samacharsecretary.com

मौसम विभाग अलर्ट: अगले पाँच दिनों तक कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने की उम्मीद

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बिहार में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है और आगामी चार से पांच दिनों में राज्य में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग के अनुसार, इस बार दिसंबर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक ठंडा रहेगा और लोगों को कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में कोहरे की घनत्व बढ़ने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में कुछ इलाकों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे द्दश्यता कम हो सकती है। विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाएगा। 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है तापमान हालांकि, न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है, जिसके बाद यह सामान्य स्तर पर लौट आएगा। सुबह और शाम की ठंड में बढ़ोतरी तय है। पिछले 24 घंटों में बिहार का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और किसी भी जिले में बारिश नहीं हुई। राज्य में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और सबसे अधिक 28 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में दर्ज किया गया। उसी प्रकार किशनगंज में न्यूनतम तापमान 11.8 से 17.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कई जिलों में तापमान सामान्य रहा। वहीं पूर्णिया में घने धुंध के कारण न्यूनतम द्दश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। 

योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क

सड़कों के गोल्डन नेटवर्क से उत्तर प्रदेश बनेगा देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था  योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क   उत्तर प्रदेश : गांव से शहरों तक लॉजिस्टिक व्यवस्था सुधरने से आर्थिक विकास को गति लखनऊ उत्तर प्रदेश में आज एक्सप्रेस वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यमार्ग और ग्रामीण मार्ग का एक विशाल नेटवर्क स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आधारभूत संरचना और सड़क मार्ग के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। वो इस बात को भलीभांति जानते हैं कि उद्योगों के विकास और निवेश के लिए प्रदेश में सड़कों का गोल्डन नेटवर्क तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।  उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क  डबल इंजन सरकार सरकार की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है। राज्य में 2017 से पहले मात्र 3 एक्सप्रेस वे थे आज 22 एक्सप्रेस वाले राज्य के रूप में गणना हो रही है। इससे यातायात परिवहन में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है और तेजी से आर्थिक विकास हो रहा है। एक्सप्रेस वे की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे की संख्या 1949-50 में 0 से बढ़कर 2016-17 में 3 और 2025-26 में 22 हो गई है। इसमें वर्तमान में निर्माणाधीन और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल हैं। सड़क अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक आदि तक आसान पहुंच के लिए एक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विकास भी हो रहा है। सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले एक सड़क नेटवर्क ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है।    उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग से आर्थिक प्रगति एक्सप्रेस वे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उपलब्धियों और विकास की राह पर तेजी के साथ अग्रसर है।  2004-05 और 2023-24 (अंतिम उपलब्ध आंकड़े) के बीच, उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुने से भी ज़्यादा बढ़कर 5,599 किलोमीटर से 12,292 किलोमीटर हो गया। भारत के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 2016-17 में 7.48% से बढ़कर 2023-24 में 41% हो गया।   प्रदेश में यातायात व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार सड़कों का विस्तार राज्य के भीतर कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किए गए ठोस प्रयासों को दर्शाता है। इसकी वजह से राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। इसने व्यापार, शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया है और प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आर्थिक विकास को भी गति मिली है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में इस उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी में सुधार किया है, बल्कि माल ढुलाई को भी सुगम बनाया है।  PMGSY सड़क नेटवर्क का तीन गुना विस्तार उत्तर प्रदेश ने पिछले आठ सालों में ग्रामीण विकास को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाया और राज्य भर में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल सडक लम्बाई वर्ष 2013-14 में 51549.23 कि. मी. से बढ़कर वर्ष 2016-17 में मात्र 56846.93 कि.मी. हो गई थी। वहीं वर्ष 2017 के बाद तेजी से सड़कों का विस्तार हुआ है। सीएम योगी की नीतियों से बेहतर क्रियान्वयन और एकीकरण के साथ, कुल सडक लम्बाई बढ़कर वर्ष 2024-25 तक 77425.14 कि.मी. हो गयी है, जिससे अंतिम छोर तक ग्रामीण कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी , जज को लगाया लाखों का चूना, रांची पुलिस अलर्ट

रांची झारखंड की राजधानी रांची में एक हैरान करने वाली खबर आई, जहां चोरों ने जज को निशाना बनाया ओर भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर ली। मिली जानकारी के अनुसार, जज खूंटी जिले में पदस्थापित हैं। वहीं चोरी के कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 2.88 लाख रुपये की बड़ी राशि डिजिटल माध्यम से निकाल ली गई। इस संबंध में जज ने जगन्नाथपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है।         पुलिस सूत्रों के अनुसार, जज धुर्वा के सेक्टर-2 बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात अपराधी ने बड़ी चतुराई से उनका मोबाइल फोन चुरा लिया। जब तक जज को मोबाइल चोरी होने का पता चला, उससे पहले अपराधियों ने फोन के जरिये उनके बैंक खाते को निशाना बनाया। चोरों ने डिजिटल माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और उनके अकाउंट से कुल 2 लाख 88 हजार रुपये सफलतापूर्वक निकाल लिए।

सड़कों से लेकर सुविधाओं तक—गुरुग्राम के छह सेक्टरों में बड़े बदलाव की मंजूरी

चंडीगढ़  गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे विकास और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिला नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने सेक्टर 88ए, 88बी, 89ए, 89बी, 95ए और 95बी की संशोधित सेक्टोरल योजना को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य जमीन का बेहतर उपयोग, सड़क नेटवर्क में सुधार और भविष्य के आवासीय व व्यावसायिक विकास को सुचारू बनाना है। यह संशोधन संगम बिल्डिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर विचाराधीन था। विभाग ने इस प्रस्ताव पर जनता की राय के लिए 27 जून को विभिन्न अखबारों में विज्ञापन जारी किया था। निर्धारित समय तक किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से आपत्ति नहीं आने के बाद अब इसे औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है।   बेहतर यातायात और सड़क मार्ग संशोधित योजना में मुख्य एवं सेकेंडरी सड़कों का नया संरेखण तय किया गया है, जिससे सेक्टरों के बीच यात्रा तेज और आसान होगी। इससे भविष्य में ट्रैफिक जाम की परेशानी भी कम होने की उम्मीद है। स्पष्ट और व्यवस्थित विकास जिन लोगों ने इन सेक्टरों में फ्लैट, दुकान या जमीन खरीदी है, उन्हें अब विकास योजना और ढांचे को लेकर स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम होगी। सुविधाओं का सटीक वितरण पार्क, स्कूल, अस्पताल, पानी, सीवर, बिजली और बाजार जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं के लिए जमीन का आवंटन अब अधिक संतुलित और व्यावहारिक तरीके से किया जाएगा। निवेशकों और बिल्डरों को राहत विकास योजना स्पष्ट होने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी तथा निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र का विकास और तेज होगा। बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी इन सेक्टरों का विकास मास्टर प्लान-2031 के तहत किया जा रहा है। लेकिन पुराने प्लान में सड़क मार्गों के दिशा निर्धारण (री-अलाइनमेंट) और विभिन्न भूमि उपयोग क्षेत्रों को लेकर कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई थीं। जमीन की वास्तविक स्थिति, जनसंख्या वृद्धि और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजना में बदलाव जरूरी माना गया। अब विकास कार्य, सड़क निर्माण और सभी अधोसंरचनात्मक योजनाएं संशोधित सेक्टोरल प्लान के अनुसार की जाएंगी। इससे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सुव्यवस्थित, यातायात के अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।

स्वास्थ्य विभाग में डिजिटल संकट: एमपीएचडब्ल्यू के बहिष्कार से ऑनलाइन सेवाएं ठप

चंडीगढ़  हरियाणा में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) वर्ग द्वारा ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टल का बहिष्कार जारी है। एसोसिएशन के आह्वान के बाद यह आंदोलन गत 25 अक्टूबर से चल रहा है, जिसके कारण प्रदेश की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग ठप पड़ी हुई है। अब सिर्फ ऑफलाइन कार्य ही किए जा रहे हैं। इस डिजिटल बंदी का असर गर्भवती महिलाओं के आरसीएच नंबर आधारित अल्ट्रासाउंड, टीकाकरण का रिकॉर्ड, आशा वर्कर का भुगतान, टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल, निरोगी हरियाणा और आयुष्मान भारत जैसे कई कार्यक्रमों पर पड़ा है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, उप प्रधान सुदेश रानी व वित्त सचिव धर्मवीर ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा लगातार अनदेखी के कारण यह कदम मजबूरी में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को हो रही असुविधा का हमें खेद है, लेकिन हमारी जायज मांगों के बिना ऑनलाइन काम संभव नहीं। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू के अनुसार, अनमोल, एनसीडी, डिजीज सर्विलांस, सुरक्षित नारी-सुरक्षित परिवार, एनीमिया मुक्त भारत सहित कुल 11 डिजिटल पोर्टलों पर लगभग 88 प्रतिशत तक कार्य बंद हो चुका है, जिससे डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग निष्क्रिय हो गई है। आज काले बिल्ले लगाकर टीकाकरण राज्य महासचिव सहदेव आर्य ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। उनकी ओर से पदनाम संशोधन, प्रमोशन व कन्फर्मेशन सूची जारी करना, एनएचएम महिला कर्मचारियों को एफपीएल-6 वेतनमान, ड्रेस, ट्रैवलिंग व एमसीएच भत्ता, रिटायरमेंट लाभ व ग्रेच्युटी तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती की मांग उठाई जा रही है। आंदोलन के तहत कर्मचारी बुधवार को टीकाकरण दिवस पर काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 29 जनवरी को पंचकूला में मिशन निदेशक कार्यालय के बाहर राज्य व जिला पदाधिकारी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपवास रखकर मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

योगी सरकार का कदम: नई पर्यटन सेवा नियमावली 2025 से व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार

पर्यटन सेवा नियमावली 2025 प्रख्यापित, योगी सरकार ने किए बड़े सुधार पर्यटन सम्वर्ग में नई नियमावली लागू, सीधी भर्ती व पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे पद लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग में संरचनात्मक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप, पर्यटन विभाग में व्यापक संरचनात्मक सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली-2025 का प्रख्यापन किया गया है। नई नियमावली के लागू होने से पूर्व के सभी नियम, आदेश तथा दिशा-निर्देश अवक्रमित हो गए हैं। नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया हुई सुदृढ़ नई प्रख्यापित नियमावली के तहत पर्यटन अधीनस्थ सेवा सम्वर्ग में प्रकाशन अधिकारी, अपर जिला पर्यटन अधिकारी तथा पर्यटन सूचना अधिकारी के पद अब सीधी भर्ती तथा पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे। विभाग के अनुसार, प्रकाशन अधिकारी के पदों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जबकि पर्यटन सूचना अधिकारी के पदों की भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा की जाएगी। नई व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व प्रतिस्पर्धात्मक होने की उम्मीद है। सेवा संरचना में व्यापक प्रावधान नई नियमावली में नियुक्ति, सेवा शर्तों, पदोन्नति, अर्हता तथा वरिष्ठता सहित अन्य प्रशासनिक प्रावधानों का भी समावेश किया गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन, अमृत अभिजात ने कहा कि यह नियमावली पर्यटन विभाग में एक समन्वित, सक्षम व आधुनिक सेवा संरचना सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रदेश में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी।

आखिर खत्म हुई पंजाब में बसों की हड़ताल, लोगों को बड़ी राहत

अमृतसर  पिछले चार दिनों से किलोमीटर स्कीम टेंडर के विरोध में हड़ताल पर गए पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन आखिरकार अपनी ड्यूटी पर वापस आ गए हैं। कर्मचारियों के ड्यूटी पर वापस आने पर अब रोडवेज और पनबस की बसें फिर से पंजाब की सड़कों पर घूमती दिखाई देंगी। इससे प्रभावित हो रहा आम जनजीवन कहीं ना कहीं दोबारा सुचारू ढंग से चलना शुरू हो जाएगा। आज सुबह यूनियन के मुख्य अधिकारियों ने हड़ताल छोड़ दोबारा से ड्यूटी ज्वाइन करने का फैसला किया। इसके बाद अमृतसर बस स्टैंड पर फिर से बसों की आवागमन दोबारा शुरू हो गया है।

स्नेहा राणा ने महाकालेश्वर में अर्चना, विश्व कप जीत में बाबा महाकाल को माना प्रेरणा

उज्जैन   महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय टीम की ऑलराउंडर स्नेहा राणा मंगलवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। सुबह चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए और विजय के उपरांत पुनः मंदिर आने का अपना संकल्प पूरा किया। विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राणा ने 6 मैचों में 7 विकेट चटकाए और 99 महत्वपूर्ण रन भी जोड़े। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। टूर्नामेंट के दौरान वे पहले भी महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंची थीं और मन्नत मांगी थी कि यदि भारत विश्व कप जीतेगा तो वे पुनः भस्म आरती में शामिल होंगी। विश्व कप जीतने के बाद मंगलवार को उन्होंने अपना वचन निभाते हुए महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई।  दर्शन के बाद स्नेहा राणा ने कहा कि महाकाल की नगरी में आकर उन्हें विशेष ऊर्जा मिलती है। “पिछली बार बोला था कि जीतकर वापस आऊंगी। भगवान से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे,” उन्होंने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा अद्वितीय है। मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने स्वागत एवं सम्मान किया।

स्कूल बस सुरक्षा पर बड़ा एक्शन: हरियाणा में 5200 प्राइवेट बसें मानकों पर फेल, जांच अभियान तेज

चंडीगढ़  हरियाणा में स्कूल बसों की मॉनिटरिंग अब कागजों में नहीं, बल्कि सीधे सड़कों पर दिखाई दे रही है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों, सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों और लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद राज्य पुलिस ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की, जिसने एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी। हरियाणा की सड़कों पर दौड़ रही 25 हजार से अधिक स्कूल बसों में से 5200 सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कई बसें बिना फिटनेस, बिना जीपीएस, बिना फायर एक्सटिंग्विशर और कई मामलों में बिना प्रशिक्षित ड्राइवरों के बच्चों को लेकर चल रही थीं। इन हालात में हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अब समझाओ या चेतावनी देकर छोड़ दो वाली नीति खत्म हो चुकी है।   हरियाणा पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि हालिया जांच सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। तीन नवंबर से दस नवंबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में पांच हजार पांच सौ सोलह बसों की जांच की गई और एक हजार तीन बसों के चालान किए गए। इसी अवधि में सिरसा और डबवाली में मिली चार बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इससे पहले जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच की गई जांच में 19 हजार दो सौ अड़सठ बसों में से चार हजार दो सौ पांच नियम तोड़ती पाई गईं। सूत्रों के अनुसार यह चेकिंग अब रुकने वाली नहीं है। अभियान को निरंतर निगरानी व्यवस्था में बदला जा रहा है। जिलों को निर्देश हैं कि स्कूल बसों का डेटा नियमित रूप से अपडेट रखें और दस्तावेजों का समय पर सत्यापन करें। हरियाणा में पहली बार स्कूल परिवहन को लेकर इतना व्यापक, सख्त और परिणाम आधारित एक्शन देखने को मिल रहा है। संदेश साफ है कि बसें चलेंगी, लेकिन नियमों के साथ। बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और अब कानून कागज पर ही नहीं, सड़क पर भी दिखाई देगा। किन जिलों में मिले सबसे अधिक उल्लंघन गुरुग्राम, पंचकूला, सोनीपत, सिरसा, जींद, फरीदाबाद और पलवल में सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आईं। अकेले गुरुग्राम में जनवरी से अक्तूबर के दौरान हुई जांच में पांच हजार नौ सौ चौरासी बसों में से एक हजार आठ सौ इक्यावन बसें नियमों को तोड़ती हुई मिलीं। बाकी जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है। सबसे कम उल्लंघन रेवाड़ी में दो, डबवाली में नौ और चरखी दादरी में छह बसों में दर्ज किए गए। सिरसा और डबवाली में हालात इतने खराब मिले कि पुलिस ने मौके पर ही चार बसें इम्पाउंड कर दीं। कई बसों में सुरक्षा उपकरण तक नहीं लगे थे और वे स्कूल बसों के लिए तय राष्ट्रीय मानकों पर भी खरी नहीं उतरती थीं। DGP ने दिए सख्त आदेश हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों को तुरंत इम्पाउंड किया जाए। उन्होंने लिखा कि असुरक्षित बसों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता अस्वीकार्य है। उनकी यह पोस्ट सीधे चेतावनी मानी जा रही है और इसे स्कूलों, बस ऑपरेटरों तथा प्रशासनिक स्तर पर एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अब कोई नरमी नहीं मिलेगी।   स्कूल बस में क्या-क्या होना जरूरी नियमों के अनुसार हर स्कूल बस में होना जरूरी है • वैध फिटनेस सर्टिफिकेट • जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम • फायर एक्सटिंग्विशर • फर्स्ट एड बॉक्स • कैमरा जहां लागू हो • आपातकालीन निकास • प्रशिक्षित चालक और परिचालक • सीट बेल्ट और स्कूल बस के लिए निर्धारित पहचान मार्किंग। इनमें से किसी भी बिंदु का पालन नहीं होने पर चालान, बस इम्पाउंड और कानूनी कार्रवाई तय है। अभिभावकों को भी दी गई जिम्मेदारी हरियाणा पुलिस ने केवल स्कूलों और बस मालिकों के प्रति ही निर्देश जारी नहीं किए हैं, बल्कि अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चे की बस की स्थिति जानें, सवाल पूछें और गड़बड़ी दिखने पर तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचित करें। सरकार चाहती है कि यह अभियान सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि सामुदायिक जागरूकता का हिस्सा बने।

लालू के महुआबाग महल पर BJP का निशाना, ED की कार्रवाई के संकेत से राजनीतिक माहौल गरमाया

पटना भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पटना के महुआबाग इलाके में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बन रही कथित आलीशान हवेली को निशाने पर लिया है। पार्टी के एक्स हैंडल से निर्माणाधीन महल का एक वीडियो पोस्ट करके लिखा गया है कि लालू के समाजवाद का मतलब लूट-खसोट से संपन्न परिवार है। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले की चर्चा करते हुए चेतावनी दी है कि लूट-खसोट की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जब्त भी कर सकता है। ईडी ने जुलाई, 2023 में लालू यादव के परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की पटना, दिल्ली और गाजियाबाद में 6 करोड़ से ऊपर की जमीन और मकान को जब्त किया था। इसमें राबड़ी देवी के नाम पर महुआबाग की भी एक जमीन थी। लेकिन यह साफ नहीं है कि बीजेपी ने जिस बंगले का वीडियो दिखाकर लालू पर निशाना साधा है, वो कौन सी जमीन है और किसके नाम पर है। कहा जाता है कि लालू यादव इस मकान के निर्माण का जायजा लेने नियमित तौर पर जाते रहे हैं। चर्चा है कि सरकार से 10, सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद लालू परिवार 39, हार्डिंग रोड के नए बंगले में जाने के बदले महुआबाग के महल में भी शिफ्ट हो सकता है। बिहार बीजेपी ने ट्वीट में लिखा है- “लालू जी का ‘समाजवाद’ यानी लूट-खसोट से संपन्न है एकमात्र परिवार! लालू परिवार एंड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ऐशो-आराम और शानदार जीवन का पूरा इंतजाम किया है। पटना शहर के बीचों-बीच इनका एक और निर्माणाधीन आलीशान महल’। दल के प्रवक्ता नीरज कुमार ने वीडियो बयान जारी करके चेतावनी दी है कि लूट-खसोट की संपत्तियों को ईडी जब्त भी कर सकती है। नीरज ने कहा- ‘लालू यादव का सामाजिक न्याय और उनका समाजवाद, सिर्फ परिवारवाद और पारिवारिक न्याय बनकर रह गया है। महुआबाग में जो आलीशान कोठी वो बना रहे हैं, वह भी लूट की जमीन है। वहां भी नौकरी के बदले जमीन ली थी। ईडी ने वहां एक बार छापा भी मारा था। लालू सावधान रहें, संभलकर रहें, लूट की संपत्ति बहुत दिन टिकती नहीं है। और हो सकता है कि आपका ये मकान-जमीन भी ईडी फिर से जब्त करे। आपने राजनीति को भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बना दिया था। पूरा परिवार पूरे बिहार को लूटे हैं। आपको बताना चाहिए कि यह अकूत संपत्ति आप कहां से लाए हैं।’