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36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त, 27,800 रोजगार होंगे सृजित

सभी निवेशकों का स्वागत है मध्यप्रदेश में निवेशकों को सभी क्षेत्रों में दिया जा रहा है आगे बढ़ने का अवसर तेलंगाना और मध्यप्रदेश की जोड़ी है हीरा-मोती की तरह निवेशकों की सहूलियत के लिये बनाई 18 निवेश नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में निवेश की विद्यमान संभावनाओं को साकार करने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश की प्रोत्साहनकारी निवेश नीतियों से निरंतर निवेश आ रहा है। आज सभी के संयुक्त प्रयासों से अपने प्रदेश के साथ संपूर्ण देश की प्रगति का विचार रखते हुए क्रियान्वयन की राह पर आगे बढ़ना है। मध्यप्रदेश सरकार की 18 नवीन निवेश नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। निवेशकों के लिये आवश्यक हुआ तो इन नीतियों की परिधि के बाहर जाकर भी उद्योगपतियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पलक-पांवड़े बिछाकर सभी निवेशकों का स्वागत कर रही है। हम हैदराबाद के निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिये आये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद में अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। इसमें 36 हजार 600 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य राज्यों में उन्होंने बिना राजनैतिक एजेंडा के सिर्फ एक उद्देश्य, औद्योगिक निवेश को लेकर यात्राएं की हैं। ऐसे इंटरैक्टिव सेशन मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की बहुआयामी संभावनाओं को बताने और निवेश के लिए आमंत्रित करने का माध्यम बने हैं। यह क्रम चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचारों का उद्योगपतियों और निवेशकों ने समर्थन करते हुए करतल ध्वनि से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मैं बाबा महाकाल की नगरी से हूं। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है, जहां हीरा निकलता है। तेलंगाना राज्य में मोती निकलते हैं। इस प्रकार से हमारी जोड़ी हीरा-मोती की तरह है। हैदराबाद के लोग मोती की पहचान कर लेते हैं, उनके लिए आदमी पहचानना तो बहुत आसान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हैदराबाद एक ऐसा शहर है, जो भविष्य को भांप कर आगे बढ़ता है। इसका अर्थ यह है कि हैदराबाद आने वाले समय का अनुमान लगाने में सक्षम है। यहां निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। देश ने कई मिथकों को तोड़कर अंतरिक्ष सहित सभी क्षेत्रों में विकास की तेज गति हासिल की है। भारत अब रेल कोच भी निर्यात करने की स्थिति में है। मध्यप्रदेश में बीईएमएल को 18 हजार करोड़ लागत की रेल कोच निर्माण की यूनिट लगाने के लिए भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश में डिफेंस टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश हो रहा है। राज्य में सभी क्षेत्रों के निवेशकों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाईड्रा पॉवर पंप स्टोरेज का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नीमच में चंबल नदी पर बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण आगामी 2 वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। यह एक बड़ा प्रकल्प है। मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों से किए हर संकल्प को पूरा कर रही है। राज्यों के बीच साहचर्य का भाव है, देश बदल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्यों के बीच साहचर्य की भावना विकसित हो रही है। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और हमारे पास पर्याप्त जल उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ चल रहे सालों पुराने जल विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना को आगे बढ़ाया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत राशि प्रदान कर रही है। आज का समय स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने और प्रदेश को आगे बढ़ाने का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश बदल रहा है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में भी अपना कार्य शुरू करने का अवसर दे रही है। उद्योग-व्यापार बढ़ने से गरीबों और जरूरतमंदों को रोजगार मिलता है। वन-टू-वन बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा के दौरान 10 कम्पनियों द्वारा 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए गए। इससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होंगे। प्रमुख निवेश प्रस्ताव में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलाबेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये, डर्माक्योर फार्मास्युटिकल्स कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं आईटी सेक्टर में 150 करोड़ रुपये, विंडपोनिक्स इण्डिया कम्पनी द्वारा नवकरणीय ऊर्जा एवं कृषि सेक्टर में 280 करोड़ रुपये, विंटेज कॉफी एण्ड बेवरेजेस लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 1100 करोड़ रुपये, विश्वनाथ प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कम्पनी द्वारा अधोसंरचना सेक्टर में 350 करोड़ रुपये और वुमेनोवा एग्रो फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 720 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया गया। ग्रीनको ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट एवं फाउंडर श्री महेश कोली का अनुभव ग्रीनको ग्रुप प्रेसिडेंट श्री महेश कोली ने बताया कि ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में मध्यप्रदेश में 12 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश से 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले पाँच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना भी तैयार है, जो मध्यप्रदेश के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नीमच में 1,900 मेगावॉट का हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट किसी भी अन्य देश में 8 से 10 वर्ष में पूरा होता, जबकि मध्यप्रदेश में यह 3 वर्षों से भी कम समय में पूरा हुआ है। … Read more

BJP के खिलाफ जोरदार विरोध: चंडीगढ़ पुलिस ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष समेत कई को लिया हिरासत में

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में BJP के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पंजाब महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर समेत कई महिलाओं को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया है. दरअसल, पंजाब BJP महिला मोर्चा ने आज आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के चंडीगढ़ स्थित बंगले का घेराव करने की योजना बनाई थाी. विरोध प्रदर्शन आम आदमी पार्टी द्वारा राज्य की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने के अधूरे चुनावी वादे के खिलाफ था. विरोध प्रदर्शन करते हुए महिलाओं ने पंजाब CM भगवंत मान के सरकारी आवास की ओर कूच किया. पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और खींचतान चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास से 200 मीटर दूर बैरिकेडिंग लगाकर रोका, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की. कुछ महिला प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर भी चढ़ गईं, जिन्हें रोक रही पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई. जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने की बात नहीं मानी तो पुलिस ने उन्हें धक्के देर बैरिकेड से दूर खदेड़ दिया. महिला मोर्चा की स्टेट प्रेसिडेंट जयइंदर कौर के साथ खींचतान और धक्का-मुक्की हुई. इस बीच पुलिस ने जयइंदर कौर समेत कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस में बैठा लिया.

MP में भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, कई प्रभारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई में प्रभारी की नियुक्ति की गई है। यह नियुक्तियां मोर्चा, प्रकोष्ठ और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति से प्रदेश मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा, प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी आशुतोष तिवारी और कार्यालय व्यवस्था प्रभारी जितेंद्र लिटोरिया को बनाया गया है। प्रदेश में भाजपा अपने संगठन को निरंतर व्यवस्थित और मजबूत करने के मकसद से नियुक्तियां कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल को विष्णु दत्त शर्मा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई। लंबी जद्दोजहद के बाद खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया। विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की भी नियुक्ति हो चुकी है; कुछ नियुक्तियां वर्तमान विशेष हैं। राज्य में एक तरफ जहां संगठन को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर, सरकार में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर पार्टी में लंबे अरसे से मंथन का दौर जारी है। तमाम दिग्गज निगम मंडलों में अपनी अथवा समर्थकों की नियुक्तियां करना चाहते हैं। इसके लिए वे संगठन और सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पहले निगम मंडल पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी और उसके बाद ही राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार का रस्ता भी साफ हो सकता है। राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में अभी समय है और पार्टी की कोशिश यही है कि इन चुनावों से पहले तमाम नियुक्तियां कर ली जाएं। वहीं, दूसरी ओर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में भी पार्टी पदाधिकारी पूरी सक्रियता से लगे हुए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संसद और विधायक भी एसआईआर अभियान की सफलता के लिए जगह-जगह दौरा और बैठक कर पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश भी जारी कर रहे हैं। साथ ही उन्हें कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से भी अवगत कराया जा रहा है।

हाई कोर्ट ने कहा मौलिक अधिकारों का हनन, पीजी मेडिकल में डोमिसाइल आरक्षण खत्म

बिलासपुर पीजी मेडिकल में प्रवेश के संबंध में छत्तीसगढ़ में स्थायी निवास आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। बेंच ने स्थायी निवास आधारित आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए रद कर दिया है। याचिकाकर्ता डॉ. समृद्धि दुबे ने सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता संदीप दुबे, मानस वाजपेयी और कैफ अली रिजवी के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें छत्तीसगढ़ मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश नियम 2025 के नियम 11(बी) को भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करने के कारण असंवैधानिक घोषित करने की मांग की थी। डॉ. समृद्धि दुबे ने अपनी याचिका में बताया कि वह छत्तीसगढ़ राज्य की स्थायी निवासी है। उनके माता-पिता छत्तीसगढ़ राज्य के स्थायी निवासी हैं। वर्ष 2018 में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा के आधार पर वीएमकेवी मेडिकल कॉलेज सेलम आवंटित किया गया। एमबीबीएस कोर्स पूरा कर अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप भी पूरी की। इसके बाद स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उसने नीट (पीजी) परीक्षा 2025 में शामिल होने आवेदन किया और प्रवेश कार्ड प्राप्त किया। परीक्षा तीन अगस्त को हुई। परीक्षा उत्तीर्ण की और अखिल भारतीय रैंक 75068 प्राप्त की। परिणाम को देख याचिकाकर्ता प्रवेश पाने के लिए पात्र है। नियम पांच की वैधानिकता को दी गई थी चुनौती राज्य सरकार ने अधिसूचना 2021 द्वारा स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के उद्देश्य से चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नात्कोत्तर पथ्यक्रमों में प्रवेश अधिनियम, 2002 के तहत प्रवेश नियम 2021 नामक नियम बनाए हैं। उस समय पीजी प्रवेश नियम 2021 लागू था, जो चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का प्रविधान करता है। पुराने नियम में एनआरआइ छात्रों के प्रवेश के लिए पात्रता की अतिरिक्त शर्तें" प्रदान करता है। नियम 5 अपात्रता प्रदान करता है, नियम 6 से 8 "सीटों का आरक्षण" प्रदान करता है। नियम 11(ए) में प्रविधान है कि राज्य कोटे में सीटों पर प्रवेश पहले उन उम्मीदवारों को दिया जाएगा, जिन्होंने राज्य में स्थित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की है या जो सेवारत उम्मीदवार हैं। नियम 11(बी) में प्रविधान है कि यदि नियम 11 के उपनियम (बी) में उल्लिखित सभी पात्र उम्मीदवारों को प्रवेश देने के बाद सीटें खाली रहती हैं, तो उन रिक्त सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर स्थित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री की है। राज्य सरकार की ओर से पेश की गईं ये दलीलें राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए उप-महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कहा कि इससे पहले प्रवेश नियम, 2021 लागू थे और प्रवेश नियम, 2021 के नियम 11 (ए) और 11 (बी) छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित मेडिकल कॉलेज में राज्य कोटे की सीटों पर पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के संबंध में वरीयता से संबंधित थे। यह प्रस्तुत किया गया है कि नियम 2021 के नियम 11 (बी) में अधिवास के आधार पर उम्मीदवारों को वरीयता प्रदान करने के संबंध में प्रविधान था। हालांकि प्रवेश नियम 2025 में अधिवास के आधार पर उक्त वरीयता को हटा दिया गया है क्योंकि प्रवेश नियम 2025 के नियम 11 (बी) में ऐसी शर्तें या प्रविधान नहीं थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ सेंटर और आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के तहत कुल 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और चार निजी मेडिकल कॉलेज मान्यता प्राप्त हैं। आयुष विश्वविद्यालय के जरिए मेडिकल कॉलेजों में उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया गया हवाला अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा ऐसी आरक्षण की अनुमति दी जाती है तो यह मौलिक अधिकारों का हनन होगा, जिनके साथ केवल इस आधार पर असमान व्यवहार किया जा रहा है कि वे संघ के एक अलग राज्य से हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 14 में समानता का उल्लंघन होगा और कानून के समक्ष समानता से इन्कार के समान है।

मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी: खंडवा के वोटर्स को भोपाल-दतिया में कर दिया मैप, अधिकारी बोले—जल्द सुधारे जाएंगे नाम

खंडवा एसआईआर के कार्य में बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज का खामियाजा मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसी कार्यशैली की भेंट चढ़े शहर के कुछ मतदाता अब अपना नाम खोज रहे हैं। भैरोतालाब वार्ड की अमीना पत्नी शरीफ का नाम भोपाल की हजूर विधानसभा में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया। अमीना का मायका भुसावल का है और शहर में परिवार के साथ निवास कर रही हैं। भोपाल से उसका कोई लेना-देना नहीं है। इसी प्रकार रमा कॉलोनी निवासी रितु शर्मा का नाम दतिया के डिरोलीपर गांव में बीएलओ द्वारा मैप कर दिया गया है, जबकि इनका मायका राजगढ़ का है। इस प्रकार के कुछ मामले शहर में सामने आ रहे हैं जो कि मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।   इसे लेकर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन प्रफुल्ल शुक्ला ने बताया कि यह भोपाल बीएलओ स्तर पर मैपिंग की त्रुटि है। उन्होंने बताया कि यह बीएलओ द्वारा शुरुआत में की गई टेबलटॉप एक्सरसाइज के दौरान हुई होगी। एक जैसे नाम होने के चलते ऐसा हुआ होगा। मतदाता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बीएलओ जब मतदाता की जानकारी गणना पत्रक के आधार पर भरेगा तो वहां स्वीकार नहीं होगा और सही मतदाता की जानकारी भरने के लिए वहां के बीएलओ को यह नाम अनमैप करना पड़ेंगे। जैसे ही वहां से अनमैप हुआ कि यहां का बीएलओ मतदाता की जानकारी भर सकेगा। इस प्रकार के नामों को लेकर हम लोग भी वहां के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर त्रुटि से अवगत करवाने के साथ नाम को अनमैप करवाएंगे।

23 से 29 नवंबर तक लखनऊ स्काउटिंग और गाइडिंग की बना रहेगा वैश्विक राजधानी

लखनऊ, 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी भारत स्काउट्स और गाइड्स कार्यक्रम की शुरूआत रविवार को लखनऊ में हो रही है। 61 वर्षों के अतंराल के बाद 23 से 29 नवंबर तक सात दिवसीय जम्बूरी के डायमंड जुबली कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अगले सात दिनों तक लखनऊ स्काउटिंग और गाइडिंग की वैश्विक राजधानी बना रहेगा। देश भर से आये हुए स्काउट्स और गाईड्स 23 नवंबर से जम्बूरी में एकत्रित हो शिविर की शुरूआत करेंगे, हालांकि जम्बूरी का औपचारिक उद्घाटन 24 नवंबर को किया जाएगा। रविवार के दिन देश के कोने-कोने से आये स्काउट्स एण्ड गाइड्स का रजिस्ट्रेशन करने के साथ-साथ उद्घाटन कार्यक्रम की रिहर्सल करेंगे एवं जम्बूरी के हॉस्पिटल व ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन किया जाएगा।   जम्बूरी के पहले दिन होगी उद्घाटन समारोह की रिहर्सल राष्ट्रीय जम्बूरी स्काउट्स एण्ड गाइड्स की शुरूआत 23 नवंबर को सुबह 10 बजे से देशभर से आए हजारों स्काउट्स और गाइड्स के आगमन और पंजीकरण के साथ होगी। इसके बाद स्काउट्स अपनी-अपनी कलर पार्टी और बैंड का चयन कर उद्घाटन समारोह की रिहर्सल करेंगे। दोपहर में बजकर 15 मिनट से 2 बजकर 30 मिनट का समय दोपहर के भोजन के लिए निर्धारित किया गया है। दोपहर के भोजन के बाद, उद्घाटन समारोह की दूसरी रिहर्सल की जाएगी। शाम 5:30 बजे ग्रुप लीडर्स की बैठक आयोजित होगी, जहां कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद विंगवार प्रतियोगिताएं शुरू होगीं, जो स्काउट्स की रचनात्मकता और कौशल का परीक्षण करेंगी। 6:30 बजे जम्बूरी स्टाफ और उप-कैंप प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। 7:30 बजे रात्रि भोजन के बाद 8:30 बजे कैंप फायर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्काउट्स मिलकर मनोरंज करेंगे। रात 10 बजे लाइट्स ऑफ के साथ पहले दिन के कार्यक्रमों के समापन की योजना का निर्धारण किया गया है। जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का किया जाएगा उद्घाटन राष्ट्रीय जम्बूरी के पहले दिन के दैनिक कार्यक्रमों के साथ जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन किया जाएगा। जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन दोपहर 1 बजे करने की योजना है। जिसमें जम्बूरी के सभी स्काउट्स एण्ड गाइड्स भाग लेंगे। ब्लड डोनेशन कैम्प में स्वेच्छा से भाग लेकर स्काउट्स सामाजिक भागीदारी का भी निर्वहन करेंगे। भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स की जम्बूरी न केवल कौशल विकास का मंच है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, नेतृत्व की क्षमता और सामुदायिक सेवा पर केंद्रित है। जम्बूरी का प्रमुख उद्देश्य न केवल स्काउट्स और गाइड्स के बीच एकता और दोस्ती को बढ़ावा देना है, बल्कि इसे "सशक्त युवा, विकसित भारत" की थीम के साथ देशभर में युवा शक्ति को सशक्त बनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।19वां राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक स्काउट्स और गाइड्स का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता का विश्व मंच पर प्रदर्शन है।

फर्जी कॉल्स से बचें: SIR पोर्टल के नाम पर OTP ठगी के खिलाफ आयोग का अलर्ट

जगदलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना फार्म भरने वाले मतदाताओ और नागरिकों को साइबर ठगी को लेकर सतर्क किया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा इस संबंध में गुरुवार को एक सूचना जारी की गई है। आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि एसआईआर फार्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं। बताया गया कि बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) के माध्यम से एसआईआर फार्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है। यदि कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि आपके एसआईआर से जुड़े मोबाइल पर जो ओटीपी आया है, वह हमें दे दीजिए तो उन्हें तुरंत मना कर दें। कॉल करने वाले व्यक्ति को साफ-साफ मना करते हुए निर्वाचन कार्यालय अथवा बीएलओ से संपर्क कर इसकी जानकारी दे दी जाए। आयोग ने दबाव या धमकी की स्थिति में पुलिस को सूचना देने के लिए कहा है। पुलिस ने भी की अपील पुलिस ने भी नागरिकों को एसआईआर फार्म भरने की प्रक्रिया से जुड़ी एक नई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी (स्कैम) के प्रति सतर्क किया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। आवश्यकता पड़ने पर जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा इंटरनेट मीडिया पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी छत्तीसगढ़ के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम में जुड़ सकते हैं। एसआईआर ने पकड़ा जोर बस्तर जिले में एसआईआर का कार्य जोर पकड़ चुका है। बीएलओ गणना पत्रक भरवा रहे हैं। मतदाता और अन्य नागरिक भी इस कार्य में पूरा सहयोग कर रहे हैं। नईदुनिया ने शुक्रवार को शहर के समीप ग्राम पंचायत आड़ावाल के नयापारा में एसआईआर गणना पत्रक भरने एकत्र लोगों से चर्चा की तो उनका कहना था कि बीएलओ फार्म भरने में सहयोग कर रहे हैं। 2003 की मतदाता सूची से मतदाता संबंधी जानकारी भी बता रहे हैं इससे काम आसान हो गया है।

वायु गुणवत्ता सुधार को यूपी सरकार का बड़ा कदम, एनसीआर क्षेत्र के लिए नई कार्ययोजना लागू

लखनऊ एनसीआर के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए योगी सरकार ने एक व्यापक और परिणामकारी कार्य योजना तैयार की है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सड़क की धूल को प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण मानते हुए एक्शन प्लान तैयार किया गया है। मुख्य रूप से एक्शन प्लान सड़क खंडों के पुनर्विकास, धूल नियंत्रण और साफ-सफाई को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस विस्तृत अभियान के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।  राज्य स्तर पर एक परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) भी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता इसी विभाग के सचिव करेंगे। इस इकाई में शहरी विकास, लोक निर्माण, आवास एवं शहरी नियोजन, तथा औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, ताकि योजना का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सड़क धूल कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन, स्प्रिंकलर, और यांत्रिक सफाई से जुड़े अन्य उपाय भी अपना रहे हैं। यह कार्य योजना एनसीआर-यूपी में वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यूपी-एनसीआर में आम नागरिक को प्रदूषण से राहत प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से ऑटो रिक्शा पर पाबंदी लगाई जा रही है। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में डीजल ऑटो रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जनपद बागपत में डीजल ऑटो रिक्शा का संचालन 31 दिसंबर 2025 तक पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। मेरठ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने प्रतिबंधित वाहनों के लिए नए परमिट जारी करने और परमिट के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। आगामी 31 दिसंबर, 2026 तक मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में भी ऑटो रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।

नए श्रमिक कानून से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का कवच, महिलाओं को भी नाइट शिफ्ट का अधिकार

डबल इंजन सरकार में प्रत्येक श्रमिक को न्यूनतम वेतन की गारंटी, जोखिमयुक्त काम करने वालों को 100% स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा चार नई श्रम संहिताओं के लागू होने से “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’’ को गति, 2047 तक उत्तर प्रदेश  बनेगा विकसित और आत्मनिर्भर  लखनऊ नए श्रमिक कानून से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित होगा। देश के 29 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब चार नए श्रमिक कानून लागू किए हैं। नई संहिता आधुनिक कार्यशैली, वेतन, स्वास्थ्य जांच और गिग वर्कर्स के लिए नए प्रगतिशील प्रावधान लेकर आई है। अब श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र, समान वेतन, सोशल सिक्योरिटी, ओवरटाइम पर डबल वेतन, फिक्स टर्म ग्रेच्युटी और जोखिम वाले क्षेत्रों में 100% हेल्थ सिक्योरिटी की गांरटी मिलेगी। इसके साथ ही महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने का भी अधिकार मिलेगा। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार नए कानून देश में लागू कई श्रम कानून 1930–1950 के बीच बनाए गए थे। इसमें गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और प्रवासी श्रमिक जैसी आधुनिक कार्यशैली का उल्लेख तक नहीं था। नए लेबर कोड इन सभी को कानूनी सुरक्षा देते हैं। नए श्रम कानून उत्तर प्रदेश की रोजगार व्यवस्था और इंडस्ट्रियल सिस्टम को नई परिभाषा देगें। नए नियमों से उत्तर प्रदेश के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलेगा, जो पहले कभी संभव नहीं हुआ था कामकाजी महिलाओं को नाइट शिफ्ट का अधिकार उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब सहमति और सुरक्षा प्रबंधों के साथ नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं। समान वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल की गारंटी भी नए कोड में शामिल है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी समान अधिकार मिले हैं। नियुक्ति पत्र अनिवार्य, समय पर वेतन की गारंटी नियोक्ताओं को अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना होगा। न्यूनतम वेतन प्रदेशभर में लागू हो गया है और समय पर वेतन देना कानूनी बाध्यता होगी। इससे रोजगार में पारदर्शिता और कर्मचारी सुरक्षा बढ़ेगी। 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी। खनन, केमिकल और कंस्ट्रक्शन जैसे खतरनाक कार्य क्षेत्रों में काम करने वालों को पूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। केवल एक साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी पहले 5 साल नौकरी के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी अब सिर्फ एक साल की स्थाई नौकरी के बाद मिलेगी। यह प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बड़ा फायदा है। गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार कानूनी मान्यता मिली है। ओला–उबर ड्राइवर, जोमैटो–स्विगी डिलीवरी पार्टनर, ऐप-बेस्ड वर्कर्स अब सामाजिक सुरक्षा लाभ पाएंगे। एग्रीगेटर्स को अपने टर्नओवर का 1–2% योगदान देना होगा। UAN लिंक होने से राज्य बदलने पर भी लाभ जारी रहेगा।   ओवरटाइम का डबल वेतन मिलेगा नए श्रमिक कानून से कर्मचारियों को अब ओवरटाइम का भुगतान डबल रेट पर मिलेगा। इससे ओवरटाइम भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। अब कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भी न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और काम की गारंटी मिलेगी। प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के कामगार भी सुरक्षा ढांचे में शामिल होंगे। सिंगल लाइसेंस और सिंगल रिटर्न सिस्टम लागू होगा। इससे कंपनियों का अनुपालन बोझ कम होगा और उद्योगों को लालफीताशाही से राहत मिलेगी। नए लेबर कोड विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेंगे। इससे “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को भी रफ्तार मिलेगी।

सरकार पहुँची गांव-गांव: DC ने जनसमस्याओं का किया समाधान, लोगों ने जताई संतुष्टि

 गढ़वा  गढ़वा जिले में जनता तक सुशासन पहुंचाने के लिए “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत पर्व पर जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए इस मुहिम की शुरुआत की गई। सेवा का अधिकार का ये कार्यक्रम सप्ताह तक चला जाएगा। गढ़वा के चिनियां प्रखंड के बरवाडीह पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिनेश यादव ने किया। वहीं कार्यक्रम स्थल पर अलग अलग विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का भी डीसी ने जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए। शिविर में पहुंचे लाभुकों से उपायुक्त ने सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।