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रतलाम में धर्मांतरण मामले में SIT जांच, केरल से पास्टर को हर महीने मिलती थी 60 हजार सैलरी; रिमांड में उगले राज

रतलाम  इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोपों से जुड़े रतलाम केस में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच के दौरान सामने आया है कि झाबुआ से पकड़े गए पास्टर गॉडविन को केरल स्थित संस्था से हर महीने ₹60,000 सैलरी मिलती थी, जिसमें से वह ₹4,000 से ₹5,000 मुख्य आरोपी विक्रम सिंह के खाते में भेजता था। दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने पास्टर गॉडविन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।  केरल की संस्था से जुड़ा था पास्टर गॉडविन पुलिस पूछताछ में पता चला कि गॉडविन झाबुआ जिले के मोहनपुरा में एक चर्च का पास्टर था, जो 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' नामक संस्था से जुड़ा है। यह संस्था केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में स्थित है। पास्टर का काम धार्मिक प्रचार, प्रार्थना आयोजन और चर्च की गतिविधियों की देखरेख करना था। संस्था द्वारा उसे हर महीने वेतन दिया जाता था।  मुख्य आरोपी विक्रम को भेजता था रकम गॉडविन ने स्वीकार किया कि वह विक्रम सिंह के खाते में पैसे भेजता था, लेकिन उसका दावा है कि यह “मदद” के रूप में भेजे गए थे। पुलिस इस दावे से संतुष्ट नहीं है और पैसों के लेन-देन के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।  CSP सत्येंद्र घनघोरिया की अगुवाई में SIT धर्मांतरण के इस मामले की गहराई तक जांच के लिए SP अमित कुमार ने 6 सदस्यीय SIT गठित की है, जिसका नेतृत्व CSP सत्येंद्र घनघोरिया करेंगे। टीम में नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, औद्योगिक थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, सायबर सेल और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम अब तक हुई पूरी जांच की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार केरल जाकर साक्ष्य जुटाएगी।  इलाज के बहाने धर्मांतरण का आरोप 5 सितंबर को शिवशक्ति नगर (रतलाम) में कई ग्रामीणों को “इलाज” के नाम पर एक जगह लाया गया था। सूचना मिलने पर बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी विक्रम सिंह को अगले दिन पकड़ा गया। छापे के दौरान पुलिस को क्रॉस, बाइबल और प्रार्थना के वीडियो मिले थे, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों की पुष्टि हुई थी।  पास्टर का नाम बैंक जांच में आया सामने मुख्य आरोपी विक्रम के बैंक खातों की जांच में गॉडविन का नाम सामने आया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे झाबुआ से गिरफ्तार किया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की।  यह था पूरा मामला रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र के शिवशक्ति नगर में 5 सितंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग मिले थे। आरोप लगा था कि इन्हें इलाज के बहाने धर्मांतरण के लिए लाया गया था। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी अगले दिन पकड़ाया था। सभी के खिलाफ धर्मांतरण करने का केस दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी के खाते से जुड़ा पास्टर का नाम जब पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक खातों की जांच की, तो झाबुआ के मोहनपुरा चर्च के पास्टर गॉडविन का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर लाई थी। दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट ने उसे भी जेल भेज दिया है। छापे में मिला था धार्मिक साहित्य और वीडियो शिवशक्ति नगर में कार्रवाई के दौरान पुलिस को क्रॉस टंगा मिला, बाइबल मिली और इलाज के बहाने प्रार्थना करवाने का वीडियो भी सामने आया था। इसी आधार पर धर्मांतरण की गतिविधि की पुष्टि हुई। इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस     जगदीश (30) पिता शम्भूलाल निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम गंगासागर रतलाम। (नर्सिंग स्टूडेंट)     मांगीलाल (35) पिता शंकरलाल निनामा साल निवासी सागवा थाना बिलकुंआ जिला बांसवाडा (राजस्थान)     गुड्डु उर्फ गुड्डा (18 साल 07 माह) पिता बालू मईडा निवासी गेणी थाना शिवगढ जिला रतलाम।     विक्रम सिंह (35) पिता शम्भूलाल उर्फ शम्भू निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम शिव नगर रतलाम।  

वाहन चालकों के लिए राहत: पंजाब में बदले चालान भरने के नियम, अब होगा आसान भुगतान

लुधियाना  पंजाब सरकार ने ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए अब सभी चालान पूरी तरह ऑनलाइन भरने की व्यवस्था लागू कर दी है। राज्य में फेसलेस RTO सिस्टम शुरू होने के बाद अब सभी RTO दफ्तरों के चालान काउंटर बंद कर दिए गए हैं। यानी अब किसी भी वाहन चालक से RTO दफ्तर में नकद राशि नहीं ली जाएगी। अब चालान होंगे सिर्फ ऑनलाइन पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब चालान का भुगतान केवल ऑनलाइन मोड में ही किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और RTO विभाग दोनों अब चालान ऑनलाइन ही जारी करते हैं। चालान बनते समय ही चालक को राशि की जानकारी दी जाती है। अगर चालक मौके पर ही भुगतान कर देता है, तो उसे दस्तावेज़ जमा नहीं करवाने पड़ेंगे। अगर भुगतान बाद में किया जाता है, तो पुलिस या RTO दस्तावेज़ जब्त कर लेते हैं। भुगतान के बाद चालक ई-रसीद दिखाकर अपने दस्तावेज़ वापस ले सकता है। अब दस्तावेज़ पहुंचेंगे घर तक RTO अधिकारी कुलदीप सिंह बावा ने बताया कि विभाग अब ऐसी योजना पर काम कर रहा है जिसके तहत ऑनलाइन भुगतान के बाद दस्तावेज़ चालक के घर तक पोस्ट से भेजे जाएंगे। भुगतान की जानकारी सिस्टम में मिलते ही RTO की ओर से दस्तावेज़ घर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दलालों की भूमिका खत्म नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब दलालों का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। पहले चालान भरने पहुंचे लोग अक्सर दलालों के झांसे में आ जाते थे। कई मामलों में पैसे लेकर दलाल गायब भी हो जाते थे। लुधियाना RTO दफ्तर में ऐसे कई मामलों में FIR दर्ज की जा चुकी है। 260 चालान अभी भी पेंडिंग RTO कुलदीप सिंह बावा ने बताया कि फिलहाल दफ्तर में करीब 260 चालान लंबित हैं, जो पुलिस विभाग से आए हैं। इन मामलों के लिए एक कर्मचारी नियुक्त किया गया है जो लोगों को ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया समझाएगा। ऑनलाइन चालान भरने की प्रक्रिया अब न थाने जाने की ज़रूरत, न कोर्ट के चक्कर! आप घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से अपना चालान भर सकते हैं। चरण इस प्रकार हैं: ट्रांसपोर्ट विभाग की वेबसाइट या ऐप खोलें “Check Challan Status / Pay Online” विकल्प चुनें अपना वाहन नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करें कैप्चा भरकर “Get Details” पर क्लिक करें चालान विवरण जांचें “Pay Now” पर क्लिक कर नेट बैंकिंग, कार्ड या UPI से भुगतान करें भुगतान पूरा होने पर ई-रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें  

अबकी बार टैंपो भी भरना मुश्किल होगा: डोटासरा का तंज

जयपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस चुनाव नहीं लड़ता लेकिन ऐसे राज कर रहा है जैसे जनता ने चुनकर भेजा हो। डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिना जनता के वोट के आरएसएस सरकार पर अंकुश जमाए बैठा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब स्वतंत्र राज्य नहीं रहा, बीजेपी-आरएसएस ने इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। कांग्रेस मुख्यालय जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी हो चुकी है। मुख्यमंत्री और मंत्री तक की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता का क्या हाल होगा? उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अबकी बार बीजेपी को टैंपो में बैठने जितने विधायक भी नहीं मिलेंगे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में प्रशासन मनमानी कर रहा है। कलेक्टर मंत्रियों के तक फोन नहीं उठाते। जब मंत्री जिले में जाते हैं, तो सर्किट हाउस में उनसे मिलने पांच लोग भी नहीं आते। व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि अब तो मंत्री सिर्फ कलेक्टर का नाश्ता करके लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के ठेके अब गुजरात की लॉबी के पास जा रहे हैं। दिल्ली की पर्ची लेकर आने वाले ठेकेदारों को ही काम मिल रहा है। मंत्री सवाल उठाते हैं, फिर दो दिन में सेट हो जाते हैं। डोटासरा ने कहा कि पुलिस विभाग में भी अव्यवस्था है। पहले डीजीपी का इकबाल होता था, अब एक डीजी के ऊपर चार-चार डीजी बैठा दिए गए हैं। कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर दोनों हैं- आखिर काम करेगा कौन?। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में एक मंत्री ने शिकायत की कि कलेक्टर और एसपी उनकी नहीं सुनते, तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया आपकी खुद की शिकायतें दिल्ली तक पहुंची हैं। इसके बाद सभी मंत्री चुप हो गए। चुनाव तैयारियों को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने सभी बूथों पर बीएलए नियुक्त कर दिए हैं, लेकिन निर्वाचन विभाग ने अब तक प्रशिक्षण की सूचना नहीं दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीएलओ एप पर ही फोटो ले सकते हैं, तो मतदाताओं से फोटो क्यों मांगी जा रही है?

बिहार के नाम नीतीश का संदेश: विकास, विश्वास और ‘एक और मौका’ की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 3 मिनट 53 सेकंड वीडियो जारी किया और कहा कि उनकी सरकार ने 2005 से पूरी ईमानदारी से राज्य के लोगों की सेवा की है, बिहार को एक ऐसे राज्य से बदल दिया है जहां बिहारी कहलाना अपमान की बात थी, अब यह सम्मान की बात है। जदयू (JDU) सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया था, जो "बहुत खराब" स्थिति में थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, कृषि और युवा रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाए हैं। पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी मुख्यमंत्री ने कहा, "आपने मुझे वर्ष 2005 से लगातार बिहार के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है। हम आपको बताना चाहते हैं कि जिस स्थिति में हमें बिहार मिला था, उस समय बिहारी कहलाना अपमान की बात थी। तब से, हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से दिन-रात मेहनत करके आपकी सेवा की है। आप जानते हैं कि पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। सबसे पहले इसे ठीक करने का काम किया गया।" सीएम नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने अपने परिवार के लिए कुछ किए बिना समाज के सभी वर्गों – हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और महादलित – के विकास के लिए काम किया है। "पिछली सरकार ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। हमने अब महिलाओं को इस हद तक सशक्त बनाया है कि वे अब किसी पर निर्भर नहीं हैं और अपने परिवार और बच्चों की देखभाल खुद कर सकती हैं। हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने शुरू से ही समाज के सभी वर्गों का विकास किया है।" चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों, सवर्ण हों, पिछड़े हों, अति पिछड़े हों, दलित हों, महादलित हों, सबके लिए काम किया गया है। हमने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। अब बिहारी कहलाना अपमान की नहीं, बल्कि सम्मान की बात है।" एनडीए को, एक और मौका दें बिहार के मुख्यमंत्री ने 2005 से अपनी सरकार की जनता की ईमानदारी से सेवा करने की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला, जिससे बिहार एक ऐसा राज्य बन गया है जिस पर उसके निवासी गर्व कर सकते हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए रोजगार में सुधार पर ज़ोर दिया। कुमार ने कहा कि उनके प्रशासन ने सभी समुदायों के विकास, महिलाओं को सशक्त बनाने और विभिन्न सामाजिक समूहों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम किया है। उन्होंने बिहार के विकास को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का भी बिहार के विकास में पूरा सहयोग मिल रहा है। केवल एनडीए ही बिहार का विकास कर सकता है। केंद्र और राज्य दोनों में एनडीए सरकार होने के कारण विकास की गति बहुत तेज़ हुई है।" इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताएं। आप हमें, यानी एनडीए को, एक और मौका दें," , भविष्य में और भी काम किए जाएंगे नीतीश कुमार ने आगे कहा, "इसके बाद, भविष्य में और भी काम किए जाएंगे, जिससे बिहार इतना विकसित हो जाएगा कि देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो जाएगा। इसलिए, आगामी 6 और 11 नवंबर को आप भारी संख्या में अपने मतदान केंद्र पहुंचें और अपना वोट डालें। जय हिंद, जय बिहार।" 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ सीटों के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होंगे। दोनों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

कुशीनगर में अवैध सब्जी मंडी बनी सिरदर्द, खड्डा नगर पंचायत में रोजाना लगता जाम

कुशीनगर  नगर पंचायत खड्डा के रानी लक्ष्मी प्रतिमा के समीप सोहरौना रेलवे क्रॉसिंग–जलकल रोड पर प्रतिदिन सुबह भारी जाम की समस्या देखने को मिल रही है। अवैध रूप से लगाई जा रही सब्जी मंडी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सुबह के समय जब स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी तथा आम नागरिक इस रास्ते से गुजरते हैं, तो जाम की स्थिति के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से सब्जी मंडी लगाने से मार्ग संकरा हो गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी इस मार्ग से गुजरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। निवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने और इस मार्ग से अवैध सब्जी मंडी को हटवाने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।  

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक: रायपुर स्टेशन पर बजा राज्य गीत

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज 1 नवंबर को रायपुर रेलवे स्टेशन राज्य गीत ‘अरपा-पैरी के धार’ से गूंज उठा. प्लेटफॉर्म्स पर बैठे यात्रियों के चेहरों पर राज्यगीत की धुन सुनते ही खुशी की चमक दिखाई दी. इस दौरान कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है. बता दें, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को आज 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इसलिए छत्तीसगढ़ इस साल अपना रजत जयंति वर्ष मना रहा है. इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव कार्यक्रम और छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन करने समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं. प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्व कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य गठन का उत्सव मनाएंगे. छठ गीत बजने पर उठे थे सवाल छठ महापर्व पर छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर छठ गीत भी बजाए गए थे, जिसे लेकर छत्तीसगढ़वासियों ने सवाल उठाए थे. प्रदेशवासियों का कहना था कि “छठ छत्तीसगढ़ का पर्व नहीं है. दूसरे राज्य का पर्व है. अब-तक रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के गीत नहीं बजाए गए, लेकिन छठ गीत बजाया गया.” आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशन पर राज्य गीत सुनकर लोगों में उत्साह देखने को मिला. कई लोगों ने साथ-साथ गाया “जय हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईया….”  

छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी का बड़ा कदम: 14,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर रजत महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी की जयकारों के साथ भाषण की शुरुआत की। PM मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाई और बहनों छत्तीसगढ़ के जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियानों को हाथ जोड़ कर जय जोहर। आज छत्तीसगढ़ राज्य अपन गठन के 25 साल पूरा कर लिया है।  25 साल में सफर का साक्षी रहा हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। 40,000 किलोमीटर तक पहुंचा सड़कों का जाल- पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद छत्तीसगढ़ में एक पूरी पीढ़ी बदल गई है, जिसने 2000 से पहले का दौर नहीं देखा। जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। गांवों में सड़कें नहीं थीं। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल 40,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है। क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग… इस दौरान PM ने जनता से पूछा क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग, सब लोग बताइए। अपना फोन निकालिए और फ्लैश जलाइए। ये अगले 25 साल के सूर्योदय का उदय हो गया है। आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उग गया है। मोदी ने कहा कि नई रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी आपकी भाग्य का निर्माण करने वाली है। साथियों 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ को आपको सौंपा था।  छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।  आज छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर मिला- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ही  छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर और नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय के लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है- पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाइयों-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। जो बीज 25 साल पहले बोया गया था। आज यह विकास का वृक्ष बन गया है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नई विधानसभा मिल रही है। PM मोदी ने सोनिया को सौंपी आवास की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर PM आवास योजना के हितग्राहियों को चाबियां सौंपी। PM मोदी ने धमतरी की सोनिया से बातचीत भी की। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। CM साय बोले- PM मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं CM विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को बनाया। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पीएम मोदी प्रदेश के कोने-कोने में घूम चुके हैं। 14 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। इसके पहले बिलासपुर में 35 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। नवा रायपुर को बनाएंगे प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बता दें कि PM मोदी ने नवा रायपुर को प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बनाने की बात भी कही। PM ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं। इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है। मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सत्य साईं अस्पताल में 2500 बच्चों से मिले PM मोदी इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट से निकलकर सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों उनके स्वागत में खड़े रहे। पीएम मोदी सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचें और “दिल की बात” कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, पूर्व क्रिकेटर … Read more

कृषि में मध्य प्रदेश का दबदबा: टमाटर और मटर में शीर्ष, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना

मध्य प्रदेश कृषि में अव्वल: टमाटर में पहला, मटर में दूसरा स्थान; दुग्ध उत्पादन 20% बढ़ाने का लक्ष्य कृषि में मध्य प्रदेश का दबदबा: टमाटर और मटर में शीर्ष, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना मध्य प्रदेश ने बनाई अलग पहचान: टमाटर व मटर उत्पादन में शानदार प्रदर्शन, दुग्ध उत्पादन में 20% बढ़ोतरी का लक्ष्य भोपाल  कृषि के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की देशभर में अलग पहचान है। लगातार सात कृषि कर्मण अवार्ड जीतने वाला न केवल यह पहला राज्य है, बल्कि कोरोना महामारी के समय रिकॉर्ड 128 लाख टन गेहूं का उपार्जन करके पंजाब को भी पीछे छोड़ चुका है। टमाटर में पहला और मटर के उत्पादन में मप्र का देश में दूसरा स्थान है, तो दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान, खाद्यान्न में द्वितीय और तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों में देखें, तो मध्य प्रदेश टमाटर और मटर उत्पादन में लगातार प्रगति कर रहा है। टमाटर के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। 2024-25 में 1,27,740 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई, जिससे 36 लाख 94 हजार 702 टन उत्पादन हुआ। यही स्थिति मटर को लेकर भी है। अन्य प्रमुख उद्यानिकी उत्पादों में संतरे, धनिया, मसाले, औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश का पहला स्थान है। इसी तरह दुग्ध उत्पादन और गोपालन को लेकर भी सरकार काम कर रही है। गोशालाओं को चारा के लिए 40 रुपये तक अनुदान देने का प्रविधान किया गया है। वहीं, दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति लीटर पांच रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। दुग्ध उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए नस्ल सुधार का कार्यक्रम छेड़ा गया है। वहीं, पशुओं की टैगिंग भी की जा रही है। सहकारी समितियों का क्षेत्र विस्तार किया जा रहा है, तो संयंत्रों को आधुनिक बनाने की पहल भी की गई है। बासमती को जीआई टैग दिलाने का प्रयास इधर, बासमती धान को बासमती की पहचान दिलाने के लिए जीआइ टैग दिलाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे हैं। इसको लेकर कानूनी लड़ चल रही है। जीआइ टैग नहीं मिलने के कारण व्यापारी प्रदेश से बासमती सामान्य धान की तरह लेकर जाते हैं, तो बासमती के नाम से बेचते हैं। इसके कारण किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिलता है। प्राकृतिक खेती पर जोर प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के अति उपयोग के कारण भूमि की मृदा शक्ति प्रभावित हो रही है। भविष्य के खतरे को भांपते हुए सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान प्राकृतिक खेती करें, ताकि भूमि की मृदा शक्ति बनी रहे। इसके साथ ही पराली (नरवाई) जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक ओर जहां कड़ाई की जा रही है तो दूसरी ओर नरवाई को भूमि में ही मिलने के उपकरणों पर अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेंटर से भी इसे जोड़ा गया है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ

– 200 से अधिक स्टॉलों पर उपलब्ध होंगी विविध विषयों की पुस्तकें – मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों से की बातचीत, वितरित कीं पुस्तकें – बोले मुख्यमंत्री, स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है – अच्छी पुस्तकें होती हैं व्यक्ति की सच्ची साथी : मुख्यमंत्री – यूपी सरकार हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय स्थापित कर रही है : योगी आदित्यनाथ  – मुख्यमंत्री ने श्रीराम दरस मिश्र को दी श्रद्धांजलि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) परिसर में आयोजित गोरखपुर पुस्तक महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया। यह पुस्तक मेला 1 से 9 नवंबर तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) और डीडीयू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं और स्कूली विद्यार्थियों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की सबसे सही मार्गदर्शक और सच्ची साथी अच्छी पुस्तकें होती हैं। उन्होंने भारत की श्रवण परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अद्भुत परंपरा विकसित की। जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है उन्होंने कहा कि यह पुस्तक महोत्सव आने वाले 9 दिनों तक 200 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी रुचि की पुस्तकें खरीदने का शानदार अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं 'वेन सिटिजन, कंट्री लीड' यानी जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की भूमि इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले 100 वर्षों से गीता प्रेस भारत और विश्व में सनातन धर्म की विचारधारा को अपनी पुस्तकों के माध्यम से पहुंचा रहा है। उन्होंने साहित्यकार फिराक गोरखपुरी, मुंशी प्रेमचंद, प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी जैसे लेखकों का स्मरण किया और हाल ही में दिवंगत साहित्यकार श्रीराम दरस मिश्र को श्रद्धांजलि दी। डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें हमेशा नई प्रेरणा देती हैं। हमें उनसे जुड़ना चाहिए। अगले 9 दिनों में यहां अनेक विमर्श, परिचर्चा, पुस्तकों के विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ शहर की सभी संस्थाओं को इसमें भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही है। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है, जिनमें पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित हो सके। स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय व्यर्थ न करें और अपने समय का सदुपयोग पुस्तकों के अध्ययन में करें। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की पुस्तक एग्जाम वारियर्स छात्रों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शक है। इसे हर विद्यार्थी को पढ़ना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छी पुस्तकें न केवल परीक्षा में मदद करती हैं बल्कि जीवन के कठिन समय में भी मार्गदर्शन देती हैं। धार्मिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और एआई से जुड़ी पुस्तकों से हमें ज्ञान और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हम सभी को स्मार्टफोन पर खर्च घटाकर पुस्तकों में निवेश करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देवोत्थान एकादशी है, यह शुभ अवसर भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक है। इसी पावन दिन पर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ है, यह पूरे प्रदेश के लिए शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और आंगनबाड़ी दीदियों को किया सम्मानित इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी दीदियों को सम्मानित किया। इसमें निशा, चिंता, प्रेमलता, पुष्पा, बिंद्रावती को मुख्यमंत्री ने पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया। वहीं एनबीटी और डीडीयू की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को सम्मानित किया गया। इसमें श्रीजा शरण, अभय वर्मा, रश्मिका दुबे, आदेश कुंवर सिंह, दिव्या विश्वकर्मा, शिवम कुमार गुप्ता, तोषिका चौहान, शिवांगी पांडेय, निलय कुमार, अभिषेक सिंह, देवानंद गुप्ता और आयुष किशोर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।  इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायकगण विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, विमलेश पासवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी, डीडीयू की कुलपति प्रो पूनम टंडन, अवनीश अवस्थी, एनबीटी के चेयरमैन मिलंद सुधारक मराठे, युवराज मलिक, आचार्य पवन त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

हाइवे पर चट्टान का मलबा गिरा, बाल-बाल बचे वाहन सवार

उदयपुर शनिवार सुबह उदयपुर-गोगुंदा हाइवे पर बड़ा हादसा टल गया। होटल कीर्ति राज के सामने विकेट मोड़ पर पहाड़ से अचानक चट्टान का हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। अचानक गिरे मलबे से हाईवे पर अफरातफरी मच गई। उस वक्त दो कारें वहां से गुजर रही थीं, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते गाड़ी रोक दी। इससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले चार दिनों से क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो गई है। इसी वजह से चट्टानें खिसकने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इसी पहाड़ी पर एक और बड़ा हिस्सा दरक चुका है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबा हटाने के कार्य की निगरानी की और वाहनों को सतर्कता से मार्ग पार करने की हिदायत दी। साथ ही गोगुंदा की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान गति धीमी रखें और पहाड़ी मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतें।