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भदोही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ

एक देश टैरिफ लगाएगा तो हम 10 नए देशों में रास्ते खोलेंगे : यूएस टैरिफ पर बोले सीएम योगी  भदोही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ  मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग से जुड़े उद्यमियों से कहा- यूएस टैरिफ से घबराने की जरूरत नहीं, चुनौतियां अवसर लेकर आती हैं यूएई, यूके और अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से खुलेंगे नये बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री   भदोही, मीरजापुर और वाराणसी को जोड़कर बनाया जाएगा विशेष कार्पेट डेवलपमेंट रीजन मुख्यमंत्री ने कहा : भदोही को छोटा मत समझिए, यह प्रदेश की आर्थिक ताकत है  88 देशों में पहुंच रही हैं भदोही की कालीनें : सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने कालीन उद्यमियों और बायर्स से किया संवाद  कार्पेट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया : मुख्यमंत्री  कालीन उद्योग 17 हजार करोड़ का निर्यात और 30 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है  दीपावली पर सभी जिलों के स्वदेशी मेलों में अपना जलवा बिखेर रही है भदोही की कालीनें   भदोही  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भदोही में 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से आए कालीन उद्यमियों और निर्यातकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार हर स्थिति में उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह हमारे लिए नए अवसरों के द्वार खोलने का समय है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “जब भी चुनौतियां आती हैं, वे अपने साथ अवसर भी लाती हैं। अमेरिका ने टैरिफ लगाया है, लेकिन यह केवल एक देश का निर्णय है। हम यूएई, यूके और अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में ये समझौते हमारे उद्योगों के लिए नए बाजार खोलेंगे।” उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर हाई लेवल कमेटी का गठन किया है जो टैरिफ से उत्पन्न स्थिति पर लगातार काम कर रही है। ग्लोबल मार्केट में बढ़ी है भदोही के कालीन की मांग मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 वर्ष पहले कार्पेट उद्योग बंदी के कगार पर था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भदोही, मीरजापुर और वाराणसी के कार्पेट क्लस्टर को नई ऊर्जा मिली। भदोही को केंद्र बनाकर कार्पेट एक्सपो मार्ट की स्थापना की गई। जब पहला एक्सपो हुआ था, तब विदेशी खरीदारों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन आज 88 देशों से तीन से चार सौ फॉरेन बायर्स यहां आ रहे हैं। यह बताता है कि ग्लोबल मार्केट में आपके कालीनों की मांग कितनी बढ़ी है। योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा कि यूपी सरकार ने कार्पेट सेक्टर सहित एमएसएमई और ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट) योजना के तहत प्रत्येक जिले में विशिष्ट उद्योगों को प्रोत्साहित किया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, फिरोजाबाद के ग्लास और वाराणसी के सिल्क को नई पहचान मिली है। 2017 में जब हमने ओडीओपी योजना शुरू की थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यूपी दो लाख करोड़ से अधिक का निर्यात करेगा, यह अब वास्तविकता बन चुकी है। कार्पेट उद्योग महिला स्वावलंबन का यह सबसे बड़ा माध्यम मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्पेट उद्योग केवल व्यापार नहीं है, यह हमारे कारीगरों और हस्तशिल्पियों की जीवंत परंपरा है। आज यह उद्योग 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार देता है और हर साल करीब 17 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है। महिला स्वावलंबन का यह सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। सरकार का प्रयास है कि इस उद्योग को और अधिक महिलाओं से जोड़ा जाए ताकि वे घर पर रहकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भदोही को छोटा मत समझिए, यह प्रदेश और देश की आर्थिक ताकत का प्रतीक है। 2014 से पहले यह उद्योग लगभग मृतप्राय हो चुका था, लेकिन आज यह यूपी की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भदोही की कालीनों के विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। कार्पेट उद्यमियों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद रवि पाटेरिया ने कहा कि “कालीन उद्योग हाथों का जादू है। हमने विश्व का सबसे बड़ा कालीन बनाकर कजाकिस्तान भेजा है। इस कला को विशेष दर्जा मिलना चाहिए।” इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार समिति के गठन पर सरकार विचार कर रही है, ताकि उद्यमियों के सुझावों को नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जा सके। हाजी हमीद ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “आपकी प्रतिबद्धता ने कालीन उद्योग को नया जीवन दिया है। भदोही और प्रदेश दोनों को इस उद्योग के माध्यम से वन ट्रिलियन इकॉनमी में सहभागी बनाया जा सकता है।” अनिल सिंह ने मीरजापुर-विंध्य कॉरिडोर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आसपास के क्षेत्रों को भी एनसीआर की तरह विकसित किया जाए, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “भदोही, वाराणसी और मीरजापुर को जोड़कर विकास क्षेत्र के रूप में तैयार करने की दिशा में कार्य चल रहा है।” आदर्श पूर्णिमा, जो चार दशकों से इस उद्योग से जुड़ी हैं, ने कहा कि “आध्यात्म और राजनीति का संगम हो तो सफलता निश्चित है।” वहीं निर्यातक आलोक बरनवाल ने बुनकरों की कमी और श्रमिकों के पलायन की समस्या उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “हम उद्योग को महिलाओं और स्थानीय श्रमिकों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहे हैं।“ मुख्यमंंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल उद्योग को बचाना नहीं, बल्कि इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है। जब एक देश टैरिफ लगाएगा तो हम 10 नए देशों के लिए अपने रास्ते खोलेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत की भावना है। चुनौतियों से घबराना नहीं है, बल्कि उन्हें अवसर में बदलना है। सरकार आपके साथ है, आपका भविष्य उज्ज्वल है। इस अवसर पर सांसद डॉ विनोद बिंद, विधायकगण दीनानाथ भास्कर, विपुल दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विकास आयुक्त हस्तशिल्प भारत सरकार अमृत राज, सीपीसी के चेयरमैन कुलदीप, पद्मश्री डॉ रजनीकांत, भदोही कार्पेट उद्योग से जुड़े पदाधिकारीगण, स्टेक होल्डर्स सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को किया सम्मानित, प्रदान किया ऋण मुख्यमंत्री … Read more

दूसरी शादी पर झारखंड HC का फैसला, मुस्लिम शख्स को लगा बड़ा झटका

रांची झारखंड हाई कोर्ट ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले धनबाद के पौथॉलाजिस्ट मोहम्मद अकील आलम को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 तक तहत शादी कर लिया है तो उसपर यही कानून लगेगा, ना कि उसका निजी या धार्मिक कानून। कोर्ट में आलम ने यह कहते हुए अपनी दूसरी शादी को वैध ठहराने की कोशिश की थी कि इस्लाम में चार शादियां वैध हैं, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया। क्या है मामला मामला झारखंड के धनबाद का है। यहां एक एक पैथॉलॉजिस्ट अकील आलम ने 4 अगस्त, 2015 को स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के कुछ महीने के बाद ही उनकी पत्नी 10 अक्टूबर, 2015 को घर छोड़कर अपने मायके देवघर चली गई। आलाम ने कोर्ट में पत्नी पर आरोप लगाया कि वो बिना कारण उन्हें छोड़कर चली गईं और बार-बार बुलाने पर भी नहीं लौटी। इसके बाद अकील ने देवघर फैमिली कोर्ट में वैवाहिक अधिकारों की बहाली की याचिका दाखिल की थी। लेकिन इस मामले पर पत्नी ने कोर्ट में बताया कि अकील आलम पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली पत्नी से दो बेटियां है। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति अकील आलम ने उसके पिता पर जयदाद नाम कराने के लिए कहा और जब ऐसा नहीं हुआ तो उसके साथ मारपीट की गई। फैमिली कोर्ट का फैसला फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान अकील आलम ने खुद माना था कि शादी के वक्त उनकी पहली पत्नी जीवित थीं। कोर्ट ने इस दौरान पाया कि अकील आलम ने शादी के समय रजिस्ट्रेशन में यह बात छिपाई थी। इसके अलावा अकील ने कहा था कि उनकी दूसरी शादी अवैध है, ताकि उसे मेंटेनेंस ना देना पड़े। अब अकील अपनी शादी को वैध बताकर पत्नी को वापस बुलाने की मांग कर रहा है। क्या बोला हाई कोर्ट फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अकील ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया। झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस राजेश कुमार की बेंच ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट की धारा 4 (ए) साफ कहती है कि शादी के समय किसी भी पक्ष की पहले से कोई जीवित पत्नी या पति नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यह एक्ट नॉन ऑब्स्टांटे क्लॉज के साथ शुरू होता है, यानी स्पेशल मैरिज एक्ट का प्रावधान किसी भी अन्य कानून पर ज्यादा प्रभाव रखता है, फिर चाहे वो धार्मिक ही क्यों ना हो।

राम की पैड़ी पर दर्शक दीर्घा बनी आकर्षण, एक साथ बैठ सकेंगे 20 हजार श्रद्धालु

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव में झलकेगा विकास का उजियारा, योगी सरकार की योजनाओं से निखरेगी अयोध्या  राम की पैड़ी पर दर्शक दीर्घा बनी आकर्षण, एक साथ बैठ सकेंगे 20 हजार श्रद्धालु एम्फीथिएटर, छतरियां और दीपकों से सजेगी रामनगरी, बढ़ेगा सांस्कृतिक वैभव  सरयू घाटों का भव्य सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए बनेगा नया आकर्षण केंद्र  डीएम बोले अयोध्या पहुंची विकास की नई ऊंचाइयों पर, बन रही विश्व की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या  रामनगरी अयोध्या केवल आस्था की धरती नहीं, बल्कि अब यह विकास और विरासत का संगम बन चुकी है। इस बार के नौवें दीपोत्सव में योगी सरकार की विकास दृष्टि भी दीपों की तरह चमकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को वैश्विक तीर्थ और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अनेक भव्य परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया है। इनमें राम की पैड़ी का भव्य सौंदर्यीकरण, सरयू घाटों का पुनरुद्धार और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इन योजनाओं ने न केवल अयोध्या की प्राचीनता को जीवित रखा है, बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा है। राम की पैड़ी पर बैठेगा श्रद्धा और सौंदर्य का संगम दीपोत्सव जैसे विश्व प्रसिद्ध आयोजन में दर्शकों के लिए अब राम की पैड़ी पर बैठना पहले से कहीं अधिक आरामदायक और आकर्षक होगा। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2324.55 लाख रुपये की लागत से यहां लगभग 350 मीटर लंबी सीढ़ियों और दर्शक दीर्घा का निर्माण कराया है, जिसमें 18,000 से 20,000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। यहां बनाया गया सेल्फी पॉइंट, जिसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की पत्थर की भव्य मूर्तियां हैं, श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्री वॉल और अन्य पर्यटन सुविधाओं ने इसे विश्वस्तरीय रूप प्रदान किया है। राम की पैड़ी का भव्यीकरण, आठ एम्फीथिएटर और पत्थर की छतरियाँ बनेंगी आकर्षण वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 2367.61 लाख रुपये की नई परियोजना से राम की पैड़ी और भी भव्य स्वरूप में नजर आएगी। यहां आठ छोटे एम्फीथिएटर बनाए जा रहे हैं, जो दर्शकों को बैठने की सुविधा देंगे। साथ ही छह पत्थर की छतरियाँ, आठ भव्य दीपक और सात मीटर ऊंचे पत्थर के स्तंभ इस घाट की शोभा बढ़ाएंगे। प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के साथ यह स्थान अब आधुनिकता और परंपरा का अद्भुत संगम बन जाएगा, जो विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। सरयू घाटों का नवनिर्माण भक्तिभाव और पर्यटन दोनों का केंद्र अयोध्या की जीवनरेखा कही जाने वाली सरयू नदी के तट को भी नया रूप दिया जा रहा है। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबाई में फैले घाटों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर 2346.11 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना में 32 पत्थर की छतरियाँ, 11 विशाल स्तंभ, चार पूजा स्थल, दो गौ-पूजा स्थल, 15 दिशा सूचक, 60 इंटरप्रिटेशन वॉल और एक वीआईपी पवेलियन बनाए जा रहे हैं। आधुनिक रोशनी और स्वच्छ घाट व्यवस्था के साथ यह क्षेत्र अब आध्यात्मिक पर्यटन का नया गंतव्य बनेगा। सरयू आरती का दृश्य अब और भी मनमोहक और भव्य होगा। यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने कहा योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या में जो विकास कार्य हो रहे हैं, वे केवल निर्माण नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। राम की पैड़ी और सरयू घाटों के सौंदर्यीकरण से न सिर्फ धार्मिक पर्यावरण समृद्ध हुआ है, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा मिली है। हमारा प्रयास है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक यहां आने पर अयोध्या की भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर सकें। अयोध्या बनी विश्व की आध्यात्मिक राजधानी : डीएम निखिल टीकाराम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि सभी निर्माण कार्य यूपीपीसीएल के माध्यम से कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा इन परियोजनाओं ने अयोध्या को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। राम की पैड़ी और सरयू घाटों का सौंदर्यीकरण न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण है, बल्कि यह श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुखद वातावरण भी देता है। इन विकास कार्यों से न सिर्फ अयोध्या की पहचान विश्व में सशक्त हुई है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति मिली है।

हादसे में तबाह ट्रक, उजड़े घर: सासाराम में टक्कर के बाद झारखंड चालक की मौत, दूसरा गंभीर

पटना बिहार के सासाराम में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में झारखंड के एक ट्रक ड्राईवर की जान चली गई जबकि उत्तर प्रदेश के ट्रक चालक की हालत नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना अहले सुबह सासाराम चौसा पथ पर अमवलिया चर्च के समीप की है। मृतक शख्स की पहचान झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी टुनटुन उर्फ धनेश्वर कुमार के रुप में हुई है जबकि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला का निवासी अर्जुन यादव घायल हो गया। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अर्जुन यादव प्लाईवुड लोड कर सासाराम जा रहे थे। वहीं धनेश्वर कुमार टाटा कंपनी का सरिया लोड कर बक्सर जा रहे थे। इस दौरान सासाराम चौसा पथ पर अमवलिया चर्च के पास दोनों गाड़ियों में आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि ट्रक गहरे पानी में पलट गया और झारखंड के ड्राईवर धनेश्वर कुमार की मौके पर मौत हो गई और यूपी चालक अर्जुन यादव घायल हो गया और उसका अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया है।  

नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर हादसे पर शोक जताया, मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना की प्रकट

मुजफ्फरपुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि यह दुर्घटना काफी दु:खद है। उन्होंने इस दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

सीटों का गणित तय: लालू-गांधी बातचीत से खत्म हुआ गतिरोध

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक, कल देर रात तक चली बैठक में सीटों की संख्या पर लगभग अंतिम निर्णय लिया गया. हालांकि, कुछ सीटों को लेकर अब भी घटक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं. राजद अध्यक्ष लालू यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच फोन पर बातचीत भी हुई है और सीटों पर फंसा पेच खत्म हो गया है. माना जा रहा है कि जल्द ही सीटों का ऐलान हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में आरजेडी को 135, कांग्रेस को 55, वीआईपी को 18, भाकपा माले को 20, सीपीआई को 6, सीपीएम को 4, जेएमएम को 2, आरएलजेपी को 2 और आईपी गुप्ता को 1 सीट दिए जाने की संभावना है. कुछ सीटों पर घटक दलों के बीच कैंडिडेट एडजेस्टमेंट का भी फॉर्मूला अपनाया जाएगा. हालांकि, माना जा रहा है कि 12 सीटों पर पेच अब भी फंसा है. विवादित सीटों में वीआईपी का दावा आरजेडी की शेखपुरा, सिमरी बख्तियारपुर, भभुआ, बड़हरा, महिषी और गौराबराम सीटों पर है. कांग्रेस ने आरजेडी की बायसी, बहादुरगंज और सहरसा सीट मांगी हैं, जबकि आरजेडी ने भाकपा माले की घोसी और पालीगंज सीट पर दावा किया है. सीपीआई ने आरजेडी की हरलाखी सीट पर दावेदारी जताई है. जेएमएम को कटोरिया और मनिहारी सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है. पशुपति पारस की तरफ से नहीं बन पाई सहमति आरएलजेपी नेता पशुपति पारस कुशेश्वरस्थान या वैशाली में एक सीट चाहते हैं, जिसमें सूरजभान सिंह को एडजस्ट करने की शर्त रखी गई है. सूत्रों के मुताबिक, इन विवादित सीटों पर आज सहमति बनने के बाद महागठबंधन 12 या 13 अक्टूबर को सीट शेयरिंग का औपचारिक ऐलान कर सकता है. इस बीच, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी शनिवार को तेजस्वी यादव के एक पोलो रोड स्थित आवास पर पहुंचे और लंबी बैठक हुई. एनडीए में सीट शेयरिंग पर मंथन जारी उधर, एनडीए में भी सीट बंटवारे पर मंथन जारी है. दिल्ली में आज एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठक हो रही है. बीजेपी के प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावडे, सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, ऋतुराज सिन्हा और मंगल पांडे दिल्ली पहुंच चुके हैं. जेडीयू नेता ललन सिंह और संजय झा भी आज दिल्ली जाएंगे. सूत्रों के अनुसार, एनडीए में एलजेपी (रामविलास) को गोविंदगंज सीट देने पर सहमति बन गई है, लेकिन ब्रह्मपुर सीट पर बीजेपी अब भी तैयार नहीं है. उपेंद्र कुशवाहा बाजपट्टी और शेखपुरा सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं, जबकि जीतन राम मांझी 7 सीटों से कम मिलने पर नाराज बताए जा रहे हैं और आज बीजेपी नेताओं से मुलाकात करेंगे.

पोलियो अभियान: उप मुख्यमंत्री शुक्ल की समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "पोलियो मुक्त भारत" हमारी सामूहिक जागरूकता और जनसहभागिता का परिणाम है। इसे बनाए रखने के लिये निरंतर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ सीमावर्ती राष्ट्रों में अभी भी पोलियो के प्रकरण पाए जा रहे हैं, ऐसे में हमारी सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा है। इसी उद्देश्य से 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश के 18 जिलों अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खंडवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच — में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का अतिरिक्त चरण संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान 18 जिलों में 39.19 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये 64 हजार वैक्सीनेटर्स कार्यरत रहेंगे। प्रथम दिवस यानि पोलियो रविवार को 24 हजार पोलियो बूथ बनाये गये हैं और 7 हजार टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने का कार्य प्रारंभ करेंगी। दूसरे और तीसरे दिन कुल 31 हजार टीमें घरों का भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। प्रदेश के मेला स्थलों, बाजारों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1400 ट्रांजिट बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित करने के लिये कि "एक भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे", उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे — ईंट भट्टे, क्रेशर स्थल, निर्माणाधीन क्षेत्र, घुमक्कड़ एवं झुग्गी बस्तियाँ, स्लम, पैरी-अर्बन और दुर्गम वनग्राम में 500 मोबाइल टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। 

सिमगा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सिटी सर्विलांस का शुभारंभ

रायपुर : अपराध नियंत्रण में नई तकनीक एक सशक्त कदम सिमगा में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया सिटी सर्विलांस का शुभारंभ अत्याधुनिक 40 सीसीटीवी कैमरों से शहर की हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शुक्रवार को बलौदाबाज़ार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने थाना परिसर में स्थापित सीसीटीवी सिटी सर्विलांस कक्ष का अवलोकन कर नगर की निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कलेक्टर  दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता, जनपद अध्यक्ष  दौलत राम पाल, जनपद सदस्य  चंद्रप्रकाश टोंड्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर रही है। सिमगा नगर में सिटी सर्विलांस की शुरुआत इस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिमगा नगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जहां कई औद्योगिक इकाइयाँ संचालित हैं और विभिन्न प्रांतों से लोग आते-जाते रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना के तुरंत बाद उसकी पहचान और अपराधियों की तलाश अब सीसीटीवी नेटवर्क से सहज और तेज़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में 40 उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन-रात समान रूप से कार्य करने में सक्षम हैं और वाहन के नंबर प्लेट तक को स्पष्ट रूप से कैद कर सकते हैं। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सिटी सर्विलांस व्यवस्था शहर की “तीसरी आँख” साबित होगी। अब किसी भी घटना पर तुरंत निगरानी रखी जा सकेगी और अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को ठोस सबूत मिल सकेंगे। कार्यक्रम में कलेक्टर  दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक मती भावना गुप्ता ने भी इस पहल को शहर की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र से न केवल अपराधों में कमी आएगी बल्कि लोगों में भी सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  हेमसागर सिदार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पंचायत अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सिटी सर्विलांस की यह पहल सिमगा को तकनीकी रूप से सशक्त और सुरक्षित नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

फिर दहला राजस्थान: युवक पर भीड़ का हमला, अस्पताल में तोड़ा दम

अलवर राजस्थान में एक बार फिर से मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है. अलवर में बख्तल चौकी के पास कार से आ रहे युवक पर एक समुदाय विशेष के 10 से 15 लोगों ने गुरुवार की रात लाठी व डंडो से हमला कर दिया. परिजनों ने गंभीर हालत में युवक को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. शुक्रवार रात अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई. इस मौत के बाद परिजनों व हिन्दू संगठनों ने अस्पताल में हंगामा किया. पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या मॉब लिंचिंग की धाराएं जोड़ती है? वहीं दूसरी ओर युवक के साथ मारपीट करते हुए वीडियो सामने आया है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फरसे और रॉड से किया हमला  मृतक के परिजनों ने बताया कि अलवर देसूला निवासी चिन्टू मल्होत्रा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे. जैसे ही वो लोग बख्तल चौकी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास पहुंचे. इस दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे समुदाय विशेष के 10 से 15 लोगों ने अचानक उनकी गाड़ी को घेरकर लाठी, फरसी, लोहे की रॉड और देसी कट्टे से हमला कर दिया. हमले में गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से जमकर हमला किया. इस दौरान चिन्टू का भाई करण, अमित और अंगद भी मौके पर पहुंच गए. जिन्होंने बीच बचाव की कोशिश की तो आरोपियों ने करण के सिर पर फरसी और रॉड से वार कर दिया. जिससे करण घायल हो गया. जिसके बाद करण को तुरंत अलवर के सानिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी हालात गम्भीर थी. शुक्रवार रात को इलाज के दौरान करण की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि हमला करने वाले मेव समुदाय के लोग थे. जो घटना के दौरान अल्लाह हू अकबर और सर तन से जुदा जैसे नारे लगा रहे थे. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है. वीडियो में लोग हाथ में डंडे लेकर भागते नजर आए. पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले अली, शारूप, मुनफेद, दीनू, साहिल उर्फ सांडा, पाले, अजरू, इरफान, आसू, युसूफ, इकबाल, साहिल सहित अन्य 10-15 लोग थे. सभी बख्तल के पास और कमला कॉलोनी देसूला के रहने वाले हैं. परिजनों का आरोप है कि करण की मौत पहले ही हो गई थी. लेकिन डॉक्टर ने जानबूझकर छुपाया. आरोप यह भी है कि हमलावरों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया. इसकी सूचना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेता भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने भी कार्रवाई की मांग की. अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर तैयब खान ने बताया कि मरीज को रात में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत ज्यादा सीरियस थी.सिर में गंभीर चोट आई थी. गुरुवार रात को ऑपरेशन किया गया. उसके बाद उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की सूचना सुनने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने भी किया विरोध प्रदर्शन परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत पहले हो गई थी. लेकिन डॉक्टरों ने जानबूझकर इसकी सूचना लेट दी. इधर सूचना पर अलवर डीएसपी अंगद शर्मा, एनईबी पुलिस थाना प्रभारी दिनेश कुमार एवं एमआईए सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह गुर्जर अस्पताल पहुंचे. जहां डीएसपी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन परिजन मांग करने लगे कि हम डेड बॉडी को सुबह लेकर जाएंगे. वहीं अस्पताल प्रशासन ने कानूनन डेड बॉडी रखने से इनकार कर दिया. हालांकि परिजनों को काफी देर समझाने के बाद मृतक युवक की डेड बॉडी को राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के मोर्चरी में शिफ्ट किया गया. जहां शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी. परिजनों ने बताया कि मृतक युवक दो भाई हैं. मां की मृत्यु कुछ दिन पहले हो गई थी और पिता एक बीमारी से ग्रसित हैं. जिनका लगातार इलाज चल रहा है. अब घर में कमाने वाला कोई नहीं है. फिलहाल गांव में सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है. घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव के हालात हैं. पुलिस ने कहा कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. इस घटना के विरोध में हिंदू संगठन भी सड़क पर आ गए हैं. 

रायपुर में अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव का आगाज़, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव का किया शुभारंभ एचएनएलयू में कोलोसस और आईएमयूएनसी का आयोजन, देशभर के 65 विश्वविद्यालयों के 500 युवा कर रहे हिस्सेदारी विभिन्न खेलों, साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन मंथन, कूटनीति और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदारी के लिए प्रेरित करने अंतरराष्ट्रीय मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का भी आयोजन रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) में अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव एचएनएलयू कोलोसस और आईएमयूएनसी-2025 (HNLU Colossus and IMUNC-2025) का शुभारंभ किया। 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के 65 विधि विश्वविद्यालयों के 500 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। विधि की पढ़ाई कर रहे देश के अनेक शहरों से नवा रायपुर में जुटे युवा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं तथा साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी करेंगे। वे मंथन, कूटनीति और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदारी के लिए विधि के छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने आयोजित अंतरराष्ट्रीय मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (International Model United Nations Conference) में भी हिस्सेदारी करेंगे।  साव ने मशाल जलाकर कोलोसस और आईएमयूएनसी का उद्घाटन करने के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया।  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शुभारंभ समारोह में देशभर के विधि छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान राम का ननिहाल है। यहां की धरती बहुत खूबसूरत और ऐतिहासिक है। सभी कालों में छत्तीसगढ़ का उल्लेख मिलता है। यहां की उर्वरा, वन और खनिज संपदा से भरी धरती में कोयला से लेकर हीरा तक विद्यमान हैं। यहां के जंगल बहुत सुंदर और विविधताओं से भरे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोग बड़े सपने लेकर विधि की पढ़ाई कर रहे हैं। हमारे शरीर और मन की क्षमताएं असीम हैं। आज शिखर पर पहुंचे लोग भी कभी आपके और हमारे जैसे साधारण लोग थे।   साव ने कहा कि हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। कुछ ही वर्षों में देश में अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित की है। उन्होंने विद्यार्थियों के सामने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मिसाल रखते हुए कहा कि जीवन में असफलताओं से घबराना नहीं है। ऊर्जा, आत्मविश्वास, मेहनत और समर्पण से लक्ष्य की ओर बढ़ना है। आपके सामने सफलता का खुला आकाश है। आप दुनिया की हर ऊंचाई हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिनों का यह एचएलएनयू कोलोसस आप लोगों की क्षमता बढ़ाने, सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अच्छा अवसर है। इसका भरपूर लाभ उठाएं। आप लोग सफलता के सर्वोच्च पायदान पर पहुंचे, ऐसी मैं कामना करता हूं। उद्घाटन समारोह के विशेष अतिथि एन.एच. गोयल वर्ल्ड स्कूल, रायपुर में परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष चक्रवर्ती ने युवाओं से कहा कि आप लोग लोक संगीत को संरक्षित करने का काम करें। हमें अपनी मिट्टी की खूशबू को भूलना नहीं है। उन्होंने कहा कि आप लोग लगन, नियमित अभ्यास और परिश्रम से अपनी विधाओं में विशेषज्ञता हासिल करें। अपनी विधा के साथ ही सभी विधाओं का सम्मान करें। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में भागीदारी के लिए नवा रायपुर पहुंचे देशभर के विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन ने कहा कि एचएनएलयू कोलोसस पिछले कुछ वर्षों से देश का प्रतिष्ठित आयोजन बन गया है। अगले तीन तीनों में यहां संस्कृति, साहित्य और खेलों का वृहद संगम देखने को मिलेगा। इस आयोजन ने हमारे पूरे परिसर को बेहद जीवंत और गौरवशाली बना दिया है। रजिस्ट्रार डॉ. दीपक कुमार वास्तव, फैकल्टी कन्वीनर डॉ. अंकित सिंह और छात्र कल्याण के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश सामल ने भी शुभारंभ समारोह को संबोधित किया। एचएलएनयू के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं के साथ ही कोलोसस में भाग लेने आए अलग-अलग राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में इस दौरान मौजूद थे। विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से कानून के छात्र बिखेरेंगे अपने हुनर का जादू देश के विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में कानून की पढ़ाई कर रहे युवा विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। एचएनएलयू के इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन में विद्यार्थी अपनी कला तथा बौद्धिक व खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वे इस दौरान क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपनी चमक बिखेरेंगे। एकल व समूह गायन, नृत्य प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक और मंचीय नाटक जैसे विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में वे अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाएंगे। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को वाद-विवाद और ओपन माइक सत्रों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति, वक्तृत्व कला तथा काव्यात्मक प्रतिभा के प्रदर्शन का भी मौका मिलेगा।