samacharsecretary.com

बेहतर सेवाओं की ओर कदम: उच्चदाब उपभोक्ताओं की दिक्कतें अब होंगी दूर

भोपाल  आंधी-बारिश या तूफान जैसी किसी भी परिस्थिति में उच्‍चदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं को हर समय मिलेगी बिजली सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल वृत्‍त के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, ग्‍वालियर के मानलपुर एवं बिलौआ सहित मुरैना के बांमोर औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत उच्च दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं की सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए गठित अतिरिक्त एफओसी की सेवाओं में दिसंबर 2025 तक विस्‍तार करने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने के साथ 24 घंटे/, सातों दिवस गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति करने में भी मदद मिलेगी।     गौरतलब है कि कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम करेगी। औद्योगिक क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए गठित एफओसी टीम में कंपनी द्वारा प्रदाय स्मार्ट फोन सहित 6 कुशल तथा 6 अकुशल कर्मचारी सभी साजो-समान और जरूरी उपकरणों से लैस एफओसी वाहन सहित कार्यरत रहेंगे। यह एफओसी टीम 24 घंटे /सातों दिवस उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा कम्पनी के राजस्व वसूली, नए कनेक्शन, विद्युत उपकरणों का रख-रखाव और संधारण के साथ ही उपभोक्ता शिकायतों को दूर करने के लिए त्वरित काम करेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में इन एफओसी टीमों के विस्‍तार से बिलिंग दक्षता और कलेक्शन एफिशिएंसी तथा एटीएण्डसी हानियों में कमी आएगी और उपभोक्‍ता संतुष्ठि में बढ़ोतरी होगी।  कंपनी औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ ही निम्नदाब उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी लगातार इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और सेवाएं मिल रही हैं। इसी दिशा में कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी साथ ही विद्युत आपूर्ति के दौरान प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से आने वाले व्यवधानों  को 24 घंटे त्वरित रूप से दूर करेगी। साथ ही कंपनी के राजस्व संग्रहण का काम और बिजली उपकरणों, लाइनों, ट्रांसफार्मरों आदि का उचित रख-रखाव कर उपभोक्ता सेवाओं में विस्तार करेगी।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आमजन और उपभोक्ताओं से अपील की है वे अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान कर निरंतर पेयी कंज्यूमर बने रहें। विद्युत का अनधिकृत उपयोग न करें साथ ही विद्युत चोरी करने वालों की सूचना देकर विद्युत चोरी की रोकथाम में सहयोग करें और कंपनी द्वारा चलाई जा रही इनफॉर्मर स्कीम का लाभ उठाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बिलकिसगंज में स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ किए गए सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि अस्पतालों में 2000 विशेष डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। उन्होंने शिविर में दी जा रही चिकित्सा सेवाओं और रक्तदान शिविर का अवलोकन किया तथा रक्तदान करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित भी किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान  शुक्ल ने चिकित्सकों से योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और प्रबंधन एवं संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण टोकरी भी प्रदान की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचें और विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान में ईट-राइट, पोषण माह, योग जैसे वेलनेस कार्यक्रम और निक्षय मित्र जैसी पहल भी शामिल हैं। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत रक्तदान शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, विभिन्न प्रकार के कैंसर, एनीमिया और सिकल सेल रोग जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहाँ इस कमी को दूर करने के लिए 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। साथ ही टेलीमेडीसिन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और वे डिजिटल माध्यम से सीधे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।  

माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का रिज़ल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,882 पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी अपना परिणाम ई.एस.बी की वेबसाइट http://www.esb.mp.gov.in/ से डाउनलोड या मुद्रित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 से 29 अप्रैल 2025 तक मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में किया गया था। परीक्षा विभिन्न विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खेल, संगीत (गायन-वादन) एवं नृत्य में आयोजित की गई थी। कुल 1,85,065 अभ्यर्थियों ने विभिन्न विषयों में पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,60,360 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।  

योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल

योगी सरकार में सनातन का महापर्व नवरात्रि बना आस्था और विकास का संगम, यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु – योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल – शारदीय नवरात्रि में अबतक प्रदेश के देवी मंदिरों में 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने टेका मत्था – सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना  – मीरजापुर के विंध्यवासिनी धाम में रोज़ाना 4 लाख श्रद्धालु, कॉरिडोर से मिली सहूलियत – विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मां की चौखट पर मत्था  – प्रयागराज के अलोप शंकरी और कल्याणी देवी मंदिर में सवा लाख से ज्यादा श्रद्धालु रोज़ कर रहे दर्शन – गोरखपुर के तरकुलहा देवी मंदिर में रोज़ाना 50 हजार भक्त, पर्यटन विकास पर खर्च हुए 2.13 करोड़ – कुसम्ही जंगल की बुढ़िया माई मंदिर में 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन, 1.60 करोड़ से बदली तस्वीर – वाराणसी के विशालाक्षी मंदिर में उमड़ रही भक्तों की भीड़, प्रस्तावित कॉरिडोर से मिलेगा लाभ – जौनपुर का शीतला चौकिया धाम बना आस्था का केंद्र, रोज़ाना 70 हजार श्रद्धालु कर रहे दर्शन – सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में भक्तों का उमड़ रहा सैलाब – बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और सशक्तिकरण का बना प्रतीक – भदोही के सीता समाहित स्थल पर उमड़ रहे श्रद्धालु, जीर्णोद्धार से बढ़ी भव्यता – महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में अष्टमी-नवमी पर लाखों भक्तों के आने की संभावना – औरैया के 15 मंदिरों में प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा भक्त कर रहे दर्शन – मिशन शक्ति 5.0 से नवरात्र हुआ खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का भी दिख रहा असर – योगी सरकार ने नवरात्र को बनाया आस्था और विकास का संगम लखनऊ उत्तर प्रदेश की धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव भर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और महिला शक्ति की विराट छवि है। इस बार के नवरात्र में जब प्रदेशभर के देवी मंदिरों की ओर नज़र डालें, तो साफ़ दिखता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले आठ वर्षों में न केवल प्राचीन विरासत को संजोया है, बल्कि उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव तैयार किया है। यही वजह है कि प्रदेश में पूरब में विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर पश्चिम में मां शाकम्भरी देवी के धाम तक सैकड़ों प्राचीन दुर्गा मंदिरों में केवल नवरात्रि के चार दिन में ही 40 लाख से ज्यादा भक्तों के दर्शन का अनुमान है। जिसमें अकेले विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालु मां की चौखट पर मत्था टेक चुके हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है यूपी के देवी मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी और नवमी में यह संख्या 1 करोड़ के पार जा सकती है।  प्रतिदिन 3-4 लाख श्रद्धालु लगा रहे विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी प्रदेश के सबसे बड़े दुर्गा मंदिर की बात करें तो मीरजापुर जनपद में मां विंध्यवासिनी का धाम देशभर के देवी उपासकों के लिए अनंत श्रद्धा का केंद्र है। योगी सरकार ने यहां विशाल कॉरिडोर का निर्माण कराया है, यहां मां विंध्यवासिनी के मंदिर में रोज़ाना 3.5 से 4 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। यहां विंध्याचल कॉरिडोर के निर्माण ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को नया आयाम दिया है। वहीं नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां प्रतिदिन 6-7 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।  शक्तिपीठ विशालाक्षी के लिए हजारों किमी दूर से आ रहे भक्त वाराणसी के 51 शक्तिपीठों में से एक मां विशालाक्षी देवी मंदिर में सामान्य दिनों में 5 से 7 हजार श्रद्धालु आते हैं, जबकि नवरात्रि में यह संख्या बढ़कर 8 से 10 हजार हो जाती है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन आने की उम्मीद है। यहां दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों की संख्या सबसे अधिक रहती है। योगी सरकार यहां विशालाक्षी कॉरिडोर का प्रस्ताव लेकर आई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिलेगा। वहीं वाराणसी स्थित गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में प्रतिदिन 7 हजार से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। नवमी पर यह संख्या 40 से 50 हजार के पार चली जाती है। इसके अलावा दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा के मंदिर में नवरात्रि के दिनों प्रतिदिन करीब 1 लाख श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचते हैं। अंतिम तीन दिनों में यहां पर भी प्रतिदिन 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।  सहारनपुर में स्थित मां शाकम्भरी देवी शक्तिपीठ में नवरात्र में प्रतिदिन 50 हजार और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में प्रतिदिन 40 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। नवरात्रि के अंतिम तीन दिन यहां प्रतिदिन 1-1 लाख देवी भक्त हाजिरी लगाते हैं।  इसी प्रकार बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी के मंदिर में भी प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालु अपनी अपनी आस्था लिये माता के दर्शन को पहुंच रहे हैं। यहां पर भी सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, जो एक से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।  प्रयागराज में उमड़ रहे लाखों देवी भक्त प्रयागराज इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। यहां गंगा तट पर स्थित मां अलोप शंकरी शक्तिपीठ में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सवा लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। यह संख्या सप्तमी, अष्टमी और नवमी में दो से ढाई लाख प्रतिदिन हो जाती है। वहीं मां कल्याणी देवी मंदिर में रोज़ाना 75 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां भी अंतिम के तीन दिन श्रद्धालुओं की संख्या लाख के ऊपर होती है। इसी इलाके में स्थित मां ललिता देवी मंदिर में भी प्रतिदिन 70 से 80 हजार भक्त माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। योगी सरकार ने इन मंदिरों में 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यात्री शेड, पेयजल, प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और फसाद लाइट की व्यवस्था कराई है। इसका परिणाम है कि मंदिरों की भव्यता और सुविधाओं ने श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ा दी है। गोरखपुर में तरकुलहा देवी के मंदिर का हुआ कायाकल्प गोरखपुर का तरकुलहा देवी मंदिर, जो चौरीचौरा क्षेत्र में स्थित है, इस बार नवरात्रि में प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल हो गया है। यहां औसतन प्रतिदिन … Read more

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त

देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों का संगम बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त ओडीओपी पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क की रही धूम विदेशी प्रतिनिधियों ने परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स में दिखाई गहरी दिलचस्पी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर में निवेशकों ने जताई रुचि 77 जीआई टैग उत्पादों से यूपी बना देश का जीआई कैपिटल   लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 गुरुवार को वैश्विक व्यापार का मंच बन गया। आयोजन स्थल पर देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों की चहल-पहल ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की जीवंत तस्वीर में बदल दिया। हर स्टाल पर उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ व्यावसायिक चर्चा और सहयोग की संभावनाओं पर संवाद चलता रहा। कहीं विदेशी प्रतिनिधि परिधानों और कालीनों को परखते दिखे तो कहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टॉल पर साझेदारी की संभावनाएं तलाशते रहे। माहौल ऐसा था मानो उत्तर प्रदेश ने अपनी परंपरा और आधुनिकता को एक ही छत के नीचे सजा दिया हो। देशी उत्पादों के प्रति आकर्षित हुए विदेशी खरीदार प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए 2250 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी कला और उत्पाद पेश किए। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फर्रुखाबाद के जरी-जरदोज़ी और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया। वहीं आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों की भीड़ रही। ओडीओपी पवेलियन सबसे बड़ा आकर्षण बना, जहां जिलों की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिशें नजर आईं।   उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश: पीएम उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की क्रांति ने यूपी को निवेशकों का केंद्र बना दिया है। प्रधानमंत्री ने ओडीओपी की चर्चा करते हुए कहा कि अब जिलों के उत्पादों की एक कैटलॉग ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए पर्याप्त हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का अवसर बताया और कहा कि चार दिनों के भीतर ही बाजार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना से अब तक 90 हजार से अधिक युवाओं ने जॉब क्रिएटर बनने का मार्ग चुना है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान और ओडीओपी के जरिए लाखों कारीगरों को प्रशिक्षण और बाजार मिला है।   देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद ट्रेड शो का सबसे बड़ा आकर्षण देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद रहा। कालीन निर्यातकों और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच नए करार की संभावनाएं टटोली गईं। विदेशी प्रतिनिधियों का एक समूह इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करता दिखा। परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स के स्टॉल पर विदेशी व्यापारी गहरी दिलचस्पी दिखाते रहे। विदेशी खरीदार भारतीय परिधान पहनकर देखते नजर आए, वहीं हस्तशिल्प और परंपरागत मिठाइयों का स्वाद भी उन्होंने लिया। पूरा माहौल जीवंत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की तरह गूंजता रहा।   यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बन चुका है और 75 नए उत्पादों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग में तेजी से हो रहे निवेश के कारण यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने निवेशकों से कहा कि यूपी में निवेश करना एक विन-विन स्थिति है। बेहतर कानून व्यवस्था, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग कनेक्टिविटी ने इसे वैश्विक व्यापार और निवेश का आकर्षक गंतव्य बना दिया है।   उत्तर प्रदेश कर रहा लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व यूपीआईटीएस 2025 ने यह संदेश साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब केवल परंपरागत शिल्प का ही नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग और स्टार्टअप्स का भी वैश्विक केंद्र है। यहां देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों के बीच हुए संवादों ने यह साबित कर दिया कि लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व अब उत्तर प्रदेश कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा – जनसमस्याओं के हल में अफसरों की भूमिका अहम

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।  

विकासशील बने छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव, वरिष्ठ IAS अधिकारियों को पछाड़ते हुए संभाली कमान

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी विकासशील को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. वे छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव होंगे और मुख्य सचिव अमिताभ जैन की जगह लेंगे. विकासशील 30 सितंबर को पदभार ग्रहण करेंगे. शासन ने उनका आदेश जारी कर दिया है. वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर होंगे.  सीनियर अधिकारियों को किया सुपरसीड आईएएस विकासशील की नियुक्ति में 4 सीनियर अधिकारियों को सुपरसीड किया गया है. इन अफसरों में रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज कुमार पिंगुआ शामिल हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद वे करीब पौने चार साल तक मुख्य सचिव रहेंगे. बतां दे कि मध्यप्रदेश से अलग होकर बने छत्तीसगढ़ में अब तक 12 मुख्य सचिव रह चुके हैं. विकासशील 13वें मुख्य सचिव होंगे.  30 सितंबर को लेंगे पदभार वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. इसी दिन शाम को वे विकास शील को औपचारिक रूप से पदभार सौंपेंगे. पदभार के बाद विकासशील मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. परंपरा के अनुसार, जिस दिन नया मुख्य सचिव पदभार ग्रहण करता है, उस दिन कोई बड़ी मीटिंग नहीं होती, सिर्फ सीएम से मुलाकात होती है. अगले दिन मंत्रालय में अफसरों की बैठक आयोजित की जाएगी.  जानिए कौन है IAS विकासशील विकासशील का जन्म 10 जून 1969 को उत्तरप्रदेश में हुआ था. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीई, बाद में एमई किया. 4 सितंबर को 1994 में IAS सर्विस जॉइन की. उस समय मध्यप्रदेश कैडर के अफसर थे. बाद में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद उन्होंने कैडर छत्तीसगढ़ चुन लिया. वे बिलासपुर और रायपुर के कलेक्टर भी रह चुके हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में कई अहम पदों पर काम भी कर चुके हैं. 2018 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. स्वास्थ्य कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव रहे. जल शक्ति मंत्रालय में पेयजल और स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक रहें. जनवरी 2024 से एशियन डेवलपमेंट बैंक में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार पद पर पोस्टेड थे.  पौने चार साल का होगा कार्यकाल नए मुख्य सचिव विकास शील का जन्म जून 1969 में हुआ था। इस हिसाब से जून 2029 में वे 60 साल के होंगे। यानी 30 सितंबर को पदभार ग्रहण करने के बाद वे करीब 3 साल 9 महीने तक मुख्य सचिव रहेंगे। लंबे कार्यकाल की दृष्टि से वे छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्य सचिव होंगे। सबसे लंबा कार्यकाल अमिताभ जैन का रहा है, जिन्होंने चार साल 10 महीने तक यह जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद विवेक ढांड ने 3 साल 11 महीने तक पद पर काम किया था। विकासशील की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबा कार्यकाल मिलने के कारण उनसे शासन की योजनाओं और नीतियों को निरंतरता और स्थायित्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सीएस की रेस में शामिल रहे इन 4 अफसरों को पछाड़ा- CS पद के लिए क्या होती है योग्यता ? मुख्य सचिव बनने के लिए 30 से 33 साल की प्रशासनिक सेवा की आवश्यकता होती है। आमतौर पर मुख्यमंत्री राज्य के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी को मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त करते हैं। इस पद के लिए कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता है। इस दौरान कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। मुख्य सचिव की नियुक्ति के लिए राज्य के मुख्यमंत्री की मंजूरी की आवश्यकता होती है।

जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, नून नदी को पुनर्जीवित कर पेश की अनूठी मिसाल

जालौन  बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित जालौन जिले का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए जल संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने पर जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को केंद्र सरकार सम्मानित करने जा रही है। दरअसल, डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जल संकट से जूझते बुंदेलखंड में जन भागीदारी आंदोलन के माध्यम से न केवल जल संरक्षण का अनूठा मॉडल विकसित किया, बल्कि जिले के लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ा। उनकी पहल पर कोंच तहसील के ग्राम सतोह से उद्गमित 83 किलोमीटर लंबी नून नदी को पुनर्जीवित किया गया। यह नदी वर्षों से सूखी और उपेक्षित थी, लेकिन प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से इसमें फिर से जलधारा बहने लगी। इसके अलावा उनके द्वारा चेकडैम, रैन हार्वेसिंग को लेकर भी बेहतरीन काम किया, जिससे पानी की बचत हुई। नून नदी पुनर्जीवन बना मिसाल डीएम राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान नून नदी की सफाई, गहरीकरण, तटबंधों का निर्माण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य कराया गया। इसमें गांव-गांव के लोगों को शामिल किया गया और इसे पूरी तरह जन आंदोलन का रूप दिया गया। इस प्रयास ने न केवल इलाके के जल संकट को काफी हद तक दूर किया बल्कि खेती और पेयजल की समस्या भी कम हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान जालौन का यह मॉडल इतना प्रभावी साबित हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की टीमों ने भी इसका स्थलीय निरीक्षण किया और इसे देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना। नतीजतन, JSJB 1.0 Award to Best Districts के तहत जालौन जिले का चयन किया गया। इस सम्मान के तहत जालौन को ₹2 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही जिले के डीएम राजेश कुमार पांडेय को औपचारिक समारोह में दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। यूपी के अन्य जिले भी होंगे सम्मानित जालौन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को भी ₹2-2 करोड़ की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चित्रकूट को ₹1 करोड़ का अवॉर्ड दिया जाएगा। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के बलौद, राजनांदगांव और रायपुर, तेलंगाना के आदिलाबाद, नलगोंडा और मंचेरियल, मध्यप्रदेश के ईस्ट निमाड़, राजस्थान के भीलवाड़ा व बाड़मेर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिलों का भी चयन हुआ है। प्रेरणा बनी जालौन की उपलब्धि यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता की भागीदारी से किसी भी बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। जालौन में नून नदी का पुनर्जीवन न सिर्फ जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए नई उम्मीद की किरण है। डीएम राजेश कुमार पांडेय का यह प्रयास आने वाले समय में देशभर के लिए जल संरक्षण का सफल मॉडल बनेगा।

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया

मिशन शक्ति 5.0  योगी सरकार की पुलिस ने तीन दिन में खोए 12 लोगों को अपनों से मिलाया, खिले चेहरे सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया महज तीन दिन में बिछड़े एक दर्जन लोग अपनों को पा कर पुलिस का किया धन्यवाद लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 12 (गुमशुदा, भटके) बच्चे, बालिकाओं और महिलाओं को बरामद किया गया। वहीं सभी को पुलिस ने गुमशुदा को परिजनों को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भटके बच्चे मिले तो खिल उठे परिजनों के चेहरे डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश में पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लखनऊ के जानकीपुरम में 3 वर्ष की एक बच्ची को उनके परिजनों को सौंपी। इसी तरह अमरोहा के थाना गजरौला में एक बच्चे, बरेली थाना के भमोरा के गाँव खेड़ा की 6 वर्षीय बच्ची, बलरामपुर के थाना रेहरा बाजार में भटकती एक बच्ची, पीलीभीत के थाना के काशीराम कॉलोनी से गायब एक एक बेटी और मुरादाबाद थाना नागफनी की पुलिस टीम को भ्रमण के दौरान रामलीला मैदान के पास एक गुमशुदा बच्चा पाया गया। बच्चा को परिजनों को सौंपा गया। मऊ में तीन नाबालिग बच्चियों को उनके परिजनों को सौंपा डीजीपी ने बताया कि बरेली के थाना हाफिजगंज के तहत एक बुजुर्ग महिला गुलशन, संतकबीरनगर के थाना धनघटा के तहत पीड़िता ज्ञानवती देवी पत्नी राहुल राव घरेलू वाद-विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव की स्थिति में अपने घर से अपनी छोटी बच्ची को लेकर विडहरघाट पुल पर चली गई। पीड़िता ने बच्ची को पुल पर छोड़कर खुद नदी में कूदने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़िता को समझा-बुझाकर नदी में कूदने से रोक लिया और सुरक्षित चौकी ले जाकर पीड़िता और बच्ची को परिजनों को सौंपा। बलिया के थाना बांसडीहरोड में परिजनों से नाराज होकर बिना बताये घर छोड़कर जा रही 2 नाबालिग लड़कियों को बरामद कर उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया गया। बस्ती के महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक डॉ शालिनी सिंह को एक महिला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध अवस्था में महिला घूमती हुई मिली। महिला को परिजनों सौंपा गया। महराजगंज के थाना कोतवाली के अंतर्गत दो बेटियां उम्र 5 वर्ष व  उम्र 10 वर्ष, मऊ के थाना दोहरीघाट के अंतर्गत 3 नाबालिक बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण

नवरात्रि में दिखा ‘नारी शक्ति’ का अनोखा रूप, 1.91 लाख बालिकाओं ने सीखी बैंकिंग की बारीकियां   प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण  छात्राओं को मिला बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग का ज्ञान – बालिकाओं ने जाना छोटी-छोटी बचत ही है भविष्य में बड़े लाभ का आधार – शाखाओं में पहुंची बालिकाओं ने बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर शांत की अपनी जिज्ञासाएं – बेटियों के कल की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा की नींव बनी बैंक शाखाओं का भ्रमण: मोनिका रानी लखनऊ महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति’ विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवे चरण ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितम्बर को शुभारम्भ किए गए इस चरण के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 की कुल 1.91 लाख बालिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न बैंक शाखाओं का भ्रमण किया। बता दें कि यह कार्यक्रम केवल एक भ्रमण नहीं रहा, बल्कि भविष्य की आत्मनिर्भर नारी शक्ति की सशक्त नींव रही, जहां छात्राओं को बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग की बारीकियों से रूबरू कराया गया। ज्ञातव्य हो कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को बचत, बैंकिंग प्रक्रिया और डिजिटल सेवाओं से परिचित कराना था। छात्राओं को खाता खोलने की प्रक्रिया, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही जमा-निकासी पर्ची भरने की विधि, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का भी प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।  बचत और निवेश योजनाओं पर रहा फोकस इस दौरान बचत और निवेश योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया, जिससे छात्राएं समझ सकें कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकती है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा जैसी बुनियादी निवेश योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही वित्तीय सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता के उपाय भी समझाए गए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से लेन-देन कर सकें। बेटियों में दिखा उत्साह, प्रश्न पूछ शान्त करती रहीं जिज्ञासाएं बैंक भ्रमण के दौरान बालिकाओं में गजब का उत्साह देखा गया। बैंक की शाखाओं में पहुंची बालिकाएं, बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं शान्त करती नजर आई। छात्राओं ने उनसे उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। बैंक अधिकारियीं ने भी उनके प्रश्नों का उत्तर सरल भाषा में दिया। इस अनुभव ने न केवल उनके ज्ञान को समृद्ध किया बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। बैंक भ्रमण के दौरान सीखा – बचत खाता खोलने की प्रक्रिया क्या है और इसमें कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं। – पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड का उपयोग किस तरह से किया जाता है। – जमा और निकासी की पर्ची कैसे भरी जाती है और बैंकिंग लेन-देन की प्रणाली कैसे चलती है। – मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं कैसे काम करती हैं। – बचत और निवेश योजनाओं का महत्व और उनका दीर्घकालिक लाभ क्या है? – ऑनलाइन धोखाधड़ी और एटीएम सुरक्षा से संबंधित सावधानियां क्यों जरूरी हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में 1.91 लाख बालिकाओं का बैंक भ्रमण के आयोजनन को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह आने वाले कल की आर्थिक महिला सशक्तिकरण यात्रा की नींव है। मिशन शक्ति का उद्देश्य बेटियों को ज्ञान के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की शक्ति देना है और यह पहल उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा