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मैहर के 12 लोग बंधुआ मजदूरी के जाल से बचाए गए, अब घर में खुशहाल जीवन

मैहर महाराष्ट्र राज्य के जालना जिले में एक महीने से फंसे मैहर जिले के 12 मजदूरों को सुरक्षित उनके घर वापसी कराई गई। घर से काम की तलाश में निकले 12 मजदूर महाराष्ट्र के जालना जिले में बंधुआ मजूदर के रूप में बंधक बना लिए गए थे। जिनकी कलेक्टर रानी बाटड के निर्देशन में श्रम विभाग और पुलिस की तत्पर कार्रवाई से राहतभरी वापसी संभव हो सकी। मजदूरों की वापसी पर उनके परिवारों की आंखें खुशी से छलक उठीं दीपावली में जैसे घर में फिर से उजाला लौट आया। मैहर प्रशासन की तत्परता और समन्वय से न केवल 12 परिवारों के दीप जल उठे, बल्कि यह संदेश भी गया कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। 12 अगस्त को निकले थे घर से जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर के कोठी क्षेत्र के ये 12 मजदूर अगस्त माह में काम की तलाश में महाराष्ट्र के जालना जिले पहुंचे थे। वहां सुखापुड़ी गांव के एक व्यक्ति आबा ने उन्हें संतरे तोड़ने का काम दिया। शुरू में सब कुछ सामान्य रहा, परंतु दीपावली के पहले जब मजदूरों ने घर लौटने की इच्छा जताई तो उन्हें रोक दिया गया। मजदूरों के अनुसार, आबा ने कहा कि संतरे के बाद गन्ना काटने के बाद ही वापस जा सकते हो। विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाने लगी। भय के माहौल में मजदूरों ने छिपकर अपने घरवालों को पूरी जानकारी दी। स्वजनों को दी सूचना तब मिली मदद मजदूरों द्वारा जब अपने स्वजनों को इस बात कि सूचना दी तब उनके स्वजनों ने इन बात कि जानकारी कलेटर को दी। जिस पर कलेक्टर रानी बाटड ने तत्काल श्रम निरीक्षक नरेश पटेल और पुलिस टीम को महाराष्ट्र प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश दिए। दोनों राज्यों की सयुक्त कार्रवाई से मिली मुक्ति दोनों राज्यों की संयुक्त कार्रवाई के बाद मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया गया। सभी श्रमिक ट्रेन से इटारसी होते हुए मैहर पहुंचे, जहां श्रम निरीक्षक ने उनका स्वागत किया और पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की। श्रम निरीक्षक नरेश पटेल ने बताया कि सभी मजदूर फिलहाल सुरक्षित हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह के मानव शोषण की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

छठ से पहले दिल्ली में यमुना सफाई पर सियासी बयानबाजी, मंत्री ने कहा कुछ और ही सच

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने छठ से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने कभी दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या पानी पीने लायक है लेकिन इस साल छठ वहां हो सकती है। कपिल मिश्रा रविवार को क्राउन प्लासा और वसुदेव घाट पर छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ये बात कही। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्ट और अरविंद केजरीवाल पर भी जोरदार निशाना साधा। कपिल मिश्रा ने कहा, भाजपा ने कभी यह दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या इसका पानी पीने योग्य है, लेकिन छठ पूजा की जा सकती है। उन्होंने आगे कहा, दिल्ली सरकार ने भव्य छठ पूजा की तैयारी कर ली है। पिछली सरकार ने यमुना घाट पर छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इस बार छठ पूजा यमुना घाट पर ही होगी। कपिल मिश्रा ने पूछा,मैं अरविंद केजरीवाल से पूर्वांचल के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों के बारे में पूछना चाहता हूं। उन्होंने पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस बार पूजा इतनी अच्छी तरह से कैसे हो रही है? इस बीच, क्राउन प्लाजा के पास तैयारियों का जायजा लेते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, मैं यहां घाटों की तैयारी का जायजा लेने आया हूं और कुछ इंतजाम हैं जो हमें अगले कुछ घंटों में जल्दी से करने होंगे। वे सिर्फ़ अरविंद केजरीवाल को ही दोष दे रहे होंगे, क्योंकि पिछले 11 सालों से उनकी ही सरकार थी। यमुना नदी की पिछले साल की स्थिति और इस साल की स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत बड़ा अंतर है।  

रिनिया गांव में हत्या के बाद बवाल, गुस्साए परिजनों ने आरोपी के घर में की तोड़फोड़, कार फूंकी

भिंड भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के ग्राम रिनिया में शनिवार शाम लगभग 7 बजे पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि रणवीर कौरव, अंशु कौरव, प्रहलाद कौरव, राजीव कौरव और कुंवर सिंह कौरव (सभी निवासी रिनिया) ने लाठी-डंडों और सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय अली उर्फ रुद्र जाटव पुत्र रामलाल जाटव निवासी रिनिया और उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित युवक के परिजनों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर बाहर रखी कार में आग लगा दी। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।   घटना के बाद स्वजन दोनों घायलों को निजी वाहन से इलाज के लिए ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अली की मौत हो गई। मामा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज ग्वालियर में जारी है। मामा को घटना का मुख्य चश्मदीद बताया जा रहा है। रविवार सुबह मृतक के परिजन शव को लेकर थाना दबोह पहुंचे, जहां पुलिस ने बीएनएस व एस/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। रविवार सुबह एएसपी संजीव पाठक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। एएसपी पाठक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।  

जुए की महफिल से 6 पटवारी गिरफ्तार, 20 लाख का माल जब्त — अफसरों में मचा हड़कंप!

जांजगीर चांपा शहर के सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार देर रात रमन नगर जांजगीर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए जुआरियों में राजस्व पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सहित छह पटवारी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से नकद 40 हजार रुपये, 52 पत्तियां ताश, छह मोबाइल फोन, दो कार, दो स्कूटी सहित लगभग 20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। कोतवाली थाना प्रभारी मणिकांत पांडेय ने बताया कि जांजगीर के रमन नगर निवासी रवि राठौर के मकान में लंबे समय से जुआ खेलने की शिकायत मिल रही थी। शनिवार की रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी, जहां पर जुआ का फड़ चल रहा था।   मौके से ज्योतिष कुमार सार्वे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, राजस्व पटवारी संघ), हेमचंद तिवारी, रवि राठौर, उमेश कुमार पटेल, गोविंद कांवर, राहुल प्रताप सिंह, देवेश अंबष्ट और पटवारी का निजी कंप्यूटर आपरेटर हरीश सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर पटवारी संघ की साख पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि संगठन का शीर्ष पदाधिकारी ही जुआ खेलते पकड़ा गया है। एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस घटना से राजस्व विभाग में भी भारी नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय ने जताया पीएम मोदी का आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को न्यू शांति नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना. इस दौरान भाजपा के सभी महामंत्री, प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या व्यापारी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गार्बेज कैफे का जिक्र किया. कैसे आधा किलो कचड़ा देकर नाश्ता और एक किलो कचड़ा देकर दिन या रात का खाना खा सकते हैं. इसके साथ उन्होंने कहा कि ये प्रेरक उदाहरण है कि जब ठान लिया जाए तो बदलाव भी किया जा सकता है. ‘मन की बात’ को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के हम आभारी हैं. उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का कई बार जिक्र किया है. आज भी छत्तीसगढ़ का जिक्र किया है. अंबिकापुर नगर निगम स्वच्छता के मामले में अव्वल रहा है, जिसका भी जिक्र प्रधानमंत्री ने किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है. नक्सली जमीन के अंदर बम गाड़ कर रखते हैं, जिसे देशी स्वान आसानी से डिटेक्ट करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में उसका भी जिक्र किया है.

गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  एक ही छत के नीचे 5000 से अधिक लोगों को एक साथ मिलेगा रोजगारः मुख्यमंत्री हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा दिलाना डबल इंजन सरकार का लक्ष्यः योगी आदित्यनाथ कहा – यह केवल अस्पताल नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर की नई परिभाषा है गाजियाबाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्थापित यशोदा मेडिसिटी इसका सशक्त उदाहरण है। यह केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की नई परिभाषा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से न केवल एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के नागरिकों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को अब दिल्ली में महंगे इलाज के लिए भटकने की जरूरत नहीं, क्योंकि गाजियाबाद में ही वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर उपलब्ध हो गया है। इनवेस्टमेंट भी और रोजगार का माध्यम भी उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जब उत्तर प्रदेश में थर्ड ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित हुई थी, उस समय डॉक्टर पीएन अरोड़ा ने इन्वेस्ट यूपी के साथ एमओयू किया था कि गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के नाम से अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण करेंगे। इसमें सभी प्रकार की सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं होंगी और विशेष रूप से कैंसर की अत्याधुनिक सुविधा भी, जिसके लिए पहले लोगों को विदेश जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब यह विश्वास नहीं होता था कि इतनी जल्दी यह संभव होगा, लेकिन डॉक्टर पी.एन. अरोड़ा, डॉक्टर उपासना अरोड़ा और उनकी पूरी टीम ने मात्र तीन वर्षों में इसे साकार कर दिखाया। यह इन्वेस्टमेंट भी है और 5000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम भी। इस अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिक्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य हेल्थकेयर से जुड़े 5000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में यह जो काम हुआ है वह उत्तर प्रदेश के बदलते निवेश माहौल और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की शक्ति को दर्शाता है। प्रदेश में स्थापित हुए 42 नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 11 वर्षों में हेल्थ सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। उत्तर प्रदेश ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में अब तक 42 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि दो एम्स (गोरखपुर और रायबरेली) सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिले और हेल्थकेयर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो। योगी आदित्यनाथ ने भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा कहती है कि“शरीरं माध्यमं खलु धर्मसाधनम्” यानी जीवन के सभी उद्देश्यों की पूर्ति एक स्वस्थ शरीर से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी इसी भावना को मूर्त रूप देती है। यहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो अब तक केवल विकसित देशों में ही मिलती थीं। प्रदेश और एनसीआर के नागरिकों के लिए हेल्थकेयर को मिली नई दिशा मुख्यमंत्री ने डॉक्टर पी.एन. अरोड़ा, डॉक्टर उपासना अरोड़ा और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और एनसीआर के नागरिकों के लिए हेल्थकेयर की नई दिशा तय की है।  उन्होंने कहा कि डॉ. अरोड़ा का व्यवहार, सेवा भावना और प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती है। वे हर जरूरतमंद का इलाज सुनिश्चित करते हैं, चाहे आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी जैसे प्रोजेक्ट न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं, बल्कि रोजगार और विश्वास का नया अध्याय भी लिख रहे हैं। यह अस्पताल उत्तर प्रदेश की उस नई सोच का प्रतीक है, जो स्वास्थ्य, निवेश और सेवा को एक सूत्र में जोड़ती है। राष्ट्रपति जी का जीवन देश के लिए प्रेरणा मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी का मार्गदर्शन हम सबके लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने शून्य से शिखर तक की यात्रा कैसे की जाती है, यह अपने विराट व्यक्तित्व और कृतित्व से देश की 140 करोड़ आबादी, विशेषकर आधी आबादी के सामने प्रेरणा का स्रोत बनकर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ जैसे पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित इस पावन अवसर पर वे राष्ट्रपति जी का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी स्वागत करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश के विकास से संबंधित हर मुद्दे पर सहज भाव से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, यशोदा मेडिसिटी के अध्यक्ष और एमडी डॉ. पीएन अरोड़ा और डॉ उपासना अरोड़ा उपस्थित रहीं।

बालको मेडिकल सेंटर के साइक्लोथॉन में शहरों के साइक्लिस्ट्स ने किया स्वास्थ्य संदेश का प्रचार

रायपुर विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के दौरान बालको मेडिकल सेंटर ने आज रायपुर के मरीन ड्राइव में ‘बीएमसी साइक्लोथॉन–25’ का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और कैंसर के प्रति जागरूकता को एक साथ जोड़कर समाज में “शर्म छोड़ो – गांठों पर बोलो” का संदेश फैलाना है. इस वर्ष की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की थीम “Every story is unique, every journey matters” के साथ आयोजित इस साइक्लोथॉन में रायपुर, भिलाई और राजनांदगांव से बड़ी संख्या में साइक्लिंग ग्रुप्स, पैरा ओलंपिक एसोसिएशन के ट्राय-साइक्लिस्ट्स, AIG ट्रैफिक संजय शर्मा और उनके जुम्बा ग्रुप, साथ ही एनआरएएनवीपी की महिला ऑटो चालिकाओं ने जबरदस्त जोश के साथ हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान बालको मेडिकल सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान और रोकथाम के लिए उपलब्ध वैक्सीन की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समय पर जांच और जागरूकता ही कैंसर से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है. इस अवसर पर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और समाज को फिटनेस और हेल्थ के महत्व का संदेश दिया. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया.

यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया कार्यक्रम को संबोधित

उत्तम स्वास्थ्य पहले गरीब के लिए चिंता का विषय था, आज यह अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा : रक्षा मंत्री 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, आज 800 हो गये हैं, एमबीबीएस सीटें केवल 50 हजार थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं : राजनाथ सिंह दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पहचानी जाएगी यशोदा मेडिसिटी : राजनाथ सिंह गाजियाबाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां आयोजित यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, जो शक्तिशाली और स्वस्थ हो। हमारा हर कदम, हर नीति, हर प्रयास देश के गरीब, वंचित और ग्रामीण जनमानस को समर्पित है। हम मानते हैं कि जब भारत का हर नागरिक स्वस्थ होगा तभी भारत सशक्त होगा। हमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए राष्ट्र के नागरिकों का स्वास्थ्य उत्तम होना बहुत जरूरी है। मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को मिलेगी नई दिशा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी के लिए गौरव की बात है कि इसे दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि हम जब भी किसी सफल इंसान की कहानी पढ़ते हैं, आपको यही देखने को मिलेगा कि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत किसी न किसी बड़ी व्यक्तिगत पीड़ा से निकलती है। यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ पीएन अरोड़ा ने 1986 में अपनी माता को कैंसर की वजह से मृत्युशैया पर देखा, उनकी इसी पीड़ा ने यशोदा मेडिसिटी को जन्म दिया। आज यह अस्पताल समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। सरकार एक संरक्षक के रूप में बुजुर्गों के साथ खड़ी है राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का उत्तरदायित्वपूर्ण निर्वाह किया है। ठीक उसी प्रकार हम भी समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने नया रूप लिया है। पहले जहां यह गरीब के लिए चिंता का कारण होता था, वही आज उसके अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि भारत का कोई गरीब किसी भी बीमारी के कारण अपने जीवन की उम्मीद न खोए। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रूपए के स्वास्थ्य बीमा का कवच प्रदान किया गया है। अब 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया गया है। ताकि जीवन के उस पड़ाव में जब देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तब सरकार एक संरक्षक के रूप में उसके साथ खड़ी रहे। जेनरिक मेडिसिन से गांव-गांव में लोग हो रहे लाभान्वित रक्षा मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जनता को अत्यंत किफायती दर पर जेनरिक मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज गांव गांव में लोग इन केंद्रों से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही हमने एक मजबूत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर विशेष बल दिया है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे वही आज बढ़कर 800 पहुंच चुकी है। 2014 में एमबीबीएस की सीटें केवल 50 हजार हुआ करती थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं। 22 नये एम्स की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसमें से 12 पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, बाकियों का निर्माण पूरी तेजी पर हैं। जब ये सभी संस्थान पूरी तरह से कार्यरत होंगी तो हमारा हेल्थ नेटवर्क और मजबूत होगा। दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी यशोदा मेडिसिटी अंत में उन्होंने यह कहकर अपनी खुशी जाहिर की कि, यशोदा समूह इस क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह संस्था आने वाले समय में न केवल भारत बल्कि दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी। रक्षामंत्री ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यहां आकर यहां के चिकित्सक और कर्मचारियों के मन में नई ऊर्जा का संचार किया है। राजनाथ सिंह ने यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन और एमडी डॉ पीएन अरोड़ा, सीईओ डॉ उपासना अरोड़ा और उनकी टीम को बधाई दी। इससे पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी का किया उद्घाटन

कोविड महामारी में यशोदा मेडिसिटी का बड़ा योगदान, उत्तर भारत में 'स्टेप्स' मॉडल लागू करने वाला पहला अस्पताल : द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति ने यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पीएन अरोड़ा को दी शुभकामनाएं, कहा- यह अस्पताल बनेगा हेल्थकेयर में बदलाव की मिसाल  'अफोर्डेबल वर्ल्ड क्लास हेल्थ सर्विस टू ऑल' के मिशन को पूरा करेगी यशोदा मेडिसिटी : राष्ट्रपति गाजियाबाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम में यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे और जनसेवा की भावना की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि देशवासियों को निष्ठा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों में आकर उन्हें गर्व और खुशी दोनों का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरी निष्ठा के साथ अपनाया है। कोविड महामारी के दौरान इस संस्थान ने बड़ी संख्या में लोगों का उपचार किया और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भी उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने बताया कि 'सिस्टम फॉर टीबी एलिमिनेशन इन प्राइवेट सेक्टर (स्टेप्स)' के तहत उत्तर भारत का पहला केंद्र यशोदा मेडिसिटी को बनाया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान सिकल सेल एनीमिया जैसी जनजातीय क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों पर विशेष रूप से काम कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यशोदा मेडिसिटी इस दिशा में और अधिक योगदान देगी। अस्पताल के चेयरमैन और एमडी डॉ. पी.एन. अरोड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सेल्फ मेड हेल्थकेयर मिशन के तहत एक विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित किया है, जो समाज सेवा और राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को अपनी माता यशोदा जी के नाम पर रखना भारतीय संस्कारों और स्वदेशी भावना का उदाहरण है। राष्ट्रपति मुर्मु ने अस्पताल का दौरा भी किया और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना अत्याधुनिक अस्पताल देखा है, जहां एक ही छत के नीचे सभी परीक्षण और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों का कीमती समय बचता है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और यह तभी संभव है जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। उन्होंने कहा कि इस तरह की मेडिसिटी न केवल इलाज के लिए बल्कि अनुसंधान और नवाचार के लिए भी जरूरी हैं। राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि यशोदा मेडिसिटी आईआईटी बॉम्बे जैसे संस्थानों के साथ मिलकर कैंसर की जीन थैरेपी जैसी स्वदेशी तकनीकों को अपनाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग है और सरकार इस दिशा में निरंतर काम कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि निजी क्षेत्र के अच्छे स्वास्थ्य संस्थान देश के लिए अमूल्य योगदान दे सकते हैं। मेडिकल रिस्पॉन्सिबिलिटी के साथ सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निभाना इन संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए। अंत में उन्होंने यशोदा मेडिसिटी से उम्मीद जताई कि यह 'अफोर्डेबल वर्ल्ड क्लास हेल्थ सर्विस टू ऑल' के मिशन को पूरा करेगी और देश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने डॉ. पी.एन. अरोड़ा और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं कि वे सेवा, गुणवत्ता और नवाचार के साथ देश को गौरवान्वित करते रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा, सीईओ डॉ उपासना अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। विशेष शॉल भेंट कर हुआ अतिथियों का स्वागत यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन समारोह में शामिल सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत संस्थान के चेयरमैन और एमडी डॉ पीएन अरोड़ा ने विशेष शॉल भेंट कर किया। शॉल पर रामायण के दृष्यों को रेशम के धागों से उकेरा गया है और प्रत्येक शॉल को बनाने में कारीगरों को एक वर्ष का समय लगा है। इसके साथ ही अतिथियों को शंख और स्मृति चिह्न देकर उनका अभिवादन किया गया।

कचरे से कर्म की मिसाल: ‘मन की बात’ में PM ने किया अंबिकापुर के गार्बेज कैफे का ज़िक्र

अंबिकापुर स्वच्छता और नवाचार के क्षेत्र में अंबिकापुर ने देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि 'गार्बेज कैफे जैसी पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता और मानवता की एक प्रेरक मिसाल भी है।' उन्होंने कहा, यह एक बेहतरीन उदाहरण है। अगर ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री की इस प्रशंसा के बाद अंबिकापुर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा है।   प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन और नाश्ता साल 2019 में अंबिकापुर नगर निगम ने देश का पहला ‘गार्बेज कैफे’ शुरू किया था। इसका उद्देश्य था शहर से प्लास्टिक कचरा हटाना और जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराना। इस कैफे में कोई भी व्यक्ति पैसे से नहीं, बल्कि प्लास्टिक के कचरे से अपनी भूख मिटा सकता है।   यहां का नियम बेहद दिलचस्प है एक किलो प्लास्टिक कचरे के बदले चावल, दाल, दो सब्ज़ी, रोटी, सलाद और अचार से सजी थाली मिलती है। आधा किलो प्लास्टिक के बदले समोसा, वड़ा पाव या आलू चाप जैसा स्वादिष्ट नाश्ता दिया जाता है।इस व्यवस्था ने गरीबों को भोजन देने के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था को भी नया जीवन दिया है।   स्वच्छता और सम्मान की कहानी अंबिकापुर नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि शहर को स्वच्छ रखने में कचरा बीनने वाले लोग असली योद्धा हैं। गार्बेज कैफे उनके लिए न केवल भोजन का माध्यम बना, बल्कि उनके काम को सम्मान भी दिलाया।यह पहल यह संदेश देती है कि समाज जिन लोगों को अक्सर अनदेखा कर देता है, वही पर्यावरण संरक्षण की रीढ़ हैं। कैफे से जमा हुआ प्लास्टिक बाद में रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है और उसका उपयोग प्लास्टिक सामग्रियों के निर्माण में किया जाता है। सड़क निर्माण में भी इसकी उपयोगिता सुनिश्चित की गई है। देशभर में गूंजा अंबिकापुर का मॉडल अंबिकापुर की इस पहल ने देशभर के नगर निगमों को प्रेरित किया है। उत्तर और दक्षिण के राज्यों के कई नगर निगमों ने प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए अलग-अलग नाम से गार्बेज कैफे की शुरुआत की जहां नाश्ता,चाय-काफी उपलब्ध कराया जाता है। निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि हर शहर में ऐसे कैफे खोले जाएं, तो यह दोहरी समस्या का समाधान बन सकता है। एक ओर गरीबों को भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर शहर प्लास्टिक मुक्त होंगे। इससे रिसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।