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RSS बैन मांग पर बोले बाबा रामदेव – खड़गे जी, लोकतंत्र में हारने वालों की यही हताशा दिखती है

नई दिल्ली  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बैन लगाने की मांग वाले बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिनके विचार भारत और भारतीयता से मेल नहीं खाते वही इस तरह के एजेंडा चलाते हैं। उन्हें लड़ाई करनी है तो अमित शाह और मोदी जी से करें, उन्हें तो वो हरा नहीं पाते हैं फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। बाबा रामदेव ने दिल्ली में  इंटरव्यू में कहा, ''आरएसएस कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है। पॉलिटिकल विंग बीजेपी है। लड़ाई करनी है तो अमित शाह और मोदी जी से करो। उनको हरा नहीं पाते हैं फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणियां करते रहते हैं। आरएसएस को मैं पिछले दो-तीन दशकों से बहुत करीब से देख रहा हूं, उसमें बहुत अच्छे और तपस्वी लोग हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिनके विचार भारत और भारतीयता से मेल नहीं खाते फिर वो इस तरह के एजेंडा चलाते हैं।'' आरएसएस के बारे में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने कहा, "आरएसएस, आर्य समाज की तरह ही एक राष्ट्रवादी संगठन है और इसके अंदर डॉ. हेडगेवार से लेकर सदाशिवराव गोलवलकर जैसे कई महान लोगों ने तपस्या की है। आज भी लाखों संघ कार्यकर्ता देश के लिए काम करते हैं। जब देश विरोधी ताकतें, सनातन विरोधी ताकतें, आरएसएस या किसी भी हिंदुत्ववादी ताकत का विरोध करती हैं तो इसके पीछे उनका कोई छिपा हुआ एजेंडा और स्वार्थी मकसद होता है। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि आरएसएस पर बैन लगना चाहिए: खड़गे गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर शनिवार को कहा कि आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। खड़गे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा व्यक्तिगत विचार है और खुलकर बोलूंगा कि आरएसएस पर बैन लगना चाहिए। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो चीजें आरएसएस को लेकर हमारे सामने रखी हैं, अगर उसकी मर्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह गृह मंत्री अमित शाह रखते हैं तो यह बैन होना चाहिए।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘आज देश में जो गड़बड़ियां हो रही हैं और कानून-व्यवस्था की समस्यां पैदा हो रही हैं, ये सब भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।’’ बता दें कि, कुछ दिन पहले ही खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आग्रह किया था कि वह सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आरएसएस और ऐसे अन्य संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों व गतिविधियों में भाग लेने से सख्ती से रोकें। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सरदार पटेल की जयंती पर संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को याद रखना चाहिए कि उसके मूल संगठन आरएसएस पर सरदार पटेल ने बैन लगाया था। आज जरूरत है कि इस देश में कोई सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर फिर से बैन लगे।   

जनसुराज ने तारापुर में झोंकी पूरी ताकत — डॉ. संतोष सिंह देंगे सम्राट चौधरी को चुनौती

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अपनी रणनीति को तेज करते हुए तरापुर सीट से 48 वर्षीय चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। प्रशांत किशोर ने चौधरी की उम्र और शिक्षा को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं। उन्होंने तरापुर में एक डॉक्टर को उम्मीदवार बनाकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।   मुंगेर जिले के पहाड़पुर गांव के निवासी डॉ. संतोष सिंह पिछले 12 वर्षों से चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। वे तरापुर में बीते पांच सालों से अपना 10-बेड का निजी नर्सिंग होम चला रहे हैं। 2011 में एमबीबीएस और उसके बाद दो एमडी डिग्रियां पूरी करने वाले सिंह के मरीजों में कभी तरापुर की पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी और छह बार के विधायक शकुनी चौधरी (सम्राट चौधरी के पिता) भी शामिल रहे हैं। हालांकि अब वे जनसुराज से जुड़ने के बाद चौधरी परिवार से दूरी बना चुके हैं। तरापुर के फजलिगंज स्थित उनके नर्सिंग होम के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। सुबह 10 बजे से मरीजों को देखने के बीच वे चुनावी चर्चा भी करते हैं। डॉ. सिंह ने बात करते हुए कहा कि आसपास के 200 से अधिक गांवों से लोग इलाज के लिए आते हैं। उनकी परामर्श शुल्क 400 रुपये है, लेकिन गरीब मरीजों से वे शुल्क नहीं लेते। सुबह 10.30 बजे उनकी पत्नी खुश्बू सिंह भी क्लिनिक पहुंचती हैं। वे चुनाव प्रचार में अपने पति की मदद कर रही हैं। खुश्बू कहती हैं, “शुरुआत में मैं उनके चुनाव लड़ने के फैसले के खिलाफ थी, लेकिन अब लोगों का सम्मान देखकर गर्व महसूस होता है।” जनसुराज के तरापुर विधानसभा प्रभारी शुभम शुक्ला दिनभर की रणनीति पर चर्चा करते हैं। शुभम बताते हैं कि पार्टी का ढांचा दो हिस्सों में बंटा है। राजनीतिक इकाई और पेशेवर इकाई। वे बताते हैं, “हमारे पंचायत स्तर पर लोकल पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं, जो विधानसभा प्रभारी को रिपोर्ट करते हैं। एआई जिला प्रभारी को रिपोर्ट करता है और यह सिलसिला राज्य प्रभारी तक जाता है, जो स्वयं प्रशांत किशोर हैं।” जनसुराज के कार्यकर्ता लोगों में ‘परिवार लाभ कार्ड (PLC)’ बांट रहे हैं। यह पार्टी का डेटा इकट्ठा करने और वादे साझा करने का तरीका है। कार्ड में कई घोषणाएं दर्ज हैं। जैसे कि हर परिवार को 20,000 मासिक सहायता राशि, 2,000 का मासिक पेंशन, महिलाओं को 5 लाख का ऋण और 15 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा। डॉक्टर संतोष सिंह कहते हैं, “मैं 2023 में भाजपा की जिला मेडिकल टीम से जुड़ा था, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की उदासीनता से निराश हुआ। 2024 में प्रशांत किशोर से मिला और तभी उन्होंने इशारा किया था कि मुझे तरापुर से उतारेंगे।” अब तक वे 25 पंचायतों का दौरा कर चुके हैं। उनका कहना है, “मैं केवल यही कहता हूं कि जाति और धर्म से ऊपर उठकर प्रशांत किशोर की सोच को एक मौका दें।” दोपहर 1 बजे वे मुस्लिम बहुल गोरहो गांव पहुंचते हैं। यहां करीब 2,000 मतदाता हैं, लेकिन अभी तक कोई दूसरा उम्मीदवार प्रचार के लिए नहीं आया। सहयोगी अकील अख्तर बताते हैं, “भाजपा को यहां वोट नहीं दिखते और आरजेडी इसे अपनी जेब का इलाका मानती है।” इसके बाद वे अमैया गांव पहुंचते हैं, जहां ओबीसी यादव, कोइरी और कुर्मी समुदाय रहते हैं। बारिश के बीच वे घर-घर जाकर लोगों से समस्याएं पूछते हैं। एक नशे में व्यक्ति से हुई झड़प पर वे हंसते हुए कहते हैं, “यही है बिहार में शराबबंदी की हकीकत।” उन्होंने कहा, “यह सम्राट चौधरी से लड़ाई नहीं, बल्कि प्रशांत किशोर के नए बिहार के विचार का बीज बोने की कोशिश है।” वे आगे कहते हैं, “मैंने आरामदायक जीवन छोड़ा है ताकि राजनीति को करीब से समझ सकूं। राजनीति का मतलब त्वरित लाभ नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश होना चाहिए।”  

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान — सरकार बनी तो एक नहीं, कई डिप्टी सीएम; मुस्लिम और दलित नेताओं को मिलेगा सम्मान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान में अब महज कुछ दिन बचे हैं। इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन को सत्ता में लाने पर कई उपमुख्यमंत्री बनाने का संकेत दिया है, जिनमें मुस्लिम और दलित भी शामिल होंगे। महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे ने कहा कि विभिन्न वर्गों की चिंताओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने अशोक गहलोत की टिप्पणी और मुकेश साहनी के संदर्भ में कहा कि मुस्लिम और दलित उपमुख्यमंत्री जरूर होंगे। इससे पहले, हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी तेजस्वी ने गहलोत के बहु-उपमुख्यमंत्री वाले बयान का जिक्र किया था।   तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तंज कसा कि विपक्ष की ओर से उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामों की घोषणा पर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी को ईबीसी समुदाय के प्रतिनिधि को उपमुख्यमंत्री बनाने पर आपत्ति है। उनकी आईटी सेल हमें उन समुदायों के प्रतिनिधि न बनाने पर ट्रोल कर रही है, जिन्हें वे घुसपैठिए कहते हैं।' हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में मुस्लिम उपमुख्यमंत्री होगा या नहीं। तेजस्वी ने कहा, 'हम इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे। इंतजार कीजिए और देखिए। यह किसी भी समुदाय से हो सकता है।' बिहार बुलाए गए अशोक गहलोत कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत को पिछले महीने बिहार में इंडिया गठबंधन की सीट-बंटवारे की उलझनों को सुलझाने के लिए लाया गया था। बाद में उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच कुछ सीटों पर मैत्रीपूर्ण मुकाबला को मतभेद नहीं माना जाना चाहिए। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव का मंच तैयार है। मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं।  

पहले 80 गिरफ्तार, अब अनंत सिंह — मोकामा में सख्त प्रशासन, DM बोले सब नियंत्रण में

पटना  बिहार की मोकामा विधानसभा सीट को हॉट सीट माना जाता है। इस सीट से जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी अनंत सिंह के गिरफ्तार हो जाने के बाद यहां अब चुनावी दंगल और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। चर्चित दुलारचंद यादव मर्डर केस में पटना पुलिस ने देर रात बाहुबली कहे जाने वाले अनंत सिंह को गिरफ्तार किया है। अब अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पटना के जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन ने कहा है कि मोकामा में अब हालात सामान्य हैं और उन्होंने यहां निष्पक्ष चुनाव का वादा भी किया है। अनंत सिंह को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को अनंत सिंह को एसएसपी कार्यालय स्थित रंगदारी सेल में रखा गया है। अनंत सिंह के सहयोगी सुबह पूर्व विधायक के लिए चाय लेकर यहां पहुंचे थे। हालांकि, यहां प्रशासन ने इन्हें अनंत सिंह से मिलने नहीं दिया। हालांकि, वहां मौजूद स्टाफ ने चाय ले ली थी। बता दें कि यह सेल काफी सुरक्षित माना जाता है और यहां आसपास सुरक्षा के काफी पुख्ता इंतजाम भी है। इधर देर रात अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पटना के डीएम ने कहा, 'इस हत्याकांड को काफी गंभीरता से लिया गया है। हमने 48 घंटे तक दिन से लेकर रात तक वहां कैंप किया। अब हालात बिल्कुल सामान्य हैं। यह चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है इसलिए हर एंगल से इसकी जांच-पड़ताल की गई है। सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐक्शन लिया गया है। कल तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और आज मुख्य अभियुक्त अनंत सिंह को भी अरेस्ट कर लिया गया है। हमलोगों ने उन लोगों की पहचान कर ली है जो चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं।' CAPF जवान तैनात, सुरक्षा कड़ी डीएम ने बताया कि सीएपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है और अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए छापेमारी की जा रही है। मोकामा में निष्पक्ष मतदान का वादा करते हुए पटना के जिलाधिकारी ने पत्रकारों से कहा, 'मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई घटना को जिला प्रशासन औऱ पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया है। हमने इस केस में कई ऐक्शन लिए हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया में आदर्श चुनाव आचार संहिता काफी मजबूत स्तंभ है। चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, हम निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध हैं। अगर कोई भी असामाजिक तत्व चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी वैध हथियार जल्द ही जमा करा लिए जाएंगे। पटना के डीएम ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में 50 चेकिंग प्वााइंट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएपीएफ भी लगातार चेकिंग कर रहा है। पटना से ज्यादा से ज्यादा जब्ती की जा चुकी है। भारी संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की गई है। वो लोग मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ को-ऑर्डिनेट कर काम कर रहे हैं।' जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हुई थी हत्या आपको बता दें कि 30 अक्तूबर को जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में हो गई थी। मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे जिसके बाद यह घटना हुई थी। मोकमा में 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होंगे। राष्ट्रीय जनता दल ने इस सीट से वीणा देवी को मैदान में उतारा है।  

दिल्ली में प्रदूषण चरम पर, AQI 421 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंची हवा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली की आबोहवा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे के अंदर दिल्ली में प्रदूषण का लेवल तेजी से बढ़ा है, जिससे रविवार को शहर की हवा और खराब हो गई। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, एम्स और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 421 पर पहुंच गया, जिससे यह 'गंभीर' श्रेणी में आ गया है। शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 245 था, जो 'खराब' कैटेगरी में आता है।  CPCB के डेटा के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की क्वालिटी 'गंभीर' श्रेणी में रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ इलाकों में 'बहुत खराब' लेवल बना रहा। आज सुबह 8 बजे, खास मॉनिटरिंग जगहों पर AQI आनंद विहार (298), अलीपुर (258), अशोक विहार (404), चांदनी चौक (414), द्वारका सेक्टर-8 (407), आईटीओ (312), मंदिर मार्ग (367), ओखला फेज-2 (382), पटपड़गंज (378), पंजाबी बाग (403), आरके पुरम (421), लोधी रोड (364), रोहिणी (415) और सिरीफोर्ट (403) पर दर्ज किया गया। इनमें से अधिकतर रीडिंग शहर को 'बहुत खराब' या 'गंभीर' कैटेगरी में पहुंचा दिया है। बाहर की BS-III कमर्शियल मालवाहक गाड़ियों की एंट्री पर बैन अधिकारियों ने बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए शहर के कई हिस्सों में ट्रक पर लगे पानी के स्प्रिंकलर और धूल कंट्रोल करने के दूसरे उपाय तेज कर दिए हैं। इसके साथ ही कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती हवा की क्वालिटी को कंट्रोल करने के लिए 1 नवंबर से दिल्ली से बाहर के सभी BS-III और उससे नीचे के स्टैंडर्ड वाले कमर्शियल मालवाहक गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगा दिया है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट टीम के सब इंस्पेक्टर, धर्मवीर कौशिक ने कहा, "BS-III गाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है। उन्हें दिल्ली में आने की इजाजत नहीं है। यह सिर्फ मालवाहक गाड़ियों पर लागू होता है; पैसेंजर गाड़ियों पर कोई रोक नहीं है।" दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में कई इलाकों में एक्यूआई 'खराब' और 'बहुत खराब' कैटेगरी में बना हुआ है, जबकि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-2 (ग्रैप-2) के प्रतिबंध अब भी लागू हैं। खराब होती हवा की वजह से ग्रैप-2 लागू होने के बाद नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने पार्किंग फीस दोगुनी करने की घोषणा कर दी है। प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के मकसद से लिए गए इस फैसले से NDMC द्वारा मैनेज किए जाने वाले ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग एरिया में पार्किंग चार्ज दोगुने हो जाएंगे।  

मध्यप्रदेश में 3 रूटों पर उड़ी हेली सेवा, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान!

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 70वें स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार को राज्य की पहली ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ की शुरुआत की। इसका मकसद बड़े शहरों और धार्मिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देना है। अधिकारियों के मुताबिक, यह देश में किसी राज्य द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की पहली सेवा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ‘पीएम श्री टूरिज्म हेलीकॉप्टर सर्विस’ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि सरकार का मकसद हवाई यात्रा को सिर्फ परिवहन का एक जरिया नहीं बल्कि एक मजेदार अनुभव बनाना है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ जगहों को ही नहीं, बल्कि दिलों और अनुभवों को भी जोड़ रहे हैं। यह परियोजना राज्य के 70वें स्थापना दिवस समारोह के साथ शुरू की गई। नई ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ की 3 रूटों पर शुरुआत मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ शुरुआती चरण में तीन क्षेत्रों – भोपाल-पचमढ़ी-मढ़ई, इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर और जबलपुर-कान्हा-बांधवगढ़ – सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी। यह सेवा पर्यटकों का समय बचाएगी और उन्हें एक दिन में कई जगहों को घूमने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण रोजगार, ‘होम-स्टे’ कारोबार और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा और राज्य के अंदर हवाई संपर्क शुरू कर दिया है, जिसमें उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद तीन हवाई अड्डे – रीवा, सतना और दतिया – चालू हो गए हैं। 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने में मिलेगी मदद यादव ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा देगी और 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाकालेश्वर मंदिर के लिए मशहूर शहर उज्जैन में एक नया एयरपोर्ट बनाया जाएगा। हफ्ते में पांच दिन मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का टूरिज्म सेक्टर नई ऊंचाइयां छू रहा है। यह हेलीकॉप्टर सेवा ट्रांस भारत एविएशन और जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत हफ्ते में पांच दिन चलेगी। चॉपर सर्विस के तहत रेगुलर ऑपरेशन 20 नवंबर से शुरू होंगे और इसमें ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह और गाइडेड विजिट सहित एंड-टू-एंड यात्रा का अनुभव मिलेगा।  

‘हिंदू पर्व फालतू, पर हैलोवीन जरूरी?’ लालू यादव के जश्न पर सियासत गरमाई

नई दिल्ली  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर हैलोवीन मनाते हुए उनके वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर तीखा हमला बोला है। दरअसल, लालू यादव की बेटी और आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें लालू यादव अपने पोते-पोतियों के साथ हैलोवीन मनाते दिखाई दे रहे हैं। बच्चों ने इस मौके पर हैलोवीन की पारंपरिक वेशभूषा पहन रखी थी। पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, “हैप्पी हैलोवीन टू एवरीवन।”   वीडियो सामने आने के बाद भाजपा किसान मोर्चा के आधिकारिक अकाउंट ने पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार के लोगों, मत भूलो कि यही लालू यादव हैं जिन्होंने आस्था और अध्यात्म के भव्य पर्व महाकुंभ को बेकार बताया था और अब विदेशी त्योहार हैलोवीन मना रहे हैं। जो आस्था पर चोट करेगा, उसे बिहार की जनता वोट नहीं देगी।” महाकुंभ को लेकर क्या बोले थे लालू? गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में, लालू यादव ने महाकुंभ को फालतू बताया था। महाकुंभ को लेकर बढ़ती भीड़ के बारे में पूछे जाने पर आरजेडी प्रमुख ने कहा था, "अरे ये सब कुंभ का क्या कोई मतलब है, फालतू है कुंभ।" उस वक्त भी बीजेपी ने उन्हें हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए घेरा था। भाजपा प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा था, “लालू यादव का यह बयान उनकी तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है। आरजेडी नेताओं ने हमेशा हिंदू आस्था का अपमान किया है।” यह नया विवाद ऐसे समय में उठा है जब बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं। पहले चरण के लिए 6 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होंगे। 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।  

सहारनपुर से लखनऊ अब वंदे भारत में सफर, रेलवे ने दी बड़ी सौगात — देखें पूरा शेड्यूल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने सहारनपुर–लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26503/26504) को मंजूरी दे दी है। इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन के शुरू होने से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन (सोमवार को छोड़कर) चलेगी। उद्घाटन की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली जाएं। सहारनपुर से लखनऊ तक तेज और आरामदायक सफर सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और लखनऊ के बीच यह ट्रेन यात्रियों और कारोबारियों के लिए वरदान साबित होगी। अब तक इस रूट पर सीधी तेज ट्रेन की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे वंदे भारत पूरा करेगी। कुछ महीने पहले सहारनपुर के विधायक राजीव गुंबर ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रेन की मांग की थी। बता दें कि सहारनपुर पहले से ही दिल्ली–देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा हुआ है। वंदे भारत एक्सप्रेस का टाइम टेबल  ट्रेन संख्या              रूट                     प्रस्थान समय               आगमन समय आवृत्ति 26504    लखनऊ जंक्शन → सहारनपुर  सुबह 5:55 बजे दोपहर 12:45 बजे     मंगलवार से रविवार 26503    सहारनपुर → लखनऊ जंक्शन  दोपहर 3:00 बजे      रात 9:55 बजे  मंगलवार से रविवार प्रमुख ठहराव लखनऊ जंक्शन, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद और सहारनपुर। ट्रेन का रखरखाव और सफाई कार्य लखनऊ जंक्शन पर होगा। पानी की आपूर्ति मुरादाबाद स्टेशन पर की जाएगी। यात्रियों के लिए नया तोहफा रेलवे के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जैसे कि GPS आधारित सूचना प्रणाली, स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें और उच्च सुरक्षा मानक। इस ट्रेन से लखनऊ से सहारनपुर की दूरी मात्र 6 घंटे से कम समय में पूरी की जा सकेगी। 

वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार: पंजाब के इन रूट्स पर शुरू होगी नई ट्रेन सेवा, जानें पूरा शेड्यूल

फिरोजपुर  रेलवे विभाग द्वारा घोषित फिरोजपुर- दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द पटड़ी पर दौड़ने जा रही है। रेल विभाग की ओर से इस गाड़ी का टाईमटेबल जारी कर दिया है और जल्द ही इसके चलने की तिथि घोषित हो जाएगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चला करेगी। फिरोजपुर कैंट से ट्रेन चलने का समय सुबह 7:55 बजे रखा गया है जो बाद दोपहर 2:35 दिल्ली पहुंचा करेगी। वहां से वापसी ट्रेन चलने का समय सायं 4 बजे है और रात 10:35 बजे यह गाड़ी फिरोजपुर पहुंचा करेगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में ठहराव फरीदकोट, बठिंडा, धूरी, पटियाला, अंबाला कैंट, कुरूक्षेत्र, पानीपत स्टेशनों पर होगा। वहीं गुरुपर्व के अवसर पर रेलवे द्वारा फिरोजपुर को एक ओर नया तोहफा दिया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा मोगा से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी गाड़ी को फिरोजपुर से चलाने के निर्णय पर हरी झंडी दी गई है और यह गाड़ी नवंबर महीने में फिरोजपुर से चलने शुरू हो जाएगी। इस बात का खुलासा भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा. राणा गुरमीत सिंह सोढी ने किया है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो दिन चलने वाली इस गाड़ी का फिरोजपुर सहित आसपास के लोगो को काफी लाभ मिलेगा। राणा सोढ़ी ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशक कोचिंग संजय आर नीलम द्वारा जारी पत्र में यह गाड़ी सुबह 7 बजे नई दिल्ली स्टेशन से चलेगी और जाखल, लुधियाना, मोगा से होते हुए दोपहर 3 बजे फिरोजपुर पहुंचेगी। इस तरह फिरोजपुर से दोपहर 3:35 पर चलकर रात्रि 11:35 पर नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगी। सप्ताह में दो दिन सोमवार और शुक्रवार चलने वाली इस ट्रेन को लेकर विभाग द्वारा सभी तैयारिया पूरी कर ली गई है। केन्द्र सरकार का फिरोजपुर के विकास में विशेष ध्यान है। सोढी ने कहा कि मार्च 2026 से पहले पी.जी.आई. सैटेलाइट सैंटर की सौगात भी यहां की जनता को मिल जाएगी और ओ.पी.डी. शुरू हो जाएगी। 

मतदाता सूची अपडेट करने का मौका: 4 नवंबर से बीएलओ पहुंचेंगे हर घर

जयपुर/कोटा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होगा, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे, ईएफ वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है ताकि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। डोर-टू-डोर सत्यापन कोटपूतली-बहरोड़ जिले में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को परिगणना प्रपत्र वितरित करेंगे, जिसमें मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या जैसी जानकारियां पहले से अंकित रहेंगी। मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इस फॉर्म पर चिपकानी होगी। बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे और फॉर्म भरने में सहयोग करेंगे। इस चरण में किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जिले में यह कार्य तेजी से चल रहा है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर से 9 जनवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रियंका गोस्वामी ने नागरिकों से अपील की कि वे बीएलओ से संपर्क कर अपने नाम की पुष्टि करें ताकि मतदान अधिकार सुरक्षित रह सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक टोंक जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सीपीएम सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह अभियान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीएलओ 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग कर रहे हैं, ताकि पुराने और नए मतदाताओं का मिलान व लिंकिंग सुनिश्चित की जा सके। मतदाता अपने विवरणों की जांच और फॉर्म भरने का कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी कर सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने और मतदाताओं तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी दलों का सहयोग अपेक्षित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नेताओं को दी एसआईआर ट्रेनिंग वहीं कोटा जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना प्रपत्र भरे जाएंगे और 9 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और उन्हें भरने में सहयोग देंगे। कलेक्टर समारिया ने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और वंचित वर्ग के मतदाताओं की सुविधा के लिए वॉलिंटियर्स और हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वे आसानी से फॉर्म भर सकें और अपने नाम की पुष्टि कर सकें। तीनों जिलों में प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ के संपर्क में रहें, परिगणना प्रपत्र भरें और अपने नाम की पुष्टि करें ताकि आगामी चुनावों में हर पात्र मतदाता अपना मतदान अधिकार सुनिश्चित कर सके। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सशक्त करेगा।