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महाकाल की पहली सवारी आज, कार्तिक-अगहन मास के मौके पर मंदिर समिति का बैंड करेगा नगर भ्रमण

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में सावन-भादो की तरह कार्तिक मास में भी उज्जैन के राजा भगवान महाकाल अपने मंदिर परिसर से निकलकर भक्तों के बीच पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक-अगहन मास की सवारी धूमधाम से निकलने वाली है।  महाकाल मंदिर में मराठा परंपरा का विशेष तौर पर प्रभाव है। महाराष्ट्रीय परंपरा में शुक्ल पक्ष से माह का शुभारंभ माना जाता है। कार्तिक-अगहन मास में भी महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू होती है। इसी वजह से इस बार 27 अक्टूबर से कार्तिक-अगहन माह की पहली सवारी महाकालेश्वर मंदिर से निकाली जाएगी। मंदिर के सभा मंडपम में शाम 4 बजे पूजन के बाद पालकी में विराजमान होकर भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जब भी उज्जैन के राजा नगर भ्रमण पर निकलते हैं तो बाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। श्रद्धालुओ की सुविधा के लिए मंदिर समिति, जिला प्रशासन कई तैयारियां करता है। इस बार सवारी का आकर्षण बढ़ाने के लिए एक खास प्रयोग किया जाएगा। पहली बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बैंड भी सवारी में शामिल होगा। इसमें 30 सदस्य हैं, जो विभिन्न वाद्य यंत्रों से भक्ति गीत और भजनों की प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के दिन इस बैंड का शुभारंभ किया था। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकालेश्वर की पहली सवारी से ही बैंड शामिल किया जाएगा। सवारी में पारंपरिक रूप से पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल और भजन संध्या के सदस्य भी शामिल रहेंगे।  बाबा महाकाल की सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां शिप्रा के जल से पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होकर पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 27 अक्टूबर को बाबा महाकाल की कार्तिक माह की पहली सवारी निकलेगी. दूसरी सवारी 3 नवंबर को निकलेगी। इस दिन हरिहर मिलन होने से विशेष सवारी रात 12 बजे द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंचेगी, फिर अगहन मास की पहली सवारी 10 नवंबर और राजसी सवारी 17 नवंबर को निकलेगी।  कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने महाकालेश्वर मंदिर में प्रशासनिक और प्रबंधन समितियों की बैठक में इन सवारी की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नगर निगम सड़क की सफाई, रोशनी और जर्जर इमारतों को चिह्नित करने का काम कर रहा है। साथ ही फायर ब्रिगेड और साइनेज की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आग कहा कि सवारी पारंपरिक तरीके से पूरी धूमधाम से निकाली जाएंगी, ताकि भक्तों को दर्शन का मौका मिल सके। 

हरियाणा के 54 लोग अमेरिका से निर्वासित, जानिए किन जिलों से हैं सबसे ज्यादा

दिल्ली/कैथल   अवैध रूप से डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचने वाले हरियाणा के 54 युवाओं को अमेरिका ने शनिवार देर रात डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। विशेष विमान द्वारा इन युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर बेड़ियों में बांधकर लाया गया। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें आधिकारिक प्रक्रिया के तहत भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों के हवाले किया। एयरपोर्ट पर हरियाणा पुलिस की विशेष टीमें पहले से मौजूद थीं। जिन युवाओं के खिलाफ आपराधिक और गिरोह से जुड़े मामलों की जानकारी थी, उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। बाकी युवाओं को कागजी कार्रवाई के बाद उनके गृह जिलों में भेज दिया गया।   करनाल के सबसे अधिक डिपोर्ट डिपोर्ट हुए 50 युवाओं में सबसे ज्यादा करनाल के 16 लोग और कैथल जिले के 14 लोग शामिल हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र के पांच, जींद के तीन सहित अन्य जिलों के लोग है। लॉरेंस बिश्नोई का करीबी लखविंद्र भी किया डिपोर्ट वहीं इनमें सबसे बड़ा मामला कैथल के गांव तितरम निवासी लखविंद्र उर्फ लाखा का है। लाखा लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है और 2022 से अमेरिका में बैठकर हरियाणा-पंजाब के व्यापारियों से फिरौती मांगने के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। हरियाणा एसटीएफ की अंबाला यूनिट ने गैंगस्टर लॉरेंस के करीबी लखविंद्र उर्फ लाखा को गिरफ्तार कर लिया। कैथल के अलावा अन्य जिलों में भी उस पर फिरौती मांगने जैसे कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा डिपोर्ट होकर आए दूसरे मोस्ट वांटेड सुनली सरधानिया का नाम भी शामिल हैं। जो हत्या सहित 24 आपराधिक वारदातों में वांछित है। सुनील को भिवानी में एक हत्या के केस में उम्र कैद और पंचकूला में डकैती के मामले में 10 साल की सजा हुई थी। दोनों मामलों में कोर्ट से जेल से जमानत आने के बाद उसने फर्जी पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद 2024 में है विदेश भाग गया था। अमेरिका द्वारा रिपोर्ट किए गए युवकों में से एसटीएफ में दोनों आरोपियों तुरंत हिरासत में ले लिया। अब दोनों पुलिस रिमांड पर लिया है। कर्ज लेकर गए थे विदेश डिपोर्ट हुए युवाओं में ज्यादातर वे हैं जिन्होंने अपने परिवार की जमीन, गहने बेचकर और ब्याज पर पैसा लेकर डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका जाने का प्रयास किया था। लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें सीमा सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया और महीनों तक जेलों व डिटेंशन कैंपों में रखा। इन युवाओं में से अधिकांश ने 2024 और 2025 में यह सफर तय करना शुरू किया था। कैसे होता है डंकी रूट का सफर   डिपोर्ट हुए युवकों ने बताया कि पहले दिल्ली से ब्राजील जाया जाता है। वहां एजेंट लोकल गिरोहों के सहारे आगे भेजते हैं। ब्राजील से कोलंबिया, फिर पनामा और वहां से मौत का जंगल कहे जाने वाले दरियन गैप की शुरुआत होती है। 6 से 15 दिन तक लगातार जंगलों में पैदल चलना होता है। तेज बारिश, कीचड़, सांप-बिच्छू, दलदल को लांघकर कर आगे बढ़ना होता है। थककर गिर जाने वालों को डोंकर वहीं छोड़ देते है। कई बार उनको चलने के लिए मारपीट कर मजबूर किया जाता है। डोंकर हर चरण पर उनसे पैसे वसूलते हैं। इनमें पनामा ₹3–5 लाख, ग्वाटेमाला ₹5–7 लाख, मैक्सिको ₹6–10 लाख, अमेरिका बॉर्डर पार ₹2–4 लाख रुपए वसूले जाते हैं। सभी को मिलाकर लगभग 50–70 लाख रुपये खर्च होते हैं। फिर भी गारंटी शून्य रहती है।   सोचा था वहां पहुंचकर जिंदगी बदल जाएगी, पर जिंदगी ही खतरे में पड़ गई कैथल के गांव का 26 वर्षीय युवक ने बताया कि हम 18 लोग पनामा के जंगल में थे। दो लोग दलदल में धंस गए, कोई बचाने नहीं रुका। हम सब रोते हुए आगे बढ़ गए। डोंकर बोलते थे — ‘जिंदा रहना है तो बढ़ो, पीछे देखा तो तुम भी मरोगे। ग्वाटेमाला पहुंचने पर उससे 6 लाख रुपये, मैक्सिको की सीमा पर 6 लाख रुपये और अमेरिका सीमा तक पहुंचाने के नाम पर 3 लाख रुपये और ले लिए गए। अमेरिका की सीमा पर प्रवेश करते ही अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 से 70 दिन डिटेंशन कैंप में बंदी रहे, जहां 50–100 लोग एक ही बैरक में रहते थे। उन्हें भोजन में सिर्फ ब्रेड और सूप दिया जाता था। इसके अलावा उन्हें भाषा की समस्या रही तथा कोई कानूनी सहायता नहीं दी गई। अब तक 654 लोग किए जा चुके हैं डिपोर्ट इससे पहले भी हरियाणा के अमेरिका में अवैध तरीके से रहने वाले कुल 654 लोग अब तक डिपोर्ट किए जा चुके हैं। जनवरी से जुलाई 2025 तक हरियाणा के 604 नागरिकों को हथकड़ी पहनाकर सेना के जहाज से भारत डिपोर्ट किया गया था। अब हाल ही में 50 और लोगों को डिपोर्ट किए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 654 हो गई है। हरियाणा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी पिछले तीन वर्षों में हरियाणा से 3000 से अधिक युवा डंकी रूट से विदेश जाने के प्रयास में पकड़े गए हैं। इनमें से कई को जंगलों और सीमाई रास्तों पर वापस धकेल दिया गया, जबकि 200 से अधिक युवा अब तक लापता या ठगी का शिकार बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 100 से अधिक युवा अभी भी विदेशी जेलों में बंद हैं, जहां वे कानूनी सहायता के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवन काट रहे हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बन चुकी है। परिवार कर्ज के बोझ में डूब रहे हैं, युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और गांवों में असुरक्षा और असमंजस का माहौल बढ़ रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब मानव तस्करी, एजेंट नेटवर्क और अवैध यात्रा सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रही हैं।

SIT की कार्रवाई: जहरीले कफ सिरप केस में श्रीसन फार्मा के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से अरेस्ट किया

भोपाल   मध्य प्रदेश में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप केस में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में एसआईटी ने मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए छठवीं गिरफ्तारी की है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से हिरासत में लिया है। SIT के अधिकारी जितेंद्र सिंह जाट ने लंबी जांच के बाद श्रीसन फार्मा कंपनी में कई वर्षों से कार्यरत एमआर सतीश वर्मा को उनके निवास कूकड़ा जगत छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ के लिए परासिया ले जाया गया है। अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी -डॉक्टर प्रवीण सोनी -जी रंगनाथन -राजेश सोनी न्यू अपना फार्मा -सौरभ जैन अपना मेडिकल फार्मासिस्ट -महिला फार्मासिस्ट के माहेश्वरी कांचीपुरा -एमआर सतीश वर्मा छिंदवाड़ा अबतक 24 मासूमों की जा चुकी जान आपको बता दें कि, छिंदवाड़ा के परासिया के सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीन सोनी अपने निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे थे। निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसे पीने के बाद बच्चों को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई शुरु हो गई, जिसने देखते ही देखते मासूमों की किडनियां प्रभावित कर दी पर विपरीत प्रभाव पड़ा और 24 बच्चों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश

मुस्तफाबाद का नाम होगा ‘कबीरधाम’, सीएम योगी ने विपक्ष के 'सेक्युलरवाद' को बताया 'पाखंड' – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश – बोले योगी – सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का दौर अब खत्म हुआ – डबल इंजन की सरकार में हो रहा प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार, पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था : मुख्यमंत्री – संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज को मार्ग दिखा रही : योगी आदित्यनाथ – जो देश की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है : सीएम योगी – सभी समस्याओं का समाधान है राष्ट्रभक्ति : मुख्यमंत्री – मोदी जी के नेतृत्व में भारत जल्द बनने जा रहा तीसरी आर्थिक महाशक्ति : योगी आदित्यनाथ – लखीमपुर खीरी में बना मेडिकल कॉलेज, अब एयरपोर्ट का होगा विस्तार : मुख्यमंत्री – ईको-टूरिज्म से जिले को मिलेगी विकास की नई दिशा : सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने किसानों से की रसायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील – सीएम ने नशा को बताया नाश का कारण, कहा यह विदेशी साजिश, नई पीढ़ि को इससे बचाना होगा – हमारी गुलामी का कारण रही है छुआछूत और जातीयता : योगी आदित्यनाथ – भूमि हमारी माता है, उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है : सीएम योगी लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म के नाम पर करता था, जबकि यह पाखंड है। संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही कबीरधाम आश्रम में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा, विरासत के सम्मान, और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्ति की वह धारा प्रवाहित की जो समाज की विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पांव…' यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सैकड़ों वर्ष पूर्व थी। उन्होंने कहा कि 'कबीरदास जी ने उस दौर में समाज की जातीय विषमताओं पर प्रहार कर कहा था, ‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ यह वाणी हमारे समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि “माता भूमि पुत्रोहम्…” यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है। कुछ ही माह में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिला उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी विकास की नई धारा बह रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी दिया जोर मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्ति पर बोलते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें। सीएम योगी ने गो सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को गोशालाओं की देखरेख करनी चाहिए। रासायनिक खेती से जमीन ऊसर हो रही है, इसलिए नेचुरल फार्मिंग अपनाएं। एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशला का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर असंग देव जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित … Read more

पहले चरण के बिहार चुनाव में मोहन-शिवराज बनेंगे बीजेपी के चेहरा, कांग्रेस के अभियान में दिग्विजय और जीतू सक्रिय

भोपाल / पटना  बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्टार प्रचारक बनाया गया है। बिहार चुनाव के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। मतगणना 14 नवंबर को होगी। दिग्गी और जीतू कांग्रेस के स्टार कैम्पेनर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के लिए जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची में मध्य प्रदेश के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को ही स्टार कैम्पेनर बनाया गया है। अब बीजेपी के 40 स्टार प्रचारकों के नाम पढ़िए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह और शिवराज सिंह चौहान,असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी बिहार चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भोजपुरी एक्टर के भी नाम हैं, जिनमें पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ शामिल हैं। भाजपा के स्टार प्रचारकों में स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, सीआर पाटिल, दिलीप कुमार जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रेनू देवी, प्रेम कुमार, नित्यानन्द राय, राधा मोहन सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति और सतीश चंद्र दुबे शामिल हैं। इसके अलावा ही, राज भूषण चौधरी, अश्विनी कुमार चौबे, रविशंकर प्रसाद, नन्द किशोर यादव, राजीव प्रताप रूडी, संजय जायसवाल, विनोद तावड़े, बाबूलाल मरांडी, प्रदीप कुमार सिंह, गोपालजी ठाकुर और जनक राम भी बिहार में प्रचार करेंगे। अब कांग्रेस के स्टार प्रचारकों के नाम जानिए कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल जैसी दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, एमपी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अलावा अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरू, सुखविंदर सुक्खू, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद और अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम भी सूची में शामिल है। इसके अलावा पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन के नाम भी लिस्ट में हैं। मनोज राम, अल्का लांबा, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी,अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब और सुबोध कांत सहाय शामिल हैं। एनडीए और महागठबंधन के बीच बिहार में मुकाबला बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच मुख्य चुनावी मुकाबला है। एनडीए में भाजपा-जदयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 और आरएलएम व हम 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। एनडीए के सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं। इसके तहत भाजपा ने सभी 101 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। 6 और 11 नवंबर को मतदान, मतगणना 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।

मेरठ: सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स 22 सेकंड में जमींदोज़, दुकाने बनीं मलबे का ढेर

मेरठ मेरठ के सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के दौरान सुबह 11:51:58 बजते ही कुछ ही पलों में दुकानें धराशाई हो गई। इसके साथ ही प्रभावित दुकानदारों के सपने भी उजड़ गए। पहले दिन की कार्रवाई के बाद खंडहर दिख रहीं दुकानें पल भर में ही मलबे में तब्दील हो गईं। धूल का गुबार ऐसा उठा कि आसपास मौजूद व्यापारियों, पुलिस की टीमों सहित अन्य लोगों को वहां से 500 मीटर दूर तक जाना पड़ा। धूल पर नियंत्रण के लिए पानी छिड़का गया। जमींदोज करने से चंद सेकंड पहले ही हाइड्रा जेसीबी मशीन चालक ने आखिरी पिलर पर चोट की और अचानक वाहन तेजी के साथ पीछे कर दिया। यह देख आसपास के लोग घबरा गए और पूछा क्या हुआ तो चालक बोला… चिंता की बात नहीं, बस हो गया। उसके इतना कहते ही कॉम्प्लेक्स भरभराकर गिर गया। मेरठ के शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में दूसरे दिन हाइड्रा एवं जेसीबी ड्रिल मशीन से 22 सेकंड में अवैध कॉम्प्लेक्स (661/6) को जमींदोज कर दिया गया। आक्रोशित व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए सेंट्रल मार्केट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि अन्य कोई निर्माण नहीं तोड़े जाने का आश्वासन मिलने के बाद ही धरना-प्रदर्शन खत्म किया जाएगा। मलबा हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। रविवार को दूसरे दिन भी शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने के लिए भारी पुलिस बल के बीच बैरिकेडिंग कर सुबह 10 बजे से काम शुरू किया गया। शाम चार बजे तक करीब 80 फीसदी हिस्सा जमींदोज कर दिया गया।   बराबर की अन्य दुकानों और घरों को नुकसान होने की आशंका के चलते अलंकार साड़ीज की तीन मंजिला दुकान को पूरी तरह नहीं गिराया गया।   अवैध कॉम्प्लेक्स जमींदोज होने पर सेंट्रल मार्केट के पांच व्यापारिक संगठनों ने एकजुटता का आह्वान कर अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। टोलियों में व्यापारी बाजारों में घूमे और खुली दुकानों को बंद कराया।   बाद में धरना शुरू करते हुए सभी व्यापारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन उन्हें लिखित में अन्य दुकानों को नहीं तोड़ने का आश्वासन दे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को लेकर भी उनका गुस्सा फूटा और उनके खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने शाम को काली पट्टी बांधकर जुलूस भी निकाला। मलबे के बीच खड़ी खंडहर दुकान पर अब चलेगा हथौड़ा मेरठ में सेंट्रल मार्केट में भूखंड संख्या 661 पर अवैध कॉम्प्लेक्स का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरते ही जमीन और आसपास के भवन भी दहल गए। गिरे हुए मलबे के बीच अलंकार साडीज की खंडहर दुकान पर हाइड्रा जेसीबी चलाने से रोक दिया गया। आशंका थी कि इससे पड़ोस के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंच सकता है।   आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सबसे पहले जेसीबी और हाइड्रा जेसीबी से कॉम्प्लेक्स का पूर्वी और दक्षिणी हिस्से पर वार किया गया और दुकानों को ढहाया गया। रविवार को इमारत भरभराकर गिरकर मलबे में तब्दील हो गई। इसके बाद जैसे ही कर्मचारियों ने अलंकार साडीज की दुकान को ध्वस्त करने का प्रयास किया तो कुछ व्यापारियों और पुलिस ने रोक दिया। तर्क दिया गया कि बिल्डिंग पूरी तरह हिल चुकी है। बराबर में भूखंड संख्या 662 पर आवास है। अगर मलबा इस आवास पर गिर गया तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस तीन मंजिला दुकान के खंडहर को अब मजदूरों से हथौड़ा व अन्य औजारों से तुड़वाया जाएगा। पुलिस ने पड़ोसी मकान से भवन स्वामी सुभाष के परिवार को पहले ही निकाल दिया था। हालांकि दिन में एक-दो बार कुछ लोग मकान के गेट पर दिखाई भी दिए। मलबा उठाने में लगेगा समय आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि कॉम्प्लेक्स का मलबा उठाने में अभी कुछ दिन का समय लगेगा। धूल और गुबार को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

कपलिंग टूटी रुकी मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित

चित्रकूट मुंबई हावड़ा रेल लाइन के ठिकरिया, मारकुंडी रेलवे स्टेशन के मध्य मुंबई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूट गई। इससे करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें ठिकरिया, मझगवा, जैतवारा, सतना आदि स्टेशनों में खड़ी रहीं। बता दें कि सोमवार तड़के करीब 2:45 बजे मुंबई एलटीटी से भागलपुर की ओर जाने वाली 2336 ट्रेन के लास्ट के एसी कोच की कपलिंग टूट जाने से एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगी अलग हो गई। ट्रेन में सवार यात्रियों व गार्ड के द्वारा ट्रेन चालक व स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी गई। करीब पांच घंटे तक मशक्कत करने के बाद सुबह करीब आठ बजे ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस बीच ताप्ती गंगा, काशी, गोदान आदि आधा दर्जन ट्रेन डेढ़ से दो घंटे तक विभिन्न स्टेशनों में खड़ी रखी गईं। इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि यह भोर का मामला है। सूचना मिलने पर ट्रेन की टूटी कपलिंग सही करवाई गई है। वहीं अन्य ट्रेनों को रूट खाली न होने से डिले करना पड़ा।

उज्जैन में महाकाल मंदिर में पहुंचे श्रीकांत, भस्म आरती में भाग लेकर पूजा और आशीर्वाद प्राप्त किया

 उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह आयोजित भस्म आरती में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत शामिल हुए। उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने आज प्रातःकाल भस्म आरती में भगवान श्री महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन लाभ लिया। भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन पुजारी आकाश गुरु द्वारा विधि-विधान से कराया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भस्म आरती प्रभारी आशीष दुबे ने उनका सम्मान किया। श्रीकांत ने मंदिर में व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए भगवान महाकाल से देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी किए थे दर्शन कुछ दिनों पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट टीम जब इंदौर में वर्ल्ड कप मैच खेलने पहुंची थी तो उन्होंने ने भी भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए थे। सभी ने देश की तरक्की और टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना भी की थी। महाकाल महालोक बनने के बाद से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिल्म और क्रिकेट के सितारों सहित राजनेता भी बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आते हैं।  

कैलाश विजयवर्गीय का संदेश: इंदौर में हुई घटना के बाद खिलाड़ियों को चाहिए कि किसी को बताकर ही बाहर निकलें

इंदौर  इंदौर में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में भाग ले रहीं दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है, लेकिन इस पर नेताओं के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है. प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को शर्मनाक और देश के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए खिलाड़ियों को एक बड़ी  सलाह दी है. विजयवर्गीय ने कहा, "खिलाड़ियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब वे अपने घर से निकलें, तो उनकी सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए क्योंकि (भारत में) क्रिकेटरों का बहुत बड़ा क्रेज है." MLA रामेश्वर शर्मा का तीखा बयान BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को इंदौर की साफ-सुथरी छवि को बिगाड़ने की साजिश बताते हुए एक तीखा और विवादित बयान दिया है. शर्मा ने बताया कि आरोपी अकील को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसे 'चार जूते मारकर जेल में डाला है.' उन्होंने चेतावनी दी कि अकील को ऐसी सजा मिलेगी की एक नजीर बनेगी.  भोपाल की हुजूर सीट से विधायक ने कहा, "मैं कट्टरपंथी मुसलमानों को बता देना चाहता हूं कि देश की छवि बिगाड़ने में लगे क्यों हो." उन्होंने इंदौर में कोरोना के समय डॉक्टरों पर थूकने की घटना का भी हवाला दिया. विधायक शर्मा ने सख्त लहजे में कहा, "हिंदुस्तान में रहना है तो बाबा साहब के संविधान के तहत रहो. बहन-बेटी का अपमान करने वाले किसी अकील को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे." बता दें कि यह घटना गुरुवार सुबह खजराना रोड इलाके में हुई, जब दोनों ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर अपने होटल से एक कैफे की ओर जा रही थीं. एक बाइक सवार व्यक्ति ने उनका पीछा किया, उनमें से एक को गलत तरीके से छुआ और भाग गया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, अकील नाम के आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. 

प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात

समस्या लेकर आये लोगों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें भी आईं मुख्यमंत्री ने निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  महिला कलाकार ने सांस्कृतिक मंच दिलाने की रखी मांग, मुख्यमंत्री बोले- पंजीकृत व स्थानीय कलाकारों को मिले अधिक से अधिक मौका  लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के उपरांत सोमवार को फिर 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये हर पीड़ित से मुलाकात की, उनके पास पहुंचकर समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं। पीड़ितों से फीडबैक भी लें। इस दौरान लगभग 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रहेगा अधूरा 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। वहीं एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज अधूरी नहीं रहेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था के लिए खड़ी है।   सर! मैं कलाकार हूँ, मुझे कार्यक्रम दिलवा दीजिये 'जनता दर्शन' में एक महिला कलाकार भी पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि वे लोकगीत कलाकार हैं। उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच दिला दीजिये। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें कार्यक्रम दिलाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री बोले कि सरकार हर जनपद में लोककलाओं को प्राथमिकता दे रही है। हर जगह अनेक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें पंजीकृत व अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मौका मिले।    पुलिस, पारिवारिक मामले भी आए इस दौरान पुलिस से जुड़े मामले भी आये। कई लोगों ने पारिवारिक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इसे दिखवाने और पीड़ितों की समस्या के समाधान कराने का निर्देश दिया।