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महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर श्रद्धालु नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है। वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूजनीय स्थान अर्जित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभ्यता, धर्म एवं आध्यात्म का अद्वितीय समन्वय भारत के अतिरिक्त और कहीं नहीं मिलता। यही कारण है कि 'विश्व गुरु' की उपाधि से सम्मानित भारत, सनातन धर्म की महानता का दिव्य प्रतीक है। महर्षि वाल्मीकि महिमामयी भारतीय सनातन परंपरा के प्रणेता, प्रहरी, प्रचारक ऋषि भारतीय संस्कृति के गौरव हैं। महर्षि वाल्मीकि के जीवन में परिवर्तन की शुरुआत तब हुई, जब उनकी भेंट महान ऋषि नारद से हुई। नारद जी ने उन्हें 'राम' नाम का जप करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि के महान कार्यों में से एक है। इसमें उन्होंने भगवान राम के जीवन से जुड़े आदर्शों को विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया है। उनके रचित 23 हजार से अधिक श्लोकों से युक्त रामायण, भारतीय संस्कृति और आत्म संयम की शिक्षा प्रदान करता है। महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि माता सीता को अपने आश्रम में शरण दी और उनके पुत्रों लव-कुश को ज्ञान प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने बोध कराया कि जीवन को समझने की सबसे सुंदर यात्रा है रामायण का श्रवण करना। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से यह दिखाया कि सच्चा धर्म सबको साथ लेकर चलता है क्योंकि इसमें करुणा, न्याय और समर्पण शामिल होता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन के माध्यम से मानव समाज को मर्यादा, परिवार, समाज और कर्तव्य के महत्व का बोध कराया। महर्षि वाल्मीकि ने यह संदेश दिया कि यदि मनुष्य सच्चे मन से प्रयत्न करे, तो अंधकार से भी प्रकाश की राह बनाई जा सकती है। यही कारण है कि उन्हें आदिकवि कहा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का दर्शन बहुत सरल है — किसी के साथ अन्याय मत करो, और यदि किसी के जीवन में प्रकाश लाने का अवसर मिले तो पीछे मत हटो। यही भाव एक बेहतर समाज की नींव है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को यह सिखाया कि सम्मान किसी जाति या स्थिति से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से मिलता है। यह शिक्षा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने यह सिखाया कि हर व्यक्ति के भीतर अच्छाई का दीप जल सकता है। यही कारण है कि उनका जीवन हर युग में मार्गदर्शक बना रहेगा। वाल्मीकि जी के आदर्शों से प्रेरित होकर हमें भी यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में किसी के साथ भेदभाव न होने दें। हर घर में शिक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का दीप जले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारे लिए केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, वे उस चेतना के प्रतीक हैं जो हर मनुष्य के भीतर मौजूद है। जब तक हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारते रहेंगे, समाज आगे बढ़ता रहेगा और मानवता की यह ज्योति जलती रहेगी।  

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के काम-काज की समीक्षा वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश तेंदूपत्ता मजदूरी का बकाया भुगतान दीपावली के पूर्व करें: श्री केदार कश्यप अगले वर्ष में 12 लाख पुरुष तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में देखने, घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए कई आकर्षक केंद्र हैं। इन केन्द्रों तक आसान पहुंच मार्ग और कुछ बुनियादी सुविधाएं विकसित किए जाएं, तो और बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी बढ़ेगी। श्री कश्यप आज बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर वन वृत्त के वरिष्ठ वन अधिकारियों की बैठक लेकर वन विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक, लघु वनोपज सहकारी संघ अनिल साहू, पीसीसीएफ वन्य प्राणी अरुण पाण्डेय सहित अरण्य भवन के एपीसीसीएफ, सीसीएफ और वृत्त के सभी वन मंडल के डीएफओ उपस्थित थे। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बैठक में विभागीय योजनाओं की वनमंडल वार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक के बचे हुए भुगतान को दीपावली के पहले करने के निर्देश दिए। बैंक खाता की तकनीकी दिक्कतों का निदान कर तत्काल हितग्राही के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अगले वर्ष में लगभग 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा। इसके लिए उनके पैर का नाप जोख कर जल्दी भिजवाएं ताकि खरीदी की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से शुरू की जा सके। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने बंद पड़ी चरणपादुका योजना को फिर से शुरू की है।  इस साल लगभग 12 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अचानकमार अभ्यारण में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि पर खुशी जाहिर की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शावक मिलाकर बाघों की संख्या पिछले दो-तीन साल में 5 से बढ़कर 18 हो गई है। श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है। नजदीक में हवाई, रेल सहित सभी तरह की आवागमन की सुविधा यहां तक पहुंचाने के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने अचानकमार से लगे क्षेत्रों में बड़े सेलिब्रिटी बुलाकर कार्यक्रम आयोजित प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की तखतपुर के कोपरा जलाशय को रामसर साइट बनाने के कार्य में तेजी लाया जाए। इसी तरह संभाग के वन क्षेत्रों में औरापानी, खुड़िया, कोटमी सोनार मगरमच्छ पार्क, गोमडॉ अभयारण्य, रामझरना रायगढ़, सत रेंगा कोरबा, बुका पिकनिक स्पॉट कटघोरा आदि अनेक दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें विकसित कर लोगों के लिए और आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने हाथी मानव द्वंद्व पर कहा की हमें हाथी के साथ रहने की आदत डालना होगा। उन्हें उनके रहवास से दूर अन्यत्र भागना नहीं है। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह जनहानि या अन्य किसी तरह की हानि न कर पाए इसके लिए हमें स्वयं ही सचेत रहना पड़ेगा ताकि वे नुकसान ना कर सकें। कटघोरा वन मंडल में हाथी जागरूकता के लिए एआई आधारित ऐप की उपयोगिता की उन्होंने प्रशंसा की। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की मैदानी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रहते हैं। वन विभाग की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उन्हें कैसे मिले इसे हमें देखना चाहिए। उन्होंने वन पट्टा के नामांतरण एवं बटवारा की प्रगति की भी समीक्षा की। संभाग के अंतर्गत इस तरह के 366 आवेदन मिले हैं जिसमें से केवल 84 का निराकरण किया गया है। उन्होंने लंबित सभी 280 प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कोरबा वन मंडल में ज्यादा संख्या में नामांतरण के प्रकरण लंबित बताए गए। उन्होंने बैठक में ई कुबेर ऐप, किसान वृक्षमित्र योजना, वन भूमि में अतिक्रमण, एक पेड़ मां के नाम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रपति ने एनएसएस स्वयंसेवकों आयुषी सिन्हा और सौमित दुबे को किया सम्मानित, उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने जताई खुशी

भोपाल  राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की स्वयंसेवक सु आयुषी सिन्हा एवं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र  सौमित दुबे को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना भारत की अस्मिता एवं सामर्थ्य को प्रभावी रूप से विश्वमंच पर परिलक्षित करने का आन्दोलन है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य संवेदनशील एवं समाजसेवा भावी श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है। छात्रा आयुषी एवं छात्र सौमित की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है बल्कि यह सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा दोनों विद्यार्थियों को सत्र 2022-23 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 अक्टूबर को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने की बाबा विश्वनाथ की आराधना, ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव के दर पर भी झुकाया शीश

मुख्यमंत्री ने की बाबा विश्वनाथ की आराधना, 'काशी कोतवाल' काल भैरव के दर पर भी झुकाया शीश सीएम योगी ने श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, रास्ते में बच्चों को बांटी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने नवजात को दिया आशीर्वाद  सीएम योगी ने नमो घाट पर गंगा आरती का शुभारंभ भी किया वाराणसी  मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम व 'काशी कोतवाल' काल भैरव का दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ गर्भगृह में षोडशोपचार पूजन कर बाबा के चरणों में हाजिरी लगाई। सीएम योगी ने मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में भी विधि विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की। सीएम योगी ने नमो घाट पर गंगा आरती का औपचारिक शुभारंभ भी किया। बच्चों को बांटी चॉकलेट, नवजात को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री के रूप में पूरे दिन 'कर्म पथ' से गुज़रने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को 'धर्म पथ' भी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का अभिवादन किया। वहीं सीएम को देखकर बाबा के भक्तों ने भी हर-हर महादेव का जयकारा लगाया। काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने रास्ते में बच्चों को टॉफी व चॉकलेट बांटा। सीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। मंदिर के पास ही मां की गोद में नवजात को देखकर रुके सीएम ने उसे आशीर्वाद भी दिया।   दर्शन-पूजन के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, टी. राम आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने पं. छन्नूलाल मिश्र को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री ने पं. छन्नूलाल मिश्र को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदना   सिद्धगिरी बाग, (बड़ी गैबी)सिगरा स्थित आवास पर पहुंचकर अर्पित किया श्रद्धासुमन  वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शास्त्रीय संगीत के दिग्गज पंडित छन्नूलाल मिश्र को सोमवार को श्रद्धांजलि दी। पं. मिश्र का विगत दिनों निधन हो गया था। मुख्यमंत्री देर शाम उनके सिद्धगिरी बाग, (बड़ी गैबी) सिगरा स्थित आवास पर गए। मुख्यमंत्री ने स्व. मिश्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पं. मिश्र के परिवार में उनकी बेटी नमता, बहन शकुंतला, भांजे गगन समेत परिवार के अन्य सदस्यों को भी ढांढस बंधाया। पंडित छन्नूलाल मिश्र को 2020 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।  इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु' आदि भी मौजूद रहे।

राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित

फ्रूट फारेस्ट्री योजना से महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, संग्रहालय का किया अवलोकन जिला प्रशासन के नवाचार “उड़ान योजना” का किया शुभारंभ भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल  पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है। सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है।  हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल  पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया। जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।       जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक  गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया। पीएम आवास हितग्राही  राजेश के निवास पर किया भोजन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के  राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही  राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली। उड़ान योजना का किया शुभारंभ       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर  संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल  पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे।  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच मती वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल  पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक  ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक  वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष मती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।                 

राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

जनजाति समुदाय का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल अशोकनगर  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजाति समुदाय का कल्याण केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान को ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्यपाल  पटेल सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के ग्राम खानपुर में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष एवं आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी “सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्‍वास” की परिकल्पना के साथ हर वर्ग के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हम सबको 2047 तक विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय के जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि धरती आबा योजना जनजाति परिवारों को आवास, पेजयल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है जिससे जनजाति समुदाय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। इस दीवाली स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी अभियान संचालित है। उन्होंने ग्रामवासियों से आव्हान किया कि इस दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का संदेश अपनाएं। स्‍थानीय उत्‍पादों को खरीदेने का संकल्प लें। स्वदेशी अभियान को सफल बनाने में हर वर्ग सहभागी बने। राज्यपाल  पटेल ने अशोकनगर जिले की विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की चर्चा करते हुए स्थानीय बुनकरों के उत्पाद खरीदने की अपील की। राज्यपाल  पटेल ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्‍न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों के आर्थिक स्वावलंबन की चर्चा की। सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं से आमजन को मिल रहे फायदों को बताया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे। हितग्राहियों को किया हितलाभ का वितरण राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्‍याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने सिकल सेल कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। टी.बी. रोगियों को पोषण टोकरी वितरित की। हथकरघा उद्योग के लिए तकनीकी विकास योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया। प्राथमिक शाला, आरोग्य केंद्र, आगनबाड़ी और आदि सेवा केन्द्र का निरीक्षण राज्यपाल  पटेल द्वारा प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप पेन, कापी भेंट की। राज्यपाल ने आरोग्य केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य जाँच में शामिल लोगों से चर्चा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल  पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया। हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने आदि सेवा केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण कर केंद्र के संचालन संबंधी जानकारी ली। राज्‍यपाल  पटेल का ग्राम खानपुर के जनजातीय समुदाय द्वारा माला, मुकुट तथा तीर- धनुष भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा पारम्‍परिक नृत्‍य सैरा की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल  पटेल ने ग्राम खानपुर में पीएम जनमन आवास से लाभान्वित हितग्राही मती धनिया बाई को गृह प्रवेश कराया। धनिया बाई के परिजन से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम स्‍थल पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्‍ला, चंदेरी विधायक  जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी, विधायक  बृजेन्‍द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्‍यक्ष  अजय प्रताप सिंह यादव सहित बडी संख्‍या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया

अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर में वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया !जिसमें विद्यार्थियों को वन एवं वन प्राणियों का महत्व बताया गया !साथ ही चित्रकला निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया ! जिसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इनाम वितरण किया गया! कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य  कौशलेंद्र सिंह उपस्थित रहे साथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी  स्वर्ण गौरव सिंह प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल गौरव दुबे ,परिक्षेत्र सहायक अनूपपुर ,विजय सोनवानी अन्य स्टाफ शिक्षक उपस्थित रहेइस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व, वनाग्नि की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण, तथा मनुष्य द्वारा पशुओं को भोजन कराने के दुष्परिणाम आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की।विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनके संरक्षण में हम सभी की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

डिजिटल युग में कदम: DU की सदी पुरानी सेंट्रल लाइब्रेरी का होगा मेकओवर

नई दिल्ली दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी को आधुनिक जमाने के अनुसार ढालने की तैयारी की जा रही है। लाइब्रेरी के विस्तार के बाद छात्रों के बैठने की क्षमता लगभग 3,400 हो जाएगी, जबकि वर्तमान में यहां केवल 700 सीटें उपलब्ध हैं। यह बदलाव केवल संरचनात्मक (ईंट-सीमेंट) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लाइब्रेरी को डिजिटल सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा। इसे देखते हुए डीयू में लाइब्रेरी का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जो छात्रों के अध्ययन और शोध के अनुभव को और बेहतर बनाएगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी अपने सैकड़ों साल पुराने इतिहास और विरासत को संभालकर रखती है। इसमें शामिल हैं.18वीं और 19वीं सदी की पांडुलिपियां, कई भाषाओं में लिखी दुर्लभ किताबें,दुर्लभ रत्न और ऐतिहासिक दस्तावेज, मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा जारी तीन मूल फरमान,यह लाइब्रेरी न केवल आधुनिक शिक्षा का केंद्र है, बल्कि भारतीय और वैश्विक ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने में भी अहम भूमिका निभाती है। DU की सेंट्रल लाइब्रेरी का इतिहास दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 1922 में हुई थी और उस समय इसकी लाइब्रेरी काफी साधारण थी। शुरुआत में इसमें केवल 1,380 उपहार में मिली किताबें और 86 पत्रिकाएं थीं और यह अस्थाई स्थानों से संचालित होती थी। साल 1933 से 1958 के बीच लाइब्रेरी वाइस रीगल लॉज के बॉलरूम में रही, और फिर 1958 में यह सेंट्रल लाइब्रेरी के वर्तमान भवन में शिफ्ट कर दी गई। शुरुआत में लाइब्रेरी में 1,500 से भी कम किताबें थीं, लेकिन आज इसका संग्रह बढ़कर 650,000 से ज्यादा किताबों तक पहुंच गया है। यह विकास लाइब्रेरी को छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए आधुनिक और विशाल अध्ययन केंद्र बनाता है। क्या है DU की लाइब्रेरी की खासियत? दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी की सबसे बड़ी खासियत इसकी बर्मा टीक की अलमारियां हैं। ये अलमारियां 1938 से 1952 के बीच डीयू के कुलपति और भारतीय संघीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मौरिस ग्वायर द्वारा दान की गई थीं। इन अलमारियों में 27,000 से ज्यादा थीसिस रखी गई हैं। इनमें से पहली थीसिस 1958 में जमा की गई थी, जिसका शीर्षक था ‘भागवत पुराण का एक आलोचनात्मक अध्ययन’। यह संग्रह न केवल लाइब्रेरी के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि शोध और अकादमिक अध्ययन के लिए भी अमूल्य संसाधन है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी के ऊपर के फ्लोर पर स्थित दुर्लभ पुस्तक रूम विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस पुस्तक रूम के संग्रह में शामिल हैं: मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा जारी तीन मूल फरमान (1676 ई., एएच 1087) जॉर्ज मेरेडिथ की कविताएं (1808) एडब्ल्यू किंगलेक की ईथेन (1863) 18वीं और 19वीं शताब्दी की तिब्बती पांडुलिपियां भारत के 750 ई. के मानचित्र यह संग्रह न केवल ऐतिहासिक दस्तावेजों और पांडुलिपियों का भंडार है, बल्कि शोध और अध्ययन के लिए अमूल्य संसाधन भी प्रदान करता है। अब हो रहा लाइब्रेरी का विस्तार दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी के विस्तार के लिए लंबे समय से जमीन रिजर्व रखी गई थी और अब इस योजना पर काम शुरू हो गया है। लाइब्रेरी में तीन नए विंग बनाए जा रहे हैं, जो सभी चार-मंजिला ब्लॉक होंगे। इस विस्तार से लाइब्रेरी का क्षेत्रफल 4,775 स्क्वायर मीटर से बढ़कर 18,525 स्क्वायर मीटर हो जाएगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी के विस्तार में आधुनिक तकनीक को भी शामिल किया गया है। नई योजना में बायोमेट्रिक गेट और मेटालिक चिप्स वाली किताबें शामिल हैं, जो लाइब्रेरी को डिजिटल और स्मार्ट बनाएंगी। इस पूरी योजना का बजट 110 करोड़ रुपये रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाइब्रेरी के विस्तार का पहला चरण इस साल फरवरी में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर के अंत तक पूरा किए जाने का अनुमान है। मुख्य बदलाव: लाइब्रेरी का क्षेत्रफल 4,775 से बढ़कर 18,525 स्क्वायर मीटर होगा। बैठने की क्षमता 700 से बढ़कर लगभग 3,400 सीटें होगी। तीन नए चार-मंजिला विंग बनेंगे। डिजिटलाइजेशन के जरिए पांडुलिपियों और दुर्लभ पुस्तकों को संरक्षित किया जाएगा। लाइब्रेरी में बायोमेट्रिक गेट और मेटालिक चिप्स वाली किताबें शामिल होंगी। डीयू ई-लाइब्रेरी पोर्टल से छात्रों को पूरे नेटवर्क के 17.5 लाख संसाधनों तक ऑनलाइन पहुंच मिलेगी। इस विस्तार और डिजिटल पहल से सेंट्रल लाइब्रेरी न केवल आधुनिक बनेगी, बल्कि शोध और अध्ययन के लिए एक सशक्त और स्मार्ट केंद्र के रूप में उभरेगी। डिजिटलाइजेशन पर दिया जा रहा जोर दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी, जो 100 साल पुरानी में ज्ञान का विशाल भंडार मौजूद है। यहां रखी किताबें और पांडुलिपियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें संरक्षित रखने के लिए डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सेंट्रल लाइब्रेरी, डीयू के 34 लाइब्रेरी नेटवर्क का केंद्र है, जिसमें छात्रों को कुल 17.5 लाख पुस्तकें उपलब्ध हैं। अब डीयू ई-लाइब्रेरी पोर्टल के जरिए छात्रों को पूरे सिस्टम के सभी संसाधनों तक ऑनलाइन पहुंच मिलेगी, जिससे अध्ययन और शोध और अधिक सुलभ और प्रभावी हो जाएगा।

4 लाख इंदौरवासियों की जांच में पता चला: 30% को हाई ब्लड प्रेशर-शुगर, 40% में कोलेस्ट्रॉल की बढ़ोतरी

इंदौर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में 18 से 30 साल की उम्र वाले 50 हजार से ज्यादा युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर किए गए एक अध्ययन ( Youth Health Survey) में परेशान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं। अध्ययन के निष्कर्षों में 30 फीसदी प्रतिभागी युवकों (30  percent participating youth) का बीपी (BP) असामान्य पाया गया है। अध्ययन में शामिल करीब 90 फीसदी युवाओं (90 percent youth) की खान-पान की आदतें गड़बड़ (Eating habits are messed up) पाई गई हैं। अब जानिए, क्या कहते हैं हार्ट एक्सपर्ट्स अमेरिका से आए कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. प्रकाश डिडवानिया (यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयार्क, सेन फ्रांसिसको) ने बताया कि भारत में जिस प्रकार दिल की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं, यह बहुत चिंताजनक है। इंदौर की स्थिति चौंकाने वाली है। यहां के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों से जुड़े हार्ट क्लब के डॉक्टरों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में डेटा प्रेजेंटेशन दिया तो हम सभी चौंक गए। प्रिवेंशन संभव, लेकिन लोग गंभीर नहीं डॉ. प्रकाश डिडवानिया ने कहा कि बच्चे, जवान, बुजुर्गों सहित सभी लोगों में रिस्क फैक्टर्स बढ़ रहे हैं। आए दिन अचानक किसी की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत का कारण खराब लाइफ स्टाइल और मोटापा है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, मोटापा ये सभी खराब लाइफ स्टाइल के फैक्टर्स हैं। इन्हें प्रिवेंट किया जा सकता है लेकिन लोग गंभीर नहीं हैं। कॉन्फ्रेंस का पूरा सार यही निकला है कि बढ़ती हार्ट डिसीज को नियंत्रण करने के लिए प्रिवेंशन ही सबसे बेहतर उपाय है। सबसे पहले जरूरत है कि हायपरटेंशन, डायबिटीज को बचपन से ही प्रिवेंट कर लें। डॉ ने बताया कि हार्ट के लिए जोखिम के बहुत सारे फैक्टर्स हैं। इनमें से एक खास फैक्टर मोटापा है। पेट की गोलाई यानी तोंद पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। दिल्ली से आए प्रो. मनचंदा ने बताया कि हार्ट की बीमारियों के इलाज में लाखों खर्च की तुलना में प्रिवेंशन बहुत सस्ता है। जब लोगों को पता रहता है कि हार्ट की बीमारियां क्यों होती है तो उन्हें इसे रोकने के उपाय करने चाहिए। चार रिस्क फैक्टर्स पर काबू पा लिया जाए तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। मोटापा कंट्रोल करने के लिए अब एडवांस इंजेक्शन भी कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. एके पंचोलिया ने योग को रोजमर्रा की आदत में शामिल करने की सलाह दी, क्योंकि यह तनाव घटाता है। शरीर और मन को स्वस्थ रखता है और मोटापा कम करने में मदद करता है। उन्होंने नए इंजेक्शन के बारे में भी जानकारी दी, जो शरीर के फैट को कम करने में मददगार है। उन्होंने कहा कि इनका असर तभी स्थायी रहेगा जब जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जारी रहें। उन्होंने प्रदूषण को भी हृदय रोग का एक कारण बताया और सरकार से उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर चिंतित हैं। मोटापा और एयर पॉल्युशन हमारे स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मन हैं। अगर हमने अभी से इनसे लड़ाई नहीं लड़ी, तो आने वाले समय में हर घर में हृदय रोगी होगा। शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है फैट वहीं, कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. विद्युत जैन ने बताया कि मोटापा हार्ट डिसीज का प्रमुख कारण है। शरीर में जमा फैट धीरे-धीरे हार्ट और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाता है। बढ़ते फैट पर काबू पाने के लिए लोग घर का खाना खाएं। प्रोटीनयुक्त आहार जैसे दाल और टोफू को रोजाना की डाइट में शामिल करें। हल्की-फुलकी एक्सरसाइज, साइकिलिंग या वॉक को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए। ज्यादा नमक, शुगर और तली चीजें खतरनाक कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राकेश जैन ने बताया कि हमारे पूर्वज सौ सालों से यह खाना खाते आए हैं लेकिन उस समय उनका जीवन पूरी तरह अलग था। वे रोजाना पैदल चलते थे, साइकिल चलाते थे, खेतों में मेहनत करते थे। आज के समय में लोग छोटी-सी मॉर्निंग वॉक भी छोड़ देते हैं। उन्होंने चेताया कि ज्यादा नमक, शुगर और तली-भुनी चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। बाजार में उपलब्ध जूस और पैकेज्ड फूड को हेल्दी समझ कर पीना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इनमें छुपी शुगर और फैट से हार्ट को काफी जोखिम रहता है। दिमाग जानता है, लेकिन दिल मानता नहीं डॉ. जैन ने कहा- हमारा दिमाग जानता है कि क्या सही है, लेकिन दिल मानता नहीं। इतने बड़े शरीर में 250 ग्राम के दिल को नजाकत से संभालो। जब दिल नहीं बचेगा तो कुछ भी नहीं बचेगा। भारत में लोग जूस या एनर्जी ड्रिंक को हेल्दी मानते हैं, जबकि उनमें भी शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पैकेज्ड फूड पर बड़े अक्षरों में कैलोरी, शुगर और फैट की मात्रा लिखना अनिवार्य करना चाहिए ताकि लोग जागरूक हो सकें। सही खान-पान, व्यायाम हेल्दी हार्ट के लिए जरूरी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम से हुई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि हृदय रोग केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है, बल्कि अब यह युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सही खान-पान, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने को हेल्दी हार्ट के लिए बेहद जरूरी बताया। इसके अलावा डिबेट और सवाल-जवाब सत्र में हृदय स्वास्थ्य, जीवनशैली सुधार और बचाव के उपायों पर विचार साझा किए गए। एक स्पेशल सेशन ‘सॉल्ट सत्याग्रह’ पर हुआ। इसमें बताया कि अधिक नमक का सेवन हमारे दिल के लिए कितना नुकसानदायक है।