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पंजाब में बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल पकड़ा, ISI कनेक्शन बेनकाब

लुधियाना/फिरोजपुर  लुधियाना पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। लुधियाना पुलिस ने ISI पाकिस्तान समर्थित ग्रेनेड हमले के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। समय पर मिली खुफिया जानकारी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शहर में संभावित ग्रेनेड हमले को रोका गया। आरोपियों के विदेश-आधारित हैंडलरों, जिनके पाकिस्तान से संभावित संबंध बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी मलेशिया स्थित तीन गुर्गों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संचालकों के संपर्क में थे, ताकि एक हथगोले को उठाने और उसकी डिलीवरी में समन्वय स्थापित किया जा सके। लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर थाना जोधेवाल में कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह (सभी निवासी श्री मुक्तसर साहिब) के खिलाफ एक्सप्लोसिव एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) और डीसीपी (सिटी) की निगरानी में विशेष टीमें गठित की गईं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों को पाकिस्तान की आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) ने अपने विदेशी हैंडलरों के माध्यम से लुधियाना के घनी आबादी वाले इलाके में ग्रेनेड हमला करने का निर्देश दिया था, ताकि इलाके में दहशत फैलाई जा सके। जांच के दौरान विदेशों में बैठे मास्टरमाइंडों की पहचान भी हुई है इनमें अजय (मलेशिया, मूल निवासी श्रीगंगानगर, राजस्थान), जस बेहबल (वर्तमान में मलेशिया), और पवनदीप (मलेशिया, मूल निवासी श्रीगंगानगर) शामिल हैं।   इसके अलावा, पंजाब में हैंड ग्रेनेड की आपूर्ति से जुड़ा एक स्थानीय नेटवर्क भी सामने आया है। पुलिस ने सुखजीत सिंह उर्फ सुख बराड़, सुखविंदर सिंह (दोनों निवासी फरीदकोट), करणवीर सिंह उर्फ विक्की (निवासी श्रीगंगानगर, राजस्थान) और साजन कुमार उर्फ संजू (निवासी श्री मुक्तसर साहिब) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक चीनी हैंड ग्रेनेड (नंबर 86P 01-03 632), एक किट और दस्ताने बरामद किए गए हैं। कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

लोकायुक्त जबलपुर ने पकड़ा भ्रष्ट सचिव, ग्राम पंचायत उकवा में रिश्वत लेते रंगे हाथ

बालाघाट  लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत परसवाड़ा की ग्राम पंचायत खरपड़िया सचिव और ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने को ग्राम पंचायत उकवा के सामने में रोड पर अंकुश पिता संतोष चौकसे से 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया। लोकायुक्त टीम ने सचिव को गिरफ्तार कर बैहर ले जाया गया है। शिकायतकर्ता अंकुर चौकसे की माने तो शासन के द्वारा एक डिसमिल का पट्टा दिया गया है, जो आबादी जमीन का है। मेरे द्वारा भवन निर्माण किया जाना था जिसके लिए मैं ग्राम पंचायत उकवा से एनओसी मांगना चाह तो ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने के द्वारा मुझे 200000 लाख रुपये की मांग की गई थीं।  

517 जनजातीय बहुल गांवों में सैचुरेशन आधारित विकास, धरती आबा अभियान बना बदलाव की धुरी

जनजातीय गौरव को नई पहचान, योगी सरकार ने बदली वंचित समाज की तस्वीर 517 जनजातीय बहुल गांवों में सैचुरेशन आधारित विकास, धरती आबा अभियान बना बदलाव की धुरी थारू, बुक्सा और अन्य जनजातियों के लिए योगी सरकार का सुरक्षा कवच, आवास से आजीविका तक बड़ा विस्तार थारू हस्तशिल्प कंपनी ने खोले राष्ट्रीय बाजार के दरवाजे, 371 समूहों को मिला आर्थिक संबल एकलव्य मॉडल स्कूलों और सर्वोदय छात्रावासों से जनजातीय बच्चों के लिए शिक्षा बनी नई ताकत पीएम जनमन से वन क्षेत्रों में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल की सीधी पहुंच, बुक्सा जनजाति के 815 परिवार हुए संतृप्त परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना से युवाओं को बड़ा लाभ, सैकड़ों की प्रशासनिक सेवाओं में एंट्री विमुक्त और घुमंतू समुदायों के लिए योगी सरकार का बड़ा हस्तक्षेप, शिक्षा और निवास योजनाओं से जीवन में आया स्थायित्व लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जनजातीय समाज के जीवन में जो बदलाव आया है, वह सिर्फ योजनाओं का विस्तार नहीं बल्कि सम्मान और अधिकारों की पुनर्स्थापना की एक बड़ी कहानी है। लंबे समय तक उपेक्षित रहे इन समुदायों को योगी सरकार ने न केवल मुख्य धारा में जगह दिलाई बल्कि उनकी परंपराओं, जरूरतों और सपनों को शासन की प्राथमिकता बनाया। मुख्यमंत्री की सोच हमेशा यही रही है कि विकास तभी सार्थक है जब वंचितों को वरीयता मिले और अंत्योदय से सर्वोदय का रास्ता खुले। प्रदेश में थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी, राजी, गोंड, बैगा, सहरिया, मुसहर और चेरो जैसी जनजातियों के 11 लाख से अधिक लोगों के जीवन को बदलने के लिए सरकार ने योजनाएं जमीन पर उतारीं। वनाधिकार अधिनियम के तहत आवासीय अधिकार दिए गए, मुख्यमंत्री आवास योजना से वनवासियों को पक्के घर मिले और पीएम जनमन योजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं को सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया गया। खास तौर पर बुक्सा जनजाति के 815 परिवारों को हर सुविधा से संतृप्त कर एक नई मिसाल पेश की गई। 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' और 'धरती आबा जनभागीदारी अभियान' ने जनजातीय इलाकों में विकास की असली तस्वीर बदली। 26 जिलों के 517 गांवों तक पहुंचकर सरकार ने कनेक्टिविटी से लेकर आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला, जनधन, किसान सम्मान निधि और विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का सैचुरेशन कराया। सोनभद्र, ललितपुर, कुशीनगर, बलरामपुर से लेकर बिजनौर तक इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर लगातार बढ़े हैं। जनजातीय संस्कृति को संजोने पर भी भरपूर जोर दिया गया। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू संग्रहालय स्थापित हुआ और मिर्जापुर, सोनभद्र, महराजगंज में नए संग्रहालयों पर तेजी से काम चल रहा है। थारू समुदाय की कला और कौशल को राष्ट्रीय बाजार दिलाने के लिए लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी बनाई गई। इसमें जुड़े 371 समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड देकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई गई। शिक्षा को जनजातीय उन्नति का आधार बनाते हुए एकलव्य मॉडल स्कूल, सर्वोदय छात्रावास और आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों को पूरी सुविधा मिल रही है। लखीमपुर खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर के एकलव्य विद्यालयों ने दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को नई दिशा दी है। ये पहलें साफ बताती हैं कि योगी सरकार जनजातीय बच्चों की शिक्षा को भविष्य निर्माण का सबसे मजबूत आधार मानती है। मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि विकास की असली कसौटी भागीदारी है। पुलिस भर्ती में आरक्षित सभी सीटें पूरी तरह भरना इसी परिवर्तन का संकेत है। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना से 700 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन, साढ़े 06 हजार युवाओं को प्रशिक्षण और आठ उच्चस्तरीय केंद्रों की स्थापना ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। विमुक्त और घुमंतू समुदायों को भी सरकार ने बराबर महत्व दिया। नट, बंजारा, सांसी, कंजर, कालबेलिया जैसे समुदायों के लिए 101 आश्रम पद्धति विद्यालय, 9 सर्वोदय विद्यालय और अनेक छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इन समुदायों को सामाजिक सुरक्षा, आवास और आजीविका से जोड़कर सरकार ने उन्हें सम्मानजनक जीवन की राह दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया

भारत की स्वाधीनता के पक्षधर थे भगवान बिरसा मुंडाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया भगवान बिरसा मुंडा ने दिया नारा, देश हमारा है तो राज भी हमारा ही होना चाहिए, विदेशी हुकूमत भारत में राज न करेः मुख्यमंत्री उत्सव में उत्तर प्रदेश आकर 22 राज्यों के कलाकार बन रहे सहभागी बोले सीएम- जनजातियों को दिया जा रहा विकास की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने विकास कार्यों को भी गिनाया लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा भारत की स्वाधीनता के पक्षधर थे। इसके लिए उन्होंने अभियान चलाया, जिस पर तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने रांची की जेल में अंतिम सांस ली। उन्होंने जनजाति समुदाय को नारा दिया कि अपना देश-अपना राज। देश हमारा है तो राज भी हमारा ही होना चाहिए, विदेशी हुकूमत भारत में राज न करे। धरती आबा को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने 15 नवंबर को जनजाति दिवस के रूप में आयोजित करने की प्रेरणा दी। सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गुरुवार को ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान मेजबान उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के जनजाति कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति भी दी। सीएम योगी ने इस वर्ष की विशेषता बताते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पहली से 15 नवंबर तक देश में जनजाति गौरव पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। सरकार द्वारा जनजाति समुदाय को समाज व राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने व सम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। 22 राज्यों के कलाकार उत्तर प्रदेश आकर बन रहे सहभागी सीएम योगी ने कहा कि सांस्कृतिक समागम में 22 राज्यों के कलाकारों को जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। कलाकार सहभागिता की दृष्टि से अरुणाचल प्रदेश पार्टनर स्टेट है। गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, सिक्किम, उड़ीसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मिजोरम, गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, झारखंड व पंजाब के कलाकार उत्तर प्रदेश में आकर जनजाति भागीदारी उत्सव में सहभागी बन रहे हैं। यहां हस्तशिल्प व कला प्रदर्शनी, व्यंजन मेला और जनजाति साहित्य को समर्पित साहित्यिक व विकास मंच भी है। जनजाति समुदाय की शिक्षा का बढ़ा स्तर, मिल रहा शासन की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने कहा कि जनजातीय समुदाय की आबादी यूपी में कम है। पहले सरकारी नौकरी के विज्ञापन निकालते थे तो अनुसूचित जाति की पूरी सीटें नहीं भरी पाती थीं। अभी हाल में 60,244 पुलिस की भर्ती की गई तो इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें उसी समाज के युवाओं से भरी गईं। यह चीजें दिखाती हैं कि उनके शिक्षा का स्तर, भागीदारी बढ़ी है। शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातियों को दिया जा रहा विकास की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने तय किया कि उत्तर प्रदेश में जितनी भी जनजातियां हैं, उन्हें अधिकार प्राप्त हो और उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो। थारू, मुसहर, चेरो, बुक्सा, सहरिया, कोल, गौड़ आदि जनजातियों को शासन की सभी योजनाओं से आच्छादित करने के लिए सरकार ने मिशन मोड पर अभियान चलाया। परिणामस्वरूप ज्यादातर जनजातियों को विकास की योजनाओं (कनेक्टिविटी, पेयजल, बिजली, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत) का लाभ दिया जा रहा है। सीएम ने की प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाभियान की चर्चा सीएम ने कहाकि जनजाति समुदाय के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान के माध्यम से अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। बिजनौर में बुक्सा जनजाति को सूची में श्रेणीबद्ध किया गया है। इसके तहत 815 परिवारों को, इसमें बुक्सा जनजाति के 145 पीएम आवास व समस्त घरों के विद्युतीकरण, पेयजल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी सेंटर, पांच बसावटों में मोबाइल टावर, पांच मल्टीपर्पज सेंटर व पांच वनधन केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। जनजातीय बाहुल्य 517 गांवों को सभी योजनाओं से जोड़ने का किया गया कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितनी भी अनुसूचित जनजाति की बस्तियां हैं, धरतीआबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत उन्हें सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है। इसके लिए 26 जनपदों के 47 ब्लॉक व 517 ग्रामों को चिह्नित किया है। इनमें सोनभद्र में सर्वाधिक 176 गांव, बलिया के 61, ललितपुर के 36, देवरिया, लखीमपुर खीरी व कुशीनगर के 34-34, गाजीपुर के 26, मीरजापुर के 20, गोरखपुर के 18, चंदौली के 17, बलरामपुर के 16, पीलीभीत, प्रयागराज व सिद्धार्थनगर के 7-7, बिजनौर के 5, बहराइच व बस्ती के तीन-तीन, बाराबंकी, भदोही, महराजगंज, श्रावस्ती के दो-दो, अंबडेकरनगर, महोबा, संतकबीरनगर, जौनपुर, सीतापुर के एक-एक गांव को आच्छादित करने का कार्य किया गया है। जनजातीय बाहुल्य 517 गांवों की कनेक्टिविटी से लेकर सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है। इनका आधार, आयुष्मान कार्ड, पीएम उज्ज्वला योजना, जाति-निवास प्रमाण पत्र, मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम विश्वकर्मा योजना, राशन कार्ड आदि की व्यवस्था के साथ ही यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन सरकार ने आच्छादित करने की स्वीकृति दी। जनजाति गौरव की पुनर्स्थापना के साथ ही समाज को बढ़ा रही डबल इंजन सरकार सीएम योगी ने अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का जिक्र किया। कहा कि हम लोगों ने अब तक 1.50 लाख छात्रों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया है। 9 आश्रम पद्धति विद्यालय लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, बहराइच, महराजगंज, श्रावस्ती, बिजनौर में संचालित हैं। इनके माध्यम से 2026 जनजाति छात्र-छात्राओं को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। जनजाति छात्रों के लिए दो निःशुल्क छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। 8 छात्रावास (लखीमपुर खीरी, चंदौली में दो-दो, बलिया, गोरखपुर, मीरजापुर, सोनभद्र में एक-एक) निर्माणाधीन हैं। जनजाति छात्रों के लिए लखीमपुर खीरी, बहराइच व सोनभद्र में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित है और ललितपुर में निर्माणाधीन है। कक्षा छह, 9 व 11 की वे छात्राएं, जो आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत नहीं हैं, उन्हें यूनिफॉर्म, साइकिल योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सीएम ने वनाधिकार अधिनियम की … Read more

चलान की बजाय ट्रैफिक टेस्ट! रतलाम में पुलिस दे रही अनोखी सजा, हो रही तारीफ

रतलाम   यातायात पुलिस रतलाम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का चालान नहीं काट रही बल्कि सजा के तौर पर उनसे परीक्षा ले रही है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन शरू किया गया है. यहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को 20 प्रश्नों का एक प्रश्न पत्र थमा दिया जाता है. इस प्रश्न पत्र में ट्रैफिक अवेयरनेस को लेकर प्रश्न प्रतिभागियों से पूछे जाते हैं. पुलिस के सामने होती है परीक्षा प्रश्न पत्र हल करने के बाद इसका मूल्यांकन भी प्रतिभागी के सामने ही किया जाता है. प्रश्न का उत्तर गलत होता है तो उस बारे में प्रतिभागी को समझाइश और सही जानकारी भी दी जाती है. ट्रैफिक पुलिस की इस पहल को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है. वहीं, इस बात की भी जानकारी मिल रही है कि लोग ट्रैफिक नियमों के बारे में कितने अवेयर हैं. चालान काटने की बजाए ज्ञान किया जा रहा चेक रतलाम में ट्रैफिक पुलिस ने रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर ये पहल शुरू की है. ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने बताया, '' इस पहल का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना है. इसके लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों जिसमें तीन सवारी वाले, रॉन्ग साइड चलने वाले, लाइसेंस नहीं बनवाने वाले और हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों का चालान नहीं काटते हुए यातायात नियमों के प्रति उनका ज्ञान चेक किया जाता है.'' आसान सवालों का भी जवाब नहीं दे पाते लोग डीएसपी ट्रैफिक ने आगे कहा, '' आम लोगों को यातायात के नियमों की कितनी जानकारी है. यह जानना इस पहल का उद्देश्य है. 20 प्रश्नों के प्रश्न पत्र के मूल्यांकन से इसकी जानकारी मिलती है कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में कितनी जगरुकता है.'' डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि 20 सरल प्रश्नों के जवाब भी लोग नहीं दे पाते हैं. खासकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने, सड़क पर लगे संकेत का मतलब समझने और दुर्घटना होने के समय क्या करना चाहिए इसकी सही जानकारी भी लोगों को नहीं है. यह मुहिम चलाकर रतलाम ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को यह मैसेज दिया जा रहा है कि ट्रैफिक नियमों की जानकारी रखना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. बहानेबाजी करने के बजाय देश का जिम्मेदार नागरिक बनना अधिक आवश्यक है.

प्रशांत किशोर की राजनीति पर संकट? अपनी ही शर्त से घिरे रणनीतिकार

पटना बिहार में दो चरणों की बंपर वोटिंग के बाद अब मतगणना की बारी है। तमाम एग्जिट पोल्स का अनुमान है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। आधे दर्जन से अधिक एग्जिट पोल्स में एनडीए को बंपर सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। यदि सर्वे सच साबित होते हैं तो ना सिर्फ महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव को बड़ा झटका लगेगा बल्कि बिहार में अपने लिए जगह तलाश रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए भी अपने बयान पर खड़े रहने की चुनौती खड़ी हो जाएगी। दरअसल, चुनावी रणनीतिकार और अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए चर्चित रहे प्रशांत किशोर ने बिहार को लेकर एक बड़ा दावा करते हुए अपने राजनीतिक भवष्य को दांव पर लगा दिया। पीके नाम से मशहूर प्रशांत किशोर ने कभी पूरे विश्वास से यह तो दावा नहीं किया कि जन सुराज की ही सरकार बनेगी पर ताल ठोकर जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें नहीं मिलने की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि नीतीश कुमार की पार्टी को इससे ज्यादा सीटों पर जीत गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अधिकतर एग्जिट पोल्स में जो भविष्यवाणी की गई है, नतीजे उसके करीब भी रहे तो प्रशांत किशोर खुद से लगाई अपनी शर्त हार सकते हैं। अधिकतर सर्वे में भाजपा-जेडीयू की अगुवाई वाले गठबंधन को 150 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की संभावना जताई गई है। एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक एनडीए को 121 से 141 सीटें मिल सकती हैं तो महागठबंधन को 98 से 118 सीटों पर जीत मिल सकती है। सर्वे एजेंसी के मुताबिक, जेडीयू का तीर 56-62 सीटों पर विजयी निशाना लगा सकता है। यदि एजेंसी के अनुमान से 15-20 सीटें कम भी जेडीयू को मिलीं तो प्रशांत किशोर के सामने यह चुनौती होगी कि वह अपने बयान पर कायम रहते हुए राजनीति छोड़ने का ऐलान कर देंगे या फिर यूटर्न के लिए कोई नई दलील पेश करेंगे। क्या कहा था प्रशांत किशोर ने? प्रशांत किशोर ने कई टीवी इंटरव्यू और जनसभाओं में जेडीयू को 25 से कम सीटें मिलने का दावा करते हुए कहा था कि यदि यह सच नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे। न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू में भी पीके ने यह दावा किया था। उन्होंने कहा था, 'एनडीए की सरकार बिल्कुल नहीं आ रही है। लिखकर ले लीजिए। दो तीन बातें लिखकर ले लीजिए। नीतीश कुमार नवंबर के बाद मुख्यमंत्री नहीं होंगे, नया मुख्यमंत्री होगी। जेडीयू को, तीर सिंबल को 25 से ज्यादा सीटें नहीं आएंगी। (एंकर ने कहा कि आ गईं तो राजनीति छोड़ देंगे तो प्रशांत किशोर ने दो बार कहा) आ गईं छोड़ देंगे, छोड़ देंगे भाई।' एक अन्य चैनल न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में जब पीके से पूछा गया कि उन्होंने जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें आने पर सियासत छोड़ने की बात कही है तो उन्होंने दोहराते हुए कहा,'रिजल्ट के बाद यदि 25 सीट से ज्यादा जदयू को आ जाए यदि जनसुराज भी जीता होगा तो मैं छोड़ दूंगा। मैं इतने दावे के साथ कह रहा हूं नहीं आएंगी 25 सीटें। लिख लो मेरी बात। वजह की बात नहीं है, यह तो शर्त लगाने वाली बात हो गई।'  

5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण हेतु बैठक 14 नवंबर को

जगदलपुर जिले में 5 वर्ष तक आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार पंजीयन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन शुक्रवार 14 नवम्बर को दोपहर 2 बजे प्रेरणा हॉल में होगी, जहाँ पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और ऑपरेटरों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक साथ ही सभी आधार ऑपरेटर और डाक विभाग के आधार ऑपरेटर शामिल होंगे।

600 किलोमीटर की चुनौती पूरी: रायपुर को मिले दो नए सुपर रैंडोन्यूर्स

रायपुर शहर के साइक्लिंग प्रेमियों के लिए गर्व का मौका आया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स से 2 साइकिलिस्ट- सीए दल्लू जैन और जगन मोहन रेड्डी ने 600 किलोमीटर की साइक्लिंग पूरी कर सुपर रैंडोन्यूर्स (एसआर) का खिताब हासिल किया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स के संचालक दीपांशु जैन (‘द बाइसिकल हब’) ने बताया कि 8 नवंबर को आयोजित “बीआरएम 600” राइड में दोनों साइकिलिस्टों ने 39 घंटे में यात्रा पूरी की, जबकि अधिकतम समय सीमा 40 घंटे थी. यह आयोजन ‘ब्रेवेट डी रैंडोन्यूर्स मोंडियाक्स’ के अंतर्गत हुआ, जिसमें 200, 300, 400 और 600 किमी की राइड एक ही कैलेंडर वर्ष में निर्धारित समय में पूरी करने पर साइक्लिस्ट को सुपर रैंडोन्यूर्स का दर्जा मिलता है. 600 किमी की इस साहसिक राइड का मार्ग रायपुर–सोहेला–रायपुर (400 किमी) और रायपुर–राजनांदगांव–रायपुर (200 किमी) तक फैला था. रातभर घने जंगलों, ठंडी हवाओं और अंधेरी सड़कों से गुजरते हुए दोनों साइकिल सवारों ने गजब का धैर्य और जज्बा दिखाया. राइड पूरी होने के बाद रायपुर मरीन ड्राइव पर शहर के सैकड़ों साइक्लिस्टों और परिजनों ने दोनों सुपर रैंडोन्यूर्स का फूलमाला और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया. आयोजकों ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत संकल्प का उदाहरण है, बल्कि प्रदेश में एंड्योरेंस साइक्लिंग संस्कृति को भी नई ऊर्जा देगी.

प्रार्थना सभा से मचा हंगामा: धर्मांतरण के शक में SECL कर्मचारी को पुलिस ने लिया हिरासत में

बिलासपुर बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है. दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे. आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद- अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया। मुख्यमंत्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।” मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।