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बिहार में बदल रहा मौसम: सुबह कोहरा लौटेगा, पारा होगा और नीचे

पटना बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। पारा गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 4 से 5 दिन तक पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी। पटना समेत कई इलाकों में कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में अगले दो दिन तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। आम लोग सावधान रहें। गर्म कपड़े पहनकर ही सुबह और शाम में बाहर निकलें। इधर, आज के मौसम की बात करें तो पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, दरभंगा समेत कुछ जिलों में सुबह से ही हल्का कोहरा देखने को मिला। हालांकि नौ बजे तक पटना, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर भागलपुर गया मुंगेर समेत कई जगह धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों के न्यूनतम तापमान मे कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। इसके बिहार राज्य के अनेक भागों के न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस पूर्णिया का दर्ज किया गया। वहीं राज्य का अधिकतम तापमान 26.9 से 30.8 सेल्सियस के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गयी। वहीं कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पूसा (समस्तीपुर) में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहा। सबसे कम न्यूनतम दृश्यता 1000 मीटर पटना एवं पूर्णिया में दर्ज किया गया। हालांकि इन दोनों जगहों पर विमान सेवा प्रभावित नहीं हुई। 

ऐतिहासिक शहीदी दिवस पर बढ़ी सतर्कता, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होंगे खास प्रबंध

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने नौवें गुरु, धन धन श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित 350वीं शहीदी वर्षगांठ के जश्न के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने समागम की तैयारियों का रिव्यू किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि सभी अधिकारी सेवा की भावना से काम करें और श्रद्धालुओं को पूरी सुविधाएं देना अपनी प्राथमिकता बनाएं।    चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि 22 नवंबर को चार अलौकिक नगर कीर्तन श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे, जबकि 23 नवंबर को गुरु का बाग बुड्ढा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू होगा। 23 नवंबर को होने वाले सर्वधर्म सम्मेलन में देश-विदेश से बड़े-बड़े धार्मिक लोग और संत-महापुरूष शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को भाई जैता जी मेमोरियल में पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन होगा, जबकि 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने टेंट सिटी में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के रहने का इंतजाम किया है। इसके साथ ही, 500 फ्री ई-रिक्शा और शटल बसों से श्रद्धालुओं को कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि गाड़ियों के लिए 100 एकड़ में 30 मॉडर्न पार्किंग बनाई गई हैं।    श्री आनंदपुर साहिब को साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाने के लिए एक खास पेड़ लगाने की मुहिम भी शुरू की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, सेवादार और सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे। प्रशासन लगातार मीटिंग कर रहा है और इंतजामों को फाइनल करने के लिए अलग-अलग लेवल पर मौकों का रिव्यू कर रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले हर भक्त को एक आसान और सुरक्षित अनुभव दिया जाएगा।  सरकार का मुख्य मकसद है कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम भक्ति, अनुशासन और सेवा के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड पर हो। सुरक्षा व्यवस्था के बारे में डी.जी.पी. गौरव यादव ने कहा कि 8000 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जो 25 अलग-अलग सेक्टर में निगरानी कर रहे हैं। 500 से ज़्यादा सी.सी.टी.वी. कैमरे पूरे इलाके पर नजर रखेंगे, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को तुरंत कंट्रोल किया जा सके। ए.डी.जी.पी. नौनिहाल सिंह विधानसभा के स्पेशल सेशन की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।  इस मौके पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पार्लियामेंट्री अफेयर्स डी.के. तिवारी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन नील कंठ अवहक, सेक्रेटरी टूरिज्म डॉ. अभिनव, सेक्रेटरी पंजाब मंडी बोर्ड और इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशन्स रामवीर, स्पेशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला, ए.डी.जी.पी. परमार, ए.डी.जी.पी. नौनिहाल सिंह, गमाडा के सी.ए. साक्षी साहनी, हरगुनजीत कौर, डिप्टी कमिश्नर रूपनगर वरजीत वालिया, अभिमन्यु मलिक, नानक सिंह, डिप्टी कमिश्नर जालंधर हिमांशु अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, अमरदीप संधू डी.सी. फाजिल्का, एडीए संदीप गढ़ा, एडीसी पूजा सियाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: ACB ने इंजीनियर को 30 हजार लेते पकड़ा

गरियाबंद नगर पालिका गरियाबंद में पदस्थ इंजीनियर संजय मोटवानी को एसीबी की टीम ने 30 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ठेकेदार अजय गायकवाड़ ने रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी से की थी, जिस पर एसबी की टीम ने ट्रैप प्लान किया और रिश्वत लेते इंजीनियर को रंगे हाथों धर दबोचा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ठेकदार ने शिकायत में बताया था कि उसके निर्माण कार्य के बिल पास करने के एवज में इंजीनियर संजय मोटवानी ने एक लाख रुपए की मांग की थी। तय समय में इंजीनियर ने आज ठेकेदार को रकम लेने साईं गार्डन के पास बुलाया था। अपने कार के डेस्क बोर्ड में आरोपी इंजीनियर ने जैसे ही रकम रखवाया। पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। फिलहाल टीम उसे पालिका लेकर गई है। एसबी की टीम पड़ताल कर रही है कि आखिर किन-किन काम के एवज में रिश्वत ली गई थी।

कैबिनेट पोर्टफोलियो पर मंथन तेज: नीतीश के पास होम, BJP को हाउस मिलने की चर्चा गर्म

पटना बिहार के 10वीं बार सीएम बने नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों के बीच विभाग और मंत्रालय के बंटवारे का इंतजार चल रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (एलएनएमयू) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने सुबह दरभंगा गए थे और दोपहर बाद पटना लौट आए हैं। अब सीएम हाउस और राजभवन के बीच औपचारिकता पूरी होने के बाद मंत्रियों के विभागों का ऐलान कभी भी हो सकता है। संभावना है कि आज शाम तक मिनिस्टर के मंत्रालय सामने आ जाएं। इस बीच चर्चा है कि पहले की तरह होम यानी गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। बीजेपी को पहले की तरह हाउस यानी विधानसभा में स्पीकर का पद मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गया टाउन सीट से 1990 से लगातार जीत रहे प्रेम कुमार को इस बार मंत्री नहीं बनाया है। सुशील मोदी और नंद किशोर यादव के जमाने से भाजपा के बड़े नेता रहे प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एक पसंद हो सकते हैं। मंत्रालयों में वित्त मंत्रालय समेत कई बड़े विभाग भाजपा कोटे के मंत्रियों को मिलने की अटकलें है, जिसमें उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, खान, पथ निर्माण और सहकारिता जैसे मंत्रालय शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे के मंत्रियों को संसदीय कार्य, शिक्षा, परिवहन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, भवन निर्माण जैसे मंत्रालय मिलने की चर्चा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की 8वीं सरकार का गुरुवार को शपथ ग्रहण हुआ था, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री आए थे। सरकार में नीतीश के अलावा 26 मंत्री बनाए गए हैं। नीतीश ने जेडीयू की बैठक में कहा था कि खरमास के बाद एक कैबिनेट विस्तार होगा। मौजूदा मंत्रिमंडल में सीएम समेत बीजेपी के 14, जेडीयू के 9, लोजपा-रा के 2, हम और रालोमो के 1-1 मंत्री शामिल किए गए हैं। कैबिनेट में 9 और मंत्री बनाने की जगह है, जिसमें जेडीयू की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी। नीतीश कैबिनेट के मंत्रियों के विभाग और मंत्रालय की लिस्ट- जब सरकार घोषणा करेगी तब यह लिस्ट अपडेट की जाएगी। अभी आप मंत्रियों के नाम, पद और उनकी पार्टी देख सकते हैं।

टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी भारी आग से मचा हड़कंप, पानीपत के बलाना में दमकल की छह गाड़ियाँ तैनात

पानीपत पानीपत के इसराना क्षेत्र के बलाना गांव में शुक्रवार सुबह एक टेक्सटाइल यूनिट में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे समय तक आग बुझाने का प्रयास करती रहीं। CRG Cotex Private Limited नाम की टेक्सटाइल यूनिट में सुबह अचानक आग भड़क उठी। आग ने कुछ ही समय में फैक्ट्री में रखे कच्चे माल और तैयार प्रोडक्ट को अपनी गिरफ्त में ले लिया। फैक्ट्री में मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए तुरंत बाहर भागे और फायर विभाग को सूचना दी।   सूचना मिलने के बाद छह फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। फायर सेफ्टी ऑफिसर गुरमेल सिंह के अनुसार, दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने में जुटे रहे। घटना में फैक्ट्री की इमारत को भी काफी नुकसान हुआ है। स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास जारी समाचार लिखे जाने तक फायर फाइटर्स आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे हुए थे। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग के कारण भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।  

ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा शुरू, सांसद पाटिल और विधायक पटेल ने यात्रियों का स्वागत किया

ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा का हुआ शुभारंभ सांसद  पाटिल एवं विधायक  पटेल ने उज्जैन से ओंकारेश्वर पहुंचे यात्रियों का किया स्वागत ओंकारेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को त्वरित, सुगम और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर भोपाल से “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का शुभारंभ किया था। इसके तहत ओंकारेश्वर में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से उज्जैन से 5 तीर्थ यात्रियों का आगमन खण्डवा के ग्राम कोठी के हेलीपैड पर हुआ। खंडवा सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल और मांधाता विधायक  नारायण पटेल ने हेलीकॉप्टर से आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। हेलीकॉप्टर से आए 5 तीर्थ यात्रियों ने ओंकारेश्वर मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। "पीएम हेली पर्यटन सेवा" के शुभारंभ अवसर पर सांसद  पाटिल ने कहा कि आज का दिन खंडवा जिले और ओंकारेश्वर के नागरिकों के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 11 वर्षों में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। देश के 12 ज्योतिर्लिंग को टूरिस्ट सर्किट और हवाई यात्रा सुविधा से जोड़ा गया है। इस सुविधा के प्रारंभ होने से तीर्थ यात्री कम समय में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो यात्री समय के अभाव में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाते थे, वे हेलीकॉप्टर सेवा से ओंकारेश्वर और उज्जैन आकर मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ओंकारेश्वर में विकास कार्य लगातार जारी हैं। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम विकसित हो रहा है, नर्मदा किनारे घाटों का सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है। सिंहस्थ-2028 प्रारंभ होने से पहले ओंकारेश्वर फोरलेन सड़क से तो जुड़ ही जाएगा, साथ ही ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन भी शीघ्र ही प्रारंभ होगा, जिससे रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने पीएम हेली पर्यटन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। विधायक  पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर समुदाय और हर वर्ग के लिए विकास योजनाएं प्रारंभ की हैं। ओंकारेश्वर अब हवाई मार्ग से भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवा के राउंड बढ़ाए जाएंगे, जिससे अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ ले सकें। विधायक  पटेल ने कहा कि ओंकारेश्वर में विकास कार्यों के लगातार होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों की आय भी बढ़ रही है। अपर कलेक्टर मती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने इस अवसर पर बताया कि इस नई सुविधा से पर्यटकों को कम समय में अधिक गंतव्यों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग तक की यात्रा अब मात्र 20 से 40 मिनट में संभव होगी। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5500 रूपये रखा गया है। पीएम हेली पर्यटन सेवा का लाभ लेकर श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।  

एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल  पटेल एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि  हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है। राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।      

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

हेमंत सरकार पर अजय साह का हमला: स्कूली बच्चों की योजनाओं में भी लूटखसोट

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साह ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है। यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है। साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और एमकेएस एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जेईपीसी-जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है-द्वारा एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किया गया, जिसमें एमकेएस एंटरप्राइज को नियुक्त किया गया। साह ने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑडर्र, जेईपीसी निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र और आरटीआई से प्राप्त सूचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा जेपीईसी को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था, लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि जेपीईसी के संरक्षण में एमकेएस एंटरप्राइज ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 'आधार सुपरवाइज़र' से ‘सिक्योरिटी मनी' के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। साह ने आरोप लगाया है कि जेईपीसी और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50-50 हजार रुपये वसूले गए और जब सुपरवाइजर ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एमकेएस एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, जेईपीसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच और एमकेएस एंटरप्राइज को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।