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पटना जू में एंट्री हुई महंगी: टिकट रेट में 3 गुना उछाल, क्या बदल गया?

पटना  बिहार में संजय गांधी जैविक उद्यान पटना जू लोगों की पसंदीदा पर्यटन स्थल है। वहीं नए साल पर यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पार्क प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पटना जू में न्यू ईयर पर टिकटों के दाम बढ़ा दिए गए है। संजय गांधी जैविक उद्यान में लगेंगे 10 अतिरिक्त टिकट काउंटर बता दें कि टिकट बिक्री के लिए जहां  आम दिनों में जहां चार टिकट काउंटर संचालित होते हैं, वहीं 1 जनवरी को भीड़ को ध्यान में रखते हुए 10 अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर 14 काउंटरों से टिकट की बिक्री की जाएगी ताकि लोगों को लंबी कतारों में लगकर समय बर्बाद न करना पड़े। उनको आसानी से टिकट उपलब्ध हो।  एंट्री फीस में 3 गुना इजाफा वहीं 1 जनवरी 2026 को संजय गांधी जैविक उद्यान पटना जू की एंट्री फीस में 3 गुना इजाफा किया गया है। वयस्कों के टिकट के दाम 50 रुपये से बढ़ाकर 150 कर दिए गए जबकि 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों का टिकट 60 रुपये मिलेगा जो कि सामान्य दिनों में 20 रुपए में मिलता है। यह बढ़े हुए दाम केवल 1 जनवरी को ही लागू होंगे।  अन्य पार्को में भी बढ़े टिकट के दाम नए साल पर इको पार्क में वयस्कों का टिकट 20 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए और बच्चों का टिकट 10 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए कर दिया गया है। वीर कुंवर सिंह पार्क में वयस्कों के लिए टिकट 25 रुपए और बच्चों के लिए 10 रुपए में मिलेगा।  बोरिंग रोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में वयस्कों को 25 रुपए और बच्चों को 10 रुपए का टिकट देना होगा. वहीं नवीन सिन्हा पार्क और शिवाजी पार्क में वयस्कों से टिकट के 20 रुपए और बच्चे 10 रुपए लिए जाएंगे।

योग्य मतदाताओं की 100% कवरेज सुनिश्चित करें: के. रवि कुमार की सख्त हिदायत

रांची  झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि अन्य राज्य के वैसे मतदाता जिनका विगत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में झारखंड के मतदाता सूची में नाम नहीं था, वे अपना नाम संबंधित राज्य के विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से ढूंढकर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता विगत गहन पुनरीक्षण में अपना अथवा अपने परिजनों के नाम ढूंढने के लिए 1950 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिसियल वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध है। कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक करते हुए कहा कि राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के पूर्व तैयारियों के क्रम में मतदाताओं का विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग बीएलओ ऐप में की जा रही है। इस दौरान अन्य राज्य से आए मतदाताओं की मैपिंग मैनुअल रजिस्टर मेंटेन कर करें जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को आसानी हो सके। गहन पुनरीक्षण के दौरान एक भी योग्य मतदाता छूटे नहीं इस बात को ध्यान में रखकर कार्य करना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पैरेंटल मैपिंग एवं ए.एस.डी सूची बनाते समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए नियमों का अक्षरश: पालन करें। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर स्तर पर कार्यों के निरीक्षण की प्रक्रिया बनाई गई है, पदाधिकारी इसका अनुपालन करते हुए कार्य करें। कुमार ने पीपीटी के माध्यम से पदाधिकारियों को विगत एसआईआर से वर्तमान मतदाता सूची के मैपिंग में विभिन्न स्तर पर निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं के बारे में विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, प्रियंका सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, एचडीएम, कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।  

निगम का पंजा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के फार्महाउस तक पहुँचा, दिवान बोले— ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’

सोनीपत  सोनीपत में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान के दीवान फार्म हाउस की एक दीवार को निगम टीम ने अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया। इस तोड़फोड़ को लेकर अधिकारियों और कांग्रेस समर्थकों में गहमागहमी नजर आई। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सुल्तानपुर माजरा की ओर बनी दीवार के संबंध में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि उन्हीं नोटिसों के आधार पर सोमवार को दीवार का एक हिस्सा गिराया गया, जबकि बाकी हिस्से के लिए भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान संभावित विवाद को रोकने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।   मौके पर पहुंचे जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि यह उनकी पुश्तैनी जगह है, जो लंबे समय से बनी हुई है। दिवान ने आरोप लगाया कि निगम की यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उनके अनुसार, चुनावी माहौल को देखते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के दीवार गिराई गई है। दिवान ने दावा किया कि फार्म हाउस कई दशकों से मौजूद है और अब अचानक इसे अवैध बताना गलत है।

कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता – मंत्री टेटवाल

सिंगापुर प्रशिक्षण युवाओं के कॅरियर को नई दिशा देगा मंत्री श्री टेटवाल प्रतिमाह दो बार प्रदेश के आईटीआई के विद्यार्थियों से होंगे रूबरू शाला त्यागी बेटियों का कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ने से महिला सशक्तिकरण को मिलेगा संबल नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में आईटीआई के बच्चों के चयन पर मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से संस्थानों की गुणवत्ता को नई ऊँचाई मिलेगी कौशल भारत और विकसित भारत में मध्यप्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी कौशलम संवाद में मंत्री श्री टेटवाल से बात कर बच्चे हुए प्रोत्साहित भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशलम् संवाद का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे जुड़कर उनके कौशल, प्रगति, अवसरों और उपलब्धियों को समझना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को वैश्विक मानकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को देश-विदेश में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद के प्रथम चरण में बच्चों से उनकी यात्रा, चुनौतियों और सफलता के अनुभव सुनकर वे विशेष रूप से प्रसन्न और प्रोत्साहित हुए। मंत्री श्री टेटवाल ने सिंगापुर कौशल प्रशिक्षण के लिए चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके करियर को नई दिशा देगा बल्कि वे लौटकर अपने संस्थानों और साथियों को भी उन्नत प्रशिक्षण में सहयोग करेंगे, जिससे विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर जाकर बच्चे जिस तरह उच्च तकनीक और कार्य-संस्कृति को सीखेंगे, वह कौशल भारत अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री श्री टेटवाल ने संवाद के दौरान यह भी बताया कि प्रदेश में आईटीआई संस्थानों से निकलने वाले युवा अब बड़ी कंपनियों में कार्य कर रहे हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि कौशल प्रशिक्षण का स्तर लगातार उच्च हो रहा है। संवाद में उन्होंने अंचल की उन शाला त्यागी बालिकाओं से बात की जिन्होंने आईटीआई में प्रवेश लिया, विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह उदाहरण महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है और यह देखकर संतोष होता है कि बेटियाँ लगातार नए अवसरों को अपनाकर आगे बढ़ रही हैं। डिवीजनल आईटीआई भोपाल के श्रवण बाधित विद्यार्थियों के साथ संवाद में मंत्री श्री टेटवाल ने उनके नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में चयन पर शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बच्चों को बताया कि उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है और सरकार समावेशी कौशल प्रशिक्षण को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्री टेटवाल ने जर्मनी में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर आने वाले पिपरिया आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री बलदेव शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जायेगी और इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रदेश का कौशल ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। इसी क्रम में उन्होंने आईटीआई खिलचीपुर के 42 प्रशिक्षणार्थियों के कैम्पस प्लेसमेंट पर बधाई दी। प्रशिक्षणार्थियों को देवास की वोल्वो आइशर कंपनी से नौकरी के ऑफर लेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षण और उद्योगों के बीच सक्रिय सहयोग का परिणाम है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी आईटीआई से निकलकर प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में जॉब पाकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी रोशन कर रहे हैं। आईटीआई झाबुआ की 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड पीथमपुर में ऑन द जॉब ट्रेनिंग (OJT) मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल इन बालिकाओं के रोजगार अनुभव को विस्तार देगा बल्कि प्रदेश में महिला कौशल विकास और रोजगार संवर्धन के लिए प्रेरक उदाहरण बनेगा। उन्होंने जबलपुर में संस्थान की भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने और उसे पुनः प्रशिक्षण कार्यों के लिए उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया और टीम को बधाई दी। कौशलम् संवाद के प्रथम चरण के इस कार्यक्रम में छात्रों में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने मंत्री से सीधे संवाद कर अपनी प्रगति साझा की और मंत्री श्री टेटवाल के मार्गदर्शन से नए कौशल लक्ष्यों को निर्धारित करने का आत्मविश्वास प्राप्त किया।  

राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

18 एवं 19 दिसम्बर को नरसिंहपुर में भोपाल  म.प्र.श्रम कल्याण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन खेल स्टेडियम ग्राउंड, नरसिंहपुर में 18 एवं 19 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में विगत माह संपन्न, संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उप विजेता शामिल होंगे।प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1,000 से अधिक श्रमिक खिलाड़ीइस आयोजन में भाग लेंगे। प्रतियोगिता का उदघाटन एवं पुरस्कार वितरण श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में मंडल द्वारा संचालित उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 15 श्रमिकों तथा श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 10श्रमिकों को श्रम मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। मंडल की उत्तम श्रमिक पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 25,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं, इसी प्रकार श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रत्येक श्रमिक को 10,000/- रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों एवं स्थापनाओं में कार्यरत श्रमिक खिलाड़ी समूह खेलों में कबड्डी (महिला एवं पुरुष), रस्साकशी (महिला एवं पुरुष), वॉलीबॉल, एवं केरम तथा इसी प्रकार व्यक्तिगत खेलों में 100मीटर, 200मीटर, 400मीटर, 800मीटर, 1500मीटर, उंची कूद, लम्बी कूद, भाला फेंक, तवा फेंक, गोला फेंक प्रतियोगिताएँ सम्मिलित हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश का दिल मध्यप्रदेश, दिल खोल कर स्वागत को है तैयार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन परिसर में 3 दिवसीय मध्यप्रदेश उत्सव का भोपाल से वर्चुअली शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को देश के दिल मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि हम दिल खोलकर आपके स्वागत के लिये तैयार हैं। नई दिल्ली में अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरूण शमि और अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश उत्सव देखने के बाद सभी प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता का वास्तविक आनंद लेने के लिये जरूर मध्यप्रदेश आएंगे। उन्होंने पर्यटकों को महाकाल लोक में दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू की आध्यात्मिकता का अनुभव करने के साथ पचमढ़ी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की सैर करें और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाएं। उद्घाटन के बाद आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया की तीन दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के बारे में दिल्ली एनसीआर के वासीयो को प्रदेश के बारे में जानकारी देना उसके खान-पान और संस्कृति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, 1 जिला एक उत्पाद, माटी कला, पर्यटन आदि के स्टॉल लगे हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया उनके इस उत्सव में आए और प्रदेश के खानपान और संस्कृति का आनंद लें, यह पूर्णता निशुल्क है। उत्सव के पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंड गायन की सुरमयी प्रस्तुतियां होगीं, सांस्कृतिक संध्या में बुंदेली लोकनृत्य सुश्री कमला राजपूत छतरपुर, गुदुम्बबाजा नृत्य श्री लालूलाल धुर्वे अनूपपुर एवं शास्त्रीय गायन सुश्री कलापिनी कोमकली देवास द्वारा मध्यप्रदेश की गहरी सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू करवाया जाएगा। उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता , क्विज़ और MPTDC द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय फिल्म ‘स्त्री’ युवाओं और परिवारों को समान रूप से आकर्षित करने का काम करेगी। सांस्कृतिक संध्या में करमा नृत्य, सुश्री हर्ष मरावी डिण्डोरी, गोंडवाना लोकनृत्य श्री संजय महाजन बढ़वाह, फ्यूजन बैंडः म.प्र. के स्वर गन्धर्व बैण्ड, भोपाल के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात खादी/सिल्क फैशन शौ मध्यप्रदेश के वस्त्र वैभव का आधुनिक और भव्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा। उत्सव के तीसरे दिन बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और फीचर फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ की MPTDC की प्रस्तुति की जाएगी। सांस्कृतिक संध्या में दास्तानगोई सुश्री भारती दीक्षित इंदौर, मटकी लोकनृत्य सुश्री हीरामणि वर्मा उज्जैन, और नृत्य नाटिका सुश्री क्षमा मालवीय, भोपाल के द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित कर उत्सव का गरिमामयी समापन किया जायेगा। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं।     मध्यप्रदेश भवन परिसर में अगले 3 दिनों तक भव्य मध्यप्रदेश उत्सव।     मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल।     प्रदर्शनियों में एक जिला-एक उत्पाद और जीआई टैग प्राप्त वस्तुएं देखी जा सकती हैं।     वनोपज से तैयार हर्बल उत्पाद भी प्रदर्शित।     हस्त शिल्प, कलाकृतियां और विभिन्न अंचलों के स्वादिष्ट व्यंजन इस मेले की यूएसपी हैं।     उत्सव में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड पहली बार प्रस्तुति दे रहा है।     उत्सव में प्रदेश के टेक्स्टाइल को शो-केस करते हुए फैशन-शो भी आयोजित।     पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल।     उत्सव में प्रदेश के लोक गीत और लोक नृत्यों का प्रस्तुतिकरण।  

एग्जाम में लापरवाही का बड़ा मामला: छात्रों को मिला गलत प्रश्नपत्र, घंटों बाद अधिकारियों की नींद टूटी

लुधियाना  पंजाब यूनिवर्सिटी की चल रही परीक्षाओं में स्थानीय एक कॉलेज में परीक्षा प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसका खामियाजा एक ही कमरे में बैठे लगभग 20 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बी.कॉम के स्टैटिस्टिक्स विषय की परीक्षा के दौरान इन छात्रों को बी.कॉम के बजाय बी.बी.ए. का प्रश्न पत्र दे दिया गया। प्रभावित विद्यार्थियों ने जानकारी दी कि परीक्षा कुल तीन कमरों में चल रही थी। कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती सुधारते हुए 2 कमरों में तो सही प्रश्नपत्र बंटवा दिए लेकिन तीसरे कमरे में बैठे करीब 20 विद्यार्थियों को पेपर बदलना प्रशासन भूल गया''। जब छात्रों ने शुरुआत में ही इन्विजिलेटर को टोकते हुए पेपर चैक करने को कहा, तो वहां मौजूद सुपरिंटैंडैंट ने यह तर्क देकर उन्हें चुप करा दिया कि इंगलिश के पेपर की तरह यह पेपर भी दोनों कक्षाओं का संयुक्त (कंबाइन) है। परीक्षा के बाद खुला राज सुपरिंटैंडैंट के आश्वासन पर इन 20 छात्रों ने बी.बी.ए. का पेपर ही हल कर दिया। करीब 3 घंटे बाद जब परीक्षा खत्म हुई और वे केंद्र से बाहर निकले तो अन्य छात्रों से चर्चा करने पर पता चला कि उनका प्रश्नपत्र बिल्कुल अलग था। यह जानकर छात्रों के होश उड़ गए कि केवल उनके कमरे में ही गलत पेपर बंटवाए गए थे। जब छात्रों ने दोबारा प्रशासन से संपर्क किया तो अपनी गलती मानने के बजाय अधिकारियों ने उलटा छात्रों को ही दोषी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि आपको पहले बताना चाहिए था जबकि छात्र परीक्षा शुरू होने पर 2 बार आपत्ति जता चुके थे। कॉलेज की तरफ से यह भी अजीबोगरीब तर्क दिया गया कि उनका पेपर अब बी.बी.ए. के हिसाब से ही चैक हो जाएगा।   पंजाब यूनिवर्सिटी से लगाई न्याय की गुहार इस घटना से परेशान छात्रों ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के परीक्षा कंट्रोलर को लिखित शिकायत ईमेल की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा केवल फीस या री-अपीयर का नहीं, बल्कि उनके भविष्य का है। उन्होंने मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जांच हो। बी.कॉम के सही सिलेबस के अनुसार मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।   “परीक्षा के दौरान हमने बार-बार बताया कि प्रश्न पत्र गलत है लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। 3 घंटे बाद पता चला कि हमारा ही पेपर गलत था। हमारी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो गए। अब अगर पेपर गलत मानकर जांचा गया, तो इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।”

राजधानी में बड़ा बदलाव: दिल्ली में अब 13 जिले, सरकार ने नए भू-प्रस्ताव को दी हरी झंडी

नई दिल्ली  दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। राजधानी में अब तक 11 राजस्व जिले थे, लेकिन सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत इन्हें बढ़ाकर 13 जिले कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस कदम से प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक तेजी से पहुंचेंगी और वर्षों से चला आ रहा विभागों के बीच तालमेल का संकट खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मसला कई सरकारों के दौरान लंबित रहा, लेकिन उनकी टीम ने इसे सिर्फ 10 महीनों में सुलझा दिया। उनका कहना है कि यह बदलाव राजधानी के लिए आवश्यक था क्योंकि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है और पुरानी व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था। नए 13 जिले और उनसे जुड़े सब-डिविजन सरकार द्वारा घोषित नए जिलों और उप-विभागों की सूची इस प्रकार है:      जंगपुरा     कालकाजी     बदरपुर Old Delhi (पुरानी दिल्ली)     सदर बाजार     चांदनी चौक North (उत्तर)     बुराड़ी     आदर्श नगर     बड़ली New Delhi (नई दिल्ली)     दिल्ली छावनी     नई दिल्ली Central (केंद्रीय दिल्ली)     पटेल नगर     करोल बाग Central North (केंद्रीय-उत्तर)     शकरपुर बस्ती     शालीमार बाग     मॉडल टाउन South West (दक्षिण-पश्चिम)     नजफगढ़     मटीयाला     द्वारका     बिजवासन Outer North (बाहरी उत्तर)     मुंडका     नरेला     बवाना North West (उत्तर-पश्चिम)     किराड़ी     नांगलोई जाट     रोहिणी North East (उत्तर-पूर्व)     करावल नगर     गोकुलपुरी     यमुना विहार     शाहदरा East (पूर्वी दिल्ली)     गांधी नगर     विश्वास नगर     पटपड़गंज South (दक्षिण)     छतरपुर     मालवीय नगर     देवली     महरौली West (पश्चिम)     विकासपुरी     जनकपुरी     राजौरी गार्डन सीमाएं अब एक जैसी होंगी—MCD, NDMC और कैंट बोर्ड का तालमेल सुधरेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक दिल्ली की सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि राजस्व जिलों की सीमाएं,     MCD     NDMC     दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमाओं से मेल नहीं खाती थीं। ऐसे में यह साफ नहीं होता था कि किसी शिकायत पर कार्रवाई कौन करेगा। फाइलें एक विभाग से दूसरे में घूमती रहती थीं, जिससे लोगों को समय पर सेवा नहीं मिलती थी। नई व्यवस्था में सभी सीमाएं एकसमान होंगी, जिससे भ्रम खत्म होगा और काम की रफ्तार बढ़ेगी। हर जिले में बनेगा मिनी सचिवालय सरकार के अनुसार, 13 जिलों के साथ अब कुल 39 सब-डिविजन होंगे। हर जिला मुख्यालय पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिसमें:    SDM कार्यालय     ADM     तहसील     सब-रजिस्ट्रार ऑफिस     राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही इमारत में उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। संपत्ति रजिस्ट्रेशन होगा आसान नए ढांचे के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ेगी और इन्हें सीधे सब-डिविजन से जोड़ा जाएगा। इससे:     मकानों और जमीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होगी     रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन बेहतर होगा     नागरिकों को दूर-दूर जाकर कागज जमा नहीं कराने होंगे सरकार का दावा: सेवाएं होंगी तेज, जवाबदेही होगी मजबूत दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम से:     विभागों में तालमेल बढ़ेगा     शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा     अधिकारियों पर कार्यभार संतुलित रहेगा     शहर की शहरी योजना और आपदा प्रबंधन बेहतर होगा     भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासन और नागरिकों के बीच दूरी कम होगी और सेवा वितरण पहले से अधिक सरल और विश्वसनीय बन जाएगा। 2012 के बाद सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में इससे पहले वर्ष 2012 में बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ था, जब जिलों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 की गई थी। लंबे समय से विशेषज्ञ और विभिन्न समितियां यह सुझाव दे रही थीं कि लगातार बढ़ती आबादी के चलते ज्यादा और छोटे जिलों की जरूरत है। अब 13 जिलों का यह नया मॉडल राजधानी की प्रशासनिक प्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।  

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़ने की तैयारी, सीएम डॉ मोहन ने दी जानकारी

सागर  मध्य प्रदेश के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जुलाई 2026 में चीते छोड़े जाएंगे। हाल ही में खजुराहो में हुई मोहन कैबिनेट पर यह फैसला लिया गया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया था कि रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीता पुनर्वास योजना में शामिल किया गया है। जिसके तहत आगामी वर्ष में यहां चीते लाये जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के अनुकूल बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिए गए है। बुंदेलखंड के विकास की दिशा में यह एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्र संरक्षण, पर्यटन विकास और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। चीता पुनर्वास योजना न केवल जैव विविधता को मजबूत करेगी बल्कि रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जो सागर, दमोह, छतरपुर और नरसिंहपुर जिले के हिस्सों में फैला है, अब देश के उन चुनिंदा वन क्षेत्रों में शामिल होने जा रहा है, जहां चीते पुनर्वास योजना लागू होगी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के DFO डॉ ए.ए अंसारी के अनुसार, रिजर्व क्षेत्र में चीता परियोजना के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसमें क्वारंटीन जोन, मॉनिटरिंग व्यवस्था, ट्रेकिंग सिस्टम और प्रशिक्षु टीम शामिल होगी। रोजगार और पर्यटन को इस परियोजना के लागू होने के बाद रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के लिए पर्यटन और गाइडिंग सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। होटल-रिसॉर्ट और अन्य सेवाओं में निवेश बढ़ने की संभावना के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर

सीएम योगी की प्रेरणा से कस्टम ज्वेलरी उद्यम ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी मीरजापुर जिले की महिलाओं ने सीखी मार्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी की बारीकियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च उठा रहीं ग्रामीण महिलाएं लखनऊ मीरजापुर जिले के पिपरवा गांव की 28 वर्षीय सुशीला देवी का जीवन कुछ साल पहले तक घरेलू जिम्मेदारियों और तंगी के बीच उलझा था। किसान परिवार में जन्मी सुशीला ने मुश्किलों के बावजूद इंटर तक पढ़ाई तो कर ली थी, लेकिन आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दिखता था। पति की निजी नौकरी से मिलने वाली सीमित कमाई में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य, सब कुछ एक ही आय पर टिका था। लेकिन हालात तब बदले, जब सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी सुशीला तक पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स संस्था की टीम उनके गांव तक पहुंची और महिलाओं को बताया कि वे भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। उनके भीतर क्षमता है। बस जरूरत है सही मार्गदर्शन की। धीरे-धीरे हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी एक सामूहिक बैठक में जब ज्वेलरी बनाने के प्रशिक्षण की बात चली, तो सुशीला ने झिझकते हुए शुरुआत की। परिवार की जिम्मेदारियों, कम संसाधनों और गांव में उनके भीतर कुछ नया सीखने की चाह हमेशा से थी। उन्होंने कस्टम ज्वेलरी बनाने का प्रशिक्षण लिया। फिर स्वयं सहायता समूह से 15,000 का ऋण लेकर छोटा सा उद्यम शुरू किया। धीरे-धीरे उनके हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और संस्था की टीम ने उन्हें खरीदारों से जोड़कर मार्केट लिंकिंग की कमी भी दूर कर दी। घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बनीं, बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सहयोग से अब सुशीला की आय बढ़कर 15,000 रुपए हो गई। उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया। कुछ ही महीनों में सुशीला का आत्मविश्वास बढ़ता गया। पहले जहां उनकी स्वयं की कोई आय नहीं थी, वहीं अब उनकी मासिक आमदनी 15,000 तक पहुंच चुकी है। आज गांव की अन्य महिलाएं उनके साथ काम कर रही हैं, जिससे उनके भी घरों का खर्च आसानी से चल रहा है। अपनी बढ़ती कमाई से ही सुशीला ने अपने बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला करवाया। अब वे घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बन गई हैं। सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं : सुशीला सुशीला कहती हैं, “पहले लगता था कि गांव की महिलाएं बस घर तक सीमित रहती हैं, लेकिन आज समझ आया कि सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं।” उनकी यह मुस्कान और हौसला गांव की कई और महिलाओं के सपनों को नया आकार दे रहा है। छोटे छोटे गांवों से स्वाभिमान और सफलता की कहानी गढ़ रहीं महिलाएं : दीपा रंजन ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि सुशीला और अन्य महिलाओं की कहानी उस बदलाव की गवाही है, जो सीएम योगी की महिला-केंद्रित विकास नीतियों ने ग्रामीण जीवन में लाया है।सुशीला आज गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं। ग्रामीण महिलाओं ने साबित कर दिया है कि एक छोटे से गांव से भी स्वाभिमान और सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।