुखिया के नाम से जारी राशन कार्ड और आधार कार्ड का मिलान कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जो आज भी लकड़ी अथवा अन्य परंपरागत ईंधन से भोजन पकाने को मजबूर हैं। पिछले सात दिनों में 7,873 परिवारों की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि इनमें से कई परिवारों को पूर्व में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। जीरो पावर्टी लाइन के तहत सर्वेक्षण जीरो पावर्टी लाइन अभियान के अंतर्गत जिला पूर्ति कार्यालय द्वारा उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। सर्वेक्षण में सबसे अधिक 2,093 परिवार परशुरामपुर ब्लॉक में चिन्हित किए गए हैं, जबकि सबसे कम 842 परिवार कप्तानगंज ब्लॉक में पाए गए हैं। बनकटी ब्लॉक में 1,500, बस्ती सदर में 1,584, बहादुरपुर में 1,371 तथा दुबौलिया ब्लॉक में 1,022 परिवार चिन्हित हुए हैं। इसी तरह गौर में 1,618 और हर्रैया में 1,201 परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। अन्य ब्लॉकों में भी एक हजार से अधिक ऐसे परिवार पाए गए हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा सरकार का उद्देश्य इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, विकलांग पेंशन, निराश्रित पेंशन, वृद्धा पेंशन तथा उज्ज्वला गैस योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाना और गरीबी के आंकड़ों को समाप्त करना है। पात्र परिवारों को राशन कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सर्वेक्षण के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि संबंधित परिवार के मुखिया के नाम से पहले कोई गैस कनेक्शन न जारी हुआ हो और परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ी अथवा अन्य ठोस ईंधन का उपयोग करता हो। इसके आधार पर टीम पात्र और अपात्र परिवारों का चिन्हांकन कर रही है। आधार और राशन कार्ड का ऑनलाइन मिलान जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ल ने बताया कि जीरो पावर्टी लाइन में चिन्हित उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों के राशन कार्ड और आधार कार्ड का ऑनलाइन मिलान कराया जा रहा है। पात्र पाए गए परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप खाद्यान्न तथा उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।  

थावे मंदिर में बड़ी चोरी: झारखंडी कारोबारी द्वारा अर्पित 51 लाख का मुकुट गायब

पटना बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दरअसल यहां के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में चोरों ने एक चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। भारी सुरक्षा के बीच बेखौफ चोर मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मां दुर्गा का बेशकीमती सोने का मुकुट और  दानपेटी चुरा कर फरार हो गए। वहीं घटना को लेकर भक्तों में भारी रोष है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गहनों के साथ 50 किलो की दानपेटी भी चुराई चोरी की घटना का खुलासा उस समय हुआ जब गुरुवार की सुबह मंदिर के पुजारी और भक्त पूजा-अर्चना के लिए मां के दरबार पहुंचे। जब वहां गहने और दानपेटी गायब देखे तो उनके होश उड़ गए। मंदिर का लॉकर टूटा हुआ था और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। बताया जा रहा है कि गहनों के साथ 50 किलो की दानपेटी भी चुरा ले गए।   झारखंड के कारोबारी ने किया था अर्पित बता दें कि मुकुट झारखंड के एक कारोबारी ने मां के दरबार में अर्पित किया था। मां थावेवाली को 251 ग्राम वजन का करीब 51 लाख रुपये मूल्य का सोने का मुकुट चढ़ाया था। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा है कि चोर पीछे के रास्ते से सीढ़ी लगाकर अंदर घुसे। कटर की सहायता से मंदिर के ताले तोड़ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस वारदात की गहनता से जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री साय बोले—वंदे मातरम् का इतिहास भारत की आत्मा और गौरव का प्रतीक

रायपुर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित विशेष चर्चा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  वंदेमातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वंदे मातरम्  देशप्रेम का वह जज्बा था जिसकी गूंज से ब्रिटिश हुकूमत तक कांप उठती थी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह उद्घोष करोड़ों भारतीयों के हृदय में साहस, त्याग और बलिदान की अग्नि प्रज्वलित करता रहा। उन्होंने कहा कि यह वही स्वर था जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने की शक्ति प्रदान की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को स्मरण करते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, खुदीराम बोस सहित असंख्य क्रांतिकारी वंदे मातरम् का जयघोष करते हुए मां भारती के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण करना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। यह गीत हमें उस संघर्ष, उस पीड़ा और उस अदम्य साहस की याद दिलाता है, जिसने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का आधार स्तंभ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, जो मानचित्र पर अंकित होती हैं। किसी राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और उन मूल्यों से होती है, जो सदियों से उसके आचार-विचार और जीवन पद्धति का हिस्सा रहे हैं। भारत की यह सांस्कृतिक निरंतरता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा आयोजित करने का उद्देश्य यह भी है कि हम इतिहास की उन गलतियों को कभी न भूलें, जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए, जिनकी पीड़ा आज भी हमारे समाज में कहीं-न-कहीं महसूस की जाती है। इतिहास से सीख लेकर ही हम एक सशक्त और समरस भारत का निर्माण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उन सभी वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने वंदे मातरम् के भाव को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर भारत माता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् हमें हमारी विरासत, हमारी सांस्कृतिक चेतना और हजारों वर्षों की सभ्यता से जोड़ता है। यह उन आदर्शों की सामूहिक अभिव्यक्ति है, जिन्हें हमने युगों-युगों में आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धरती को माता के रूप में पूजने की भावना रही है, जिसे हम मातृभूमि कहते हैं। वंदे मातरम् इसी भाव का सशक्त और पवित्र स्वरूप है, जो हमें प्रकृति, भूमि और राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध सिखाता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस विशेष चर्चा के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष तथा सभी  सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विमर्श नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक चेतना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त: तिरुपति यात्रा के दौरान एक की मौत

जगदलपुर भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम तारागांव में गुरुवार सुबह एक दर्शनार्थी बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई. हादसे में राजनांदगांव निवासी तामेश्वर साहू की मौत हो गई, जबकि बस में सवार अन्य दर्शनार्थी घायल हो गए. जानकारी के अनुसार, दुर्ग से करीब 30 से अधिक लोगों को लेकर तिरुपति जा रही बस गुरुवार सुबह लगभग 5–6 बजे तारागांव के पास पहुंची थी. इस दौरान चालक को झपकी आने से बस का संतुलन बिगड़ गया और दुर्घटना का शिकार हो गई. घटना की सूचना मिलते ही भानपुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज परिजनों को सूचना दे दी गई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

इंदौर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, 10 महीने में सिर्फ एक हिस्से की रेलिंग हट पाई

 इंदौर  बीआरटीएस की रेलिंग हटाने, इंदौर के बिगड़ते ट्रैफिक और नियम विरुद्ध प्राइवेट वाहनों में हूटर लगाने के मामले में लगी जनहित याचिकाओं के मामले में बुधवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई हुई। इसमें कमेटी ने बीआरटीएस को लेकर रिपोर्ट पेश की। इंदौर बीआरटीएस हटाने का फरवरी 2025 से आदेश होने के बाद भी आज दिनांक तक पूरी तरह नहीं हटा है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट ने इसे लेकर सख्त आदेश जारी करना शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों को कोर्ट में लगातार तलब किया जा रहा है। एक दिसंबर की सुनवाई में 16 दिसंबर तक एक तरफ की रैलिंग हटाने और फिर सुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप यादव व डीसीपी ट्रैफिक आनंद कलादगी को पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन अधिकारियों ने आवेदन लगाकर छूट ले ली। हाईकोर्ट ने नई तारीख अगले दिन 17 दिसंबर की लगा दी। लेकिन इसके लिए भी फिर SIR (निर्वाचन) काम की व्यस्तता का बोलकर छूट लेने की बात कही गई। इस पर हाईकोर्ट सख्त हुआ और अधिकारियों को दोपहर ढाई बजे उपस्थित होने के आदेश दिए गए। इसके बाद यह अधिकारी डबल बैंच के सामने पेश हुए।  सुनवाई के दौरान कमेटी की रिपोर्ट आई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा वकीलों की बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट आई। इसमें यह तो कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद रैलिंग हटाने का काम हुआ है, लेकिन अभी दूसरी ओर की नहीं हटी है। साथ ही जो पेंचवर्क हुआ है वह सही नहीं हुआ है और इससे सड़क अनईवन हो रही है। बस स्टाप के पास सुरक्षा के मानक सही नहीं है। वहां सामान पड़ा हुआ है। इससे रास्ता ब्लाक हो रहा है और दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई है।  इस तरह हुई बहस, यह दिए आदेश हाईकोर्ट बेंच ने इस मामले में एक बार अधिकारियों से पूछा कि भोपाल में नौ दिन में बीआरटीएस हट गया था यहां इतनी देर क्यों हो रही है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया ने कहा कि क्योंकि वह भोपाल था और यह इंदौर है। वहीं बागड़िया ने कहा कि रैलिंग एक ओर की हटी है लेकिन दूसरी ओर की नहीं हटी है। इसअधिवक्ता अजय बागड़ियाके चलते रास्ता एक और तो बहुत चौड़ा है वहीं दूसरी ओर तंग है। अभी तक बीच में डिवाइडर नहीं लगे हैं। सीमेंट ब्लाक की लागत बहुत ज्यादा, खत्म हो गए इस पर जस्टिस ने कहा कि सीमेंट के ब्लाक लगा दिए जाएं, जैसे जीपीओ पर लगाए हैं। इस पर निगमायुक्त दिलीप यादव ने कहा कि इन ब्लाक की लागत बहुत ज्यादा आती है। एक किमी में करीब एक करोड़ होती है। जो अभी थे वह 500 मीटर में लगा दिए हैं। इस पर जस्टिस ने कहा कि जो रैलिंग निकाली है क्या उसका उपयोग कर बीच में डिवाइडर नहीं कर सकते हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि जो टेंडर दिया है वह एजेंसी ही इस निकले माल को रखेगी और इसे ही बेचकर वह टेंडर की राशि भरेगी, इसलिए इनका उपयोग सही नहीं है। इस पर बागड़िया ने कहा कि रस्सी बांधकर या ट्रैफिक पुलिस के बैरिकेडिंग लगाकर व्यवस्था की जाए। इससे अधिकारियों ने एक्सीडेंट होने की आशंका जताई।  कोर्ट की सख्ती के बाद उपस्थित हुए आला अफसर फिर ढाई बजे कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम कमिश्नर दिलीप यादव, ट्रैफिक डीसीपी आनंद कलांदगी डिवीजन बेंच के सामने पेश हुए। मामले में याचिकाकर्ता राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अजय बागडिया ने सबसे पहले कोर्ट को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आपके आदेश के कारण ही इतना काम हो पाया है। इसके लिए उन्होंने शहर की ओर से भी धन्यवाद दिया। मामले में अब सुनवाई 12 जनवरी को तय की गई है। एक ओर की रेलिंग नहीं हटाने से ट्रैफिक बदहाल याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अजय बागडिया ने कहा कि वर्तमान में बीआरटीएस की एक हिस्से की रेलिंग हटाने से सड़क चौड़ी जरूर हुई है। इससे भंवरकुआ से विजय नगर की ओर आने वाले वाहनों चालकों को अब 1/3 हिस्सा मिल भी रहा है। दूसरी ओर विजय नगर से भंवरकुआ जाने वाले हिस्से की रेलिंग नहीं हटने से रास्ता काफी संकरा हो गया है, जिससे ट्रैफिक का दबाव वहां ज्यादा है। अस्थायी डिवाइडर नहीं लगाए जा सकते याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया कि वहां कि रेलिंग भी हटाकर बीच में डिवाइडर बनाए जाए। इस पर अधिकारियों की ओर से बताया कि इतनी जल्दी डिवाइडर नहीं बन पाएगा क्योंकि अभी हिस्से की रेलिंग को तोड़ा है और यह जगह अभी डिवाइडर के लिए ही छोड़ी गई है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से सुझाव दिया गया कि अभी जीपीओ चौराहा से शिवाजी नगर प्रतिमा तक बीच में डिवाइडर के रूप में सीमेंट के जो ब्लॉक लगाए हैं वैसे ही बाकी हिस्से में भी लगा दें। इस पर निगम कमिश्नर ने कहा कि इसकी लागत बहुत ज्यादा है। निगम के पास जो था वह लगा दिया गया है। अधिकारी बोले- इससे तो दुर्घटनाएं बढ़ेंगी मामले इसे लेकर याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया कि ऐसे में पुलिस की जो बैरिकेडिंग होती है वह लगा दी जाए या प्लास्टिक बैरिकेड्स भी लगाए जा सकते हैं। अगर ये भी उपलब्ध नहीं हैं तो तब तक बीच में खंभे लगाकर रस्सी बांध दी जाए और दूसरी ओर रेलिंग भी तोड़ी जाए। इस पर अधिकारियों ने कहा कि यह जोखिमपूर्ण होगा और दुर्घटनाएं होंगी। लोग इससे कूदकर दूसरी ओर आएंगे। लोग पालन नहीं करते तो दूसरे कैसे जिम्मेदार मामले में याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया कि ये वे लोग हैं जो ट्रैफिक रूल्स का पालन नहीं करते। अगर वे ऐसा करते हैं तो खुद की रिस्क पर करते हैं। अगर कोई घटना होती है तो दूसरा (प्रशासन) कैसे जिम्मेदार होगा। ऐसे लोगों के कारण पूरे शहर के लोग परेशानी क्यों भुगतें। इसलिए बीच में डिवाइडर बनाया जाए जो बहुत जरूरी है। अब 12 जनवरी को पेश होगी स्टेटस रिपोर्ट सभी तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि अधिकारी वकीलों की बनी कमेटी के साथ बैठक कर इसमें और क्या होना चाहिए इस पर बात करें। कमेटी से भी सुझाव लें। साथ ही 12 जनवरी को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करें। जो कमेटी ने अपनी रिपोर्ट … Read more

GST विभाग की बड़ी कार्रवाई: नवीन इंजीनियरिंग वर्क्स में छापेमारी, रिकॉर्ड खंगाले गए

अंबिकापुर शहर के एमजी रोड स्थित नवीन इंजीनियरिंग संस्थान में जीएसटी विभाग ने छापेमार कार्रवाई की है. जीएसटी विभाग के अधिकारी लगातार 12 घंटे तक दस्तावेजों और उपकरणों की जांच करते रहे. जीएसटी विभाग की टीम ने रेड कार्रवाई में फर्म से संबंधित दस्तावेज और बिजली उपकरण ज्बत किया है. जानकारी के अनुसार, नवीन इंजीनियरिंग संस्थान मशीन मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों में सामग्री सप्लाई का कार्य करता है. छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने संस्थान से बड़ी मात्रा में बिल, वाउचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी तरह की अनियमितता या कार्रवाई के निष्कर्ष पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए इसे नियमित प्रक्रिया बताया है. गौरतलब है कि अंबिकापुर में जीएसटी विभाग द्वारा लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है, जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हलचल का माहौल बना हुआ है.

भोपाल-इंदौर-ग्वालियर में ठंड की मार, ट्रेनें और सड़क यातायात कोहरे से लेट

भोपाल   मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है। साथ ही कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे विजिबिलिटी मात्र 200 मीटर तक रहने की संभावना है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनें कोहरे की वजह से 30 मिनट से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ, मंगला लक्षद्वीप समेत कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। दूसरी ओर आज सुबह भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 12 जिलों में कोहरा छाया रहा। रीवा और सागर में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन खजुराहो, मंडला में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी तक रही। उत्तरी हिस्से के अन्य जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर जारी रहा। इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 9.2 डिग्री रहा। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा      ग्वालियर: 9.8 डिग्री     उज्जैन: 8.0 डिग्री     दमोह: 8.5 डिग्री     जबलपुर: 8.6 डिग्री     खजुराहो: 8.2 डिग्री     मंडला: 8.5 डिग्री     नरसिंहपुर: 8.6 डिग्री     रीवा: 7.3 डिग्री     सतना: 8.4 डिग्री मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत की पहाड़ियों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं एमपी पहुंच रही हैं, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।  शाजापुर में 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा, भोपाल-ग्वालियर में भी कोहरा इससे पहले बुधवार सुबह भोपाल, ग्वालियर समेत 22 जिलों में कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से ट्रेनें-फ्लाइट भी डिले हुई। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, रीवा, सतना में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। वहीं, भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, मलाजखंड, दतिया, गुना, इंदौर, रतलाम में 2 किमी के बाद कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई। शाजापुर में इतना कोहरा था कि 50 मीटर के बाद कुछ भी नहीं दिख रहा था।   मंदसौर-शाजापुर सबसे ठंडे, पारा 4 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारे में खासी गिरावट देखी गई। 5 बड़े शहरों की माने तो इंदौर में सबसे कम 4.9 डिग्री रहा। भोपाल में 5.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 8 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री रहा। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया। शाजापुर में पारा 3.8 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी-नौगांव में 5.4 डिग्री, उमरिया-मलाजखंड में 5.6 डिग्री, रायसेन में 6.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 6.8 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मंडला में 8.1 डिग्री, खंडवा-सतना में 8.4 डिग्री, दमोह-बैतूल में 8.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.6 डिग्री, खजुराहो, रतलाम-गुना में 9.6 डिग्री और दतिया में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 19 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 185 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। बुधवार को यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। बीते दिनों रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच चुकी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

पुलिसिंग में नवाचार और सुधार पर चर्चा: मुख्यमंत्री की डीजी-आईजी कांफ्रेंस आज

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है। वे पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे और स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल होंगे। सुबह 11 बजे पुलिस मुख्यालय (PHQ) में स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस ऑन इम्प्लीमेंटेशन फॉर डिसेमिनेशन ऑफ आउटकम्स ऑफ डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर पर हुई डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस के निष्कर्षों को राज्य स्तर पर लागू करने और प्रसारित करने पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद दोपहर 1:35 बजे सीएम हाउस में एक अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे। दोपहर 3 बजे सीएम हाउस में ही जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का फोकस जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, चुनौतियों का समाधान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर होगा। मुख्यमंत्री इस सम्मेलन में संकल्प के साथ नई योजनाओं और पहलों की घोषणा कर सकते हैं। ये आयोजन राज्य में कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और जनजातीय क्षेत्रों के स्वास्थ्य विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।  मॉडर्न पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा पर होगा मंथन  आज सुबह 11 बजे भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंसआयोजित की जा रही है। ये कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय स्तर पर हुई डीजी और आईजी कॉन्फ्रेंस के फैसलों को लागू करने के लिए बुलाई गई है। सीएम मोहन यादव इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य  मध्यप्रदेश में सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को सुधारना है। सीएम यहां मॉडर्न पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा और राज्य की इन्ट्रिंसिक सेफ्टी को लेकर नए दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे।  जन-संवाद का कार्यक्रम PHQ Bhopal की बैठक के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1:35 बजे सीएम हाउस पहुंचेंगे, जहां एक खास स्वागत समारोह होगा। इस कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग सीएम से मिलकर उनके अब तक के काम के लिए उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद, दोपहर 3 बजे सीएम हाउस में 'जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन' होगा। इस सम्मेलन में सीएम यादव जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इसमें डॉक्टरों की उपलब्धता, नई स्वास्थ्य योजनाओं और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बारे में बातचीत होगी। इसके साथ ही, सीएम इस अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों के लिए नई मोबाइल मेडिकल यूनिट्स या विशेष हेल्थ सेंटर्स की घोषणा भी कर सकते हैं। इन दोनों कार्यक्रमों के जरिए राज्य सरकार अपनी सुरक्षा और सेवा के वादे पर काम करने की कोशिश कर रही है। सरकार की प्राथमिकताएं बताएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारियों को कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं से भी अवगत कराएंगे। साथ ही बालाघाट, डिंडोरी और मंडला जिलों में नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां के लोगों की जीवनशैली में आए बदलाव और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने फील्ड में पदस्थ अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और थानों में आने वाले नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता और सह्रदयता से सुनने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री इस विषय पर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाणा सहित सभी डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। सीएम मोहन यादव का आज का कार्यक्रम      सुबह 11:00 बजे: पुलिस मुख्यालय (PHQ) में 'स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।     सुबह 11:30 बजे: राष्ट्रीय डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस के निष्कर्षों को राज्य में लागू करने पर पुलिस अफसरों से चर्चा करेंगे।     दोपहर 12:30 बजे: साइबर सुरक्षा और मॉडर्न पुलिसिंग को लेकर नए दिशा-निर्देश और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स जारी करेंगे।     दोपहर 01:35 बजे: मुख्यमंत्री निवास (CM House) आगमन और विभिन्न समाज प्रमुखों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में हिस्सा लेंगे।     दोपहर 02:15 बजे: समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जन-संवाद और उनकी समस्याओं पर चर्चा करेंगे।     दोपहर 03:00 बजे: सीएम हाउस में 'जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन' का शुभारंभ करेंगे।     दोपहर 03:45 बजे: जनजातीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान पर विशेषज्ञों से संवाद करेंगे।     शाम 04:30 बजे: आदिवासी इलाकों के लिए नई मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्पेसिफिक हेल्थ सेंटर्स की बड़ी घोषणा कर सकते हैं।