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फ्लोरिडा में नौकरी कर रहे अंबाला के युवक को अमेरिका ने डिपोर्ट किया, कहा 25 घंटे तक पैरों में बेड़ियां

 अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के छह युवकों समेत 50 भारतीयों को अमेरिका ने हाल ही में डिपोर्ट कर दिया है. इनमें अंबाला के जगोली गांव के हरजिंदर सिंह भी हैं, जो फ्लोरिडा के जैक्सन वेल में रसोइए की नौकरी करने गए थे. हरजिंदर ने अमेरिका पहुंचने के लिए अपने माता-पिता की मेहनत की कमाई, करीब 35 लाख रुपये, खर्च कर दिए थे. उन्हें विश्वास था कि वहां जाकर वह परिवार के लिए एक सुखद भविष्य बनाएंगे, लेकिन उनकी उम्मीदें और सपने वहीं टूटकर रह गए. हरजिंदर सिंह ने बताया कि अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद उन्हें और बाकी भारतीयों को पकड़कर देश से बाहर कर दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, सभी को करीब 25 घंटे तक बेड़ियों में रखा गया, जिससे उनके पैरों में सूजन आ गई. इस बर्ताव ने हरजिंदर और उनके जैसे कई लोगों के लिए अमेरिका का सपना किसी बुरे अनुभव में बदल दिया. उन्होंने इस अमानवीय व्यवहार की निंदा की और भारतीय सरकार से मदद की गुहार लगाई है. सपनों की मजबूरी और बेरोजगारी की सच्चाई हरजिंदर ने कहा कि अपने घर-परिवार से दूर जाकर, हजारों किलोमीटर दूर सिर्फ रोजगार की तलाश में जाना आसान नहीं था. उनके मुताबिक, वही व्यक्ति इस दर्द को समझ सकता है जिसकी मेहनत की कमाई और उम्मीदें ऐसे ही बर्बाद हो जाएं. हरजिंदर ने सरकार से अपील की है कि अगर हिंदुस्तान में ही युवाओं के लिए पर्याप्त और अच्छा काम उपलब्ध हो जाए, तो कोई भी मजबूरी में विदेश नहीं जाना चाहेगा. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की वजह से आज लाखों युवाओं को अपने घर और परिवार छोड़ना पड़ता है, लेकिन विदेशों में भी उन्हें अपमान और परेशानी का सामना करना पड़ता है. हरजिंदर और उनके जैसे कई युवाओं की-जिंदगी में यह घटना एक बड़ी सीख है कि देश में रोजगार का अभाव लोगों को मजबूर करता है, और उन्हें अपना सब कुछ खोकर भी कुछ हासिल नहीं होता. अब वह सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि बेरोजगार युवाओं को अपने देश में ही अच्छे रोजगार के अवसर दिए जाएं ताकि कोई भी अपना घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर न हो.

मंत्री टंक राम वर्मा का संदेश — किसान हैं विकसित भारत की रीढ़, तिलहन उत्पादन से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

रायपुर : 'किसान हैं विकसित भारत की रीढ़, तिलहन उत्पादन से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता' — मंत्री टंक राम वर्मा रजत जयंती पर तिलहन कृषक मेला सह सम्मेलन का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सारंगढ़ कृषि उपज मंडी प्रांगण में ‘‘तिलहन कृषक मेला सह सम्मेलन’’ का आयोजन किया गया। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के अंतर्गत कृषि कार्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। रजत जयंती पर तिलहन कृषक मेला सह सम्मेलन का आयोजन मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर अग्रसर हैं। इस दिशा में दलहन-तिलहन का अधिक उत्पादन देश को खाद्य तेल के आयात से मुक्ति दिलाएगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करेगा। इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन करते हुए हितग्राहियों, महिला स्व-सहायता समूहों और विभागीय अधिकारियों से उत्पादों एवं तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को नई कृषि तकनीकें अपनाने, मृदा परीक्षण शिविरों में भाग लेने तथा कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सारंगढ़ क्षेत्र की मिट्टी तिलहन उत्पादन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। तिलहन नगदी फसल है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार किसानों के लिए घोषित अधिकांश वादों को पूरा कर चुकी है, जिनमें भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपये की सहायता राशि एक प्रमुख उपलब्धि है। कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय एवं कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी किसानों को संबोधित किया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, पूर्व विधायक मती केराबाई मनहर तथा कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी एवं पशुधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में भयानक सड़क हादसा, तेज रफ्तार डिफेंडर ने ली तीन की जान

बेमेतरा छत्तीसगढ़ के बेमेतरा शहर में  डिफेंडर कार ने एक के बाद एक करके 5 गाड़ियों को टक्कर मार दी. जिससे 3 लोंगो की मौत हो गई. जबकि 5 लोग घायल हो गए. इस घटना से गुस्साए लोगों ने कार मालिक का घर घेर लिया और तोड़फोड़ कर दी.  वहीं बवाल के बाद पुलिस ने कार मालिक को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई में जुटी है. डिफेंडर ने जिन पांच गाड़ियों को टक्कर मारी उनमें बाइक स्कूटी सहित 1 पिकअप शामिल है. डिफेंडर की चपेट में आने से पिकअप सवार 1 युवक की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 7 घायल लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां 2 अन्य लोगों की भी मौत हो गई. कपड़ा व्यापारी की है डिफेंडर  शहर के अंदर तेज रफ्तार दौड़ते  डिफेंडर कार के कहर के बाद  लोंगो का गुस्सा फूट पड़ा. घटना से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने कार मालिक के घर में तोड़फोड़ कर दी. आरोपी कपड़ा व्यापारी है. जिसका नाम बंटी मालक सिंह है. शहर में बढ़ते आक्रोश और तनाव को देखते हुए बेमेतरा एसएसपी रामकृष्ण साहू मौके पर पहुंचे और लोंगो को समझाया. साथ ही उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब जाकर लोग माने. मामले में बेमेतरा एसएसपी रामकृष्ण साहू ने बताया कि कार कौन चला रहा था, अभी तक नहीं चल पाया है. कार के मालिक को हिरासत में लिया गया है. जिससे पूछताछ जारी है. लोंगो से भी जानकारी जुटाया जा रहा है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था? पुलिस अपना काम कर रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: कानून-व्यवस्था मजबूत करें, नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं

कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करें और नशे के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जबलपुर में ली संभागीय बैठक कानून व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संभाग में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के सभी आवश्यक उपाय और नशे के खिलाफ अभियान चलाकर सख्ती से कार्यवाही करें। जो व्यक्ति बार-बार अपराध करता है, उस पर सख्त निर्णय लें। बदमाशों को सूचीबद्ध कर उन पर निगरानी रखें। मादक पदार्थों को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जबलपुर और नरसिंहपुर की तहर अन्य जिले भी अभियान चलाकर कार्यवाही करें। पुलिस अधीक्षक अपने जिले में नियंत्रण रखें, सिवनी जैसी शर्मनाक घटनाएं कहीं न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित संभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ को दृष्टिगत रखते हुए मरीजों को सरकारी हॉस्पिटल में ले जाना सुनिश्चित करें, कुछ ड्राईवर प्राइवेट हॉस्पिटल की ओर रुख करते हैं, अत: उन पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग के उदाहरण प्रस्तुत करें, अच्छे समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लें, गांवों में रात्रि विश्राम करें। हाई-वे पर स्थित ढाबों में अवैध मदिरा विक्रय पर कार्यवाही करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी सिविल आचरण के विरूद्ध कुछ न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि जनसुनवाई में वे स्वयं बैठें और आवेदनों का निराकरण करें। विधानसभावार विजन डॉक्यूमेंटस के आधार पर कार्य हो। जिले का दस्तावेजीकरण हो। साहसिक एवं रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दें। उद्योग रोजगार वर्ष में समग्र रूप से औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है, अत: सामाजिक समरसता का आयोजन हो और विकास की बातें करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल, 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती है। ऐसे अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों में विकास परक गतिविधियां आयोजित हों। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में युवा वर्ग को जोड़े, खेलकूद की गतिविधियां भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना के क्रियान्वयन पर सतत नजर रखे। प्रतिबंधित दवाइयों पर और गौवंश तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी जिन्होंने अपराध कर संपत्ति अर्जित की है, उन पर राजसात जैसी आवश्यक कार्यवाही करें। भू-माफियों पर कार्यवाही हो, जिला बदर के आदेशों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने समग्र विकास के लिए विकास समिति मॉडल बनाने के निर्देश भी दिये और कहा कि अच्छी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। बैठक में एसीएस  संजय दुबे, एडीजे, संभागायुक्त  धनंजय सिंह, जबलपुर व बालाघाट के आईजी, डीआईजी, संभाग के सभी कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत एवं संभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त  सिंह ने शासन की प्राथमिकता के विषयों के साथ कृषि व कृषि संबद्ध विषयों प्रेजेन्टेशन दिया, जिसमें सोयाबीन भावांतर, धान व कोटो-कुटकी उपार्जन, उर्वरक वितरण, टेकहोम राशन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, राजस्व में नवाचार, मातृ एवं शिशु मृत्युदर तथा मातृवंदना आदि विषय शामिल थे। आईजी  प्रमोद वर्मा ने संभाग में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। आईजी बालाघाट ने नक्सल उन्मूलन के लिए की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर जबलपुर व बालाघाट ने अपने जिले के विकासकार्यों के साथ शासन की प्राथमिकता के विषयों की जानकारी दी।  

दिल्ली की छठ पूजा में पहली बार प्रधानमंत्री, PM मोदी करेंगे वासुदेव घाट पर श्रद्धा-सम्मान

नई दिल्ली दिल्ली में इस बार छठ महापर्व का आयोजन पहले से कहीं अधिक भव्य और सुव्यवस्थित होने जा रहा है। राजधानी के यमुना किनारे स्थित घाटों पर दिल्ली सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। जहां पिछले वर्षों में भीड़ और अव्यवस्था के कारण भक्तों को पूजा-अर्चना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं इस बार सरकार ने घाटों की संख्या के साथ-साथ उनकी चौड़ाई भी बढ़ा दी है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता और सुरक्षा दोनों मिल सके। पिछले साल तक जहां सुरक्षा व प्रतिबंध के चलते यमुना नदी के पास बांस-बल्ली लगाकर श्रद्धालुओं की पहुंच सीमित कर दी जाती थी, वहीं इस बार दिल्ली सरकार ने नदी के दोनों किनारों पर अलग-अलग घाट बनवाए हैं। इन घाटों पर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और जल स्तर की निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत मिल सके। विशेष बात यह है कि इस बार यमुना का पानी भी अपेक्षाकृत साफ दिखाई दे रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है। वासुदेव घाट पूजा करने जाएंगे पीएम मोदी छठ पर्व को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अक्टूबर को वासुदेव घाट पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। यह दिल्ली में पहला मौका होगा जब कोई प्रधानमंत्री छठ पूजा में शामिल होंगे। जिसे लेकर दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले घाट की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली नगर निगम की टीमों ने घाट के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने का कार्य भी पूरा कर लिया है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। तीन घंटे तक वासुदेव घाट पर सीएम रेखा गुप्ता ने लिया जायजा इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को वासुदेव घाट का दौरा किया और करीब तीन घंटे तक सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को सर्वोत्तम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं और महिलाओं से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं को समझा और कहा कि छठ पर्व आस्था और स्वच्छता का प्रतीक है, सरकार चाहती है कि हर भक्त श्रद्धा और सुरक्षा के साथ पूजा कर सके। छठ महापर्व को लेकर दिल्ली सरकार ने राजधानी के विभिन्न घाटों पर तैयारियां तेज कर दी हैं। लोक निर्माण, जल एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने रविवार को मटीयाला, नजफगढ़, विकासपुरी, नांगलोई, नरेला और पल्ला घाट सहित कई स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने नौका से यमुना तट के घाटों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री ने सफाई, प्रकाश, जल गुणवत्ता और सुरक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति का संगम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्वच्छ और सुरक्षित पर्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिल्लीवासियों को छठ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हर घर में पवित्रता, समृद्धि और खुशहाली लाए।  

वंदेभारत फिर पटरी पर — इस बार 16 कोचों की पूरी ताकत के साथ दौड़ेगी

रायपुर बिलासपुर से नागपुर के बीच दौड़ रही वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. इसे देखते हुए रेलवे ने फिर से 16 कोच के साथ चलाना शुरु कर दिया है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार हर दिन इस ट्रेन में 800 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे है. बता दें कि 11 दिसंबर 2022 को जब नागपुर के लिए वंदेभारत का परिचालन शुरू हुआ था तब इसमें 16 कोच थे, लेकिन इसमें टिकट महंगा होने के कारण कुछ समय बाद ही यात्रियों की संख्या कम होने लगी. इसके बाद रेलवे ने अप्रैल 2023 में 16 कोच को घटाकर 8 कोच कर दिया था. इसके बाद करीब 564 यात्री ट्रेन में सफर कर पा रहे थे, अब फिर से 1128 यात्री सफर कर पाएंगे. वंदेभारत में रायपुर और बिलासपुर से नागपुर तक सफर करने वाले काफी यात्री मिल रहे हैं. यहां तक की कई यात्री रायपुर से बिलासपुर कम समय में पहुंचने के लिए इसमें सफर करना पसंद कर रहे हैं. इसकी मुख्य वजह इस ट्रेन का समय पर पहुंचना है. साथ ही 16 कोच लगाने के बाद भी वर्तमान में यह ट्रेन पैक चल रही है. वहीं बाकि एक्सप्रेस ट्रेन की तुलना में यह ट्रेन रद्द नहीं हो रही है, इसलिए यात्रियों का भरोसा भी बढ़ा है. रविवार को भी इस ट्रेन के सीसी कोच में 54 और ईसी कोच में 6 वेटिंग चल रही है. इस ट्रेन में त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है. नागपुर जाने के लिए बिलासपुर और रायपुर के लोगों को यह ट्रेन रास आ रही है.

आईएमडी अलर्ट: राजस्थान के कोटा-बारां में आज हो सकती है भारी बारिश

जयपुर अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान के मौसम में बदलाव लेकर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। जयपुर मौसम केंद्र ने सुबह साढ़े छह बजे कोटा, बारां में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है — बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में बरसात की संभावना है। क्यों बदलेगा मौसम? मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार,अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में साइक्लोन या सीवियर साइक्लोन में बदल सकता है। वहीं, उत्तर भारत में 27 अक्टूबर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से आज से राजस्थान में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मेघगर्जना के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। बढ़ेगी सर्दी, गिरेगा तापमान मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि आज से उत्तरी हवाएं तेज होने लगेंगी, जिसका असर बीकानेर और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर और अलवर में इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा। तापमान का हाल पिछले 24 घंटों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जबकि दिन में तेज धूप निकली। राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 13°C दर्ज हुआ। दौसा में न्यूनतम तापमान 14.1°C रहा, जबकि दिन में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया।  

बिहार के बाहुबली उम्मीदवारों की संपत्ति का खुलासा, अमीरी-गरीबी का चौंकाने वाला अंतर!

पटना बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। वहीं, इस बार बड़े बाहुबली या उनके परिवार के कोई सदस्य चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।  तो आइए जानते हैं कि बाहुबली उम्मीदवारों में कौन सबसे ज्यादा अमीर और कौन सबसे ज्यादा गरीब है। जानें अनंत सिंह का नेटवर्थ बिहार के सबसे अमीर बाहुबली उम्मीदवारों की सूची में पहले नंबर पर मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत सिंह हैं, जिनकी संपत्ति 37.88 करोड़ रुपये है। बाहुबली की छवि वाले सिंह के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनंत सिंह को उनके समर्थक ‘छोटे सरकार' के नाम से पुकारते हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, अनंत सिंह के पास 26.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 11.22 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनकी पत्नी नीलम देवी के पास 13.07 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 49.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। हलफनामे में जानकारी दी गई है कि अनंत सिंह के पास 15.61 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 34.60 लाख रुपये नकद हैं। सिंह के नाम कई बैंक खाते और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण हैं, जबकि नीलम देवी के पास 76.61 लाख रुपये के सोने के आभूषण हैं। सिंह के पास तीन लग्जरी एसयूवी वाहन हैं जिनकी कीमत 3.23 करोड़ रुपये है, वहीं उनकी पत्नी के पास तीन कारें हैं जिनकी कीमत 77.62 लाख रुपये बताई गई है। इनके अलावा उनकी संपत्ति में घोड़े और गायें भी शामिल हैं। बाहुबली लल्लू मुखिया की संपत्ति वहीं, दूसरे स्थान पर बाढ़ से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार व बाहुबली कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया हैं। उनके पास 17.72 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। कितनी संपत्ति की मालकिन हैं वीणा देवी? वहीं, मोकामा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी वीणा देवी और उनके पति सूरजभान सिंह भी करोड़पति हैं। वीणा के पास 8.67 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें चल संपत्ति 1.72 करोड़ रुपये है, जबकि 6.95 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। करोड़ों के मालिक हैं बाहुबली हुलास पांडेय वहीं, बात करें बक्सर जिले के ब्रह्मपुर सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उम्मीदवार बाहुबली हुलास पांडेय की तो उनके पास 12.19 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें  चल संपत्ति 3.74 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति 8.45 करोड़ रुपए है। सबसे गरीब मुन्ना शुक्ला की बेटी वहीं, लालगंज से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला आरजेडी की प्रत्याशी हैं। उनके पास 21.28 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि कर्ज 36.57 लाख रुपए है। शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब के पास कितनी संपत्ति? इन करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में बिहार के चर्चित दबंग नेता रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब भी शामिल हैं। वह रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार हैं। ओसामा शहाब के पास 2.31 करोड़ रुपए की संपत्ति है। चल संपत्ति 66.65 लाख और अचल संपत्ति 1.65 करोड़ रुपए की है। वहीं, नबीनगर विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के पास 1.46 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

सख्त आदेश: मध्यप्रदेश के इस शहर में दो महीने तक कोई अनधिकृत जुलूस नहीं!

रतलाम  मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में एसडीएम ने आदेश जारी कर बिना अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये आदेश अगले दो महीने के लिए प्रभावशाली रहेगा। एसडीएम आर्ची हरित ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक लोक शांति बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला न्यायालय और अस्पताल परिसरों में धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि करणी सेना ने 31 अक्टूबर को रतलाम शहर में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है और उससे पहले ही प्रशासन की ओर से ये प्रतिबंध लगाया गया है। 24 घंटे पहले लेनी होगी परमिशन जो आदेश जारी किया गया है कि उसके मुताबिक रतलाम शहर की राजस्व सीमा के जिला कोर्ट, कलेक्ट्रेट परिसर, समस्त शासकीय कार्यालय, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई दल, संगठन धरना प्रदर्शन नहीं करेंग। अगर किसी को कोई प्रदर्शन करना भी है तो 24 घंटे पहले इसकी अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं इन स्थानों पर ध्वनि विस्तार यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर भी रोक रहेगी। आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई एसडीएम आर्ची हरित के आदेश में ये भी स्पष्ट किया गया है कि बगैर प्राप्त किए किसी भी धरना प्रदर्शन या रैली का आयोजन किया जाएगा तो आयोजन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बिना अनुमति लिए धरना प्रदर्शन व रैली या बंद का प्रचार प्रसार भी नहीं किया जाएगा। ये आदेश अगले दो महीने के लिए प्रभावी है।

सरकारी नौकरी का मौका! SI और Subedar के पदों पर निकली बड़ी भर्ती, जानें योग्यता व आवेदन प्रक्रिया

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती ते तहत सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के कुल 500 पदों को भरा जाएगा, जिनमें सब इंस्पेक्टर के 472 पद और सूबेदार के 28 पद शामिल हैं। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 तय की गई है। ऐसे अभ्यर्थी जो पात्रता मानदंड पूरे करते हैं और अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन लिंक बंद कर दिया जाएगा।   करेक्शन विंडो 3 नवंबर तक खुली आवेदन प्रक्रिया के दौरान जिन अभ्यर्थियों से किसी प्रकार की त्रुटि हो गई है, वे उसे सुधारने का मौका पा सकते हैं। इसके लिए करेक्शन विंडो 3 नवंबर 2025 तक सक्रिय रहेगी। उम्मीदवार लॉग इन कर अपने आवेदन पत्र में आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड इन पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों के पास निम्न में से किसी एक योग्यता का प्रमाण पत्र होना चाहिए- उम्मीदवारों की आयु सामान्य श्रेणी में अधिकतम 33 वर्ष तथा आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम 38 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना 17 अक्टूबर 2025 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग को नियम अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 1. सबसे पहले उम्मीदवार esb.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं। 2. होमपेज पर “Online Form – Subedar (Stenographer) & Asst. Sub-Inspector Recruitment Test For Police H.Q., Home (Police) – 2025” लिंक पर क्लिक करें। 3. आवश्यक विवरण भरकर रजिस्ट्रेशन करें। 4. लॉग इन करके शेष विवरण भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। 5. निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग एवं अन्य राज्यों के उम्मीदवार: ₹560 ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग: ₹310 इसके अलावा, सभी आवेदकों को ₹60 पोर्टल शुल्क अलग से देना होगा। जो उम्मीदवार पुलिस विभाग में करियर बनाने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। इसलिए समय रहते आवेदन करें और अंतिम तिथि का इंतजार न करें।