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स्कूल स्तर पर कमेटियां बनेंगी, पंजाब में 10वीं की छात्राओं के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट प्रक्रिया शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 10वीं की स्टूडेंट्स के साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाने की प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी। शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर उन कंपनियों से प्रपोजल मांगे हैं जो साइकोमेट्रिक टेस्ट करती हैं।  शिक्षा विभाग ने 10 क्लास की स्टूडेंट के ये टेस्ट 31 मार्च 2025 से पहले करवाने थे लेकिन शिक्षा विभाग स्टूडेंट्स के टेस्ट समय पर नहीं करवा पाया। शिक्षा विभाग ने टेस्ट की प्रक्रिया अब शुरू की है। विभाग का मकसद 10वीं की स्टूडेंट के दिमाग का आंकलन करना है ताकि उनकी योग्यता के हिसाब से उन्हें करियर से संबंधित गाइडेंस दी जा सके। पंजाब की बेटियों की मानसिक क्षमता बढ़ाने, उनके इंटरेस्ट को समझने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 10 वीं की छात्राओं के लिए साइक्रोमेट्रिक टेस्ट शुरू किया है, ताकि इन छात्रों को सही करियर तलाशने में मदद मिल सके. पंजाब सरकार के मुताबिक प्रदेश में हाईस्कूल में पढ़ने वाली 93819 से ज्यादा छात्राओं को इस टेस्ट में शामिल किया जाएगा, ताकि वे अपनी ताकत और कमजोरी को पहचान सकें. ये प्रक्रिया अगले एक माह में यानी 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी. शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के मुताबिक साइक्रोमेट्रिक टेस्ट के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से 6.56 करोड़ रुपये आवंटित भी किए जा चुके हैं. क्या होता है साइकोमेट्रिक टेस्ट यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक परीक्षण है, जो किसी छात्र की क्षमता के बारे में पता लगा जा सकता है, इससे उसकी योग्यता, क्षमता के साथ उसके व्यवहार का भी पता चलता है. पंजाब सरकार का मानना है कि साइक्रेमेट्रिक टेस्ट से छात्राएं आत्मविश्वास के साथ अपना करियर चुन सकेंगीं. अब तक छात्राएं अपनी क्षमता को नहीं परख पातीं और उन्हें करियर में क्या करना है या किस विषय की पढ़ाई करनी है ये नहीं चुन पातीं. इससे उनके करियर पर प्रभाव पड़ता है. क्या है योजना का उद्देश्य साइकोमेट्रिक टेस्ट का उद्देश्य छात्राओं के मानसिक क्षमता को समझना है, ताकि इसके हिसाब से ही उन्हें ये बताया जा सके कि उनके लिए कौन सा करियर सूइटेबल है. शिक्षा मंत्री बैंस के मुताबिक यह एक ऐसा दौर होता है जब छात्राएं कंफ्यूज रहते हैं कि करियर में उन्हें क्या करना है. इसका असर उन्हीं पढ़ाई पर पड़ता है. खास तौर से सरकारी स्कूलों के बच्चों पर, क्योंकि निजी स्कूलों में उन्हें करियर काउंसिलिंग की सेवा मिल जाती है. प्रदेश भर में बनाई गईं समितियां पंजाब सरकार की ओर से योजना को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय समितियों को गठित किया है, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी लीड करेंगे. योजना को सफल बनाने के जिम्मेदारी इन्हीं समितियों की होगी   कमेटियों की देखरेख में होंगे टेस्ट शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर डीईओ की अगवाई में टीम बनाई है जो कि टेस्ट करने के लिए कंपनियों को हायर करेगी। उसके बाद स्कूल स्तर पर कमेटियां बनेंगी जिनके सामने लड़कियों के टेस्ट करवाए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों ने कंपनियां हायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लुधियाना में डीईओ ने कंपनियों को 10 नवंबर तक प्रपोजल जमा करवाने को कहा है। 10वीं क्लास के बाद करियर चुनने में कंफ्यूज्ड रहती हैं छात्राएं 10वीं क्लास के बाद यानि 11 वीं क्लास में स्ट्रीम का सिलेक्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है। स्ट्रीम सिलेक्शन ही बच्चे के करियर का निर्धारण करता है। रिटायर्ड प्रिंसिपल अनूप पासी का कहना है कि 10 क्लास में अगर बच्चे का आंकलन कर दिया जाए कि वह किस फील्ड के लिए परफेक्ट है तो उसे 11वीं क्लास में स्ट्रीम सिलेक्शन में दिक्कत नहीं आएगी। एससीईआरटी के अधीन करवाए जा रहे हैं टेस्ट छात्राओं के साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाने की जिम्मेदारी स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) को सौंपी गई है। इस टेस्ट के लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को टेस्ट की राशि भेज दी गई है। पूरे पंजाब में 90 हजार के करीब छात्राओं का साइकोमेट्रिक टेस्ट किया जाएगा। साइकोमेट्रिक टेस्ट क्या होता है मनोविज्ञान पर आधारित यह एक ऐसा वैज्ञानिक परीक्षण होता है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति की व्यक्तित्व, मानसिक क्षमता, रुचि, सोचने-समझने की क्षमता, भावनात्मक संतुलन और व्यवहारिक गुणों को परखा जाता है। यह टेस्ट आमतौर पर दो मुख्य भागों में होता है – एप्टीट्यूड टेस्ट : इससे यह जाना जाता है कि व्यक्ति में किसी विशेष क्षेत्र (जैसे विज्ञान, कला, गणित, प्रशासन आदि) में सफलता पाने की कितनी क्षमता है पर्सनैलिटी टेस्ट : इससे व्यक्ति के स्वभाव, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक व्यवहार का मूल्यांकन किया जाता है। टेस्ट का मकसद छात्रों की करियर गाइडेंस में मदद करना। यह पता लगाना कि स्टूडेंट का झुकाव किस विषय या पेशे की ओर है। भावनात्मक और मानसिक हेल्थ को समझना।

दुर्ग जीआरपी की कार्रवाई: फरार बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

रायपुर/दुर्ग मुंबई पुलिस की गोपनीय सूचना  पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग जीआरपी ने शुक्रवार को शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस  के एस-1 कोच से एक बांग्लादेशी नागरिक को बिना वैध दस्तावेज के गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान अजमीर शेख के रूप में हुई, जो मुंबई में दर्ज मामले का फरार आरोपी था और कोलकाता होते हुए बांग्लादेश भागने की फिराक में था. 7 नवंबर को मिली सूचना के बाद जीआरपी ने दुर्ग स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर टीम तैनात कर दी. ट्रेन के पहुंचते ही एस-1 कोच में दबिश दी गई. थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया, “आरोपी ने जनरल टिकट  खरीदा था, लेकिन टीटी से सेटिंग कर स्लीपर कोच में चढ़ गया. उसके पास पासपोर्ट, वीजा या कोई वैध पहचान पत्र  नहीं मिला.” मुंबई पुलिस की टीम फ्लाइट से रायपुर पहुंच चुकी है और सड़क मार्ग से दुर्ग आ रही है. औपचारिकताएं पूरी कर अजमीर शेख को मुंबई ले जाया जाएगा. पुलिस को शक है कि उसका नेटवर्क भारत में सक्रिय हो सकता है, इसलिए खुफिया एजेंसियों से समन्वय कर गहन जांच शुरू की गई है.

किसानों के चेहरे पर मुस्कान, सोयाबीन पर मोहन सरकार का 1,300 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर

 भोपाल  प्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए बड़ी राहत दी है। सरकार सोयाबीन किसानों को प्रति क्विंटल 1,300 रुपये अपनी ओर से अतिरिक्त देगी। भावांतर योजना में अभी तक मंडियों में हुई बिक्री की दर का औसत निकालकर चार हजार रुपये माडल रेट तय किया है। 13 नवंबर को अंतर की यह राशि पंजीकृत किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। नौ लाख से ज्यादा किसानों कराया पंजीचन सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। मंडियों में इससे कम भाव मिलने के कारण प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इसमें मंडियों में बिक्री का औसत मूल्य निकालकर माडल रेट तय करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए नौ लाख 36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया। योजना की अवधि प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रखी गई है। तय किया मॉडल रेट मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में बताया कि भावांतर योजना में सोयाबीन का प्रति क्विंटल मॉडल रेट 4,000 रुपये से अधिक तय किया गया है। किसानों को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। 13 नवंबर को यह राशि किसानों के खातों में अंतरित होगी।  

राष्ट्रीय स्तर पर बटाला पुलिस को मिला सम्मान, पूरे देश में हुई तारीफ की वर्षा

बटाला  मौजूदा समय में मोबाइल फोन इंसान के जीवन का अटूट हिस्सा बन गया है, जिसके न होने से एक कमी का एहसास होता है। ऐसे में अगर किसी का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए तो स्वाभाविक है कि उस शख्स की चिंता बढ़ जाएगी। मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद लगता है कि शायद ही अब यह वापस मिल पाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है… क्योंकि पंजाब के बटाला पुलिस ने जो कर दिखाया है उसके लिए पुलिस महकमे को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। बटाला पुलिस ने चोरी व गुम हुए हजारों मोबाइल ढूंढ निकाले और उन्हें उनके असली मालिकों को भी सही सलामत सौंपा।  गुम हुए मोबाइल फोन बरामदगी में शानदार प्रदर्शन के लिए बटाला पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। पंजाब में बटाला पुलिस जिला पहला पुलिस जिला बना है, जिसने सबसे ज्यादा चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाए हैं। करीब एक साल पहले डीजीपी गौरव यादव और स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम के मार्ग दर्शन में बटाला के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पहले आपका गुम मोबाइल अब वापिस आपके हाथ मुहिम शुरू की थी।  इस मुहिम द्वारा और दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारत सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल की मदद से बटाला पुलिस ने 1100 से अधिक गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस करके वापिस उनके मालिकों को सौंपे हैं। बरामद किए मोबाइलों की बाजारी कीमत लगभग 2.20 करोड़ लगाई गई है। बटाला पुलिस की इसी सफलता को देखते हुए दूरसंचार विभाग और भारत सरकार ने बटाला पुलिस को सोलन, हिमाचल प्रदेश में आयोजित नार्थ जोन सुरक्षा कान्फ्रेंस के दौरान सुनीता चंद्रा, डायरेक्टर जनरल, दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर एसएसपी बटाला सुहेल कासिम मीर ने इस सफलता को अपनी टीम की लगन और जन सहयोग को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि बटाला पुलिस टेक्नोलॉजी द्वारा जनहित में लोगों की सेवा करने लिए बचनबद्ध है और लोगों में अपना विश्वास मजबूत कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अपने गुम मोबाइलों की रिपोर्ट दर्ज सांझ केंद्र में करवांए और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बटाला से संपर्क करें।  

देशभर के आयुर्वेद कॉलेजों को मिली एनसीआइएसएम मान्यता, मध्यप्रदेश में 39 कॉलेजों को भी स्वीकृति

भोपाल   भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने सत्र 2025-26 के लिए देशभर के 565 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता प्रदान कर दी है। वहीं मध्यप्रदेश में 39 कॉलेजों को मान्यता प्रदान कर दी गई है। मान्यता प्राप्त कॉलेजों में इस वर्ष शुरू हुए 29 नए आयुर्वेद कॉलेज भी शामिल हैं। हालांकि, देश के 18 कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी गई है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 7 और राजस्थान का एक कॉलेज शामिल है। कटऑफ डेट में वृद्धि आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडेय ने बताया कि आयुष एडमीशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी (एएसीसीसी) ने छात्रों के हित में यूजी और पीजी प्रवेश की कटऑफ डेट में वृद्धि की है। यूजी प्रवेश की कटऑफ डेट 25 नवंबर से बढ़ाकर 1 दिसंबर तक कर दी गई है। वहीं पीजी प्रवेश की कटऑफ डेट 8 दिसंबर से बढ़ाकर 22 दिसंबर कर दी गई है। एनसीआइएसएम के सचिव सच्चिदानंद प्रसाद द्वारा यह पत्र जारी किया गया है। एनसीआईएसएम और एनसीएच को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश भर में प्रथम चरण की काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही सभी आयुर्वेद-आयुष कॉलेजों की मान्यता पर निर्णय जारी हो जाए। देशभर में कॉलेज 565     राज्य शास. निजी कुल कॉलेज     मध्यप्रदेश 07 32 39     राजस्थान 09 08 17     उत्तरप्रदेश 09 84 93

क्रांति ने किया यादगार आगमन: ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और अपने क्रिकेट ग्राउंड को किया सलाम

 छतरपुर  विश्व विजेता बनकर पहली बार घर आई क्रांति गौड़ के घर पर दीपावली जैसा उत्सव रहा। पूरे नगर के लोग एकत्रित होकर अपनी बेटी की एक झलक देखने के लिए उत्सुक दिखे थे। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता क्रांति गौड़ खजुराहो से चलकर शुक्रवार देर रात अपने गृहग्राम घुवारा पहुंचीं। क्रांति के घर को फूलों से सजाया गया था। गांव वालों और इलाके के लोगों को बांटने के लिए 5 क्विंटल से ज्यादा लड्‌डू बनाए गए। इस दौरान इलाके के लोग उमड़ पड़े। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के बीच लोगों ने गौड़ का भव्य स्वागत किया। जमीन को चूम लिया, जहां पहली बार खेला था क्रिकेट हालांकि क्रांति अपने गांव घुवारा जैसे ही पहुंची तो सबसे पहले वहां गई, जहां पहली दफा क्रिकेट खेला था। क्रांति ने सबसे पहले उस उबड़-खाबड़ जमीन पर माथा टेका और फिर उसे चूमा। बाद में वह कार की छत पर बैठकर अभिवादन करती रहीं। खुद को नाचने से नहीं रोक पाई क्रांति गौड़ इस खास मौके पर उनके दोस्त डीजे पर झूमते हुए दिखे। वहीं क्रांति भी इस दौरान अपने आप को रोक नहीं पाई और ढोल-नगाड़ों पर खूब नाची। घुवारा पहुंचने से पहले क्रांति चौपरिया सरकार मंदिर पहुंचीं, जहां हनुमानजी के समक्ष माथा टेका था। इसके बाद वह घुवारा के लिए निकली।

ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता ज्ञान प्रतियोगिता में व्यापक भागीदारी करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में इस वर्ष मिलेंगे 70 पुरस्कार गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में मद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ 7 से 25 नवम्बर प्रदेश में ऑनलाइन प्रतियोगिता उज्जैन में 1 से 3 दिसम्बर तक होगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव राजधानी में भी 1 दिसम्बर को होंगी कई गतिविधियां भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के प्रदेश में गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मध्यप्रदेश में 7 से 25 नवंबर की अवधि में ऑनलाइन मद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। हरियाणा के कुरूक्षेत्र में सजेंगे मध्यप्रदेश के व्यंजनों के स्टॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की तैयारी की जानकारी भी प्राप्त की। इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में पुनीत इस्सर और मोहित शेवानी मुंबई, शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रमों सहित जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर कृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए की जा रही तैयारी की भी जानकारी प्राप्त की। इस महोत्सव में ऑनलाइन मद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर होगा मद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में मद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप बैठक में जानकारी दी गई कि 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान कृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर कृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है। विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर चर्चा बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर भी चर्चा हुई। विक्रमोत्सव की शुरूआत 15 फरवरी 2026 से होगी और 19 मार्च 2026 तक विभिन्न गतिविधियां होंगी। इसके बाद 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विक्रमोत्सव में मुख्य रूप से अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, कलश यात्रा, प्रदर्शनी, शिव पुराण, विक्रम व्यापार मेला, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल कठपुतली समारोह, अनादि पर्व, शिल्प कार्यशाला, मालवी कलम कार्यशाला, विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम, कवि सम्मेलन, लोकरंजन, अनहद वैचारिक समागम, पौराणिक फिल्म अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, महाकाल पृथ्वी का समय शोध संगोष्ठी, वेद अंताक्षरी, सूर्य उपासना की गतिविधियां होंगी। प्रदेश के जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

ECI का अपडेट! बिहार पहले फेज की वोटिंग में आया नया आंकड़ा – बढ़ी वोटिंग या घटी?

पटना  बिहार चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग हो गई. पहले फेज की वोटिंग का फाइनल डेटा भी आ गया है. चुनाव आयोग ने लेटेस्ट डेटा जारी कर बताया है कि पहले फेज में कितना मतदान हुआ. जी हां, चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग में कुल 65.8% मतदाताओं ने वोट डाला है. यह पहले के वोटिंग टर्नआउट वाले डेटा से अधिक है. चुनाव आयोग ने पहले बताया था कि बिहार में पहले चरण में अब तक का सबसे अधिक 64.66% वोटर टर्नआउट रहा. चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अंतिम मतदान 65.08% रहा. 6 नवंबर 2025 को बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान हुआ था. वोटिंग के मामले में बिहार ने नया इतिहास रच दिया है. वोटिंग को लेकर बिहार में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए. पहले चरण की वोटिंग में 75 साल का रिकॉर्ड टूट गया. इस तरह चुनाव आयोग का फाइनल डेटा पुराने डेटा से करीब 1 फीसदी अधिक है. बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा आम चुनाव में राज्य का औसत मतदान 57.29 प्रतिशत और 2024 के लोकसभा आम चुनाव में 56.28 प्रतिशत रहा था. चुनाव आयोग ने क्या कहा था बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने पहले ही बताया था कि वोटिंग वाले दिन जो डेटा जारी हुआ, वह फाइनल डेटा नहीं था. उन्होंने कहा था कि फाइनल डेटा में थोड़ा बहुत अंतर हो सकात है. 6 नवंबर की शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 3.75 करोड़ मतदाताओं में करीब 64.46 प्रतिशत (अनंतिम) ने मतदान किया था. उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा कुल 45,341 मतदान केंद्रों में से 41,943 केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है. गुंजियाल ने कहा, ‘‘यह फाइनल आंकड़ा नहीं है, क्योंकि कुछ मतदान केंद्रों से सूचनाएं अभी आनी बाकी हैं। अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े के इससे अधिक रहने की संभावना है.’ पहले चरण की वोटिंग में क्या हुआ मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ. कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाओं के अलावा कहीं से कोई बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली. राज्य के 18 जिलों में फैली इन 121 सीट के लिए 6 नवंबर को हुए मतदान में मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं और मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. बिहार में सबसे अधिक वोटिंग मुजफ्फरपुर में हुई. अब दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी. नतीजे 14 नवंबर 2025 को आएंगे.

गैंगस्टर का असली चेहरा! जेल में काम करते हुए DGP ने दलजीत सिहाग को कहा चिरकुट

हिसार  जेलों में बंद होकर भी सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी को 'ग्लैमरस' दिखाने वाले गैंगस्टरों की 'माचो पर्सनालिटी' को खत्म करने के लिए हरियाणा पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अब सलाखों के पीछे के सच्चे और नीरस जीवन को जनता के सामने लाने की तैयारी कर रही है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ.पी. सिंह ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन गैंगस्टरों के मुखौटे को उतारा जाए और जनता को दिखाया जाए कि जेल के अंदर की जिंदगी कैसी होती है। डीजीपी सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा, "जेलों में सड़ने वाले चिरकुट रील्स से लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं।" 14 अक्टूबर को कार्यभार संभालने के बाद से डीजीपी ओपी सिंह ने हरियाणा के गिरोहों के खिलाफ चहुंमुखी हमला शुरू कर दिया है। वह एक तरफ गैंगस्टरों के ऑनलाइन आभा मंडल को खत्म कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आत्मसमर्पण करने और सुधरने के इच्छुक लोगों के लिए वापसी का रास्ता भी पेश कर रहे हैं। 5 नवंबर को पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' शुरू किया, जो हालिया गोलीबारी से जुड़े भगोड़ों को पकड़ने के लिए 16 दिवसीय राज्यव्यापी कार्रवाई है। पहले ही दिन 32 गिरफ्तारियां की गईं। डीजीपी ने फरार अपराधियों की सख्त ट्रैकिंग, जमानत मामलों को फिर से खोलने, अपराध से जुड़ी संपत्ति जब्त करने और एसएचओ तथा डीएसपी के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को अपने "सबसे खराब पांच" और जिला व एसटीएफ इकाइयों को अपने "सबसे खराब 10" और "सबसे खराब 20" को पकड़ना होगा। डीजीपी का गुस्सा कुख्यात गैंगस्टर दलजीत सिहाग उर्फ सिसई के उस सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का, जिसमें वह हरियाणा दिवस पर साफ सफेद कपड़ों में हाथ जोड़े दिख रहा था। इस पोस्ट से सहजता और प्रभाव का भ्रम पैदा हो रहा था। सिहाग झज्जर जेल में बंद है, जहां उसे टॉयलेट सफाई का काम सौंपा गया है। पुलिस जांच में पता चला कि 55 से अधिक मामलों का सामना कर रहे सिहाग ने 5,000 प्रति माह पर जींद निवासी 27 वर्षीय एक व्यक्ति को अपना सोशल मीडिया संभालने और अदालत में पेशी के दौरान वीडियो शूट करने के लिए रखा था। सोशल मीडिया हैंडलर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब Meta, X (ट्विटर) और इंस्टाग्राम को "गैंग कल्चर" को बढ़ावा देने वाले अकाउंट्स का विवरण मांगने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। डीजीपी सिंह अपनी रणनीति में सख्ती के साथ नरमी पर भी जोर दे रहे हैं। उन्होंने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से कहा, "जो भी व्यक्ति वैध रास्ते पर लौटना चाहता है, उसे वापसी का रास्ता दें। लेकिन जो धमकी देते हैं, नुकसान पहुंचाते हैं या जबरन वसूली करते हैं, उन्हें मुंहतोड़ जवाब दें। एक गणतंत्र में, केवल कानून का शासन ही चलेगा।"

पचमढ़ी में राहुल गांधी की सक्रियता: जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और गांधी प्रतिमा पर फूल अर्पित करेंगे

पचमढ़ी  कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शनिवार से दो दिन के मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगे। वे पचमढ़ी में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय और आर्थिक नीतियों पर चर्चा करेंगे। बैठक में राहुल गांधी कुछ चुनिंदा नेताओं से अलग-अलग भी बातचीत कर सकते हैं। यह बैठक 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है।  राहुल गांधी के आगमन को लेकर पचमढ़ी में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 150 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। राहुल दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से पचमढ़ी जाएंगे। चप्पे-चप्पे पर तैनात होगी पुलिस पचमढ़ी में गांधी के दौरे को लेकर 150 पुलिस कर्मियों चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। पचमढ़ी के हर चौक चौराहों पर शस्त्र बल तैनात रहेगा। राहुल हेलीपेड से गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने जाएंगे। बताया जाता है कि इस प्रतिमा का वर्ष 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सोनिया गांधी ने अनावरण किया था। यहां से राहुल प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचेंगे। यहां जिला अध्यक्षों से वन टू वन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पचमढ़ी में कांग्रेसियों ने जगह-जगह पोस्टर, बैनर लगाए हैं। रविशंकर भवन से प्रशिक्षण स्थल तक मार्गों विशेष साफ सफाई की गई है। राहुल के दौरे पर शिक्षा मंत्री ने कसा तंज सेठानी घाट पर सामूहिक वंदे मातरम सामूहिक गायन में शामिल हुए शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आजाद मुल्क में किसी भी नागरिक को आने जाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रहती है। राहुल महत्वपूर्ण अवसर पर घूमते ही हैं। देश में चुनाव चलते हैं तो विदेश जाते हैं। बिहार में चुनाव चल रहे है तो मध्य प्रदेश आते हैं। यह तो उनके सही वक्त पर लिए गए निर्णय को प्रमाणित करता है। भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति पर सत्र भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने अपने गहन अनुभव और विशेषजता के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। चक्रवर्ती ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार आंकड़ों, जुमलों और भामक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने तथ्यों और आर्थिक संकेतकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति प्रचारित किए जा रहे दावों से भिन्न है। सत्र के दौरान उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों का विश्लेषण किया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में जिला अध्यक्षों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।  पांच माह में दूसरी बार आएंगे मध्यप्रदेश राहुल गांधी पांच माह में दूसरी बात मध्यप्रदेश आ रहे हैं। इसके पहले वे संगठन सृजन अभियान के चलते 3 जून को भोपाल आए थे। कार्यकर्ताओं से संवाद किया था। स्पष्ट तौर से यह भी बताया था कि पार्टी में जिलाध्यक्ष ही पॉवरफुल होंगे। अब जबकि जिलाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं तो राहुल फिर इन्हें संबोधित करने आ रहे हैं। जाहिर है राहुल के आने पर कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज मिलेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे पार्टी का यही प्रयास है। अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फोकस रखकर पार्टी काम कर रही है। जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी इसी की कड़ी है। पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों एवं विधायकों के लिए ऽजाति, संविधान और राजनीति के विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य भारतीय समाज और राजनीति में जाति की भूमिका, संविधान में उसके प्रावधानों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण की गहराई से समझ विकसित करना था। जाति, संविधान और राजनीति के मुद्दे पर होगी चर्चा सीडब्ल्यूसी के सदस्य एवं झारखंड के प्रभारी के. राजू ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा जाति हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन की एक सच्चाई है, जिसे केवल परंपरा नहीं बल्कि समानता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में समझना चाहिए। संविधान ने समानता और अवसर की समानता के माध्यम से जातीय भेदभाव को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है, और कांग्रेस पार्टी सदैव इस भावना को व्यवहार में लाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। कार्यक्रम में कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में नीति निर्माण का सशक्त आधार बन सकती है। जाति, संविधान और राजनीति ये तीनों भारतीय लोकतंत्र के मूल तत्व हैं, और जब तक समानता तथा सामाजिक न्याय का लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी रहेगी। इस सत्र में जिला अध्यक्षों, प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की और संगठन निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।  पचमढ़ी पहुंचने के बाद राहुल गांधी गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फिर प्रशिक्षण सत्र में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे वे जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग कैंप में शामिल होंगे। इसके बाद रात 8 बजे जिलाध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ डिनर करेंगे। वे रात को रविशंकर भवन में रुकेंगे और रविवार सुबह 11 बजे बिहार के लिए रवाना होंगे।  बैठक में ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा’ विषय पर एक विशेष सत्र हुआ। इसमें ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने देश की आर्थिक चुनौतियों पर बात की और सुझाव दिया कि पार्टी को जनता के आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।  राहुल गांधी का यह दौरा केवल बैठक तक सीमित नहीं रहेगा। वे पार्टी संगठन को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर नई रणनीति बनाने पर जोर देंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी की नई कार्ययोजना की दिशा तय करेगी।