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JEE-NEET फ्री कोचिंग: बिहार बोर्ड आज से लेगा आवेदन, छात्रों को मिलेगा फ्री हॉस्टल व भोजन

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) 2028 की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए बीएसईबी सुपर 50 नि:शुल्क आवासीय कोचिंग में नामांकन के लिए आवेदन की तिथि जारी कर दी है। दोनों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 नवंबर से आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक विद्यार्थी समिति की वेबसाइट https://coaching.biharboardonline.com/index पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 नंवबर है। बोर्ड की ओर से आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। जेईई-नीट की तैयारी के लिए 50 छात्र-छात्राओं का अलग-अलग बैच बैच होगा। विद्यार्थियों को तैयारी के लिए उच्च कोटि की पाठ्य सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। नि:शुल्क आवासीय कोचिंग में कोटा, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता के बड़े कोचिंग संस्थानों मे पूर्व में पढ़ाने वाले अनुभवी शिक्षकों को मार्गदर्शन बच्चों को मिलेगा। इन्हीं शिक्षकों द्वारा बच्चों को तैयारी कराई जाएगी। ये सुविधाएं मिलेंगी ● नि:शुल्क आवासन और भोजन ● प्रत्येक माह में दो बार ओएमआर टेस्ट या कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट ● सभी कक्षाओं में एसी और डिजिटल बोर्ड आदि की सुविधा ● प्रतिदिन पढ़ाई के अलावा डाउट क्लियरिंग कक्षाओं की सुविधा ● जेईई-नीट की तैयारी के लिए लगभग 50 विद्यार्थियों का अलग बैच होगा ● पटना के सरकारी स्कूल में नि:शुल्क नामांकन की सुविधा – दो वर्षीय कोर्स होगा, बड़े संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षक कराएंगे तैयारी – नि:शुल्क पाठ्य सामग्री – छात्र-छात्राओं की नियमित जांच के लिए पुरुष और महिला चिकित्सक और नर्स की सुविधा बिहार बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालयों में नामांकन लेने के इच्छुक विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन बोर्ड ने कहा है कि बिहार बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की 2026 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले वैसे विद्यार्थी जो 11वीं कक्षा में बिहार बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालयों में नामांकन लेने के इच्छुक हैं वे इसमें पढ़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  

MP की लोक परिवहन सेवा 7 चरणों में सड़कों पर लौटेगी, इंदौर में 50 किमी क्षेत्र में पहले चरण की बसें

भोपाल   प्रदेश में 20 साल से बंद सरकारी लोक परिवहन सेवा नए सिरे से 7 चरणों में सड़कों पर उतरेगी। पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 किमी क्षेत्र में अनुबंधित बसें चलेंगी। दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार होगा। भोपाल व उज्जैन शहर के 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी। 7वें चरण में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कवर होंगे। परिवहन विभाग के सचिव व मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी मनीष सिंह ने संचालक मंडल की पहली बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) के सामने पूरी कार्ययोजना पेश की। परिवहन सचिव ने सीएम को बताई योजना     इंदौर शहर से 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें चलेंगी।     इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार। उज्जैन व भोपाल शहर से 50 किमी दायरे में आने वाले शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें दौड़ेंगी।     उज्जैन संभाग के सभी जिले कवर होंगे।     सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत, रूट चिह्नित।     भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में लोक परिवहन सेवा जमीन पर उतरेगी।     रीवा व शहडोल संभाग के जिले कवर होंगे।     ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार। देश में पहली बार परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सीएम को बताया कि लोक परिवहन सेवा के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम बना रहे हैं। यह देश का पहला सिस्टम होगा, जिसमें बस लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटोमेटिक किराया संकलन, अलर्ट, शिकायत निवारण जैसे 18 मॉड्यूल होंगे। मुख्यमंत्री: फायदे वाले रूट पर ही दौड़कर न रह जाएं बसें मुख्यमंत्री ने पूरी कार्ययोजना देखी और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों से राय ली। बोले-यह सरकार का सबसे बड़ा महत्वाकांक्षी और जनकल्याण से जुड़ा काम है। ध्यान रहे, बसें सिर्फ फायदे वाले रूटों तक ही न चलाएं। लोगों की जरूरत वाले रूट भी चिह्नित कर बसें दौड़ाएं। सीएम के ये सुझाव 15 साल या उससे पुरानी बसें नहीं चलाई जाएं। राज्यों के मॉडलों का एक बार और अध्ययन कराएं। जो अच्छा हो, उसे भी कार्ययोजना में शामिल करें। मप्र यात्री परिवहन व इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी का लोगो प्रतियोगिता के आधार पर तय करें। ऐसे तय होगा किराया यात्री किराए का निर्धारण थोक मूल्य सूचकांक, श्रम दर, ईंधन दर, पूंजीगत लागत और वर्तमान किराये के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मापदंड भी देखे जाएंगे।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को हटाने पर बैतूल में संविदा कर्मचारियों का जोरदार विरोध

बैतूल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले संविदा कर्मचारी 20 नवंबर को 22 जुलाई 2023 को समान्य प्रशासन विभाग से जारी संविदा नीति के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर घंटी, थाली, चम्मच, लोटा बजाकर सरकार को जगाने के लिए प्रदर्शन करेंगे।उधर, बैतूल में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा दैनिक वेतन भोगी भृत्य को सेवा से पृथक करने के आदेश के विरोध में भोपाल में सतपुड़ा भवन में प्रदर्शन किया जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा इसमें सुधार को लेकर जो घोषणा की गई थी उसके अनुसार आदेश जारी नहीं किए गए हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राठौर ने बताया कि 20 नवंबर को पूरे प्रदेश में संविदा कर्मचारियों के द्वारा घंटी बजाई जाएगी और सरकार में बैठे अधिकारियों को कुंभकरण की नींद से जगाया जाएगा और संविदा नीति में संशोधन करने की मांग की जाएगी। संविदा कर्मचारी भोपाल में दोपहर 1:30 बजे राज्य शिक्षा केंद्र के सामने घंटी बजाकर सरकार को जगाएंगे और मांग करेंगे कि संविदा नीति की विसंगतियों को दूर किया जाए। यह संशोधन चाहते हैं संविदा कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ एक लाइन जोड़ दी है जो ठीक नहीं है। इससे तो 2018 की संविदा नीति रही है जिसमें नियमित भर्ती के लिए निकलने वाले पदों का 20 प्रतिशत आरक्षण ही ठीक था। संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ की मांग है कि सरकार नियमित भर्ती का सीधे 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखें। इसमें किसी भी प्रकार का कोई किंतु, परंतु नहीं जोड़ा जाए और उन पदों पर वरिष्ठता के आधार पर नियमित किया जाए। नए और 25 साल से काम कर रहे कर्मचारियों का वेतन मान सही हो संविदा नीति 22 जुलाई 2023 में सातवां वेतन निर्धारण करते समय जो संविदा कर्मचारी अधिकारी समान पद पर 25-30 साल से कार्य कर रहा है और जो नया नियुक्त हो रहा है उसका वेतन और नए कर्मचारियों का वेतन एक समान है। वरिष्ठता के हिसाब से कोई वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। वरिष्ठता के अनुसार संविदा कर्मचारियों को इतने वर्षों का इन्क्रीमेंट लगाते हुए, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति के अनुसार वेतन निर्धारण करते हुए वेतन निर्धारण किया जाना चाहिए। संविदा कर्मचारियों को पहले नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता प्रदान किया जाता था। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में महंगाई भत्ते के सीन पर सीपीआई इंडेक्स कर दिया गया जिसके कारण संविदा कर्मचारियों के वेतन में बहुत कम वेतनवृद्धि होती है। इसलिए संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन और मंहगाई भत्ता दिया जाना चाहिए। ग्रेड पे में सुधार किया जाए विभागों ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के अनुसार बहुत से पदों के ग्रेड पे कम कर दिए हैं। जैसे वर्षों से डाटा एंट्री ऑपरेटर को 2400 ग्रेड पे के अनुसार वेतन दिया जा रहा था उनको 1900 रुपए कर दिया है। जिला परियोजना समन्वयक, विकास खण्ड समन्वयक, जिला महिला जेंडर समन्वयक इनका ग्रेड पे जो पहले मिल रहा था उससे कम कर दिया गया है। सहायक ग्रेड 1 को सहायक ग्रेड 3 बना दिया गया, लेखापाल का वेतन निर्धारण 2800 की जगह 2400 से कर दिया गया। प्रोग्रामर, एमआईएस, कोआर्डिनेटर, स्टेनोग्राफर इन सबका वेतन निर्धारण सही किया जाए । यह सब शासन के वित्त विभाग के दबाव में किया है। उसे सुधारा जाए और जिन पदों निर्धारण हुआ है, उनका निराकरण किया जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जाए विभागों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक इनकी भर्ती वर्षों से बंद कर रखी है, संविदा नीति 2022 में 50 प्रतिशत् का प्रावधान नियमित पद आरक्षण का प्रावधान किया है। विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक का क्या होगा? इसके विभागों में जहां पर चतुर्थ श्रेणी और वाहन चालक के पद रिक्त हों, इनका सीधे उन विभागों में संविलयन कर नियमित किया जाए और नियमित वेतनमान दिया जाए। अवकाश देने में समानता हो 4 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों के समान अवकाश दिए जाने की घोषणा की थी। जिसमें अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, महिला संविदा कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव कर्मचारियों के लिए 7 दिन का विशेष अवकाश भी शामिल था। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में जब आदेश आया उसमें आकस्मिक अवकाश के साथ केवल 15 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किए गए। शासकीय आवास की पात्रता हो, मकान किराया भत्ता मिले संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान शासकीय आवास की पात्रता और मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता तथा नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ दिया जाए। संविदा कर्मचारियों को भी मृत्यु होने पर नियमित कर्मचारियों के समान उसके परिवार को एक्सग्रेसिया का भुगतान किया जाए। ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ उन संविदा कर्मचारियों को भी दिया जाए जो इस नीति के आने के पहले सेवानिवृत्ति हो चुके हैं या दिवंगत हो चुके हैं। उनके परिवार के आश्रित सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति और ग्रेच्युटी दी जाए। योजना परियोजना बंद होने से जिन संविदा कर्मचारियों को निष्कासित किया है या सेवा समाप्त की है उन संविदा कर्मचारियों को अन्य विभागों या उनकी योजनाओं में संविदा पर लिया जाए और जो योजनाएं समाप्त होने वाली हैं उनके कर्मचारियों के लिए उपक्रम बनाया जाए। जनजातीय कार्य विभाग के अस्थायी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले आज बुधवार को बैतूल जिले के जनजाति कार्य विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी भृत्य, अंशकालीन कर्मचारी सहायक आयुक्त जिला बैतूल के कर्मचारी विरोधी आदेश के विरोध में कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अरेरा हिल्स भोपाल में दोपहर 12 बजे प्रदर्शन करेंगे। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को ज्ञापन सौंप कर कर्मचारी विरोधी आदेश को निरस्त करने की मांग करेंगे। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला बैतूल ने विकासखंड अधिकारियों को आदेश जारी करके निर्देश दिए हैं कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, भृत्य एवं अंशकालीन कर्मचारियों को सेवा में न रखा जाए जिस कारण विकासखंड अधिकारी वर्षों से सेवा कर रहे दैनिक वेतन भोगी भृत्य एवं अंशकालीन … Read more

PM मोदी कर सकते हैं भोपाल मेट्रो की पहली सवारी, कमर्शियल रन को जल्द हरी झंडी

भोपाल  भोपाल शहर में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को दे सकते हैं। सब कुछ ’ओके’ होने के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इंदौर में 31 मई को उन्होंने वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। सीएमआरएस 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। अब बस रिपोर्ट का इंतजार अगले 3 दिन यानी, 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ड तक देखे थे। इसके बाद टीम वापस लौट गई। इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ’ओके’ ही रहेगी। इन हिस्सों की जांच हुई -रख-रखाव मानकों की जांच। -ट्रेन परीक्षण दस्तावेजों और संचालन नियंत्रण केंद्र की समीक्षा। -पावर सप्लाई और थर्ड रेल सिस्टम का परीक्षण। -स्वचालित ट्रेन नियंत्रण, एटीएस/एटीपी सिस्टम। -आपातकालीन ब्रेकिंग, इंटरलॉकिंग। -फायर सेफ्टी, यात्री सुविधाएं व स्टेशन मैनेजमेंट की भी जांच।

सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

MP में हेली सेवाओं की बड़ी सुविधा: इंदौर–ओंकारेश्वर 25 मिनट, भोपाल–पचमढ़ी का समय घटा; किराया जारी

भोपाल   मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क के लिए हेलिकॉप्टर सेवा कल 20 नवंबर से शुरू कर रहा है। इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में सिर्फ 25 और भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने में 40 मिनट लगेंगे। यह खबर पर्यटकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहींl इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी हो या कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और दोनों ज्योतिर्लिंग। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की नियमित उड़ानें यहां के लिए रहेंगी। इंदौर-ओंकारेश्वर का किराया 2500 और भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार रुपए तय किया गया है। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला पहला स्टेट बनेगा हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रोसेस लंबी होगी पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। थोड़ा समय बचेगा, पर खर्च ज्यादा होगा भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। दूसरी ओर, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है। इन पांच दिन सेवा होगी     सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।     2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी। सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी। यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा। सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।     यानी, दो नेशनल पार्क– कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।     सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा। आसमान से दिखेंगी सतपुड़ा की वादियां भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से 200 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। जिसमें 4.5 से 5 घंटे तक लगते हैं। यहां सीधी रेल सेवा नहीं है। पिपरिया तक रेल और फिर सड़क मार्ग से ही पचमढ़ी जाया जा सकता है। ऐसे में अब टूरिस्ट आसमान के रास्ते भी पचमढ़ी-मढ़ई जा सकेंगे। सुबह 11.15 से दोपहर 12 बजे तक 45 मिनट तक पचमढ़ी के ऊपर जॉय राइड भी होगी। यानी, हेलिकॉप्टर में बैठकर टूरिस्ट सतपुड़ा की वादियां भी देख सकेंगे। दो दिन बंद रहेगी, पांच दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर बुधवार और गुरुवार को सेवा बंद रहेगी। PPP मॉडल के तहत यह सेवा संचालित होगी। सेक्टरों के लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है। सेक्टर-1: ट्रांस … Read more

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी 20 नवंबर को, जनजातीय गौरव दिवस में शिरकत

रायपुर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। बता दें कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां पूरी हो गई है। राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। दो दिन तक चलेगा कार्यक्रम जानकारी अनुसार, 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हेलीकॉप्टर के आगमन से लेकर राष्ट्रपति के स्थल तक जाने का पूरा मार्ग सील किया जाएगा और हर दिशा से निगरानी की जाएगी। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 1700 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी।कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भी निगरानी रख रही है। मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना को मिलेगी हरी झंडी इसके अलावा राष्ट्रपति मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपए तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

नीतीश कुमार आज 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी होगा; बीजेपी के नाम तय

पटना  पटना में सियासी हलचल तेज है. बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. कल दोपहर बाद एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी. शाम में राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने को आमंत्रित करेंगे. 20 नवंबर को 20 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. नीतीश कुमार की नयर कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के साथ-साथ एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के विधायकों को जगह मिलने की संभावना है. सहयोगी दलों को भी मिलेगी जगह अब तक की जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार अपने साथ करीब 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायेंगे. इनमें जदयू से आठ, भाजपा से आठ, लोजपा से दो, हम से एक और रालोमो से एक विधायक शामिल हैं. जदयू में अधिकतर पुराने चेहरों को जगह दिये जाने की सूचना है. भाजपा अपने कई चेहरों को बदल रही है. भाजपा एक ओर जहां अनुभव को जगह दे रही है तो दूसरी ओर उसका युवा और महिला पर भी फोकस है. भाजपा कोटे से जिन नामों पर चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा शामिल हैं. वहीं जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार जैसे दिग्गजों को मंत्री पद मिल सकता है. यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता समीकरण को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी एनडीए को गति देने वाला माना जा रहा है. भाजपा की संभावित सूची सम्राट चौधरी विजय कुमार सिन्हा प्रेम कुमार कृष्ण कुमार ऋषि राम कृपाल यादव संगीता कुमारी अरूण शंकर प्रसाद मिथिलेश तिवारी नीतिन नवीन वीरेंद्र कुमार रमा निषाद मनोज शर्मा कृष्ण कुमार मंटू शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजन लाल शर्मा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा गया है. बीजेपी कोटे के संभावित मंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में भाजपा की ओर से नये पुराने नामों को जगह देने की बात चल रही है. भाजपा की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाये जायेंगे. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. इसके अलावा नीतिश मिश्रा और नीतिन नवीन का मंत्री बनना भी लगभग तय हो चुका है. भाजपा कोटे से 8 मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं. इनमें प्रेम कुमार, रामकृपाल और रमा निषाद के नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा मिथिलेश तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि के नाम की भी चर्चा चल रही है. जदयू कोटे के संभावित मंत्री जदयू की ओर से अधिकतर पुराने चेहरे ही कैबिनेअ में नजर आयेंगे. जदयू से विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और विजेंद्र यादव के नाम तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा शीला मंडल और लेशी सिंह का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में श्याम रजक को जगह दे सकते हैं. इसके अलावा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम की भी चर्चा चल रही है. अल्पसंख्यक से जमा खान के मंत्री बनने की बात कही जा रही है. नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में जदयू का फोकस मुख्य रूप से अनुभव और युवा के समन्वय पर रहेगा. नयी कैबिनेट में सभी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी देखे जाने की बात कही जा रही है. शपथ के लिए गांधी मैदान में दो विशाल मंच तैयार, लग्जरी होटलों में 250 से अधिक कमरे बुक, राजभवन में स्पेशल दावत बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. गुरुवार को नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में इस ऐतिहासिक पल को भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. यह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी गांधी मैदान में 3 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (R) और हम के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी गई है. हर विधायक को अपने इलाके से कम से कम 5 हजार लोगों को पटना लाने का टारगेट मिला है. पूरा मैदान बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिहाज से कई सेक्टरों में बांटा गया है. SPG ने संभाली सुरक्षा, 2500 जवान तैनात प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान की सुरक्षा SPG के हवाले की गई है. 250 से अधिक मजिस्ट्रेट, 250 पुलिस अधिकारी और 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. मैदान के चारों ओर ऊंची इमारतों पर स्नाइपरों की तैनाती और हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.  128 CCTV कैमरों में खराब पड़े आधे कैमरों को दुरुस्त कर दिया गया है. 61 स्थिर, 22 PTZ और 45 एनालिटिकल कैमरों की मदद से मैदान की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही है. दो मंच तैयार- एक पर नेताओं की मौजूदगी, दूसरे पर अतिथियों की व्यवस्था शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे. इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा व NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे. मुख्य मंच के बगल में विशेष अतिथियों के लिए दूसरा मंच बनाया जा रहा है. दोनों मंचों पर लगभग 150-150 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. योगी आदित्यनाथ सहित कई … Read more

योगी सरकार की सख्ती: एटीएस ने आठ जिलों से सभी मदरसों की रिपोर्ट मांगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने मदरसों को लेकर सख्त कदम उठाया है। लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में हर मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों, पढ़ाने वाले मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी डिटेल मांगी गई है। हर व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी जल्द से जल्द भेजने को कहा गया है।  खासकर प्रयागराज जिले के सभी मदरसों की पूरी लिस्ट और विस्तृत जानकारी एटीएस की प्रयागराज यूनिट को सबसे पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी सात जिलों की रिपोर्ट भी जल्द मुख्यालय भेजनी होगी। एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ खुफिया इनपुट मिले थे, जिनमें कुछ मदरसों में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि ज्यादातर मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं और यह सिर्फ सत्यापन का काम है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं तो कुछ इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव मान रहे हैं। प्रयागराज के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग ने सभी मदरसों को नोटिस भेज दिया है और अगले कुछ दिनों में पूरी सूची एटीएस को सौंप दी जाएगी। इसी तरह बाकी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है। एटीएस ने स्पष्ट किया है कि अभी सिर्फ जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इसके बाद जरूरत पड़ी तो मौके पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल, किसी मदरसे पर कोई छापा या सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है।

ASI पत्नी नियुक्ति मामला: अगले महीने मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार पूरा करेगी मांग

रोहतक जींद के जुलाना निवासी एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष को लेक्चरर पद पर अगले माह तक नौकरी दी जाएगी। अगले सप्ताह बैठक कराकर परिवार की यह मांग पूरी कराई जाएगी । मुख्यमंत्री से दोबारा बात कराने की जरूरत पड़ी तो यह प्रयास भी किया जाएगा। यह आश्वासन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने एएसआई के परिवार को सोमवार रात एमडीयू में मुलाकात के दौरान दिया।  एएसआई संदीप लाठर के ममेरे भाई लाढ़ौत निवासी संजय ने बताया कि मंत्री से मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। एएसआई मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसमें जल्दी ही परिवार को भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।