samacharsecretary.com

कृषि मंत्री कंषाना बोले— मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित और कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित : कृषि मंत्री श्री कंषाना भावांतर योजना में 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल मॉडल रेट जारी भोपाल  किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्रीएदल सिंह कंषाना ने कहा है कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की है। साथ ही किसान हितैषी अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए जारी किया गया है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। उक्त मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। भावान्तर योजना को लेकर किसानों में उत्साह कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावान्तर योजना को लेकर किसानों में भारी उत्साह मंडियों में देखा जा रहा है। योजनांतर्गत 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। योजना प्रारंभ से प्रदेश की 243 मंडियो एवं उप मंडियो में 1 लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन विक्रय किया गया। भावान्तर योजना अंतर्गत सर्वाधिक सोयाबीन की आवक कृषि उपज मंडी समिति गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर तथा आगर में रही। समस्त मंडियों में विपणन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपादित की जा रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिरिक्त 1300 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को सोयाबीन उत्पादक किसानों को इसका लाभ वितरित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कल्याणकारी योजनाओं और विकासमूलक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करते हुए राज्य सरकार सशक्त भारत-सशक्त मध्यप्रदेश के पथ पर अग्रसर है। 

पानी पर परचम: करनाल के खिलाड़ियों ने नौकायन में दिखाया दम, दिलाए जिले को 18 मेडल

करनाल हरियाणा ओलंपिक संघ की ओर से चंडीगढ़ में 27वीं नौकायान प्रतियोगिता 2 नवंबर से 7 नवंबर तक आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में करनाल के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। 13 साल बाद हुई इस प्रतियोगिता में करनाल के 40 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 25 खिलाड़ियों ने मेडल जीतकर अपने शहर और परिजनों का नाम रोशन किया है।  पढ़ाई के साथ साथ खेलो में भी अपनी प्रतिभाओं का लोहा इन खिलाड़ियों में मनवा दिया है। जिनका आज अपने शहर पहुँचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इन खिलाड़ियों ने रजत और कांस्य मेडल जीते हैं। हालांकि एक छोटी गलती से गोल्ड मेडल जीतने से ये खिलाड़ी चूक गए, लेकिन आने वाली प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने का वादा भी किया है। नौकायान मेडल विजेता खिलाड़ी वंशिका ने बताया पिछले 2-3 महीने से हम इस टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे थे। 2 नवंबर से लेकर 7 नवंबर तक ये प्रतियोगिता चंडीगढ़ में थी। परिवार और कोच का हमें काफी सहयोग मिला। साथ-साथ खेल के साथ अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा। इन सब परिस्थितियों के बीच आज हम तभी मेडल लेकर अपने शहर में पहुंचे है। उन्होंने कहा बताया मैंने इंटरनेशनल और अब स्टेट में भी मेडल हासिल किया है। आज छोटी सी गलती की वजह से गोल्ड छुटा है। आने वाली नेशनल प्रतियोगिता में मेहनत करके गोल्ड लेकर आने का प्रयास किया जाएगा।  टीम के कोच परवीन ने बताया कि हरियाणा ओलंपिक संघ की ओर से चंडीगढ़ में 27वीं नौकायान प्रतियोगिता 2 नवंबर से 7 नवंबर तक आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता 13 साल बाद हुई थी। इस प्रतियोगिता में  करनाल के 40 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से  25 खिलाड़ी मेडल जीते हैं। जिनमें 7 रजत मेडल और 11 कांस्य पदक जीते हैं। गोल्ड मेडल हम माइक्रो सेकंड से चूक गए। 

सीमांचल पर सियासी संग्राम: अमित शाह ने राहुल-तेजस्वी पर लगाया बड़ा आरोप

पूर्णिया गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया के बनमनखी में चुनावी सभा की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया। अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के आधे हिस्से ने पहले ही कांग्रेस-राजद गठबंधन को नकार दिया है। एनडीए बिहार में 160 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। मैं सीमांचल में आया है। मैं सीमांचल वालों की बात जानने आया हूं। आप बताओं सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए या नहीं निकालना चाहिए। यह अभी-अभी राहुल गांधी और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव घुसपैठियों बचाव यात्रा लेकर निकले थे। वह चाहते हैं सीमांचल घुसपैठियों का अड्डा बने। घुसपैठिये हमारे गरीबों का हक छीनते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग न केवल घुसपैठियों को निकालेंगे, बल्कि जमीन अधिग्रहण को भी जमींदोज कर देंगे। राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं गृह मंत्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद और महर्षि मेंही की भूमि को मैं प्रमाण करता हूं। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को मैं प्रमाण करता हूं। इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं। एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन और दूसरे ओर पांच पांडवों वाला एनडीए है। आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण में लालू-राहुल की पार्टी का सूफड़ा साफ हो गया। बिहार में एनडीए सरकार बनने वाली है। मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है। अगले पांच साल में सीमांचल में एक-एक अवैध गतिविधि को भाजपा और एनडीए की सरकार उखाड़ फेकेंगी। हमारी मतदाता सूची से घुसपैठिये निकालने चाहिए या नहीं निकालने चाहिए। यह राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। लेकिन, आप दोनों कान खोलकर सुन लें कि हमलोगों उन्हें सीमांचल की धरती से निकाल कर उनके देश भेज कर रहेंगे। 'अगर थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा' अमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी। नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप पर बटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिए अमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।

VVPAT पर्चियां मिलीं कचरे में, समस्तीपुर में EC का बड़ा एक्शन — ARO सस्पेंड

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में कचरे में बड़ी संख्या में वीवीपैट पर्चियां मिलने का मामला सामने आया। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले में समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि बहुत सारी श्रेडेड पर्चियों के बीच कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी पाई गईं, जिन्हें प्रशासन ने कन्फिस्केट कर सीजर कर लिया है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन्हें मॉक पोल की पर्चियां बताया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए एआरओ को सस्पेंड कर दिया है। जिलाधिकारी ने की अफवाह न फैलाने की अपील जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों से लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये पर्चियां किस समय की हैं। अफवाह न फैलाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा तकनीकी मामला है, जांच करते हुए सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। घटना सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र की है, जहां शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कचरे में पाई गईं। जिलाधिकारी के अनुसार, यह सामग्री कमीशनिंग/डिस्पैच सेंटर के पास मिली, जहां श्रेडेड पर्चियों के साथ कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी देखी गईं। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया है और संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के बाद पर्चियों का समय और स्रोत स्पष्ट कर दिया जाएगा और तब तक किसी भी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कमीशनिंग के दौरान 5% मशीनों पर 1000-1000 वोट का मॉक पोल होता है और सभी प्रत्याशियों के प्रतीक की लोडिंग जांचने के लिए बटन दबाकर परीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्थल पर काफी संख्या में कटी हुई/श्रेडेड पर्चियां भी मिली हैं, जिसकी जांच जारी है। इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के सरायरंजन में एक मतदान केंद्र के बाहर वीवीपैट पर्चियां मिलने के संबंध में त्वरित स्पष्टीकरण जारी किया और इस बात पर जोर दिया कि यह घटना केवल मॉक पोल पर्चियों से संबंधित थी और इससे चुनाव प्रक्रिया को कोई खतरा नहीं है। विपक्षी दलों और स्थानीय मीडिया द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान करते हुए, निर्वाचन सदन में एक प्रेस वार्ता के दौरान कुमार ने कहा, "मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया गया है।"कुमार ने बताया कि समस्तीपुर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने और जमीनी स्तर पर जांच करने का निर्देश दिया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने घोषणा की, "एआरओ चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार नकली मतदान सामग्री का उचित निपटान सुनिश्चित करने में विफल रहे। उन्हें तत्काल निलंबित किया जा रहा है और आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।"

चुनाव से पहले सतर्कता बढ़ी: पलामू सीमा 48 घंटे में होगी सील, सुरक्षा बलों की तैनाती तेज

पलामू झारखंड के पलामू जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जाएगा। जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कारर्वाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटर स्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉडर्र को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।  

नेतृत्व बदलाव की आहट: राजनाथ सिंह ने बताया, कब मिलेगा बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना  बिहार चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार चुनाव के बाद इसकी घोषणा हो जाएगी। साथ ही उन्होंने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि भाजपा अध्यक्ष के पद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ कोई मतभेद नहीं है। राजनाथ सिंह ने न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि आरएसएस भाजपा के राजनीतिक मामलों में कभी कोई हस्तक्षप नहीं करता है।   वहीं, इसी इंटरव्यू के दौरान राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 160 से अधिक सीट जीतेगा और नीतीश कुमार स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री बनेंगे क्योंकि राजग उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जनसभाओं में मतदाताओं के उत्साह को देखते हुए, मैं कह सकता हूं कि हमारी सरकार निश्चित रूप से बनेगी और हम दो-तिहाई बहुमत भी हासिल कर सकते हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि राजग बिहार में 160 से अधिक सीट जीतेगा। भाजपा नेता ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक नेता बने प्रशांत किशोर का चुनाव परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा और कहा कि ‘‘प्रशांत किशोर कारक इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि उस पर विचार भी किया जाए’’ क्योंकि मतदाता अच्छी तरह से समझते हैं कि चुनाव कौन लड़ रहा है, वे जानते हैं कि जन सुराज पार्टी के प्रमुख एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे। भाजपा तथा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से एक-एक उपमुख्यमंत्री होने की खबरों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जो कुछ भी होगा वह आम सहमति से तय किया जाएगा, जब सभी लोग एक साथ बैठेंगे और तय करेंगे कि क्या किया जाना है।  

नई सियासी पारी की शुरुआत: 9 नए प्रत्याशी आजमाएंगे अपनी किस्मत

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। वहीं, कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। 2 प्रत्याशियों के बीच बड़ा मुकाबला ये नए उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं, विकास-विकल्प, सामाजिक कार्य या जनसंपर्क के माध्यम से पहचान बना रहे हैं और अब राजनीतिक पारी में भाग ले रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है। एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नए उम्मीदवारों के शामिल होने से मत का विभाजन अधिक होगा और पुरानी राजनीतिक तस्वीर बदलने की संभावना बढ़ रही है। इस बार चुनावी परिणाम तय होंगे इस बात पर कि जनता पुरानी पार्टियों एवं नेताओं पर भरोसा बनाए रखेगी या नए विकल्प के पक्ष में जाए। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

घुसपैठ बयान पर ओवैसी नाराज़: मुसलमानों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?

पटना  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्ष के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि विपक्षी दल घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों की प्रगति को नजरअंदाज करने के बाद अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने तर्क दिया कि घुसपैठ के आरोपों को तब स्वीकार किया जा सकता है जब बिहार में सोने की खदान जैसा कोई कोई बड़ा आकर्षण होता। हैदराबाद के सांसद ने कहा, "क्या यहां सोने की खान मिल गई है? अगर तेल के भंडार खोजे जाते तो मैं समझता कि लोग इस राज्य की ओर भाग रहे हैं। युवा भारतीय पूरे देश में प्रवास करते हैं, लेकिन आप उन्हें रोकने के बजाय घुसपैठिया कहकर उन्हें बदनाम करते हैं। सीमांचल के मुसलमानों ने विभाजन के दौरान बांग्लादेश जाना पसंद नहीं किया और भारत को अपना देश चुना।" ओवैसी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर घुसपैठिए मौजूद भी हैं तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि वे कई सालों से केंद्र और बिहार की सत्ता में हैं। ओवैसी ने कहा, "मुख्यमंत्री आपके हैं, नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री आपके हैं अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आपकी निगरानी में घुसपैठिए कैसे आ रहे हैं? अगर घुसपैठिए हैं तो इसका मतलब है कि आप विफल रहे हैं। आपके पास BSF और सीमा सुरक्षा बल है। आप राज्य सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन वह भी आपकी ही है।" 2020 के विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, जहां राज्य की 17% मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि, बाद में इनमें से चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे।  

झारखंड HC का आदेश: वासेपुर गैंगस्टर फहीम खान की रिहाई की तैयारी शुरू

रांची वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर फहीम खान को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पिछले 22 वर्षों से भी अधिक समय से 75 वर्षीय फहीम खान जेल में कैद है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए 6 सप्ताह के भीतर उसे जेल से रिहा करने को कहा है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि छह सप्ताह के भीतर फहीम खान को जेल से रिहा किया जाए। गैंगस्टर फहीम खान की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने पैरवी करते हुए दलील दी कि फहीम की उम्र अब 75 वर्ष से अधिक हो चुकी है। वह 22 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है। इस दौरान वह दिल और गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित रहा है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए उसे रिमिशन सेंटेंस (सजा में छूट) के तहत रिहा किया जाए। वहीं, अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हेमंत सरकार को यह आदेश पारित किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद फहीम खान के परिवार में खुशी का माहौल है। उनके बेटे इकबाल खान ने पिता की रिहाई की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों के साथ मिठाई बांटकर जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज उन्हें न्याय मिला है। वहीं, बता दें कि फहीम खान इस समय जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में बंद है। उसने 29 नवंबर 2024 को झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रिहाई की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले में एक रिव्यू बोर्ड गठित किया था, जिसमें फहीम खान को 'समाज के लिए खतरा' बताते हुए उसके रिहाई से इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि 1989 में सगीर हसन सिद्दीकी की हत्या के मामले में फहीम खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 2009 से वे जेल में बंद थे। 10 मई 1989 की रात सगीर हसन सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने फहीम खान सहित तीनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। इसके बाद 15 जून 1991 को सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन बिहार सरकार ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी। पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए फहीम खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 21 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। गवाहों के अनुसार, सगीर अपने दोस्त आलमगीर के घर के बाहर बैठा था, तभी फहीम खान अपने साथी छोटना उर्फ करीम खान और अरशद के साथ वहां पहुंचा और इसके बाद फहीम ने सगीर के सिर में गोली मार दी थी।  

बारात की जगह उठीं अर्थियां: एक ही परिवार के चार बेटों ने तोड़ा साथ

शामली  उत्तर प्रदेश के शामली में भीषण एक्सीडेंट में चार युवाओं की सांसे रोक दी। तेज रफ्तार में दौड़ रही स्विफ्ट बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर में ऐसी घुसी कि चार चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। दुखद बात यह है कि एक भाई कल दूल्हा बनने वाला था, लेकिन खुशियों के बीच आई मातम की इस खबर ने कोहराम मचा दिया है। शामली में आधी रात के बाद कार बन गई जब काल दरअसल, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार रात 1 बजे पानीपत-खटीमा हाईवे पर बुटराडा फ्लाईओवर के बुटराड़ा गांव के पास ​​​​​हुआ। जिसमें हरियाणा के सोनीपत के बरोदा गांव रहने वाले चार चचेरे भाइयों की जिंदगी खत्म हो गई। मृतकों की पहचान विवेक, प्रदीप, आशीष और साहिल के रूप में हुई है। चारों के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है। एक साथ चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए चारों चचेरे भाई अपने अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। जिसमें से परमजीत की रविवार को शादी होनी थी, घर में मेहमान आ चुके थे, सारी तैयारियां हो चुकी थीं, बारात निकलने की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन चारों ने शादी से पहले गंगा नहाने का प्लान बनाया। वह दूल्हे समेत एक कार से हरिद्वार के लिए निकल चुके थे। लेकिन, रास्ते में हादसा हो गया। इस एक्सीडेंट इतना बड़ा जख्म दिया है कि पीड़ित परिवार का दर्द जिंदगी भर नहीं भरेगा। एक झटके में चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।   दिल दहला देने वाला था शामली का एक्सीडेंट पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि चारों भाईयों ने शराब पी रखी थी, क्योंकि गाड़ी से शराब की बोतलें मिली हैं। यह एक्सीडेंट इतना भयानक था कि मृतकों की मौत के बाद उनकी शरीर के टुकड़े सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। वहीं कार चकनाचूर हो गई और चारों भाई कार में बुरी तरह से फंस गए। पुलिस ने कार को काटकर शवों को निकाला।