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भोपाल में खेल को बढ़ावा: CM मोहन यादव ने रोइंग चैंपियनशिप का उद्घाटन किया, कहा सरकार दे रही प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बड़े तालाब, भोपाल में आयोजित ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि खेलों को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने लगातार प्रदेश का नाम रोशन किया है और इस राष्ट्रीय स्तरीय चैंपियनशिप में भी एमपी टीम अपना बेहतरीन प्रदर्शन करे प्रदेश को गौरवान्वित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बड़े तालाब की विशालता, स्वच्छ जल क्षेत्र और अनुकूल जल-परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि यह स्थल देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स स्थलों में धीरे-धीरे स्थापित हो रहा है। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी के बोट क्लब में आज ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ करते हुए कहा आशा जताई कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से राज्य में वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा और युवा प्रतिभाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। विश्वास सारंग ने कहा ‘सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे खेल स्टेडियम’ इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन करना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘हम हर विधानसभा क्षेत्र में जल्द ही खेल स्टेडियम की योजना ला रहे हैं। खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान..इसका उन्नयन हमारी विशेष प्राथमिकता है।’ उन्होंने कहा कि बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक खूबसूरत और उपयोगी गंतव्य है और वर्तमान में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय रोइंग में नेशनल चैंपियन है, जो खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदेश की मजबूत खेल नीतियों का परिणाम है। पाँच सौ से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 से 30 नवंबर तक आयोजित की जा रही है। इसमें 23 राज्यों की टीम के लगभग 500 जूनियर खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। बड़े तालाब के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत जल-माहौल के बीच हो रहे इस रोइंग चैंपियनशिप से खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी एक अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। इस आयोजन के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जल-पोत व्यवस्था, टेक्निकल टीम, रेस ट्रैक मार्किंग समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं।

शिक्षकों की समस्याओं का समाधान आसान होगा: MP के हर जिले में ‘एकेडमिक ट्रिब्यूनल’ बनेगा, हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी

ग्वालियर  हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने  एक अहम मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया है। सुनवाई के दौरान प्रदेश के हर जिले में प्राइवेट एकेडमिक और शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों की शिकायत व समस्याओं के समाधान के लिए एकेडमिक ट्रिब्यूनल।  हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से इस संबंध में चार सप्ताह में प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। एकेडमिक ट्रिब्यूनल बनने के बाद शिक्षकों की समस्याओं पर सुनवाई और निराकरण यहीं हो सकेगा। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को रखी गई है। निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में दायर की गई थी। यह जनहित याचिका इस उद्देश्य से दायर की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध फैसले "टीएमए पे फाउंडेशन' बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक (2002) के निर्देशों का पालन किया जाए। इस केस में भी फैसले में स्पष्ट कहा गया था कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक एकेडमिक ट्रिब्यूनल होना ही चाहिए, जहां प्राइवेट एकेडमिक इंस्टीट्यूट के शिक्षक अपनी शिकायत लेकर आ सकें और उनका निराकरण किया जा सके। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में हरियाणा सरकार का उदाहरण पेश किया गया है। बताया गया है कि हरियाणा गर्वमेंट ने 8 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर दी है। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों की अपील सुनने के लिए अधिकृत किया गया है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू किया जा सकता है। ट्रिब्यूनल के गठन तक अंतरिम व्यवस्था की जा सकती है हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 12 नवंबर 2025 को विधि विभाग द्वारा एक एसओपी/मैकेनिज्म तैयार कर रजिस्ट्रार जनरल को भेजा है। इसके आधार पर आगे कार्रवाई की जानी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब तक प्रदेश स्तर पर एकेडमिक ट्रिब्यूनल तैयार नहीं होता है। तब तक जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को अंतरिम व्यवस्था के तहत अपीलें सुनने के लिए अधिसूचित किया जा सकता है। प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में देना है रिपोर्ट याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह चार सप्ताह में एकेडमिक ट्रिब्यूनल लागू करने की तैयारी पर एक कम्पलीट प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करे। जिससे स्पष्ट हो सके कि आदेशों के पालन में अभी तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। यही कारण है कि इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को रखी गई है।  

MP में फिर सर्दी की दस्तक, बादलों से रात का तापमान बढ़ा, दिन में ठंडक बनी रहेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले दो दिनों बाद प्रदेश में ठंड का असर दोबारा तेज़ होगा। फिलहाल भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बादलों की मौजूदगी के चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक आसमान में बादल छाए जरूर हैं, लेकिन बरसात की संभावना नहीं है। पहाड़ों पर बर्फबारी, लेकिन उत्तरी हवा रुकी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी लगातार जारी है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से उत्तर की ओर से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण हल्के बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। इससे दिन में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि रात का तापमान 5-6 डिग्री तक ऊपर चढ़ गया है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 16.7 डिग्री और जबलपुर में 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।वहीं, नौगांव, रीवा, मुरैना, खजुराहो, चित्रकूट और दतिया सबसे ठंडे रहे। नौगांव 8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, मुरैना 9.4 डिग्री, खजुराहो 9.6 डिग्री, चित्रकूट 9.7 डिग्री और दतिया 9.9 डिग्री रहा। मंगलवार को दिन में भी मौसम ठंडा रहा और भोपाल सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। नवंबर में टूटा ठंड का पुराना रिकॉर्ड इस बार नवंबर में ही ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड दर्ज हुई, जबकि इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। लगातार 15 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर चली। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में ठंडक में थोड़ी कमी आई है। आमतौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े में तेज ठंड की शुरुआत होती है, लेकिन इस साल हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा और प्रदेश 6 नवंबर से ही ठिठुरने लगा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली-1931 के बाद यह सबसे लंबा सिलसिला रहा। रात का पारा गिरकर 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो नया रिकॉर्ड बना। फिलहाल हवाओं का रुख बदल गया है, जिससे पिछले चार दिनों से शीतलहर थमी हुई है। यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि रात के तापमान में 2-3 डिग्री की कमी हो सकती है। दिसंबर के पहले सप्ताह में फिर से कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।  

इंदौर मेट्रो: एयरपोर्ट सर्वे और ट्रायल रन अलग-अलग स्पीड पर, 80 किमी/घंटा से होगा संचालन

इंदौर  इंदौर में छह किलोमीटर का मेट्रो रूट बनकर पूरी तरह तैयार है। अब अलग-अलग टीमें आकर सेफ्टी ऑडिट कर रही हैं। मंगलवार को मेट्रो ट्रैक पर कोच का स्पीड ट्रायल हुआ। मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर की गति से ट्रैक पर चली। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग भी मौजूद थे। इसके पहले उन्होंने छह किलोमीटर हिस्से के ट्रैक का ट्राॅली पर बैठकर निरीक्षण किया था। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम सोमवार को ही इंदौर आ गई थी। टीम  गांधी नगर डिपो भी गई थी। उन्होंने वहां पर सुरक्षा मानकों के हिसाब से मेट्रो कोच को परखा। टीम ने डिपो में संचालन से जुड़ी गतिविधियों को देखा। मेट्रो के लिए बनाए सेंटर की भी जांच की गई। पहले भी मेट्रो कोच का अलग-अलग स्पीड के हिसाब से ट्रायल हो चुका है। सिविल वर्क का ऑडिट भी होने वाला है। इस ऑडिट की रिपोर्ट के बाद मेट्रो के कामर्शियल रन की रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कामर्शियल रन संभव हो सकेगा।  छह किलोमीटर के अंतर्गत आने वाले मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण भी टीम ने किया। यहां लगी लिफ्ट, टिकट खिड़की, प्लेटफार्म सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा सहित अन्य मापदंडों पर स्टेशनों को परखा गया। इसके बाद टीम रवाना हो गई। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इंदौर में छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान हो जाएगी। डेढ़ माह पहले जब मेट्रो ट्रेन रेडिसन चौराहे तक आई थी तो उसकी गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम थी। अब उसकी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। मंगलवार को ट्रेन का आठ बार से ज्यादा ट्रायल रन हुआ है। छह माह बाद इस ट्रेन का संचालन गांधी नगर डिपो से 17 किलोमीटर लंबाई तक रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा। अभी मेट्रो ट्रेन छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन यहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल पा रहे है,क्योकि उस हिस्से न तो बसाहट है और न ही बड़े संस्थान। इस कारण लोगों की आवाजाही इस हिस्से में नहीं है। यात्री नहीं मिलने के कारण मेट्रो का संचालन भी शाम के समय हो रहा है, लेकिन उसमें भी ठीक से यात्री नहीं मिल पा रहे है।   मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल     इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।     हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है।     अभी अंडरग्राउंड हिस्से का काम शुरू नहीं हो पाया है। मेट्रो ट्रेन के इस हिस्से में बदलाव के लिए इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने फैसला लिया है। अभी इस पर प्रदेश सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।     20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है। जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते है। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आतंरिक रुप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।   एयरपोर्ट के लिए भी हुआ सर्वे इंदौर में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी मंगलवार को सर्वे हुआ। एयरपोर्ट, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने आसपास के हिस्से में दौरा किया। कुछ दिनों में मेट्रो का काम भी एयरपोर्ट परिसर के समीप शुरू हो जाएगा। मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। 31 किलोमीटर का रहेगा मेट्रो का रूट इंदौर में मेट्रो का रूट 31 किलोमीटर रहेगा। फिलहाल 18 किलोमीटर लंबे हिस्से में काम चल रहा है। मेट्रो एयरपोर्ट से सुपर काॅरिडोर, विजय नगर, खजराना रिंग रोड, तिलक नगर, पलासिया, गांधी प्रतिमा, राजवाड़ा, सदर बाजार, बड़ा गणपति, एरोड्रम रोड होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगी। नाथ मंदिर रोड से एरोड्रम रोड तक मेट्रो भूमिगत रहेगी। फिलहाल इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले 17 किलोमीटर हिस्से में ट्रायल रन का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण अभी छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी की गई है, हालांकि इस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री काफी कम मिलेंगे।

Tatkal टिकट बुकिंग में नई सुविधा, एक OTP से तुरंत कंफर्म सीट

भोपाल  भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई OTP-बेस्ड बुकिंग सिस्टम शुरू कर दी है। अब आरक्षण काउंटर से Tatkal Ticket लेने पर भी यात्री के मोबाइल पर OTP आएगा, और वही OTP बताने पर टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति–दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से हो चुकी है। नया बदलाव क्यों है फायदेमंद? भोपल के सीनियर DCM सौरभ कटारिया के अनुसार नई व्यवस्था से— टिकट खिड़की खुलते ही टिकट उड़ाने वाले एजेंटों पर लगाम लगेगी। एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक Tatkal Ticket ही बन सकेगा। यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। बुकिंग सिस्टम ज़्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनेगा। फर्जीवाड़ा और गलत तरीके से टिकटों की बुकिंग पर रोक लगेगी। शताब्दी में 30% सीटें OTP-आधारित Tatkal शताब्दी एक्सप्रेस की 1500 सीटों में से 450 सीटें अब OTP-बेस्ड Tatkal कोटे में शामिल। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से रोज़ाना 550–600 Tatkal टिकट बनते हैं। यहां से कुल लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10–30% यात्री Tatkal टिकट पर यात्रा करते हैं। जल्द ही देशभर की ट्रेनों में लागू होगा यह सिस्टम रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो देश की सभी ट्रेनों में Tatkal Booking के लिए OTP प्रणाली लागू की जाएगी। इससे पूरे देश में Tatkal टिकट व्यवस्था और अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बन जाएगी।

खेल मैदान में बड़ा हादसा: नेशनल लेवल खिलाड़ी की मौत, दो घटनाओं ने छाया मातम

चंडीगढ़  हरियाणा में दो दुखद घटनाएं हुई हैं, जिनसे एक तरफ व्यवस्था पर सवाल उठे हैं तो वहीं उदीयमान प्रतिभाओं को देश ने खो दिया है। बास्केटबॉल के नेशनल लेवल के खिलाड़ी हार्दिक राठी के ऊपर पोल ही गिर गया, जिस दौरान वह प्रैक्टिस कर रहे थे। इस हादसे में 16 साल के हार्दिक मौत हो गई। यह घटना रोहतक के लाखन माजरा गांव की है। इसके अलावा एक और हादसा बहादुरगढ़ में हुआ है, जहां 15 साल के अमन की बास्केटबॉल का ही पोल गिरने से मौत हो गई। दोनों 10वीं क्लास के छात्र थे और बास्केटबॉल में अपना भविष्य बनाना चाहते थे। इन हादसों ने हरियाणा में खेल ढांचे और सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं।   हार्दिक राठी के साथ यह हादसा उस वक्त हुआ, जब वह प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्होंने उछलकर बास्केटबॉल पोल को पकड़ा और वह उनके ऊपर ही गिर पड़ा। हार्दिक उसके नीचे दब गए और पोल का एक सिरा तेजी से उनके सीने पर लगा था। उनके दोस्तों ने यह वाकया देखा तो तेजी से दौड़कर आए, लेकिन बचाया नहीं जा सका। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दिखता है कि वह कोर्ट में अकेले ही प्रैक्टिस कर रहे हैं। वह थ्री पॉइंट लाइन से दौड़कर आते हैं और सेमी सर्कल के पास से पोल की ओर छलांग लगाकर उसे पकड़ते हैं। वह बास्केट पकड़ते ही हैं कि पोल अपनी जड़ से उखड़ जाता है और उन पर आ गिरता है। अपनी स्कोरिंग क्षमता को बढ़ान के लिए अकसर बास्केटबॉल प्लेयर्स इस तरह प्रैक्टिस करते हैं। इसी तरह बहादुरगढ़ के अमन घायल हुए थे और उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया था। वहां से तुरंत ही रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार हुआ और परिवार में कोहराम मच गया है। अमन के परिवार वालों का आरोप है कि पीजीआई में उनके बेटे को सही इलाज नहीं मिला वरना वह जीवित होते। फिलहाल सरकार ने इन मामलों की जांच के आदेश दे दिए हैं और शुरुआती रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। सवाल यह है कि पोल आदि की जांच जब साप्ताहिक होने का नियम है तो फिर कैसे इस तरह की घटना हो गई।  

महाघोटाले की आंच: MP में जल जीवन मिशन की 280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट, 141 अफसरों पर गिरी गाज

भोपाल  जल जीवन मिशन में गड़बड़ी के मामलों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने अब कड़ा रूख अपना लिया है। मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मिशन की समीक्षा बैठक में बड़े स्तर पर लापरवाही उजागर की। पीएचई के प्रमुख सचिव पी. नरहरि से मुख्य सचिव ने सीधे सवाल-जवाब किए और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की। क्या पाया गया? बैठक में खुलासा हुआ कि अफसर–ठेकेदार–एजेंसी के गठजोड़ ने घटिया सामग्री सप्लाई की, टेंडर नियमों का उल्लंघन किया और कई प्रोजेक्ट में फर्जी बैंक गारंटी तक लगाई गई। मुख्य सचिव ने साफ कहा—“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जीरो टॉलरेंस पर कड़ी कार्रवाई होगी। बड़ी कार्रवाई  280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट अब दूसरे विभागों में काम नहीं मिलेगा।  22 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट + अनुबंध निरस्त फर्जी बैंक गारंटी वाले ठेकेदारों पर CBI केस भी दर्ज।  141 अधिकारी नोटिस पर त्रुटिपूर्ण DPR बनाने पर उपयंत्री से लेकर कार्यपालन यंत्री स्तर तक नोटिस जारी।  10 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई गुणवत्ताहीन सामग्री व टेंडर नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए गए।  30 करोड़ की पेनल्टी विभाग ने एजेंसियों पर अब तक लगभग ₹30 करोड़ का आर्थिक दंड लगाया। केंद्र ने बजट रोका – क्यों बढ़ी चिंता? पिछले एक साल से केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के फंड जारी नहीं किए हैं। अक्टूबर 2024 में 600 करोड़ आए थे, पर उसके बाद दूसरी दीपावली भी निकल गई लेकिन राशि नहीं मिली। मुख्य सचिव की यह सख्त समीक्षा केंद्र के फंड रिलीज से जोड़कर देखी जा रही है। विधानसभा में तीन बार हंगामा विपक्ष ने आरोप लगाया कि “योजना को चौपट कर दिया गया।” विधायक समितियों से जांच कराने की मांग… सत्ता पक्ष के विधायक गोपाल भार्गव ने भी समर्थन किया। समग्र संदेश मुख्य सचिव का साफ संकेत है कि जल जीवन मिशन में अब कोई समझौता नहीं होगा। गुणवत्ता, वित्तीय शुचिता और पारदर्शिता पर बड़ा फोकस—और गड़बड़ी पकड़ी गई तो सीधी कार्रवाई।

खैरागढ़ में नक्सलियों का सरेंडर, रोहिणी और धनुष हथियार रहित होंगे

खैरागढ़  जिले में आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विकास होने जा रहा है। बीजापुर इलाके से जुड़े नक्सली दंपत्ति रोहिणी और धनुष आज खैरागढ़ में बिना हथियारों के आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। यह कदम सरकार की पुनर्वास एवं मुख्यधारा में लौटने की नीति से प्रभावित होकर उठाया गया है। दोनों के सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियाँ बड़ी उपलब्धि मान रही हैं। नक्सली दंपति का सरेंडर क्यों अहम है? सूत्रों के अनुसार रोहिणी और धनुष पिछले लंबे समय से संगठन से दूरी बनाना चाहते थे। लगातार अभियान, सुरक्षा बलों का दबाव और पुनर्वास नीति की सुविधाओं ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। जानकारों का कहना है कि दोनों दंपति नक्सली संगठन के सक्रिय कैडर में शामिल थे। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका रही है। बिना हथियार आत्मसमर्पण करना इस बात का संकेत है कि वे पूरी तरह मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं। शाम 5 बजे खैरागढ़ एसपी की प्रेस वार्ता खैरागढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक लक्स शर्मा (SP) आज शाम 5 बजे प्रेस वार्ता करेंगे। इस दौरान दंपति के आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी,उनके पुराने रिकॉर्ड,और पुनर्वास योजना से जुड़ीजानकारीसाझा की जाएगी।  पुलिस विभाग का मानना है कि यह आत्मसमर्पण भविष्य में अन्य नक्सली सदस्यों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगा।

अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले, कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री

हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और भारत की अनेकता को एकता में जोड़ने वाला हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस पर लोकभवन में संविधान की उद्देशिका का कराया सशपथ पाठन  अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले, कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री  विकसित उत्तर प्रदेश के लिए मिले 98 लाख से अधिक सुझावः सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2015 से पूरा देश प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करता है। 1946 में हुए संविधान सभा के चुनाव के उपरांत गठित संविधान सभा ने भारत के संविधान का निर्माण किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बनी संविधान सभा ने अलग-अलग कमेटियां बनाई थीं, उसकी ड्रॉफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे। संविधान निर्माण में जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने योगदान व विशेषज्ञों ने सहयोग किया, उसी का परिणाम है कि हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और भारत की अनेकता को एकता में जोड़ने वाला है। संविधान की मूल प्रति को लेकर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की समिति जब संविधान सभा के पास गई थी तब भी उन्होंने कहा था कि संविधान एक दस्तावेज है, जो भारत की विविधता को एकता में जोड़ने में मार्गदर्शिका के रूप में देश को नेतृत्व प्रदान करेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस पर लोकभवन में संविधान की उद्देशिका का सशपथ पाठन कराया। इसके पूर्व अतिथियों ने भारत मां व बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पार्चन किया। इस दौरान लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम योगी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया।  कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकता सीएम योगी ने कहा कि आज हर संस्था, पंचायत में ऐसे आयोजन करके संविधान की प्रस्तावना का वाचन करने का प्रयास हुआ है। 2015 में संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था कि हममें से हर व्यक्ति स्वतंत्र भारत का नागरिक है। लेकिन स्वतंत्रता की वास्तविक कीमत विस्मृत की जा रही है, क्योंकि हमने स्वाधीनता की लड़ाई को आंखों से नहीं देखा। हमने क्रूर यातनाओं को नहीं सहा। परिणामस्वरूप हर व्यक्ति केवल अधिकार की बात करता है। अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले। कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकता। जहां कर्तव्य के बिना अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया गया है, वहां पर लोकतंत्र नहीं है, बल्कि वहां तानाशाह, व्यवस्था को गिरफ्त में लेकर आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों को रौंदते दिखते हैं।  विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लिए हर देशवासी पंचप्रणों के साथ जुड़े सीएम योगी ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद भारत ने इसे सर्वोपरि मानकर सम्मान दिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व प्रतीकों को सम्मान दिया और जिन मूल भावनाओं पर भारत का संविधान बना है, उसे जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया। जब कोई देश मूल भावनाओं को सम्मान देते हुए बढ़ता है तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। आजादी के अमृत महोत्सव में पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने विकसित भारत की संकल्पना रखी। इसके लिए पीएम मोदी ने 2022 में कहा था कि जब देश आजादी के 100वें वर्ष में जाएगा, तब हमें कैसा भारत चाहिए इसके लिए काम करना होगा।  उन्होंने विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लिए हर देशवासियों से पंचप्रण के साथ जुड़ने का आह्वान किया। सीएम ने पंच प्रण का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो। यूनिफॉर्म धारी सेना-अर्धसेना, पुलिस बल के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखे।  यदि कोई एक व्यक्ति गलती करता है तो उसके लिए पूरी व्यवस्था को नहीं कोसा जाना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि यदि कोई एक व्यक्ति गलती करता है तो उसके लिए पूरी व्यवस्था को नहीं कोसा जाना चाहिए, बल्कि गलती के परिमार्जन का अवसर देना चाहिए। कोई बार-बार गलती करता है तो परिमार्जन का अवसर देते हुए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहना चाहिए। उसके लिए पूरे सिस्टम को दोषी नहीं ठहरा सकते। अक्सर स्वयं के स्वार्थ के लिए हम लोग सामाजिक विद्वेष की खाई को चौड़ा करने का प्रयास करते हैं। सीएम ने कहा कि एकता व एकात्मता के लिए प्रयास-दायित्व होना चाहिए। हमें विरासत का सम्मान करना चाहिए। भारत में विरासत, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परंपरा भी है। स्वाधीनता संग्राम के दौरान अलग- अलग क्षेत्रों-संघर्षों में जिन बलिदानियों ने खुद को समर्पित करते हुए भारत की एकता-अखंडता के लिए मिलकर कार्य किया, वे धरोहर के रूप में हैं। सीएम योगी ने कहा कि हर किसी को ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।   संविधान का अपमान बाबा साहेब, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों-बलिदानियों का अपमान  सीएम योगी ने कहा कि यदि हम भारत के संविधान का अपमान करते हैं तो यह बाबा साहेब, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों-बलिदानियों और उन गरीबों का अपमान है, जिन गरीबों ने संविधान के ताकत के बल पर लोकतांत्रिक अधिकार पाया है। उस आधी आबादी का अपमान है, जिन्हें संविधान ने पहले आम चुनाव के अंदर ही मत देने का अधिकार प्रदान कर दिया था। सीएम ने कहा कि दुनिया में आधुनिक लोकतंत्र की घोषणा करने वाले तमाम देशों ने कुछ ही तबके को मत देने का अधिकार दिया था। तमाम बड़े देश, जो आधुनिक लोकतंत्र का ठेकेदार बनकर घूमते हैं, उन्होंने महिलाओं को मत देने का अधिकार बहुत बाद में दिया, लेकिन भारत ने अपने व्यस्क नागरिकों को पहले ही दिन से मत देने का अधिकार प्रदान किया। भारत में बिना भेदभाव के संविधान लागू होने के साथ ही सामाजिक रूप से अस्पृश्य कहे जाने वाले दलित-जनजाति समाज के लिए संविधान ने आरक्षण की व्यवस्था भी दी। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और सामाजिक समता के निर्माण में उनकी भूमिका का निर्वहन किया जा सके, इस दृष्टि से बड़ा क्रांतिकारी अभियान संविधान ने भारत के प्रत्येक अनुसूचित जाति-जनजाति के नागरिक को प्रदान किया।  यदि सभी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तो संविधान को सम्मान दे रहे हैं सीएम योगी ने कहा कि भारत के संविधान के प्रति उन भावनाओं को बढ़ाने के लिए नया भारत … Read more

विदिशा: नायब तहसीलदार की मौत, पुलिस जांच में जुटी—तीसरी मंजिल से गिरने का रहस्य

 विदिशा  विदिशा से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां पदस्थ नायब तहसीलदार कविता कडेला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. कविता अपने सरकारी क्वार्टर की तीसरी मंजिल पर रहती थीं. उसी मंजिल की छत से गिरने के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गईं. आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन को मिली, मौके पर कलेक्टर, एसपी रोहित काशवानी समेत वरिष्ठ अधिकारी और पूरी प्रशासनिक टीम पहुंच गई. राजस्व परिसर को तत्काल सील कर दिया गया और पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू कर दी. छत के किनारों, सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों पर मिले संभावित निशानों को फॉरेंसिक टीम खंगाल रही है. जिला अस्पताल के डॉ. प्रशांत जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार कविता को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. उनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उपचार शुरू होने के पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. उधर एसपी रोहित काशवानी ने कहा कि पुलिस हर एंगल से केस की जांच कर रही है. यह आत्महत्या है या हादसा. इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगा. परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान बेहद अहम होंगे. इस बीच, घटना की जानकारी मिलते ही मृतक नायब तहसीलदार कविता कडेला के परिजन विदिशा पहुंच गए.  फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है. कविता किस परिस्थिति में छत से गिरीं? इनका जवाब अभी बाकी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी हादसे का परिणाम. फिलहाल जांच जारी है.