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सड़क हादसे में एक ही परिवार के 4 सदस्य खत्म, भैंस ढूंढकर लौटते वक्त हुआ हादसा

सागर  सागर के रहली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 किशोरों की मौत हो गई। सभी किशोर सुबह-सुबह गुमी हुई भैंस की तलाश करने के लिए निकले थे। घटना के बाद परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। रहली-देवरी मार्ग पर अनंतपुरा के पास रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब हादसा होने की जानकारी सामने आई है।   एक परिवार के सदस्य है मृतक मृतक अनंतपुरा गांव के एक ही परिवार के सदस्य हैं। यह भैंस खोने के बाद इसे तलाशने के लिए अनंतपुरा से पास के ही बरखेरा गांव जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में सड़क हादसा हो गया। घटना के बाद से अनंतपुरा गांव में मातम पसरा है। ऐसे हुआ था हादसा जानकारी के मुताबिक रहली के सिमरिया गांव से दमोह के लिए सुबह के समय बस क्रमांक सीजी 18 एम 3199 जाती है। यह बस रोज की तरह रविवार को भी सिमरिया से दमोह के लिए रवाना हुई थी, लेकिन अनंतपुरा गांव के पास यह सामने से आ रही बाइक से भिड़ गई। बस से टकराते ही बाइक सवार 17 वर्षीय उमेश पाल, 16 वर्षीय कृसु पाल, 15 वर्षीय शिवम पाल व 16 वर्षीय सत्यम पाल हवा में उछल गए। यह लोग सड़क किनारे पड़े पत्थरों से जा टकराए, जिससे इनकी मौके पर ही मौत हो गई। भैंस ढूंढने बाइक से निकले थे चारों युवक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चारों किशोर भैंस चोरी होने के बाद उसे तलाशने के लिए बरखेरा गांव जा रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। गांववालों का कहना है कि सड़क किनारे खेत वालों ने खखरी बनाने के लिए सड़क पर पत्थर डाल रखे हैं। इससे सड़क बहुत संकरी हो गई। इसी वजह से बस व बाइक में भिड़ते हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही रहली पुलिस मौके पर पहुंची।

घुसपैठ पर यूपी का बड़ा एक्शन प्लान: अभियान तेज, सभी शहर हाई-अलर्ट पर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में नेपाल सीमा के साथ ही बड़े शहरों में खुफिया एजेन्सियां, एटीएस और अन्य सुरक्षा से जुड़े संगठन तेजी से सक्रिय हो गए है। डीएम और कप्तान ने मातहतों को विदेशी नागरिकों के हर दस्तावेज की गम्भीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।   पिछले कुछ वर्षों में सीमा पर स्थित जिलों में फर्जी पहचान पत्र के जरिए घुसपैठ की घटनाएं काफी बढ़ गई। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई पड़ा। इस पर यूपी में अवैध घुसपैठियों को कानून व्यवस्था के लिए चुनौती न बनने देने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। 2016 में दो करोड़ बांग्लादेशी भारत में थे वर्ष 2016 में तत्कालीन केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद को बताया था कि लगभग दो करोड़ अवैध बांग्लादेशी भारत के अंदर रह रहे हैं। इसी तरह अवैध रोहिंग्यां प्रवासियों की संख्या भी 40 हजार से अधिक बताई गई थी। जांच में पाया गया कि यूपी के लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और तेजी से विकसित हो रहे अन्य शहरों पर भी इनका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही सभी जिलों में अस्थायी डिटेंशन सेन्टर बनाए जाने लगे हैं। अफसरों का कहना है कि घुसपैठियों के खिलाफ यह अभियान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सदभाव और संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने के साथ भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

सिंगोली परियोजना से प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन को मिली नई गति

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है। जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा था कि पिछले दशक में देश के ऊर्जा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। इसमें मध्यप्रदेश का योगदान उल्लेखनीय है। राज्य की 31 हजार मेगावॉट क्षमता में हरित ऊर्जा उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक योगदान है। प्रदेश का नीमच जिला सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जिले में वर्तमान में 500 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। नीमच: प्रदेश का सौर ऊर्जा उत्पादन हब नीमच जिला 500 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता के साथ प्रदेश का हरित ऊर्जा उत्पादन का हब बन रहा है। जिले की सिंगोली यूनिट-3 ग्राम बडी में 170 मेगावॉट, बडावदा यूनिट-1 में 160 मेगावॉट और कवई यूनिट-2 में 170 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। साथ ही आगर जिले में 330 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। टी.सी. सूर्या कंपनी द्वारा स्थापित ये परियोजनाएँ प्रतिवर्ष 68 मिलियन यूनिट हरित बिजली का उत्पादन कर रही हैं, जो भारतीय रेल और राज्य की विद्युत कंपनियों को उपलब्ध कराई जा रही है। सिंगोली परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग 704 हेक्टेयर में फैली इस परियोजना की इकाइयाँ बडावदा, बडी कवई, खेड़ा माँ का डोल, थडोद और अननिया गांवों में स्थापित हैं। परियोजना की विशेषताओं में सिंगल एक्सेस ट्रैकर तकनीक, उच्च दक्षता वाले पैनल और मल्टी-लोकेशन यूनिट्स शामिल हैं। भगवानपुरा सौर इकाई कर रही प्रदेश के कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कटौती जावद जनपद के ग्राम भगवानपुरा में 151 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा इकाई वेल्सपन सोलर एमपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित की गई है। फरवरी 2014 से लगातार इसमें उत्पादन हो रहा है। सौर ऊर्जा उत्पादन से यह इकाई प्रतिवर्ष 2 लाख 16 हजार 372 टन कार्बन उत्सर्जन कम कर रही है। यहां हो रहे उत्पादन से 6.24 लाख घरों को ऊर्जा आपूर्ति की जा रही है। इकाई में 235 वॉट क्षमता के पॉली-क्रिस्टलाइन पीवी पैनल लगाये गये हैं। यह देश की उन बड़ी इकाइयों में से एक है जो 132 केवी हाई वोल्टेज उत्पादन कर रही हैं। मध्यप्रदेश ने 12 वर्षों में 19 गुना उत्पादन बढ़ाकर दिया महत्वपूर्ण योगदान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के लिए 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश इन लक्ष्यों के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य की ऊर्जा नीति, तकनीकी नवाचार और निवेशक-हितैषी दृष्टिकोण ने हरित ऊर्जा उत्पादन में 12 वर्षों में 19 गुना अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। रीवा और ओंकारेश्वर हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश के 2 स्तंभ है। रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े और सफल सोलर एनर्जी पार्कों में से एक है। यहाँ से दिल्ली मेट्रो को बिजली आपूर्ति की जा रही है। ओंकारेश्वर में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। ओंकारेश्वर का 278 मेगावॉट फ्लोटिंग सोलर प्लांटहरित ऊर्जा उत्पादन के लिए जलाशयों के बेहतर उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुरैना में देश की पहली ‘सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज’ परियोजना स्थापित की जा रही है। इस परियोजना से ₹2.70 प्रति यूनिट दर पर 24 घंटे हरित ऊर्जा की आपूर्ति की जायेगी। यह परियोजना पीक और नॉन-पीक दोनों समय में समान ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इस परियोजना में 95% वार्षिक उपलब्धता रहेगी। इसे रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। वर्ष-2030 तक 20 गीगावॉट का लक्ष्य, 5 प्रमुख सौर परियोजनाओं से 2.75 गीगावॉट उत्पादन राज्य में वर्तमान में कार्यरत 5 प्रमुख सौर परियोजनाओं की कुल उत्पादन क्षमता 2,750 मेगावॉट है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 20 गीगावॉट उत्पादन क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक पॉलिसी : निवेशकों के लिए नया अवसर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ‘टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक’ रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। यहां सौर, पवन और मिश्रित ऊर्जा के विकास के लिए निवेशकों को आकर्षक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। कुसुम-सी योजना में 18,000 मेगावॉट क्षमता के लिए निविदाएँ प्राप्त हुई हैं। किसानों, एमएसएमई और निजी डेवलपर्स की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुआ है। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिये 100% फीडर सोलरीकरण का प्रयास किया जा रहा है। पंप-हाइड्रो और बायोफ्यूल परियोजनाएँ : भविष्य की नई दिशा पंप-हाइड्रो परियोजनाओं के लिये 14,850 मेगावॉट उत्पादन के आवेदन प्राप्त हुये हैं। इनमें से 8,450 मेगावॉट परियोजनाओं का पंजीयन किया जा चुका है। कम्प्रेस्ड बायोगैस और बायोमास पैलेट परियोजनाओं के लिए 6,500 टन प्रतिदिन क्षमता प्रस्तावित की गई है। सरकारी भवनों का सौरीकरण और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर राज्य के सभी जिलों में रिन्यूएबल सर्विस कंपनी मॉडल पर सरकारी भवनों का सोलराईजेशन किया जा रहा है। साथ ही सूर्य मित्र योजना, आईटीआई सहयोग कार्यक्रम, स्किल डेवलपमेंट कोर्सेस योजनाएं भी संचालित हैं।इन सभी ने हजारों युवाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण मिला है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।  

रिंकू सिंह ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, सौहार्दपूर्ण बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा

छत्तीसगढ़ में खेल सुविधाओं के विस्तार पर हुई सार्थक चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रिंकू सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने रिंकू सिंह का स्वागत शाल और नंदी के प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट टीम में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और राज्य में खेलों को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को बस्तर ओलंपिक की अवधारणा और उसके माध्यम से उभर रही स्थानीय प्रतिभाओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार संभावनाएँ हैं और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उच्च स्तरीय पुलिस बैठक: डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस से पहले IG-SP ने की रणनीतिक चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाले डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस को लेकर रविवार को पुलिस अधिकारियों की बैठक जारी है. इस बैठक में रायपुर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अलग-अलग संभागों के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शामिल हुए हैं. छत्तीसगढ़ इंटेलिजेंस के चीफ अमित कुमार की अध्यक्षता में बैठक हो रही है. जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन के सी-4 बिल्डिंग में पुलिस अधिकारियों की इस हाई लेवल मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की स्थिति और कॉन्फ्रेंस से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है. IG रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, IG आनंद छाबड़ा IG CID ध्रुव गुप्ता, संजीव शुक्ला,DIG सुरक्षा ML कोटवानी शामिल हुए. बता दें कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित आईआईएम में पहली बार अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन 28-30 नवंबर के बीच होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होने रायपुर पहुचेंगे. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी प्रयास, ड्रग्स नियंत्रण और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग निर्माण को मंजूरी—ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, कला और संस्कृति की प्रतिष्ठित धरती खैरागढ़ शुक्रवार की रात को रंग–रस–संगीत की रंगीन छटा से निखर उठी। बहुप्रतीक्षित खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान है, बल्कि यह भारत की विविध कला-पद्धतियों का जीवंत केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति रामायण काल से भी प्राचीन है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में कला के प्रति प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा जगाते हैं तथा कलाकारों को अपने हुनर के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।           समारोह में विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खैरागढ़ भारत की कला-राजधानी के रूप में उभर रहा है और यह महोत्सव आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि खैरागढ़ महोत्सव विद्यार्थियों की साधना, सृजनशीलता और कला-अनुसंधान का सशक्त मंच है तथा विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय कला केंद्र के रूप में स्थापित होगा। समारोह में नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने कथक, भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की सधी हुई प्रस्तुतिया दी। कोलकाता से आए मशहूर सरोदवादक उस्ताद सिराज अली खान और लंदन के तबला वादक पंडित संजू सहाय की जुगलबंदी ने संगीतमय वातावरण रचा। पंडित संजू सहाय के द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी गई। पुणे की प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी शमा भाटे एवं उनके समूह ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी । राजनांदगांव की लोकगायिका श्रीमती कविता वासनिक एवं उनके दल ने लोकसंगीत अनुराग धारा की प्रस्तुति दी।

सुकमा पुनर्वास केंद्र पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खुद बैठकर युवाओं के बनवाये आधारभूत दस्तावेज

रायपुर, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज शाम सुकमा में बनाये गए पुनर्वास केन्द्र में आकस्मिक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं के साथ चौपाल लगाकर उनसे बात की। इस दौरान पुनर्वासित युवाओं ने अपनी बातों को उपमुख्यमंत्री के सामने रखा। जहां उपमुख्यमंत्री खुद भी युवाओं के जमीन पर साथ बैठे और उनसे आत्मीय चर्चा की। उपमुख्यमंत्री की सरलता ने सभी को आनंदित कर दिया। सभी ने अपने मन की बातें बिना संकोच के उनके समक्ष रखी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में आधारभूत व्यवस्थाओं के संबंध में युवाओं से सीधे जानकारी भी ली और अधिकारियों को उनके खाने और अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से शिक्षा और खेती एवं उनके परिवार सदस्यों से मुलाकात के संबंध में भी जानकारी ली। जहां पर उन्होंने अधिकारियों और पुनर्वासित युवाओं से कहा कि आपके परिजन यदि पुनर्वास केन्द्र में आकर मुलाकात करना चाहते हैं और यदि बाजार वाले दिन आकर जब भी मिलना चाहें तो उनसे मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पुनर्वासित युवा के परिवार जेल में निरूद्ध हैं और युवा उनसे मिलना चाहें तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने युवाओं में से यदि कोई विवाह की इच्छा भी रखते हैं तो उनके लिए भी सामूहिक विवाह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुनर्वासित युवाओं ने अपने मूलभूत दस्तावेज पूर्ण ना होने की जानकारी दी। जिसपर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तुरंत जिला प्रशासन के अधिकारियों को दस्तावेज निर्माण करवाने के निर्देश दिए। जिसमें उन्होंने स्वयं अधिकारियों के साथ बैठकर दस्तावेज निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और जहां भी दिक्कतें आईं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर उनका निराकरण भी किया। जहां आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड आदि बनवाने के लिए आवेदन कराए गए। उन्होंने युवाओं को विधानसभा सत्र के दौरान रायपुर भ्रमण कराकर उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देने और उन्हें कार्यप्रणाली से अवगत कराने एवं इनके लिए पुनर्वास केंद्र में ही विशेष स्वास्थ्य शिविर लगवाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि सुकमा के पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को राज मिस्त्री, कृषि उद्यमी, सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पुनर्वास नीति के अनुसार उन्हें दीर्घकालिक रोजगार दिलाने हेतु सहायता भी दी जा रही है। इस अवसर पर एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

दतिया जिले के किसानों को मिलेगी अब और अधिक गुणवत्तापूर्ण बिजली :ऊर्जा मंत्री तोमर

एम.पी. ट्रांसको ने 132 के व्ही सबस्टेशन भांडेर में ऊजीकृत किया 50 एम.व्ही.ए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर दतिया जिले की पारेषण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर में 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इससे सबस्टेशन मे जहां एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर की उपलब्धता हो गई है, वहीं दतिया जिले मे भांडेर क्षेत्र के कृषि विद्युत उपभोक्ताओं को रबी सीजन में सिंचाई के लिये निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली प्राप्त हो सकेगी। इस ट्रांसफार्मर के सफलतापूर्वक उर्जीकृत होने से सबस्टेशन की क्षमता 63 एम.व्ही.ए. से बढ़कर अब 113 एम.व्ही.ए. की हो गयी है। दतिया जिले की पारेषण क्षमता मे हुई वृद्धि एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव तोतला ने बताया कि इससे पिछौर, डबरा, सीतापुर, डगराई, भांडेर, राजघाट, दतिया क्षेत्र के घरेलू एवं कृषि विद्युत उपभोक्ताओं सहित इस सबस्टेशन से निकलने वाले 33 के.व्ही. इंडस्ट्रियल फीडर को भी फायदा मिलेगा। दतिया जिले मे एम.पी. ट्रांसको 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर सहित अपने कुल 05 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इसमें 220 के.व्ही. सबस्टेशन दतिया एवं 132 के.व्ही. के दतिया, सेंधवा तथा इंदरगढ सबस्टेशन शामिल है, जिनकी कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता 796 एम.व्ही.ए. से बढकर 846 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

बिहार BJP में हलचल: दिलीप जायसवाल के मंत्री बनते ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज

 पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद से ही सोशल मीडिया पर अगले यानी नए प्रदेश के नाम पर अटकलें शुरू हो गई हैं। एक आदमी, एक पद पर आम तौर पर अमल करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लगभग तीन साल से टल रहा है। 2024 के जनवरी में मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मिला कार्यकाल विस्तार ऐन-केन-प्रकारेण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में भाजपा बिहार में आनन-फानन में या जल्दबाजी में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी, इसकी संभावना ना के बराबर हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद बदलाव हो सकता है।   फिर भी भाजपा के बारे में सोशल मीडिया पर लिखने वाले दावे और समीकरण के साथ नए नामों की चर्चा कर रहे हैं। चल रहे नाम में एक नाम तो पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा का है, जिनको इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों में मंगल पांडेय ब्राह्मण से इकलौते मंत्री हैं। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से पहली बार मंत्री बने नीतीश मिश्रा 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। पिछली सरकार में वो उद्योग मंत्री रहे थे, जो विभाग अब दिलीप जायसवाल को दिया गया है। ब्राह्मण जाति से नीतीश मिश्रा का नाम चर्चा में, मंत्री नहीं बने हैं इस बार अपने पिता जगन्नाथ मिश्रा की सीट झंझारपुर से पांचवीं बार जीते नीतीश मिश्रा की चिंता करने वाले कह रहे हैं कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ बड़ा सोचा है, इसलिए अभी मंत्रिमंडल से ड्रॉप कर दिया गया है। मिथिला की 37 सीटों में 31 सीटें एनडीए के पास आई हैं। दरभंगा-मधुबनी की 20 में 19 सीटों पर महागठबंधन को हार मिला है। महागठबंधन ने जो 6 सीटें जीती है, उसमें समस्तीपुर की 3 और बेगूसराय की 2 सीटें शामिल हैं। दलित जाति से चल रहा जनक राम का नाम, बसपा से भाजपा में आए थे पूर्व मंत्री नीतीश की पिछली कैबिनेट से इस मंत्रिमंडल तक नहीं पहुंच पाए बीजेपी के मंत्रियों में जनक राम भी शामिल हैं। कैबिनेट में इस बार 5 दलित मंत्री हैं, जिनमें बीजेपी से सिर्फ लखेंद्र रौशन का नाम है। बाकी 4 दलित मंत्रियों में जेडीयू के अशोक चौधरी व सुनील कुमार, लोजपा के संजय पासवान और हम के संतोष सुमन मांझी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर 2013 में बसपा से भाजपा में आए जनक राम 2014 में गोपालगंज से भाजपा सांसद बने थे। 2019 में सीट जेडीयू को गई तो बाद में उनको एमएलसी बनाया गया और फिर वो नीतीश सरकार में दो बार मंत्री बने। चर्चा करने वाले कह रहे हैं कि उनको इसलिए ड्रॉप किया गया है, क्योंकि बीजेपी अगला अध्यक्ष दलित जाति से बना सकती है। ओबीसी से संजीव चौरसिया का नाम, जनसंघ से जुड़े पिता गंगा प्रसाद राज्यपाल भी रहे भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष के लिए पटना जिले की दीघा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने संजीव चौरसिया का नाम भी लिया जा रहा है। संजीव चौरसिया का परिवार संघ से जुड़ा रहा है और उनके पिता जनसंघ के जमाने से भाजपा के साथ हैं। उनका कारोबारी परिवार पार्टी के संघर्ष के दिनों का साथी है। संजीव के पिता गंगा प्रसाद 1980 में भाजपा के गठन के बाद बिहार में पार्टी के कोष प्रमुख बना गए थे। गंगा प्रसाद को 1994 में पार्टी ने एमएलसी बनाया और अगले तीन टर्म तक वो विधान पार्षद रहे। बाद में गंगा प्रसाद को मेघालय और सिक्किम का राज्यपाल भी बनाया गया। संजीव चौरसिया 2015 से लगातार दीघा से जीत रहे हैं। संघ और पार्टी में काम के नाम पर उनके मंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन अब जब उनका नंबर सरकार में नहीं आया है तो यह चर्चा है कि उनका नंबर संगठन में लगने वाला है। भूमिहार जाति से विवेक ठाकुर का भी नाम, पिता सीपी ठाकुर भाजपा में कई पदों पर रहे बिहार बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए भूमिहार जाति से नवादा के लोकसभा सांसद विवेक ठाकुर का नाम भी चल रहा है। विवेक के पिता सीपी ठाकुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री रहे हैं। नीतीश की मौजूदा कैबिनेट में कुल दो भूमिहार मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा और जेडीयू से विजय कुमार चौधरी। एनडीए के 202 विधायकों में भूमिहार जाति के 22 एमएलए जीते हैं। ऐसे में 3-4 भूमिहार मंत्री बनने की अटकलें थीं। 32 विधायकों वाले राजपूत जाति को 4 मंत्री पद मिला है। विवेक ठाकुर का नाम लेने वाले बता रहे हैं कि पार्टी नया अध्यक्ष भूमिहार जाति से बना सकती है, क्योंकि ब्रह्मर्षि समाज को समर्थन और विधायक के हिसाब से नीतीश मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है।