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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उदघाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रदेश की महिला उद्यमियों ने विस्तार से बताई अपनी सक्सेस स्टोरी अलग-अलग क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का हिस्सा बनीं महिलाओं ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया सपने के सच होने जैसा ग्रेटर नोएडा, कभी लचर कानून-व्यवस्था के कारण महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। साल 2017 से पहले, प्रदेश में उद्यम लगाने की बात तो दूर, महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी हिचकिचाती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में विगत साढ़े 8 वर्ष में आए बदलावों ने उत्त प्रदेश की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में भी इसकी झलक दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों से मुलाकात की। इन महिलाओं के लिए यह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा था। इन पांच महिलाओं की कहानियां सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में आए क्रांतिकारी बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। ये कहानियां बताती हैं कि योगी सरकार की नीतियों से अब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक सुरक्षित माहौल मिला है। मेरठ की विद्युत सखी संगीता: मेहनत से लिखी सफलता की दास्तां मेरठ की रहने वाली संगीता एक विद्युत सखी हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रधानमंत्री को बताया कि वह हर महीने लोगों के बिजली बिल जमा करके अच्छी कमाई कर लेती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कहानी को बड़े ध्यान से सुना और उनसे पूछा कि आपको फील्ड में काम करते हुए कोई दिक्कत तो नहीं होती? इस पर संगीता ने गर्व से जवाब दिया कि अब हमें कोई दिक्कत नहीं होती। लोग हमें सम्मान से पहचानते हैं। लखनऊ की बैंकिंग सखी सरला: घर-घर पहुंचा रही हैं बैंकिंग सुविधाएं लखनऊ से आईं बैंकिंग सखी सरला ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह लोगों के बैंक खाते खुलवाती हैं और इस काम से अच्छी कमाई कर लेती हैं। पीएम ने उनसे भी उनके काम के अनुभव के बारे में पूछा। सरला ने बताया कि शुरुआत में लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन अब लोग भरोसा करते हैं।  सरला ने बताया कि वो अबतक 2000 से अधिक जनधन खाते, 700 से अधिक सुरक्षा बीमा, 200 से अधिक जीवन ज्योति बीमा खाते और 200 से अधिक अटल पेंशन योजना के तहत खाते खोल चुकी हैं। वाराणसी की नमो ड्रोन दीदी नीतू सिंह: तकनीक और उद्यमशीलता का बेजोड़ संगम वाराणसी की नीतू सिंह की कहानी प्रेरित करने वाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक नमो ड्रोन दीदी हैं और उन्होंने ड्रोन चलाना सीखा है। नीतू ने बताया कि वह ड्रोन से खेतों में खाद छिड़कने का काम करती हैं और एक बीघे के लिए ₹200 लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लेती हैं। नीतू ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में वो 1000 एकड़ से अधिक खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं। बिजनौर की जूली देवी: 15,000 महिलाओं की आवाज बिजनौर की जूली देवी ने प्रधानमंत्री से मिलकर 15,000 महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया, जो विदुर पेड़ा समिति से जुड़ी हैं। यह समिति साबुन, मसाला, मल्टीग्रेन आटा, बेसन समेत करीब 150 उत्पाद बनाती है। जूली कहतीं हैं कि 2017 से पहले यूपी में महिलाएं उद्यम कर सकती हैं, यह सोचना भी मुश्किल था। घर से बाहर निकलने में डर लगता था। कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब थी। उन्होंने आगे कहा कि अब हम न केवल घर चलाती हैं, बल्कि बेखौफ होकर अपना उद्यम भी करती हैं। गोरखपुर में डेयरी उद्यम से जुड़ी कौशल्या ने भी पीएम से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक सफल डेयरी चलाती हैं और हर महीने अच्छी कमाई कर लेती हैं।

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ अब जटिल हृदय उपचारों में बना देश का अग्रणी राज्य

एसीआई में देश का छठा और सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग केस : छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा आधुनिकता और विश्वास का बन रहा है प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल राइट एट्रियम या बैकमैन बंडल में लीड लगाने का पहला मामला रायपुर,  प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया। डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके। यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग से संचालित होती रहती हैं। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था। इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है। इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा। उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।

मुख्यमंत्री साय से राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

रेडीमेड घटिया वर्दी के विरोध में कोटवार संगठन पहुंचा जनसुनवाई

जबलपुर/ मण्डला बताया बिचौलियों के द्वारा घटिया कपड़े से बनी रेडीमेड जोकर जैसी रेडीमेड वर्दी नहीं लेंगे पहले की तरह कोटवारों के खाते में जमा हो पैसे,कोटवार खुद पसंद के कपड़े खरीदकर सिलाई कराकर पहनेंगे।                 घटिया से घटिया कपड़े से बने रेडीमेड अनफिट वर्दी एवं घटिया सामग्रियां जबरन न थोपे जाने कोटवारों ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है। जिसमें यह भी चाहा गया है,कि जिस तरह दो साल पहले इन सामग्रियों को खरीदने के लिए राशि कोटवारों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती रही है,उसी तरह अब भी जमा कराए जाने का निवेदन किया है। कोटवार संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता शंकर दास पड़वार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार और संगठन मंत्री कुंवर दास धार्वैया ने संयुक्त रूप से यह भी बताया है,कि कोटवारों को घटिया क्वालिटी के कपड़े से बने ढीली-ढाली जोकर के पहनावे जैसी वर्दी बांटने को लेकर जिले के समस्त तहसीलदारों के लिए हाल ही में कलेक्टर मण्डला के द्वारा आदेश जारी हुआ है। जिसको सोशल मीडिया पर वायरल होते देख जोकर जैसी वर्दी जबरेन थोपे जाने की प्रक्रिया को लेकर जिले भर के साढ़े सात सौ कोटवारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। जगह-जगह कोटवारों की चिंतन बैठकों का दौर चल गया और मंगलवार 23 सितंबर को जनसुनवाई पहुंच गए। जहां पर निवेदन किया गया है,कि इस संबंध में प्रदेश संगठन के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है।जो विचाराधीन है। जिस पर निर्णय आते तक वर्दी नहीं दिए जाने चाहिए। जबरेन थोपने पर समस्त कोटवार पुरजोर विरोध करेंगे।जनसुनवाई में कलेक्टर के द्वारा दिए गए जवाब से कोटवार संगठन और अधिक चिंताग्रस्त हो गया है। कलेक्टर ने कहा है,कि शासन के द्वारा प्राप्त दिशानिर्देश का पालन जिला प्रशासन को करना है।जबकि कोटवारों का बस इतना सा निवेदन था,कि पूर्व वर्षों की भांति वर्दी एवं सामग्रियां (दो जोड़ वर्दी, गरम कोट, जूता एवं टॉर्च) की राशि कोटवारों के सीधे बैंक खाते में हस्तांतरण किया जाए।जबकि लगभग एक साल से इस मुद्दे को लेकर जिले से लेकर राज्य स्तर तक ज्ञापन,भेंट और आंदोलनों का दौरा चलाया गया पर सरकार है जो मानने से रही और बिचौलियों को फायदा दिलाने कोटवारों का शोषण करने उतारू हो गई है।इस निवेदन पर कोटवार के पक्ष में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है,और इसके बाद भी रेडीमेड वर्दी लेने मजबूर करने पर जिले के साढ़े सात सौ कोटवार सारे शासकीय काम बंद करके कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठकर काम बंद हड़ताल करने मजबूर हो जाएंगे ।  जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।इस मौके पर मुख्य रूप से कोटवार संगठन के मार्गदर्शक पी.डी.खैरवार,जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार, जिला संगठन प्रभारी कुंवर दास धार्वैया, कोषाध्यक्ष धीरज बैरागी, सचिव मनोज झारिया सहित बड़ी संख्या में जिले भर के कोटवार पहुंचे।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने प्रियंका गांधी के बिहार दौरे पर साधा निशाना बोले – ‘बस टहलने आई हैं’

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी राज्य का दौरा करेंगी। भाजपा ने प्रियंका के आगामी बिहार दौरे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ ‘टहलने’ के लिए बिहार आ रही हैं। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, प्रियंका गांधी यहां ‘टहलने’ आएं, अब बिहार ने बहुत तरक्की कर ली है। कांग्रेस के ‘जमाने’ में बिहार की हालत ऐसी थी कि गाड़ियां-मोटरसाइकिल यहां बहुत कम थीं, फिर भी पटना में भयंकर ट्रैफिक जाम लगता था। अब वे जब आएंगी तो बेहतरीन फ्लाइओवर ट्रैफिक सुविधाओं से युक्त बिहार देखेंगी, जिसे देखकर उन्हें अच्छा लगेगा। सांसद जायसवाल ने प्रियंका को सलाह देते हुए कहा, “मैं उनसे यही कहूंगा कि वे बापू सभागार जरूर जाएं, जहां नीतीश कुमार ने देश का सबसे बड़ा इंडोर ऑडिटोरियम बनवाया है, वहां जाकर वे नीतीश सरकार की तरक्की देखें। उन्हें पटना म्यूजियम भी घूमना चाहिए। बिहार पर्यटन का शानदार स्थल बन गया है। प्रियंका अभी एक दिन के लिए आ रही हैं, तो पटना घूमकर ही वापस लौटें।” बिहार में महागठबंधन द्वारा ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ पेश किए जाने पर सांसद जायसवाल ने हमला बोला। उन्होंने कहा, घोषणापत्र बिहार के सभी नागरिकों के लिए होता है, जिसे संपूर्ण समाज के लिए एक साथ जारी किया जाता है। लेकिन, जिन लोगों की दिलचस्पी समाज को बांटने और विभाजन में हो, जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया, वे ही अलग-अलग फर्जी घोषणापत्र जारी करते हैं, जिसमें झूठी बातें लिखी होती हैं। संजय जायसवाल ने बिहार की महिलाओं के लिए शुक्रवार के दिन को खास बताया। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, शुक्रवार का दिन बहुत खास है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिलकर हर परिवार की हर महिला को 10,000 रुपए देंगे। पहले ही दिन इस योजना से 70 लाख परिवारों को फायदा होगा। एनडीए सरकार जो कहती है, उसे पूरा जरूर करती है।  

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार राज्य सरकार की नीति के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुख की कामना करते हुए एकात्म मानववाद का दर्शन दिया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता ही हमारी संस्कृति और गांवों की व्यवस्था का आधार रही है, यह स्वावलंबन की भावना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का आधार थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के विचारों में बहुत समानता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा भी रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल के विचार राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। हम प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के माध्यम से देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों की बेहतरी के लिए सभी से स्वदेशी अपनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, सांसद  आलोक शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

हरियाणा में धान की खरीद पर संकट, मांगें मानने के बाद भी कई मंडियां रहीं सूनी

कैथल  राइस मिलर्स की सरकार ने अधिकतर मांगें मान ली हैं। इसके बाद मिलर्स धान की मिलिंग के लिए राजी हो गए। मिलर्स ने पोर्टल पर पंजीकरण कराने के साथ धान की खरीद भी शुरू कर दी है। कैथल मंडी में साढ़े तीन हजार क्विंटल के करीब धान की खरीद हो चुकी है। कैथल में 108 के करीब राइस मिलर्स ने पंजीकरण करवाया है। दो तीन दिनों में धान की खरीद में तेजी आएगी। फोर्टिफाइड चावल देना होगा राइस मिलर्स को 100 किलोग्राम में एक किलो फोर्टिफाइड चावल मिलाकर देना होगा, यानि 100 दानों में एक दाना मिलाना होगा, इसके लिए टेंडर होंगे, अच्छी कंपनियों को टेंडर अलॉट किए जाएंगे। बैच नंबर नंबर सहित सभी नियम पूरे करने होंगे। देश के गरीब लोगों में इस चावल का वितरण होता है। जरूरी पोषक तत्व न मिलने से स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है। पीआर धान की खरीद शुरू राइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि राइस मिलर्स ने पीआर धान की खरीद शुरू कर दी है। धान में नमी की मात्रा ज्यादा आ रही है, इसलिए धान को सुखाकर लाएं। मिलर्स की कुछ मांगें अधूरी रह गई थी, अब सरकार ने मान ली हैं। बैंक गारंटी पिछले साल वाली ही रहेगी, इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, पिछले साल 10 लाख रुपये थी, इस बार भी वही रहेगी। इसके अलावा चावल में जो 25 प्रतिशत टुकड़ा निकलता है, इसमें से दस प्रतिशत टुकड़े की चावल में खपत होगी। बचे 15 प्रतिशत टुकड़े की डिस्टलरी खरीद करेगी, यह सीधा राइस मिलर्स से डिस्टलरी में जाएगा। सरकारी खरीद शुरू होने के तीसरे दिन पीआर धान की खरीद में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। बुधवार तक 11 जिलों में धान पहुंचा, इनमें से छह जिलों में खरीद हुई। सबसे अधिक कुरुक्षेत्र और सबसे कम पानीपत में खरीद हुई। मंडियां धान से अटने लगी हैं। खरीद ना होने का बड़ा कारण धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी है। दूसरा कारण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण का सत्यापन नहीं होना भी है। धान नहीं बिकने के कारण किसान कई दिनों से मंडियों में इंतजार कर रहे हैं। 11 जिलों में 91490 मीट्रिक टन पीआर धान की आवक हुई। इसमें से 25811 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी। 65689 मीट्रक धान अभी भी मंडियों फैला है। अंबाला में तो यह सड़कों तक आ गया है। जानिये, जिलों की स्थिति अंबाला जिला की मंडियों में अब तक कुल 4100 गेट पास काटे गए हैं। जिनमें अब तक 22 हजार 640 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से चार हजार 288 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है। नारायणगढ की मंडी में सबसे अधिक और नन्यौला की मंडी में अब तक सबसे कम धान पहुंचा है। l यमुनानगर में 12 हजार मीट्रिक टन से अधिक पीआर धान मंडियों में पड़ा है। यहां अब 3186 गेटपास कटे हैं। अभी तक 3472 टन की खरीद हो चुकी है। कैथल में 3489 मीट्रिक टन की आवक हुई है। इसमें से 138 टन धान बिका है। इन जिलों में आवक बढ़ी, पर नहीं हुई खरीद प्रदेशभर के पांच जिलों जींद, हिसार, करनाल, फतेहाबाद और सोनीपत में धान की आवक बढ़ गई है, लेकिन यहां पर खरीद नहीं हुई। जींद में 347, हिसार में 65, करनाल में 3400, फतेहाबाद में 139 और सोनीपत में 69 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इन पांचों जिलों में से कहीं पर धान की खरीद नहीं हुई, जिससे वहां के किसान परेशान हैं। पोर्टल पर सत्यापन नहीं होने से खरीद धीमी रोहेड़ि़या के किसान बिंटू जागलान ने बताया कि पिछले दो दिनों से पीआर धान लेकर आया हूं। नमी भी कम है, लेकिन एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही। 2150 रुपये प्रति क्विंटल रेट दे रहे हैं। पीआर का एमएसपी 2389 रुपये है, मिलर्स नमी बताकर कम रेट लगा रहे हैं। सरकार दावा कर रही है, एमएसपी पर खरीद हो रही है, लेकिन मंडियों में खरीद एमएसपी से कम हो रही है। पीआर धान उत्पादक किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण किया था। अब किसान मंडियों में धान लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पोर्टल पर सत्यापन नहीं होने के कारण गेट पास नहीं कट रहे हैं। किसान अब चक्कर काट रहे हैं। मुख्यालय की ओर से सत्यापन नहीं होने से मुसीबतें बढ़ गई हैं। कहां कितने राइस मिलर्स ने कराया रजिस्ट्रेशन जिला पंजीकरण कैथल 108 सिरसा 2 अंबाला 45 करनाल 30 फतेहाबाद 140 इन जिलों में नहीं कराया कोई भी पंजीकरण यमुनानगर में अभी तक किसी भी मिलर ने पंजीकरण नहीं कराया, जबकि पिछली बार 190 ने कराया था। जींद में भी अभी तक कोई पंजीकरण नहीं हुआ है, जबकि पिछले वर्ष 32 ने मिलिंग की थी। कुरुक्षेत्र में सबसे अधिक खरीद हो चुकी है, लेकिन किसी भी राइस मिलर ने पंजीकरण नहीं कराया है। पानीपत में भी किसी मिलर ने पंजीकरण नहीं कराया। जिलों में आवक और खरीद की स्थिति मंडी आवक खरीद अंबाला 24,186 8,476 कैथल 3,489 138 कुरुक्षेत्र 34,917 11,294 पंचकूला 4,870 2,424 पानीपत 1456 यमुनानगर15,326 3,472   

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा के दर्शन को उमड़ी भीड़, भक्तों ने मांगी खुशहाली

वाराणसी,  शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मां कूष्मांडा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। इस दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा रूप की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि मां कूष्मांडा सृष्टि की आदिस्वरूपा हैं और ब्रह्मांड की रचना का प्रारंभ उन्होंने ही किया था। धर्मनगरी वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन मंदिर में मां कूष्मांडा विराजमान हैं। सुबह मंगल आरती के बाद से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर के बाहर लग गई थीं। हर कोई मां के दर्शन कर अपने दुखों से मुक्ति और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि की कामना कर रहा था। भक्तों का मानना है कि मां कूष्मांडा के दर्शन मात्र से सभी प्रकार की परेशानियों का अंत हो जाता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। मां कूष्मांडा के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि यहां आकर उन्हें आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई। किरण मिश्रा ने बताया कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन मां के दर्शन होते ही सारी थकान दूर हो गई। वहीं, जया देवी ने कहा कि वह हर साल नवरात्रि में मां के दर्शन करने आती हैं क्योंकि इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। एक अन्य श्रद्धालु रेनू मौर्य ने कहा कि मां के दर्शन से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और मन को शांति मिलती है। मंदिर के पुजारी सोनू झा ने बताया कि नवरात्रि में मां कूष्मांडा की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि यहां विशेष पूजा की व्यवस्था की जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी कुंडली में ग्रह दोष होते हैं। मंदिर परिसर में देवी-देवताओं की उपस्थिति का विशेष महत्व है और मां के आशीर्वाद से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं।  

झारखंड के रामगढ़ में हाथियों की मुसीबत, कुएं में गिरने के बाद वन विभाग की राहत कार्य में जुटी टीम

रामगढ़,  झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में गुरुवार को दो हाथी 25 फीट गहरे कुएं में गिर गए। इनमें एक वयस्क और दूसरा शिशु है। दोनों जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि कुएं में पानी कम होने से दोनों की जान बच गई। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और हाथियों से दूरी बनाए रखें ताकि रेस्क्यू अभियान में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं परसाडीह गांव निवासी दीनाराम मांझी की जमीन पर मनरेगा योजना के तहत खोदा गया था। कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण हाथियों को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वे सीधे उसमें गिर गए। ग्रामीणों का कहना है कि कुआं खुले में है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। इसी कारण यह कुआं नजर नहीं आया और हाथियों के गिरने की घटना हुई। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में लगभग 42 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कुछ दिन पहले हेसापोड़ा जंगल में हाथियों के झुंड में तीन बच्चों के जन्म की जानकारी सामने आई थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगल किनारे खोदे गए ऐसे सभी कुओं को सुरक्षित किया जाए। उनका कहना है कि अगर इन कुओं को चारों ओर से ढकने या घेरने की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खुले कुएं वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। गोला वन क्षेत्र इन दिनों हाथियों की गतिविधियों के कारण लगातार चर्चा में है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।  

कोरोना काल के कर्ज़ पर रोक! कोयला पर कंपनसेशन सेस खत्म होने पर वित्त मंत्री ने किया ऐलान

रायपुर GST 2.O में कोयले पर कंपनसेशन सेस खत्म हो गया है. इस पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कोयला खनन रॉयल्टी से अब छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा होगा. कोरोना काल में लिया कर्ज सेस से चुकाया जा रहा था, अब जीएसटी में सेस के मर्ज होने से राहत मिलेगी. कोयला खपत पर 50% हिस्सा छत्तीसगढ़ को और 50% केंद्र को मिलेगा. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी चोरी पर गुटखा कारोबारी पर कार्रवाई को लेकर कहा कि ऑर्गनाइज टैक्स चोरी के मामले में हमारी सरकार सख्त है. छोटे-मोटे मामले में हमारा रवैया सहयोगात्मक है. अगर कोई अधिकारी-कर्मचारी भी गड़बड़ी करता है, तो उस पर भी कार्रवाई होगी. वहीं विपक्ष के जीएसटी रिफॉर्म के बावजूद कई सामानों के दाम पहले की तरह ही होने के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से बहुत फायदा है. लगातार बड़े कदम उठाये जा रहे हैं. विपक्ष जीएसटी काउंसिल के भीतर दर कम करने का विरोध करती थी, राज्यों के रेवेन्यू पर हाय तौबा मचाते हैं, और बाहर में दाम कम नहीं हुआ, ऐसा कहकर कांग्रेस लोगों को बरगलाती है.