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“बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं…” जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले श्री अरुण साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सेवा संकल्प अभियान के तहत आज लोरमी में आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नन्हें बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेला और उनके साथ घुल-मिलकर स्नेह-दुलार से बातें की। बच्चों के साथ बिताए इन पलों में श्री साव का सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। उन्होंने बच्चों को मिठाई और खिलौने भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। आंगन मिलन उत्सव में अन्नप्राशन और गोदभराई की रस्म भी संपन्न की गई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। आंगन मिलन उत्सव में नन्हें बच्चों ने लाल टमाटर बड़े मजेदार, आंगनबाड़ी जाएंगे और आलू कचालू बेटे कहां गए थे जैसे बाल गीत सुनाए। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और खिलखिलाहट से पूरा आंगनबाड़ी परिसर खुशनुमा हो गया। इस दौरान आयोजित सुपोषण चौपाल में बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान के माध्यम से पोषण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की प्रशंसा की है। श्री साव ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें। मुख्यमंत्री  साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

राज्यमंत्री गौर ने विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमि पूजन और लोकार्पण

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरुवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और आवागमन अधिक सुलभ होगा। राज्यमंत्री गौर ने वार्ड क्रमांक 65 स्थित मिनाल के एमपीईबी ग्राउंड में 8 लाख 60 हजार रुपये की लागत से पेविंग ब्लॉक लगाने के कार्य का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही, वार्ड क्रमांक 68 के अयोध्या नगर स्थित सरयू सरोवर पार्क में 11 लाख 83 हजार रुपये की लागत से छठ कुंड घाट के विकास कार्य की आधारशिला रखी। इसी वार्ड में संतोषी विहार से भवानी कैंपस फेस-2 के द्वार तक 18 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड तथा राजीव नगर बी सेक्टर में पेविंग ब्लॉक और शौचालय निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन संपन्न हुआ। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वार्ड क्रमांक 53 में गुलाबी नगर से शक्ति आर्केड मार्ग, दानिश नगर मार्ग तथा प्रोस्पेरा 80 फीट मार्ग पर नई स्थापित हाई मास्ट लाइटों का लोकार्पण किया गया। इन लाइटों के चालू होने से संबंधित मार्गों पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था बेहतर होगी और राहगीरों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। कार्यक्रम में राज्यमंत्री गौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत एवं निर्माणाधीन विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव होंगे मुख्य अतिथि, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा करेंगी अध्यक्षता

रायपुर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा 2 अक्टूबर को राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में आयोजित होगा। सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों और विचारों का स्मरण करते हुए समाज में शांति, प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और एकता का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रति आदर और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  गजेन्द्र यादव होंगे। राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष  लक्ष्मी वर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त  इंद्रजीत सिंह खालसा ने नागरिकों से कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर सर्वधर्म समभाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सशक्त बनाने की अपील की है।उल्लेखनीय है कि 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। दोनों महान विभूतियों के जीवन से सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2024-25 के लिए घोषित किए के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार

भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा वर्ष वर्ष 2024-25 के लिए प्रतिष्ठितके.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारप्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो। के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। वर्ष 2024-25 के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी परम विशिष्ट श्रेणी :-एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र     रामविलास हुण्डा, उप निरीक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल।  अति विशिष्ट श्रेणी :-एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र     रघुवीर जोशी, उप निरीक्षक, थाना जावरा, जिला रतलाम     अब्दुल खालिद कुरैशी, प्रधान आरक्षक 532, एस.आई.बी., बालाघाट     ताराचंद शुक्ला, प्रधान आरक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल     पंकज सिन्हा, आरक्षक 387, ए.टी.एस. इकाई खण्डवा     अक्षय सिंह, आरक्षक, ए.टी.एस. मुख्यालय, भोपाल विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र     नवीन कुमार चौधरी, अति. पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल     मयंक तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग शाहपुर, जिला बैतूल, हाल पुलिस मुख्यालय, भोपाल     श्रीमती आकांक्षा तलया, उप पुलिस अधीक्षक, जिला हरदा हाल अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला रायसेन     अंजुल अयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक बरगी, जिला जबलपुर     जगदीश सिंह सिद्धू, उप पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल     देवकरण डेहरिया, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल     अमित सोलंकी, निरीक्षक, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास     विक्रांत झांझोट, निरीक्षक, थाना सोनकच्छ, जिला देवास     शिवांशु मालवीय, निरीक्षक, जिला मंदसौर     बलदेव सिंह मुजाल्दा, निरीक्षक, थाना नैनपुर, जिला मण्डला हाल जिला धार     अनूप भार्गव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कैंट, जिला गुना     अभिषेक चौबे, निरीक्षक, थाना ढीमरखेडा, जिला कटनी     राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक (हाल-निरीक्षक) पुलिस लाईन, जिला गुना     रोहित कुमार मिश्रा, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला पन्ना     सत्येन्द्र राजपूत, निरीक्षक, पु.म.नि. कार्यालय चंबल जोन हाल- पुलिस कंट्रोल रूम, जिला भिण्ड     श्रीमती रानी राठौर, उप निरीक्षक, थाना मनावर, जिला धार     श्रीमती कल्पना गुप्ता, उप निरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन, सागर     अभिषेक प्रताप पाण्डेय, उप निरीक्षक (विसबल), हॉक फोर्स, बालाघाट     मकसूद अली, उप निरीक्षक, थाना बरायटा, जिला सागर हाल जिला विदिशा     चंद्रभान सिंह चौहान, सहायक उप निरीक्षक (हाल-उप निरीक्षक), थाना महाकाल, जिला उज्जैन     आशीष अवस्थी, प्रधान आरक्षक 168, सायबर सेल, पन्ना     मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक 725, सायबर सेल, रतलाम     शिवप्रताप सिंह सेंगर, प्रधान आरक्षक 770, सायबर सेल, देवास     सूरज तिवारी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, थाना कोतवाली (हाल- सायबर सेल), जिला-धार     इमरान खान, प्रधान आरक्षक (विसबल), ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर     रितेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल     महेशचन्द्र नायक, आरक्षक 234, ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर     गौतम चौरे, आरक्षक (विसबल) 963, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा     पवन यादव, आरक्षक 601, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा     इमरान खान, आरक्षक (विसबल), एटीएस इकाई, इन्दौर     विकास भूरिया, आरक्षक 1607, एस.टी.एफ. भोपाल हाल नगरीय पुलिस, इंदौर।  

यूपी में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80% काम पूरा

उप्र में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में जैन मंदिर का विकास कार्य पूरा होने की उम्मीद  1.28 करोड़ से संवर रहा छदामी लाल जैन मंदिर, बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेट्री का काम अंतिम चरण में  जैन विरासत को संवारकर पर्यटन से जोड़ रही योगी सरकार- संस्कृति/पर्यटन मंत्री  लखनऊ/फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश में जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में फिरोजाबाद के ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम तेजी से चल रहा है। 1.28 करोड़ रुपये की परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना अक्टूबर में पूरी होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेट्री और म्यूरल वॉल समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सभागार और डॉरमेट्री का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का काम 60 फीसद तक पहुंच गया है। इससे श्रद्धालुओं/ पर्यटकों के ठहरने, आयोजन तथा अन्य गतिविधियों की सुविधाएं बढ़ेंगी। 42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा आकर्षण का केंद्र फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर भव्य स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए देशभर में पहचान रखता है। मंदिर में भगवान बाहुबली की 42 फुट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसे उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शुमार किया जाता है। मंदिर की इसी खासियत को देखने के लिए कई राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।  64 पहाड़ियां पार कर पहुंची बाहुबली प्रतिमा कर्नाटक के कारकल से 42 फुट ऊंची बाहुबली प्रतिमा को फिरोजाबाद लाने की कहानी भी खास है। सेठ छदामी लाल ने विशेष ट्रॉली के जरिए प्रतिमा को तीन महीने में फिरोजाबाद पहुंचवाया था। इस दौरान ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया। मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष लगे और इसे संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की। इसके साथ ही मंदिर के संरक्षण और देखरेख के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की नींव पड़ी। 'जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार' पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ उनकी धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटक यहां सहजता से पहुंचकर जैन संस्कृति और विरासत से रूबरू हो सकें।' जैन पर्यटन सर्किट को मिल रहा विस्तार अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'फिरोजाबाद का छदामी लाल जैन मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत का अहम केंद्र है। मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही इसे प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

वर्किंग सीजन का पूरा उपयोग करने पीडब्लूडी तैयार, विभागीय सचिव ने निर्माणाधीन और स्वीकृत पुलों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज सेतु परिक्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेशभर में निर्माणाधीन तथा स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बरसात की समाप्ति के बाद वर्किंग सीजन का पूर्ण उपयोग करते हुए निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही स्वीकृत नए कार्यों को भी पूरी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी मार्च तक 100 पुलों के निर्माण पूर्ण कर आवागमन के लिए खोलना है। उन्होंने इसके लिए सभी ठेकेदारों को कार्यस्थलों पर पर्याप्त निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में निर्माणाधीन पुलों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्यवार समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यस्थलों पर पूरी गति से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सभी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर कार्यस्थलों को ठेकेदारों को सौंपने कहा, ताकि वे पूरी क्षमता से कार्यों को गति दे सके। उन्होंने कहा कि फील्ड में कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाएगी। वे स्वयं कार्यस्थलों पर जाकर औचक निरीक्षण करेंगे। टाइमलाइन और मानकों के अनुरूप कार्य नहीं होने पर अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।  बंसल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति तक निर्माण कार्यों की अच्छी भौतिक और वित्तीय प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होते ही सभी दस्तावेजीकरण, जीएसटी, सेटलमेंट और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर ठेकेदारों को अंतिम भुगतान कर टेंडर क्लोज करने के निर्देश दिए।  विभागीय सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों के नए कार्यों को जल्द प्रारंभ करने भू-अर्जन, वन व्यपवर्तन, यूटीलिटी शिफ्टिंग और पेड़ों की कटाई की कार्यवाही तत्परता से करने को कहा। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश की भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  एस.के. कोरी और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप सहित दोनों परिक्षेत्रों के सभी अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में आने वाली कठिनाइयों के समाधान एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली 6वीं मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों के संबंध में आज एमपीआरडीसी मुख्यालय, भोपाल में प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। “Accelerating Linear Infrastructure Projects: Good Practices and New Ideas” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान, उनके समाधान तथा विभिन्न विभागों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवाचारों को साझा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। एमपीआरडीसी के तकनीकी सलाहकार  आर.के. मेहरा ने स्वागत वक्तव्य में कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों के अनुरूप लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, आवश्यक अनुमतियों में होने वाले विलंब को कम करने तथा विभिन्न विभागों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उनके संबंध में नीति आयोग को फीडबैक फॉर्म के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सुगम बनाते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण करना है। कार्यशाला में वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  एच.एस. मोहंता ने परिवेश पोर्टल, वन भूमि के व्यपवर्तन, ईको-सेंसिटिव जोन, जैव विविधता क्षेत्रों, अभयारण्य एवं टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में अनुमतियों से संबंधित प्रक्रियाओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्माण परियोजनाओं के दौरान वृक्षारोपण से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए भी व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यशाला में भू-अर्जन, आरओडब्ल्यू/आरओयू, वन स्वीकृति, वन्यजीव स्वीकृति, यूटिलिटी शिफ्टिंग, राज्य स्तरीय अनुमतियां, निर्माण सामग्री एवं अन्य आवश्यक अनुमतियों से संबंधित विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर आने वाली प्रक्रियात्मक एवं व्यावहारिक बाधाओं को चिन्हित कर उनके प्रभावी समाधान तलाशना तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। साथ ही, परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए विचारों को साझा करने पर भी जोर दिया गया।  

आशी और ऐश्वर्य की उपलब्धि को सराहा, मंत्री सारंग ने कहा- बचपन से निखारेंगे खेल प्रतिभाएं

भोपाल टी.टी. नगर स्टेडियम में गुरुवार को मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग ने एशियन गेम्स-2026 में पदक जीतकर लौटे प्रदेश के स्टार खिलाड़ियों आशी चौकसे और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। दोनों खिलाड़ियों ने शूटिंग में रजत पदक जीतकर देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी आशी चौकसे ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, जबकि ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। मंत्री  सारंग ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल आठ पदक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य और आशी जैसे खिलाड़ी प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उपलब्धियों के बाद भी बेहतर करने की सोच जरूरी मंत्री  सारंग ने कहा कि ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का यह कहना कि उन्हें अभी और बेहतर करना है, एक खिलाड़ी की सकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बड़े खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट होकर रुकते नहीं हैं, बल्कि लगातार बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आशी और ऐश्वर्य आने वाले समय में ओलंपिक स्तर पर भी देश के लिए पदक जीतेंगे। खिलाड़ियों का होगा भव्य सम्मान मंत्री  सारंग ने बताया कि खिलाड़ियों का आज प्रतीकात्मक स्वागत किया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए भव्य सम्मान समारोह और प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के अनुभवों को साझा करने के लिए मीडिया संवाद भी आयोजित किया जाएगा। 6 से 12 वर्ष की उम्र में शुरू होगी प्रतिभाओं की ग्रूमिंग मंत्री  सारंग ने बताया की खेल प्रतिभाओं को शुरुआती उम्र से तैयार करने की दिशा में प्रदेश में विभिन्न खेलों के फीडर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मंत्री  सारंग ने बताया कि इन केंद्रों में 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों का चयन कर उनकी प्रतिभा को शुरुआती स्तर से विकसित किया जाएगा। इसके बाद 12 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल अकादमियों से जोड़ा जाएगा। मंत्री  सारंग ने कहा कि खेल अकादमियों में प्रवेश टैलेंट सर्च के माध्यम से दिया जा रहा है और अकादमियों का संचालन विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स मेडिसिन पर भी रहेगा जोर मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों और कोचेस से अलग-अलग संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को जाना जाए। इन सुझावों के आधार पर प्रदेश के खेल इकोसिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। मंत्री  सारंग ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन का उपयोग बढ़ाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करना है, जिससे जमीनी स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सके।    

मुरादाबाद में ‘UP Rise 2026’ का महामंच, ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने जीता ₹25 हजार का पुरस्कार

मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ का महामंच: 100 टीमों की जंग में टीएमयू के 3 युवा स्टार्टअप्स ने मारी बाजी  विजेता ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ को मिला 25,000 रुपये का चेक 3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंची थीं 15 टीमें  आत्मनिर्भर यूपी के विजन से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय देने वाला बनने की मिली प्रेरणा डेंटल कॉलेज ने झटके पहले दो स्थान, तीसरे पर कंप्यूटर साइंस मुरादाबाद,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को धरातल पर उतारने और युवाओं को नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में यूपी राइज 2026 सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में संवाद, संकल्प, सफलता थीम पर आयोजित इस मंच पर विद्यार्थियों ने अपने नए-नए स्टार्टअप्स और व्यावसायिक मॉडलों से मेंटर्स को प्रभावित किया।  पहले चरण में पंजीकृत 100 टीमों से शुरू हुआ यह मुकाबला दूसरे दौर में 35 और तीसरे चरण के फाइनल राउंड तक 15 शीर्ष टीमों के बीच पहुंचा। कड़े तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया, जिसमें प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को 25,000 रुपये के चेक से पुरस्कृत किया गया। सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते दौर में युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नवाचार के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने हैं। पहला पुरस्कार: पानी के दबाव से जीभ साफ कर सांसों की बदबू दूर करेगा ‘ओरल केयर’, मिला ₹25,000 का चेक प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने ₹25,000 का चेक अपने नाम किया। टीम सदस्यों ने बताया कि लोग दांतों की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन जीभ की अनदेखी से 'हैलिटोसिस' (मुंह की दुर्गंध) और 'कैंडिडिआसिस' जैसी फंगल दिक्कतों का शिकार होते हैं। टीम पिछले एक साल से एक विशेष प्रोटोटाइप पर काम कर रही थी, जिसमें वाटर प्रेशर (पानी के नियंत्रित दबाव) की मदद से जीभ पर जमी मैल की परत को पूरी तरह साफ किया जा सकेगा। यह आधुनिक तकनीक पारंपरिक टंग क्लीनर से कहीं अधिक सुरक्षित, प्रभावी और आसान सिद्ध होगी। दूसरा पुरस्कार: दांत उखाड़ने के दर्द से मुक्ति दिलाएगी ‘सॉकेट सेवर्स’ की नई सूई उपविजेता का खिताब डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने अपने नाम किया। टीम ने दंत चिकित्सा के सबसे संवेदनशील दर्द का समाधान पेश किया है। छात्राओं का कहना है कि वर्ष 2026 में भी डॉक्टर दांत निकालने के लिए पुराने औजारों और यांत्रिक खिंचाव (मैकेनिकल फोर्स) का सहारा लेते हैं, जिससे एनेस्थीसिया उतरते ही मरीज असहनीय दर्द से जूझता है। टीम ने लोकल एनेस्थीसिया के साथ एक विशेष इंजेक्शन तकनीक ईजाद की है, जिससे बिना भारी खिंचाव के दांत आसानी से निकल सकेगा। टीम का लक्ष्य जल्द क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। तीसरा पुरस्कार: बेहोशी में भी डॉक्टर को मरीज का इतिहास बताएगा ‘टीम वास्तव’ का एसओएस सिस्टम कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के छात्र तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने सड़क हादसों में त्वरित जान बचाने वाला आपातकालीन मेडिकल डेटा सिस्टम विकसित किया है। सड़क दुर्घटना में मरीज अक्सर बेहोश हो जाता है और डॉक्टर उसकी मेडिकल हिस्ट्री (एलर्जी, एंग्जाइटी, पुरानी बीमारियां) नहीं जान पाते, जिससे गलत दवा से मरीज के कोमा में जाने का खतरा रहता है। टीम के एसओएस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही संबंधित अस्पताल को मरीज का ब्लड ग्रुप, उम्र और पूरी मेडिकल हिस्ट्री का समराइज्ड डेटा तुरंत मिल जाएगा। टीम जल्द ही इसका व्यापक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। 16 हजार विद्यार्थियों वाले वेस्ट यूपी के सबसे बड़े केंद्र पर मंथन टीएमयू के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि मुरादाबाद मंडल ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टीएमयू सबसे बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां 16 हजार से अधिक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों के बीच अध्ययनरत हैं। इसी व्यापक आधारिक संरचना के चलते शासन ने इसे ‘यूपी राइज’ के आयोजन का मुख्य केंद्र चुना। उन्होंने बताया कि नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता के व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को तैयार किया गया। जजों के पैनल में खुद कई सफल स्टार्टअप्स के संचालक शामिल रहे, जिन्होंने छात्र-छात्राओं के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं को परखकर विजेताओं का चयन किया। ‘शक्ति क्षेत्र’ में साझा किए विचार, प्रतियोगिताओं में भी दिखाई प्रतिभा परिसर में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ स्थापित किया गया था, जहां छात्र-छात्राओं ने विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर अपने विचार और सपने साझा किए। आयोजन के दौरान युवाओं के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार व प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।