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नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ पर बनेगी इंटीग्रेटेड फूड और ड्रग टेस्टिंग लैब

रायपुर : नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ के कैंपस में होगा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण मुख्य बजट 2025-26 की एक और बड़ी घोषणा पूर्ण, 46.49 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला सह एफडीए भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्य बजट 2025-26 के प्रावधान के अनुरूप इस महत्वपूर्ण परियोजना से प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। नवीन इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला तथा नवीन एफ.डी.ए. भवन का रायपुर में स्थापना करने हेतु शासन द्वारा नया रायपुर में 1.5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। रायपुर स्थित वर्तमान प्रयोगशाला लगभग 5 हजार वर्ग फीट (भूतल, प्रथम एवं द्वितीय तल) में संचालित है। प्रस्तावित नवीन प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों (ड्रग एवं इनफोर्समेंट) से सुसज्जित होगा तथा 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में (भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल) में निर्मित होगा। इसके निर्माण से रासायनिक परीक्षणों की जांच क्षमता 500–800 नमूने प्रतिवर्ष से 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगी। माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि) 2000 नमूने प्रतिवर्ष होंगे, मेडिकल डिवाइसेस (हाथ के दस्ताने, कैथेटर आदि) जिनका वर्तमान में परीक्षण नहीं किया जा रहा है उनका भी 500 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाएंगे। इसके साथ ही  फार्मास्यूटिकल्स नमूनों की जांच 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगे।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा के ढांचे को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक आसान, पारदर्शी और प्रभावी होगी। सरकार जनता को शुद्ध, प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में बनने वाली यह आधुनिक प्रयोगशाला राज्य के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर सूरजपुर में भव्य राज्यस्तरीय समारोह, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर में भव्य राज्यस्तरीय समारोह रायपुर अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद श्री चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

छात्राओं के नारे ने मचाई धूम, बिहार में यौन शिक्षा और जागरूकता पर चर्चा

समस्तीपुर   विश्व एड्स दिवस पर बिहार के समस्तीपुर सदर अस्पताल में कुछ ऐसा हुआ कि जो सालों तक बिहार ही नहीं पूरे देश को याद रहेगा. यहां GNM की छात्राओं ने अस्पताल से सड़क तक एक रैली निकाली और हाथ में एक तख्ती लेकर ऐसे बोल्ड नारे लगाए कि सुनने वाले हंस रहे थे. हालांकि बाद में सभी सोच में पड़ गए. छात्राओं ने नारा लगाया कि ‘अगर पति आवारा हो, कंडोम ही सहारा हो’ और ‘परदेस नहीं जाना बलम जी, एड्स न लाना बलम जी’ जैसे तंज भरे नारे लगाए. हालांकि छात्राओं की इस रैली के दौरान अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे. बता दें कि समस्तीपुर सदर अस्पताल से छात्राओं की रैली में हाथों में लाल रिबन, रंग-बिरंगे पोस्टर और मुंह पर बेबाकी साफ छलक रही थी. छात्राओं द्वारा लगाए जा रहे ये नारे सिर्फ मजाक नहीं थे, बल्कि सीधा संदेश दिया जा रहा था कि पति अगर बाहर कमाने जाता है, तो सिर्फ पैसा ही लाए, बीमारी नहीं. इसके लिए घर की महिलाओं को शर्म छोड़कर समझदारी से जिंदगी जीना चाहिए.  छात्राओं की इस रैली को अस्पताल प्रशासन, डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी ने एक बड़े आंदोलन का रूप दे दिया. अब इसकी चर्चा चारों तरफ होने लगी है. छात्राओं की रैली देख चौंक उठे लोग छात्राओं की इस रैली को देखकर लोग पहले तो चौंके उठे, फिर तालियां बजाईं. इसके साथ ही रास्ते से जा रहे राहगीर फोटो खींचने लगे. यह रैली सदर अस्पताल गेट से शुरू हुई. जहां पटेल गोलंबर, कलेक्ट्रेट, ओवरब्रिज होते हुए वापस सदर अस्पताल पहुंची. जहां रास्ते में हर चौराहे पर लोग रुक-रुक कर नारे पढ़ते और पर्चे लेते दिखे. इस दौरान छात्रों के साथ डॉक्टर, नर्स और अस्पताल स्टाफ भी मौजूद रहा. छात्राओं की इस जागरुकता रैली की हर कोई तारीफ कर रहा था. शर्म नहीं, समझदारी से जीतेंगे इस रैली के दौरान छात्राओं ने साफ कहा कि एड्स कोई गाली नहीं है, ये बीमारी है और इसका इला भी संभव है. इसके इलाज के लिए सबसे अधिक सावधानी और जागरूकता ही जरूरी है. वहीं, छात्राओं के इन नारों ने साबित कर दिया कि बिहार में भी अब लोग इस विषय पर खुलकर बोलने को तैयार हैं. समस्तीपुर की इस रैली ने सिर्फ एड्स दिवस नहीं मनाया, बल्कि समाज में सालों से चली आ रही चुप्पी को हमेशा के लिए तोड़ दिया.

उलटफेर में दिल्ली MCD चुनाव नतीजे—बीजेपी से छिनी दो सीटें, AAP और कांग्रेस ने बनाई पकड़

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सात और आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीन सीटें जीती हैं. कांग्रेस ने भी संगम विहार-A सीट पर जीत दर्ज की है. जिन 12 वार्डों में 30 नवंबर को वोटिंग हुई थी, उनमें से नौ पहले बीजेपी के पास थे और बाकी आम आदमी पार्टी (AAP) के पास थे. साल 2022 में 250 वार्ड के लिए हुए MCD चुनाव में 50.47 फीसदी के मुकाबले इस उपचुनाव का वोट प्रतिशत 38.51 प्रतिशत रहा. जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उनमें मुंडका, शालीमार बाग-B, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका B, ढिचाउ कलां, नारायणा, संगम विहार A, दक्षिणपुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर शामिल हैं. कुल 51 कैंडिडेट चुनावी मैदान में थे, जिनमें से 26 महिलाएं और 25 पुरुष थे.   इस मतगणना में 51 उम्‍मीदवारों ने अपना भाग्‍य आजमाया था, लेकिन इनमें से 12 को ही जीत हासिल हुई. इन 12 सीटों में से 7 भाजपा के खाते में गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रत्‍याशी 3 वार्ड में जीतने में कामयाब रहे. कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक के एक-एक कैंडिडेट ने जीत हासिल की है. दिलचस्‍प बात यह है कि जिन 12 वार्ड में उपचुनाव कराए गए, उनमें से 9 पर भाजपा का कब्‍जा था. इस तरह भाजपा के हाथ से दो सीटें खिसक गईं. एमसीडी उपचुनाव ने कांग्रेस को संजीवनी दे दी है.  इन उम्‍मीदवारों का भाग्‍य 30 नवंबर को ईवीएम में बंद हो गया था. राज्‍य चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के लिए 10 सेंटर बनाए थे. एसईसी ने कहा कि कंझावला, पीतमपुरा, भारत नगर, सिविल लाइंस, राउज एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली समेत जिलों में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए. प्रत्‍येक केंद्र विशिष्‍ट वार्डों की काउंटिंग करेगा, जिसमें स्ट्रांग रूम की सुविधा और सुरक्षित प्रवेश-निकास प्रोटोकॉल होंगे. इन उपचुनावों को विश्‍लेषकों द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली भाजपा की दिल्ली सरकार के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है. इससे नगर निगम सदन में पार्टी की स्थिति में भी काफी बदलाव आ सकता है. दिसंबर 2022 में नगर निगम चुनाव 250 सीटों पर हुए थे. पार्टी की स्थिति में कई बदलावों के बाद मौजूदा एमसीडी सदन में भाजपा के 115 पार्षद हैं. भाजपा उपचुनावों में 12-0 से जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि 250 सदस्‍यीय नगर निगम सदन में 125 के पूर्ण बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सके. इन 12 वार्ड के प्रत्‍याशियों के भाग्‍य का फैसला आज     मुंडका     शालीमार बाग(महिला आरक्षित)     अशोक विहार(महिला आरक्षित)     चांदनी चौक     चांदनी महल     द्वारका(महिला आरक्षित सीट)     दिचाऊं कलां (महिला आरक्षित)     नारायणा     संगम विहार     दक्षिण पुरी(अनुसूचित जाति)     ग्रेटर कैलाश(महिला आरक्षित)     विनोद नगर AAP के लिए भी जरूरी हैं ये नतीजे भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कद बढ़ने की उम्मीद है. उनकी ई-बस, स्‍वास्‍थ्‍य और बीमा कल्‍याणकारी योजनाओं और छठ व्रतियों के लिए व्‍यवस्‍थाओं के लिए सकारात्‍मक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड पेश होने की उम्‍मीद है. उपचुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी बहुत जरूरी हैं, क्योंकि अभी उसके 99 पार्षद हैं और वह इस साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता सौंपने के बाद शहर की राजनीति में खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है. एमसीडी उपचुनाव पर आया मंत्री कपिल मिश्रा का पहला रिएक्‍शन दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: एमसीडी उपचुनाव का परिणाम सामने आ गया है. इसपर मंत्री कपिल मिश्रा का पहला रिएक्‍शन आया है. उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘निगम उपचुनावों में भाजपा की शानदार विजय. भ्रष्टाचारी और झूठे केजरीवाल गैंग का सूपड़ा साफ. चांदनी चौक और चांदनी महल जैसी सीटों पर भी आम आदमी पार्टी की करारी हार. छठ पूजा का अपमान करने वालों को ग्रेटर कैलाश की जनता ने धूल चटाई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता के नेतृत्व और विकास की नीतियों तथा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के संकल्प और भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है ये भव्य विजय.’ सभी 12 सीटों का आ गया रिजल्‍ट, देखें किसने क्‍या खोया और क्‍या पाया दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: दिल्‍ली नगर‍ निगम के 12 वार्ड के लिए उपचुनाव कराए गए थे. सभी के नतीजे सामने आ चुके हैं. 12 में से AAP के पास 3 सीटें थीं. विपक्षी पार्टी ने इस बार भी तीन सीटों पर जीत हासिल की है. हालांकि, आप चांदनी महल और चांदनी चौक सीट हार गई है. चांदनी महल सीट पर शोएब इकबाल का दबदबा बरकरार रहा. शोएब इकबाल और विधायक आले इक़बाल समर्थित उम्मीदवार ने AAP उम्मीदवार को पटखनी दे दी. वहीं, बीजेपी को दो सीटों का नुकसान हुआ है. संगम विहार कांग्रेस तो नारायणा AAP के खाते में गई है. बीजेपी ने AAP से चांदनी चौक सीट छीन ली है. कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की है. पिछली बार कांग्रेस के पास इन 12 में से एक भी सीट नहीं थी. एमसीडी उपचुनाव की तस्‍वीर साफ, भाजपा के हाथ से खिसकी 2 सीटें दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: दिल्‍ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. 12 में से भाजपा को 7 सीटें मिली हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में 3 वार्ड गए हैं. कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक के हिस्‍से में एक-एक सीट गई है. बता दें कि जिन 12 सीटों पर उपचुनाव कराए गए, उनमें से 9 पर भाजपा का कब्‍जा था. इस तरह इस बार 2 सीटें भाजपा के हाथ से छूट गई हैं.  अभी तक 8 सीटों के नतीजे घोषित दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: एमसीडी उपचुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं. अभी तक 8 वार्ड के परिणाम सामने आ चुके हैं. इनमें से 4 पर भाजपा, 2 पर आम आदमी पार्टी और एक-एक सीट पर कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक ने जीत हासिल की है. चांदनी महल में न भाजपा और न ही आप, तो फिर कौन मारा बाजी दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: चांदनी महल वार्ड का … Read more

पाञ्चजन्य कॉनक्लेव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव

रायपुर : ‘पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव रायपुर राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी। महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है। टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है। बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा प्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है। नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’ मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ। मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोर उन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तार नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयन मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

डॉ. यादव का बयान—मोदी जी के नेतृत्व में नया भारत आकार ले रहा है

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।     जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।     भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।     प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।     राष्ट्र बदल रहा है।     भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।     प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।     जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।  

प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल पर होगी प्रदेश की सिंचाई योजनाओं की समीक्षा: मुख्यमंत्री डॉ.यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति और केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस दिशा में राज्य में अध्ययन और सर्वेक्षण का कार्य किया गया है। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया था । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के इस मॉडल का प्रदर्शन करने के निर्देश भी विभाग को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित।     प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी।     प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य।     प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।     राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश।     राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया।     सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी।     इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी।     सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।     राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया।     भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश।     सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है।     कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है।     सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।  

वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है काशी तमिल संगमम् : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन काशी और तमिल के प्राचीन संबंधों के केंद्र में हैं भगवान शिव, इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया: मुख्यमंत्री वाराणसी  तीनों लोकों में विशिष्ट, मोक्षदायिनी, भगवान शिव की पावन नगरी, आनंद कानन और सर्वविद्या की राजधानी अविमुक्त क्षेत्र काशी में कार्तिक मास की पावन बेला में आयोजित हो रहे काशी तमिल संगमम् को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत बनाने वाला कदम बताया। मंगलवार को वाराणसी में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से अपने वोकेशनल एजुकेशन में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, मराठी और बंगाली जैसी भाषाओं को सम्मिलित किया है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक भाषा का चयन करेंगे और सरकार उसका पूरा व्यय वहन करेगी। तमिल भाषा इस संदर्भ में एक नया मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी धाम के दर्शन के लिए जाते हैं। पर्यटन विभाग विशेष यात्रा कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को रियायती दरों पर इन पवित्र स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत के भविष्य में निवेश के समान है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है। भगवान विश्वनाथ, माता विशालाक्षी, माता अन्नपूर्णा, माता मीनाक्षी, रामनाथस्वामी, गंगा और कावेरी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष से अभिवादन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ सभी अतिथियों का तमिल भाषा में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम की पवित्र भूमि से पधारे सभी आगंतुकों का उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् का यह चौथा संस्करण एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है। उन्होंने कहा कि काशी और तमिल परंपरा के प्राचीन संबंधों के केंद्र में भगवान शिव हैं। इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह प्रवास काशी की शिवभक्ति, प्रयागराज का संगम और अयोध्या में धर्मध्वजा आरोहण के उपरांत प्रभु राम के दिव्य दर्शन का अद्वितीय आध्यात्मिक सौभाग्य प्रदान करेगा। यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और आध्यात्मिक साझेदारी को सशक्त करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोल रहा है। इस वर्ष की थीम ‘तमिल सीखें’ प्रेरक है, जो ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत को और सुदृढ़ करेगी। तेनकासी से प्रारंभ कार यात्रा का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष तेनकासी (तमिलनाडु) से प्रारंभ हुई कार रैली को आयोजन का प्रमुख आकर्षण बताया। उन्होंने कहा कि दो हजार किलोमीटर की यह यात्रा काशी की पवित्र भूमि से गहरे संबंधों का स्मरण कराती है। पांड्य राजवंश के महान शासक आदिवीर पराक्रम पांडियन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर की दिशा में उनके प्राचीन मार्ग की पुनर्स्मृति है। शिव मंदिर और तेनकासी की कथा तमिल और भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ज्ञान, साधना और सांस्कृतिक एकता को नई ऊंचाई मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान ज्ञान, साधना, सांस्कृतिक एकता और साझा भारतीय सभ्यता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह आयोजन तीर्थ परंपरा, भावनात्मक एकता और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आधुनिक संबंधों को प्रगाढ़ करता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक 'अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः' का उल्लेख करते हुए भारत के सात पवित्र नगरों की महिमा बताई। आदित्य हृदय स्तोत्र और महान संतों का उल्लेख महर्षि अगस्त्य द्वारा रचित आदित्य हृदय स्तोत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वही स्तुति है जिसे महर्षि अगस्त्य ने रावण से युद्ध से पूर्व राम को सुनाया था। उन्होंने कहा कि महर्षि अगस्त्य, आदि गुरु शंकराचार्य, संत तिरुवल्लुवर, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान व्यक्तित्वों ने दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। शैव-वैष्णव भक्ति परंपराएं तमिल सभ्यता की आध्यात्मिक समृद्धि को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने बताया कि चेट्टियार समाज पिछले दो सौ वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है। त्रिवेणी संगम के जल से रामेश्वरम के रामनाथस्वामी और कोड़ितीर्थम् के जल से काशी विश्वनाथ के अभिषेक की परंपरा अब प्रतिमास आगे बढ़ रही है। काशी में तमिल परंपरा की जीवंत उपस्थिति मुख्यमंत्री योगी ने काशी के केदार घाट, हनुमान घाट और हरिश्चंद्र घाट का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तमिल संस्कृति आज भी जीवंत दिखाई देती है। उन्होंने आईआईटी मद्रास और बीएचयू की संयुक्त शैक्षिक योजनाओं को राष्ट्रीय एकता की दिशा में प्रेरक कदम बताया। उन्होंने बताया कि आगंतुक अपने प्रवास के दौरान प्रयागराज और अयोध्या भी जाएंगे। अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि अगस्त्य का मंदिर बन चुका है और उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित है। राम मंदिर का प्रवेश द्वार जगद्गुरु शंकराचार्य और जगद्गुरु रामानुजाचार्य के नाम पर है तथा अयोध्या के बृहस्पति कुंड में दक्षिण भारतीय संतों त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण ने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को नई शक्ति दी है। पिछले चार वर्षों में यहां 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या तमिलनाडु से है। सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय उत्सव है काशी तमिल संगमम् कार्यक्रम में  उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने वर्चुअल माध्यम से काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह आयोजन अब राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बन चुका है। संगमम् गंगा और … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल और कृषि शिक्षा को भी दी जाए प्राथमिकता

व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल विकास और कृषि शिक्षा भी बने प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की हुई समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र र्में सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में विगत 2 वर्षों में ड्रॉप आउट रेट 21.4 प्रतिशत से घटकर मात्र 16.8 प्रतिशत रह गया है। इसे और भी कम करने की दिशा में कार्य किया जाए। प्रोत्साहन योजनाओं का अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिलवाया जाए। विगत 2 वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा आयोजित कर समय सीमा में परिणाम घोषित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा देने की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "भवन एक कक्षाएं अनेक" की तर्ज पर एक विद्यालय भवन में शेष खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था प्रारंभ करने पर विचार कर कार्रवाई करने को कहा। बैठक में मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकों के नि:शुल्क प्रदाय, स्कूटी वितरण और साइकिल वितरण योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बालिका शिक्षा एवं छात्रावास का लाभ विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। सेनिटेशन और हाइजिन किट का वितरण 19 लाख बालिकाओं को प्रति बालिका 300 रुपए के मान से डीबीटी द्वारा किया गया है। छात्रावासों में वाशिंग मशीन, रोटी मेकर, मैट्रेस जैसी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान योजना में 210 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं। शालाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी सुनिश्चित किया गया है। सांदीपनि और पीएम  विद्यालयों का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। परीक्षा परीणामों में सुधार के प्रयासों को सफलता मिल रही है। वर्ष 2024-25 के प्रथम परीक्षा परिणामों में कक्षा दसवीं 74 प्रतिशत और कक्षा 12वीं 76 प्रतिशत से अधिक परिणाम मिले हैं। प्रथम और द्वितीय परीक्षा में क्रमश: औसत 87 और 82 प्रतिशत परिणाम रहा है। इसी तरह शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है। विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश-     किताबों का वितरण प्रत्येक स्तर तक सुनिश्चित करें।     साइकिल मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिये योजना बनाई जाये।     नवोदय विद्यालय की तर्ज़ पर सांदीपनि आश्रम विद्यालय बनायें जायें।     व्यवसायिक शिक्षा पर ज़ोर दिया जाये।     विद्यालयों में कृषि की शिक्षा भी दी जाये।     रूचि अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाये।     अच्छा परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाये।     विद्यालय पहुँच मार्ग में यदि दिक़्क़त है तो उसे अन्य विभागों से समन्वय कर सुव्यवस्थित किया जाये।     आवश्यकता वाले दूरस्थ क्षेत्रों में निजी निवेश पर निजी विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की नीति बनाई जाये।     शिक्षा विभाग के पोर्टल और ऐप पर काम किये जायें, शिक्षकों की परेशानी कम करें।  

पंजाब में 5 दिसंबर को बड़ा ऐलान—19 जिलों की दिनचर्या बदल देने वाला निर्णय आया सामने

पटियाला  किसानों द्वारा एक बार फिर बड़ा ऐलान कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शंभू-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब में 5 दिसंबर को रेलवे ट्रैक रोकने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पंजाब के 19 जिलों में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक 26 स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सड़कें बंद नहीं की जाएंगी, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। इस रेल रोको अभियान का असर अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा सहित कई जिलों में रेल यातायात पर पड़ने की संभावना है। पंधेर ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों की प्रमुख मांगों जैसे MSP की कानूनी गारंटी, इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म बिल-2025 की वापसी, और प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने आदि पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। उनका कहना है कि किसानों को मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें जल्द समाधान नहीं निकालतीं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।