samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय

4 नवम्बर को होगा आयोजन – स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर रायपुर, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा। “4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

माटी के लाल की चमक अब दिखेगी आसमान में — ‘सूर्यकिरण’ बनेगा छत्तीसगढ़ का गौरव

नवा रायपुर नवा रायपुर के नीले आसमान में मंगलवार दोपहर जब नौ हॉक जेट त्रिशूल बनाकर उड़ान भरेंगे तो सबसे आगे कॉकपिट में बैठा पायलट कोई शहर का अमीरजादा नहीं, महासमुंद के अर्जुनी गांव का किसान-पुत्र गौरव पटेल होगा. 32 साल का यह जांबाज पायलट छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में Suryakiran Aerobatic Team के लीड विंगमैन के तौर पर शौर्य बिखेरेगा गौरव कहते है कि कभी पांचवीं क्लास में दादा श्याम कुमार पटेल के NCC बैज को छूते वक्त थी. “सर, सपना था कि एक दिन अपनी धरती के ऊपर फाइटर जेट उड़ाऊं. 5 नवंबर को वो सपना सच हो रहा है.” उनकी आवाज में अभी भी गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई है. पिता कमल किशोर पटेल आज भी सुबह चार बजे खेत पर धान की नर्सरी देखते हैं. मां घर संभालती हैं. 90 साल के दादाजी कहते हैं, “मैंने गौरव को सिर्फ एक बात सिखाई – देश से बड़ा कुछ नहीं.” उसी एक बात ने पिथौरा के प्राइमरी स्कूल से NDA, फिर Air Force Academy तक का सफर तय कर दिया. 2013 में हैदराबाद से विंग्स लगे तो गांव में ढोल बजे थे. आज जब गौरव थाईलैंड, UAE, श्रीलंका और UK में 700+ air-shows कर चुका है, तब भी गांव की गलियों में लोग उसे “कमल किशोर का लाल” ही कहते हैं.  4 नवंबर को दोपहर 3 बजे से 3:30 तक सेन्ध झील के ऊपर Rehearsal होगा. 5 नवंबर को ठीक 11 बजे Main show शुरू होगा. गौरव पटेल Journey कैसी रही? Class 5 – Sainik School Rewa 2009 – NDA written + SSB crack 2013 – Air Force Academy Hyderabad 11 साल, 1,800 flying hours, 7 countries

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता  

शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत पर दी बधाई

भोपाल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए रविवार को एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपनी पहली आईसीसी ट्रॉफी जीती। चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमारी बेटियां चैंपियन हैं, बेटियों ने दिल भी जीता है और दुनिया भी। यह जीत इस बात की गवाह है कि भारत की बेटियों की उड़ान आसमान से भी ऊंची है।” उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत अब महिला क्रिकेट में भी विश्व विजेता बन गया है! देशवासियों को और हमारी बेटियों को हार्दिक बधाई।” यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बेटियों ने लहराया भारत का परचम। आईसीसी महिला विश्वकप 2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली महिला खिलाड़ियों को बधाई और हार्दिक अभिनंदन।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘यह विजय नए भारत की नारी शक्ति की नई उड़ान है।’’  

आखिरकार सबके लिए खुल गए दरवाज़े

लखनऊ ‘हेरिटेज ऑफ अवध‘ नामक ट्रस्ट द्वारा एक नाटक ‘दरवाज़े खोल दा‘ का मंचन इंटीग्रल युनिवर्सिटी,कुर्सी रोड,लखनऊ में किया गया । जिसमें विभिन्न किरदारों ने अपनी कला से र्दशकों को लगातार नाटक से जोड़े रखा । देश में करोड़ो लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में एक शहर से दूसरे शहर में जाते रहते है । इस दौरान जो सबसे बड़ी समस्या से सबको गुज़रना पड़ता है वह है सही किराये में और सही जगह पर एक अदद मकान की । जिसमें वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ सुकून से रह सके । इसी किराये के मकान की तलाश में आने वाली दिक्कतों को इस नाटक में अच्छी तरह से दिखाया गया है । नाटक में कई मकानों के मालिक गुरुदत्त पांडे ने रामदयाल के रुप में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें वह किरायेदारों के इंटरव्यू लेते दिखते हैं और किसी न किसी वजह से वह किसी को भी मकान नहीं देते हैं । किरायेदारों के रुप में कई परिवार रामदयाल से मकान लेने आते हैं जिसमें मुख्य रुप से पहले किरायेदार कृपा राम भारद्वाज व उनकी पत्नी सावित्री देवी नकली नाम से आते हैं लेकिन जब उनकी असलियत पता लगती है कि वह मुसलमान हैं तो पंडित रामदयाल काफी नाराज़ होकर उनको घर से भगा देते है। दूसरे किरायेदार के रुप में मुन्नन(रोहित श्रीवास्तव) आते है जो लखनऊ के कायस्थ फैमिली से होते है इनको भी पंडित रामदयाल मकान इस वजह से मकान नहीं देते हैं कि यह उर्दू बोलते हैं और मांस मछली खाते है । तीसरे किरायेदार हिन्दू पठान आफताब रॉय (सौरभ शुक्ला)आते है । उनको भी रामदयाल मकान नहीं देते है क्योंकि वह भी मांस मछली खाते है और शराब और मुजरे के भी शौकीन है ।  चौथे किरायेदार के रुप में दक्षिण भारतीय वेल्लू (जावेद अहमद)आता है जो कि काफी बड़ा आदमी है लेकिन बाद में पता चलता है कि वह दलित है इस कारण पंडित रामदयाल उनसे बहुत नाराज ़होते है। और कहते हैं कि हम किसी दलित को मकान नहीं देेंगे । अन्त में एक क्रिशिचियन डाक्टर और उनकी बेटी आते है पंडित रामदयाल उनको भी मकान देने से इस वजह से मना करते है कि यह तो अंग्रेज है यह तो सब कुछ खाते होंगे । लेकिन यहीं पर पंडित रामदयाल को अचानक दिल का दौरा पड़ जाता है । पंडित रामदयाल को दौरा पड़ने के कारण उनका बेटा कमलकान्त डाक्टर कोएलू (बी डी नकवी)से खुशामद करता है कि वह उसके पिता जी को देख लें वह मरने वाले है तब डाक्टर कोएलू राज़ी होते हैं पंडित रामदयाल को चेक करते है और उनको दवा देते है जिससे रामदयाल सही हो जाते है । रामदयाल दोबारा जीवित होते हैं तब उनकी आत्मा भी जीवित हो जाती जिससे उनका मन भी बदल जाता है । पंडित रामदयाल कहते है कि मुझे रास्ते में मेरी आत्मा मिली जिसने मुझसे कहा कि इस रास्ते पर चलकर ना तुम कभी मंजिल पर पहुंच सकोगे न मैं। क्योंकि यह रास्ता पुराना हो गया है । अब यह रास्ता कहीं नहीं जाता। मैंने पूछा तो आगे जाने की तरकीब क्या है? वह बोली आगे वही लोग जाते हैं जो अपने घर के दरवाजे खुले रखते हैं । यह घर जैसे हिंदू मुसलमान सिख ईसाई पारसी यहूदी ने मिलकर बनाया है । अगर यह सब मिलकर इस घर में नहीं रहेंगे तो यह घर कैसे आबाद होगा । और कैसे तरक्की करेगा । और कैसे इसका झंडा आसमान पर बुलंद होगा। इस बेहतरीन नाट्य रूपांतर को देखने के लिए इंटीग्रल यनिवर्सिटी के प्रोफेसर व बड़ी तादाद में स्टूडेन्ट व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।नाटक का निद्रेशन बी0डी0नकवी (रिटायर्ड जज) , सहायक निद्रेशक रियाज़ अल्वी,जावेद एवं विनीता सिंह, कार्यशाला निद्रेशक रहमान खान , प्रोडयूसर मुजतबा खान व म्यिुजिक डायरेक्टर धीरेन्द्र, सेट डिजाइन-शकील अहमद मेकअप-सोनी , स्टेज इंचार्ज -तारिक़ खान , डांस डायरेक्टर -नावेद ने हिस्सा लेकर इस नाटक को कामयाब बनाने में अपना योगदान दिया ।

सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों का मामला: मंत्री जायसवाल ने दिए जांच के आदेश

रायपुर सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट ” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।

लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ, उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बसों में अनधिकृत बदलाव पर सख्ती – डिप्टी सीएम बैरवा

अजमेर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा रविवार को अजमेर पहुंचे, जहां वे एक निजी होटल में आयोजित विवाह समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्राइवेट बस संचालकों को चेताया कि वे अपनी बसों को परिवहन विभाग के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित करें। बैरवा ने कहा कि मनमर्जी से बसों को मॉडिफाई करना गलत है। सरकार यात्रियों की जान की परवाह करती है, इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर बस संचालक नियमों का पालन करेंगे, तो किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बस मालिकों ने भले हड़ताल की हो लेकिन यदि वे तय मानकों का पालन करें तो हड़ताल जैसी स्थिति नहीं बनेगी। बैरवा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में मात्र 600 बसें संचालित थीं, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान अब राज्य में 3200 बसें चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले रोडवेज की एक बस रोजाना कंडम हो जाती थी लेकिन अब नई बसें खरीदी गई हैं और आगे भी खरीद जारी रहेगी। सरकार ने गांवों को भी बस सेवा से जोड़ा है, जिससे रोडवेज संचालन से प्रतिदिन साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ा है। एसआईआर प्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में बैरवा ने कहा कि इससे सही मतदाता का ही वोट डाला जाएगा। उन्होंने इसे चुनाव आयोग का स्वागत योग्य कदम बताया, जो फर्जी वोटिंग पर रोक लगाएगा और सही मतदाता को ही बचाएगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना विजन के कोई काम नहीं करती जो कहती है, वह करती है। बैरवा ने विश्वास जताया कि अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही विजयी होगा।  

केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत : CEO यशवंत

 रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कल यानी 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी. इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे. प्रथम चरण के साथ आगे की प्रकियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ में एसआईआर को लेकर जानकारी दी कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है. जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी. उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं.   SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां     मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक     घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक     मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक     नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026 उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है. बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं. मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है. एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा. मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं. वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं.  बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा. इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा. केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर पाएंगे. सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया. उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की. ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें. राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें. उन्होंने अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को सहयोग देने की अपील की, जिससे छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें. साथ ही मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.

वीडियो वायरल: जयपुर में डंपर का कहर, 19 लोगों की दर्दनाक मौत

जयपुर  जयपुर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ. नशे में धुत एक डंपर चालक ने तेज रफ्तार में पहले बाइक को रौंदा और फिर सड़क पर मौजूद लोगों और अन्य वाहनों को कुचलता चला गया. घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि डंपर अनियंत्रित होकर लगातार लोगों को टक्कर मार रहा है. हादसा इतना भयानक था कि कई शव डंपर के नीचे फंस गए. पुलिस के अनुसार, हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों को कांवटिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत बेहद गंभीर है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर गाड़ियों और मलबे का ढेर लग गया था. कुछ बाइकें डंपर के नीचे फंस गई थीं, जिन्हें निकालने में काफी समय लगा. हादसे का सीसीटीवी आया सामने  हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. घटना के बाद अस्पतालों में रोने-बिलखने का माहौल है. मृतकों के परिजनों का ट्रॉमा सेंटर के बाहर बुरा हाल है. रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में अबतक 19 लोगों की मौत  हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा और सुरेश सिंह रावत को अस्पताल भेजा. उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए. ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है और कुछ को कांवटिया अस्पताल भेजा गया है. लोहा मंडी रोड पर से एक्सप्रेस वे की ओर जा रहा था डंपर मौत बनकर दौड़ने वाला डंपर लोहा मंडी रोड से सीकर रोड होता हुआ जयपुर दिल्ली नेशनल हाईवे की ओर जा रहा था। हाईवे पर चढ़ने से पहले वह बेकाबू हो गया और वाहनों को टक्कर मारता गया। दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए निकलने के कारण कई लोगों के शव सड़क पर बिखर कर टुकड़े टुकड़े हो गए। सड़क पर कहीं हाथ, कहीं पैर तो कहीं शरीर के अन्य अंग बिखरे हुए नजर आए। जो लोग सड़क किनारे खड़े थे, वे भी इस हादसे के शिकार हुए हैं। नशे में धुत होकर चालक ने दौड़ाया डंपर हादसे के कुछ देर बाद सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि डंपर बहुत तेज गति से दौड़ रहा था। वाहनों की काफी आवाजाही वाली सड़क पर भी वह डंपर काफी तेज स्पीड पर काल बनकर दौड़ा रहा। सीसीटीवी में डंपर द्वारा दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए दौड़ने की फुटेज भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस डंपर चालक को गिरफ्तार भी कर लिया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि डंपर का चालक शराब के नशे में था। हालांकि आरोपी ड्राइवर की मेडिकल जांच करवाई जा रही है। सीसीटीवी में देखें हृदय विदारक दृश्य हादसे के बाद जिस भी व्यक्ति ने इस दृश्य को देखा, वह सिहर उठा। सड़क पर करीब चार से पांच किलोमीटर तक डंपर ने कहर बरपाया। डंपर के कहर बरपाने के दौरान कई वाहन भी आपस में टकराने लगे। बताया जा रहा है कि करीब 20 से ज्यादा वाहन इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुए। करीब 10 लोगों की मौत तो मौके पर ही हो गई जबकि कुछ घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालु भी हुए घायल कुछ लोग सड़क किनारे एक ईको कार में सवार थे। वे लोग खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम जी जा रहे थे। सड़क किनारे रुकने के दौरान तेज स्पीड से आया डंपर टक्कर मारते हुए पास से गुजरा। इस हादसे में डंपर में सवार पांच लोग घायल हुए। घायलों को पहले कांवटिया और फिर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।