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ब्यावर में खातेदारी भूमि विवाद का त्वरित समाधान, शिविर में निपटा जयसिंह का मामला

 ब्यावर  ब्यावर जिले की जवाजा पंचायत समिति के अतीतमण्ड निवासी जयसिंह पुत्र गोकुल सिंह खातेदारी भूमि का बंटवारा नहीं होने से परेशान था। उसे लोन लेने, उन्नत बीज, कृषि यंत्र अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए पहले साझेदारों के चक्कर काटने पड़ते, फिर पूरा लाभ भी नहीं मिल पाता। जमीन का मामला होने के कारण उसे धोखाधड़ी का भी डर था लेकिन विभिन्न कारणों से बंटवारा नहीं हो पा रहा था।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयसिंह जैसे लोगों के मन की मुराद सुनी और गत 12 जून से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर लगवाना शुरू किया। अतीतमण्ड में सेवा शिविर लगने की जानकारी मिलने पर जयसिंह शिविर में पहुंचा और शिविर प्रभारी को इस सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया। शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी ने तहसीलदार को प्रार्थी की खातेदारी भूमि का बंटवारा करके उनके समक्ष प्रकरण पेश करने का आदेश दिया। ब्यावर तहसीलदार ने हलका पटवारी व गिरदावर को बंटवारा करने के आदेश दिए। हलका पटवारी व गिरदार ने मौके पर जाकर बंटवारा प्रस्ताव तैयार कर शिविर में तहसीलदार ब्यावर को पेश किया जिसे तहसीलदार ने शिविर में स्वीकृत किया। यह पूरी प्रक्रिया 1 घंटे में हो गयी।  इस पर जयसिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि नेता भाषण देते हैं, आश्वासन देते हैं, हमारे मुख्यमंत्री पब्लिक के काम करते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हीरे जैसा मुख्यमंत्री हमको मिला है। भगवान मुख्यमंत्री जी पर स्वास्थ्य एवं दीर्घायु का आर्शीवाद बनाये रखें।  

मुख्यमंत्री सैनी की बैठक में 1468 करोड़ के 32 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई

 चंडीगढ़  हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी। रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

माफिया की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर एक्शन, 1.11 करोड़ की जमीन जब्त; इलाके में चस्पा हुआ नोटिस

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफियाओं और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया गया है. पुलिस ने कुख्यात माफिया दिलीप मिश्रा की अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई करोड़ों की जमीन को कुर्क कर लिया है. कार्रवाई के दौरान जमीन पर बाकायदा मुनादी कराई गई और कुर्की का नोटिस बोर्ड भी लगा दिया गया।  पुलिस का दावा है कि यह वही जमीन है, जिसे दिलीप मिश्रा ने अपराध की दुनिया से कमाए गए पैसों से खरीदा था. अब इसी जमीन पर पुलिस ने पहुंचकर मुनादी कराई, नोटिस चस्पा किया और कानूनी तौर पर उसे कुर्क कर लिया।  पूरा मामला प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के खीरी थाना इलाके के सिलौंधी कला गांव का है. यहां करीब 1 करोड़ 11 लाख 24 हजार रुपये कीमत की जमीन को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है।  पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलीप मिश्रा के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना के दौरान कई ऐसी संपत्तियों का पता चला, जिन्हें कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदा गया था. इनमें से एक यह जमीन भी थी।  जमीन सीधे दिलीप मिश्रा के नाम पर नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, यह संपत्ति उसकी भाभी पुष्पा मिश्रा और पुत्रवधू वीरा मिश्रा के नाम खरीदी गई थी. जांच के बाद पुलिस ने पूरी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर कोर्ट के सामने रखी. दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया।  आदेश मिलने के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को कुर्की की जानकारी दी और जमीन पर नोटिस बोर्ड लगा दिया. साथ ही कोर्ट के आदेश के अनुसार खीरी थाना प्रभारी को इस संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया है।  दिलीप मिश्रा का नाम प्रयागराज के चर्चित माफियाओं में गिना जाता है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वर्तमान में वह जेल में बंद है. दिलीप मिश्रा उस समय भी सुर्खियों में आया था जब उत्तर प्रदेश सरकार के वर्तमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए रिमोट कंट्रोल बम हमले के मामले में उसका नाम सामने आया था. इस मामले में भी वह आरोपी रहा है। 

जापान में दिखेगा भारत का टेनिस दम, झज्जर के सुमित नागल को मिली टीम की कप्तानी

झज्जर. जिले के गांव जैतपुर के होनहार खिलाड़ी और भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले सिंगल्स टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल आगामी 20वें एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस दल की अगुवाई करेंगे। अखिल भारतीय टेनिस संघ द्वारा घोषित की गई टीम में उन्हें पुरुषों की चुनौती का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दे कि 20वें एशियाई खेलों (ऐची-नागोया 2026) का भव्य आयोजन जापान में इस वर्ष 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष टेनिस टीम में सुमित नागल के साथ मानस धामने, दक्षिणेश्वर सुरेश, युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर जैसे दिग्गज खिलाड़ी देश के लिए कोर्ट पर उतरेंगे। पिता की प्रेरणा से क्रिकेट छोड़ थामा टेनिस का रैकेट 16 अगस्त 1997 को झज्जर में जन्मे सुमित नागल को बचपन में क्रिकेट का बेहद शौक था। हालांकि, उनके पिता सुरेश नागल, जो कि एक सेवा निवृत स्कूल शिक्षक हैं, चाहते थे कि सुमित किसी व्यक्तिगत खेल (इंडिविजुअल स्पोर्ट) में अपना करियर बनाएं। पिता की इसी प्रेरणा से सुमित ने महज 8 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया। सुमित ने वर्ष 2015 में जूनियर विंबलडन का बायज डबल्स खिताब जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचाया था। वह टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलिंपिक में भी भारतीय चुनौती का नेतृत्व कर चुके हैं। पिता सुरेश नागल ने जताई स्वर्ण पदक की उम्मीद सुमित नागल को भारतीय टीम की कमान मिलने की खबर से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सुमित के पिता सुरेश नागल ने इस गौरवपूर्ण क्षण पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "सुमित ने हमेशा अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। एक पिता के तौर पर मेरे लिए इससे बड़े गर्व की बात क्या होगी कि मेरा बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि वह जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएगा और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर झज्जर व पूरे देश का मान बढ़ाएगा।"

सड़कों पर उतरे नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी, सफाई अभियान और ट्रैफिक सुधार को लेकर दिए निर्देश

लुधियाना. नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी ने कार्यभार संभालते ही शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एक्शन मोड अपना लिया है। चार्ज संभालने के बाद लगातार दूसरे दिन भी वह शहर की सड़कों पर उतरे और विभिन्न इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कमिश्नर ने नगर निगम अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की थी। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, मानसून के दौरान जलभराव रोकने की तैयारियों, सीवरेज और पानी की निकासी सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इसके बाद मंगलवार को कमिश्नर ओजस्वी ने शहर के अंदरूनी मोहल्लों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं पंजाब सरकार की 'मिशन क्लीन' मुहिम के तहत बुधवार को भी उन्होंने फील्ड में उतरकर बुड्ढा नाला और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों को बुड्ढा नाले के किनारों को पक्का करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के दौरान कटाव और अन्य समस्याओं से बचा जा सके। इसके अलावा उन्होंने पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता, मोटरों और जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, जिससे भारी बारिश की स्थिति में जल निकासी प्रभावित न हो। कमिश्नर ने ढोका मोहल्ला का भी दौरा कर स्थानीय समस्याओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

दिल्ली से रायपुर आ रही एअर इंडिया फ्लाइट बर्ड हिट का शिकार, एयरपोर्ट पर हड़कंप

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बेहद डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से आ रही एअर इंडिया की एक पैसेंजर फ्लाइट लैंडिंग के वक्त अचानक ‘बर्ड हिट’ (पक्षी से टकराने) का शिकार हो गई। विमान के लैंड करते ही जैसे ही यह खबर फैली, एयरपोर्ट अमले में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और किस्मत के सहारे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। लैंडिंग से ठीक 7 मिनट पहले हुआ ‘बर्ड हिट’, थम गई थीं सांसें जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की यह फ्लाइट बुधवार सुबह अपने निर्धारित समय 8:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान हवा से जमीन की तरफ बढ़ रहा था और सुबह करीब 8:08 बजे जैसे ही उसने रायपुर एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग की, ठीक उसी नाजुक वक्त पर एक पक्षी विमान से आ टकराया। विमानन क्षेत्र में लैंडिंग और टेकऑफ के समय बर्ड हिट को बेहद खतरनाक माना जाता है। बर्ड हिट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और एअर इंडिया का प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को रोककर उसका विस्तृत तकनीकी परीक्षण (इंजीनियरिंग चेक) शुरू कराया गया। ढाई घंटे तक चला हाई-लेवल निरीक्षण, यात्रियों की अटकी रही जान शेड्यूल के मुताबिक, इसी विमान को रायपुर से वापस यात्रियों को लेकर सुबह 8:55 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और पूरी टेक्निकल क्लीयरेंस मिलने तक फ्लाइट को रनवे पर ही रोक दिया गया। एअर इंडिया के इंजीनियरों की टीम ने करीब ढाई घंटे तक विमान के इंजन, विंग्स और अन्य संवेदनशील हिस्सों की बेहद बारीकी से जांच की। ढाई घंटे के कड़े निरीक्षण के बाद जब इंजीनियरों ने विमान को उड़ान के लिए पूरी तरह ‘फिट’ घोषित किया, तब कहीं जाकर प्रबंधन ने राहत की सांस ली। इसके बाद यह फ्लाइट सुबह करीब 11:35 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। इस पूरी प्रक्रिया के कारण विमान का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को कई घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। बेहद गंभीर माना जाता है ‘बर्ड हिट’, जांच पूरी होने के बाद मिली हरी झंडी एयरपोर्ट से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) में बर्ड हिट की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि कई बार पक्षी के इंजन में खिंचे चले जाने से इंजन फेल होने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में जरा सी भी लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। यही वजह है कि एअर इंडिया ने बिना कोई चांस लिए विमान के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की गहन जांच की। फिलहाल, गहन पड़ताल और क्लीयरेंस के बाद विमान को सुरक्षित संचालन की अनुमति दे दी गई। इस घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बर्ड रिपेलेंट (पक्षियों को भगाने वाली) व्यवस्थाओं को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर MP में विशेष आयोजन, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर होंगे कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि सरगुजा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन  रायपुर,  21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।          जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।           विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

बिहार की राजधानी को मिलेगा नया नाम! पटना बनेगा पाटलिपुत्र, CM सम्राट चौधरी की घोषणा

पटना  बिहार की राजधानी पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ये ऐलान किया. उन्होंने सहयोग शिविर के दौरान फुलवारी शरीफ के नदियावां में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. बता दें कि ये कोई नया नाम नहीं है बल्कि राजधानी का प्राचीन नाम है. पटना एक बार फिर अपने प्राचीन नाम पाटलिपुत्र से जाना जाएगा. एनडीए शासित कई राज्यों में जगहों के नाम बदले जा चुके हैं. अब बिहार की राजधानी पटना को भी नई पहचान मिल गई है. हालांकि ये नाम पुराना है जो फिर से पटना को मिल गया है।  सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र के नाम से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये ये मगध की राजधानी था और इसका नाम पाटलिपुत्र था. इसका नाम बदल देना चाहिए.उन्होंने कहा कि मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है और उसका नाम भी पाटलिपुत्र रखने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अब किसी को दिक्कत नहीं होगी।   उन्‍होंने कहा कि अपराध‍ियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उन्‍हें नेपाल ही भागना होगा, क्‍योंक‍ि यूपी में योगी बाबा, पश्‍च‍िम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी दादा और बिहार में सम्राट बैठा है।   इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पटना की परिकल्पना पर काम कर रही है और इसकी पहचान भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से स्थापित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह नगर विकास मंत्री थे, तब पटना के कई इलाकों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या थी। पानी निकालने में काफी मुश्क‍िल होती थी।  विशेष रूप से कंकड़बाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी इसे एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप कहा जाता था, लेकिन समय के साथ वहां बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां बढ़ गईं। बड़े पटना की परिकल्‍पना, पाटल‍िपुत्रा होगा नाम  अब सरकार नए और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, ताकि राजधानी का स्वरूप बदले और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिले। उन्होंने कहा कि बड़े पटना की जो अवधारणा तैयार की गई है, उसका नाम पाटलिपुत्र रखा गया है। उनका मानना है कि राजधानी की पहचान केवल वर्तमान शहर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी सामने लाना चाहिए। किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट में ऐसे प्रस्ताव लाएगी, जिनसे किसानों को वर्तमान से अधिक मुआवजा मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार फैसले ले रही है। विपदा और शादी-विवाह में भी मिलेगी तत्काल सहायता सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन परिवारों के सामने अचानक कोई संकट, आपदा या शादी-विवाह जैसी जरूरतें आती हैं, उनकी मदद के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि किसी परिवार को कठिन परिस्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्योग और टाउनशिप से बदलेगी आर्थिक तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना और उद्योगों का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनका कहना था कि नए टाउनशिप विकसित होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। बजट वृद्धि का किया उल्लेख अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार सदन में पहुंचे थे, तब बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था। 2024-25 का बजट प्रस्‍तुत करते समय सीना 56 इंच का हो गया। उस दिन एक घंटा पहले पेश झारखंड का बजट 1 लाख 40 हजार करोड़ भी नहीं था। बिहार का बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे बिहार की विकास यात्रा का प्रमाण बताते हुए कहा कि राज्य लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। भोजपुर से जुड़े हालिया मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में कानून से खिलवाड़ करनेवालों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा, निवेश और जनकल्याण को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है और आने वाले वर्षों में राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।  

बिहार में मौसम बिगड़ा, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

पटना मौसम विभाग ने बिहार के 4 जिलों में बुधवार शाम तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बेगूसराय, मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिले में आंधी और वज्रपात के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं। वहीं, कुछ अन्य जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इनमें खगड़िया, बांका, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी और सीतामढ़ी जिले शामिल हैं। इन जिलों में भी 17 जून शाम तक मौसम बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है, इसलिए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई। पटना, नालंदा एवं शेखपुरा जिले में एक-दो जगहों पर भी आंधी-बारिश की संभावना है। मुजफ्फरपुर में दोपहर को झमाझम मुजफ्फरपुर में बुधवार दोपहर अचानक से मौमस के रूख में बदलाव आया। अचानक से काले बादल आसमान में छा गए। करीब एक बजे के आस पास झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे तेज उमस वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में मॉनसून एक्टिव हो गया है। हालांकि, फिलहाल मॉनसूनी बारिश की मात्रा थोड़ी कम रहेगी। वहीं उमस वाली गर्मी की अधिकता बनी रह सकती है। दक्षिण बिहार में हीटवेव अलर्ट दूसरी ओर, मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। बुधवार को भोजपुर, बक्सर, अरवल, कैमूर, जहानाबाद और रोहतास जिले में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद गुरुवार को भी कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में लू का अलर्ट है। बिहार में कमजोर मॉनसून पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 3-4 दिनों तक राज्य में मॉनसून के कमजोर रहने की ही आशंका है। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। मॉनसून पिछले 3-4 दिनों से मुजफ्फरपुर के पास अटका हुआ है। इसकी उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और जमुई से होकर गुजर रही है। बिहार में इस साल मॉनसून निर्धारित समय से दो दिन पहले ही पहुंच गया था। राज्य में प्रवेश 24 घंटे के भीतर ही इसने आधे बिहार को कवर भी कर लिया था। मगर मुजफ्फरपुर के करीब आकर मॉनसून की गति रुक गई। इसका प्रभाव भी बहुत कमजोर हो गया। फिलहाल दक्षिण और पश्चिम बिहार के लोगों को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है। फिलहाल इसके आगे बढ़ने के लिए स्थिति प्रतिकूल नहीं नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के भीतर रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, गयाजी, वैशाली और किशनगंज जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान नजर आए। राज्य का सर्वाधिक तापमान मंगलवार को 42.2 डिग्री सेल्सियस कैमूर में दर्ज हुआ। शेखपुरा, बक्सर और कैमूर में हीटवेव की स्थिति दर्ज हुई।

930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, योगी बोले—2017 से पहले यूपी में अराजकता का माहौल था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त हुए युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र बांटा। इस मौके पर यूपी पुलिस में किए गए रिफार्म के बारे में खुलकर बात की। 2017 के पहले और अब हुए बदलावों पर चर्चा की। पुलिस कमिश्नरेट के फायदे गिनाएं और इस व्यवस्था पर ऊंगली उठाने वालों पर निशाना साधा। यहां तक कहा कि आईपीएस को आईएएस ऐसा दबाते थे कि फाइलें बंद हो जाएं तो खुलती नहीं थीं। हंसते हुए कहा कि यमराज भी आ जाएं तो फाइलें नहीं मिल पाती थीं। दरअसल पुलिस कमिश्नरेट बनने से आईएएस अधिकारियों के पास से तमाम अधिकार आईपीएस अफसरों के पास चले गए हैं। यूपी में जब पुलिस कमिश्नरेट बनना शुरू हुआ तो आईएएस एसोसिएशन ने सबसे पहले फैसले का विरोध किया था। सीएम योगी इसी की चर्चा कर रहे थे। योगी ने कहा कि कमिश्नरेट सिस्टम 1972 से चला आ रहा है लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत कोई नहीं ले पा रहे था। आईपीएस को आईएएस ऐसा दबाते थे कि एक बार फाइल बंद हो जाए तो खुलती ही नहीं थी। यमराज भी आ जाएं तो फाइल नहीं खुल पाती थी। पता नहीं कहां वो फाइल पड़ी रहती थी। हमने हिम्मत दिखाई और सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पुलिस रिफार्म का ही पार्ट है। जिन्हें पुलिस रिफार्म की जानकारी नहीं है वह पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पर उंगली उठाते हैं। जिन्हें पुलिसिंग की जानकारी नहीं वह इस सिस्टम का विरोध करते हैं। विरोध करने वाले वह लोग हैं जिन्हें सुविधाओं की जानकारी ही नहीं है। जब आप कोई कदम उठाएंगे तो आलोचना होगी। 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र देने के बाद उन्हें संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी। प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। हर उत्सव से पहले उपद्रव होने लगते थे। मुरादाबाद में डीआईजी स्तर के अधिकारी को घेरकर मारा था। उपद्रवी उन्हें मरा हुआ समझकर चले गए थे। जब आईपीएस स्तर का पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो कैसे अनुमान कर सकते हैं कि एक सामान्य नागरिक, एक महिला, एक बेटी, एक व्यापारी सुरक्षित रहता होगा। यूपी जैसे राज्य के लिए सुशासन की लोगों ने कल्पना करना बंद कर दिया था। लोगों को लगता था कि सुधार नहीं हो सकता है। डीआईजी पर हमला करने वाले अपराधियों को बचाने के लिए तमाम राजनीतिक दबाव पड़ रहे थे। उन सभी लोगों को कुछ समय पहले सजा हुई है। ऐसी सजा हुई कि आने वाली पीढ़िया अपराध भूल जाएंगी। आज सबसे ऊंची बिल्डिंग में पुलिस बैरक सीएम योगी ने कहा कि हमने इंफ्रास्ट्रचर विकसित किया है। जिन पुलिस वालों के भरोसे हम लोग सुरक्षा की गारंटी देना चाहते हैं, उनका ही कुछ ठिकाना नहीं था। टूटे हुए बैरक में पुलिस वालों को रहना पड़ता था। आज आप देखिए 56 जिले ऐसे हैं जहां सबसे ऊंची कोई बिल्डिंग है तो वह पुलिस की बैरक होगी। यूपी में अब पुलिस सबसे टॉप पर चल रही है। यह बताता है कि प्रदेश अब दौड़ रहा है। पहले पुलिस की भर्ती होती थी तो ट्रेनिंग के लिए मिलिट्री, पैरा मिलिट्री और दूसरे राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेना होता था। अब अपने यहां ही ट्रेनिंग हो रही है। अब यूपी में ही होती है पुलिस की ट्रेनिंग 2017 में हमने सबसे पहले पुलिस की रिक्तियां मंगाई। पता चला कि लाखों पद खाली हैं। पूछा क्यों खाली हैं तो पता चला कि कोर्ट में मामला फंसा है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फंसा हुआ था। कोर्ट से आदेश लिया गया और भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसके बाद ट्रेनिंग की क्षमता बढ़ाई गई। 60 हजार की भर्ती के बाद ट्रेनिंग भी अब यूपी में ही कराई गई है। पहले 17 हजार की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी, इसे 60 हजार की हो गई है। यह स्पीड है, इसी स्पीड से चलेंगे तो परिणाम आएगा। अब कोई सिफारिश नहीं, कोई भेदभाव नहीं 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र देते हुए सीएम योगी ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस आरक्षी के लिए परीक्षा संपन्न हुई है। उससे पहले होमगार्ड्स के लिए परीक्षा हुई। उससे पहले सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। कोई सिफारिश नहीं, कोई भेदभाव नहीं हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि 75 जिलों और 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य में केवल चार फारेंसिंक लैब थे। अब 25 लैब हमारे पास हैं। हर जनपद में मोबाइल फोरेंसिंक लैब भी मौजूद है। साइबर पुलिस का एक थाना था, आज सभी जिलों में साइबर थाना है और हर थाने में साइबर डेस्क है। यह सब प्रयास करने से होता है। यूपी पुलिस ने समय का प्रयोग किया। आज यूपी पुलिस पर कोई ऊंगली नहीं उठा सकता है। नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी में नौकरी नहीं थी। यूपी के बाहर जाने पर पहचान का संकट था। बोल ही नहीं सकते थे कि यूपी का रहने वाला हूं। अब बाहर भी जाने पर कोई मना नहीं कर सकता है। लोगों का नजरिया बदल गया है। नौ साल में नौ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरी दी गई है। प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उसके पीछे सुरक्षा ही है। आज 32 हजार बड़े कारखाने हैं और 96 लाख एमएसएमई हैं। यूपी के युवा को यूपी में रोजगार मिल रहा है। अब दंगा नहीं होता, कर्फ्यू नहीं लगता है।