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RSS की विचारधारा से प्रभावित हुए अवध ओझा, कहा—अन्य पार्टियों में चिंतन की जगह चापलूसी

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी छोड़ने के साथ और राजनीति से संन्यास की घोषणा करने वाले मशहूर कोचिंग गुरु अवध ओझा ने भाजपा और दूसरे दलों में एक अंतर बताते हुए कहा है कि जब तक ऐसा है उसे कोई हरा नहीं पाएगा। उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा कि उसके विद्वान किसी नेता की जी हुजूरी नहीं करते हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दूसरी पार्टियों में चिंतक ही चाटुकार हैं।   पिछले साल दिसंबर में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा ने ठीक एक साल बाद मंगलवार को आम आदमी पार्टी के साथ ही राजनीति छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को महान नेता बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि राजनीति छोड़ने का उनका फैसला व्यक्तिगत है। हालांकि, आप के कुछ नेताओं-कार्यकर्ताओं ने अवध ओझा के इस फैसले पर नाराजगी भी जाहिर की। इस बीच अवध ओझा ने आरएएसएस को भाजपा का सलाहकार परिवार बताते हुए कहा कि उनके विद्वानों को पद और पैसे का कोई लालच नहीं है। ओझा कहा कि दूसरे दलों में चिंतक चाटुकार हैं और बॉस को भी यही पसंद होता है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी का एक सलाहकार परिवार है-RSS, जिसके विद्वान किसी नेता की जी हुजूरी नहीं करते क्योंकि उन्हें पद और पैसे का कोई लालच नहीं। बाकी पार्टियों में चिंतक ही चाटुकार है, नहीं तो बॉस भगा देंगे। जबतक ये चलेगा बीजेपी को कोई हरा नहीं पाएगा। जय हिंद।’ बाकी दल एक पैर के सहारे: अवध ओझा कुछ दिन पहले भी अवध ओझा ने भाजपा की सफलता के पीछे आरएसएस को असली वजह बताते हुए कहा था कि राजनीतिक दलों के दो संगठन होने चाहिए, एक जो राजनीति करे और दूसरा सामाजिक काम। उन्होंने एक्स पर लिखा था,'राजनीतिक दलों के पास दो दल अनिवार्य होते हैं, राजनीतिक पार्टी, सामाजिक संगठन। उदाहरण बीजेपी और आरएसएस। दोनों एक दूसरे के क्षेत्र में दखल नहीं करते, बीजेपी पांच साल राजनीति करेगी, आरएसएस समाज से जुड़ा रहेगा और यही उसकी ताकत है। भारत के बाकी दल अपंग है सिर्फ एक पैर के सहारे हैं।'  

लाइसेंस अनिवार्यता से दरगाह में उठी हलचल, सरवर चिश्ती ने किया विरोध

अजमेर अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करवाने वाले खादिमों के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य करने के दरगाह कमेटी के निर्णय ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्र सरकार और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू की जा रही इस नई व्यवस्था के खिलाफ अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए साफ कहा है कि खादिम समाज इस आदेश को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। बता दें कि दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने 1 दिसंबर को विज्ञापन जारी कर जियारत कराने के लिए लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 जनवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। नाजिम का कहना है कि यह कदम पूरी तरह नियमों, कोर्ट निर्देशों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप है, जिससे किसी के हित प्रभावित नहीं होंगे। लेकिन आदेश के जारी होते ही दरगाह में विरोध की लहर दौड़ गई। आदेश के विरोध में आयोजित बैठक में सैयद सरवर चिश्ती ने नाजिम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नाजिम की नियुक्ति ही अवैध है और दरगाह कमेटी का अस्तित्व भी संदेह के घेरे में है। ये तुगलकी फरमान नहीं चलेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नाजिम ने बिना चर्चा और संवाद के आदेश लागू कर खादिम समुदाय को अपमानित करने की कोशिश की है। सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि एक्ट में यह स्पष्ट प्रावधान है कि गरीब खादिमों के लिए मेंटेनेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, लेकिन दरगाह कमेटी इस दिशा में कुछ नहीं करती। चाबियों का रजिस्टर एक साल से गायब है और यहां दादागिरी की जा रही है,” उन्होंने कहा। चेतावनी देते हुए बोल कि आज हमारी बैठक में कुछ लोग ही आए, लेकिन यदि हमने आवाज दी तो 10 हजार खादिम दरगाह में भर जाएंगे। हमारे लाखों अनुयायी हैं, हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझा जाए।” सरवर चिश्ती ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल उर्स से पहले जानबूझकर ऐसे आदेश जारी किए जाते हैं ताकि व्यवस्थाओं में बाधा उत्पन्न हो। “उर्स करीब है और अब नया बखेड़ा खड़ा कर दिया गया है। खादिम समुदाय कमजोर नहीं है। हमें हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। दूसरी ओर कलेक्टर लोकबंधु, एसपी वंदिता राणा व अन्य अधिकारियों ने उर्स व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान चिश्ती की शिकायतें भी सुनीं। चिश्ती ने प्रशासन के सामने नाजिम पर कार्रवाई की मांग रखते हुए कहा कि दरगाह कमेटी मनमर्जी चलाने की कोशिश कर रही है, जबकि मंत्रालय से लेकर नियमों तक कहीं भी ऐसे आदेश का सीधा उल्लेख नहीं है। दरगाह में लाइसेंस व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ यह विवाद उर्स से पहले बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना होगा कि प्रशासन इस तनातनी को कैसे सुलझाता है और क्या खादिमों की आपत्तियों को ध्यान में रखकर कोई नई पहल की जाती है।

IWL के नाम से फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का खुलासा, 226 करोड़ के टेंडर में धोखाधड़ी पर EOW का केस

जबलपुर जबलपुर स्थित एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी से ठेका प्राप्त करने के लिए कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 226 करोड़ रुपये के ठेके हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच के बाद EOW ने संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। EOW से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालकगण द्वारा वर्ष 2016 से 2020 तक फर्जी दस्तावेज़ पेश कर ठेके प्राप्त करने की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि एमपी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के कुल 20 ठेके प्राप्त किए गए थे, जिनमें से तीन ठेकों के लिए कंपनी ने नोएडा स्थित एक कंपनी के परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट से लिया था 226 करोड़ का काम जानकारी के मुताबिक हाथीताल निवासी कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक कैलाश शुक्ला ने अपने परिवारजनों के साथ मिलकर नोएडा की इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के नाम से कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट तैयार करवाया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों और 220 केवी सब स्टेशन के निर्माण के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से 226 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर लिए। EOW की जांच में खुलासा शिकायत मिलने पर एसपी EOW अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड ने ऐसा कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया था। EOW की टीम फिर नोएडा स्थित कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंची, जहां से स्पष्ट रूप से बताया गया कि उनके द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। इन टेंडरों में किया गया था फर्जीवाड़ा कंपनी ने 2 मार्च 2017 को कूटरचित सर्टिफिकेट लगाकर पावर ट्रांसमिशन कंपनी से टीआर-36/16, टीआर-13/20 और टीआर-35/20 के टेंडर प्राप्त किए थे। सभी टेंडर उच्च क्षमता के सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण से जुड़े थे। कंपनी संचालकों पर FIR दर्ज जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर EOW ने कैलाश कुमार शुक्ला प्रबंध संचालक देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सीमा शुक्ला और भानू शुक्ला डायरेक्टर के खिलाफ धारा 34, 420, 465, 468, 471, 120-बी के तहत अपराध क्रमांक 156/2025 पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। 226 करोड़ का घोटाला यह 226 करोड़ का घोटाला है। EOW आगे वित्तीय लेन-देन एवं फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने की साजिश का भी पता लगा रही है। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा व ट्रांसमिशन क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है। इनॉक्स विंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड, नोएडा ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने ठेके प्राप्त करने के लिए कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। हाईटेंशन लाइन व सब-स्टेशन बनाती है कंपनी प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कंपनी हाईटेंशन लाइनों और सब-स्टेशनों का निर्माण करती है। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का उपयोग करके कंपनी ने 220 केवी के सब-स्टेशन निर्माण सहित दो अन्य ठेके प्राप्त किए थे। तीनों ठेकों की कुल राशि 226 करोड़ रुपये थी, जो निर्धारित दरों से कम पर हासिल किए गए थे। EOW ने जांच के बाद कैलाश कुमार शुक्ला (प्रबंध संचालक, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्रा. लि.), सीमा शुक्ला (डायरेक्टर) और भानू शुक्ला (डायरेक्टर), निवासी हाथीताल कॉलोनी, को आरोपी बनाया है। 

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में ठंड बढ़ने की संभावना

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार करवट ले रहा हैं. फिल्हाल इसे प्रभावित करने वाला दितवाह तूफान का असर अवदाब के बाद कमजोर हो कर निम्न दबाव क्षेत्र में तबदील हो गया है. दो दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है. पारा एक से तीन डिग्री तक लुढ़केगा. अभी सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान अपनी सामान्य स्थिति से नीचे नहीं है. अब राज्य में आने वाली हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में पुनः गिरावट का दौर शुरू होने के आसार हैं. अनुमान है कि गुरुवार की रात से पारा सामान्य से नीचे जाएगा, जिससे ठंड का बढ़ता प्रभाव महसूस होगा. पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे कम पारा 9.5 दुर्ग और सबसे अधिक 30.2 दुर्ग का दर्ज किया गया. अगले चौबीस घंटे में इसमें बदलाव आने की उम्मीद कम है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह कोहरा रहने के बाद आकाश मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

दिसंबर में बीसलपुर बांध गेट खुले, 22 साल में बना कीर्तिमान, तीन शहरों में जलभराव

टोंक राजस्थान की राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन ने दिसंबर महीने की शुरूआत में वो कर दिया जो शायद अब तक प्रदेश के किसी भी बड़े बांध ने नहीं किया होगा। बीसलपुर डैम ने इस साल सोमवार को एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया हैं जो अब तक कभी नहीं बना। यह रिकॉर्ड है पहली बार दिसंबर माह में भी बांध का गेट खुला रहने का है। इसी के साथ इस साल 7 रिकॉर्ड बन गए हैं। इस साल बांध से इतना पानी छोड़ा गया है, जिससे डैम 3 बार से ज्यादा भर सकता था। इस सीजन में 140.581 टीएमसी पानी निकासी बनास नदी में की जा चुकी है। जबकि इससे पहले 2016 में डेढ़ महीने में 134.238 टीएमसी पानी की निकासी की गई थी। बांध अभी भी लबालब भरा हुआ है। बताया जा रहा है बारिश नहीं हुई तो भी तीन साल तक टोंक, अजमेर और जयपुर की करीब एक करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए पेयजल सप्लाई हो सकेगी। 22 साल के इतिहास में पहली बार 131 दिन निकासी करीब 22 साल पहले बना ये डैम जयपुर, टोंक, अजमेर जैसे जिलों की लाइफलाइन है। इसका भरा रहना, इन जिलों के लोगों के लिए अच्छा है। खास बात यह है कि अभी भी बांध से पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार को पानी निकासी का 131वां दिन रहा। यह भी पहली बार है जब इतने दिन बांधी से पानी छोड़ा गया है। लबालब है बीसलपुर बांध बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर भरा हुआ है। अभी भी एक गेट को 10 मीटर खोलकर प्रति सेकेंड 601 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश बैरवा ने बताया कि इस साल अब तक 22 साल के बांध के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा पानी निकासी 140 टीएमसी से ज्यादा हो चुकी है और अभी भी पानी निकासी जारी है। साल 2019 में 64 दिन खुले थे गेट इस साल बीसलपुर बांध लबालब होने पर 24 जुलाई को बांध का एक गेट खोला था। फिर पानी बढ़ा तो कुछ दिन बाद अधिकतम 8 गेट इस साल खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक कम होने बांध का एकमात्र गेट खोलकर रखा गया, जिसे 90 दिन बाद 21 अक्तूबर को बंद किया था। इसी के साथ बीसलपुर बांध ने लगातार सबसे अधिक 90 दिन पानी निकासी का रिकॉर्ड बनाया था। वह भी टूट गया है। तेज बारिश से बढ़ी आवक, फिर खुले गेट अक्तूबर महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश होने से बांध में फिर से पानी की आवक बढ़ गई थी। इसके चलते पहली बार बांध के अक्तूबर माह के लास्ट वीक में 28 अक्तूबर को दोपहर को बांध का फिर एक गेट खोला गया। जबकि आखिरी गेट को 21 अक्तूबर को बंद कर दिया था। करीब सप्ताह भर बाद ही फिर एक गेट खोल दिया गया। बीसलपुर बांध परियोजना के एक्सईएन मनीष बंसल और जेईएन दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक है। पानी की आवक के अनुसार बांध के लेवल को मेंटेन करते हुए निकासी की जा रही है। किस साल कितना पानी बनास नदी में छोड़ा बीसलपुर बांध के गेट अब तक 8 बार खोले जा चुके हैं। पहली बार इसमें 2004 में पानी रोका गया था।उस साल 26.18 टीएमसी पानी निकासी की गई थी। इसी तरह फिर 2006 में 43.25 टीएमसी, 2014 में 11.202 टीएमसी, 2016 में 134.238 टीएमसी, 2019 में 93.605 टीएमसी, 2022 में 13.246 टीएमसी, 2024 में 31.433 टीएमसी और इस साल 135 टीएमसी से ज्यादा पानी की निकासी बनास नदी में की गई है। बांध का कितना पानी किसके लिए आरक्षित बीसलपुर बांध प्रोजेक्ट के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी, पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है। बीसलपुर बांध के 18 गेट हैं जो 15 गुणा 14 मीटर की साइज के हैं। बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से ऊंचाई 322.50 मीटर है। बांध की कुल जल भराव में 68 गांव डूब चुके हैं। इसमें 25 गांव पूर्ण रूप से व 43 गांव आंशिक रूप से डूब क्षेत्र में आते हैं। बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किलोमीटर है जिसमें कुल 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है। 83 हजार हेक्टेयर में होती बांध की नहरों से सिंचाई बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था। टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की 2 मुख्य नहरें हैं। एक नहर की कुल लंबाई 51.70 किलोमीटर व दूसरी की 18.65 किलोमीटर है। जिनसे जिले की करीब 83 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। मुख्य नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व दूसरी से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।

संजय सिंह का बड़ा आरोप: ‘मुख्य चोर आयुक्त’ बने ज्ञानेश कुमार, दिल्ली हार से भड़के बयान

नई दिल्ली दिल्ली में एमसीडी की 12 सीटों पर हुए उपचुनाव में महज तीन सीटें जीतने में कामयाब रही आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि अशोक विहार सीट पर उसके उम्मीदवार की जीत हो गई थी और दोबारा काउंटिंग में भाजपा को विजेता घोषित कर दिया गया। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पर भड़कते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'मुख्य चोर आयुक्त' कह डाला है।   संजय सिंह ने आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ' BJP वोट चोर है मोदी उनका सरगना है। ज्ञानेश कुमार ‘मुख्य चोर आयुक्त’। इससे पहले भी संजय सिंह मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई बार हमलावर रहे हैं और उन्हें अज्ञानेश कुमार भी कह चुके हैं। सौरभ भारद्वाज ने अशोक विहार सीट पर आप की हार के बाद गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, 'अशोक विहार सीट – आम आदमी पार्टी जीती , ये वेबसाइट पर रिजल्ट है, अब कह रहे हैं रिकाउंटिंग में भाजपा जीत गई। ऐसे कैसे हो सकता है? दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने जनादेश चोरी का आरोप लगाते हुए कहा, 'अशोक विहार वार्ड में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़? वेबसाइट पर साफ लिखा था, आम आदमी पार्टी जीती। लेकिन अब अचानक “रिकाउंटिंग” के नाम पर नतीजे पलट दिए गए! भाजपा दिल्ली की जनता का जनादेश चुराने की हर कोशिश कर रही है।' एमसीडी के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सात, आम आदमी पार्टी (आप) ने तीन, जबकि कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी एक-एक वार्ड पर जीत दर्ज की। ये नगर निकाय उपचुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे थे क्योंकि इस साल फरवरी में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद यह उसकी पहली बड़ी चुनावी लड़ाई है। उपचुनाव के लिए 30 नवंबर को जिन 12 वार्ड में मतदान हुआ था, उनमें से नौ पर पहले भाजपा और बाकी पर आप पर कब्जा था।  

सतना में लोकायुक्त ने CGST निरीक्षक को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

सतना में निरीक्षक 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सतना  सतना में लोकायुक्त रीवा की टीम ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के अनुसार निरीक्षक द्वारा सतना में स्थित श्री कैलाशराज ट्रैक्टर्स फर्म के ई-वे बिल पर पेनल्टी न लगाने और फर्म पर छापामार कार्रवाई से राहत देने के एवज में 60 हजार रुपए की अवैध मांग की जा रही थी!शिकायतकर्ता 33 वर्षीय वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी राजेंद्र नगर, गली नंबर 10, सतना ने 29 नवंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन प्रस्तुत कर इस रिश्वत मांग की लिखित शिकायत की थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने गोपनीय सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसके दौरान निरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया।सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद 3 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकायुक्त की विशेष टीम गठित की गई और ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 20,000 रुपए की ट्रैप मनी उपलब्ध कराई गई और उसे तय संकेतों के साथ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग, प्रभाग सतना के कार्यालय भेजा गया, जहां निरीक्षक कुमार सौरभ ने कथित रिश्वत की यह पहली किस्त स्वीकार की।शिकायतकर्ता से रकम लेते ही जैसे ही पूर्व निर्धारित संकेत मिला, लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में दबिश दी और निरीक्षक को 20 हजार रुपए की राशि सहित रंगे हाथ पकड़ लिया। ट्रैप राशि मौके से बरामद कर ली गई और आरोपी निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सीधे लोकायुक्त रीवा से भी की जा सकती हैं, जिसके लिए मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

JMM और BJP ने CM हेमंत पर सियासी कयासों को किया खारिज, बयानबाज़ी में बढ़ी तल्खी

रांची झारखंड में जेएमएम और एनडीए गठबंधन के आपस में मिलने की अटकलें तेज हैं। झारखंड में कोई बड़ा राजनीतिक खेला होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, इन अटकलों पर झामुमो महासचिव विनोद पांडेय और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विराम लगा दिया है। भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है। इस बार भी वह यही कर रही है, लेकिन झामुमो के तीन शब्दों 'झारखंड झुकेगा नहीं' मात्र से न सिर्फ अफवाहों पर विराम लग गया, बल्कि भाजपा को सशक्त संदेश भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब देख और समझ रही है। भाजपा को जनादेश का अपमान करने से बाज आना चाहिए और सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। इसके बाद झामुमो यूथ विंग ने भी पोस्ट करते हुए कहा 'हेमंत सोरेन नाम ही काफी है। संघर्ष से सीखा है, सेवा से जीता है और न्याय के लिए लड़ना आता है।' भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं वहीं, इन अटकलों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं। दोनों का मेल कभी नहीं हो सकता। भविष्य में साथ आने की कोई संभावना नहीं है। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार तुष्टिकरण करती है।  

उज्जैन में मानव तस्करी रैकेट बेनकाब: सरगुजा की दो युवतियों को ले जाकर बेचा, पुलिस ने एक को छुड़ाया

अंबिकापुर सरगुजा की दो लड़कियों को मानव तस्करों ने उज्जैन ले जाकर बेचने का मामला सामने आया है. मोटी तनख्वाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेची गई दो युवतियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है. जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र की बेची गई युवती को एक हफ्ते तक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की ने शोर मचाया तो उज्जैन पुलिस ने उसे छुड़ाया. सूचना पर उज्जैन पहुंचे परिजनों को पुलिस ने युवती को सौंपा. वहीं लापता दूसरी लड़की को बेचकर खरीदार से शादी कराने की शिकायत परिजनों ने पुलिस से की है. बताया जा रहा है कि आरोपी लड़की को अंबिकापुर से ट्रेन से लेकर उज्जैन गए, और ढाई लाख रुपए में बेच दिया. मानव तस्करी के मामले में 4 के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है.

विजयवर्गीय का बयान: राजीव गांधी की विचारधारा को आगे ले जा रहे हैं, राहुल गैंग को आपत्ति क्यों?

भोपाल  मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के आगामी चुनावों में अब जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। मंगलवार को विधानसभा में इसका संशोधन विधेयक पास हुआ, लेकिन उससे पहले सदन में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा हावी रहा। विपक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शिता और प्रत्यक्ष चुनाव ही लक्ष्य है, तो फिर यह व्यवस्था केवल निकायों में क्यों? मंडियों, जिला एवं जनपद पंचायतों समेत हर स्तर पर प्रत्यक्ष चुनाव लागू किए जाएं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाते हैं, तो केवल स्थानीय निकायों में बदलाव क्यों? कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सरकार निकायों के अध्यक्ष जनता से चुनवाना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से चुना जाता है। यह कानून राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाएगा और छोटे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह टिकट बेचने का नया मॉडल हो जाएगा।’ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि हॉर्स ट्रेडिंग कई स्तरों पर होती है, साथ ही कहा कि सरकार राजीव गांधी की पंचायती राज की सोच को आगे बढ़ा रही है, तब भी राहुल गैंग विरोध कर रही है। इस पर सिंघार ने कहा- विरोध नहीं, बिल में जरूरी बदलाव पर बात रखी है।