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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित अम्बिकापुर आगमन की तैयारियों का लेकर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली बैठक

रायपुर , भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 20 नवबंर को अम्बिकापुर प्रवास प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी को लेकर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम  से जु़ड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रमुख सचिव बोरा ने सबसे पहले गांधी स्टेडियम पहुंचकर राष्ट्रपति के आगमन हेतु तैयार किए जा रहे हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग, हेलीपैड की मजबूती तथा आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने पी.जी. कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने पीजी कॉलेज मैदान में बनने वाले डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास द्वार, स्टॉल्स की साज-सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, बिजली व्यवस्था एवं सांस्कृतिक मंच का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और सौंदर्यपूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए। बोरा ने पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली संगोष्ठी कार्यक्रम की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध रहे। निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

अमित शाह का हरियाणा दौरा: 17 नवंबर को करेंगे नॉर्दर्न जोनल काउंसिल बैठक की अगुवाई

फरीदाबाद  फरीदाबाद में आगामी 17 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधिकारी तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फरीदाबाद में तैयारियों का जायजा सीएमओ और मंडलायुक्त स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारी आयोजन स्थल, सुरक्षा, यातायात, आवास, परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं और आतिथ्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक राष्ट्रीय महत्व की है, इसलिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। फरीदाबाद नगर निगम, सेहत विभाग, लोक निर्माण, बिजली, परिवहन और अग्निशमन विभाग सहित सभी इकाइयों के अफसर लगातार तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक से पहले फरीदाबाद का दौरा करेंगे। चार राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश होंगे शामिल उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हैं। बैठक में सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। इस बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, क्षेत्रीय विकास और अंतरराज्यीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 1957 में धारा 15 के तहत पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी, जिनमें से यह एक परिषद है। पिछली बैठक अमृतसर में हुई थी इसके पहले, उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक 26 सितंबर 2023 को अमृतसर में आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उस बैठक में भाखड़ा-बीस प्रबंधन बोर्ड, पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़ी संबद्धता, सड़क और नहर परियोजनाएं, जल बंटवारा, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संबंधी मंजूरियां और यूडीएएन योजना के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।  

रेलवे का ऐतिहासिक कदम: 40 साल बाद समय पालन और ट्रैक रोकथाम सुनिश्चित

झांसी  उत्‍तर मध्‍य रेलवे के झांसी डिवीजन 40 साल में पहली बार ऐसा काम किया है, जिससे पंच्‍यू‍अलिटी रेट बढ़ेगा यानी आपकी ट्रेन समय पर चलेंगी. इतना ही नहीं सफर के दौरान ट्रैक के बीचोंबीच ट्रेन खड़ी भी नहीं होगी. यहां पर 40 साल पुराने 40 साल पुराने ओएचई वायर को बदलने का काम किया जा रहा है. झांसी रेल डिवीजन द्वारा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. पुरानी हो चुकी चीजों को बदलने और नए को लगाने काम किया जा रहा है. डिवीजन द्वारा अक्टूबर माह में 33 किलोमीटर ट्रैक पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर लगाए गए हैं. इस वित्तीय साल में अभी तक 94.2 किलोमीटर ट्रैक पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर बदले जा चुके हैं. डिवीजन के विद्युत विभाग द्वारा एनआईसीसीओ मेक ज्वाइंट कॉन्टैक्ट वायर के स्थान पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर लगाए जा रहे हैं. वर्ष 1985-86 में जब रेलट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य शुरु किया गया था, तब पुरानी टेक्नोलॉजी के कारण 1500 मीटर OHE वायर (एक ड्रम) की लंबाई में कई जगहों पर ब्रेज़िंग ज्वाइंट लगाए जाते थे. इस वजह से कई बार OHE वायर टूटने की शिकायत आती थी. इस समस्या को दूर करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा बिना किसी ज्वॉइंट वाले(ज्वाइंट लेस) कॉन्टैक्ट वायर लगाए जा रहे हैं. मंडल द्वारा अभी तक 153.6 किलोमीटर ज्वाइंटलेस वायर लगाए जा चुका है. डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि रेलवे आधुनिक हो रहा है. जरूरत के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं. बगैर जॉइंट वाले कॉन्टैक्टवायर ओएचई फेल होने से होने वाले ब्रेक डाउन में कमी आई है. बल्कि उनकी संख्या अब जीरों के बराबर है. ट्रेनों की पंच्‍यूअलिटी में भी बेहतर होगा. इस काम में तेजी लाने के लिए दो टावर वैगन अतिरिक्त लगाए गए हैं, जिससे यह कार्य जल्‍द पूरा किया जा सके.

AIIMS भोपाल के डॉक्टरों का कमाल, वेस्टेज गर्भनाल से 13 लोगों की आंखों की रोशनी लौटी

भोपाल  गर्भनाल, गर्भस्थ शिशु के लिए रक्षा कवच का काम करता है. जबकि शिशु का जन्म होने के बाद इस कवच को वेस्टेज समझ के फेंक दिया जाता था, लेकिन एम्स भोपाल के डाक्टर अब इस इस गर्भनाल की झिल्लियों से आंखे खो चुके मरीजों के जीवन में फिर से रोशनी लाने का काम कर रहे हैं. दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से घायल 13 लोग आंखों का इलाज कराने के लिए एम्स भोपाल पहुंचे थे. जहां डाक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन यानि गर्भनाल की झिल्लियों का उपयोग कर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई. घाव भरने और पारदर्शिता बनाए रखने में करती है मदद एम्स भोपाल के सर्जन डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया कि "नवजात शिशुओं के जन्म के बाद उनके गर्भनाल को पहले फेंक दिया जाता था, लेकिन अब यही आंखों की गंभीर समस्याओं में दवाई का काम कर रही है. गर्भनाल की जीवित झिल्ली घाव भरने में मदद करती है. इसके साथ ही आंखों की पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करती है. वहीं निजी अस्पतालों में जहां इस तरह के इलाज में 40 से 50 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं. भोपाल एम्स में आयुषमान कार्डधारकों का यह इलाज निशुल्क किया जा रहा है. जबकि जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनसे भी केवल 250 रुपए लिए जा रहे हैं. मरीजों की आंखों का 80 प्रतिशत विजन लौटा डॉक्टर समेंद्र खुरकुर ने बताया किए मनियोटिक मेम्ब्रेन तकनीकी ऐसे लोगों के लिए कारगर है, जिनकी आंखें केमिकल के पटाखों से खराब हुई है. उनके कार्नियल अल्सर या संक्रमण की स्थिति में और एलर्जिक सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के इलाज में बेहतर रिजल्ट मिलता है. इसके साथ ही इसका इस्तेमाल ट्रामा या सर्जरी के बाद ऊतकों की बेहतर रिकवरी के लिए भी किया जाता है. उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल में जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनका विजन 80 प्रतिशत से अधिक लौट चुका है. इनमें अधिकतर मरीजों की आंखें कार्बाइड गन से डैमेज हुई थी. इस तरह किया जाता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन से इलाज आंखो में चोट, इंफेक्शन या पटाखों से आंखों की ऊपरी सतह झुलसने पर यदि दवाइयों से घाव ठीक नहीं होते तो एमनियोटिक मेम्ब्रेन ग्राफ्टिंग की जाती है. सबसे पहले डिलेवरी के बाद नवजात शिशु को इससे अलग किया जाता है. फिर इसे स्टरलाइज करने के बाद नार्मल स्लाइन से साफ किया जाता है. इसके बाद इसे एंटीबायोटिक या बीटाडीन सॉल्यूशन से साफ किया जाता है. इसके बाद आंखों के क्षतिग्रस्त हिस्से को साफ कर टांकों के माध्यम से इसकी ग्राफ्टिंग की जाती है. इससे घाव जल्द भरते हैं और मरीज की रिकवरी जल्दी होती है. जानिए क्या होता है एमनियोटिक मेम्ब्रेन एमनियोटिक मेम्ब्रेन एक पतली और मजबूत झिल्ली होती है, जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है. विशेष रूप से, यह एमिनियोटिक थैली की आंतरिक या भीतरी परत होती है, जो भ्रूण को धारण करने वाला आवरण होती है. एमनियोटिक थैली में एमनियोटिक द्रव और एक बाहरी परत भी होती है, जिसे कोरियोन कहा जाता है. ये संरचनाएं मिलकर भ्रूण के लिए एक सुरक्षात्मक आवरण बनाती हैं, ताकि वह बढ़ सके और विकसित हो सके.

वंदे-मातरम के 150 साल: मध्यप्रदेश में भव्य जन-उत्सव, राज्य मंत्री लोधी ने किया ऐलान

राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की 150वीं वर्षगांठ मध्यप्रदेश में एक भव्य जन-उत्सव के रूप में मनाई जाएगी : राज्य मंत्री  लोधी पूरे एक वर्ष तक, पंचायत से लेकर पर्यटन स्थलों तक गूंजेगा वंदे मातरम का अमर स्वर राज्य स्तरीय मुख्य समारोह 7 नवंबर को शौर्य स्मारक में होगा सभी मुख्यालयों पर होगा एक साथ गायन "स्वदेशी अपनाएँ" का लिया जाएगा सामूहिक संकल्प भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर को मध्यप्रदेश में एक अविस्मरणीय 'जन-उत्सव' के रूप में मनाया जाएगा। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह गौरवशाली आयोजन 7 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 7 नवंबर 2026 तक, पूरे एक वर्ष तक चलेगा। यह समारोह, भारत सरकार के निर्णय के अनुरूप, राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी ओजस्वी भूमिका और हमारी सांस्कृतिक विरासत में इसके अमूल्य महत्व को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। राज्यमंत्री  लोधी ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का वह जीवंत स्फुरण है जिसने करोड़ों भारतवासियों के हृदय में स्वाधीनता की अलख जगाई। यह हमारे अमर बलिदानियों का जयघोष था। इस ऐतिहासिक वर्षगांठ को मनाने का निर्णय हमारी नई पीढ़ी को उस त्याग और राष्ट्र-प्रेम की भावना से सीधे जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। मध्य प्रदेश इस राष्ट्रीय आयोजन को एक जन-अभियान का स्वरूप देगा। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि वर्ष भर चलने वाले इन समारोहों को चार मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे राष्ट्र-प्रेम की भावना सतत प्रवहमान रहे।          प्रथम चरण: 7 नवंबर से 14 नवंबर 2025 तक।          द्वितीय चरण: 19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस सप्ताह)।          तृतीय चरण: 7 अगस्त से 15 अगस्त 2026 ('हर घर तिरंगा अभियान' के साथ)।          चतुर्थ चरण: 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह)। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह 7 नवंबर 2025 को प्रातः 09:30 बजे भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसी समय, प्रातः 9:30 बजे, प्रदेश के सभी जिला, तहसील एवं विकासखण्ड मुख्यालयों पर "वंदे मातरम" का संपूर्ण गायन एक साथ, एक स्वर में किया जाएगा। प्रातः 10 बजे से नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम के सीधे प्रसारण को देखने-सुनने की व्यवस्था प्रदेश के सभी आयोजन स्थलों पर सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, अर्द्ध-शासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 7 नवंबर को वंदे मातरम का भव्य गायन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। इस राष्ट्रगीत गायन को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए पुलिस बैंड, स्कूल-कॉलेजों के बैंड एवं अन्य स्थानीय बैंड दलों की सहभागिता भी होगी। राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि यह आयोजन केवल शासकीय न होकर, 'जन-जन का आयोजन' बनेगा। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, शिक्षक और सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से शामिल होंगे। राज्य मंत्री  लोधी ने कार्यक्रमों की श्रंखला के संबंध में बताया कि 8 नवंबर 2025: प्रातः 10 बजे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश की सभी जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों में 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। 10 नवंबर 2025 प्रातः 10 बजे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद) में वंदे मातरम का गायन किया जाएगा। संस्कृति मंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के समन्वय से, प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टरों द्वारा चयनित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत का गायन सुनिश्चित किया जाए, जिससे पर्यटकों में भी राष्ट्रीय गौरव का संचार हो। "सभी स्वदेशी अपनाएँ" का लिया जाएगा सामूहिक संकल्प राज्यमंत्री  लोधी ने बताया कि इन सभी आयोजनों का एक महत्वपूर्ण और सार्थक भाग "सभी स्वदेशी अपनाएँ" का सामूहिक संकल्प। यह संकल्प राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रतीकात्मक और ठोस कदम होगा।   

उमरिया में 3 दिवसीय मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग, साल 2026 में होगी बाघों की गणना

उमरिया  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाली बाघ की गणना को लेकर अधिकारी कर्मचारियों को लगातार ट्रेंड किया जा रहा है. इसके लिए 3 नवंबर से लेकर 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिवसी मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 50 से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों ने लिया हिस्सा 3 नवंबर से 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला ईको केंद्र में विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई, जिसमें वन मंडल स्तरीय मास्टर ट्रेनर और समन्वय अधिकारियों की ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई थी, जहां 7 मंडलों के 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इसमें कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग लेवल की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे. फील्ड सेशन में डाटा कलेक्शन सहित कई बिंदुओं पर चर्चा 3 दिवसीय ट्रेनिंग के आखिरी दिन भोपाल से आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल कृष्णमूर्ति भी शामिल हुए, जहां उन्होंने फील्ड सत्र में हिस्सा लिया. इस दौरान एल कृष्णमूर्ति के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय और उपसंचालक पीके वर्मा भी सम्मिलित थे. फील्ड सेशन में फील्ड में डाटा कलेक्शन में आने वाली कठिनाइयों और छोटी-छोटी गलतियां के निराकरण पर ध्यान दिया गया. कैमरा ट्रैप में इन बातों पर फोकस फील्ड सत्र के बाद WII देहरादून से आए आशीष प्रसाद और मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा ने क्लासरूम सेशन भी लिया और फील्ड में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया. बाघों की गणना में कैमरा ट्रैप का बहुत बड़ा रोल होता है, फील्ड में कैमरा ट्रैप लगाने में अक्सर गलतियां हो जाती हैं, ऐसे में कौन सी छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन पर फोकस करने की जरूरत है, फील्ड में होने वाली इन छोटी छोटी गलतियों पर भी ध्यान दिया गया. इन कारणों से बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिलती कई बार कैमरा ट्रैप को गलत दिशा में, दूरी एवं ऊंचाई पर लगाने के कारण फोटो ब्लर हो जाती है और टाइगर नहीं मिल पाता है. जिसके चलते बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिल पाती. इसके अलावा कैमरा ट्रैप आईडी और स्थान भी मिसमैच होने के चलते डाटा कलेक्शन में दिक्कत होती है. ऐसी छोटी-छोटी गलतियों पर भी फोकस किया गया, उन गलतियों को सुधारने के तरीके भी बताए गए. बांधवगढ़ बाघों का गढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि "ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग थी, जिसमें 7 वन मंडल के 50 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और मास्टर ट्रेनर बने. यह तैयारी 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए हो रही है. बाघ गणना 2026 की तैयारी की समीक्षा भी की गई. साथ ही इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी सभी अधीनस्थों को दिए.     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है, इसीलिए पूरे मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिलने वाले बाघों की संख्या पर सबकी नजर रहेगी. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी बाघों की सटीक और सही गणना के लिए लगातार ट्रेनिंग और तैयारी कर रहा है. इससे पहले साल 2022 में बाघों की गणना की गई थी, जिसमें 165 बाघ मिले थे, इस बार देखना दिलचस्प होगा की बाघों की संख्या कहां तक पहुंचती है.

सिंहस्थ से पहले तैयार होगा भोपाल-इंदौर हाईवे का 31 करोड़ रुपये का फ्लाईओवर

 भोपाल  भोपाल शहर के सबसे प्रमुख सड़क जंक्शन को सुरक्षित करने की योजना ने महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर यह छह लेन का नया फ्लाईओवर है, जिसका निर्माण 31 करोड़ रुपयों की लागत से होगा। इसके बन जाने से भोपाल से इंदौर जाने वालों को खजुरी स्थित 11 मील जंक्शन की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार में सबका साथ-सबका विकास के तहत पूरे भोपाल में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत यह फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जाएगा, जो कि 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ के पहले तैयार हो जाएगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को विभाजित करने में मदद मिलेगी और इस सड़क पर हो रहे हादसे भी नियंत्रित होंगे। 18 महीने में निर्माण का लक्ष्य अधिकारियों ने बताया कि छह लेन के इस फ्लाईओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को मिली है। यह एजेंसी 18 महीने में निर्माण पूरा करने की लक्ष्य लेकर चल रही है। फ्लाईओवर के साथ उसपर पथप्रकाश व्यवस्था और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी ताकि आवागमन सुगम बना रहे। भोपाल बाइपास को बाइपास करेगा खजूरी स्थित 11 मील तिराहे पर भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर राजमार्ग आपस में जुड़ते हैं। इस तिराहे से औसतन दो लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इसकी वजह से इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। नया फ्लाईओवर जंक्शन से करीब 400 मीटर पहले शुरू होगा। जंक्शन तिराहे के ऊपर से गुजरकर यह खजुरी के पास उतरेगा। इसकी वजह से भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे वाहनों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बाइपास से आने वाले वाहन सर्विस रोड से होकर मुख्य सड़क पर पहुंचेंगे।     850 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर     6 लेन का होगा     31 करोड़ रुपयों में बनेगा     18 महीने में पूरा होगा     3 लाख लोग रोजाना गुजरेंगे  

जबलपुर को मिली गोल्फ टूर्नामेंट की मेजबानी, 8 नवंबर से लगेगा गोल्फ खिलाड़ियों का जमावड़ा

जबलपुर  गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में देश भर में 'भारत गोल्फ महोत्सव' का आयोजन हो रहा है. इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से हुआ और समापन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर होगा. सबसे खास बात यह है कि, इसी क्रम में जबलपुर को मेजबानी करने का मौका मिला है. इसका आयोजन आर्मी क्षेत्र (एप्टा) में 8 और 9 नवंबर को किया जाएगा, जो इसे और भी विशेष बनाता है. इस आयोजन के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि, युवा मोबाइल स्क्रीन और नशे की आदत से निकलकर खेल के मैदान में आएं. यह दो दिवसीय महोत्सव आर्मी एरिया में आयोजित किया जा रहा है. जिसमें देश भर के गणमान्य व्यक्ति, गोल्फ खिलाड़ी और वीर जवान शामिल होंगे. 2 दिनों चलेगा गोल्फ महोत्सव 8 नवम्बर को जबलपुर में भारत गोल्फ महोत्सव का शुभारंभ होगा. विभिन्न कार्यक्रर्मों के साथ ही बाहर से आये गोल्फ खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दिन भर चलेगा. इस महोत्सव मे मुख्य केंद्र-बिंदु सामाजिक चेतना है. जिसके तहत कई लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. जिसमें पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करना जो प्रकृति और हरियाली के बीच में खेले जाते हैं. 'मेक इन इंडिया' स्वदेशी और भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना. शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर खेल के मैदान में उतारना है. लोगों में बढ़ता मोटापा जो आज के समय की बहुत बड़ी समस्या है, लिहाजा इस समस्या के प्रति भी लोगों को जागरूक करना शामिल है. वीर जवानों के बीच होगा आयोजन गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि, "यह कार्यक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह देश के वीर जवानों के बीच हो रहा है, यानी आर्मी एरिया में हो रहा है. इस दौरान वीर नारियों का सम्मान कर इस कार्यक्रम को और भी ज्यादा गौरवमय बनाया जाएगा. NTOBC रन, गोल्फ ट्रेनिंग के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पौधारोपण, स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूकता करना है. छात्रों को गोल्फ ट्रेनिंग भी दी जाएगी. रणदीप हुड्डा बढ़ाएंगे खिलाड़ियों का हौसला अगले दिन 9 नवम्बर को गोल्फ प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा, जिसमें अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शामिल होंगे. जिसके बाद दिन में गोल्फ प्रतियोगिता संपन्न होगी और शाम को अवार्ड वितरण के साथ ही कल्चरल प्रोग्राम, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों के परिवार का सम्मान किया जाएगा. जिसके बाद इस 2 दिवसीय टूर्नामेंट का समापन होगा. गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खेल प्रेमियों के साथ ही युवाओं और नागरिकों से अपील की है की विशेष तौर पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन से जुड़ कर इसे सफल बनाये. अभिनेता रणदीप हुड्डा ने बताया, ''मैं आ रहा हूं जबलपुर, जहां भारत गोल्फ महोत्सव के आयोजन में शामिल होऊंगा. इस दौरान वीर नारियों का ह्रदय से सम्मान किया जाएगा. हजारों की संख्या में प्लांटेशन और मैराथन का भी आयोजन होगा. सबको इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए.''

अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सुनवाई टली, अगली तारीख 17 नवंबर तय

सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को स्थगित हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण आज कोर्ट में कंडोलेंस था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। यह मामला वर्ष 2018 का है। कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विजय मिश्रा का आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। पांच साल तक चली अदालती कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है जबकि दूसरे गवाह से जिरह शुरू हुई है। अक्सर हड़ताल और गवाहों के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

खेसारी लाल यादव पर नगर निगम की कार्रवाई, चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल

पटना बिहार में जारी मतदान के बीच भोजपुरी अभिनेता और राजनेता खेसारी लाल यादव  को झटका लगा है। दरअसल, मीरा भयंदर नगर निगम ने भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव, जो राजद उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, को मीरा रोड स्थित उनके घर में कथित अवैध निर्माण के लिए नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा, यह नोटिस "लोहे के एंगल और टिन शीट शेड की अनधिकृत स्थापना" से संबंधित है। महाराष्ट्र नगर निगम के अधिकारी ने कहा, "नोटिस में परिसर के मालिक से इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कहा गया है, अन्यथा अतिक्रमण विभाग नगर निगम के कानूनों के अनुसार कार्रवाई शुरू करेगा। अगर अवैध निर्माण स्वेच्छा से नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम मालिक के खर्चे पर इसे गिरा देगा।" छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं खेसारी लाल यादव इलाके के निवासियों ने बताया कि उनका घर कई हफ़्तों से बंद है, और कुछ का दावा है कि उनका परिवार यादव के चुनाव प्रचार में उनका समर्थन करने बिहार गया है। यादव राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से 2015 से भाजपा के सीएन गुप्ता जीतते आ रहे हैं। यादव से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।